CAS में गड़बड़ी पर SEBI का तगड़ा एक्शन, जेपी मॉर्गन की इकाई मानसी शेयर पर लगी रोक, जानिए कैसे हुआ ये पूरा खेल

मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने दो एंटिटीज़ को सिक्योरिटीज़ मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया। इसके साथ ही इनके द्वारा गलत तरीके से कमाए गए 3.68 करोड़ रुपये जब्त करने के भी आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई एक अंतरिम जांच के बाद की गई है जिसमें 13 अगस्त, 2026 को इंडेक्स की एक्सपायरी के दिन क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के दौरान सेंसेक्स में हेरफेर के शुरुआती सबूत मिले थे।

सेबी ने 19 अगस्त को JP मॉर्गन की कंपनी कॉप्थॉल मॉरीशस इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (Copthall Mauritius Investment Limited) से 2.96 करोड़ रुपये और मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड (Mansi Share and Stock Broking Private Limited) से 71.65 लाख रुपये ज़ब्त करने का आदेश दिया है।

SEBI के सर्विलांस सिस्टम ने 13 अगस्त को दोपहर 3:20 से 3:30 बजे के बीच CAS विंडो में सेंसेक्स की इंडिकेटिव इक्विलिब्रियम प्राइस (IEP) में तीन बड़े उतार-चढ़ाव देखे। इनमें 362.02 प्वाइंट, 132.67 प्वाइंट और 405.08 प्वाइंट के उतार-चढ़ाव शामिल थे,जो 2 सेकंड से लेकर 28 सेकंड के अंदर हुए थे। इस दिन आखिर में सेंसेक्स 78,080 पर बंद हुआ,जो निफ्टी में हुई वैसी ही हलचल के आधार पर SEBI के हिसाब से तय लेवल से लगभग 240 प्वाइंट ज़्यादा था। इससे सेबी को गड़बड़ी की आशंका हुई।

कॉप्थॉल ने कैसे किया खेल?

सेबी की जांच से पता चला कि कॉप्थॉल ने आक्रामक खरीदारी से सेंसेक्स को ऊपर चढ़ाया। सेंसेक्स के सभी शेयरों में एग्रेसिव तरीके से 126 करोड़ रुपए के BUY ऑर्डर लगाए। ये ऑर्डर रेफरेंस प्राइस से करीब 3% ऊपर लगाए गए थे। CAS के दौरान कुल Buy ऑर्डर वैल्यू में इनकी 99.91% हिस्सेदारी थी। बाद में खरीदारी के सभी ऑर्डर कैंसिल कर दिए गए। इस तरह कॉप्थॉल ने ऑप्शंस के जरिये की 2.96 करोड़ रुपए कमाए।

कॉप्थॉल की ऑप्शंस पोजिशन

कॉप्थॉल की ऑप्शंस पोजिशन पर नजर डाले तो इसने जांच वाले दिन के 1 दिन पहले 26560 सेंसेक्स 77500 के कॉल खरीदे और 26560 सेंसेक्स 77500 पुट बेचे। वहीं, उसी दिन इंट्राडे में इसने 84200 सेंसेक्स 78000 के कॉल खरीदे और 84200 सेंसेक्स 78000 पुट बेचे। इसी तरह इसने इसने जांच वाले दिन के 1 दिन पहले 12640 सेंसेक्स 78500 के कॉल खरीदे और 12640 सेंसेक्स 78500 के पुट बेचे।

SEBI ने कहा कि कीमत में बदलाव होने के बाद कॉप्थॉल ने इन ऑर्डर्स का एक बड़ा हिस्सा रद्द कर दिया। उनकी डेरिवेटिव्स पोजीशन में सेंसेक्स ऑप्शंस में लॉन्ग कॉल और शॉर्ट पुट पोजीशन शामिल थीं,जिन्हें इंडेक्स के ऊंचे स्तर पर बंद होने से फायदा होता।

मानसी शेयर ने कैसे किया खेल?

इसने सेंसेक्स के 8 शेयरों में ऑर्डर लगाए। कुल 12.65 लाख शेयरों के Sell ऑर्डर लगाए गए। 7.05 लाख शेयर 2.5% नीचे के भाव पर लगाए गए। ये ऑर्डर रेफरेंस प्राइस से 2.5% नीचे थे। इसके बाद मानसी ने पूरे Sell ऑर्डर कैंसिल कर दिए। इस तरह मानसी ने पुट ऑप्शंस खरीदकर 71.64 लाख रुपए कमाए।

मानसी शेयर की ऑप्शंस पोजिशन

मानसी ने इंट्राडे में 5000 सेंसेक्स 77800 के कॉल खरीदे। इसके साथ ही इसने इंट्राडे में ही 42020 सेंसेक्स 77800 के पुट खरीदे। दूसरी किस्त में इसने इंट्राडे में 83320 सेंसेक्स 77900 पुट खरीदे। फिर इसने तीसरी किस्त में इंट्राडे में ही 44000 सेंसेक्स 78000 पुट खरीदे।

सेबी ने अपनी जांच में पाया कि मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग ने रेफरेंस प्राइस से काफी कम कीमत पर बड़े सेल ऑर्डर दिए थे। SEBI के अनुसार,इन ऑर्डरों ने लगभग पांच मिनट तक इंडेक्स पर दबाव बनाए रखा और फिर लगभग सभी ऑर्डर कैंसिल कर दिए गए। मानसी की डेरिवेटिव्स पोजीशन में पुट ऑप्शन शामिल थे,जिनसे सेंसेक्स के निचले स्तर पर बंद होने से फायदा होता।

SEBI ने कहा है कि Copthall ने इस गलत तरीके से ₹2.96 करोड़ और Mansi ने ₹71.64 लाख की कमाई की। हालांकि,आदेश में यह नहीं कहा गया है कि इन दोनों एंटिटीज ने मिलीभगत के साथ काम किया। SEBI का शुरुआती आकलन यह है कि इन एंटिटीज ने स्वतंत्र रूप से इंडेक्स को अपनी-अपनी डेरिवेटिव्स पोजीशन का फ़ायदा उठाने के लिए प्रभावित किया।

SEBI ने आगे की जांच होने तक दोनों संस्थाओं को सिक्योरिटीज़ मार्केट में ट्रेड करने और CAS में सीधे या परोक्ष रूप से भाग लेने से रोक दिया है। मानसी के मामले में ये पाबंदियां उसके प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग अकाउंट पर लागू होंगी।

सेबी ने इनके बैंक और डीमैट अकाउंट से पैसे निकालने पर भी रोक लगा दी है,SEBI की मंज़ूरी के बिना एसेट्स को बेचने या ट्रांसफर करने पर भी पाबंदी लगा दी गई है और उन्हें 15 दिनों के अंदर अपने एसेट्स,बैंक अकाउंट,डीमैट अकाउंट,सिक्योरिटीज़ और इन्वेस्टमेंट की पूरी लिस्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। SEBI ने कहा कि इस मामले की विस्तृत जांच जारी रहेगी।

 

 

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कॉमेडियन के टिकट बेचने वाले फेडोरोव अब जेलेंस्की के खिलाफ:यूक्रेन में राष्ट्रपति चुनाव की मांग तेज, पढ़िए दूसरे सबसे लोकप्रिय नेता के 4 किस्से

यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव (35) ने युद्ध के बीच चुनाव कराने की मांग कर राष्ट्रपति जेलेंस्की को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने कहा, ‘रूस को यह तय करने का अधिकार नहीं कि यूक्रेन के लोग अपनी सरकार कब चुनेंगे। लोकतंत्र को बंधक नहीं बनाया जा सकता।’ 2022 से मार्शल लॉ के कारण यूक्रेन में चुनाव नहीं हुए हैं। कभी जेलेंस्की के करीबी रहे फेडोरोव अब उनके खिलाफ खड़े हैं। इसी बीच जेलेंस्की के दफ्तर से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार की जांच शुरू हुई है। पढ़िए यूक्रेन के दूसरे बड़े चर्चित नेता फेडोरोव के किस्से… फेसबुक से युवाओं को जोड़ा फेडोरोव 2012 में छात्र राजनीति के दौरान जपोरिज्जिया के स्टूडेंट मेयर चुने गए। युवाओं को जोड़ने के लिए उन्होंने एक्टिव-जेड संगठन बनाया, लेकिन फंड की कमी बड़ी चुनौती थी। उन्होंने फेसबुक पर विज्ञापनों के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाई और धीरे-धीरे हजारों छात्र उनके अभियानों से जुड़ने लगे। तब यह तरीका छात्र राजनीति तक सीमित था, लेकिन यही डिजिटल सोच आगे चलकर उनकी पहचान बन गई। जेलेंस्की ने अपनी टीम में शामिल किया 22 की उम्र में ही फेडोरोव ने डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी शुरू की। उस दौरान जेलेंस्की कॉमेडियन थे। तब फेडोरोव की टीम को जेलेंस्की के शो के प्रचार का काम मिला। फेडोरोव ने सोशल मीडिया पर विज्ञापन चलवाकर शो के खूब टिकट बिकवाए और वहां पहली बार भीड़ उमड़ी। इससे जेलेंस्की प्रभावित हुए। कुछ साल बाद उन्होंने फेडोरोव को अपनी टीम में शामिल कर लिया। 2019 में फेडोरोव ने उनके ऑनलाइन चुनाव प्रचार की कमान संभाली और जीत में अहम भूमिका निभाई। बाद में उन्हें डिप्टी पीएम बनाया। अफसर के कहे असंभव काम को संभव बना दिया 2019 में डिप्टी पीएम व आईटी मंत्री रहते फेडोरोव ने सरकारी कामों को कागजों से निकालकर स्मार्टफोन तक लाने की योजना बनाई। डिजिटल पासपोर्ट का प्रस्ताव सुनकर स्टेट माइग्रेशन सर्विस का प्रमुख नाराज हो गया। उसने कहा, यह पूरी तरह असंभव है। फेडोरोव नहीं रुके। उन्होंने डिजिटल सिस्टम तैयार कराया और ई-पासपोर्ट लॉन्च किया। बाद में सरकारी सेवाओं को ई-प्लेटफॉर्म पर लाए। टकराव के बाद कुर्सी गई डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मंत्री रहते फेडोरोव ने यूक्रेनी आर्मी की कायापलट कर दी। सेना में ड्रोन, एआई और डेटा के इस्तेमाल पर जोर दिया। हालांकि उनका काम करने का तरीका पुराने सैन्य ढांचे से अलग था। सेना के कमांडर ओलेक्सांद्र सिरस्की से मतभेद हुआ। 6 महीने बाद इसी जुलाई में फेडोरोव को रक्षा मंत्री पद से हटा दिया गया। तभी से जेलेंस्की-फेडोरोव में मतभेद हैं। जेलेंस्की से आगे, रेटिंग में यूक्रेन के दूसरे चर्चित नेता कीव इंस्टीट्यूट ऑफ सोशियोलॉजी की सर्वे में 63% यूक्रेनियनों ने फेडोरोव पर भरोसा जताया। वे दूसरे बड़े लोकप्रिय नेता हैं। 66% पसंद के साथ पूर्व सेना प्रमुख वालेरी जालुज्नी पहले पायदान पर हैं। किरिलो बुदानोव को 61% और राष्ट्रपति जेलेंस्की पर 56% लोगों का भरोसा मिला। जनवरी की तुलना में फेडोरोव की स्वीकार्यता 38% से बढ़कर 63% हुई।

Maruti Suzuki Share Price: प्राइस हाइक के बाद शेयर 1% तक उछला; नोमुरा बोली- मार्जिन बचाने के लिए और बढ़ानी पड़ सकती हैं कीमतें

मारुति सुजुकी इंडिया ने अपनी सभी गाड़ियों की कीमतों में औसतन लगभग 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। यह 18 अगस्त 2026 से लागू हो गई है। नोमुरा का मानना है कि अगर कंपनी को अपने मार्जिन को बचाना है तो आगे कीमतें और बढ़ाने की जरूरत होगी। अगस्त की प्राइस हाइक के तहत मारुति सुज़ुकी की कारें अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से 2,500 से 30,000 रुपये तक महंगी हो रही हैं। इनपुट कॉस्ट में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण कंपनी ऐसा कर रही है।

इससे पहले मारुति सुजुकी ने जून 2026 में भी कारों की कीमत बढ़ाई थी। उस वक्त भी कीमतें 30000 रुपये तक बढ़ाने की बात कही गई थी। नई बढ़ोतरी के बाद मौजूदा वित्त वर्ष 2026—27 में अब तक मारुति सुजुकी की ओर से कीमतों में की गई कुल बढ़ोतरी लगभग 0.9 प्रतिशत हो गई है।

नोमुरा का मानना है कि ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को अभी भी ज्यादा लागत का सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह है कि रबर, कॉपर, एनर्जी और वेंडर लेबर की लागत में बढ़ोतरी का असर कुछ समय बाद दिखाई देता है।

लगभग 150-200 बेसिस पॉइंट्स की और बढ़ोतरी जरूरी

नोमुरा के मुताबिक, मारुति सुजुकी को FY27/28/29F के लिए 10.5 प्रतिशत/11.8 प्रतिशत/11.9 प्रतिशत के EBITDA मार्जिन के बाजार अनुमानों को पूरा करने के लिए कीमतों में लगभग 150-200 बेसिस पॉइंट्स की और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। नोमुरा का कहना है कि कंपनी की रणनीति समय-समय पर सोच-समझकर कीमतें बढ़ाने की लगती है, ताकि मांग पर कम से कम असर पड़े। डीलरों का कहना है कि मांग मजबूत बनी हुई है। लेकिन ब्रोकरेज का कहना है कि वह छोटी कारों के सेगमेंट पर कीमत में बढ़ोतरी और महंगाई के असर पर नजर रखेगी, क्योंकि इस सेगमेंट में ग्राहक कीमतों को लेकर ज्यादा संवेदनशील होते हैं।

HDB Financial Services Share Price: मॉर्गन स्टेनली का बढ़ा भरोसा, रेटिंग और टारगेट प्राइस बढ़ाया; शेयर 4% तक उछला

नोमुरा ने मारुति सुजुकी के लिए 14,071 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। मध्यम अवधि में, EV यानि इलेक्ट्रिक व्हीकल अपनाने की बढ़ती रफ्तार मारुति सुजुकी के लिए मार्केट-शेयर के लिहाज से एक बड़ा जोखिम बनी हुई है। इंडस्ट्री में पैसेंजर व्हीकल EV की पैठ लगभग 7 प्रतिशत तक बढ़ गई है। अगर EV की पैठ तेजी से बढ़ती है, तो कंपनी के मार्केट-शेयर पर असर पड़ सकता है। इसकी वजह है कि EV मार्केट में मारुति सुजुकी की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से काफी कम रहने की संभावना है।

Maruti Suzuki के शेयर में तेजी

मारुति सुजुकी इंडिया के शेयर में 20 अगस्त को दिन में लगभग 1 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। BSE पर शेयर 13809.40 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 4.34 लाख करोड़ रुपये हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। शेयर साल 2026 में अब तक 17 प्रतिशत नीचे आया है।

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श्रीलंका के प्रदर्शन से खुश नहीं कोच, दूसरे टेस्ट से पहले दिया यह बयान

श्रीलंका क्रिकेट टीम के नए कोच गैरी कर्स्टन ने पहले टेस्ट की हार के बाद टीम को समझाइश दी है और दूसरे टेस्ट से पहले बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लगाई है। कोच ने कहा है कि टीम के साथ चोटिल खिलाड़ियों के अलावा कई समस्याएं है लेकिन उनको दरकिनार कर दूसरे टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करने पर टीम का ध्यान होना चाहिए खासतौर पर बल्लेबाजी में।

कर्स्टन ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘मैं श्रीलंकाई क्रिकेट से जुड़कर विशेष रूप से उत्साहित हूं। यहां कुछ शानदार खिलाड़ी हैं, लेकिन टीम को अभी विकसित होने की जरूरत है। जब आप ज्यादा टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते हैं तो यह समझना कभी-कभी मुश्किल होता है कि टेस्ट मैच किस तरह खेलना है।’’उन्होंने कहा, ‘‘कुछ महीनों में यह हमारा तीसरा टेस्ट मैच है और मैं पहले से ही टीम को विकसित होते देख रहा हूं तथा हम टीम को एक स्वरूप देने की शुरुआत कर रहे हैं।’’

कोच ने कहा, ‘‘लेकिन किसी समय हमें इसे प्रदर्शन में बदलने में सक्षम होना होगा।’’कर्स्टन इस बात से भी खुश थे कि पहली पारी में 99 रन पर पांच विकेट गंवाने के बावजूद श्रीलंका ने संघर्ष किया और मैच को पांचवें और अंतिम दिन तक खींचा।उन्होंने कहा, ‘‘तीसरे दिन की शुरुआत में 99 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद टेस्ट मैच को पांचवें दिन दोपहर तक ले जाना विशेष रूप से सुखद था। टीम ने संघर्ष किया और टेस्ट मैच में बने रहने की पूरी कोशिश की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ सुबह तक भी हमें विश्वास था कि हम या तो टेस्ट मैच जीत सकते हैं या कम से कम उसे ड्रॉ करा सकते हैं। इसलिए टीम की ऊर्जा और रवैये से मैं वास्तव में खुश था।’’

हालांकि कर्स्टन ने माना कि बल्लेबाजी, विशेषकर शीर्ष क्रम की विफलता ने श्रीलंका को नुकसान पहुंचाया।उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अगर आप पूरे टेस्ट मैच को देखें तो हमने बल्ले से संघर्ष किया, खासकर दोनों पारियों में हमारे शीर्ष क्रम ने। शायद यही हमारी हार का कारण बना।’’

कर्स्टन ने युवा बल्लेबाज सोनल दिनुषा की भी तारीफ की गॉल टेस्ट में 100 और 84 रन की पारियां खेलीं।हालांकि चोटिल खिलाड़ियों को लेकर कर्स्टन का अपडेट मेजबान टीम के लिए दूसरे टेस्ट से पहले उत्साहजनक नहीं रहा।

उन्होंने कहा, ‘‘कुसाल मेंडिस को पैर की मांसपेशियों में खिंचाव की गंभीर चोट है। वह कुछ समय तक उपलब्ध नहीं रहेंगे। पाथुम निसांका भी और दिनेश (चांदीमल) भी अगले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस लिहाज से हम कुछ खिलाड़ियों को नहीं खिला पाएंगे, लेकिन इससे युवा खिलाड़ियों के लिए टीम में आने और अपनी दावेदारी पेश करने का शानदार मौका भी बनता है। वास्तव में इनमें ऐसे खिलाड़ी हैं जिनका इस देश में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बहुत अच्छा रिकॉर्ड है। इसलिए यह उनके लिए अच्छा अवसर है।’’

भारत के पूर्व मुख्य कोच कर्स्टन ने भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल की भी तारीफ की और कहा कि उनकी पारी ने भारत को बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि भारत ने पहली पारी में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। देवदत्त पडिक्कल ने मेरी देखी हुई बेहतर टेस्ट पारियों में से एक खेली। उन्होंने जरूरत से ज्यादा आक्रामकता नहीं दिखाई, बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार बल्लेबाजी की और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहे। यह किसी भी टेस्ट बल्लेबाज के लिए एक अच्छी सीख थी।’’

स्वाइन फ्लू की महिला मरीज की मौत, उज्जैन से इलाज के लिए आई थी इंदौर, स्‍वास्‍थ्‍य विभाग हुआ अलर्ट

स्वाइन फ्लू की महिला मरीज की मौत, उज्जैन से इलाज के लिए आई थी इंदौर, स्‍वास्‍थ्‍य विभाग हुआ अलर्ट

इंदौर के निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती एक महिला की स्वाइन फ्लू से मौत की खबर सामने आई है। महिला उज्जैन के ऋषि नगर में रहती थी और इलाज के लिए उसे उज्जैन से इंदौर लाया गया था। अस्पताल से लामा करवाकर परिजन उसे उज्जैन ले गए थे, जहां बुधवार को घर पर उसकी मौत हो गई।

महिला की मेडिकल जांच में एच1एन1 संक्रमण पाया गया था। उसे सांस लेने में तकलीफ के साथ सर्दी-खांसी की शिकायत थी। पहले उसे उज्जैन के अवंती सुपर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह छह दिन तक अस्पताल में भर्ती रही, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उसे इंदौर के कोकिलाबेन अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने करीब दो सप्ताह तक उसका इलाज किया। इसके बावजूद तबीयत में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने लामा करवाकर उसे उज्जैन ले जाने का फैसला किया। घर पहुंचने के बाद उसकी मौत हो गई।

एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि : डॉक्टरों को स्वाइन फ्लू के संक्रमण की आशंका थी। इसके चलते नाक और गले से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। जांच में एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई। हालांकि, महिला की मौत स्वाइन फ्लू के कारण ही हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने अभी नहीं की है।

इलाज के दौरान डॉक्टरों ने महिला की ट्रेवल हिस्ट्री भी पता की थी। परिजनों के अनुसार, महिला बाहर ज्यादा नहीं जाती थी और अधिकांश समय घर पर ही रहती थी। कभी-कभार वह पार्क जाती थी। 25 जुलाई के बाद उसे सर्दी-खांसी और जुकाम की शिकायत हुई थी, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।

Tempsens Instruments IPO: खुलते ही छा गया यह IPO! 1 घंटे में फुल, लिस्टिंग पर बंपर मुनाफे का बड़ा इशारा

Tempsens Instruments IPO: राजस्थान बेस्ड टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स इंडिया के 650 करोड़ रुपये के आईपीओ को निवेशकों की तरफ से पहले ही दिन जबरदस्त रिस्पांस मिला है। 20 अगस्त को बोली खुलने के पहले ही घंटे में यह इश्यू 1.20 गुना सब्सक्राइब हो गया। ग्रे मार्केट में भी इसके अनलिस्टेड शेयरों की भारी डिमांड देखने को मिल रही है।

Tempsens Instruments IPO: सब्सक्रिप्शन स्टेटस

एनएससी (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, आईपीओ में ऑफर पर रखे गए 1,51,81,667 शेयरों के मुकाबले 1,89,88,300 शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं:

गैर-संस्थागत निवेशक (NII): 2.31 गुना सब्सक्रिप्शन

रिटेल निवेशक (RII): 1.50 गुना सब्सक्रिप्शन

₹650 करोड़ रुपये के इस कुल आईपीओ में ₹95 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹555 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। निवेशक इस आईपीओ में 24 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के लिए ICICI Securities और JM Financial बुक-रनिंग लीड मैनेजर के रूप में काम कर रहे हैं।

एंकर इन्वेस्टर्स से जुटाए ₹194.5 करोड़

आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले 19 अगस्त को कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹194.5 करोड़ जुटाए। अरंडा इन्वेस्टमेंट्स और गोल्डमैन सैक्स जैसे दिग्गज इंटरनेशनल फंड्स के साथ एचडीएफसी, निप्पॉन लाइफ, कोटक महिंद्रा और टाटा जैसे 8 डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स को भी शेयर अलॉट किए गए।

जुटाये गए पैसों का कहां होगा इस्तेमाल?

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹95 करोड़ में से ₹18.1 करोड़ का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक हीटिंग और केबल सॉल्यूशंस बिजनेस के कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए। ₹55 करोड़ कंपनी का कर्ज चुकाने के लिए और बाकी रकम जनरल कॉर्पोरेट जरूरतों में इस्तेमाल होगी।

कंपनी की कमाई और बिजनेस प्रोफाइल

राजस्थान बेस्ड टेम्पसेंस इंस्ट्रूमेंट्स टेम्परेचर सेंसर्स बनाने वाली देश की प्रमुख कंपनी है। दुनिया भर में इसके 15 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं और भारत के टेम्परेचर सेंसर सेगमेंट में इसका 10.5% व नॉन-कॉन्टैक्ट टेम्परेचर सेंसर मार्केट में 21.3% मार्केट शेयर है।

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो FY26 में इसका कुल रेवेन्यू 17.5% बढ़कर ₹444.9 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹378.5 करोड़ था। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 11.2% की बढ़त के साथ ₹60.6 करोड़ से बढ़कर ₹67.3 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी को अपनी कुल कमाई का 71.5% हिस्सा घरेलू बाजार से और बाकी 28.5% हिस्सा एक्सपोर्ट्स से मिलता है।

GMP से तगड़ा लिस्टिंग गेन का इशारा

इन्वेस्टरगेन के अनुसार, Tempsens Instruments का शेयर ग्रे मार्केट में ₹220 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ₹300 के अपर प्राइस बैंड पर इसका अनुमानित लिस्टिंग प्राइस करीब ₹520 (₹300 + ₹220) बैठता है। इस हिसाब से निवेशकों को करीब 73% का लिस्टिंग गेन की संभावना है।

सब्सक्राइब करें या नहीं? जानें ब्रोकरेज की राय

दिग्गज ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी ने Tempsens Instruments के IPO को लंबी अवधि के नजरिए से ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, ₹300 के अपर प्राइस बैंड पर यह शेयर FY26 की कमाई के आधार पर 35.4x P/E और 25.64x EV/EBITDA के वैल्यूएशन पर उपलब्ध है।

कंपनी की मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ, टेम्परेचर सेंसर्स व केबल्स का डायवर्सिफाइड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और दुनिया के 80 से ज्यादा देशों में फैलता बिजनेस इसकी सबसे बड़ी ताकत है। हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी सतर्क किया है कि अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन पूरी तरह से फेयरली प्राइज्ड नजर आ रहा है, लेकिन इसके लंबे समय के बिजनेस फंडामेंटल्स बेहद मजबूत हैं।

SBI Securities ने भी Tempsens Instruments के IPO को लंबी अवधि के लिए ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है। ₹300 के अपर प्राइस बैंड पर पोस्ट-इश्यू बेसिस पर कंपनी का वैल्यूएशन 37.3x FY26 P/E पर आंका है। ब्रोकरेज ने थर्मल इंजीनियरिंग सेगमेंट में कंपनी की मार्केट लीडरशिप, प्रोजेक्ट्स और मेंटेनेंस (MRO) के बीच बैलेंस रेवेन्यू मिक्स और FY24 से FY26 के बीच एक्सपोर्ट में मिली 46.5% की सालाना ग्रोथ को बड़ा पॉजिटिव बताया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘जानते नहीं मेरा बाप कौन है’ का नया वर्जन बना ‘हम Gen Z हैं’? उमर अब्दुल्ला ने द्रास चेकपोस्ट Viral Video पर कसा तंज [VIDEO]

‘जानते नहीं मेरा बाप कौन है’ का नया वर्जन बना ‘हम Gen Z हैं’? उमर अब्दुल्ला ने द्रास चेकपोस्ट Viral Video पर कसा तंज [VIDEO]

कारगिल के द्रास इलाके में एक चेकपोस्ट पर टूरिस्ट और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला टूरिस्ट कई घंटे तक रोके जाने से नाराज नजर आती है और इसी दौरान वह बार-बार कहती सुनाई देती है—“We are Gen Z, we will not tolerate this.” वीडियो सामने आने के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस अंदाज पर तंज कसते हुए कहा कि आजकल “हम Gen Z हैं” कहना कहीं-कहीं उसी पुराने रसूख वाले अंदाज जैसा लगता है, जब लोग अपनी पहुंच दिखाने के लिए कहते थे—“जानते नहीं हो मेरा बाप कौन है।” इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है कि क्या Gen Z होना अपनी बात रखने की ताकत है या फिर इसे हर छोटी-बड़ी नाराजगी में ‘थ्रेट कार्ड’ की तरह इस्तेमाल करना ठीक है। 

कारगिल चेकपोस्ट पर आखिर हुआ क्या?

 

वायरल वीडियो द्रास के मिनिमार्ग चेक पोस्ट के पास का बताया जा रहा है, जहां एक टूरिस्ट ग्रुप को कुछ समय के लिए रोका गया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मिनिमार्ग-ज़ोजिला-सोनमर्ग रोड पर आवाजाही पर सुरक्षा कारणों से रोक लगाई गई थी। लद्दाख पुलिस के अनुसार वीडियो जुलाई में कारगिल विजय दिवस के आसपास, 26 जुलाई के आस पास का है। इंतजार लंबा होने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और महिला टूरिस्ट सुरक्षाकर्मियों से बहस करती नजर आई। महिला ने सवाल उठाया कि जब आम यात्रियों को आगे जाने से रोका जा रहा है तो फिर किसी मंत्री को वहां से जाने की अनुमति कैसे मिली। इसके बाद उसने वहां मौजूद दूसरे टूरिस्टों से भी विरोध में साथ आने की अपील की। 

 

वीडियो में महिला यह भी कहती सुनाई देती है कि उन्हें करीब पांच घंटे से रोका गया है और वह लोग घूमने के लिए पैसे देकर आए हैं, ऐसी स्थिति को सहने के लिए नहीं। उसने यह आरोप भी लगाया कि जिस तरह का व्यवहार कश्मीरियों के साथ किया जाता है, अब बाहर से आए पर्यटकों के साथ भी वैसा ही किया जा रहा है। वीडियो में मौजूद कुछ दूसरे टूरिस्ट महिला का समर्थन करते हुए नजर आते हैं और वह उन्हें अपनी गाड़ियों में बैठकर आगे बढ़ने के लिए कहती है। हालांकि, इस दौरान सुरक्षा प्रक्रिया को लेकर बहस और तनाव बढ़ता दिखाई देता है। 

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‘हम Gen Z हैं’… महिला ने क्या कहा?

 

वीडियो में महिला का सबसे ज्यादा चर्चा में आया बयान है—“We are Gen Z. We won’t tolerate this nonsense.” इसके बाद वह दूसरे टूरिस्टों से पूछती है कि क्या वे भी उसके साथ खड़े होंगे और फिर सभी को गाड़ियों में बैठकर आगे बढ़ने के लिए कहती है। महिला ने लंबे इंतजार और रास्ता बंद होने को लेकर नाराजगी जाहिर की और सवाल किया कि अगर पर्यटक पैसे खर्च करके घूमने आते हैं, तो क्या उन्हें इस तरह घंटों इंतजार करना चाहिए। 

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को केवल महिला की नाराजगी के नजरिए से देखना भी अधूरा होगा। कारगिल जैसे संवेदनशील इलाके में सड़क और आवाजाही से जुड़े फैसले सुरक्षा कारणों से भी लिए जाते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उस समय सड़क पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया था। यानी टूरिस्टों की परेशानी अपनी जगह थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन की परिस्थितियां भी इस पूरे मामले का हिस्सा थीं। 

 

 उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा?

 

वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर Gen Z वाली लाइन को लेकर तीखा लेकिन व्यंग्यात्मक कमेंट किया। उन्होंने कहा कि “हम Gen Z हैं” अब “जानते नहीं हो मेरा बाप कौन है” का नया वर्जन बनता जा रहा है। उनका कहना था कि Gen Z को लेकर बनी सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाने का सबसे आसान तरीका यही है कि अपनी पहचान को हर छोटी-सी बात पर धमकी या दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाए। 

 

उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी का फोकस केवल इस महिला पर नहीं, बल्कि उस रवैये पर था जिसमें कोई व्यक्ति अपनी पहचान, पीढ़ी या किसी विशेष वर्ग से जुड़े होने को अपनी बात मनवाने के हथियार की तरह इस्तेमाल करने लगे। उनके मुताबिक Gen Z को लेकर लोगों के बीच बनी goodwill तब कमजोर हो सकती है, जब “हम Gen Z हैं” जैसी लाइन को हर perceived insult या disagreement पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाए। 

 ऐसी Travel Restrictions कारगिल में नई बात नहीं

 

कारगिल और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सड़क बंद होना या कुछ समय के लिए आवाजाही सीमित किया जाना असामान्य नहीं है। यहां **मौसम, सुरक्षा जरूरतों और सड़क की स्थिति* के कारण कई बार यात्रियों को अचानक रोकना पड़ सकता है और कभी-कभी यह इंतजार लंबा भी हो जाता है। इसलिए किसी route पर restriction लगना अपने आप में कोई नई बात नहीं है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो वाले मामले में भी सड़क को सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद किया गया था। 

 

इसी वजह से यह पूरा मामला अब सिर्फ एक वायरल वीडियो या “हम Gen Z हैं” वाली लाइन तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ लंबे समय तक रोके जाने से परेशान यात्रियों का गुस्सा है, तो दूसरी तरफ संवेदनशील border region में security protocols और restrictions की जरूरत भी है। इस बीच भारतीय सेना ने भी स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा चेकपोस्ट Army का नहीं, बल्कि पुलिस का चेकपोस्ट था। सेना की ओर से कहा गया कि घटना का उसके personnel से संबंध नहीं था। 

 

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बहस का सबसे बड़ा मुद्दा यही बन गया है कि अपनी बात रखने और किसी व्यवस्था पर सवाल उठाने का अधिकार हर किसी के पास है, लेकिन पहचान को अपनी बात मनवाने के दबाव के तौर पर इस्तेमाल करना अलग बात है। Gen Z को लेकर उमर अब्दुल्ला का तंज इसी फर्क की ओर इशारा करता है। वहीं, यात्रियों की परेशानी और लंबे इंतजार को भी पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आखिरकार, इस पूरे विवाद की तस्वीर तब ही पूरी बनती है जब टूरिस्ट की परेशानी, सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार तरीके से विरोध—तीनों पहलुओं को साथ देखा जाए। 

कीव पर रूस के मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत

कीव पर रूस के मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत

zelensky putin

रूस ने गुरुवार, 20 अगस्त को तड़के यूक्रेनकी राजधानी कीव पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि यूक्रेन की इमरजेंसी सर्विस के अनुसार 33 लोग घायल हुए हैं। पूरी रात राजधानी में धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं और गुरुवार सुबह तक एयर रेड अलर्ट जारी रहा।

 

रूसी हमलों ने कीव के दार्नित्स्की, स्वियातोशिन्स्की और सोलोमियांस्की जिलों में 12 जगहों को निशाना बनाया। हमलों में रिहायशी इमारतों, एक मेडिकल सेंटर और एक शैक्षणिक संस्थान को नुकसान पहुंचा है।

 

सोलोमियांस्की जिले में नौ मंजिला रिहायशी इमारत की सबसे ऊपरी दो मंजिलें पूरी तरह तबाह हो गईं और इमारत के दूसरे हिस्सों में आग लग गई। दो अन्य रिहायशी इमारतों और एक स्कूल के शेल्टर में भी लोग फंस गए। रूस ने हाल के समय में कीव पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले तेज किए हैं। इसका एक मकसद यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम पर दबाव बढ़ाना और उसके पास मौजूद मिसाइलों के भंडार को सीमित करना है।

 

बता दें अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पहले यूक्रेन को पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के उत्पादन के लिए लाइसेंस हासिल करने की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में इस फैसले को पलट दिया।

Genesis reveals flagship GV90 EV as its most luxurious model yet

Genesis reveals flagship GV90 EV as its most luxurious model yet
Genesis reveals flagship GV90 EV as its most luxurious model yet

Genesis has revealed the GV90 EV as its new flagship SUV. Showcased in its production-ready avatar, the GV90 is the largest and most luxurious Genesis model to date. It is based on the 2024 Neolun Concept (Neolun translates to ‘New Moon’) and retains most of the concept’s exterior design, but sports a more polished cabin. It gets the largest-ever battery on any Hyundai model yet, and a dual-motor AWD setup.

  1. 5.3-metre length is closer to the Rolls-Royce Cullinan
  2. 123.5kWh battery offers around 500km range
  3. Dual-motor AWD setup produces 544hp, 800Nm
  4. 4-seater variant gets coach doors, hidden B-pillar

Genesis is offering the GV90 globally in two versions: the standard GV90 and the GV90 Neolun, with 7- and 4-seater layouts, respectively.

Genesis GV90 powertrain details

Producing 544hp and 800Nm, it is the most-powerful EV for the Hyundai group yet

The Genesis GV90 eSUV is offered with a 123.5kWh battery, the biggest ever for the larger Hyundai group, which offers around 500km range (as per the manufacturer’s internal testing). The battery powers dual electric motors, which deliver a combined output of 544hp and 800Nm, the most of any EV in the larger Hyundai group. The battery pack can be charged from 10-80 percent in 22 minutes using a 350kW DC fast charger. 

Each motor of the GV90 gets its own e-LSD (limited-slip differential), another first for the Hyundai group, through which “power is efficiently supplied to all four wheels during high-speed cornering for agile handling”. It also enhances the EV’s grip on snowy, rainy or uneven roads. The GV90 also gets multi-chamber air suspension that adjusts ride height to road conditions, and dual-valve adaptive dampers that soften or stiffen for a pliant ride in all situations. The EV gets rear-axle steering, enabling the rear wheels to turn up to five degrees.

एक बार मंगेतर से मिला दो, सगाई से इनकार पर दुखी युवती ने की आत्‍महत्‍या, मंगेतर ने लगाए थे चैटिंग के आरोप

एक बार मंगेतर से मिला दो, सगाई से इनकार पर दुखी युवती ने की आत्‍महत्‍या, मंगेतर ने लगाए थे चैटिंग के आरोप

इंदौर में मंगेतर द्वारा शादी से इनकार करने के बाद एक 19 साल की युवती मारिया ने जहर खाकर आत्‍महत्‍या कर ली। वो लगातार अपने मंगेतर सोहेल से मिलने की गुहार लगा रही थी। लेकिन मंगेतर और घरवालों ने उसे मिलने से साफ मना कर दिया। बताया जा रहा है कि मारिया सगाई टूट जाने की वजह से दुखी और परेशान थी।

घटना विजय नगर की है। स्वर्ण बाग कॉलोनी निवासी 19 साल की मारिया ने गुरुवार देर रात संदिग्ध परिस्थिति में जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर जब छोटी बहन ने उससे कारण पूछा, तो उसने जहर खाने की बात स्वीकार की। इसके पश्चात परिजन तुरंत उसे इलाज के लिए एमवाय अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया है और पुलिस ने मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।

जून 2025 में हुई थी सगाई : मारिया के पिता उमर शेख के अनुसार उनकी बेटी मारिया की सगाई 15 जून 2025 को आजाद नगर निवासी सोहेल उर्फ साहिल के साथ हुई थी। दोनों की सगाई को लगभग 1.5 साल बीत चुका था और इसी साल दोनों की शादी होना थी। किंतु करीब एक हफ्ते पहले सोहेल ने फोन पर मारिया को बताया कि वह अब उससे शादी नहीं करना चाहता और सगाई तोड़ रहा है। सोहेल ने अपने परिवार को भी इस निर्णय के लिए सहमत कर लिया था। जब मारिया के परिजनों ने सोहेल के परिवार से संपर्क किया, तो उन्होंने यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया कि लड़का जब शादी नहीं करना चाहता तो वे इसमें कुछ नहीं कर सकते।

एक बार मंगेतर से बात करा दो प्‍लीज : बताया जा रहा है कि सगाई टूटने की खबर के बाद से मारिया अत्यधिक मानसिक तनाव में रहने लगी थी। वह पिछले 8 दिनों से सोहेल से केवल 1 बार आमने सामने मिलकर बात करना चाहती थी। परिजनों का कहना है कि सोहेल ने उससे मिलने या बातचीत करने से साफ मना कर दिया था। सोहेल द्वारा आजाद नगर इलाके में जूस की दुकान का संचालन किया जाता है। इसके बाद वो गहरे तनाव में चली गई। मारिया ने गुरुवार देर रात यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

अन्य लड़के से चैटिंग का आरोप : परिजनों के मुताबिक सोहेल ने मारिया पर किसी अन्य युवक से मोबाइल पर बातचीत और चैटिंग करने का आरोप लगाया था। उसका यह भी कहना था कि मारिया उसे टाइम नहीं देती है। हालांकि मारिया के पिता उसे लगातार समझा रहे थे और दोनों पक्षों के बीच चल रहे इस विवाद को सुलझाने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन वो एक बार मंगेतर सोहेल से मिलना चाहती थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की गहराई से जांच की जा रही है।