US Iran War News: क्या ईरान ने अमेरिका के सामने किया सरेंडर? ट्रंप के मंत्री ने तेहरान से बातचीत के दिए संकेत

US Iran War News: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को कई माध्यमों से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि ईरान बातचीत करना चाहता है। हालांकि, ईरानी नेतृत्व के भीतर इस मुद्दे पर मतभेद भी बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। CNN से बातचीत में रुबियो ने कहा, “हमें कई चैनलों के जरिए ईरान की ओर से बातचीत की इच्छा के संकेत मिल रहे हैं। लेकिन वहां की सत्ता और नेतृत्व के भीतर इस मुद्दे को लेकर विभाजन भी बढ़ रहा है।”

सैन्य कार्रवाई के बीच कूटनीति के संकेत

रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच लगातार सैन्य हमले जारी हैं। अमेरिका का कहना है कि उसकी कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर हमलों के लिए किया जा रहा है।

इससे पहले भी रुबियो ने आरोप लगाया था कि ईरान क्षेत्रीय संघर्ष में हॉर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर रहा है। उन्होंने अन्य देशों से भी वैश्विक समुद्री व्यापार और जहाजरानी की सुरक्षा के लिए अधिक सहयोग देने की अपील की।

दुनिया के देशों से सहयोग की अपील

फिलीपींस रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा कि अमेरिका समुद्री रूट्स की सुरक्षा के लिए अपने प्रयास जारी रखेगा। लेकिन अन्य देशों को भी उपकरण, संसाधन और आर्थिक सहयोग देकर इस जिम्मेदारी में भागीदारी करनी चाहिए।

लगातार नौवीं रात अमेरिकी हमले

ईरान पर अमेरिकी हमलों का सिलसिला लगातार नौवीं रात भी जारी रहा। ईरानी मीडिया के मुताबिक, देश के दक्षिणी तटीय इलाकों में कई धमाके हुए। इसके अलावा मौजूदा अभियान के दौरान पहली बार उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज (Tabriz) में भी विस्फोटों की खबर सामने आई है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि सैन्य अभियान का दायरा अब और बढ़ाया जा रहा है।

ट्रंप बोले- फिर किया जोरदार हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ताजा हमलों के बाद कहा कि यह कार्रवाई उन तीन महान देशभक्तों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने इस संघर्ष में अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। ‘फीफा क्लब विश्व कप’ फाइनल से वॉशिंगटन लौटने के बाद ट्रंप ने कहा, “हमने आज रात फिर उन पर बहुत जोरदार हमला किया।”

बातचीत का रास्ता अब भी खुला

हालांकि, सैन्य संघर्ष लगातार तेज हो रहा है, लेकिन मार्को रुबियो ने साफ किया कि अमेरिका अब भी कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, सैन्य कार्रवाई और बातचीत दोनों प्रक्रियाएं एक साथ चल सकती हैं, और यदि ईरान वार्ता के लिए आगे आता है तो अमेरिका उस विकल्प पर भी विचार करने को तैयार है।

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इस सावन बरसने वाली है भोलेनाथ की असीम कृपा, बस जल चढ़ाते समय रखें इन बातों का ध्यान!

सावन (Sawan) का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस पूरे महीने भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाकर और विधि-विधान (rituals) से पूजा करके भोलेनाथ का आशीर्वाद लेते हैं। लेकिन कई लोगों को यह नहीं पता होता कि जल चढ़ाने का सही समय और पूजा के नियम क्या हैं। आइए जानते हैं सावन में भगवान शिव की पूजा से जुड़ी जरूरी बातें:

शिवलिंग (Shivling) पर जल चढ़ाने का सही समय

Shivling water offering benefits। शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं - News18 हिंदी

सावन में सुबह ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat) से लेकर सूर्योदय के बाद तक का समय सबसे शुभ माना जाता है। अगर सुबह मंदिर नहीं जा सकते हैं, तो प्रदोष काल (Pradosh Kaal) (शाम) में भी भगवान शिव की पूजा की जा सकती है। पूजा करते समय “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।

 

भगवान शिव को क्या चढ़ाएं?

Before Sawan Begins, Know The Right Way To Offer Belpatra On Shivling And Its Benefits | Spirituality News - News18

भगवान शिव को जल, गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल, चंदन, अक्षत और मौसमी फल अर्पित किए जा सकते हैं। बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखें कि वह साफ और बिना कटे-फटे हों। श्रद्धा और सच्चे मन से चढ़ाया गया प्रसाद सबसे प्रिय माना जाता है।

 

 

सावन में पूजा के जरूरी नियम

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पूजा से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनें। शिवलिंग पर जल धीरे-धीरे अर्पित करें और पूजा के दौरान मन शांत रखें। बेलपत्र (Belpatra) चढ़ाते समय उसका चिकना हिस्सा शिवलिंग की ओर रखने की परंपरा मानी जाती है। पूजा के बाद शिव आरती और मंत्र जाप जरूर करें।

 

पूजा के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?

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शिवलिंग पर हल्दी, सिंदूर, केतकी का फूल और तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाने चाहिए। पूजा में साफ-सफाई और शुद्धता का विशेष ध्यान रखें। अगर व्रत रखा है, तो दिनभर सात्विक भोजन करें और गलत आदतों से दूर रहें।

सावन में पूजा करने का महत्व

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मान्यता है कि सावन में सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस महीने की गई पूजा को विशेष फलदायी माना जाता है। इसलिए भक्त पूरे श्रद्धा भाव से शिव आराधना करते हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य मान्य स्रोतों पर आधारित है। अलग-अलग जगहों और परंपराओं में पूजा के नियम अलग हो सकते हैं।

Banking Stocks: 3 गुना बढ़ा इस सरकारी बैंक का मुनाफा, जोश में 5% उछले शेयर

PNB Share Price: पब्लिक सेक्टर के दिग्गज लेंडर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के लिए इस वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत धमाकेदार रही। जून 2026 तिमाही में कंपनी का मुनाफा तीन गुना से अधिक बढ़ा तो शेयरों ने आज इसका जश्न मनाया। बैंक के रिजल्ट शनिवार को पेश हुए थे और आज सोमवार 20 जुलाई को मार्केट खुलने पर शेयर 5% से अधिक उछल पड़े। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया, जिससे भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी के चलते अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 4.11% की बढ़त के साथ ₹110.15 पर है। इंट्रा-डे में यह 5.62% उछलकर ₹111.75 तक पहुंच गया था।

PNB के लिए कैसी रही जून तिमाही

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में पीएनबी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 213.63% उछलकर ₹5253.29 करोड़ पर पहुंच गया। इसे टैक्स पर खर्च में तेज गिरावट से सपोर्ट मिला। सालाना आधार पर बैंक का टैक्स पर खर्च घटकर ₹5083 करोड़ से ₹1725 करोड़ रह गया। बैंक के लिए जून तिमाही ब्याज से कमाई के मामले में भी धमाकेदार रही और सालाना आधार पर NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 2.1% उछलकर ₹10,798.36 करोड़ पर पहुंच गया। ब्याज से शुद्ध कमाई की ग्रोथ दिखने में हल्की लग रही हो लेकिन छह तिमाहियों में यह सबसे बेहतर है। बैंक की एसेट क्वालिटी भी जून तिमाही में बेहतर हुई। तिमाही आधार पर बैंक का ग्रास एनपीए 2.95% से घटकर 2.78% और नेट एनपीए 0.29% से 0.28% पर आ गया।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

पीएनबी के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है और महज 4 महीने में 27% से अधिक पूंजी घटा दी। 19 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹135.15 के भाव पर था, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से चार महीने में यह 27.12% टूटकर 18 मई 2026 को ₹98.50 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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Q1 Results: 14 तिमाहियों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ा 115 कंपनियों का रेवेन्यू, लेकिन मार्जिन पर दबाव

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Lock Upp 2: ‘मेरे पापा भी मुझे इतना किस नहीं करते’, राम कपूर के ऑन-कैमरा किस करने पर भड़की श्रेया कालरा

Lock Upp 2: ‘लॉक अप सच या सजा’ में हुई एक तीखी बहस ने कंटेस्टेंट श्रेया कालरा और राम कपूर को चर्चा में ला दिया है। हाल ही में हुए लीडरशिप टास्क के बाद, श्रेया ने अपने साथी कंटेस्टेंट पर पर्सनल बाउंड्री पार करने का आरोप लगाया और शिल्पा शिंदे से बात करते हुए कड़ी बातें कहीं।

यह बात तब सामने आई जब कंटेस्टेंट्स ने अपने टीम लीडर्स को चुनने के लिए वोट किया। शिवांगी जोशी को सबसे ज्यादा वोट मिले और वह टीम लीडर बनीं, जबकि आकांक्षा चमोला, जिन्हें दूसरे नंबर पर सबसे ज़्यादा वोट मिले, उन्हें दूसरा लीडर चुना गया। बाद में, लॉकर रूम एरिया में शिल्पा से बात करते हुए, श्रेया ने शिवांगी के टास्क के दौरान राम कपूर से जुड़ी एक घटना का जिक्र किया।

उन्होंने कहा, “जब शिवांगी अपना टास्क कर रही थीं, तो राम सर उनके बहुत करीब आ गए। तब हर्षद ने कहा, ‘इतने करीब मत आइए’। जैसे ही वह पीछे हटे, उन्होंने सॉरी कहा। कैसा सॉरी? वह आदमी आता है और थूकता है। उनके मुंह पर कहो। उन्होंने सचमुच हर जगह थूक दिया था।”

श्रेया ने निजी सीमाओं को बनाए रखने के बारे में आगे बात की और आरोप लगाया कि राम ने उन्हें असहज महसूस कराया। “कुछ सीमाएं तो रखनी चाहिए। इस बार, अगर वह मुझे किस की कोशिश करेगा, तो मैं उसका मुंह पकड़ लूंगी और कहूंगी कि मेरे पिता भी मुझे इतना नहीं किस, अब मत किस करो। मैंने तुम्हें तीन बार बचाया है, और तुम एक उंगली भी नहीं उठाते। मुझे उसकी सीनियर्टी पर शर्म आती है। मैं ऐसे सीनियर्स पर थूकती हूं।”

जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि एक एपिसोड में, श्रेया के टास्क जीतने और उस हफ्ते के लिए राम को सुरक्षित करने के बाद, राम ने उसके गाल पर किस किया था। ‘लॉक अप सच या सज़ा’ को अभी फराह खान और रितेश देशमुख होस्ट कर रहे हैं। कंटेस्टेंट्स की लिस्ट में आकांक्षा चौधरी, सुनीता आहूजा, राम कपूर, श्रेया कालरा, शिवांगी जोशी, हर्षद चोपड़ा, सूफी मोतीवाला, धीरज धूपर और वरुण यादव शामिल हैं।

‘लॉक अप’ का पहला सीज़न 2022 में शुरू हुआ था, जिसमें कंगना रनौत होस्ट थीं और करण कुंद्रा जेलर थे। मुनव्वर फारुकी इस पहले सीज़न के विनर बने थे। दूसरे सीज़न में 14 कंटेस्टेंट्स, दो जेलर और एक लॉक-अप है, और यह मुकाबला छह हफ़्ते तक चलेगा। कंटेस्टेंट्स को गेम में करेंसी कमाने के लिए टास्क पूरे करने होते हैं; इस करेंसी का इस्तेमाल खाना, ज़रूरी सामान और दूसरी सुविधाओं जैसी बेसिक चीज़ें पाने के लिए किया जाता है।

जिसे अपना बेटा समझकर पाला, वह निकला किसी और का! DNA टेस्ट से हुआ बड़ा खुलासा

अमेरिका से सामने आया एक चौंकाने वाला मामला लोगों को हैरान कर रहा है, जहां दो परिवारों को करीब चार दशक बाद पता चला कि जिन बच्चों को उन्होंने अपना समझकर पाला, वे जन्म के समय ही आपस में बदल गए थे। एक सामान्य DNA टेस्ट ने 38 साल पुराने इस रहस्य को उजागर कर दिया और परिवारों की पूरी जिंदगी की कहानी बदल गई। इस खुलासे के बाद दोनों परिवारों ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

मामला सिर्फ बच्चों की अदला-बदली तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े भावनात्मक नुकसान, खोए हुए रिश्तों और बीते वर्षों की भरपाई को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। अब यह घटना जन्म के समय होने वाली लापरवाही और उसकी दूरगामी असर पर बड़ी चर्चा का कारण बन गई है।

एक DNA रिपोर्ट से सामने आया दशकों पुराना सच

काइल बायलिन और जेरेमी मॉरिसन का जन्म 26 जनवरी 1988 को नॉर्थ डकोटा के ग्राफ्टन स्थित यूनिटी मेडिकल सेंटर में हुआ था। दोनों परिवारों का आरोप है कि अस्पताल की गलती के कारण नवजात बच्चों की अदला-बदली हो गई और दोनों बच्चे गलत परिवारों के साथ घर चले गए। यह मामला तब सामने आया जब काइल को क्रिसमस पर मिले होम DNA टेस्ट के नतीजों ने उसे एक ऐसे रिश्तेदार से जोड़ दिया, जो उसके परिवार से अलग था। आगे की जांच में पता चला कि वह और जेरेमी एक-दूसरे के जैविक परिवारों में पले-बढ़े थे।

मैं अपने परिवार में अलग क्यों दिखता था?’

जेरेमी मॉरिसन, जो अब कोलोराडो में रहते हैं, लंबे समय से खुद को अपने परिवार से अलग महसूस करते थे। उनका कहना था कि परिवार में कोई भी उनके जैसा नहीं दिखता था। जहां बाकी सभी के बाल भूरे थे, वहीं वह सुनहरे बालों वाले बच्चे थे। DNA जांच के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनकी यह अलग पहचान किसी संयोग की वजह से नहीं, बल्कि जन्म के समय हुई कथित गलती का नतीजा थी।

माता-पिता बोले- खोए हुए साल वापस नहीं आ सकते

इस खुलासे का असर सिर्फ दोनों बेटों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके माता-पिता भी भावनात्मक रूप से प्रभावित हुए।

काइल को अपना बेटा मानकर पालने वाली एवलिन न्यूटन ने कहा कि उनका रिश्ता आज भी पहले जैसा ही है, लेकिन उन्हें इस बात का दुख है कि वह अपने जैविक बेटे के साथ बिताए जाने वाले कई अनमोल साल खो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि काइल हमेशा उनका बेटा रहेगा, लेकिन बीते हुए वर्षों को दोबारा हासिल नहीं किया जा सकता।

जैविक परिवारों से मिलना रहा भावुक अनुभव

सच्चाई सामने आने के बाद दोनों युवकों ने अपने असली माता-पिता से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मुलाकातें बेहद भावुक थीं, लेकिन परिस्थितियां असामान्य होने के कारण कुछ अजीब भी महसूस हुईं।

अस्पताल ने आरोपों से किया इनकार

दोनों परिवारों ने यूनिटी मेडिकल सेंटर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। हालांकि अस्पताल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अदालत से केस रद्द करने की मांग की है। अस्पताल का कहना है कि उस समय के रिकॉर्ड अब उपलब्ध नहीं हैं और डिलीवरी टीम के कोई भी सदस्य वर्तमान में वहां काम नहीं करते। हालांकि, अस्पताल ने यह भी माना कि इस घटना ने परिवारों पर गहरा भावनात्मक असर डाला है।

DNA टेक्नोलॉजी ने खोला 38 साल पुराना रहस्य

यह मामला दिखाता है कि आधुनिक DNA टेस्ट किस तरह वर्षों पुराने पारिवारिक रहस्यों को उजागर कर सकते हैं। लेकिन इस खुलासे ने उन परिवारों के सामने भावनाओं, रिश्तों और खोए हुए समय से जुड़े कई मुश्किल सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

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CBSE Class 10th Second Board Result 2026 Out: खत्म हुआ 10वीं के छात्रों का इंतजार, दूसरी बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर जारी

CBSE Class 10th Second Board Result 2026 Out: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 10वीं कक्षा के छात्रों का इंतजार खत्म करते हुए सेकंड बोर्ड परीक्षा रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया है। बोर्ड के अनुसार, मुख्य और दूसरी बोर्ड परीक्षा 2026 के रिजल्ट को मिलाकर इस साल छात्रों का कुल पास परसेंटेज 96.78% है। शैक्षिक सत्र 2025-26 के 10वीं कक्षा के जो छात्र दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए थे, वे ऑफिशियल पोर्टल cbse.gov.in और results.cbse.nic.in पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। सीबीएसई 10वीं दूसरे बोर्ड रिजल्ट 2026 डिजीलॉकर रिजल्ट पोर्टल results.digilocker.gov.in पर भी देख सकते हैं। इसके अलावा, छात्र उमंग एप पर भी अपना स्कोरकार्ड प्राप्त कर सकते हैं।

सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों को उनके पंजीकृत ईमेल एड्रेस के जरिए स्कूल-वाइज रिजल्ट भेजे हैं। स्कूल बोर्ड द्वारा दिए गए क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके स्टूडेंट्स के डिजिटल एकेडमिक डॉक्यूमेंट्स भी डाउनलोड कर सकते हैं। बोर्ड ने साफ किया है कि ऑनलाइन रिजल्ट प्रोविजनल है। नियमित छात्रों को उनकी मूल मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट उनके अपने स्कूलों से प्राप्त होंगे, जबकि प्राइवेट छात्रों को सीबीएसई गाइडलाइन्स के अनुसार प्रिंटेड डॉक्यूमेंट्स मिलेंगे।

सीबीएसई 10वीं दूसरे बोर्ड रिजल्ट 2026 कैसे चेक करें?

छात्र अपना सीबीएसई 10वीं दूसरे बोर्ड रिजल्ट 2026 डाउनलोड करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

DigiLocker रिजल्ट पोर्टल results.digilocker.gov.in पर जाएं।

अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर, एडमिट कार्ड ID और सिक्योरिटी PIN डालें।

सबमिट पर क्लिक करें।

आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा।

प्रोविजनल मार्कशीट को भविष्य के लिए डाउनलोड करके सेव कर लें।

सीबीएसई 10वीं दूसरे बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए कुल 6,64,027 छात्रों ने पंजीकरण किया था, जबकि 6,63,777 छात्र शामिल हुए। इनमें से 5,13,955 स्टूडेंट्स ने मुख्य बोर्ड परीक्षा में अपना प्रदर्शन सुधारने के लिए परीक्षा दी थी। इनमें से 3,08,095, यानी 59.95% छात्रों के स्कोर में सुधार हुआ है।

कम्पार्टमेंट कैटेगरी में, 1,49,822 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 78,503 कैंडिडेट पास हुए, जिससे पास परसेंटेज 52.40% रहा। बोर्ड ने बताया कि कंपार्टमेंट पास परसेंटेज 2025 के 48.68% से बेहतर हुआ है। मुख्य और सेकंड बोर्ड परीक्षा में छात्रों के बेहतर परफॉर्मेंस को देखते हुए, 2026 में 10वीं कक्षा का कुल पास परसेंटेज 96.78% रहा। सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों को रिजल्ट से जुड़ी जानकारी के लिए सिर्फ आधिकारिक संचार चैनल पर ही भरोसा करने और अफवाहों या अनवेरिफाइड सोशल मीडिया पोस्ट से बचें की सलाह दी है।

AIBE 21 Result 2026 Out: बीसीआई ने जारी किया एआईबीई 21 का रिजल्ट, 65.92% उम्मीदवार सफल घोषित

CJP Delhi Protest : जंतर-मंतर पर भारी बवाल, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बरसाई लाठियां

CJP Sansad March Lathicharge: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘संसद चलो मार्च’ के बीच भारी बवाल हो गया है। संसद भवन की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड्स लगा रखे थे, लेकिन जैसे ही भीड़ आगे बढ़ी, माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया है।

इस समय जंतर-मंतर और दिल्ली के वीआईपी इलाकों में क्या हालात हैं, आइए जानते हैं अब तक के सभी बड़े अपडेट्स।

बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश के बाद एक्शन, पुलिस का लाठीचार्ज

सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP के नेतृत्व में हजारो प्रदर्शनकारी संसद की तरफ मार्च निकालने के लिए जंतर-मंतर पर जमा हुए है। नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू होने के कारण पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से मार्च न निकालने की अपील कर रही थी।

जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग और रफी मार्ग की तरफ बढ़ने के लिए पुलिस के मल्टी-लेयर बैरिकेड्स को धक्का देना और उन्हें पार करना शुरू किया, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया।

सफदरजंग अस्पताल में भी बढ़े सुरक्षा घेरे, समर्थक आक्रोशित

जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के बाद सफदरजंग अस्पताल के बाहर भी हलचल काफी तेज हो गई है। अस्पताल में भर्ती पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पहले से ही अनशन पर बैठे हैं। CJP समर्थकों का आरोप है कि शांतिपूर्ण ढंग से मार्च निकाल रहे छात्रों और युवाओं पर पुलिस ने जानबूझकर बल प्रयोग किया है, जिससे कई लोग घायल हुए हैं।

लुटियंस जोन पूरी तरह ठप, ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई

लाठीचार्ज और हंगामे के बाद पूरी नई दिल्ली को छावनी में बदल दिया गया है, जिससे लुटियंस दिल्ली में ट्रैफिक पूरी तरह चरमरा गया है। पार्लियामेंट स्ट्रीट, रायसीना रोड, रफी मार्ग और अशोक रोड को सामान्य यातायात के लिए पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है।

पटेल चौक और विजय चौक पर पर सुरक्षा बलों और दंगा नियंत्रण वाहनों (RAF) की भारी तैनाती के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। ऑफिस जाने वाले लोगों और आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति धारा 163 के नियमों का उल्लंघन कर सड़कों पर हुड़दंग मचाने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

CJP Parliament March: दिल्ली मेट्रो के ये 5 स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले देख लें ट्रैफिक एडवाइजरी

CJP Parliament March: दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सोमवार (20 जुलाई) को सुरक्षा कारणों से राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। यह कदम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से निकाले जा रहे विरोध मार्च के मद्देनजर उठाया गया है। डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक पोस्ट में कहा कि अगले आदेश तक ये पांचों मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे। CJP ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार की मांग को लेकर संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को संसद तक विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। साथ ही उन्होंने बताया कि इस विरोध मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। संसद के मानसून सत्र और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च को देखते हुए सोमवार को दिल्ली पुलिस अत्यधिक सतर्क है। जंतर-मंतर, संसद और अन्य प्रमुख स्थानों के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

अनशन पर अड़े वांगचुक, रखीं ये शर्तें

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को कहा कि उनकी भूख हड़ताल प्रस्तावित ‘संसद चलो’ मार्च के बाद भी जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपना अनशन तभी समाप्त करेंगे, जब सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल में हुई विफलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करेगी या राजनीतिक दलों के नेता उन्हें यह भरोसा देंगे कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा।

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक संदेश में वांगचुक ने लिखा, “आपमें से कई लोगों ने पूछा है कि मैं अपना अनशन कब समाप्त करूंगा। जैसा कि मैंने पहले अपने समर्थकों से कहा था, यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल की विफलताओं, पेपर लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी 20 जुलाई तक स्वीकार करती है, तो मैं अपना अनशन समाप्त कर दूंगा।”

उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो उनका अनशन जारी रहेगा। वांगचुक ने कहा कि वह अपना अनशन तब भी समाप्त कर देंगे, यदि कॉकरोच जनता पार्टी का नेतृत्व और वह स्वयं संसद के गेट तक पहुंचते हैं और वहां विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद तथा नेता उन्हें यह आश्वासन देते हैं कि वे इस मुद्दे को अब संसद में उठाएंगे।

उन्होंने कहा, “यदि मेरी सेहत या अन्य कारणों से मैं संसद तक नहीं पहुंच पाता, तो विभिन्न दलों के सम्मानित सांसद और नेता इस अस्पताल में आकर मुझे यही आश्वासन दें।” वांगचुक ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है।

उन्होंने लिखा, “मैं सफदरजंग अस्पताल में अवैध हिरासत में हूं, जहां मेरी आवाजाही, अभिव्यक्ति और हर तरह के संचार की स्वतंत्रता पर रोक लगा दी गई है।” शनिवार को वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा था कि यदि राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल आकर उन्हें यह भरोसा दें कि वे संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही का मुद्दा उठाएंगे, तो वांगचुक अपना अनशन समाप्त कर देंगे।

आंग्मो ने ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल समर्थकों से वांगचुक की ओर से शांति बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने की अपील भी की थी कि आंदोलन का किसी तरह दुरुपयोग न हो। वांगचुक ने कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके के आंदोलन का समर्थन करते हुए 28 जून को जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी।

लगातार 21 दिन तक अनशन करने के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने पर 18 जुलाई की सुबह दिल्ली पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। उनके समर्थकों का आरोप है कि वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

Market View : कमजोर बाजार में भी करनी है कमाई तो इन दो शेयरों पर लगाएं दांव, नहीं होंगे निराश

ग्लोबल मार्केट से मिल रहे कमजोर संकेतों के बीच भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ खुले और निफ्टी 24,200 के नीचे आ गया। सुबह 09:40 बजे के आसपास सेंसेक्स 676.84 अंक या 0.87 प्रतिशत गिरकर 77,474.61 पर और निफ्टी 168.45 अंक या 0.69 प्रतिशत गिरकर 24,165.85 पर कारोबार कर रहा था। लगभग 1480 शेयरों में बढ़त देखी देखने को मिल रही थी। 1331 शेयरों में गिरावट आई थी और 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था।

निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में ICICI बैंक,टेक महिंद्रा,ONGC,JSW स्टील और सिप्ला शामिल थे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में एक्सिस बैंक,HDFC बैंक,कोटक महिंद्रा बैंक,इंटरग्लोब एविएशन और बजाज फाइनेंस शामिल थे। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

निफ्टी पर रणनीति

ऐसे में बाजार की आगे की रणनीति पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24381-24423 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24505-24545/24593 पर है। इसके लिए पहला बेस 24210-24161 पर और बड़ा बेस 24139-24063 पर है। शुक्रवार को बड़े नतीजों से पहले तेज मूव देखने के मिला। दिन का हाई 24366 रहा। रेजिस्टेंस-1 पार करते ही निफ्टी सीधे रेजिस्टेंस-2 तक पहुंचा। तेजी सिर्फ लार्जकैप शेयरों तक सीमित रही, मार्केट ब्रेड्थ कमजोर रही। FIIs ने कैश में बिकवाली की,लेकिन इंडेक्स फ्यूचर्स में जोरदार खरीदारी की।

FIIs की भारी शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली। नेट शॉर्ट करीब 2.16 लाख पर आ गए। 24200, 24100 और 24000 पर मजबूत पुट राइटिंग देखने को मिली। 24500-24600 पर हल्की कॉल राइटिंग मौजूद है। जियोपॉलिटिकल सेटअप निगेटिव और $90 के करीब क्रूड से चिंता है। आज बड़ी कंपनियों के नतीजों का रिएक्शन दिखेगा। चिप शेयरों में कमजोरी जारी है। कई बड़े ग्लोबल इंडेक्स दबाव में हैं। रेजिस्टेंस-1 (200DEMA+50WEMA) पार हुआ तो रंजिस्टेंस-2 भी संभव है। 24381-24423 के ऊपर टिकने पर 24505-24593 की तरफ बढ़त संभव है। फिलहाल आंकड़ो के मुताबिक 24593-628 संभव है। 24210-24161 पर बेस है। पुट राइटिंग के मद्देनजर बेस-1 के करीब गिरावट में एंट्री का सही मौका होगा।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 58710-58978/59040 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 59378-59513/59719 पर है। इसके लिए पहला बेस 58210-58045 और बड़ा बेस 57811-57631 पर है। आज बड़े प्राइवेट बैकों के नतीजों का असर दिखेगा। ICICI बैंक के शानदार नतीजों से सपोर्ट मुमकिन है। 90 डॉलर के करीब कच्चा तेल बाजार के लिए चिंता का विषय है। शुक्रवार की तेज तेजी के बाद 59000 पर कॉल राइटिंग बढ़ी है। 58000 के आसपास मजबूत पुट राइटिंग बनी हुई है।

कच्चे तेल और मिले-जुले नतीजों के बीच लेवल टू लेवल ट्रेड करें। 58710 के ऊपर टिकने पर 58978-59040 तक तेजी संभव है। अगली बड़ी चाल 59040 के ऊपर टिकने पर ही बनेगी। 59040 के ऊपर बैंक निफ्टी रेजिस्टेंस-2 की ओर बढ़ सकता है। जब तक बेस-1 बचा हुआ है BUY ON DIPS की रणनीति रखें। पुट राइटर्स के जोन टूटने तक बैंक निफ्टी में मजबूती संभव है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं manasjaiswal.com के मानस जायसवाल। इनकी कोलगेट पॉमोलिव (COLPAL) में 2014 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 2090 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, कोटक बैंक में इनकी 384 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 400 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Stock Market Live:निफ्टी 24200 के नीचे फिसला,Q1 नतीजों के बाद HDFC बैंक और एक्सिस बैंक में गिरावट से सेंसेक्स 550 अंक टूटा

 

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Gold Rate Today: कच्चे तेल में उबाल से वैश्विक बाजार में भी लुढ़का सोना, ​मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा रहा महंगाई की चिंता

देश के साथ-साथ देश के बाहर भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट है। रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,014.53 डॉलर प्रति औंस पर है। अगस्त में डिलीवरी वाला ​US गोल्ड फ्यूचर्स गिरकर 4,019.80 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है। इससे महंगाई को लेकर चिंता ने फिर जोर पकड़ लिया है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के कई नीति-निर्माताओं ने संकेत दिया है कि कीमतों के दबाव को रोकने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है।

ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक अन्य स्त्रोतों से बेहतर रिटर्न कमा सकते हैं। इसलिए ब्याज दरों का बढ़ना सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए एक निगेटिव फैक्टर होता है। अमेरिका ने ईरान पर लगातार नौवीं रात हमले किए हैं। जॉर्डन पर ईरानी हमलों में कम से कम दो अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। इजराइली सेना ने रविवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान ने उसके पड़ोसी देश जॉर्डन की तरफ कई मिसाइलें दागी हैं।

चांदी की कीमत कहां

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी वैश्विक बाजारों में गिरावट बनी हुई है। रॉयटर्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 56.95 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है।