Tata Sons Chairman N Chandrasekaran: आखिर कार्यकाल खत्म होने के 6 महीने पहले एन चंद्रशेखरन ने क्यों दे दिया इस्तीफा?

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के अचानक इस्तीफे ने चौंका दिया। 12 अगस्त की सुबह उन्होंने अपने इ्स्तीफे का ऐलान किया। इसका असर टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। टाटा समूह देश का सबसे बड़ा कारोबारी समूह है। इसकी तीन दर्जन से ज्यादा कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं। इनमें टीसीएस, टाइटन, टाटा कंज्यूमर, टाटा मोटर्स जैसी दिग्गज कंपनियां हैं, जिनकी पहचान देश के घर-घर में है। चंद्रशेखरन का कार्यकाल 20 फरवरी, 2027 को खत्म हो रहा है। सवाल है कि चंद्रशेखरन ने अचानक क्यों इस्तीफा दे दिया?

टाटा समूह से 40 साल पुराना रिश्ता खत्म हो जाएगा

पहले एन चंद्रशेखरन के बारे में थोड़ा जान लेना जरूरी है। वह 1987 में टाटा समूह का हिस्सा बने थे। 2009 में उन्हें टाटा समूह की सबसे बड़ी कंपनी TCS का सीईओ नियुक्त किया गया। यह देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी भी है। फिर, 2017 में उन्हें टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया। यह टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है। टाटा संस का चेयरमैन एक तरह से पूरे ग्रुप का बॉस होता है। इसलिए टाटा संस के चेयरमैन के पद को समूह में सबसे अहम माना जाता है।

फरवरी में तीसरी बार नियुक्ति के प्रस्ताव पर टल गया था फैसला

इस साल फरवरी में चंद्रशेखरन को तीसरी बार टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त करने के प्रस्ताव पर फैसला होना था। लेकिन, इस फैसले को तब टाल दिया गया। इसकी वजह नोएल टाटा का विरोध था। वह इस प्रस्ताव के खिलाफ थे। नोएल टाटा समूह की चैरिटी का काम देखने वाले टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन हैं। नोएल रतन टाटा के सौतेले भाई हैं। रतन टाटा के निधन के बाद वह टाटा समूह में सबसे पावरफुल हैं। रतन टाटा के निधन के बाद उन्हें टाटा ट्रस्ट्स का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। टाटा ट्रस्ट्स की टाटा संस में नियंत्रण योग्य यानी आधा से ज्यादा हिस्सेदारी है। इसलिए टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन को सबसे ज्यादा पावरफुल माना जाता है।

टाटा समूह की नई लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता थी

तीसरी बार नियुक्ति के प्रस्ताव पर फैसला टलने के छह महीने बाद भी यह मसला लंबित था। इसका मतलब है कि टाटा संस के नए लीडर को लेकर अनिश्चितता की स्थिति थी। चंद्रशेखरन का मानना है कि टाटा ग्रुप के भविष्य के लिए ऐसी अनिश्चितता ठीक नहीं है। इस समूह में करीब तीन दर्जन ऐसी कंपनियां हैं, जो शेयर बाजार में लिस्टेड है। इन कंपनियों के शेयरों में लाखों निवेशकों का पैसा लगा है। टाटा का ब्रांड न सिर्फ भारत में बल्कि विदेश में भी काफी प्रतिष्ठित है। देश के करोड़ों लोग इस ब्रांड पर भरोसा करते हैं।

18 अगस्त को होने वाली है टाटा संस के बोर्ड की मीटिंग

चंद्रशेखरन ने काफी विचार करने के बाद अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया। इकोनॉमिक टाइम्स की 12 अगस्त की एक खबर में बताया गया कि चंद्रशेखरन 18 अगस्त से पहले इस्तीफा देना चाहते थे। इस बारे में उन्होंने अपने करीब लोगों से चर्चा की थी। दरअसल, 18 अगस्त को टाटा संस की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) होनी है। इस मीटिंग में शेयरहोल्डर को चंद्रशेखरन की तीसरी बार चेयरमैन पद पर नियुक्ति के प्रस्ताव पर वोटिंग करनी थी।

बोर्ड का एक सदस्य तीसरी बार नियुक्ति के प्रस्ताव के खिलाफ

चंद्रशेखरन ने इस्तीफे के बाद जो बयान दिया है, उससे यह संकेत मिलता है कि उन्हें तीसरी बार कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का भरोसा नहीं था। उन्होंने बयान में कहा है, “तीसरी बार मेरी नियुक्ति के प्रस्ताव पर फैसला नहीं हो सका, क्योंकि बोर्ड का एक सदस्य का समर्थन प्रस्ताव को हासिल नहीं था।”

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टाटा समूह के हित में पद से इस्तीफा देने का लिया फैसला

उन्होंने कहा कि प्रस्ताव पर फैसला टलने के 6 महीने बाद भी इस मसले का समाधान नहीं हो सका है। उन्हें टाटा समूह जैसे कारोबारी समूह की लीडरशिप को लेकर ऐसी अनिश्चितता पसंद नहीं थी। उनका मानना था कि यह टाटा समूह के भविष्य के लिए ठीक नहीं है। इसलिए उन्होंने एजीएम से पहले इस्तीफा देने का फैसला किया।

‘शॉर्टकट आपको नुकसान पहुंचा सकता है’; Insta reels पसंद करने वाली Gen Z को PM मोदी का संदेश

PM Modi message to reel-loving Gen Z: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने और दूसरों के संघर्षों से सीखने की अपील। एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने बुधवार (12 अगस्त) को अपील करते हुए कहा कि रील के युग में रह रहे युवाओं को याद रखना चाहिए कि शॉर्टकट आपको नुकसान पहुंचा सकता है।

PM मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कोविंद का जीवन दिखाता है कि दृढ़ संकल्प किसी व्यक्ति को मुश्किलों से उबरने और सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने में कैसे मदद कर सकता है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद भी कोविंद के लगातार सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने का जिक्र करते हुए कहा कि पद छोड़ने के बाद भी उन्होंने आराम नहीं किया। बल्कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पहल पर काम कर रहे हैं, जो भारतीय लोकतंत्र में एक नया अध्याय खोल सकती है। पीएम मोदी ने कहा कि इस मुद्दे पर पूर्व राष्ट्रपति के प्रयास भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में उनके निरंतर योगदान का हिस्सा हैं।

युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने की अपील

प्रधानमंत्री ने युवाओं से आत्मकथाएं पढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि इनसे किसी खास दौर को उस व्यक्ति के जीवन के जरिए समझने का मौका मिलता है जिसने उसे खुद अनुभव किया हो। उन्होंने कहा, “आज रील का जमाना है, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आपको कहीं न कहीं खींच ले जाते हैं लेकिन इस दौर में भी, रेलवे स्टेशन पर लिखी बात याद रखें, ‘शॉर्टकट’ आपको नुकसान पहुंचा सकता है।”

PM मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सरकार और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोशल मीडिया पर ‘जेन जी’ से जुड़ने की कोशिशें तेज कर दी हैं। नीट का पेपर लीक होने के खिलाफ पिछले महीने हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद पीएम मोदी ने अपने मंत्रियों से कहा था कि वे युवाओं से जुड़ने के लिए इंस्टाग्राम का सक्रिय रूप से इस्तेमाल करें और रील पोस्ट करें।

पीएम मोदी भी शेयर कर रहे हैं रील्स

हाल के हफ्तों में पीएम मोदी ने स्वयं युवाओं को संबोधित करते हुए कई बार रील शेयर की हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविंद की आत्मकथा भारतीय लोकतंत्र की धरोहर बनेगी। साथ ही नई पीढ़ी को इससे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

पीएम मोदी ने कहा, “हमें भविष्य में और ऐसे कई युवाओं की जरूरत है जो कोविंद की हों। ऐसे लोग जो हालात से हार न मानें, बल्कि हर चुनौती से पार पाने का पुख्ता इरादा रखें। वे आत्मनिर्भर भारत का रास्ता बनाएंगे और यह आत्मकथा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।”

उन्होंने कहा कि आत्मकथा का शीर्षक बिल्कुल सही है क्योंकि कोविंद का जीवन और संघर्ष भले ही व्यक्तिगत थे। लेकिन उन संघर्षों की जीत भारतीय लोकतंत्र की है। पीएम मोदी ने याद किया कि बचपन में घर का सामान बचाने की कोशिश के दौरान लगी आग में कोविंद ने अपनी मां को खो दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुखद घटना कोविंद को तोड़ सकती थी। लेकिन इसके बजाय इसने उन्हें और मजबूत बनाया।

अच्छे संस्कार का किया जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि कोविंद में अच्छे संस्कार डालने में उनके पिता की अहम भूमिका रही। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन में कोविंद के साथ अपनी मुलाकातों को याद करते हुए कहा कि पूर्व राष्ट्रपति उनसे ऐसी बातें करते थे जिनकी प्रोटोकॉल के तहत आम तौर पर अनुमति नहीं होती थी। PM मोदी के मना करने के बावजूद वे उन्हें खुद कार तक छोड़ने आते थे। कोविंद ने इस अवसर पर अपने बचपन की मुश्किलों और अपने आस-पास के माहौल से मिली सीख को याद किया।

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उन्होंने याद किया कि कैसे उनके घर की छत से बारिश का पानी टपकता था। उनका परिवार बारिश रुकने का इंतजार करता था। कोविंद ने कहा कि सरकारी आवास योजनाओं के तहत करोड़ों गरीब परिवारों को सिर पर छत मिली है और उन्हें सम्मान के साथ जीने का मौका मिला है। कोविंद ने कहा कि वह BJP से इसलिए जुड़े क्योंकि उनकी नजर में यह पार्टी परिवार या समुदाय के हितों से ऊपर देश को रखती है।

एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा, क्या आप जानते हैं कि उनकी 5 साल की कमाई कितनी थी?

N Chandrasekaran Remuneration: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ये भी बात सामने आ रही है कि उन्होंने एक और कार्यकाल के लिए कोई डिमांड नहीं की है। इन खबरों के बीच अब उनकी सैलरी और कम्पेनसेशन के आंकड़े चर्चा में आ गए हैं। मनीकंट्रोल के आंकड़ों के मुताबिक, ‘चंद्रा’ के नाम से मशहूर चंद्रशेखरन को पिछले 5 सालों में टाटा संस से कुल ₹685 करोड़ का कम्पेनसेशन मिला है।

वित्त वर्ष 2025-26 में उन्हें कुल ₹158.6 करोड़ का रेमुनरेशन मिला। यह FY22 के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा पैकेज है, जब से कंपनी ने अपने शीर्ष अधिकारियों की सैलरी के आंकड़े सार्वजनिक करना शुरू किया था।

सैलरी का 88% हिस्सा सिर्फ कमीशन!

चंद्रशेखरन की भारी-भरकम कमाई में सबसे बड़ा हिस्सा उनकी फिक्स्ड सैलरी का नहीं, बल्कि कंपनी के प्रदर्शन से मिलने वाले कमीशन का है। FY26 की उनकी कुल कमाई ₹158.6 करोड़ रही जिसमें ₹140.7 करोड़ कमीशन रहा जो कुल पैकेज का लगभग 88.7% है। उनकी फिक्स्ड सैलरी ₹17.9 करोड़ थी। चंद्रशेखरन को मिला यह पैकेज टाटा संस द्वारा अपने सभी डायरेक्टर्स को दी गई कुल सैलरी का 80 प्रतिशत हिस्सा है। FY25 में उनका कुल कम्पेनसेशन ₹155 करोड़ और FY24 में ₹134.8 करोड़ रहा था।

देश के सबसे टॉप कॉर्पोरेट दिग्गजों में शामिल थे चंद्रशेखरन

भारत के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव्स से अगर तुलना करें, तो चंद्रशेखरन टॉप पायदान पर खड़े नजर आते हैं:

सी विजयकुमार (HCL Tech CEO): वित्त वर्ष 2026 में ₹176 करोड़ के पैकेज के साथ देश के सबसे महंगे एग्जीक्यूटिव माने जाते हैं।

एन चंद्रशेखरन (Tata Sons Chairman): FY26 में ₹158.6 करोड़ के पैकेज के साथ दूसरे बड़े स्थान पर हैं।

संदीप कालरा (Persistent Systems CEO): FY25 में इनका पैकेज ₹148 करोड़ था, जो चंद्रशेखरन की FY26 की कमाई से कम है।

पवन मुंजाल (Hero MotoCorp): FY26 में ₹122 करोड़ के पैकेज के साथ ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले अधिकारी रहे।

AGM में डायरेक्ट्रिशिप पर वोटिंग से पहले बड़ा घटनाक्रम

चंद्रशेखरन की सैलरी और इस्तीफे के ये आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब अगस्त के मध्य में टाटा संस की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) आयोजित होने वाली है। वैसे चेयरमैन के रूप में उनका 5 साल का कार्यकाल फरवरी 2027 तक है, लेकिन रोटेशन नियमों के तहत उन्हें बोर्ड में अपनी डायरेक्टर की सीट बरकरार रखने के लिए शेयरधारकों के बहुमत की मंजूरी की आवश्यकता थी। इसी बीच उनके इस्तीफे और कार्यकाल पूरा कर हटने के फैसले ने सबको चौंका दिया है।

CFO सौरभ अग्रवाल दूसरे सबसे महंगे अधिकारी

टाटा संस के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सौरभ अग्रवाल कंपनी में दूसरे सबसे ज्यादा कमाई करने वाले टॉप मैनेजर रहे। उनकी FY26 में कुल आय ₹34 करोड़ रही जिसमें कमीशन का हिस्सा ₹26 करोड़ था।

चंद्रशेखरन और सौरभ अग्रवाल के अलावा बोर्ड के अन्य 7 सदस्यों में से किसी को भी रेगुलर रेमुनरेशन नहीं मिला। हालांकि, 6 सदस्यों को ₹1 से ₹3 करोड़ का कमीशन मिला, जबकि TVS मोटर्स के चेयरमैन एमेरिटस वेणु श्रीनिवासन इकलौते ऐसे बोर्ड मेंबर रहे जिन्होंने न तो कोई सैलरी ली और न ही कमीशन।

Trading Ideas : बाजार में रिकवरी की कोशिशें हो रही नाकाम, शॉर्ट टर्म में अच्छी कमाई के लिए इस ऑटो शेयर पर रहे नजर

Trading Ideas : बाजार में रिकवरी की कोशिशें नाकाम हो रही हैं। निफ्टी 110 अंक से ज्यादा फिसलकर 24400 के नीचे आ गया है। हालांकि बैंक निफ्टी में रिकवरी कायम है। यह इंडेक्स दिन के निचले स्तर से करीब 500 अंक से ज्यादा क उछला है। मिडकैप और स्मॉलकैप में फ्लैट कारोबार कर रहे हैं। INDIA VIX 12 के नीचे दिख रहा है। आज सरकारी बैंकों में सबसे ज्यादा तेजी है। पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 2 फीसदी मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। 5 फीसदी की उछाल के साथ PNB वायदा के टॉप गेनर्स में शुमार है। साथ ही मेटल शेयरों में भी चमक देखने को मिल रही है। हिंडाल्को निफ्टी का टॉप गेनर बना है। लेकिन IT, FMCG, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी में बिकवाली नजर आ रही है।

पहली तिमाही में कमजोर नतीजों के बाद SENCO की चमक फीकी पड़ी है। यह शेयर 9 फीसदी से ज्यादा टूटा है। साथ ही TBZ में भी करीब 8 फीसदी की तेज गिरावट नजर आ रही है। लेकिन रिजल्ट के बाद बाटा 4 फीसदी दौड़ा है। हॉस्पिटल शेयरों में लगातार दूसरे दिन कमजोरी देखने को मिल रही है। मैक्स हेल्थ और अपोलो हॉस्पिटल 2-3 फीसदी टूटकर निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल हैं। उधर फोर्टिस भी करीब 4 फीसदी टूटा है। हॉस्पिटल चार्जेज पर कैप लगाने की सिफारिश की खबरों ने इन शेयरों पर दबाव बनाया है।

आगे के लिए क्या हो रणनीति?

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए www.sethamit.com के अमित सेठ ने कहा कि निफ्टी पिछले 4-5 कारोबारी सत्रों से थोड़ा सा साइडवेज चल रहा है। इसको हम एक पुलबैक मोड कह सकते हैं। लेकिन अभी भी ये अपने अहम मूविंग एवरेजेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह एक अच्छी बात है। इस समय निफ्टी के लिए 24350-24400 पर सपोर्ट दिख रहा है। जब तक यह सपोर्ट कायम तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति काम करेगी। 24600 के ऊपर निकलने पर ही निफ्टी में नई तेजी आएगी। लेकिन अभी निफ्टी में खरीदारी करने के लिए 24350-24400 एक अच्छा सपोर्ट जोन है।

बैंक निफ्टी व्यू

अगर निफ्टी बैंक की बात करें तो यहां पर भी स्ट्रक्चर साइडवेज ही है। यह निफ्टी से थोड़ा कम मोमेंटम है। लेकिन निफ्टी बैंक ने भी कल 50 डेमा से एक रिवर्सल दिखाया है। इसके लिए सपोर्ट लगभग 57,000 के आसपास आता है। जब तक 57,000 का लेवल कायम है तब तक अगर कोई पोजीशन है तो उसमें बने रहना है।

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अमित सेठ की टॉप पिक

स्टॉक स्पेसिफिक स्ट्रेटेजी पर बात करते हुए अमित सेठ ने कहा कि ऑटो सेक्टर में अच्छा खासा स्ट्रेंथ दिख रहा है। इसमें भी अशोक लीलैंड काफी अच्छा लग रहा है। इस शेयर ने एक बेस बनाने के बाद अभी 4-5 दिन पहले लगभग 167-168 रुपए के लेवल से एक ब्रेकआउट दिया। यह डिलीवरी बेस्ड ब्रेकआउट काफी अच्छे वॉल्यूम के साथ आया था। उसके बाद इस स्टॉक में हमें थोड़ा सा साइडवेज मूव देखने को मिला। कल के सत्र में इसने 10 डेमा से एक रिवर्सल दिखाया है और काफी अच्छा कैंडलस्टिक और प्राइस एक्शन पैटर्न बना है। जब तक यह स्टॉक 173 रुपए के ऊपर बना रहेगा, इसमें 182 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह होगी।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

PM Awas Yojana 2026: लखनऊ में 2640 सस्ते फ्लैट का रास्ता साफ, दो बड़ी आवासीय योजनाओं में जल्द शुरू होगी लैंड पूलिंग

PM Awas Yojana 2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लोगों को किफायती दरों पर घर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी पहल होने जा रही है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) अनंत नगर और शारदा नगर विस्तार योजना में कुल 2,640 सस्ते फ्लैट विकसित करेगा। इन फ्लैटों का निर्माण प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत किया जाएगा। इसके साथ ही दोनों आवासीय योजनाओं के लिए जल्द ही लैंड पूलिंग की प्रक्रिया भी शुरू होगी।

सोमवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन दोनों योजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। योजना के तहत मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए भी दो बेडरूम वाले फ्लैट बनाए जाएंगे।

8.99 लाख रुपये में मिल सकता है वन BHK फ्लैट

LDA की दोनों योजनाओं में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत बनने वाले वन बीएचके फ्लैट की कीमत करीब 8.99 लाख रुपये रखी गई है। इनके निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से ढाई लाख रुपये तक की सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है। योजना में मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए भी दो बेडरूम वाले फ्लैट बनाए जाएंगे। यानी अलग-अलग आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए यहां किफायती आवास विकसित किए जाएंगे।

अनंत नगर में बनेगा 14 मंजिला आदित्य अपार्टमेंट

अनंत नगर आवासीय योजना में आदित्य अपार्टमेंट विकसित किया जाएगा। यह इमारत 14 मंजिला होगी। योजना में पीएम आवास योजना के तहत सभी जरूरी नई सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इन सुविधाओं में स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक केंद्र, किराना स्टोर, मेडिकल शॉप, मिल्क बूथ, एटीएम और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल होंगी। इसका उद्देश्य यह है कि यहां रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए योजना से बाहर न जाना पड़े।

शारदा नगर विस्तार में बनेगा बागेश्वरी अपार्टमेंट

शारदा नगर विस्तार योजना में बागेश्वरी अपार्टमेंट बनाया जाएगा। यह परियोजना PGI के पास और शारदा नगर विस्तार योजना के तहत प्रस्तावित है। यहां बनने वाला बागेश्वरी अपार्टमेंट 12 मंजिला होगा।इस परियोजना में कुल 1248 फ्लैट बनाए जाने की योजना है। इनमें 312 फ्लैट प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होंगे। जबकि 936 फ्लैट दो बेडरूम कैटेगरी के बनाए जाएंगे। पीएम आवास योजना के फ्लैटों की कीमत करीब 8.99 लाख रुपये होगी। जबकि दो बेडरूम वाले फ्लैट की कीमत करीब 34.82 लाख रुपये तय की गई है।

अनंत नगर में कितने फ्लैट बनेंगे?

अनंत नगर आवासीय योजना में बनने वाले आदित्य अपार्टमेंट में कुल 1392 फ्लैट बनाए जाने की योजना है। यह भी 14 मंजिला भवन होगा। इस तरह अनंत नगर और शारदा नगर विस्तार की दोनों योजनाओं को मिलाकर कुल 2640 फ्लैट विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं में पीएम आवास योजना के लाभार्थियों के साथ-साथ मध्यम आय वर्ग के लोगों को भी ध्यान में रखा गया है।

4500 एकड़ जमीन जुटाने की तैयारी

लखनऊ में इन दो बड़ी आवासीय योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए लैंड पूलिंग की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है। इसके तहत करीब 4500 एकड़ जमीन जुटाई जाएगी। मोहनलालगंज क्षेत्र में 9 अगस्त तक किसानों के साथ बातचीत की गई है। जमीन की कीमत तय करने को लेकर सहमति बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब समिति की बैठक हो चुकी है। अब लैंड पूलिंग के नियमों के तहत दोनों योजनाओं के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

किसानों की सहमति से होगी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया

लखनऊ विकास प्राधिकरण की दोनों आवासीय योजनाओं के लिए किसानों की सहमति से जमीन लेने की योजना है। इसके लिए पहले किसानों से बातचीत और जमीन के मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। आवास विकास परिषद के लखनऊ जोन के उप आवास आयुक्त चंदन पटेल ने बताया कि किसानों की सहमति के आधार पर जमीन लेने से पहले नियोजन समिति की बैठक की जा चुकी है। इस प्रक्रिया के बाद लैंड पूलिंग के नियमों के तहत जमीन जुटाने का काम आगे बढ़ेगा।

करीब दो लाख लोगों को मिलेगा आशियाना

इन दोनों योजनाओं के लिए करीब 4,500 एकड़ जमीन जुटाई जानी है। प्रस्तावित विकास से करीब दो लाख से अधिक लोगों को आशियाना मिलने की उम्मीद है। योजनाओं में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ आधुनिक शहरी ढांचे को विकसित करने की योजना है। दोनों परियोजनाओं में सड़कों को फोर लेन बनाया जाएगा। वहीं, मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक को सुचारु रखने के लिए सिक्स लेन की व्यवस्था की जाएगी। जरूरत के हिसाब से फ्लाईओवर और अंडरपास भी बनाए जाने की योजना है। ड़ा, बेली, शिथौलीकला, शिवलर और हबुआपुर की जमीन प्रस्तावित की गई है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी नई कॉलोनियां

इन आवासीय योजनाओं में सिर्फ फ्लैट बनाने पर ही जोर नहीं है, बल्कि पूरी तरह विकसित आवासीय क्षेत्र तैयार करने की योजना है। यहां स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं के साथ बाजार और रोजमर्रा की जरूरतों की दुकानें भी विकसित की जाएंगी। सड़कों, फ्लाईओवर और अंडरपास जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ इन क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देने की तैयारी है।

कुल मिलाकर क्या बदलेगा?

लखनऊ की इन दोनों बड़ी योजनाओं के पूरा होने के बाद राजधानी में 2640 नए किफायती और मध्यम आय वर्ग के फ्लैट उपलब्ध होंगे। पीएम आवास योजना के तहत करीब 8.99 लाख रुपये में फ्लैट मिलने से कम आय वर्ग के लोगों के लिए घर खरीदना आसान हो सकता है, वहीं, मध्यम आय वर्ग के लिए करीब 34.82 लाख रुपये की लागत वाले दो बेडरूम फ्लैट विकसित किए जाएंगे। लैंड पूलिंग के जरिए बड़े क्षेत्र में सुनियोजित विकास होने से मोहनलालगंज और आसपास के इलाकों में आने वाले वर्षों में आवासीय और बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार होने की उम्मीद है।

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Mumbai Landslide: मुंबई के घाटकोपर में लैंडस्लाइड! चॉल पर गिरा मलबा, हादसे में 5 की मौत

Mumbai Ghatkopar Landslide: मुंबई के घाटकोपर इलाके में बुधवार तड़के भूस्खलन के कारण एक चॉल पर पहाड़ का हिस्सा गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में करीब 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। वहीं, इस घटना के बाद कई एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया है।

बता दें कि यह भूस्खलन सुबह करीब 3:48 बजे कुर्ला के चिराग नगर में राठौड़ मेडिकल के पास स्थित गौसिया चॉल में हुआ। बताया जा रहा है कि पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक नीचे ढह गया, और इसका मलबा पास की चॉल के दो से तीन कमरों पर जा गिरा।

हालांकि, मलबे से दो लोगों को बाहर निकाला गया, जिनकी पहचान 28 वर्षीय साहिल अंसारी और 14 वर्षीय मोहम्मद समीर के रूप में हुई है। उन्हें राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

शुरुआत में खबर थी कि मलबे में 3 से 4 लोग फंसे हो सकते हैं, लेकिन बाद में स्थानीय लोगों ने बताया कि 6 से 8 लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।

वहीं, मुंबई फायर ब्रिगेड ने सुबह करीब 4:32 बजे इस घटना को लेवल-2 इमरजेंसी घोषित किया और तुरंत राहत-बचाव अभियान शुरू कर दिया। फिलहाल करीब 50 BMC कर्मचारी और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें मिलकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम कर रही हैं।

जानकारी के अनुसार, मलबे को हटाने और उसके नीचे फंसे लोगों को खोजने के लिए खास बचाव उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

DCP ने दी जानकारी

DCP गणेश शिंदे ने बताया कि अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं और बचाव अभियान अभी भी जारी है।

अधिकारी ने कहा, “बारिश के कारण घाटकोपर पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आने वाले अशोकनगर इलाके में भूस्खलन हुआ है। अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं और बचाव अभियान चल रहा है।”

इस घटना में घायल हुए दो अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर है। इनकी पहचान 18 वर्षीय सोहेल अंसारी (सिर में चोट) और 14 वर्षीय मोहम्मद अंसारी (पीठ में चोट) के तौर पर हुई है।

राहत और बचाव कार्य जारी

DCP शिंदे ने कहा, “बचाव कार्य जारी है और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें व स्थानीय अधिकारी घटनास्थल पर लगातार कोशिशें कर रहे हैं। हालांकि अभी सही संख्या की पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी तीन से चार लोग फंसे हो सकते हैं।”

बता दें कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शवों को आगे की प्रक्रिया के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई और जांच आगे जारी रहेगी।

वहीं, मुंबई फायर ब्रिगेड, मुंबई पुलिस और NDRF की टीमें घटनास्थल पर तैनात की गई हैं, जबकि BMC के वार्ड कर्मचारी और अन्य इमरजेंसी कर्मी बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं।

BMC मेयर ने किया घटनास्थल का दौरा

BMC की मेयर रितु तावड़े और एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (ईस्टर्न सबर्ब्स) अविनाश ढकने ने भी हालात का जायजा लेने के लिए घाटकोपर में प्रभावित जगह का दौरा किया।

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Godrej Consumer Share Price: गोदरेज कज्यूमर का शेयर क्रैश, क्या यह निवेशकों के लिए खरीदारी का बड़ा मौका है?

Godrej Consumer Share Price: गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का शेयर 12 अगस्त को बाजार खुलते ही क्रैश कर गया। इसकी वजह कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ सुधीर सीतापति का अचानक इस्तीफा है। एक समय शेयर 10 फीसदी गिरकर 922.5 रुपये पर आ गया था। लेकिन, बाद में थोड़ा संभला। 10:45 बजे यह 9.52 फीसदी गिरकर 928.10 रुपये पर चल रहा था। इस साल यह शेयर अब तक 25 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। इस दौरान निफ्टी 50 में 6.4 फीसदी गिरावट आई है।

जेफरीज और सिटी की शेयरों में निवेश की सलाह

सीतापति का इस्तीफा तुरंत प्रभाव से लागू हो गया। आसिफ मलबरी को उनकी जगह नियुक्त कर दिया गया है। अचानक कंपनी की लीडरशिप में आए इस बदलाव पर ब्रोकरेज फर्मों ने अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया दी है। जेफरीज और सिटी ने शेयर को खरीदने (buy) की अपनी सलाह बनाए रखी है। एचएसबीसी ने शेयर पर अपनी रेटिंग घटाकर ‘होल्ड’ कर दी है। सीएलएसए ने शेयर पर ‘अंडरपर्फॉर्म’ की रेटिंग दी है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि नई लीडरशिप की वजह से कंपनी की स्ट्रेटेजी में बदलाव नहीं होगा।

जेफरीज ने दिया 1400 रुपये का टारगेट प्राइस

जेफरीज ने गोदरेज कंज्यूमर के शेयर के लिए 1,400 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि 11 अगस्त के क्लोजिंग प्राइस से यह शेयर करीब 36 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि नए सीईओ को एग्जिक्यूशन को मजबूत बनाने के साथ ही फैसले लेने की प्रक्रिया को तेज करना होगा। नए बिजनेस पर फोकस करने के साथ ही कंपनी को अपने पुराने इनसेक्टिसाइड्स और सोप बिजनेस पर ध्यान देना होगा।

सिटी ने भी दी शेयर में निवेश की सलाह

Citi ने भी शेयर को खरीदने की सलाह दी है। उसने शेयर के लिए 1,350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। हालांकि, उसने कहा है कि लीडरशिप में बदलाव का असर स्टॉक पर शॉर्ट टर्म में पड़ सकता है। हालांकि, मलबरी की नियुक्ति से कंपनी की स्ट्रेटेजी की दिशा अपरिवर्तित रहेगी। कंपनी के FY27 के गाइडेंस और स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन अपरिवर्तित रहेंगे।

एचएसबीसी ने रेटिंग घटाकर होल्ड किया

HSBC ने शेयर को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। उसने शेयर पर रेटिंग घटाकर होल्ड कर दी है। शेयर के लिए 1,120 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने कहा है कि अचानक सीतापति के इस्तीफे से एग्जिक्यूशन को लेकर अनिश्चितता बनी है। ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक का वैल्यूएशन मल्टीपल भी घटाया है। टारगेट प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल को 45 गुना से घटाकर 40 गुना कर दिया है।

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सीएलएसए के मुताबिक शेयर 25% गिर सकता है

CLSA का रुख इस शेयर को लेकर और सावधानी भरा है। उसने शेयर पर ‘अंडरपरफॉर्म’ की रेटिंग बनाए रखी है। उसने शेयर के लिए 772 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 11 अगस्त के क्लोजिंग प्राइस से करीब 25 फीसदी गिर सकता है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि पर्सनल वॉश और होम इनसेक्टिसाइड्स में कंपनी के लिए चुनौतियां बनी हुई हैं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Share Market Crash: 370 प्वाइंट्स टूटा Sensex, सरकारी बैंकों की चमक नहीं थाम पाई गिरावट, 24400 के नीचे आया Nifty

Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराने पर मार्केट में कोहराम मच गया। सेंसेक्सन 370 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24350 के करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी दबाव दिख रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप लाल है। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:30 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 314.12 प्वाइंट्स यानी 0.40% की गिरावट के साथ 77,840.13 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 96.75 प्वाइंट्स यानी 0.40% की फिसलन के साथ 24,374.95 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 370.21 प्वाइंट्स टूटकर 77,784.04 और निफ्टी 114.20 प्वाइंट्स गिरकर 24,357.50 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव

होर्मुज जलडमरूमध्य पर स्थिति सामान्य होने को लेकर अनिश्चितता ने मार्केट पर दबाव बनाया है। एक तरफ ट्रंप दावा कर रहे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है लेकिन ईरान का इससे इनकार है। इसके अलावा एक-दूसरे की मुआवजे की मांग ने दोनों देशों के बीच सुलह का रास्ता और मुश्किल कर दिया है। यमन के हूती विद्रोहियों के कमर्शियल जहाज पर हमले ने तनाव बढ़ा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में चार क्रू सदस्यों की जान चली गई और इसे अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद समुद्री जहाजों पर हूती हमले में पहली बड़ी जानलेवा घटना बताई जा रही है।

कच्चे तेल में उबाल

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर गहराने पर कच्चे तेल में और उबाल आया जिसकी आंच स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई।। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रू़ड उछलकर प्रति बैरल $90 के करीब पहुंच चुका है।

आईटी-एफएमसीजी सेक्टर का दबाव

दिग्गज सरकारी बैंकों के शेयरों में आज खरीदारी का अच्छा रुझान दिख रहा और इसका निफ्टी इंडेक्ल 2% से अधिक ऊपर चढ़ा है। हालांकि मेटल को छोड़ इसे बाकी अहम सेक्टर्स से अच्छा सपोर्ट नहीं मिल पा रहा। आईटी और एफएमसीजी सेक्टर अधिक दबाव डाल रहे हैं जिनके निफ्टी इंडेक्स में करीब 1-1% की गिरावट है। निफ्टी मेटल में करीब 1% की बढ़त है तो निफ्टी रियल्टी आधे फीसदी से अधिक कमजोर है और निफ्टी प्राइवेट बैंक भी लाल है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Ghaziabad-Sitapur Rail Project: पश्चिमी यूपी को बड़ी सौगात! गाजियाबाद से सीतापुर के बीच 403 KM की बिछेगी नई रेल लाइन, हापुड़ को भी होगा बड़ा फायदा

Ghaziabad–Sitapur Rail Project: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा बल मिला है। गाजियाबाद से हापुड़ होते हुए सीतापुर तक करीब 406 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने की प्रस्तावित योजना अब सर्वे के चरण में पहुंच गई है। इस महत्वाकांक्षी रेलवे प्रोजेक्ट का फाइनल सर्वे फिलहाल जारी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 14,926 करोड़ रुपये बताई गई है। रेलवे की ओर से एक RTI के जवाब में दी गई जानकारी सामने आने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश, खासकर हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों में नई रेल कनेक्टिविटी की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।

इसी साल 18 अप्रैल को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गाजियाबाद और सीतापुर के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के निर्माण को मंजूरी दी थी। उम्मीद है कि इससे रेलवे की क्षमता काफी बढ़ेगी, सेवा की विश्वसनीयता में सुधार होगा और देश के सबसे व्यस्त कॉरिडोर में से एक पर भीड़ कम होगी। यह प्रोजेक्ट गाजियाबाद-सीतापुर सेक्शन दिल्ली-गुवाहाटी हाई-डेंसिटी नेटवर्क का एक अहम हिस्सा है।

अभी यह अपनी क्षमता से ज्यादा काम कर रहा है। इसका इस्तेमाल 168% तक पहुंच गया है। अगर विस्तार नहीं किया गया, तो इसके 207% तक बढ़ने का अनुमान है। दो नई अतिरिक्त लाइनों का मकसद इस रुकावट को दूर करना और यात्री एवं मालगाड़ियों की आवाजाही को आसान बनाना है।

फाइनल सर्वे का काम जारी

प्रस्तावित रेल लाइन गाजियाबाद को हापुड़ के रास्ते सीतापुर से जोड़ेगी। फिलहाल रेलवे इस रूट से जुड़े अंतिम सर्वे का काम कर रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद परियोजना के तकनीकी और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का आकलन किया जाएगा। करीब 406 किलोमीटर लंबे इस रेल कॉरिडोर के बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों को बेहतर रेल नेटवर्क से जोड़ने की संभावना है।

हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों को बड़ा फायदा

इस परियोजना से सबसे अधिक उम्मीद हापुड़ और उसके आसपास के क्षेत्रों में दिखाई दे रही है। नई रेल लाइन बनने से इन इलाकों के लोगों को आवागमन के लिए अतिरिक्त रेल संपर्क मिल सकता है।बेहतर रेल कनेक्टिविटी से यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और माल परिवहन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मदद मिल सकती है।

₹14,926 करोड़ की है प्रस्तावित परियोजना

प्रस्तावित परियोजना की अनुमानित लागत करीब 14,926 करोड़ रुपये है। हालांकि, अभी यह योजना सर्वे के चरण में है। इसलिए निर्माण कार्य शुरू होने से पहले आगे की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। रेलवे के RTI जवाब से यह स्पष्ट हुआ है कि परियोजना को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। वर्तमान में फाइनल सर्वे किया जा रहा है।

पश्चिमी यूपी की रेल कनेक्टिविटी को मिल सकता है नया विकल्प

गाजियाबाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़ा महत्वपूर्ण शहर है। जबकि हापुड़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख जिला है। ऐसे में गाजियाबाद-हापुड़-सीतापुर के बीच नया रेल संपर्क तैयार होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिल सकती है। नई रेल लाइन भविष्य में यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

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साथ ही, मौजूदा रेल रूट्स पर दबाव कम करने और ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। फिलहाल, इस परियोजना को लेकर सबसे अहम पड़ाव फाइनल सर्वे का पूरा होना है। इसके बाद परियोजना के निर्माण और आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

Adobe ने कम CGPA के चलते किया रिजेक्ट, Microsoft ने ₹90 लाख के पैकेज पर दी नौकरी; JIIT ग्रेजुएट की कहानी वायरल

इंजीनियरिंग कॉलेज में अच्छा CGPA अक्सर नौकरी की पहली सीढ़ी माना जाता है। कई कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट के दौरान छात्रों के लिए न्यूनतम अंक की शर्त रखती हैं, ऐसे में कम CGPA वाले छात्रों के लिए शुरुआत में मौके सीमित हो जाते हैं। लेकिन नमन बंसल की कहानी इस सोच को थोड़ा अलग नजरिए से देखने पर मजबूर करती है। JIIT नोएडा से B.Tech करने वाले नमन का CGPA करीब 6 बताया जाता है और इसी वजह से वह कॉलेज में किसी कैंपस प्लेसमेंट में शामिल नहीं हो सके। इसके बावजूद उन्होंने अपनी Programming Skills को मजबूत किया और Competitive Programming में भी पहचान बनाई।

शुरुआत में उन्हें कई जगहों से रिजेक्शन मिला, लेकिन एक-एक अवसर उनके करियर को आगे बढ़ाता गया। MakeMyTrip और DE Shaw के बाद उन्होंने Adobe में काम किया और फिर Microsoft तक पहुंचे। सोशल मीडिया पोस्ट में उनकी मौजूदा सालाना Compensation करीब ₹90 लाख बताई गई है।

कॉलेज में एक भी प्लेसमेंट का मौका नहीं मिला

X पर Vikas Alwys की शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक, नमन ने JIIT नोएडा से B.Tech किया और उनका CGPA करीब 6 रहा। कम स्कोर के चलते वह कॉलेज के दौरान किसी भी कैंपस प्लेसमेंट में शामिल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने नौकरी के लिए अपनी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया। खास तौर पर उनकी Programming Skills और Competitive Programming में उपलब्धियां चर्चा में रहीं। उन्होंने Codeforces पर Candidate Master रैंक भी हासिल की थी।

Adobe से मिला रिजेक्शन, फिर MakeMyTrip में मिली एंट्री

नौकरी की शुरुआत में नमन को कई जगहों से निराशा मिली। उन्होंने Adobe में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया था। बताया गया कि उन्होंने शुरुआती Technical Rounds अच्छे से पूरे किए, लेकिन कम CGPA की वजह से HR राउंड में उनका चयन नहीं हुआ। इसके बाद एक Referral के जरिए उन्हें MakeMyTrip में इंटर्नशिप मिली। यह अनुभव आगे उनके करियर में काफी काम आया।

MakeMyTrip के बाद DE Shaw और फिर Adobe

MakeMyTrip का अनुभव रिज्यूमे में जुड़ने के बाद नमन को DE Shaw में Full-Time Opportunity मिली। इसके बाद उनकी प्रोफाइल और मजबूत हुई। दिलचस्प बात यह रही कि जिस Adobe ने कभी कम CGPA के कारण उन्हें इंटर्नशिप नहीं दी थी, उसी कंपनी ने बाद में उन्हें Member of Technical Staff के पद पर नियुक्त किया।

अब Microsoft में SDE-2

Adobe में करीब दो साल काम करने के बाद नमन के Microsoft पहुंचने का दावा किया गया है। पोस्ट के अनुसार, वह फिलहाल Microsoft में SDE-2 के तौर पर काम कर रहे हैं और उनकी सालाना Compensation करीब ₹90 लाख है। हालांकि, यह सैलरी आंकड़ा सोशल मीडिया पोस्ट में किया गया दावा है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने बताई बड़ी सीख

नमन की कहानी वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने इसे लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। लोगों का कहना है कि कम CGPA करियर की शुरुआत में कुछ अवसरों को रोक सकता है, लेकिन इससे किसी व्यक्ति की पूरी क्षमता तय नहीं होती। कई यूजर्स ने उनकी Coding Skills और लगातार मेहनत की तारीफ की। एक कमेंट में कहा गया कि CGPA उनकी कमजोरी थी, लेकिन Coding उनकी ताकत बन गई। उनकी कहानी से यही सीख मिलती है कि कमजोर अकादमिक रिकॉर्ड के बावजूद मजबूत Skills, Practical Experience और लगातार प्रयास करियर में बड़े मौके दिला सकते हैं।