हर एक शेयर पर 2 नए शेयर फ्री, फायदा पाना है तो आज 20 अगस्त को आखिरी मौका; 6 महीनों में कीमत 21% चढ़ी

गुड लक इंडिया लिमिटेड के शेयर में आज, 20 अगस्त को शानदार तेजी है। दिन में शेयर की कीमत BSE पर लगभग 8.5 प्रतिशत तक चढ़कर 1477.45 रुपये के हाई तक गई। दरअसल कंपनी बोनस शेयर बांटने जा रही है, जिसके लिए रिकॉर्ड डेट 21 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे होंगे, वे बोनस शेयरों के हकदार होंगे।

इसका मतलब यह हुआ कि अगर कोई बोनस शेयर पाना चाहता है लेकिन अभी तक शेयरहोल्डर नहीं है तो उसे आज, 20 अगस्त को ट्रेडिंग खत्म होने से पहले गुड लक इंडिया के शेयर खरीदने होंगे। इसलिए शेयर में जमकर पैसे लगाए जा रहे हैं। कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर 1 शेयर पर 2 नए शेयर बोनस के तौर पर देगी।

बोनस शेयरों के अलॉटमेंट की तारीख 24 अगस्त है। इनमें 25 अगस्त से ट्रेडिंग की जा सकेगी। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। इस बोनस इश्यू की घोषणा जुलाई महीने में हुई थी। गुड लंक इंडिया पहली बार बोनस शेयर देने वाली है।

क्या करती है कंपनी

गुडलक इंडिया लिमिटेड कई तरह के ERW स्टील पाइप, हॉलो सेक्शंस, CR कॉइल्स, CRCA शीट्स और पाइप, गैल्वेनाइज्ड कॉइल्स, CDW ट्यूब, फोर्जिंग और फ्लैंज बनाने और एक्सपोर्ट करने का काम करती है। कंपनी टेलीकॉम और ट्रांसमिशन लाइन टावर, सबस्टेशन स्ट्रक्चर, सड़क व रेलवे के लिए पुल और सड़क सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध कराती है।

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अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,205.94 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 49.66 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 4,067.71 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 173.45 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Goodluck India का शेयर एक सप्ताह में 15 प्रतिशत उछला

कंपनी का मार्केट कैप 4800 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 54 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर एक सप्ताह में 15 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। 6 महीनों में कीमत 21 प्रतिशत और साल 2026 में अब तक 38 प्रतिशत उछली है। 2 साल में शेयर 64 प्रतिशत और 3 साल में 162 प्रतिशत की तेजी देख चुका है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

10 साल लगातर जीत, श्रीजेश ने कहा कि पाक अब कोई मुकाबला नहीं देती

भारत की पाकिस्तान की हॉकी टीम पर लगातार दसवीं जीत के बाद पूर्व भारतीय गोलकीपर श्रीजेश ने कहा कि यह अब सांसो को थाम देने वाला मुकाबला नहीं रहा। गौरतलब है कि भारतीय टीम आखिरी बार पाकिस्तान से साल 2016 में खेली गई चैंपियन्स ट्रॉफी में हारी थी। वहीं आखिरी बार विश्वकप में पाकिस्तान ने भारत को साल 1986 में हराया था।

भारत के पूर्व कप्तान और गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने भारत-पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता, भारत के डिफेंसिव अप्रोच और दबाव वाली स्थितियों में शांत रहने की अहमियत पर अपनी राय रखी। पूर्व कप्तान पीआर श्रीजेश ने कहा, “भारतीय पुरुष हॉकी टीम पिछले डेढ़ साल से एक नए फॉर्मेशन के साथ खेल रही है। वह फॉर्मेशन ज़्यादातर हमें डिफेंस करने पर मजबूर करता है, लेकिन हाल ही में प्रो लीग में, हमने कई मैचों में आगे बढ़कर ज़ोरदार दबाव बनाया।

एक ज़रूरी बात यह है कि यूरोपीय टीमों के खिलाफ़ खेलते समय हमें डिफेंस में एकजुट रहना होगा। इसके अलावा, हमें विश्व कप में अपना स्वाभाविक खेल खेलना चाहिए। डिफेंस में, हमने ज़ोनल मार्किंग का इस्तेमाल किया, इसलिए हमें उस क्षेत्र में अपनी समझ को बेहतर बनाने की ज़रूरत है। हमें बहुत पीछे नहीं हटना चाहिए। हमें आगे बढ़कर, हाई प्रेसिंग करनी चाहिए और सेंटर लाइन के आगे भी डिफेंस करना चाहिए।” हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी पर श्रीजेश ने कहा, “हरमनप्रीत एक बहुत अच्छे कप्तान हैं। पिच पर कप्तान का असर सीमित होता है क्योंकि आप हर चाल या खिलाड़ी को कंट्रोल नहीं कर सकते। जिसके पास गेंद होती है, उसे ही फ़ैसला लेना होता है।

कप्तान का ज़्यादातर काम पिच के बाहर होता है – टीम को एकजुट रखना, युवा खिलाड़ियों का समर्थन करना, उन्हें जमने में मदद करना, टीम का सकारात्मक माहौल बनाना, खिलाड़ियों की चिंताओं को कोच तक पहुँचाना, संदेह दूर करना और यह पक्का करना कि हर कोई कोच के निर्देशों को समझे। इसलिए, हॉकी कप्तान के लिए मैदान के बाहर का काम मैदान पर किए जाने वाले काम से कहीं ज़्यादा अहम होता है।” श्रीजेश ने भारतीय हॉकी टीम के विकास और भारत-पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता पर कहा, “आखिरी क्वार्टर या आखिरी मिनटों में गोल खाना हमारे लिए एक समस्या हुआ करती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है।

अब, हम मैच जीतने के लिए देर से गोल करते हैं। पहले, 35 मिनट के हाफ के दौरान, हम फिटनेस या खराब फैसले लेने की वजह से गलतियां करते थे और गोल खा जाते थे। लेकिन जब से चार-क्वार्टर वाला सिस्टम आया है, और उससे पहले भी, हमने अपनी फिटनेस, ताकत, खेल की समझ और फैसले लेने की क्षमता में काफी सुधार किया है। इसी वजह से, पाकिस्तान के खिलाफ मैच अब उतने मुश्किल नहीं रहे जितने पहले हुआ करते थे। पहले, भारत बनाम पाकिस्तान के मैच बहुत कड़े मुकाबले वाले होते थे, जो अक्सर 1-0 या 2-1 पर खत्म होते थे। पाकिस्तान की मौजूदा टीम का स्तर पहले जैसा नहीं रहा है, उनके द्वारा किए गए 3 गोलों में भारतीय रक्षापंक्ति की गलतियां ज्यादा रही।”

Dividend Stocks: बंपर डिविडेंड कमाने का आज आखिरी मौका, कल से इन शेयरों में निवेश पर नहीं मिलेगा डिविडेंड

Dividend Stocks: कई इनवेस्टर्स कमाई के लिए उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं, जिनका डिविडेंड देने का रिकॉर्ड अच्छा है। इससे उन्हें दो तरह से कमाई होती है। शेयरों की कीमतों में इजाफा होने पर उनके निवेश की वैल्यू बढ़ती है। साथ ही जब तक शेयर उनके पोर्टफोलियो में रहता है, उन्हें डिविडेंड मिलता रहता है। अगर आप भी डिविडेंड के लिए निवेश करना चाहते हैं तो आज बड़ा मौका है। करीब तीन दर्जन कंपनियों ने डिविडेंड के लिए 21 अगस्त को रिकॉर्ड डेट तय किया है।

डिविडेंड के लिए 21 अगस्त तक डीमैट अकाउंट में होने चाहिए शेयर

ये कंपनियां उन शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड देंगी, जिनके डीमैट अकाउंट में 21 अगस्त को शेयर होंगे। इसका मतलब है कि अगर आप इन कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं तो कल यानी 21 अगस्त (शुक्रवार) को आपके डीमैट अकाउंट में शेयर आ जाएंगे। इसका मतलब है कि डिविडेंड इनकम के लिए जा इन शेयरों को खरीदने का अंतिम मौका है। अगर कोई इनवेस्टर 21 अगस्त को इन शेयरों को खरीदता है तो वह डिविडेंड का हकदार नहीं होगा।

सबसे ज्यादा 22 रुपये का डिविडेंड एके कैपिटल दे रही है

AK Capital Services सबसे ज्यादा 22 रुपये का डिविडेंड दे रही है। इसका मतलब है कि 21 अगस्त को जिन इनवेस्टर्स के डीमैट अकाउंट में कंपनी के शेयर होंगे, उन्हें प्रति शेयर 22 रुपये का डिविडेंड मिलेगा। अगर आपके पास एके कैपिटल सर्विसेज के 10 शेयर हैं तो आपको कंपनी की तरफ से कुल 220 रुपये का डिविडेंड मिलेगा। AK Capital Services का शेयर 20 अगस्त को 1:20 बजे 1.36 फीसदी चढ़कर 1,778 रुपये पर चल रहा था।

वाडीलाल इंडस्ट्रीज प्रति शेयर 17 रुपये का डिविडेंड देगी

Vadilal Industries ने भी बंपर डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी हर एक शेयर पर 17 रुपये का अंतरिम डिविडेंड देगी। वाडीलाल इंडस्ट्रीज का शेयर 20 अगस्त को 0.66 फीसदी चढ़कर 7,450 रुपये पर चल रहा था। इस साल इस शेयर में जबर्दस्त तेजी आई है। यह 2026 में 51 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इस कंपनी के शेयर पर डिविडेंड कमाने के लिए आपको आज ही इसके शेयर में निवेश करना होगा।

LICHF के शेयरों से भी डिविडेंड कमाने का यह बड़ा मौका

LIC Housing Finance (LICHF) ने भी प्रति शेयर 10 रुपये डिविडेंड का ऐलान किया है। इसकी रिकॉर्ड डेट 21 अगस्त है। इसका मतलब है कि प्रति शेयर 10 रुपये डिवलिडेंड कमाने के लिए आपको इस शेयर में आज ही निवेश करना होगा। यह देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी LIC की हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है। यह घर खरीदने के लिए लोन देती है। LICHF का शेयर 20 अगस्त को 2.09 फीसदी चढ़कर 508 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में यह शेयर 12 फीसदी से ज्यादा गिरा है।

हिताची एनर्जी प्रत्येक शेयर पर 8 रुपये का डिविडेंड देगी

Hitachi Energy ने प्रति शेयर 8 रुपये डिविडेंड का ऐलान किया है। अगर आप इस डिविडेंड का फायदा उठाना चाहते हैं तो आज ही आपको इस शेयर में निवेश करना होगा। हिताची एनर्जी का शेयर 20 अगस्त को 0.67 फीसदी गिरकर 33,575 रुपये पर चल रहा था। हालांकि, बीते एक साल में इस शेयर ने निवेशकों को मालामाल किया है। इस दौरान यह शेयर करीब 68 फीसदी उछला है।

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ये कंपनियां भी दे रही हैं शेयरों पर अट्रैक्टिव डिविडेंड 

पतंजिल फूड्स, जिंदल स्टेनलेस, जिंदल स्टील, GE Vernova T&D India, Veljan Denison, KSE, Mayur Uniquoters, Savita Oil Technologies, Patels Airtemp, Deep Industries के शेयरों पर भी डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 21 अगस्त है। इसका मतलब है कि इन शेयरों से डिविडेंड इनकम के लिए आज ही इनमें निवेश करना पड़ेगा।

Stock To Buy: सिक्योरिटी सर्विलांस प्रोडक्ट बनाने वाली इस कंपनी में 53% की तेजी मुमकिन, इस साल अब तक 125% चढ़ा, क्या है आपके पास

Stock To Buy: CP Plus की पैरेंट कंपनी, आदित्य इन्फोटेक (Aditya Infotech) के शेयर गुरुवार, 20 अगस्त को 4.9% बढ़कर ₹3,464 पर पहुंच गए। स्टॉक में तेजी मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज द्वारा इस स्टॉक पर कवरेज शुरू करने के बाद आई है। मोतीलाल ओसवाल ने आदित्य इन्फोटेक के लिए “Buy” (खरीदने की सलाह) की सलाह दी है और इसके लिए ₹4,200 का प्राइस टारगेट तय किया है, जो बुधवार के क्लोजिंग लेवल से 27% की तेजी दिखाता है।

ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी के ‘बुल केस’ (सबसे अच्छे हालात) रन के अनुसार, स्टॉक ₹5,066 तक जा सकता है, जिसका मतलब है कि इसमें 53% तक की बढ़ोतरी की संभावना है।

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि आदित्य इन्फोटेक भारत के वीडियो सर्विलांस मार्केट में होने वाली ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। इस मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी 44% से ज़्यादा है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि भारत का सर्विलांस मार्केट फाइनेंशियल ईयर 2025 में ₹106 अरब से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2030 तक ₹227 अरब से ज़्यादा हो जाएगा। उन्हें यह भी उम्मीद है कि आदित्य इन्फोटेक का रेवेन्यू FY26 और FY28 के बीच 44% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा, जो इंडस्ट्री की अनुमानित 16%-18% ग्रोथ से काफी ज़्यादा है।

मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, स्टैंडर्डाइजेशन टेस्टिंग एंड क्वालिटी सर्टिफिकेशन (STQC) के नियम कॉम्पिटिशन को कम कर सकते हैं और कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2028 तक अपनी मार्केट हिस्सेदारी 58% से ज़्यादा बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी FY26-FY28 के दौरान रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स के बाद प्रॉफिट में क्रमशः 44%, 58% और 64% की ग्रोथ हासिल करेगी। उन्होंने कॉस्ट एफिशिएंसी और मार्जिन बढ़ाने के लिए लेंस, केबल, प्लास्टिक और मेटल कंपोनेंट्स में बैकवर्ड इंटीग्रेशन को भी एक अहम वजह बताया है।

कंपनी ने ₹1,500 करोड़ जुटाने को मंज़ूरी दी

इसके अलावा, कंपनी के बोर्ड ने 19 अगस्त को इक्विटी शेयर जारी करके ₹1,500 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी। फंड जुटाने का काम एक या उससे ज़्यादा मंज़ूर तरीकों से किया जा सकता है, जैसे कि पब्लिक इश्यू या क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), या फिर इन तरीकों का मिला-जुला इस्तेमाल।

फंड जुटाने का यह प्रस्ताव शेयरहोल्डर्स और दूसरी रेगुलेटरी मंज़ूरी पर निर्भर है। कंपनी पोस्टल बैलेट के ज़रिए शेयरहोल्डर्स की मंज़ूरी लेगी और उसने इस प्रस्तावित इश्यू से जुड़े मामलों को देखने के लिए एक बोर्ड कमिटी भी बनाई है।

19 अगस्त की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी ने मुंबई में 24 से 26 अगस्त और सिंगापुर में 1 से 3 सितंबर के बीच इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के साथ वन-ऑन-वन ​​और ग्रुप मीटिंग्स भी तय की हैं।

मार्जिन गाइडेंस

जून तिमाही के नतीजों के बाद, आदित्य इन्फोटेक ने FY27 के लिए अपने EBITDA मार्जिन गाइडेंस (14-15%) को फिर से दोहराया है, जबकि Q1FY27 में EBITDA मार्जिन 14.5% था। मैनेजमेंट ने संकेत दिया है कि वे FY27 की पहली छमाही के बाद आउटलुक का फिर से आकलन करेंगे, साथ ही वे तय गाइडेंस से बेहतर परफॉर्मेंस का इंटरनल टारगेट भी बनाए रखेंगे।

शेयर पर एनालिस्ट की राय

IIFL इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ भी आदित्य इन्फोटेक को लेकर पॉजिटिव है। सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च रेनू बैद पुगलिया का कहना है कि कंपनी ने भारत के IP कैमरा मार्केट में मज़बूत जगह बनाई है। उन्होंने कैमरा वैल्यू चेन के बड़े हिस्से के लोकलाइज़ेशन (स्थानीय स्तर पर उत्पादन) पर ज़ोर दिया और कहा कि कंपनी को घरेलू प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले 18-24 महीने की बढ़त हासिल है, जिसका इस्तेमाल वह एंटरप्राइज़ और सरकारी ग्राहकों के लिए प्रीमियम प्रोडक्ट्स में विस्तार करने के लिए कर रही है।

उन्हें उम्मीद है कि आदित्य इन्फोटेक 40-45% रेवेन्यू CAGR हासिल करेगी, जिसमें मार्जिन 14.5-15% के आसपास रहेगा, जिससे अगले दो सालों में कमाई में 45-50% की बढ़ोतरी होगी। उन्होंने सरकारी सर्टिफिकेशन की नई ज़रूरतों के बाद चीनी कंपनियों के बाहर निकलने को भी कंपनी के ग्रोथ आउटलुक के लिए एक मददगार कारक बताया।

यह स्टॉक “कंसेंसस बाय” (सबकी सहमति से खरीदने लायक) की श्रेणी में है, क्योंकि इस स्टॉक को ट्रैक करने वाले सभी सात एनालिस्ट इसे लेकर बुलिश (तेज़ी की उम्मीद रखने वाले) हैं।

गुरुवार को आदित्य इन्फोटेक के शेयर 4.71% बढ़कर ₹3,459.2 पर ट्रेड कर रहे हैं। इस साल अब तक स्टॉक में 125% की बढ़ोतरी हो चुकी है।

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Volvo EX90, ES90 India launch on October 12

Volvo EX90, ES90 India launch on October 12
volvo ex90 es90 india launch

Volvo has confirmed that it will launch two new EVs, the EX90 SUV and the ES90 sedan, in India on October 12, 2026. The EX90 and ES90 will serve as Volvo’s flagship electric offerings for the Indian market. Notably, the ES90 will mark Volvo India’s return to the luxury sedan space, following the discontinuation of the S90 in June 2025. The EX90 is expected to rival the likes of the Mercedes-Benz EQS and Kia EV9, while the ES90 is likely to go up against the BMW i5.

Volvo EX90, ES90 battery and range

Identical 92kWh RWD and 106kWh AWD powertrains

The EX90 and ES90 are both underpinned by Volvo’s SPA2 platform, which features as 800V electrical architecture. In global markets, both EVs can be had in 92kWh (Single Motor) and 106kWh (Twin Motor) guises. In 92kWh spec, the EX90 and ES90 get a single rear-mounted motor (RWD) outputting 333hp and 480Nm. Meanwhile, the 106kWh battery option is split into Twin Motor and Twin Motor Performance variants, developing 456hp/670Nm and 680hp/870Nm, respectively.

For the EX90, 0-100kph comes up in a claimed 6.6 seconds for the 92kWh, 5.3 seconds for the 106kWh Twin Motor, and 4 seconds for the Twin Motor Performance. The ES90 Twin Motor is slightly slower from 0-100kph at 5.4 seconds, but mirrors the EX90 for the other variants.

As for WLTP range, the EX90 92kWh is rated at 565km, while the Twin Motor and Twin Motor Performance trims manage 608km and 602km, respectively. Meanwhile, the ES90’s WLTP range is certified at 664km for the 92kWh variant and 696km for the 106kWh versions.

Coming to charging speeds, both the EX90 and ES90 can utilise up to 350kW DC charging, and take 22 minutes for a 10-80 percent charge across all variants.

Volvo EX90, ES90 exterior design

Look quite different compared to the XC90 and S90

Measuring 5,037mm in length, 1,964mm in width, 1,744mm in height, and 2,985mm in wheelbase, the EX90 is dimensionally similar to the XC90, but sports a distinct design. Up front, the EX90 has sleeker T-shaped headlamps with pixel-like ‘Thor’s Hammer’ DRL signatures, below which sits a pair of slim vertically-arranged fog lamps. The Volvo badge is placed front and centre on the grille-less fascia, with a discreet air dam underneath. A LiDAR sensor can also be spotted on the leading edge of the roof.

The side profile of the EX90 is cleanly-styled, with a prominent shoulder line and gently rising glass area, and there’s not much in the way of body cladding Volvo claims a drag coefficient of 0.29Cd. 20-inch alloy wheels are fitted as standard, with 21- and 22-inchers optionally available. Over to the rear, the EX90 gets C-shaped LED tail-lamps with an additional vertical row of brake lights flanking the rear windscreen. Other styling elements of note include a sizable roof spoiler and a Volvo wordmark on the bootlid.

Coming to the ES90, it adopts very similar styling cues to the EX90, like the Thor’s Hammer DRLs, vertical fog lamps, grille-less fascia, brake lights around the rear windshield, Volvo wordmark on the bootlid, gloss black bumpers and skirts, and more. However, the ES90 sets itself apart with slightly reshaped headlamps and tail-lamps, different alloy wheel designs (sizes range from 20 to 22 inches), and of course, its sedan form factor.

Thanks to its more low-slung proportions, the ES90 sports a drag coefficient of 0.25, which makes it the most aerodynamic Volvo car to date.

Volvo EX90, ES90 interior and features

14.5-inch infotainment touchscreen sits front and centre on the dash

Inside, the EX90 and ES90 are very similar in terms of dashboard layout. Both get a minimalistic dashboard dominated by a 14.5-inch Google-based portrait touchscreen that incorporates much of the in-car functionality physical controls are few and far between. There’s also a floating centre console, a three-spoke steering wheel with a neat layered design, a slim 9-inch digital driver’s display, and a 13.2-inch heads-up display.

The area between the portrait screen and centre console, however, differs between the two. The EX90 has a split design with a more open cubby, whereas the ES90 has a more enclosed storage space with two buttons underneath the touchscreen.

While the ES90 is a 5-seater, the EX90 is a 7-seater as standard, with certain variants offering a 6-seat configuration with captain’s chairs for the second row. In some markets, Volvo even offers a 4-seater version of the EX90 with a rear centre console that integrates a refrigerator, rivalling the likes of the Mercedes Maybach EQS SUV. Boot space is pegged at up to 384 litres with all three rows up for the EX90 and 424 litres for the ES90. The EX90 additionally gets a 45-litre frunk, while the ES90 features a 27-litre space.

As for creature comforts, both EVs pack a 5G connection to aid OTA updates, a digital key, ambient lighting, four-zone climate control, a cabin air purifier, a wireless charging pad, a 360-degree camera, powered front seats, a panoramic glass roof, a Bose sound system, connected car tech, auto park assist, Level-3 ADAS, V2L functionality, and lots more. The EX90 is touted to be Volvo’s safest car to date, holding 5-star crash safety ratings from Euro NCAP and NCAP. The ES90, however, is yet to be crash-tested by an NCAP agency.

टीचर की हरकत से दहशत में 3 साल की बच्‍ची, अपशब्‍द कहे, धमकी दी, बेटी के बैग में वॉइस रिकॉर्डर रखकर पिता ने जुटाए सबूत, FIR दर्ज

टीचर की हरकत से दहशत में 3 साल की बच्‍ची, अपशब्‍द कहे, धमकी दी, बेटी के बैग में वॉइस रिकॉर्डर रखकर पिता ने जुटाए सबूत, FIR दर्ज

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इंदौर में एक 3 साल की बच्‍ची को टीचर ने अपशब्‍द कहे और धमकी दी। टीचर की हरकत से मायूस दिखी बेटी से पिता ने पूछा तो उसने बताया कि टीचर मैम उसे गंदा गंदा बोलती है। इसके बाद पिता ने टीचर के खिलाफ सबूत जुटाने के लिए बेटी के बैग में वॉयस रिकॉर्डर रख दिया, जिसमें बच्‍ची से बात करने के दौरान टीचर की भाषा और अपशब्‍द रिकॉर्ड हो गए।

सबूत मिलने के बाद पिता ने टीचर के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई है। शिक्षिका की शिकायत लेकर पहले पिता स्कूल प्रबंधन के पास पहुंचे थे, लेकिन उनकी शिकायत को स्कूल प्रबंधन ने गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद पिता के दोस्तों ने सुझाव दिया कि वे पुलिस में इसकी शिकायत करें।

मैम गंदा गंदा बोलती है : मामला विजय नगर स्थित फर्स्टक्राई इंटेलिटाट्स प्री-स्कूल का है। बच्ची यहां नर्सरी में पढ़ती है। बच्ची के पिता रत्नेश की शिकायत पर पुलिस ने शिक्षिका के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रत्नेश ने शिकायत में बताया कि वे 8 अगस्त को बेटी को लेने स्कूल गए थे। वह उदास दिख रही थी। बातचीत में उसने बताया कि मैम उसे गंदा कहती हैं। बच्ची ने रोते हुए बताया कि उसे स्कूल में बहुत बुरा लगता है। मैडम ने उसे चिमटी काटी। इसके अगले दिन रत्नेश ने बेटी के लिए वॉइस रिकॉर्डर खरीदा और उसे बच्ची के बैग में रखकर स्कूल भेज दिया।

डर के मारे गिड़गिड़ा रही थी बच्ची : रात में रत्नेश ने रिकॉर्डिंग सुनी। इसमें उनकी बेटी को टीचर प्रांजली अपशब्द कहते हुए और मारने-पीटने की बात कह रही थी। बच्ची पिटाई से बचने के लिए गिड़गिड़ा भी रही थी। टीचर ने उसके माता-पिता को भी अपशब्द कहे। पूरे घटनाक्रम की वॉइस रिकॉर्डिंग हो गई।

रिकॉर्डिंग सुनने के बाद रत्नेश अपनी बेटी को लेकर स्कूल पहुंचे। उस समय बच्ची ने स्कूल के अंदर जाने से इनकार कर दिया और काफी रोने लगी। इसके बाद रत्नेश ने स्कूल की प्रिंसिपल से बात की और सीसीटीवी फुटेज की मांग की।

स्कूल प्रबंधन ने उन्हें फुटेज उपलब्ध नहीं कराए। मामले में पीड़ित परिवार ने अन्य रिश्तेदारों और वकील से बात की। इसके बाद विजयनगर पुलिस को रिकॉर्डिंग सौंपते हुए पूरा घटनाक्रम बताया। जांच के बाद मंगलवार को विजयनगर पुलिस ने टीचर के खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई की है।

शिलांग में KSU की बाइक रैली के दौरान भारी हिंसा : वाहनों में आगजनी, स्वामी विवेकानंद और नेताजी की प्रतिमाएं खंडित

शिलांग में KSU की बाइक रैली के दौरान भारी हिंसा : वाहनों में आगजनी, स्वामी विवेकानंद और नेताजी की प्रतिमाएं खंडित

Shillong KSU Bike Rally Violence

Shillong KSU Bike Rally Violence: मेघालय की राजधानी शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) द्वारा आयोजित एक 'काले झंडे वाली बाइक रैली' के दौरान अचानक हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों और उपद्रवियों ने शहर के कई इलाकों में जमकर उत्पात मचाया, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है। हिंसा की घटनाओं के बाद पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।  

वाहनों को किया आग के हवाले, प्रतिमाओं में तोड़फोड़

रैली के दौरान उपद्रवियों ने कानून-व्यवस्था को ताक पर रखते हुए कम से कम दो सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया और दर्जनों अन्य वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हिंसा की सबसे दुखद घटना 1960 के दशक में पूर्वी पाकिस्तान से आए विस्थापितों के लिए बसाई गई 'राहत और पुनर्वास कॉलोनी' (RR Colony) में सामने आई। यहां स्थापित राष्ट्रनायक स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमाओं को उपद्रवियों द्वारा खंडित कर दिया गया।  

 

इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने मेघालय सचिवालय के मुख्य द्वार पर पहुंचकर विरोध स्वरूप अपने झंडे और बैनर लगा दिए थे। हालांकि, वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन झंडों को तुरंत हटा दिया।

15 दिनों का अल्टीमेटम खत्म होने पर शुरू हुआ आंदोलन

समाचार एजेंसी 'पीटीआई' के अनुसार, छात्र संगठन KSU ने राज्य सरकार को अपनी मांगों को लेकर 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया था। इस समय सीमा के दौरान सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम न उठाए जाने के विरोध में छात्र संगठन ने इस बाइक रैली का आह्वान किया था।  

क्या हैं छात्र संगठन (KSU) की मुख्य मांगे?

KSU का यह विरोध प्रदर्शन निम्नलिखित प्रमुख मांगों को लेकर चल रहा है:

  • सुरक्षा अधिनियम लागू करना : राज्य में 'मेघालय निवासी सुरक्षा और संरक्षा अधिनियम' (MRSSA) को पूरी तरह से लागू किया जाए।
  • प्रवासी श्रमिकों पर नियंत्रण व भर्ती सुधार : राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार किया जाए और बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों पर कड़े नियम और नियंत्रण लागू किए जाएं।
  • नर्सों की भर्ती में बदलाव : NEIGRIHMS में नर्सों की भर्ती प्रक्रिया में संशोधन कर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।  
  • खनन जनसुनवाई रद्द करना : ईस्ट जयंतिया हिल्स के लम सिरमन में 'श्री सीमेंट लिमिटेड' की चूना पत्थर खनन परियोजना के लिए आयोजित की गई जन सुनवाई को अमान्य और रद्द घोषित किया जाए।

स्थिति तनावपूर्ण, पुलिस बल तैनात

हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद शिलांग शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस उपद्रवियों की पहचान करने और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लाने के लिए मामले की जांच कर रही है। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

NRC नहीं तो जनगणना नहीं! मणिपुर में भारी बवाल, प्रदर्शनकारियों ने फूंके सीएम और गृह मंत्री के पुतले

NRC नहीं तो जनगणना नहीं! मणिपुर में भारी बवाल, प्रदर्शनकारियों ने फूंके सीएम और गृह मंत्री के पुतले

Manipur NRC Demand Protest

Manipur NRC Demand Protest: मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर बुलाया गया 48 घंटे का राज्यव्यापी बंद बुधवार को समाप्त हो गया। हालांकि, बंद खत्म होते ही घाटी वाले जिलों के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और तीव्र हो गए। बंद समर्थकों ने राजनेताओं के पुतले फूंके, विशाल रैलियां निकालीं और सड़कों पर जाम लगा दिया।  

'नो एनआरसी, नो सेंसस' के लगे नारे  

इम्फाल ईस्ट जिले के खुरई लामलोंग में बंद समर्थकों ने मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह और गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम के पुतले जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। पीटीआई के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने 'नो एनआरसी, नो सेंसस' (एनआरसी नहीं, तो जनगणना नहीं) के जोरदार नारे लगाए। उनकी मुख्य मांग है कि जब तक हिंसा के कारण आंतरिक रूप से विस्थापित हुए लोग अपने मूल स्थानों पर वापस नहीं लौट जाते और अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए एनआरसी लागू नहीं होती, तब तक राज्य में जनगणना की प्रक्रिया शुरू न की जाए।  ALSO READ: दिल्ली के नरेला में रॉकेट लॉन्चरों को नष्ट करने की कार्रवाई, मणिपुर में 2 संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी से जुड़ा मामला

सड़कों पर चक्काजाम, प्रशिक्षण कार्यक्रम रद्द

इम्फाल वेस्ट जिले के सिंगजामेई में दर्जनों प्रदर्शनकारियों ने लगभग 2 किलोमीटर लंबी विरोध रैली निकाली। इसके अलावा इम्फाल वेस्ट, इम्फाल ईस्ट, बिष्णुपुर और थोउबल जिलों में कई स्थानों पर पत्थरों और बांस के खंभों से सड़कें अवरुद्ध कर दी गईं। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों की गाड़ियों समेत निजी वाहनों को रोक दिया और उन्हें वापस लौटने पर मजबूर कर दिया।  

 

बढ़ते विरोध के चलते थोउबल जिले में जनगणना के सुपरवाइजरों, प्रगणकों और फील्ड ट्रेनरों के लिए आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा। इस स्थिति पर 'कौंसिल ऑफ टीचर्स एसोसिएशंस' (COTA), मणिपुर ने भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है।  

सरकारी कार्यालयों के बहिष्कार का ऐलान

'कैंपेन फॉर Just and Fair Delimitation' (JFD) के संयोजक जीतेंद्र निंगोंबा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की। उन्होंने बताया कि गुरुवार से संगठन राज्य और केंद्र सरकार के सभी कार्यालयों का पूर्ण बहिष्कार करेगा। हालांकि, जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पानी, बिजली और स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाओं को इस बहिष्कार से मुक्त रखा गया है।  

 

घाटी के पांचों जिलों— इम्फाल ईस्ट, इम्फाल वेस्ट, थोउबल, काकचिंग और बिष्णुपुर— में व्यापारिक प्रतिष्ठान, बाजार, शिक्षण संस्थान और सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह ठप रहे।  

आगे और बढ़ सकती है हलचल

एक तरफ तेंगनौपाल जिले में नागरिक समाज संगठनों ने डॉक्टरों के तबादले और पदस्थापना के आदेश को लागू न करने पर 24 अगस्त से राष्ट्रीय राजमार्ग पर 48 घंटे के पूर्ण बंद की चेतावनी दी है। वहीं दूसरी ओर, एनआरसी की मांग पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से महत्वपूर्ण चर्चा करने के लिए मणिपुर के राज्यपाल अजय के. भल्ला नई दिल्ली रवाना हो गए हैं।

Kawasaki confirms it is going to make a hydrogen powered horse

Kawasaki confirms it is going to make a hydrogen powered horse
Kawasaki confirms it is going to make a hydrogen powered horse

Kawasaki has begun development of the Corleo, a four-legged off-road mobility vehicle powered by hydrogen. While the Corleo isn’t a two-wheeler, it comes from one of the world’s biggest motorcycle manufacturers, a company that has never shied away from unconventional ideas. Kawasaki is targeting its use as an on-site mobility vm ehicle at Expo 2030 Riyadh in Saudi Arabia and is working towards commercialisation around 2035.

  1. Four-legged off-road mobility vehicle
  2. Uses a 150cc hydrogen engine to generate electricity
  3. Commercialization targeted around 2035

Kawasaki Corleo combines motorcycle and robotics technology

The Corleo was first unveiled as a concept at Expo 2025 Osaka. Kawasaki has since established a dedicated SAFE ADVENTURE Business Development Team to develop the vehicle towards commercialisation, with potential use at Expo 2030 Riyadh forming part of its plans.

The Corleo uses four independently controlled legs instead of conventional wheels. Its rear legs feature a swingarm mechanism derived from motorcycle technology, allowing them to move independently and absorb shocks while helping maintain the rider’s posture.

The vehicle is operated through the rider’s weight shifts, much like riding a horse. Stirrups and handholds detect these movements and feed the rider’s inputs into the vehicle’s control system. Kawasaki says the system is designed to help the Corleo negotiate difficult terrain, including mountainous areas and water crossings.

Corleo uses a 150cc hydrogen engine

Hydrogen is stored in canisters at the rear of the vehicle. A 150cc hydrogen engine generates electricity to power actuators in the four legs and the vehicle body. Kawasaki says the hydrogen storage canisters are designed to be swappable, allowing them to be replaced away from conventional refuelling infrastructure.

The Corleo’s control system also monitors the vehicle’s posture and movement, helping it respond to the terrain beneath its four legs. Kawasaki is developing the machine for use in environments where conventional wheeled mobility could be difficult.

Kawasaki plans Corleo riding simulator

Kawasaki is also developing a riding simulator for the Corleo, with completion targeted for 2027. The simulator will be used to evaluate the vehicle’s riding characteristics and operation, while Kawasaki is also exploring potential applications in gaming and esports.

Kawasaki is targeting commercialisation of the Corleo around 2035, although production specifications and pricing have not yet been announced. The company is continuing development as part of its SAFE ADVENTURE initiative, which also includes technology designed to assess factors such as weather, road-surface conditions and wildlife when determining safer routes.

PM-YASASVI Scholarship: पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप के लिए कक्षा 9 से 12 के छात्र कर सकते हैं आवेदन, जानें आवेदन का तरीका और लास्ट डेट

PM-YASASVI Scholarship: कक्षा 9 से 12 तक के बहुत छात्रों के लिए अपनी पढ़ाई पैसों की कमी के चलते जारी रखना मुश्किल होता है। इस वजह से असंख्य छात्र हर साल 10वीं या 12वीं कक्षा तक की शिक्षा पूरी करने से वंचित रह जाते हैं। पीएम यशस्वी छात्रवृत्ति ऐसे छात्रों को शिक्षा की उनकी मंजिल तक पहुंचाने का माध्यम बन सकती है। यह स्कॉलरशिप केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दी जाती है। यह छात्रवृत्ति अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EBC), और विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों (DNT) के योग्य छात्रों को आर्थिक मदद देती है। इस स्कीम का मकसद इन समुदायों के छात्रों को बिना किसी आर्थिक परेशानी के अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद करना है। पात्र छात्र 31 अगस्त 2026 तक राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

कक्षा 9 से 12 के लिए स्कॉलरशिप सपोर्ट

पीएम यशस्वी स्कीम कक्षा 9 से 12 में पढ़ने वाले योग्य छात्रों को सहयोग प्रदान करती है। इस स्कॉलरशिप का मकसद पढ़ाई से जुड़े खर्चों को पूरा करने और छात्रों को उनकी सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी पढ़ाई के दौरान मदद करना है। इस आर्थिक मदद का इस्तेमाल लागू गाइडलाइन के अनुसार, ट्यूशन फीस, हॉस्टल चार्ज और दूसरी पढ़ाई की जरूरतों सहित पढ़ाई से जुड़े खर्चों के लिए किया जा सकता है। सरकार ने कहा है कि इस स्कीम का मकसद पिछड़े बैकग्राउंड के मेधावी छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने और अपने पढ़ाई के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

ऑनलाइन योग्यता चेक करें छात्र

पीएम यशस्वी योजना के तहत चयन प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। इस प्रक्रियाका मकसद पारदर्शिता पक्का करना और योग्य छात्रों को स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने का बराबर मौका देना है। केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय ने हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस छात्रवृत्ति योजना के बारे में डिटेल्स शेयर कीं और छात्रों और अभिभावकों से गाइडलाइंस को ध्यान से पढ़ने को कहा। उन्हें और जानकारी पाने में मदद के लिए एक QR कोड भी दिया गया।

नोट करें आवेदन और वेरिफिकेशन की तारीख

इस स्कॉलरशिप के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर नए और नवीनीकरण (रिन्यूअल) दोनों श्रेणी के छात्र 1 जून 2026 से 31 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद शिक्षण संस्थान 15 सितंबर 2026 तक आवेदनों का सत्यापन करेंगे। मंत्रालय स्तर पर अंतिम सत्यापन 30 नवंबर 2026 तक इस काम को पूरा किया जाएगा।

पीएम यशस्वी योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

  • नेशनल स्कॉलरशिप की वेबसाइट scholarships.gov.in पर जाएं।
  • New Registration पर क्लिक करें, दिशानिर्देश पढ़ें और रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें।
  • इसके बाद User ID और Password मिल जाएगा।
  • एनएसपी पोर्टल पर आईडी और पासवर्ड से Log-in करें।
  • स्कॉलरशिप चुनें और आवेदन फॉर्म भरें।
  • डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और सबमिट करें।
  • इसके बाद स्कूल के नोडल अधिकारी ऑनलाइन वेरिफिकेशन करेंगे।
  • बाद में राज्य सरकार भी इसकी ऑनलाइन पुष्टि कर देगी।

पीएम यशस्वी योजना के लिए इन दस्तावेजों की जरूरत

  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • एजुकेशन सर्टिफिकेट
  • इनकम सर्टिफिकेट
  • निवास प्रमाण पत्र
  • जाति/समुदाय प्रमाण पत्र
  • विकलांगता प्रमाण पत्र, यदि लागू हो
  • बैंक खाता विवरण

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