Gold-Silver Outlook: गोल्ड-सिल्वर मार्केट में मचा हाहाकार! भारी मंदी के बीच रॉबर्ट कियोसाकी ने कर दी ये बड़ी भविष्यवाणी

Robert Kiyosaki Investment Tips: मशहूर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी अपने बेबाक निवेश सुझावों के लिए जाने जाते हैं। इस समय जब भारत से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक में सोने और चांदी की कीमतों में जबर्दस्त गिरावट देखी जा रही है, तब भी कियोसाकी इन कीमती धातुओं को लेकर बेहद पॉजिटिव हैं।

बाजार में मचे हाहाकार और कीमतों के टूटने के बावजूद उन्होंने निवेशकों को एक नया मंत्र देते हुए कहा है कि यह अमीर बनने का सबसे सही मौका है। आइए जानते हैं घरेलू बाजार का ताजा हाल और कियोसाकी की इस नई भविष्यवाणी के पीछे का गणित।

घरेलू बाजार में भारी गिरावट, रिकॉर्ड हाई से बहुत सस्ते हुए सोना-चांदी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और घरेलू सर्राफा बाजार (IBJA) दोनों ही जगह बीते कुछ दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में भारी कटौतियां देखने को मिली हैं।

घरेलू बाजार में भारी गिरावट, रिकॉर्ड हाई से बहुत सस्ते हुए सोना-चांदी

‘आसमान छुएंगे दाम’- गिरावट के बीच रॉबर्ट कियोसाकी का नया दावा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी हालिया पोस्ट में रॉबर्ट कियोसाकी ने साफ किया कि निवेशकों को इस गिरावट से डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। कियोसाकी ने मशहूर निवेशक जिम रॉजर्स की बात का समर्थन करते हुए कहा कि सोने और चांदी के दाम भविष्य में आसमान छूने वाले हैं। हालांकि, इस लंबी तेजी के बीच कीमतों में ऐसी गिरावटें आती रहेंगी, जो बाजार का स्वाभाविक हिस्सा हैं।

उन्होंने उदाहरण दिया कि किस तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना पहले $5,405 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद फिसलकर $4,006 तक आ गया था, और चांदी भी $118 के हाई से गिरकर $56 तक आई थी। लेकिन यह मंदी स्थायी नहीं होती।

अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा कि जब भी बाजार में ऐसी गिरावट आए, तो पैनिक सेलिंग करने के बजाय इसका फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी- ‘सस्ते में खरीदो और अमीर बनो’।

जून में दिया था सोने को $35,000 का महा-टारगेट

यह पहली बार नहीं है जब रॉबर्ट कियोसाकी ने सोने और चांदी में निवेश की इतनी मजबूत वकालत की है। इससे पहले जून महीने में भी जब सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही थी, तब उन्होंने इसे एक अस्थाई दौर बताया था।

उन्होंने वैश्विक आर्थिक हालातों और तमाम वित्तीय अनुमानों का हवाला देते हुए दावा किया था कि आने वाले लंबे समय तक इन कीमती धातुओं में महा-तेजी का दौर बना रहेगा। उन्होंने अनुमान जताया था कि सोना बहुत जल्द $35,000 प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच सकता है।

रॉबर्ट कियोसाकी के मुताबिक, मौजूदा बाजार में दिख रही मंदी असल में सोने और चांदी का बुलबुला फूटना नहीं है, बल्कि यह स्मार्ट निवेशकों के लिए कम कीमतों पर पोर्टफोलियो में कीमती धातुएं जोड़ने का एक शानदार और सुनहरा अवसर है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

किसान बनने का सपना हुआ पूरा, 61 वर्षीय पूर्व फौजी ड्रैगन फ्रूट की खेती से कमा रहे 4 लाख रुपये

रिटायरमेंट के बाद ज्यादातर लोग सुकून भरी जिंदगी की तलाश करते हैं, लेकिन ओडिशा के प्रताप चंद्र राउल ने अपनी दूसरी पारी को एक नई पहचान देने का फैसला किया। दशकों तक देश की सेवा करने के बाद उन्होंने खेती को अपना नया लक्ष्य बनाया और कुछ अलग करने की ठानी। बालासोर के एक छोटे से गांव से शुरू हुआ उनका यह सफर आज कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है।

सीमित जमीन, नई सोच और सीखने की इच्छा के दम पर प्रताप ने ऐसी फसल चुनी, जो उनके इलाके में अभी ज्यादा प्रचलित नहीं थी। उनकी मेहनत ने न सिर्फ एक छोटे खेत को कमाई का जरिया बनाया, बल्कि यह भी दिखाया कि सही योजना और लगन से खेती में नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

हाथों में थामी खेती की कमान

प्रताप ने 1984 में मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय सेना जॉइन की थी। करीब 26 साल सेवा देने के बाद सितंबर 2010 में वह रिटायर हुए। इसके बाद उन्होंने ओडिशा पुलिस में हवलदार के रूप में एक दशक तक काम किया। साल 2020 में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर गांव लौटने का फैसला किया। लेकिन उनका उद्देश्य सिर्फ आराम करना नहीं था। वह कुछ ऐसा करना चाहते थे, जिससे कम जमीन में भी अच्छी आमदनी हासिल की जा सके। प्रताप ने कहा, “मैं ऐसा किसान बनना चाहता था जो अपने इलाके में कुछ नया करे। मेरा लक्ष्य था साबित करना कि छोटी जमीन भी सही योजना के साथ बड़ा फायदा दे सकती है।”

खेती का अनुभव नहीं था, फिर भी सीखने से नहीं पीछे हटे

प्रताप के परिवार का खेती से कोई पुराना संबंध नहीं था। शुरुआत में उनके लिए खेती पूरी तरह नया क्षेत्र था। उन्होंने कई महीनों तक अलग-अलग फसलों के बारे में जानकारी जुटाई। उन्होंने इंटरनेट, यूट्यूब वीडियो, सोशल मीडिया समूहों और अनुभवी किसानों से बातचीत के जरिए खेती की बारीकियां सीखीं। कई विकल्पों पर विचार करने के बाद उन्हें ड्रैगन फ्रूट सबसे बेहतर विकल्प लगा।

इस फल ने उन्हें इसलिए आकर्षित किया क्योंकि:

  • इसमें पानी की जरूरत अपेक्षाकृत कम होती है
  • गर्म मौसम में इसकी पैदावार अच्छी होती है
  • एक बार पौधा लगाने के बाद करीब 25 साल तक उत्पादन मिल सकता है

गुजरात से लाए खास किस्म के पौधे, शुरू किया नया प्रयोग

मार्च 2022 में प्रताप ने करीब 1.3 लाख रुपये लगाकर अपना ड्रैगन फ्रूट फार्म तैयार किया। उन्होंने 1,000 पौधे, 70 कंक्रीट पोल, 900 फीट जीआई पाइप और अन्य जरूरी सामान खरीदा। उन्होंने गुजरात से ड्रैगन फ्रूट की सात बेहतरीन किस्में मंगाईं, जिनमें शामिल थीं:

  • वियतनाम रेड
  • थाई जंबो
  • मोरक्कन रेड
  • हाइब्रिड जायंट रेड
  • इजरायली येलो
  • ताइवान पिंक
  • व्हाइट ड्रैगन फ्रूट

कम जमीन में ज्यादा उत्पादन के लिए उन्होंने पारंपरिक पोल सिस्टम की जगह हाई-डेंसिटी रैलिंग सिस्टम अपनाया। इससे एक ही क्षेत्र में ज्यादा पौधे लगाए जा सके और बेलें तेजी से बढ़ने लगीं।

पहली फसल ने दिया झटका

किसी भी नए किसान की तरह प्रताप को शुरुआत में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मार्च 2023 में पहली बार फसल तैयार हुई, लेकिन उत्पादन केवल करीब 50 किलो रहा। फल भी उम्मीद से छोटे निकले। वह इतने निराश हुए कि उन्होंने उन्हें बाजार तक नहीं पहुंचाया। लेकिन प्रताप ने इस असफलता को हार नहीं माना। उन्होंने अपनी गलतियों को समझा और खेती के तरीके में बदलाव शुरू किया।

रसायनों को छोड़ा

प्रताप ने रासायनिक उर्वरकों की जगह पूरी तरह जैविक खेती अपनाने का फैसला किया। उन्होंने गाय के गोबर, गोमूत्र, फल-सब्जियों के कचरे, प्याज के अवशेष, मिट्टी और केंचुओं से प्राकृतिक खाद तैयार करनी शुरू की। इस बदलाव का असर धीरे-धीरे दिखने लगा। पौधों की सेहत सुधरी, फलों का आकार बढ़ा और उत्पादन हर साल बेहतर होता गया।

छोटी जमीन से बढ़ी कमाई

साल 2024 में उनके खेत से करीब 200 किलो ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन हुआ। जैविक फल होने के कारण ग्राहकों ने इसे अच्छी कीमत पर खरीदा और उन्हें लगभग 50 हजार रुपये की कमाई हुई। इसके बाद 2025 में उत्पादन तेजी से बढ़ा। अप्रैल से नवंबर के बीच करीब 900 किलो फल तैयार हुए।

उन्होंने लगभग:

  • 650 किलो फल सीधे ग्राहकों को करीब 220 रुपये प्रति किलो बेचे
  • बाकी फल थोक विक्रेताओं को करीब 200 रुपये प्रति किलो की दर से बेचे

सिर्फ फलों की बिक्री से उनकी आमदनी करीब 1.4 लाख रुपये तक पहुंच गई।

फल के साथ पौधों से भी कमाई का नया रास्ता

प्रताप ने कमाई का दायरा सिर्फ फलों तक सीमित नहीं रखा। वह हर साल करीब 2,000 ड्रैगन फ्रूट पौधों की नर्सरी तैयार करते हैं, जिससे उन्हें लगभग 50 हजार रुपये अतिरिक्त मिलते हैं। उन्होंने अपनी छत पर भी 22 पौधे लगाए हैं, जिनसे हर साल करीब 20 किलो फल मिलते हैं। ऑफ-सीजन में वह पौधों की कटाई-छंटाई और अगले उत्पादन की तैयारी में जुट जाते हैं।

अब स्ट्रॉबेरी से बढ़ाएंगे कमाई के मौके

ड्रैगन फ्रूट में सफलता हासिल करने के बाद प्रताप अब नई फसलों की ओर भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने एक छोटे क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की खेती का प्रयोग किया, जो सफल रहा। अब उनका लक्ष्य है कि ड्रैगन फ्रूट के ऑफ-सीजन में दूसरी फसलों के जरिए अतिरिक्त आमदनी बनाई जाए।

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नोएडा में यमुना-हरनंदी दोआब के किनारे बनेगा 500 करोड़ का 4 लेन रिवरफ्रंट रोड, अथॉरिटी ने दी मंजूरी जानिए सारी डिटेल

नोएडा अथॉरिटी ने यमुना-हरनंदी दोआब के किनारे 29 किलोमीटर लंबी चार-लेन वाली सड़क बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। यह सड़क नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का एक विकल्प होगी और इसका मकसद इलाके में ट्रैफिक जाम को कम करना है। News 18 की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित कॉरिडोर से यात्रा का समय कम होगा, कनेक्टिविटी बेहतर होगी और ग्रेटर नोएडा की 75 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों, 25 सेक्टरों और 20 गांवों में रहने वाले लगभग पांच लाख लोगों को सीधा फायदा होगा।

नोएडा अथॉरिटी के CEO कृष्णा करुणेश ने कहा, “नोएडा अथॉरिटी इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह एक्सप्रेसवे यात्रियों को काफी राहत देगा और नदी के किनारे सुनियोजित विकास में मदद करेगा।”

25 सेक्टर, 20 गांव लाभान्वित होंगे

अधिकारियों के अनुसार, इस नए प्रोजेक्ट से नोएडा के कई रिहायशी सेक्टरों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इनमें सेक्टर 94, 124, 125, 126, 127, 128, 129, 130, 131, 132, 133, 134, 135, 150, 151, 152, 153, 154, 155, 158, 159, 163, 164 और 168 शामिल हैं।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन गांवों को फायदा होने की उम्मीद है उनमें रायपुर, बख्तावरपुर, असगरपुर जहांगीर, सुल्तानपुर, शाहपुर गोवर्धनपुर, शाहपुर गढ़ी, नंगला नंगली, रोहिल्लापुर, नंगला वाजिदपुर, छपरौली, मंगरौली, मोहियापुर, बदौली, झट्टा, दल्लूपुरा, गुजरान डेरिन, कमबक्शपुर, याकूतपुर, गुलावली और मोमनाथल शामिल हैं।

मौजूदा सड़क को अपग्रेड किया जाएगा

अधिकारियों ने बताया कि यमुना तटबंध के किनारे 11.2 किलोमीटर लंबी मौजूदा फोर-लेन सड़क का नवीनीकरण पहले से ही 34 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किया जा रहा है, जिसमें से अब तक 11 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

नए प्रस्ताव के तहत, यमुना दोआब वाले हिस्से को चौड़ा करके फोर-लेन सड़क बनाई जाएगी, जबकि हरनंदी दोआब के किनारे 17 किलोमीटर लंबा नया फोर-लेन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।

यह कॉरिडोर सेक्टर 150 तक जाएगा, जहां यह कोंडली-बांगर की तरफ से आने वाली मौजूदा 75 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़ेगा, जिससे यात्रियों के लिए एक लगातार वैकल्पिक रास्ता बन जाएगा।

बहुत कम जमीन अधिग्रहण की उम्मीद

अधिकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के लिए बड़े स्तर पर जमीन अधिग्रहण की संभावना कम है। इसकी वजह यह है कि उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के पास पहले से ही दोआब क्षेत्र में 22 से 28 मीटर चौड़ी जमीन उपलब्ध है।

News18 की रिपोर्ट के अनुसार, उपलब्ध जमीन फोर-लेन कॉरिडोर बनाने के लिए काफी होने की उम्मीद है, जिससे किसानों से कृषि भूमि अधिग्रहण करने की जरूरत कम हो जाएगी।

CEO कृष्णा करुणेश ने यह भी कहा कि जिन जगहों पर जमीन के मालिक सहमत होंगे, वहां तटबंध (embankment) को और बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, “जहां किसान सहमत होंगे, हम उनकी मंजूरी से तटबंध को बाहर की ओर बढ़ा सकते हैं। अथॉरिटी किसी भी जमीन के अधिग्रहण के लिए मुआवजा देने को तैयार है।”

व्यस्त एक्सप्रेसवे पर दबाव कम करने की तैयारी

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर अभी लगभग 10 लाख गाड़ियां चलती हैं, जिससे पीक आवर्स (सबसे ज्यादा भीड़-भाड़ वाले समय) में बहुत ज्यादा जाम लगता है।

अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित रिवरफ्रंट रोड और सैद्धांतिक रूप से मंजूर किए गए अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से मौजूदा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होने की उम्मीद है।

बता दें कि यह नया कॉरिडोर तेजी से विकसित हो रहे यमुना-हरनंदी दोआब क्षेत्र के भविष्य के शहरी विकास में भी मदद करेगा। इस इलाके में स्पोर्ट्स सिटी और जेपी विश टाउन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के कारण रिहायशी इलाकों का विस्तार तेजी से हो रहा है।

न्यूज 18 के अनुसार, कृष्णा करुणेश ने कहा, “तटबंध के विस्तार से न केवल ट्रैफिक की समस्याएं हल होंगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। इससे स्थानीय निवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी और इलाके की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।”

क्या भारत में लॉन्च होंगे OnePlus 16 और Oppo Find X10 Ultra नई लीक से सामने आई चौंकाने वाली जानकारी

अगर एक नई लीक रिपोर्ट पर भरोसा किया जाए तो OnePlus और Oppo के आने वाले दो फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स भारत में लॉन्च नहीं हो सकते हैं। नई जानकारी के अनुसार, चीनी स्मार्टफोन बनाने वाली ये कंपनियां OnePlus 16 और Oppo Find X10 Ultra के लिए भारतीय बाजार को छोड़ सकती हैं, जबकि Oppo का एक और प्रीमियम डिवाइस 2027 में भारत आ सकता है। हालांकि, अभी तक दोनों कंपनियों ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए फिलहाल इन खबरों को सिर्फ एक लीक और संभावना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। अब चलिए जानते हैं इस ताजा लीक से जुड़ी सभी जानकारी।

OnePlus 16 और Oppo Find X10 Ultra शायद भारत में लॉन्च न हों

X पर टिपस्टर देबयन रॉय (@Gadgetsdata) के अनुसार, ऐसी अफवाहें हैं कि OnePlus 16 और Oppo Find X10 Ultra भारत में लॉन्च नहीं होंगे।

हालांकि, यह बात हैरान करने वाली लग सकती है, लेकिन पहले आई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि चीनी स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी अपनी ग्लोबल स्ट्रैटेजी में बदलाव करने पर विचार कर रही थी। बाद में OnePlus ने साफ किया कि वह भारत में अपना कामकाज जारी रखेगी, जबकि नॉर्थ अमेरिका और यूरोप में नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करना बंद कर देगी। इसलिए, OnePlus 16 के भारत में लॉन्च न होने की ताजा अफवाह अभी तक कन्फर्म नहीं हुई है।

इसी लीक में यह भी दावा किया गया है कि Oppo Find X10 Ultra की जगह Oppo Find X10 Pro Max साल 2027 में भारत में कंपनी का सबसे प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोन बन सकता है।

Oppo Find X10 Pro Max के स्पेसिफिकेशन्स लीक हुए

लीक के अनुसार, Oppo Find X10 Pro Max में हाई रिफ्रेश रेट वाला 2K फ्लैट LTPO OLED डिस्प्ले होने की उम्मीद है। कैमरे की बात करें तो, इस डिवाइस में ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन और बड़े 1/1.3-इंच सेंसर वाला 200MP का प्राइमरी कैमरा हो सकता है।

ऐसी भी चर्चा है कि इसके रियर कैमरा सेटअप में 200MP का अल्ट्रा-वाइड सेंसर, ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन और टेलीमैक्रो सपोर्ट वाला 200MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा, और साथ ही 50MP का मल्टीस्पेक्ट्रल सेंसर शामिल होगा।

रिपोर्ट के अनुसार, Oppo Find X10 Pro Max में MediaTek Dimensity 9600 Pro चिपसेट दिया जा सकता है। इसके अलावा, फोन में 8000mAh से 9000mAh तक की बड़ी बैटरी मिलने की उम्मीद है। इस स्मार्टफोन में IP69 रेटिंग, अल्ट्रासोनिक इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और एक खास Snap Key जैसे फीचर्स भी दिए जा सकते हैं।

वहीं, इससे पहले आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि OnePlus 16 को इस साल के अंत में चीन में लॉन्च किया जा सकता है। इसमें Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 6 Pro प्रोसेसर, 185Hz डिस्प्ले, करीब 9000mAh की बैटरी और 200 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा मिलने की उम्मीद है।

डायनासोरों का अंत करने वाला उल्कापिंड आखिर था कैसा? 6.6 करोड़ साल पुराने रहस्य से उठा पर्दा

करीब 6.6 करोड़ साल पहले धरती से टकराने वाली एक विशाल अंतरिक्ष चट्टान ने जीवन की पूरी कहानी बदल दी थी। इस भयानक टक्कर को डायनासोरों के विनाश की सबसे बड़ी वजहों में से एक माना जाता है। लंबे समय से वैज्ञानिक यह जानने की कोशिश कर रहे थे कि आखिर वह उल्कापिंड किस तरह का था, जिसने इतनी बड़ी तबाही मचाई। अब एक नई अंतरराष्ट्रीय रिसर्च ने इस रहस्य से पर्दा उठाने की कोशिश की है। वैज्ञानिकों ने चट्टानों में मौजूद खास रासायनिक संकेतों का अध्ययन कर दावा किया है कि यह एस्टेरॉयड संभवतः एक दुर्लभ CO कॉन्ड्राइट श्रेणी का था।

इस खोज से न सिर्फ पृथ्वी के पुराने इतिहास को समझने में मदद मिलेगी, बल्कि यह भी पता चलेगा कि अंतरिक्ष की दुर्लभ चट्टानें ग्रहों और जीवन के विकास को किस तरह प्रभावित कर सकती हैं।

चट्टानों के छोटे-छोटे कणों ने खोला करोड़ों साल पुराना राज

वैज्ञानिकों ने इस रहस्य को सुलझाने के लिए मैक्सिको के युकातान इलाके में मौजूद चिक्सुलूब क्रेटर से मिले मलबे की जांच की। उन्होंने इन चट्टानों में मौजूद बेहद छोटे रासायनिक संकेतों और निकेल आइसोटोप्स का अध्ययन किया। इन संकेतों से पता चला कि करोड़ों साल पहले धरती से टकराने वाला एस्टेरॉयड किस तरह की चट्टान से बना था। यह रिसर्च ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में की गई, जिसमें फ्रांस, बेल्जियम और ऑस्ट्रिया के शोधकर्ता भी शामिल थे।

10 किलोमीटर की चट्टान ने मचा दी थी भयानक तबाही

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह एस्टेरॉयड करीब 10 किलोमीटर चौड़ा था। जब यह धरती से टकराया तो इतनी जबरदस्त ऊर्जा निकली कि भयंकर गर्मी, बड़े-बड़े भूकंप, जंगलों में आग और विशाल सुनामी जैसी घटनाएं हुईं। इस टक्कर से भारी मात्रा में धूल और गैसें वातावरण में फैल गईं, जिसने पूरी पृथ्वी के माहौल को बदल दिया।

धूल की परत ने रोक दी सूरज की रोशनी

उल्कापिंड की टक्कर के बाद वातावरण में फैली धूल इतनी ज्यादा थी कि सूरज की रोशनी धरती तक ठीक से नहीं पहुंच पाई। इससे तापमान तेजी से गिरा और जलवायु में बड़ा बदलाव आया। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस घटना के कारण पृथ्वी की करीब 75 प्रतिशत प्रजातियां खत्म हो गईं। इनमें वे सभी डायनासोर भी शामिल थे, जो पक्षियों की श्रेणी में नहीं आते थे।

पहले सिर्फ अंदाजा था, अब मिली सटीक पहचान

वैज्ञानिकों को पहले से पता था कि डायनासोरों के खत्म होने के पीछे कार्बन से भरपूर एक खास तरह का एस्टेरॉयड जिम्मेदार हो सकता है। लेकिन वह किस श्रेणी का था, यह साफ नहीं था। नई रिसर्च से पता चला है कि यह संभवतः CO कॉन्ड्राइट था, जो धरती पर मिलने वाले उल्कापिंडों की तुलना में काफी दुर्लभ होता है।

भविष्य के अंतरिक्ष खतरों को समझने में मिलेगी मदद

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस उल्कापिंड की पहचान से यह समझने में मदद मिलेगी कि यह अंतरिक्ष में कहां बना था और ऐसी चट्टानें ग्रहों के इतिहास को कैसे प्रभावित करती हैं। यह जानकारी भविष्य में धरती के करीब आने वाले एस्टेरॉयड के खतरे को समझने और उनसे निपटने की तैयारी में भी मदद कर सकती है।

एक टक्कर जिसने बदल दी धरती पर जीवन की कहानी

चिक्सुलूब एस्टेरॉयड की टक्कर भले ही डायनासोरों के विनाश का कारण बनी, लेकिन इसके बाद पृथ्वी पर जीवन के विकास का नया दौर शुरू हुआ। इस घटना के बाद स्तनधारियों के लिए आगे बढ़ने का रास्ता खुला और धीरे-धीरे वे धरती पर प्रमुख जीवों में शामिल हो गए। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह अंतरिक्ष चट्टान पृथ्वी के इतिहास का ऐसा मोड़ बनी, जिसने जीवन की पूरी दिशा बदल दी।

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DDA ने खोली द्वारका गोल्फ कोर्स की लाइफटाइम मेंबरशिप, सिर्फ 850 लोगों को मिलेगा मौका! फीस 3.5 लाख से स्टार्ट, ये है एलिजिबिलिटी

DDA Dwarka Golf Course Lifetime Membership: दिल्ली में रहने वाले गोल्फ के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन और बड़ा मौका सामने आया है। दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों पर, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने द्वारका सेक्टर-24 में स्थित अपने 18-होल चैंपियनशिप गोल्फ कोर्स की लाइफटाइम मेंबरशिप खोलने का ऐलान किया है। बता दें कि यह देश का सबसे लंबा गोल्फ कोर्स है।

इसके लिए मेंबरशिप कल यानी 21 जुलाई 2026 से शुरू हो रही है। अब तक DDA इस गोल्फ कोर्स के लिए केवल सीमित समय वाली मेंबरशिप ही ऑफर कर रहा था, लेकिन अब पहली बार लाइफटाइम मेंबरशिप दी जा रही है। आइए आपको बताते हैं कि इसकी फीस कितनी है, सीटें कितनी हैं और आप इसके लिए कैसे आवेदन कर सकते हैं।

सिर्फ 850 लोगों को मिलेगा मौका, 2 कैटेगरी में बंटी हैं सीटें

DDA कुल मिलाकर 850 लाइफटाइम मेंबरशिप जारी करेगा। इसे पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दो अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है:

सरकारी कैटेगरी: इसके तहत 250 मेंबरशिप आरक्षित की गई हैं।

गैर-सरकारी कैटेगरी: इसके तहत आम जनता या कॉर्पोरेट जगत के लिए 600 मेंबरशिप उपलब्ध होंगी।

अगर किसी भी कैटेगरी में तय सीटों से ज्यादा आवेदन आते हैं, तो मेंबरशिप का अलॉटमेंट कंप्यूटराइज्ड लकी ड्रा के जरिए पूरी तरह पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।

फीस का पूरा स्ट्रक्चर

DDA ने लाइफटाइम मेंबरशिप के साथ-साथ 3 साल और 5 साल की शॉर्ट-टर्म मेंबरशिप के विकल्प भी खुले रखे हैं। फीस का पूरा ढांचा इस प्रकार है:

फीस का पूरा स्ट्रक्चर

फीस का पूरा स्ट्रक्चर

आवेदन करने का तरीका और जरूरी नियम

अगर आप इस शानदार गोल्फ कोर्स का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो इन नियमों का ध्यान रखें:

  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 21 जुलाई 2026 से शुरू होगा और यह अगले दो महीनों तक खुला रहेगा।
  • आवेदन करने के लिए ₹2,500 की नॉन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन फीस ऑनलाइन चुकानी होगी।
  • आवेदनों की जांच के बाद, जिन सफल आवेदकों को मेंबरशिप ऑफर की जाएगी, उन्हें 30 दिनों के भीतर पूरी मेंबरशिप फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी।
  • एक आवेदक केवल एक ही फॉर्म भर सकता है। अगर किसी ने एक से ज्यादा आवेदन किए, तो उसका फॉर्म रिजेक्ट कर दिया जाएगा।

क्यों खास है द्वारका का यह गोल्फ कोर्स?

साल 2024 में शुरू हुआ द्वारका सेक्टर-24 का यह गोल्फ कोर्स इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का है और इसमें वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं मौजूद हैं। 158 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले इस 18-होल गोल्फ कोर्स की लंबाई 7377 यार्ड है जो देश का सबसे लंबा गोल्फ कोर्स है।

इसमें 375 यार्ड लंबी ड्राइविंग रेंज है, जिसमें 52 बे हैं। यह देश की सबसे लंबी ड्राइविंग रेंज है। भारत में पहली बार इसके फेयरवे के लिए नॉर्थ शोर एसएलटी घास का इस्तेमाल किया गया है।

यहां शानदार रेस्टोरेंट, कैफे, स्विमिंग पूल, सौना, स्टीम बाथ, कॉन्फ्रेंस हॉल, मल्टी-पर्पज हॉल, टेक स्टूडियो और इक्विपमेंट फिटमेंट स्टूडियो जैसी सुविधाएं हैं।

पानी के सही इस्तेमाल के लिए यहां कंप्यूटराइज्ड ऑटोमैटिक इरिगेशन सिस्टम, अंडरग्राउंड ड्रेनेज और वाटर कंजर्वेशन के लिए स्टॉर्म वाटर रीचार्ज वेल बनाया गया है। यहां एक गोल्फ एकेडमी भी बनाई जा रही है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली में खेल के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने में DDA की बड़ी भूमिका रही है। वर्तमान में DDA के पास दिल्ली में 18 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, 4 मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और 3 पब्लिक गोल्फ कोर्स हैं।

Sensex में 443 अंकों की गिरावट, Nifty लाल बंद, फिर भी इस कारण ₹1.83 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच में कच्चा तेल उबल पड़ा। इसकी उबाल में आज घरेलू बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम हो गए। एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) समेत दो और दिग्गज प्राइवेट बैंकों की गिरावट पर सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी 50 भी फिसलकर 24150 के नीचे आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक दिखी और मिडकैप स्पेस में अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक बढ़त आई तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी तेजी आई।

सेक्टरवाइज आज प्राइवेट बैंकों ने मार्केट पर तगड़ा दबाव बनाया। सेंसेक्स के टॉप 4 लूजर में मारुति को छोड़ बाकी तीन प्राइवेट सेक्टर के बैंक हैं तो इसका निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक कमजोर हुआ है। हालांकि मार्केट को इस गिरावट से उबारने के लिए सरकारी बैंकों और फार्मा सेक्टर ने काफी कोशिश की। निफ्टी पीएसयू बैंक आज ढाई फीसदी से अधिक तो निफ्टी फार्मा करीब डेढ़ फीसदी मजबूत हुआ है। इस मिले-जुले माहौल में ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की तेजी आई है।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो हफ्ते के पहले कारोबारी दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 442.93 प्वाइंट्स यानी 0.57% की कमजोरी के साथ 77,708.52 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 95.80 प्वाइंट्स यानी 0.39% की गिरावट के साथ 24,238.50 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 783.16 प्वाइंट्स गिरकर 77,368.29 और निफ्टी 198.45 प्वाइंट्स फिसलकर 24,135.8 तक आ गया था।

₹1.83 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 17 जुलाई 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,80,82,764.50 करोड़ था। आज यानी 20 जुलाई 2026 को यह बढ़कर ₹4,82,66,717.85 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,83,953.35 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 19 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें से 19 आज ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज ट्रेंट, पावरग्रिड और एनटीपीसी में रही। वहीं दूसरी तरफ सबसे अधिक गिरावट आज एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और मारुति में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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124 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4514 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2226 शेयर आज मजबूत हुए तो 2039 में गिरावट रही जबकि 249 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 124 शेयर एक साल के हाई और 107 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 13 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 15 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘रेयर ऑफ द रेयरेस्ट’ मामला: कोर्ट ने दोषी को दी फांसी की सजा, हत्याकांड से दहल गया था पूरा इलाका

केरल की एक अदालत ने सोमवार को चर्चित नेनमारा डबल मर्डर केस में 61 वर्षीय चेंथामारा को फांसी की सजा सुनाई। पलक्कड़ की अतिरिक्त सत्र अदालत के न्यायाधीश केनेथ जॉर्ज ने आरोपी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। चेंथामारा पर आरोप था कि उसने 27 जनवरी 2025 को नेनमारा के पास पोथुंडी इलाके में अपने पड़ोसी सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या कर दी थी।

अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या और धारा 126(2) के तहत गलत तरीके से रास्ता रोकने का दोषी माना। फैसले में अदालत ने कहा कि यह मामला “रेयर ऑफ द रेयरेस्ट” श्रेणी का है। अदालत के अनुसार, आरोपी ने एक ही परिवार के कई लोगों को निशाना बनाया, इसलिए उसे फांसी की सजा दी गई।

जमानत पर बाहर आते ही कर दी दोहरी हत्या

चेंथामारा को इससे पहले साल 2019 में सुधाकरन की पत्नी सजिथा की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसका कहना था कि उसकी शादीशुदा जिंदगी में आई परेशानियों के लिए सजिथा जिम्मेदार थी। जनवरी 2025 में इस मामले में जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आया। बाहर आते ही उसने अपने पड़ोसी सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या कर दी।

दोहरी हत्या के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाश अभियान चलाया और कुछ ही समय में चेंथामारा को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे मालमपुझा उप-जेल भेज दिया गया। सजिथा हत्याकांड में अदालत पहले ही चेंथामारा को दो बार उम्रकैद की सजा सुना चुकी थी। डबल मर्डर केस की सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने अदालत में 81 गवाह पेश किए और 28 अहम सबूत भी जमा कराए।

SIP Calculator: 10 साल नहीं, 20 साल तक करें SIP… फर्क देखकर रह जाएंगे हैरान; समझिए पूरा कैलकुलेशन

SIP Calculator: हर महीने ₹1,000, ₹5,000 या ₹10,000 की SIP करना आसान लगता है। मुश्किल तब होती है, जब उसे लंबे समय तक जारी रखना पड़ता है। कई लोग 8-10 साल निवेश करने के बाद सोचते हैं कि अब काफी पैसा बन गया होगा। लेकिन असली खेल उसके बाद शुरू होता है।

दरअसल, SIP में सिर्फ आपका पैसा काम नहीं करता। समय भी आपके लिए कमाई करता है। यही वजह है कि 20 साल की SIP का नतीजा, 10 साल की SIP से सिर्फ दोगुना नहीं होता। फर्क कई लाख रुपये तक पहुंच जाता है। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

12% रिटर्न मिले तो क्या होगा?

नीचे दिए गए आंकड़े इस आधार पर हैं कि आपने हर महीने तय रकम की SIP की और पूरे समय औसतन 12% सालाना रिटर्न मिला।

हर महीने SIP10 साल बाद फंड20 साल बाद फंड
₹1,000₹2.30 लाख₹9.99 लाख
₹5,000₹11.50 लाख₹49.95 लाख
₹10,000₹23.00 लाख₹99.90 लाख

नोट : ये रकम 12% रिटर्न पर अनुमानित हैं। वास्तविक रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

10 साल में पैसा चार गुना?

पहली नजर में लगता है कि 20 साल, 10 साल से सिर्फ दोगुना है। इसलिए पैसा भी दोगुना होना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं होता। मान लीजिए आपने हर महीने ₹10,000 की SIP शुरू की। 10 साल में आपका कुल निवेश होगा ₹12 लाख। फंड बनेगा करीब ₹23 लाख।

अगर आप यही SIP 10 साल और जारी रखते हैं, तो कुल निवेश ₹24 लाख होगा। लेकिन फंड पहुंच जाएगा करीब ₹1 करोड़। यानी आपने निवेश तो सिर्फ ₹12 लाख और बढ़ाया, लेकिन फंड में करीब ₹77 लाख की बढ़ोतरी हो गई। यही कंपाउंडिंग का कमाल है।

आम के पेड़ से समझिए हिसाब

मान लीजिए आपने अपने घर के आंगन में आम का पौधा लगाया। पहले कुछ साल वह सिर्फ बढ़ता है। फल बहुत कम देता है। कई बार लगता है कि मेहनत बेकार गई।

लेकिन जब पेड़ बड़ा हो जाता है, तो हर मौसम में भरपूर आम देता है। तब समझ आता है कि असली फायदा इंतजार करने वालों को मिला। SIP भी बिल्कुल ऐसी ही है। शुरुआती साल तैयारी के होते हैं। बाद के साल कमाई के।

जल्दी SIP बंद करना गलती

बहुत से लोग 8-10 साल बाद घर, कार या दूसरी जरूरत के लिए SIP बंद कर देते हैं। उन्हें लगता है कि अच्छा-खासा पैसा मिल गया। लेकिन ऐसा करके वे कंपाउंडिंग के सबसे ताकतवर दौर से बाहर निकल जाते हैं।

आपको हमेशा याद रखना चाहिए कि कंपाउंडिंग शुरुआत में धीमी दिखती है। लेकिन समय के साथ उसकी रफ्तार तेजी से बढ़ती है।

अगर ₹5,000 की SIP करें तो?

₹5,000 महीने की SIP में 10 साल बाद करीब ₹11.50 लाख का फंड बन सकता है।

अगर यही निवेश 20 साल तक जारी रखें, तो फंड करीब ₹49.95 लाख तक पहुंच सकता है। यानी सिर्फ समय बढ़ाने से फंड में करीब ₹38 लाख का अतिरिक्त इजाफा हो सकता है।

छोटी SIP से भी बड़ा फंड

कई लोग सोचते हैं कि ₹1,000 या ₹2,000 की SIP से क्या होगा।

लेकिन ₹1,000 महीने की SIP भी 20 साल में करीब ₹10 लाख तक पहुंच सकती है, अगर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिले। यह रकम बच्चों की पढ़ाई, बाइक, कार की डाउन पेमेंट या किसी दूसरे बड़े लक्ष्य में अच्छी मदद कर सकती है।

निवेशकों के लिए क्या सबक है

SIP में सबसे बड़ी ताकत रकम नहीं, बल्कि समय होता है। अगर आप जल्दी शुरुआत करते हैं और बीच में निवेश नहीं रोकते, तो कंपाउंडिंग धीरे-धीरे आपके हक में काम करने लगती है।

इसलिए अगर आपकी SIP चल रही है और कोई बड़ी मजबूरी नहीं है, तो उसे 10 साल पर रोकने की बजाय 20 साल या उससे भी ज्यादा समय तक जारी रखने पर विचार करें। कई बार अतिरिक्त 10 साल ही आपके फंड को लाखों से करोड़ तक पहुंचाने का रास्ता बना देते हैं।

Market Correction vs SIP: मार्केट क्रैश का इंतजार पड़ सकता है भारी! जानें क्यों एक्सपर्ट्स दे रहे हैं हर महीने SIP की सलाह

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

IND vs ENG: ‘शोर नहीं होगा तो मजा नहीं आएगा’, रिटायरमेंट की अफवाहों पर रोहित शर्मा ने तोड़ी चुप्पी

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज को इंग्लैंड ने 2-1 से अपने नाम किया है। वहीं लॉर्ड्स में वनडे से पहले रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। तीसरे मुकाबले में रोहित शर्मा ने 110 गेंदों में 138 रन की तूफानी पारी खेली है। वहीं मैच के बाद ने रोहित ने अपने रिटायरमेंट की खबरों रिएक्शन दिया है। जब रोहित से इन अफवाहों पर सवाल किया गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “शोर नहीं होगा तो मजा भी नहीं आएगा।”

भारत सीरीज हार गई लेकिन रोहित ने शानदार शतक जड़कर ये साफ कर दिया कि वह अभी वनडे क्रिकेट से विदाई लेने के मूड में नहीं हैं। टीम के लिए बड़ी पारियां खेलने का दम रखते हैं।

रिटायमेंट पर रोहित ने क्या कहा

रोहित ने BCCI.tv से कहा, “मेरा काम मेरे बल्ले से जवाब देना है। मैदान पर उतरकर देश का प्रतिनिधित्व करना ही मेरी जिम्मेदारी है और डेब्यू के दिन से मैं यही करता आ रहा हूं।” उन्होंने आगे कहा, “जब से मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया है, तब से मेरे बारे में बातें होती रही हैं और जब तक मैं खेलूंगा, यह सिलसिला चलता रहेगा। मुझे इन बातों से कोई खास फर्क नहीं पड़ता। मेरे लिए सबसे अहम यह है कि मैं मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करूं और टीम की जीत में अपना योगदान दूं।”

 

आलोचकों को दिया ये जवाब

रोहित शर्मा ने साफ किया कि वह आलोचनाओं और अफवाहों को किस तरह देखते हैं। रोहित शर्मा ने कहा, “जब शोर नहीं होता, तो मजा नहीं आता। मेरा काम मैदान के अंदर अपना खेल दिखाना है, जबकि बाहर क्या बातें होती हैं, वह लोगों का काम है। मैं हमेशा इसे इसी नज़रिए से देखता हूं।” रोहित शर्मा को लेकर आगे भी तरह-तरह की चर्चाएं और सवाल उठते रह सकते हैं, लेकिन लॉर्ड्स में उनकी शानदार बल्लेबाजी ने साफ कर दिया कि वह अभी भी भारतीय टीम के लिए बड़ी पारियां खेलने का दम रखते हैं

2027 वर्ल्ड कप जीतना है भारत का लक्ष्य

अब रोहित शर्मा का पूरा ध्यान वनडे क्रिकेट पर है और उनकी सबसे बड़ी मंजिल 2027 वनडे वर्ल्ड कप मानी जा रही है। 2023 वर्ल्ड कप फाइनल में मिली हार का दर्द आज भी उनके साथ जुड़ा हुआ है। उस हार के बाद वह काफी निराश हो गए थे और खुद को संभालने में उन्हें काफी समय लगा। रोहित शर्मा टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी20 से संन्यास ले लिया और फिर टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया। अब उनका पूरा फोकस सिर्फ वनडे क्रिकेट पर है। माना जा रहा है कि रोहित की सबसे बड़ी कोशिश 2027 वनडे वर्ल्ड कप में भारत को चैंपियन बनाना है, ताकि वह अपने करियर का सबसे बड़ा अधूरा सपना पूरा कर सकें।

रोहित ने खेली शानदार पारी

रोहित शर्मा ने अपनी फिटनेस पर भी काफी मेहनत की है। रोहित ने करीब 10 किलो वजन घटाया, जिससे साफ पता चलता है कि वह अभी भी लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए खेलना चाहते हैं। 388 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए रोहित शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने शुरुआत में संभलकर खेला और फिर अपने आक्रामक अंदाज में इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। रोहित ने मैदान के चारों ओर बेहतरीन शॉट लगाए और तेजी से रन बटोरे। उन्होंने 125 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 138 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 17 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उनकी यह पारी भारत की उम्मीदों को काफी देर तक जिंदा रखे रही, लेकिन बाद में वह जैकब बेथेल की गेंद पर आउट हो गए।

कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में भारत की हार के बाद रोहित शर्मा के वनडे क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने की चर्चा काफी बढ़ गई थी। कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि, लॉर्ड्स वनडे उनके करियर का आखिरी मैच हो सकता है। वहीं, बीसीसीआई ने इन खबरों को गलत बताते हुए किसी भी तरह की रिटायरमेंट की बात से इनकार कर दिया था।