
दिल्ली में सत्य निकेतन बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत के मामले अदालत ने आरोपी हरिराम बंसल के बेटे को पुलिस कस्टडी में भेजा। हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जबकि महेश गुप्ता को 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।
सत्य निकेतन इलाके में 5 मंजिला इमारत गिरने से 7 लोग मारे गए जबकि 12 लोगों का रेसक्यू किया गया था। हादसे में गिरी इमारत को उसके मालिकों द्वारा 'Hostel Daze' नाम दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में हरिराम समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया था। बिल्डिंग उर्मिला की थी, उसका बिजली कनेक्शन हरिराम के नाम पर था और उसका मैनेजमेंट बेटा संभालता था।
दिल्ली हाईकोर्ट मामले में सख्त
दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस मामल में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि हादसे के लिए सिर्फ पीजी मालिक को जिम्मेदार ठहराकर दिल्ली सरकार जवाबदेही से नहीं बच सकती। जिम्मेदारी डीयू व एमसीडी की भी है। कोर्ट ने एक पीआईएल पर एमसीडी को उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। ALSO READ: Satya Niketan building collapse : दिल्ली में 5 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, 7 मौतें, हाईकोर्ट ने पूछा- किसकी थी जिम्मेदारी?
क्या है CJP की मांग?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार से राजनीतिक जवाबदेही तय करने और राजधानी के सभी पेइंग गेस्ट आवासों का व्यापक सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की है। CJP ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा और घायलों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। ALSO READ: सत्या निकेतन बिल्डिंग हादसा : 7 मौतों के बाद CJP की बड़ी मांग, दिल्ली के सभी PG का होगा सेफ्टी ऑडिट


