NEET UG 2026 Counselling: जारी नहीं हुआ है नीट यूजी राउंड 1 काउंसलिंग रिजल्ट, एमसीसी 21 अगस्त को जारी करेगा मेरिट लिस्ट

NEET UG 2026 Counselling: नीट यूजी 2026 काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदन करने और चॉइस लॉकिंग प्रक्रिया से गुजरने के बाद छात्र अब पहले राउंड के काउंसलिंग परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। इस मेरिट लिस्ट में नाम आने के बाद छात्र अपने आवंटित कॉलेज या संस्थान में प्रवेश की प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे और अपनी सीट पक्की करेंगे। लेकिन मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) अंडरग्रेजुएट (UG) काउंसलिंग 2026 के पहले राउंड के रिजल्ट की तारीख बदलने का फैसला किया है।

नई घोषणा के अनुसार, नीट यूजी 2026 काउंसलिंग राउंड 1 का रिजल्ट अब 21 अगस्त को घोषित किया जाएगा। सीट आवंटन के बाद, अगर कैंडिडेट आवंटित सीट स्वीकार करते हैं, तो उन्हें 22 से 31, 2026 तक आवंटित संस्थान में रिपोर्ट करना होगा। नए कार्यक्रम के अनुसार, डेटा का वेरिफिकेशन 1 सितंबर को किया जाएगा। एमसीसी ने यह भी घोषणा की है कि राउंड 1 स्टेट काउंसलिंग प्रोसेस अब 27 अगस्त तक जारी रहेगा।

मेडिकल बॉडी ने कहा कि टाइम शेड्यूल का ईमानदारी से पालन सुनिश्चित करने और काउंसलिंग आयोजित करने के लिए उपलब्ध सीमित समय को ध्यान में रखते हुए, सभी भाग लेने वाले इंस्टीट्यूट और कॉलेजों को सभी शनिवार, रविवार और गजेटेड छुट्टियों को वर्किंग डे मानने का निर्देश दिया गया है। बदला हुआ काउंसलिंग शेड्यूल कमेटी की ऑफिशियल वेबसाइट mcc.nic.in पर उपलब्ध है। अगर किसी कैंडिडेट को सीट अलॉट हो जाती है, तो वे अपनी पसंद के हिसाब से अपना अलॉटमेंट फ्रीज या फ्लोट कर सकते हैं।

जो लोग सीट अपग्रेडेशन के लिए बाद के काउंसलिंग राउंड में हिस्सा लेने के लिए ‘फ्लोट’ ऑप्शन चुनते हैं, वे तय समयसीमा के अंदर ऑनलाइन मोड से दस्तावेज सत्यापन समेत प्रवेश की औपचारिकता पूरी कर सकेंगे। इस दौरान, उन्हें आवंटित किए गए संस्थान में फिजिकली रिपोर्ट करने, मूल दस्तावेज जमा करने या प्रवेश फीस देने की जरूरत नहीं होगी। इस साल लाए गए सुधारों के मुताबिक, जब तक वे बाद के काउंसलिंग राउंड में हिस्सा नहीं लेते, तब तक उनका अस्थायी प्रवेश वैध रहेगा।

आगे क्या?

अगर नीट यूजी काउंसलिंग राउंड 1 के बाद कोई सीट अलॉट नहीं होती है, तो कैंडिडेट नीट 2026 काउंसलिंग के अगले राउंड में हिस्सा लेने के लिए योग्य हो जाएंगे। अगर किसी कैंडिडेट को सीट अलॉट हो जाती है, तो वे अपनी पसंद के हिसाब से अपना अलॉटमेंट फ्रीज या फ्लोट कर सकते हैं। मेडिकल कमिटी के बताए गए नए नियमों के मुताबिक, अपग्रेडेशन चुनने वाले कैंडिडेट को फिजिकल रिपोर्टिंग की जरूरत नहीं है।

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दिल्ली में पाकिस्तानी हाई कमीशन पर चला बुलडोजर, वीजा काउंटर के पास अवैध निर्माण ध्वस्त; जानें क्यों हुई कार्रवाई

दिल्ली में पाकिस्तानी हाई कमीशन पर चला बुलडोजर, वीजा काउंटर के पास अवैध निर्माण ध्वस्त; जानें क्यों हुई कार्रवाई

pakistan high commission

भारत ने दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास में किए गए अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान बुलडोजर से वीजा काउंटर और अन्य अवैध हिस्सों को हटाया गया। हाई कमीशन के बाहर सुरक्षा घेरे के लिए लगाए गए बैरिकेड और ट्रैफिक बोलार्ड भी हटाए गए। ALSO READ: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का ईरान पर सबसे बड़ा आर्थिक हमला, इकोनॉमिक डी-डे घोषित

 

चाणक्यपुरी स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर बुलडोजर से कार्रवाई की गई। शांति पथ स्थित दूतावास परिसर में निर्धारित क्षेत्र से बाहर बनाए गए ढांचे को ढहा दिया गया। कार्रवाई के दौरान वीजा काउंटर और उससे जुड़े कुछ हिस्से भी हटाए गए।

 

पाकिस्तान ने भी की थी कार्रवाई 

भारत की यह कार्रवाई इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर पाकिस्तान की ओर से पार्किंग पोल हटाए जाने के कुछ दिन बाद हुई है। इसे पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के आसपास की गई कार्रवाई के जवाब के तौर पर भी देखा जा रहा है। ALSO READ: हिंदुओं को आसानी से मारा जा सकता है, बांग्लादेश में हारुन इजहार की खुलेआम धमकी

 

सर्जियो गोर के बयान से पाकिस्तान नाराज

गौरतलब है कि भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर की यात्रा के दौरान इसे भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था। जम्मू-कश्मीर की अपनी पहली यात्रा पर पहुंचे अमेरिकी राजदूत ने यह भी कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र को लेकर जारी अपनी ट्रैवल एडवाइजरी की समीक्षा कर सकता है। उनके इस बयान पर पाकिस्तान ने आपत्ति जताई और अमेरिकी राजनयिक को तलब कर विरोध दर्ज कराया है। ALSO READ: सर्जियो गोर के J&K दौरे से भड़का Pakistan, 'जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा' वाले बयान पर अमेरिकी राजदूत तलब

 

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी की कड़ी निंदा की और इसे “गैर-जिम्मेदाराना” बताया। पाकिस्तान ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर का अंतिम समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के संबंधित प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए।

IMD Rain Alert: आज इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, छत्तीसगढ़-MP और यूपी में भी होगी आफत की बरसात

IMD Weather Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 20 अगस्त यानी आज देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। खासतौर पर छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत, हिमालयी राज्यों और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।

छत्तीसगढ़, पूर्वी MP और पश्चिमी UP में बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, 20 अगस्त को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, उत्तराखंड तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश का अनुमान है।

इन राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ आंधी और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, केरल और माहे, मध्य प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी और कराईकल, तेलंगाना तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

इन राज्यों में बिजली गिरने का भी खतरा

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा तथा उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।

आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में तेज सतही हवाएं

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में कुछ स्थानों पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना भी जताई है। इससे खुले इलाकों में आवाजाही और स्थानीय स्तर पर पेड़ या कमजोर संरचनाओं को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है।

अरब सागर में भी तेज हवाओं का असर

मौसम का असर समुद्री इलाकों में भी देखने को मिल सकता है। अरब सागर में कई हिस्सों में तेज हवाओं की स्थिति रहने की संभावना है। सोमालिया और ओमान के तटों के आसपास तथा उनसे लगे समुद्री क्षेत्रों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं। जबकि झोंकों के साथ इनकी गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और उससे लगे दक्षिण-पश्चिमी, उत्तर-पश्चिमी तथा कुछ उत्तर-पूर्वी और पूर्व-मध्य हिस्सों में भी ऐसी परिस्थितियां बनने की संभावना है।

बंगाल की खाड़ी में भी समुद्र रहेगा अशांत

बंगाल की खाड़ी में भी कुछ समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाओं का असर रहने की संभावना है। गल्फ ऑफ मन्नार से लगे कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण श्रीलंका के तट से लगे दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंकों के दौरान गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में समुद्र में जाने वाले मछुआरों और अन्य नाविकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

आज देश में मौसम का कुल मिलाकर हाल

20 अगस्त को मौसम विभाग के पूर्वानुमान से साफ है कि मध्य भारत, उत्तर भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के कई हिस्सों में बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश की संभावना सबसे प्रमुख चेतावनी है। वहीं, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और तेज बारिश, बिजली और हवाओं के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।

आंधी-तूफान और हवाएं

40-50 किमी/घंटा तेज हवाएं: अंदमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में तेज हवाएं चलेंगी।

30-40 किमी/घंटा तेज हवाएं: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, तटीय एवं दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है।

Credent IPO Listing: लिस्ट होते ही अपर सर्किट, ₹189 का शेयर डबल

Credent Connect N Care IPO Listing: हेल्थकेयर सर्विसेज और लॉजिस्टिक्स कंपनी क्रीडेंट कनेक्ट एन केयर के शेयरों की आज NSE SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 153 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹189 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹359.10 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 90% का लिस्टिंग गेन (Credent Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹377.05 (Credent Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 99.50% मुनाफे में हैं।

Credent IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

क्रीडेंट कनेक्ट एन केयर का ₹94 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 13-17 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 153.13 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 130.40 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 216.97 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 138.86 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 49.68 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹26.80 करोड़ पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडरी क्रीडेंट हेल्थकेयर के वर्किंग कैपिटल को लेकर निवेश, ₹3.00 करोड़ क्रीडेंट हेल्थकेयर की मशीनरी, 37.00 करोड़ अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹6.00 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Credent Connect N Care के बारे में

क्रीडेंट कनेक्ट एन केयर लिमिटेड एक हेल्थकेयर सर्विसेज और लॉजिस्टिक्स कंपनी है। इसकी शुरुआत जून 2015 में क्रीडेंट कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के रूप में हुई थी। यह मुख्य रूप से बी2बी मॉडल पर काम करती है। इसके ग्राहक डाइग्नॉस्टिक लैब, आईवीडी कंपनियां, फार्मा कंपनियां, अस्पताल, क्लीनिक और हेल्थकेयर से जुड़ी कंपनियां हैं। इसका कारोबार देश भर में फैला हुआ है। क्रीडेंट हेल्थकेयर, क्रीडेंट टीम और आलट्रैक टेक के अधिग्रहण के जरिए इसनें अपनी क्षमता भी बढ़ाई है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2025 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 15.41% घटकर ₹2.25 करोड़ पर आ गया लेकिन टोटल इनकम 2.91% उछलकर ₹78.23 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹7.42 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹15.70 करोड़ पड़े थे।

NSE IPO: देश का 31500 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ इस तारीख को आएगा

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

यूपी की नौकरशाही के लिए उपयुक्त नहीं हूं, आईएएस रिंकू सिंह ने अब मांगा कैडर ट्रांसफर

आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही लगातार चर्चा में बने हुए हैं। अब उन्होंने यह कहते हुए अपना राज्य/कैडर ट्रांसफर मांगा है कि वह यूपी की नौकरशाही के लिए उपयुक्त नहीं हैं।उन्होंने इसे लेकर एक्स पर लंबा पोस्ट लिखा है।

चीनी के दाम 65 रुपये किलो, 15 दिन में 15 रुपए बढ़े दाम; क्यों बढ़ रहे हैं कीमत?

चीनी के दाम 65 रुपये किलो, 15 दिन में 15 रुपए बढ़े दाम; क्यों बढ़ रहे हैं कीमत?

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खुदरा बाजार में चीनी पहली बार 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कारोबारियों के अनुसार, पिछले 15 दिन में इसके दाम करीब 15 रुपये प्रति किलो तक बढ़े हैं। देश में चीनी के बढ़ते दामों और त्योहारी सीजन को देखते हुए सरकार ने चीनी के स्टॉक पर शिकंजा कसा है। ALSO READ: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का ईरान पर सबसे बड़ा आर्थिक हमला, इकोनॉमिक डी-डे घोषित

 

क्यों बढ़ रहे हैं चीनी के दाम?

चीनी का कम स्टॉक : चीनी का स्टॉक घट रहा है। मौजूदा सीजन के अंत में घरेलू चीनी स्टॉक काफी कम रहने की आशंका है। कम उत्पादन और पिछले सीजन में हुए निर्यात ने उपलब्धता पर दबाव बढ़ाया है।

 

गन्ने की फसल पर मौसम का असर : महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में बारिश की कमी और अनियमित मानसून से अगले सीजन के उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ी है।

 

गन्ने से एथेनॉल उत्पादन : इस साल करीब 30 लाख टन चीनी के बराबर गन्ने को एथेनॉल उत्पादन की ओर मोड़ा गया। इससे बाजार में उपलब्ध चीनी की मात्रा कम हुई है। सरकार अब एथेनॉल के लिए गन्ने के इस्तेमाल को सीमित करने पर विचार कर रही है।

 

त्योहारी सीजन की मांग : अगस्त से नवंबर के बीच गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहार आते हैं। इस दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में चीनी की खपत बढ़ जाती है, जिससे कीमतों पर और दबाव पड़ रहा है। ALSO READ: वंदे मातरम् पर कांग्रेस का बड़ा फैसला, 1937 के प्रस्ताव पर कायम, पार्टी कार्यक्रमों में गाए जाएंगे सिर्फ पहले दो अंतरे

 

क्या और बढ़ेंगे दाम ?

दावा किया जा रहा है कि बाजार में मांग की तुलना में करीब आधी ही चीनी की आपूर्ति हो पा रही है। आने वाले दिनों में रक्षाबंधन, गणेशोत्सव, जन्माष्टमी और दिवाली जैसे त्योहारों से मांग और बढ़ेगी। इससे चीनी के दाम में और तेजी आने की आशंका है।


सरकार ने कसा शिकंजा

भारत सरकार ने 10 मीट्रिक टन से अधिक मासिक चीनी इस्तेमाल करने वाले डीलरों के लिए स्टॉक सीमा तय की है। सरकारी अधिसूचना के अनुसार ऐसे डीलर 15 दिनों से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। यह आदेश 1 सितंबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगा। अगस्त से नवंबर के बीच गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के कारण चीनी की मांग बढ़ती है। इस दौरान बिस्कुट और कन्फेक्शनरी कंपनियां पहले से स्टॉक बढ़ाती हैं। कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार सीमित मात्रा में ड्यूटी-फ्री चीनी आयात की अनुमति देने पर विचार कर रही है। करीब एक दशक बाद भारत में चीनी आयात का रास्ता खुल सकता है।

Stock Market Rally: IT Stocks के दम पर Sensex में 585 अंकों का उछाल, 4 वजहों से 7 दिनों की गिरावट से उबरा Nifty

Stock Market Rally: अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में नरमी, एशियाई बाजारों में रौनक और निचले स्तर पर खरीदारी के चलते घरेलू स्टॉक मार्केट में भी आज काफी चहल-पहल दिख रही हैं। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 585 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24200 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी अच्छी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सों की बात करें तो फिलहाल 09:40 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 554.30 प्वाइंट्स यानी 0.72% की बढ़त के साथ 77,463.98 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 127.30 प्वाइंट्स यानी 0.53% के उछाल के साथ 24,205.60 पर है। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 585.11 प्वाइंट्स चढ़कर 77,494.79 और निफ्टी 147.15 प्वाइंट्स बढ़ककर 24,225.45 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: ये है वजह

अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में नरमी

अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने लॉन्ग टर्म बॉन्ड्स का बायबैक बढ़ाने का चौंकाने वाला फैसला किया तो लॉन्ग टर्म वाली ट्रेजरी बॉन्ड्स की यील्ड्स अचानक नीचे आ गई। इससे स्टॉक मार्केट में बहार छा गई। अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने सरकारी डेट बायबैक को कम से कम दोगुना करने का ऐलान किया है। इस ऐलान से 30-साल का ट्रेजरी बॉन्ड की फटाक से गिरकर 5.26% से 5.18% और 10-साल का ट्रेजरी यील्ड 4.68% से 4.63% पर आ गया। इसके नीचे आने से भारत जैसे एमर्जिंग मार्केट में निवेश और आकर्षक हो गया।

आईटी सेक्टर का मजबूत सपोर्ट

सेक्टरवाइज मार्केट को सभी सेक्टर का मजबूत सपोर्ट मिल रहा है और सबसे अधिक आईटी सेक्टर का। सिर्फ निफ्टी आईटी में ही फिलहाल 1% से अधिक बढ़त है मेटल, फार्मा, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक के निफ्टी इंडेक्सेज में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है।

एशियाई बाजारों में रौनक

भारतीय स्टॉक मार्केट को अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक से सपोर्ट मिला है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6% से अधिक, इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट, जापान का निक्केई 225 और हॉन्ग कॉन्ग का हैंग सैंग 1% से अधिक उछल पड़ा। थाईलैंड के सेट कंपोजिट में आधे फीसदी की बढ़त है। हालांकि सिंगापुर के स्ट्रेट टाइम्स और ताइवान के ताइवान वेटेड में करीब आधे-आधे फीसदी की गिरावट है।

निचले स्तर पर खरीदारी

एक कारोबारी दिन पहले स्टॉक मार्केट की भयंकर मारकाट में आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, डाबर इंडिया, आईआरएफसी, यूपीएल, आईआरबी इंफ्रा, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट जैसे दिग्गजों समेत 100 से अधिक स्टॉक्स एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए थे। इसका फायदा निवेशकों ने उठाया जिससे भाव मजबूत हुए।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

योगी सरकार ने तेज किया बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत-बचाव कार्य, एनडीआरएफ की टीमों को किया पूर्ण सक्रिय

योगी सरकार ने तेज किया बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत-बचाव कार्य, एनडीआरएफ की टीमों को किया पूर्ण सक्रिय

 

 

 

 

उत्तर प्रदेश में बाढ़ और जलभराव की स्थिति के बीच योगी सरकार ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता पर जारी रखा है। लखीमपुर खीरी और अयोध्या में बाढ़ से जुड़े राहत-बचाव कार्यों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं प्रयागराज में एनडीआरएफ की टीम डूबने की घटनाओं में सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। सरकार और बचाव दलों की सक्रियता से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है।

 

प्रदेश के विभिन्न जिलों में एनडीआरएफ की टीमें जरूरत के अनुसार घटनास्थलों पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। साथ ही लोगों को नदियों और जलाशयों के आसपास सावधानी बरतने तथा प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।

 

प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ की टीम ने डूबे व्यक्ति की तलाश के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। डीप डाइवर की मदद से टीम ने 18 अगस्त को दोपहर 2:10 बजे उसे बरामद किया गया। एनडीआरएफ ने लोगों से नदी, तालाब और अन्य जलाशयों में स्नान या किसी अन्य गतिविधि के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा है। तेज बहाव और गहरे पानी वाले स्थानों पर जाने से बचने व किसी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या बचाव एजेंसियों को सूचना देने की अपील की।

 

वाराणसी में चलाया जागरूकता अभियान

11वीं वाहिनी एनडीआरएफ ने वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर सिविल डिफेंस के सहयोग से सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें श्रद्धालुओं और आम लोगों को डूबने, बाढ़, भूकंप और आग जैसी आपदाओं से बचाव के उपाय बताए। लोगों को प्राथमिक उपचार, सीपीआर और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की जानकारी भी दी गई।

 

दामिनी और सचेत ऐप की दी जानकारी

जागरूकता कार्यक्रम में लोगों को दामिनी ऐप के बारे में बताया गया, जो बिजली गिरने की संभावित गतिविधि की चेतावनी देता है। इसके अलावा सचेत ऐप के माध्यम से मौसम और आपदा संबंधी चेतावनियां प्राप्त करने की जानकारी दी गई। लोगों से इन सेवाओं का इस्तेमाल कर सतर्क रहने की अपील की गई।

 

आपदा में सतर्कता और समन्वय पर जोर

एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस ने लोगों से आपदा के समय घबराने के बजाय सूझ-बूझ और सतर्कता से काम लेने की अपील की है। साथ ही अफवाहों से बचने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। सरकार के स्तर पर भी राहत और बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखने तथा प्रभावित लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

8th Pay Commission में सैलरी हाइक का ये फैक्टर आप गारंटीड नहीं जानते होंगे! वो ‘हिडन फॉर्मूला’ जो कर देगा मालामाल

8th Pay Commission Salary Hike: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के मन में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद उनकी सैलरी में कितना उछाल आएगा। आमतौर पर हर कोई इसे सिर्फ फिटमेंट फैक्टर और महंगाई भत्ते (DA) के आंकड़ों से जोड़कर देख रहा है, लेकिन असल में सैलरी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी का फैसला एक ‘स्पेशल फैक्टर’ के हाथ में है। अगर यह फॉर्मूला मंजूर हो गया, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में सीधे 283% तक की रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

यह मास्टर फैक्टर है- ‘फैमिली यूनिट’ की गणना में बड़ा बदलाव का। आइए समझते हैं कि यह नया फॉर्मूला आपकी इन-हैंड सैलरी को कैसे बदल देगा।

क्या है ‘फैमिली यूनिट’ और अब तक कैसे तय होती थी आपकी सैलरी?

वेतन आयोग कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन तय करने के लिए 1957 के 15वें इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस (ILC) के मानकों का पालन करता है। 7वें वेतन आयोग तक सरकार परिवार में केवल 3 यूनिट्स का खर्च जोड़कर न्यूनतम बेसिक पे तय करती थी:

  • कर्मचारी खुद: 1 यूनिट
  • पति या पत्नी: 1 यूनिट
  • 2 बच्चे (0.5 + 0.5): 1 यूनिट
  • कुल योग: 3 यूनिट्स

इसी 3 यूनिट्स के फॉर्मूले के आधार पर 7वें वेतन आयोग ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर दिया था, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 तय हुई थी।

8वें वेतन आयोग में 5 यूनिट्स का नया प्रस्ताव

कर्मचारी यूनियनों की मांग है कि अब परिवार की परिभाषा में आश्रित माता-पिता को भी शामिल किया जाए। नए प्रस्ताव में यूनिट्स का गणित कुछ इस प्रकार है:

  • कर्मचारी: 1 यूनिट
  • पति या पत्नी: 1 यूनिट
  • 2 बच्चे (0.8 + 0.8): 1.6 यूनिट
  • आश्रित माता-पिता (0.8 + 0.8): 1.6 यूनिट
  • कुल योग: 5.2 यूनिट्स (राउंड ऑफ करके 5 यूनिट्स)

3 बनाम 5 यूनिट: जानिए आपकी सैलरी में कितना आएगा अंतर?

मान लीजिए, आज की महंगाई में एक व्यक्ति का न्यूनतम मासिक लिविंग कॉस्ट यानी राशन, कपड़ा, बिजली, मकान किराया, बच्चों की पढ़ाई और इलाज का खर्च लगभग ₹13,800 बैठता है:

पुराने 3 यूनिट फॉर्मूले से: 3×₹13,800=₹41,400 (अनुमानित न्यूनतम बेसिक सैलरी)

प्रस्तावित 5 यूनिट फॉर्मूले से: 5×₹13,800=₹69,000 (प्रस्तावित न्यूनतम बेसिक सैलरी)

साफ है कि सिर्फ माता-पिता का खर्च जुड़ने (2 अतिरिक्त यूनिट्स) से ही कर्मचारियों की बेसिक पे सीधे ₹27,600 प्रति महीना अतिरिक्त बढ़ जाएगी!

फिटमेंट फैक्टर 3.83 होते ही ₹18,000 की बेसिक बनेगी ₹69,000

फिटमेंट फैक्टर वह मल्टीप्लायर होता है, जिससे आपकी पुरानी बेसिक सैलरी में गुणा करके नई बेसिक पे निकाली जाती है। 5 यूनिट्स का फॉर्मूला लागू होने पर फिटमेंट फैक्टर बढ़कर 3.83 हो जाएगा।

ऐसे समझें कैलकुलेशन (लेवल-1 कर्मचारी):

  • मौजूदा बेसिक सैलरी: ₹18,000
  • नया फॉर्मूला: मौजूदा बेसिक पे×फिटमेंट फैक्टर
  • नई बेसिक सैलरी: ₹18,000×3.83=₹68,940 (लगभग ₹69,000)

यानी 5 यूनिट्स का नियम पास होते ही बेसिक पे ₹18,000 से बढ़कर सीधे ₹69,000 हो जाएगी। इसके ऊपर से मिलने वाला DA, HRA और अन्य अलाउंस अलग से जुड़ेंगे।

कर्मचारी यूनियनों ने दिए ये 3 मजबूत कानूनी तर्क

नेशनल काउंसिल ऑफ जेसीएम (NC-JCM) ने 8वें वेतन आयोग के सामने 5 यूनिट्स लागू करने के लिए ठोस कानूनी आधार रखे हैं:

सीनियर सिटीजन एक्ट: ‘माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण अधिनियम’ के तहत बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करना कर्मचारी की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी है।

सोशल सिक्योरिटी कोड 2020: नए लेबर कोड्स में भी कर्मचारी के परिवार की परिभाषा में आश्रित माता-पिता को आधिकारिक तौर पर जगह दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले: शीर्ष अदालत (1991 और भूपेंद्र नाथ हजारिका केस) ने साफ कहा है कि सरकार को अपने कर्मचारियों को सिर्फ ‘जीवित रहने लायक’ नहीं, बल्कि ‘सम्मानजनक जीवन’ जीने लायक वेतन देना चाहिए।