रवि कुमार दिवाकर कौन हैं? यूपी के वो जज जिन्होंने 4 महीने में 22 लोगों को मौत की सजा सुनाई, उनसे 100 केस हटा लिए गए

Ravi Kumar Diwakar: उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में एक फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट जज के पास हत्या के लगभग 100 मामले पेंडिंग थे। इस जज ने पिछले चार महीनों में 22 लोगों को मौत की सज़ा सुनाई है। अब इन मामलों को दूसरी कोर्ट में ट्रांसफ़र कर दिया गया है।

सरकारी वकील ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि जिन मामलों में मौत की सज़ा या उम्रकैद हो सकती है, उन्हें एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज रवि कुमार दिवाकर की कोर्ट से डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज वीरेंद्र कुमार सिंह की कोर्ट में ट्रांसफ़र किया गया है।

डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने कहा कि यह ट्रांसफ़र वकीलों और मुक़दमा लड़ने वालों की उस आशंका के बाद किया गया है कि कोर्ट मौत की सज़ा सुना सकती है। उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में एक फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट जज के पास हत्या के लगभग 100 मामले पेंडिंग थे। इस जज ने पिछले चार महीनों में 22 लोगों को मौत की सज़ा सुनाई है। अब इन मामलों को दूसरी कोर्ट में ट्रांसफ़र कर दिया गया है।

सरकारी वकील ने समाचार एजेंसी PTI को बताया कि जिन मामलों में मौत की सज़ा या उम्रकैद हो सकती है, उन्हें एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज रवि कुमार दिवाकर की अदालत से हटाकर डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज वीरेंद्र कुमार सिंह की अदालत में भेज दिया गया। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने कहा कि यह ट्रांसफर वकीलों और मुक़दमे से जुड़े लोगों की उस आशंका के बाद किया गया कि अदालत मौत की सज़ा सुना सकती है।

कौन हैं जज रवि कुमार दिवाकर?

जज रवि कुमार दिवाकर, जो अभी मुज़फ़्फ़रनगर की फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज के तौर पर तैनात हैं, चार महीनों में 10 मामलों में 22 लोगों को मौत की सज़ा सुनाने के बाद फिर से चर्चा में आए हैं। वह नवंबर 2025 से मुज़फ़्फ़रनगर में तैनात हैं।

दिवाकर पहली बार 2022 में चर्चा में आए थे, जब वाराणसी में सिविल जज के तौर पर काम करते हुए उन्होंने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वीडियोग्राफ़िक सर्वे का आदेश दिया था। इस आदेश ने उन्हें देश के सबसे ज़्यादा चर्चित कानूनी और धार्मिक विवादों में से एक का हिस्सा बना दिया।

उन्होंने 2009 में एडिशनल सिविल जज के तौर पर अपना न्यायिक करियर शुरू किया और उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में काम किया, जिनमें आज़मगढ़, सुल्तानपुर, बदायूं, वाराणसी और बरेली शामिल हैं। मुज़फ़्फ़रनगर में उनके हालिया फ़ैसलों ने उन्हें फिर से चर्चा में ला दिया है। अप्रैल और अगस्त 2026 के बीच, उन्होंने हत्या, अपहरण और डकैती जैसे अपराधों से जुड़े 10 मामलों में मौत की सज़ा सुनाई। अदालत ने इनमें से कई मामलों को “दुर्लभतम से दुर्लभ” (rarest of rare) श्रेणी का माना।

लखनऊ के रहने वाले, 46 वर्षीय जज ने 2009 में आज़मगढ़ में एडिशनल सिविल जज के तौर पर शुरुआत की थी। इसके बाद मई 2015 में उन्हें सुल्तानपुर में सिविल जज और लगभग पांच महीने बाद ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पद पर पदोन्नत किया गया। जज दिवाकर, जिनके पास BCom और LLM की डिग्री है, नवंबर 2025 से मुज़फ़्फ़रनगर में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज के तौर पर काम कर रहे हैं।

10 मामलों में 22 मौत की सज़ाएं

2014 की हत्या के मामले में 4 लोगों को मौत की सज़ा- 13 अगस्त को, शामली में पुरानी रंजिश से जुड़ी गोलीबारी की घटना में पवन कुमार की हत्या के लिए चार लोगों — रामवीर, राजीव, राहुल और हरेंद्र कुमार — को मौत की सज़ा सुनाई गई।

1999 में फिरौती के लिए हत्या में मौत की सज़ा- 12 अगस्त को शाहनवाज़ को 1999 में लकड़ी व्यापारी सलीम को 5 लाख रुपये की फिरौती के लिए अगवा करने और उसकी हत्या करने के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई गई।

2011 में किसान की हत्या में 4 लोगों को मौत की सज़ा- 17 जुलाई को शामली में 2011 में लूट की कोशिश के दौरान किसान राज सिंह की हत्या करने के आरोप में चार लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई।

पूर्व ग्राम प्रधान को मौत की सज़ा- 6 जुलाई को पूर्व ग्राम प्रधान प्रमोद और उनके साथी सहदेव को 2010 में राजबीर सिंह की हत्या के लिए मौत की सज़ा सुनाई गई। कोर्ट ने इसे “दुर्लभतम मामलों में दुर्लभ” (rarest of rare) मामला करार दिया।

होम गार्ड की हत्या के लिए मौत की सज़ा- 2 जुलाई को दीपक को 2020 में ड्यूटी पर तैनात होम गार्ड रतिराम की चाकू मारकर हत्या करने के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई गई। कोर्ट ने इसे “दुर्लभतम मामलों में दुर्लभ” मामला माना।

दो लोगों को मौत की सज़ा- 20 जून को गजेंद्र और रामकिरण को राजेंद्र सैनी की हत्या के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई गई।

15 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में मौत की सज़ा- 30 मई को 50 वर्षीय रहीस को 2011 में एक महिला और उसके छह साल के बेटे की हत्या करने के आरोप में मौत की सज़ा सुनाई गई। कोर्ट ने इस मामले को “दुर्लभतम मामलों में दुर्लभ” माना।

महिला और उसके तीन बेटों को मौत की सज़ा- 28 अप्रैल को 2019 के एक हत्या के मामले में एक महिला और उसके तीन बेटों को मौत की सज़ा सुनाई गई।

वकील की हत्या में तीन लोगों को मौत की सज़ा- 6 अप्रैल को 45 लाख रुपये के पैसों के विवाद को लेकर 2019 में वकील मोहम्मद समीर को अगवा करने और उनकी हत्या करने के आरोप में तीन लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई।

UP Board Exam 2027: नए पैटर्न का होगा यूपी बोर्ड 12वीं के छात्र का प्रश्न पत्र, 80 नंबर की लिखित परीक्षा में हर यूनिट से आएंगे सवाल

UP Board Exam 2027: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में इंटरमीडिएट यानी 11वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा पैटर्न में बदलाव की घोषणा की है। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF)-2023 और राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र (PARAKH) की सिफारिशों के आधार पर नए सत्र से कक्षा 11 में लागू किया जाएगा। इसके तहत यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट कक्षा की लिखित परीक्षा 80 नंबरों की होगी, जबकि 20 नंबर आंतरिक मूल्यांकन के लिए होंगे।

वर्तमान में यूपी बोर्ड की 12वीं कक्षा में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान जैसे विषयों में 70-70 नंबर की लिखित और 30-30 नंबर की प्रायोगिक परीक्षा होती है। वहीं हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, अर्थशास्त्र जैसे गैर प्रायोगिक विषयों में 100-100 नंबर की लिखित परीक्षा होती है। लेकिन इन बदलावों के लागू होने के बाद अब गैर प्रायोगिक विषयों में भी 20-20 नंबर का आंतरिक मूल्यांकन और प्रायोगात्मक परीक्षा 30-30 अंकों की बजाय 20-20 नंबर की कराने का निर्णय लिया गया है। अगले शैक्षणिक सत्र से यह बदलाव कक्षा 11 से लागू करने की तैयारी है।

11वीं-12वीं के पेपर में होंगे 35% अनुप्रयोग आधारित प्रश्न

राज्य शिक्षा संस्थान के विशेषज्ञों ने कक्षा 11 व 12 के लिए इतिहास, भूगोल, इकोनॉमिक्स और सिविक्स के सैंपल पेपर तैयार किए हैं। इनमें परख के सुझावों के अनुसार सबसे ज्यादा 35% अंकों के सवाल एप्लिकेशन बेस्ड होंगे। पहले यूपी बोर्ड में ज्ञान (20%), बोध (30%), एप्लिकेशन बेस्ड (30%) और कौशल (20%) के चार बिन्दुओं आधार पर प्रश्नपत्र सेट किया जाता था और मूल्यांकन होता था। मगर अब नए प्रश्नपत्र के जरिए ज्ञान (17.5%), बोध (17.5%), अनुप्रयोग (35%), विश्लेषण (22%), मूल्यांकन (4%) और सृजन (4%) छह मानकों के आधार पर छात्रों को परखा जाएगा।

हर यूनिट आएगा पेपर में सवाल

यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट के प्रश्नपत्र नए सिरे से तैयार किए जा रहे हैं। इसमें हर यूनिट से प्रश्न पूछना अनिवार्य किया गया है और हर यूनिट का वेटेज भी निर्धारित किया गया है। छात्रों के लिए हर यूनिट को पढ़ना जरूरी होगा, क्योंकि बाहरी विकल्प के प्रश्न पेपर में नहीं रखे गए हैं। वर्णनात्मक प्रश्नों की संख्या कम की गयी है। प्रत्येक विस्तृत उत्तरीय प्रश्नों में आंतरिक विकल्प में रूप में प्रश्न दिए गए हैं जो उसी यूनिट, उसी उद्देश्य और उसी कठिनाई स्तर के होंगे। पेपर में दिए गए सवालों से छात्रों में मूल्यांकन करने की क्षमता, विश्लेषण एक सृजनात्मक शक्ति के विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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पाक बल्लेबाजों ने लोकतांत्रिक तरीके से दिए इन दो अंग्रेज पेसर्स को 5-5 विकेट

ENGvsPAK हेडिंगले में खेले जा रहे पहले टेस्ट में पाकिस्तानी बल्लेबाज 48.1 ओवर में 170 रनों पर सिमट गए। लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि सिर्फ दो गेंदबाजों ने ही पाकिस्तानी पारी को ऑलआउट कर दिया। ओली रोबिन्सन ने 18 ओवर में 51 रन देकर 5 विकेट लिए वहीं जॉश टंग ने 9.1 ओवर में 46 रन देकर 5 विकेट लिए। जोफ्रा आर्चर और गस एटिंकसन को कोई भी विकेट नहीं मिला।

दोनों ही गेंदबाजों ने इस लम्हे को याद करने के लिए गेंद को बीच में से काट लिया। खेल के पहले दिन का आकर्षण रॉबिंसन का श्रृंखला की पहली गेंद पर विकेट लेना रहा। उन्होंने तीन मैचों की श्रृंखला की पहली ही गेंद पर अराउंड द विकेट से स्विंग होती हुई गेंद से अज़ान अवैस को आउट कर दिया।

इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज की पहली गेंद पर किसी टीम द्वारा विकेट लेने का यह पहला मौका है। इंग्लैंड 1880 से टेस्ट मैचों की मेजबानी कर रहा है। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहले केवल 11 बार ही हुआ है। जिमी एंडरसन ऐसा करने वाले इंग्लैंड के पहले गेंदबाज थे। उन्होंने 2019-20 में दक्षिण अफ्रीका में खेली गई सीरीज में डीन एल्गर को आउट किया था।

इससे पहले बारिश के कारण सुबह का खेल प्रभावित होने के बाद करीब तीन घंटे के लंबे सत्र में पाकिस्तान चाय तक सात विकेट पर 150 रन बनाकर संकट में था। मैच में केवल 9.4 ओवर हुए थे कि बारिश के कारण दो घंटे का खेल रोकना पड़ा।

दो विकेट गिरने के बाद अब्दुल्ला शफीक और इमाम-उल-हक ने संभलकर बल्लेबाजी की। दोनों ने धीरे-धीरे लय हासिल की और रन गति बढ़ाई। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 91 रन जोड़े।

लेकिन इमाम जोश टंग की बाहर जाती गेंद पर शॉट खेलने के प्रयास में दूसरी स्लिप में कैच दे बैठे। वह 42 रन बनाकर आउट हुए और पवेलियन लौटते समय खुद से नाराज नजर आए।फिर 97 रन पर दो विकेट के बाद पाकिस्तान ने 53 रन के भीतर पांच विकेट गंवा दिए।

शफीक ने 82 गेंदों पर अपना 13वां अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इसके बाद सऊद शकील को रॉबिन्सन की गेंद पर अंपायर ने पगबाधा आउट दे दिया। शकील ने रिव्यू लेने में भी समय लिया और अंपायर क्रिस गैफनी ने उन्हें टाइम आउट करार दिया। हालांकि वीडियो रिप्ले में गेंद लेग स्टंप के ऊपरी हिस्से से बाहर जाती हुई दिखाई दी।

इसके तुरंत बाद शफीक भी 61 रन बनाकर रॉबिन्सन की गेंद पर बोल्ड हो गए। उस समय इंग्लैंड के विकेटकीपर जेमी स्मिथ बल्लेबाज के करीब खड़े होकर अतिरिक्त दबाव बना रहे थे।चाय से ठीक पहले अंत के पांच मिनट में जोश टंग ने कप्तान सलमान आगा और अली उस्मान को लगातार दो गेंदों पर आउट कर दिया। इसके तुरंत बाद चाय की घोषणा कर दी गई।चाय के बाद इंग्लैंड को पाकिस्तानी पारी समेटने में ज्यादा वक्त नहीं लगा।

महिला उत्पीड़न केस में थाने बुलाने पर युवक ने पिया टॉयलेट क्लीनर, दरोगा-सिपाही नपे

महिला उत्पीड़न केस में थाने बुलाने पर युवक ने टॉयलेट क्लीनर पी लिया। दिन के बजाय युवक रात में दोस्त के साथ नशे में पहुंचा था। फर्श पर पड़ा देख पुलिस कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। युवक का आईसीयू में इलाज चल रहा है।

नॉर्ड स्ट्रीम धमाकों का एक और संदिग्ध गिरफ्तार

नॉर्ड स्ट्रीम धमाकों का एक और संदिग्ध गिरफ्तार

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ओंकार सिंह जनौटी

क्रोएशिया की पुलिस ने एक यूक्रेनी गोताखोर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी यूरोपीय अरेस्ट वॉरंट के आधार पर की गई है। शक है कि इस गोताखोर ने अरबों यूरो की नॉर्ड स्ट्रीम, पाइपलाइनों को उड़ाने में हिस्सा लिया। ALSO READ: रूस के लिए जासूसी के मामले में यूक्रेनी नागरिक को जर्मनी में 15 महीने की सजा

 

क्रोएशिया के पुला शहर के पास जमीन, समंदर को तीन तरफ से घेरकर, एक झील जैसा लुक देती है। झील के तट पर सुंदर बीच है और पानी में कुछ जगहों पर कम गहराई में डूबी चट्टानें। झील वहां एकदम से गहरी नहीं होती, बल्कि गहराव एक हल्की ढाल के साथ बढ़ता है। और यही खासियत, पुला को स्कूबा डाइविंग के लिए विख्यात बनाती है।

 

शहर में स्कूबा डाइविंग, यानी ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ गोताखोरी सिखाने वाले कई स्कूल हैं। गोताखोरी सीखने वाले शुरुआती चरणों से 3 से 3 मीटर की गहराई तक जाते हैं। अनुभव, साहस और कौशल बढ़ने पर ये गहराई बढ़ती चली जाती है। गर्मियों में दुनिया भर के कई पेशेवर गोताखोर, नए लोगों को गोताखोरी सिखाने पुला आते हैं। क्रोएशिया की पुलिस ने यूक्रेन के एक निपुण तैराक को इसी शहर में गिरफ्तार किया है।

 

धमाके में यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारियां

ये जानकारी जर्मनी के संघीय अभियोजन विभाग ने दी है। निजता के अधिकार के कारण, संदिग्ध की पहचान छुपाते हुए जर्मन अधिकारियों ने उसका नाम व्लादिमीर जेड बताया है। जर्मन अभियोजन विभाग के मुताबिक, “व्लादिमीर जेड एक प्रशिक्षित स्कूबा गोताखोर है, जो बोर्नहोम द्वीप (डेनमार्क) के पास नॉर्ड स्ट्रीम 1 और नॉर्ड स्ट्रीम 2 गैस पाइपलाइनों में विस्फोटक लगाने वाले ग्रुप का एक हिस्सा था।”

 

26 सितंबर 2022 को बाल्टिक सागर की गहराई से गुजरने वाली इन पाइपलाइनों में कई धमाके हुए। इन पाइपलाइनों के जरिए रूसी गैस, जर्मनी तक आती थी। असल में फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमला करने के बाद, यूरोपीय देशों ने रूसी तेल और गैस पर अपनी निर्भरता घटाते हुए उसे खत्म करने की पहल शुरू कर दी। उसी दौरान नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइनों का बार बार जिक्र हो रहा था।

 

जर्मन अभियोजन अधिकारियों का कहना है कि, पाइपलाइनों को ध्वस्त करने की योजना, गैस पाइपलाइन को हमेशा के लिए बर्बाद करने के इरादे से बनाई गई। इसका मकसद था कि रूस किसी भी तरह से यूरोप तक गैस ना पहुंचा सके। लक्ष्य था कि, ऐसा होने पर मॉस्को को गैस के बदले मिलने वाली रकम में गिरावट आएगी और वह अपनी सैन्य गतिविधियों पर ज्यादा पैसा खर्च नहीं कर सकेगा। ALSO READ: तारिक रहमान के गले की फांस बनता शेख हसीना का मुद्दा

 

संदिग्धों पर कैसे आरोप लगा रहा है जर्मनी

जर्मन अधिकारी कहते हैं कि व्लादिमीर जेड “बहुत ही पुख्ता तौर पर धमाके करने, संविधान विरोधी बाधा डालने और इमारतों व ढांचों को नुकसान पहुंचाने का संदिग्ध है।” जर्मन अभियोजन विभाग के बयान में कहा गया है कि अब व्लादिमीर जेड को क्रोएशिया से जर्मनी लाने की तैयारी की जानी चाहिए।

 

जुलाई 2026 में भी जर्मन के संघीय अभियोजन विभाग ने नॉर्ड स्ट्रीम पाइप लाइनों से जुड़े धमाकों के मामले में एक पूर्व यूक्रेनी सैन्य अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दायर किया। सेरही के। के खिलाफ विस्फोट करने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सार्वजनिक सेवाओं में बाधा डालने और नागरिक ढांचे पर हमला करने जैसे युद्ध अपराध के आरोप लगाए गए हैं।

 

दरसल, जर्मन अधिकारियों को धमाकों के कुछ समय बाद ही शक हो गया कि विस्फोट, पेशेवर गोताखोरों और सैन्य कौशल रखने वाले लोगों ने किए गए हैं। पाइपलाइनों में धमाके 70 से 80 मीटर की गहराई में किए गए। इतनी गहराई पर पानी का दबाव काफी ज्यादा होता है। इतनी ज्यादा दबाव में वहां जाकर संवेदनशील जगहों पर विस्फोटक लगाने के लिए खास उपकरणों और गैस मिश्रणों की जरूरत पड़ती है। फॉरेंसिक जांच में यह भी पता चला कि धमाके के लिए बेहद ताकतवर व सैन्य ग्रेड विस्फोटक इस्तेमाल किए गए।

 

यूक्रेन की सरकार अब तक इन धमाकों में अपनी किसी भी तरह की भूमिका से इंकार करती आई है। ALSO READ: स्पेन के सेउता पहुंचना चाहते थे प्रवासी, मोरक्को ने रोका

 

क्या थीं नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइनें

रूस से जर्मनी तक सीधे गैस पहुंचाने वाले नॉर्ड स्ट्रीम सिस्टम में दो पाइपलाइन थीं। 1220 से 1230 किलोमीटर लंबी इन पाइपलाइनों का निर्माण रूस की सरकारी ऊर्जा कंपनी गाजप्रोम ने किया था। नॉर्ड स्ट्रीम 1 का निर्माण अप्रैल 2010 में शुरू हुआ और नवंबर 2011 में पाइपलाइन से गैस का फ्लो शुरू कर दिया गया।

 

नॉर्ड स्ट्रीम 2 भी सितंबर 2021 में बनकर तैयार हो गई, लेकिन इससे गैस सप्लाई कभी नहीं हुई। असल में अमेरिका और बाल्टिक देशों समेत जर्मनी के कई सहयोगी इस पाइपलाइन से खुश नहीं थे। भारी तनाव के बीच जर्मनी ने आपूर्ति प्रक्रिया को दी गई अनुमति रद्द कर दी। कुछ ही दिनों बाद फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया। यूक्रेन युद्ध के कारण रूसी गैस पर यूरोप की अति निर्भरता, एक बड़ा राजनीतिक, रणनैतिक और कूटनीतिक मुद्दा बन गई।

 

सितंबर 2022 में हुए धमाकों से पहले नॉर्ड स्ट्रीम 1 से यूरोप को 450 अरब घन मीटर रूसी गैस मिली थी। इस गैस का सबसे बड़ा उपभोक्ता जर्मनी था। जर्मनी पहुंचने के बाद यह गैस नीदरलैंड्स, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली, चेक गणराज्य, ऑस्ट्रिया और स्लोवाकिया को भी सप्लाई की जाती थी।

 

Axor launches updated MX Carbon helmet at Rs 20,000

Axor launches updated MX Carbon helmet at Rs 20,000
Axor launches updated MX Carbon helmet at Rs 20,000

Indian riding gear manufacturer Axor has launched an updated MX Carbon helmet. Built on an improved shell technology from the previous MX Carbon, according to Axor this is the world’s lightest, triple certified helmet with ECE 22.06, ISI and DOT certifications.

  1. Available in three shell sizes
  2. Uses a tri-composite shell

Updated Axor MX Carbon has a lighter shell

Pre-orders are open now

The updated MX Carbon’s shell is made of a tri-composite (3K carbon fibre, aramid fibre, and aerospace-grade fibreglass) to achieve a lighter weight than before. Available in three shell sizes, the MX Carbon weighs 1,040g (±50g depending on the sizes) and is available in four sizes (M, L, XL, and 2XL). Axor also sells another off-road helmet, the Retro Moto X, but it’s not meant to rival the MX Carbon. The only other off-road helmet in its price range is the KYT Skyhawk. However, it is heavier (1,200g), more expensive (Rs 27,000). 

It also only gets ECE 22.05 rating, but does have ISI certification. The next closest competitor is the LS2 MX700 Subverter Evo but that’s not available for purchase anywhere. The helmet is manufactured in India and is available for pre-order now at Rs 20,060 with deliveries starting soon, making the MX Carbon Axor’s most expensive helmet at the moment.

PAK सांसद बोले- UAE में पाकिस्तानियों से भेदभाव हुआ:फ्लाइट कैंसिल होने के बाद होटल में कमरा नहीं मिला; भारतीय-अमेरिकी यात्रियों को रहने दिया

पाकिस्तान के सांसद और नेशनल असेंबली के पूर्व स्पीकर असद कैसर UAE में पाकिस्तानी यात्रियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने मंगलवार को संसद में कहा कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद होटल में भारतीय और अमेरिकी नागरिकों को कमरा दिया गया, जबकि पाकिस्तानी यात्रियों को ठहरने की सुविधा नहीं मिली। कैसर ने दावा किया कि मैं खुद इस घटना के दौरान वहां मौजूद था। उनके मुताबिक फ्लाइट कैंसिल होने के बाद यात्रियों को होटल में ठहराने की व्यवस्था की जा रही थी। सांसद बोले- UAE सरकार के सामने मामला उठाए पाकिस्तान कैसर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के सांसद हैं। उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से मामले को UAE अधिकारियों के सामने उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और UAE के बीच करीबी रिश्ते हैं और ऐसी घटनाओं को दोनों देशों के संबंधों पर असर नहीं डालना चाहिए। उन्होंने UAE को पाकिस्तान का ‘इस्लामिक भाई देश’ बताते हुए कहा कि UAE के विकास में पाकिस्तानियों का भी योगदान रहा है। कैसर ने यह भी दावा किया कि एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मिलकर UAE में इस तरह के व्यवहार की शिकायत की थी। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में होटल का नाम, यात्रियों की संख्या या कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया। PAK संसद में कैसर का पूरा बयान… UAE में फ्लाइट कैंसिल होने पर क्या हैं नियम UAE के जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (GCAA) के पैसेंजर वेलफेयर प्रोग्राम के तहत फ्लाइट कैंसिल होने या लंबे समय तक देरी होने पर एयरलाइन को यात्रियों की जरूरत के मुताबिक सहायता देनी होती है। अगर यात्रियों को 8 घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़े तो नियमों के तहत होटल, खाना-पीना, कम्युनिकेशन और एयरपोर्ट से होटल तक आने-जाने की फैसिलिटी देने का प्रावधान है। कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने और अगली संभावित फ्लाइट 8 घंटे से ज्यादा होने पर भी होटल की व्यवस्था की जा सकती है। पासपोर्ट के आधार पर अलग सुविधा का नियम नहीं GCAA के नियमों में होटल और दूसरी यात्री सुविधाओं को फ्लाइट की देरी, कैंसिलेशन और कनेक्शन की स्थिति से जोड़ा गया है। भारतीय, अमेरिकी या पाकिस्तानी पासपोर्ट के आधार पर अलग-अलग होटल सुविधा देने का कोई सामान्य नियम नहीं है। इसलिए अगर मौजूदा मामले में पासपोर्ट के आधार पर यात्रियों को अलग सुविधा दी गई तो यह सामान्य यात्री-सहायता नियमों से अलग मामला होगा। हालांकि, अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती कि होटल ने वास्तव में पासपोर्ट के आधार पर ही यात्रियों को कमरे दिए थे। खबर अपडेट हो रही है…

USCIRF ने RSS पर प्रतिबंध की मांग की, मोहन भागवत के अमेरिकी दौरे से पहले बढ़ा विवाद

USCIRF ने RSS पर प्रतिबंध की मांग की, मोहन भागवत के अमेरिकी दौरे से पहले बढ़ा विवाद

Mohan Bhagwat

अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने राष्‍ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए अमेरिकी सरकार से RSS नेताओं को राजनयिक सम्मान नहीं देने और उनके साथ उच्चस्तरीय बैठकें नहीं करने की अपील की है। महमूद का यह बयान RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे से कुछ दिन पहले आया है।

 

आयोग के चेयरमैन आसिफ महमूद ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी RSS के सदस्य हैं और इसके सहयोगी संगठनों ने धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले किए हैं। अब RSS नेता मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा की योजना है।

USCIRF कमिश्नर जीन मिल्स ने कहा कि अमेरिकी सरकार को धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार RSS सदस्यों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करना चाहिए।

 

क्या है मोहन भागवत का कार्यक्रम?

भागवत 25 अगस्त से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के दौरे पर जाएंगे। वे 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (AHEAD) के ‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशंस’ कार्यक्रम में शामिल होंगे।

 

100 से ज्यादा संगठनों ने किया भागवत के कनाडा दौरे का समर्थन

कनाडा के 100 से ज्यादा संगठनों ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित दौरे का समर्थन किया है। उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और मंत्रियों को पत्र लिखकर भागवत को रोकने की मांगों को खारिज करने की अपील की। इन संगठनों ने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले पुख्ता और स्वतंत्र सबूत होने चाहिए और कानून के मुताबिक पूरी प्रक्रिया अपनानी चाहिए।

 

क्षेत्रीय प्रभारी के स्वागत के दौरान आपस में भिड़े भाजपाई, तमाचे के साथ चले जूते चप्पल

यूपी के कानपुर में भाजपा नेता एक समारोह के दौरान आपस में ही भिड़ गए। पहले थप्पड़ और तमाचे चले फिर जूता और चप्पल भी चल गया। पार्टी ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए कमेटी बना दी है।

Upper Circuit Stocks: Tata Motors PV से मिला नया बिजनेस, रॉकेट की स्पीड से अपर सर्किट पर पहुंचा यह शेयर

Upper Circuit Stocks: ऑटो कंपोनेंट्स और इक्विपमेंट्स बनाने वाली कंपनी ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज के शेयर मार्केट की रौनक में आज उछलकर अपर सर्किट पर पहुंच गए। इसके शेयरों को टाटा ग्रुप से सपोर्ट मिला है। टाटा ग्रुप की टाटा मोटर्स पैसेंजर वेईकल्स से इसे सप्लाई ऑर्डर के रूप में नया बिजनेस मिला तो इसके शेयरों की चमक बढ़ गई। जोश में उछलकर यह 5% के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि मार्केट में खरीदार रहे लेकिन कोई बेचने वाला नहीं। फिलहाल बीएसई पर यह ₹88.84 (Autoline Industries Share Price) के अपर सर्किट पर बना हुआ है। वहीं घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) में आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है। सेंसेक्स चार कारोबारी दिन तो निफ्टी सात कारोबारी दिनों की गिरावट के बाद आज मजबूत हुआ।

Tata Motors PV से कैसा ऑर्डर मिला है Autoline को

ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज ने एक कारोबारी दिन पहले इक्विटी मार्केट का कारोबार बंद होने के बाद शाम में एक्सचेंज फाइलिंग में टाटा मोटर्स पैसेंजर वेईकल्स से मिले ऑर्डर की जानकारी दी। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक टाटा मोटर्स पीवी ने हैचबैक गाड़ियों के लिए चार जरूरी पार्ट्स की सप्लाई का इसे नया बिजनेस दिया है। इस बिजनेस से कंपनी को सालाना लगभग ₹80 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है, जबकि इससे जुड़े टूलिंग से लगभग ₹30 करोड़ का एक बार का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

कंपनी की बात करें तो पुणे की ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज का मुख्य काम शीट मेटल कंपोनेंट्स, एसेंबलीज और सब-एसेंबलीज बनाना है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में फुट कंट्रोल मॉड्यूल्स पार्किंग ब्रेक्स, हिंग्स, एग्जास्ट सिस्टम्स, ट्यूब्यूलर स्ट्रक्चर्स और कई प्रकार शीट-मेटल स्टैंपिंग्स और वेल्डेड एसेंबलीज हैं। यह पैसेंजर और कमर्शियल गाड़ियों के लिए 3 हजार से अधिक अलग-अलग प्रोडक्ट्स बनाती है। इसका कारोबार दुनिया भर में फैला हुआ और इसके पास 9 से अधिक मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज के शेयरों निवेशकों का पैसा रॉकेट की स्पीड से बढ़ाया है और महज कुछ महीने में निवेश दोगुना से अधिक हो गया। 30 मार्च 2026 को बीएसई पर यह महज ₹48.41 के भाव में मिल रहा था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से यह रॉकेट की स्पीड से रिकवर होकर 5 महीने में 114.52% मजबूत हुआ और 13 अगस्त 2026 को ₹103.85 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।