Nifty Outlook: बाजार का रुख कमजोर, 24000 तक फिसल सकता है निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। पूरे दिन बाजार सीमित दायरे में रहा और आखिर में निफ्टी 29 अंक टूटकर 24,366 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.83% गिरा।

अब सोमवार, 17 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल रही?

निफ्टी 50 में Apollo Hospitals, Bharti Airtel और Adani Enterprises सबसे बड़े गेनर रहे। वहीं Tata Motors Passenger Vehicles, Jio Financial Services और ONGC सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा कमजोरी फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और मेटल शेयरों में रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी दबाव

ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर रहा। Nifty Midcap 100 में 0.53% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की गिरावट आई। BSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो घटकर 0.84 पर आ गया, जो मुनाफावसूली बढ़ने का संकेत देता है।

डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में रहा। USD/INR 95.40-95.45 के दायरे में कारोबार करता रहा और रुपया करीब ₹95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अगले हफ्ते निफ्टी का आउटलुक

अब पहली तिमाही के नतीजों का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में अगले हफ्ते बाजार की नजर ग्लोबल संकेतों और मैक्रो इकोनॉमिक घटनाक्रम पर रहेगी।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, आगे बाजार में अहम खबरों के हिसाब से स्टॉक में मूवमेंट ज्यादा देखने को मिल सकती है। निवेशक कंपनियों की कमाई और घरेलू आर्थिक मजबूती का आकलन करेंगे।

पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम की धारणा बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

एक्सपर्ट्स ने बताए अहम स्तर

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में फिलहाल कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। अगर गिरावट बढ़ती है, तो इंडेक्स 24,200-24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,500 पहला बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

SBI Securities के सुदीप शाह का मानना है कि 24,500-24,550 का स्तर पार होने पर निफ्टी 24,700 और फिर 24,850 तक जा सकता है। नीचे की ओर 24,230-24,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे के अनुसार, बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट अभी कमजोर है और निफ्टी 24,180 तक फिसल सकता है। उनके मुताबिक 24,400 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस रहेगा।

HDFC Securities के विनय राजानी ने कहा कि निफ्टी फिलहाल 20-डे DEMA (24,363) और 200-डे DEMA (24,385) के आसपास बंद हुआ है। ऐसे में 24,360-24,385 का जोन अगले कुछ सत्रों के लिए सबसे अहम रहेगा। उनके मुताबिक नीचे की ओर 24,265 और फिर 24,000 सपोर्ट है, जबकि ऊपर 24,630 और 24,750 अगले रेजिस्टेंस स्तर हो सकते हैं।

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जेब में अचानक गर्म हुआ Samsung Galaxy S26, कुछ ही पल बाद हुआ कथित धमाका; जानें पूरा मामला

सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला दावा तेजी से चर्चा में है, जिसमें गाजियाबाद के एक व्यक्ति की जेब में कथित तौर पर Samsung Galaxy S26 के फटने की बात कही जा रही है। वायरल पोस्ट के अनुसार, फोन पहले अचानक बेहद गर्म हुआ और उससे धुआं निकलने लगा। इससे पहले कि व्यक्ति कुछ समझ पाता या फोन को जेब से बाहर निकाल पाता, कथित तौर पर उसमें जोरदार धमाका हो गया। दावा है कि इस घटना में उसके दोनों हाथों और शरीर के निचले हिस्से पर गंभीर जलने की चोटें आईं।

आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसकी मदद की और उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चलने की बात कही गई है। घटना की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं, जिनमें फोन बुरी तरह जला और क्षतिग्रस्त दिखाई देता है। हालांकि, वायरल दावे और घटना की पूरी परिस्थितियों की अभी स्पष्ट रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

सफर के दौरान अचानक गर्म होने लगा फोन

वायरल पोस्ट के अनुसार, मजीद नाम का व्यक्ति गाजियाबाद से दनकौर, ग्रेटर नोएडा स्थित अपने गांव जा रहा था। इसी दौरान उसे महसूस हुआ कि करीब एक महीने पुराना उसका स्मार्टफोन सामान्य से काफी ज्यादा गर्म हो रहा है। बताया गया कि फोन से धुआं निकलने लगा और इससे पहले कि वह उसे जेब से बाहर निकाल पाता, उसमें धमाका हो गया।

राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल

पोस्ट में दावा किया गया है कि घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मजीद की मदद की और उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उसका इलाज चलने की बात कही गई है। सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरों में फोन काफी जला हुआ नजर आ रहा है। कथित तौर पर बैटरी वाले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है और फोन का पिछला पैनल भी पिघला हुआ दिखाई देता है।

एक महीने पहले खरीदा था फोन?

वायरल Reddit पोस्ट के मुताबिक, मजीद ने यह फोन करीब एक महीने पहले ग्रेटर नोएडा के The Grand Venice Mall स्थित DG Com से खरीदा था। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि घटना से पहले फोन सामान्य रूप से काम कर रहा था। हालांकि, इन दावों और घटना की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फोन में खराबी या विस्फोट की वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

Samsung से जवाब मांग रहे यूजर्स

ये दावा @Cartidise द्वारा X पर भी साझा किया गया, घटना की खबर सोशल मीडिया पर फैलते ही कई यूजर्स ने Samsung को टैग करते हुए कंपनी से जवाब और घायल व्यक्ति के इलाज में मदद की मांग की। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि अगर फोन खरीदने के कुछ ही समय बाद ऐसी घटना हुई है, तो निर्माता की जिम्मेदारी क्या बनती है। वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे Samsung के पुराने Galaxy Note 7 बैटरी विवाद से जोड़ते हुए कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

सोशल मीडिया पर छिड़ी फोन सेफ्टी की बहस

इस कथित घटना ने स्मार्टफोन की बैटरी और ओवरहीटिंग को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। यूजर्स का कहना है कि महंगे फ्लैगशिप फोन से कम से कम इतनी उम्मीद जरूर होती है कि वे रोजमर्रा के इस्तेमाल में सुरक्षित रहें। हालांकि, फिलहाल यह केवल सोशल मीडिया पर वायरल दावा है और घटना के कारण, फोन की स्थिति तथा जिम्मेदारी तय करने के लिए आधिकारिक जांच की जानकारी सामने आना बाकी है।

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टॉप 10 कंपनियों में से 5 का M-Cap ₹100000 करोड़ घटा, TCS को सबसे अधिक नुकसान

स्थानीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह गिरावट रही। इस बीच सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से 5 के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में कुल मिलाकर करीब 1 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। सबसे ज्यादा नुकसान आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने झेला। बीते सप्ताह सेंसेक्स 489.92 अंक या 0.62 प्रतिशत और निफ्टी 204.65 अंक या 0.83 प्रतिशत के नुकसान में रहा।

टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के मार्केट कैप में गिरावट आई। दूसरी ओर भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप बढ़ गया। इन कंपनियों की वैल्यूएशन में कुल 55,149.45 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।

बीते सप्ताह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मार्केट कैप 34,263.28 करोड़ रुपये घटकर 8,53,506.85 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 31,869.13 करोड़ रुपये घटकर 17,70,056.06 करोड़ रुपये, भारतीय स्टेट बैंक का 25,891.88 करोड़ रुपये घटकर 9,85,829.96 करोड़ रुपये, HDFC Bank का 7,165.37 करोड़ रुपये घटकर 11,20,802.10 करोड़ रुपये और ICICI Bank का मार्केट कैप 2,792.65 करोड़ रुपये घटकर 10,17,577.98 करोड़ रुपये पर आ गया।

बाकी 5 कंपनियों को कितना फायदा

इस रुख के उलट भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का मार्केट कैप 26,438.49 करोड़ रुपये बढ़कर 5,23,330.31 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह भारती एयरटेल का मार्केट कैप 20,592.13 करोड़ रुपये बढ़कर 12,43,016.11 करोड़ रुपये, बजाज फाइनेंस का 3,548.79 करोड़ रुपये बढ़कर 6,77,197.34 करोड़ रुपये, लार्सन एंड टुब्रो का 2,490.66 करोड़ रुपये बढ़कर 5,58,973.11 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 2,079.38 करोड़ रुपये बढ़कर 4,90,888.35 करोड़ रुपये हो गया।

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टॉप 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप पर

मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमश: भारती एयरटेल, HDFC Bank, ICICI Bank, भारतीय स्टेट बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा।

नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट में 17 अगस्त को NSE और BSE पर धूत ट्रांसमिशन, मोलबायो डायग्नोस्टिक्स की लिस्टिंग होगी। 18 अगस्त को NSE और BSE पर मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयर लिस्ट होने वाले हैं। इसके बाद 19 अगस्त को NSE और BSE पर बिहारी लाल इंजीनियरिंग और शिपरॉकेट के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

How to read Company Result: मुनाफा बढ़ना रिजल्ट अच्छा होने की गारंटी नहीं, शेयर खरीदने से पहले ये बातें भी करें चेक

How to read Company Result: किसी कंपनी या बैंक के शेयरों की चाल पर कई बातों का फर्क पड़ता है जैसे कि उनके प्रोडक्ट की डिमांड कैसी है, वैश्विक मार्केट का हाल कैसा है, कच्चे तेल की धार कितनी तेज है या मौद्रिक नीतियां कैसी हैं इत्यादि। इसके अलावा वैल्यूएशन कैसा है, क्योंकि अच्छी कंपनी भी बहुत महंगे भाव पर खराब निवेश बन सकती है। इन सबके अलावा एक और अहम बात कंपनी के तिमाही रिजल्ट का ऐलान है। कंपनी जब कारोबारी नतीजे पेश करती है तो इसके शेयरों पर इसका पॉजिटिव या निगेटिव असर दिखता है।

कई बार ऐसा होता है कि कंपनी का मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा लेकिन शेयर फुस्स तो दूसरी तरफ कंपनी घाटे में रहती है लेकिन शेयर तूफानी स्पीड से ऊपर चढ़ते हैं। इससे समझ सकते हैं कि शेयरों की चाल सिर्फ मुनाफे से नहीं तय होती बल्कि कई और बातों का भी इसमें रोल होता है। यहां कंपनियों और बैंकों के रिजल्ट में क्या देखें, इसके बारे में बताया जा रहा है।

कंपनी के रिजल्ट में क्या देखें

कंपनी की सेल्स/रेवेन्यू कितनी बढ़ी या घटी। इसे सिर्फ सालाना नहीं बल्कि तिमाही आधार पर भी देखना चाहिए। हालांकि ध्यान दें कि बिक्री बढ़ रही है लेकिन मुनाफा नहीं तो इसकी वजह क्या है, इसे समझना जरूरी है।

मुनाफे की बात करें तो टैक्स काटकर यानी शुद्ध मुनाफा तिमाही और सालाना आधार पर कितना बढ़ा या घटा। मुनाफा लगातार बढ़ रहा है या सिर्फ एक तिमाही। इन सब बातों पर गौर करें। अगर कंपनी के मुनाफे में रेवेन्यू के हिसाब से बहुत अधिक उछाल है तो इसमें एक्सेप्श्नल गेन या टैक्स बेनेफिट की कितनी भूमिका है, यह देखना जरूरी है। अगर कंपनी घाटे में है तो इसकी वजह क्या है, कहीं एक्सेप्शनल लॉस तो नहीं। ये सब चेक करना जरूरी है।

ऑपरेटिंग लेवल पर ईबीआईटीडीए और मार्जिन की क्या स्थिति है, यह बहुत अहम है क्योंकि यह बताता है कि कंपनी अपने मुख्य कारोबार से कितना अच्छा कमा रही है।

कैश फ्लो भी चेक करना चाहिए। मान लीजिए कि कंपनी ने ₹100 करोड़ मुनाफा कमाया, लेकिन कारोबार से सिर्फ ₹30 करोड़ नकद आया तो सवाल उठता है कि बाकी मुनाफा वास्तव में नकदी में क्यों नहीं बदला।

कंपनी का कर्ज कितना घटा या बढ़ा, इसे चेक कर लें और इस पर ब्याज का खर्च कितना है। कर्ज लगातार बढ़ रहा हो और कैश फ्लो कमजोर हो रहा हो तो इसे अलर्ट सिग्नल समझें।

एक और अहम फैक्टर RoCE (रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड) और RoE (रिटर्न ऑन इक्विटी) देखना है जिससे पता चलता है कि कंपनी अपने लगाए हुए पैसे से कितना अच्छा रिटर्न कमा रही है। सिर्फ कंपनी का मुनाफा देखना पर्याप्त नहीं है।

इन सबके अलावा मैनेजमेंट कमेंटरी को ध्यान से पढ़ें क्योंकि आगे बिक्री, मार्जिन, डिमांड की स्थिति, नए निवेश या कैपिटल एक्सपेंडिचर और बडे़ रिस्क का संकेत मिलता है।

बैंक के नतीजे पढ़ने का तरीका

कंपनी के विपरीत बैंक के रिजल्ट में रेवेन्यू और ईबीआईटीडीए की भूमिका नहीं होती है। इसकी बजाय लोन ग्रोथ देखें कि बैंक ने कितना नया कर्ज दिया और सिर्फ यही नहीं, इसकी क्वालिटी भी देखनी होगी।

बैंक के पास जमा पैसा कितनी तेजी से बढ़ रहा है, यह भी अहम है। डिपॉजिट की ग्रोथ और लोन की ग्रोथ में तुलना करनी होगी। इसमें सीएएसए (करंट अकाउंट सेविंग्स अकाउंट) भी देखना होता है क्योंकि ये बैंक के लिए कम लागत में लोन के लिए पैसों का इंतजाम हैं।

नेट इंटेरेस्ट मार्जिन (NIM) से यह पता चलता है कि बैंक अपने दिए हुए कर्ज और जुटाए हुए पैसे के बीच कितना ब्याज मार्जिन कमा रहा है। इसका बढ़ना आमतौर पर अच्छा माना जाता है और लगातार गिरना चिंता की विषय है।

बैंक के नतीजे में एक अहम बात है एसेट क्वालिटी चेक करना। इसके तहत ग्रास एनपीए, नेट एनपीए, नए खराब लोन यानी स्लिपेज, क्रेडिट कॉस्ट और प्रोविजनिंग को देखना है। अगर एनपीए कम हो रहा है और नए खराब लोन भी नियंत्रण में हैं, तो बैंक की एसेट क्वालिटी अच्छी मानी जाती है।

बैंक के प्रोविजनिंग की क्या स्थिति है यानी खराब कर्ज के लिए बैंक को कितना पैसा अलग रखना पड़ रहा है और इसकी ग्रोथ क्या है।

RoA (रिटर्न ऑन एसेट्स) और RoE (रिटर्न ऑन इक्विटी) यानी बैंक अपने एसेट्स और शेयरहोल्डर्स के पैसे पर कितना रिटर्न कमा रहा है।

एक और अहम प्वाइंट कैपिटल एडेकेसी/सीईटी1 है जिससे पता चलता है कि बैंक के पास भविष्य में बढ़ने और नुकसान झेलने के लिए पर्याप्त पूंजी है या नहीं।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

FPI की भारतीय शेयरों में दिलचस्पी बरकरार, अगस्त में अब तक ₹16621 करोड़ की खरीद

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की ओर से खरीदारी का सिलसिला अगस्त में लगातार दूसरी महीने जारी है। मौजूदा महीने के पहले 15 दिनों में FPI ने भारतीय शेयरों में ₹16,621 करोड़ का निवेश किया है। बेहतर वैल्यूएशंस, कंपनियों के अच्छे वित्तीय नतीजों और अमेरिका में ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद ने निवेशकों के रुख को सकारात्मक बनाने में अहम भूमिका निभाई है। इससे पहले जुलाई में FPI ने भारतीय शेयरों में ₹20,200 करोड़ का निवेश किया था। जुलाई से पहले लगातार 4 महीने सेलिंग की थी।

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (CDSL) के आंकड़ों के मुताबिक, FPI ने जून में ₹49,340 करोड़, मई में ₹32,963 करोड़, अप्रैल में ₹60,847 करोड़ और मार्च में रिकॉर्ड ₹1.17 लाख करोड़ की बिकवाली की थी। फरवरी में उन्होंने भारतीय शेयरों में ₹22,615 करोड़ का निवेश किया था।

हालिया खरीदारी के बावजूद FPI की ओर से साल 2026 में अब तक भारतीय शेयर बाजारों में सेलिंग का आंकड़ा करीब ₹2.4 लाख करोड़ रहा है। साल 2025 में उन्होंने ₹1.66 लाख करोड़ की सेलिंग की थी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अन्य बाजारों के मुकाबले भारत की वैल्यूएशंस के आकर्षक होने, कंपनियों के अच्छे नतीजों, अमेरिका में बेंचमार्क ब्याज दर में कटौती की संभावना, कच्चे तेल की नरम कीमतों और रुपये में कम उतार-चढ़ाव ने विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

सिलेक्टिव होती जा रही है FPI की खरीद

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Trackk के को-फाउंडर और CEO वेदांत गुप्ते का कहना है कि अगस्त में FPI की खरीदारी से संकेत मिलता है कि पहले की बिकवाली मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से प्रेरित थी, न कि भारत को लेकर किसी बड़ी चिंता के कारण। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, कच्चे तेल की नरम कीमतों और रुपये में स्थिरता ने विदेशी निवेशकों के लिए भारत से दूरी बनाए रखने को काफी हद तक कम कर दिया है।

गुप्ते के मुताबिक, FPI की खरीद अब ज्यादा सिलेक्टिव होती जा रही है और निवेशक घरेलू खपत से जुड़े सेक्टर्स में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर सेक्टर में दिलचस्पी बढ़ रही है। विदेशी निवेशक भारतीय परिवारों पर दांव लगा रहे हैं, न कि भारतीय इनवॉइस पर।

विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी भारतीय ऋण या बॉन्ड बाजार में भी बनी हुई है। अगस्त में अब तक FPI ने फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के जरिए ₹972 करोड़ और जनरल रूट से ₹69 करोड़ का निवेश किया है।

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आगे के लिए क्या अनुमान

आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों का रुख वैश्विक संकेतकों पर निर्भर रहेगा। अमेरिकी बॉन्ड पर यील्ड, डॉलर सूचकांक, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों की कमाई FPI का निवेश तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। बजाज ब्रोकिंग में डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च पबित्रो मुखर्जी का कहना है कि आने वाले हफ्ते में निवेशक कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे भूराजनीतिक तनाव से जुड़ी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखेंगे।

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Sunshine Pictures IPO: कमांडो, नमस्ते लंदन, द केरला स्टोरी की प्रोड्यूसर का इश्यू 18 अगस्त से, ग्रे मार्केट में चढ़ा शेयर

विपुल अमृतलाल शाह की प्रोडक्शन कंपनी सनशाइन पिक्चर्स का ₹282.14 करोड़ का IPO 18 अगस्त को खुलने जा रहा है। इसके लिए प्राइस बैंड ₹342-₹360 प्रति शेयर और लॉट साइज 41 शेयर है। इश्यू में ₹172.80 करोड़ के 48 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹109.34 करोड़ के 30 लाख से ज्यादा शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर और प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह और उनकी पत्नी व एक्ट्रेस शेफाली शाह शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

IPO 20 अगस्त को बंद होगा, जिसके बाद अलॉटमेंट 21 अगस्त को फाइनल हो सकता है। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 25 अगस्त को होने वाली है। इस पब्लिक इश्यू में एंकर निवेशक 17 अगस्त को बोली लगा सकेंगे। IPO के लिए GYR Capital Advisors Pvt.Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड है।

सनशाइन पिक्चर्स लिमिटेड फिल्मों, टीवी सीरियलों और वेब सीरीज को बनाने, डेवलप करने, प्रोड्यूस करने, मार्केटिंग करने और डिस्ट्रीब्यूट करने का काम करती है। कंपनी ने फोर्स, कमांडो, हॉलिडे, फोर्स 2, कमांडो 2 और द केरला स्टोरी, एक्शन रीप्ले, नमस्ते लंदन, आंखें, सिंह इज किंग जैसी मशहूर फिल्में बनाई हैं। इसने 10 कमर्शियल फिल्में (6 में को-प्रोड्यूसर), 2 वेब सीरीज, 2 टीवी सीरियल और एक शॉर्ट फिल्म बनाई है। अभी यह जियो स्टूडियोज के साथ मिलकर दो फिल्में को-प्रोड्यूस कर रही है। साथ ही दूरदर्शन के लिए एक वेब सीरीज बना रही है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इस इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 14.72 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

सनशाइन पिक्चर्स का वित्त वर्ष 2025-26 में स्टैंडअलोन बेसिस पर मुनाफा ₹40.02 करोड़ रहा। रेवेन्यू ₹74.4 करोड़ रहा। वित्त वर्ष 2025 में कंसोलिडेटेड बेसिस पर मुनाफा 35.4 प्रतिशत घटकर ₹34.5 करोड़ रहा था। रेवेन्यू भी 22.8 प्रतिशत की​ गिरावट के साथ ₹103.3 करोड़ पर आ गया। वित्त वर्ष 2025 में EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) ₹48.27 करोड़ और EBITDA मार्जिन 46.72 प्रतिशत रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

7 साल में ₹5 लाख से बनाया ₹1.30 करोड़ का पोर्टफोलियो! ट्रेडर की इस एक सीक्रेट ट्रिक ने बदली किस्मत, जानिए पूरा फॉर्मूला

Share Market Success Story: शेयर बाजार और ट्रेडिंग को लोग अक्सर रातों-रात अमीर बनने की ‘जैकपॉट मशीन’ समझते हैं। लेकिन बिना सोचे-समझे लगाया गया दांव आपको अमीर बनाने के बजाय कंगाल भी कर सकता है! इसी धारणा को पूरी तरह से झुठलाते हुए एक ट्रेडर ने साबित कर दिया कि बाजार में असली पैसा तुक्के से नहीं, बल्कि अनुशासन और सही सिस्टम से बनता है।

महज ₹5 लाख की शुरुआती पूंजी से सफर शुरू करने वाले इस ट्रेडर ने 7 सालों के उतार-चढ़ाव, भारी घाटे और अपनी गलतियों से सीखते हुए ₹1.30 करोड़ का विशाल पोर्टफोलियो खड़ा कर दिया। आइए आपको बताते हैं बिना किसी शॉर्टकट के शेयर बाजार में मिली इस शानदार कामयाबी की पूरी इनसाइड स्टोरी।

₹5 लाख से शुरुआत और ‘स्टॉक टिप्स’ की शुरुआती नाकामी

ट्रेडर ने अपने बाजार के सफर की शुरुआत साल 2018-19 में करीब ₹5 लाख के साथ की थी। नए निवेशकों की तरह वे भी शुरुआत में लोगों के दिए ‘स्टॉक टिप्स’ पर आंख मूंदकर भरोसा करते थे और मार्केट खुलते ही शेयर्स में शॉर्टिंग करते थे। हालांकि इस रणनीति से कुछ पैसे जरूर बने, लेकिन ब्रोकरेज और टैक्स चुकाने के बाद हाथ में कुछ खास नहीं बचा।

ऑप्शन बाइंग से सेलिंग का सफर और ₹10 लाख के कर्ज का झटका

शुरुआती दौर के बाद उन्होंने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में कदम रखा और ऑप्शन बाइंग शुरू की। यूट्यूब पर वित्तीय एक्सपर्ट्स का वीडियो देखने के बाद उनके सोचने का तरीका बदला और वे ‘ऑप्शन बायर’ से ‘ऑप्शन सेलर’ बनने की तरफ बढ़े।

ऑप्शन सेलिंग के लिए ज्यादा पैसों की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने अपने दोस्त से ₹10 लाख उधार लिए। दुर्भाग्य से यह रणनीति पूरी तरह से फेल हो गई और उन्हें भारी नुकसान हुआ। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, दोस्त का पूरा कर्ज चुकाया और अपनी गलतियों से सीख लेकर नए सिरे से पढ़ाई शुरू की।

‘StockMock’ पर बैकटेस्टिंग ने बदली पूरी किस्मत

उनकी ट्रेडिंग जर्नी में असली टर्निंग प्वाइंट तब आया जब उन्होंने StockMock प्लेटफॉर्म पर अपने ट्रेडिंग सिस्टम की नियमबद्ध बैकटेस्टिंग शुरू की। उन्होंने ‘टाइम-बेस्ड शॉर्ट स्ट्रैडल्स’ का टेस्टिंग किया और बिना किसी इमोशन में बहे कड़े अनुशासन से नियमों का पालन किया:

    • 2020 का रिटर्न: 86% का बंपर मुनाफा।
    • 2021 का रिटर्न: 83% का शानदार रिटर्न हासिल किया।
    • उन्होंने जेरोधा का 60-डे चैलेंज लगातार 17 विन के साथ अपने नाम किया।

‘सफल ट्रेडिंग रोमांचक नहीं, बल्कि बोरिंग होती है’

ओवरट्रेडिंग और लालच से बचने के लिए उन्होंने किताबें पढ़ना शुरू किया। जोएल ग्रीनब्लाट की मशहूर किताब ‘The Little Book That Beats the Market’ से प्रेरणा लेकर उन्होंने सिस्टमैटिक इन्वेस्टिंग का तरीका समझा।

आज वे F&O से मिलने वाले मुनाफे को इक्विटी में अपने बनाए सिस्टमैटिक फ्रेमवर्क के जरिए लंबे समय के लिए इन्वेस्ट करते हैं। पिछले 7 सालों में उनका वास्तविक CAGR लगभग 48% रहा है। उनका सबसे बड़ा गुरुमंत्र है, ‘मैंने सब कुछ किताबों, यूट्यूब, वेबिनार और आर्टिकल्स से सीखा है, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।’

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़

X पर उनकी यह कहानी सामने आते ही लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रियाएं आने लगीं। एक यूजर ने लिखा, ‘₹10 लाख के कर्ज में फेल होने के बाद आम तौर पर लोग ट्रेडिंग छोड़ देते हैं, लेकिन इन्होंने कर्ज चुकाया और सीखते रहे। यही असली कहानी है।’ दूसरे यूजर ने कहा, ‘ऑप्शन बाइंग के जाल से निकलकर सिस्टमैटिक ऑप्शन सेलिंग और बैकटेस्टिंग अपनाना ही सबसे समझदारी भरा कदम था।’

नए निवेशकों के लिए क्या है सीख?

ट्रेडर का यह सफर यह साबित करता है कि शेयर बाजार में टिके रहने के लिए ‘टिप्स’ नहीं, बल्कि ‘सिस्टम और अनुशासन’ काम आता है। अगर आप भी बाजार में लंबे समय के लिए टिकना चाहते हैं, तो बिना सीखे दांव लगाने के बजाय बैकटेस्टिंग, रिस्क मैनेजमेंट और सब्र को अपनी ताकत बनाएं।

Disclaimer: मनीकंट्रोल ने संबंधित व्यक्ति द्वारा किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है। यह जानकारी पूरी तरह से  X पर उनके बयानों/पोस्ट पर आधारित है और केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है, इसे निवेश की सलाह न माना जाए।

Mukul Agrawal Portfolio: स्टार निवेशक का बदला मूड, पोर्टफोलियो में एक स्टॉक की एंट्री तो दूसरी ओर 3 की विदाई

Mukul Agrawal Portfolio: दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल के पोर्टफोलियो में पिछली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में बड़े बदलाव हुए। एक तरफ उन्होंने अपने पोर्टफोलियो में एरिसइंफ्रा सॉल्यूशंस को शामिल किया तो दूसरी तरफ उन्होंने लक्ष्मी फाइनेंस समेत तीन स्टॉक्स का वजन और बढ़ाया। उन्होंने सिर्फ खरीदारी ही नहीं की बल्कि कुछ मुनाफा भी बुक किया। जून तिमाही में उनके पोर्टफोलियो से रेमंड लाइफस्टाइल समेत पांच स्टॉक्स का वजन हल्का हुआ तो तीन स्टॉक्स ऐसे रहे, जिनमें उनकी होल्डिंग या तो जीरो हो गई या 1% से नीचे आ गई। सेबी के नियमों के मुताबिक कंपनियों को सिर्फ 1% या इससे अधिक की होल्डिंग वाले शेयरहोल्डर्स के नाम का खुलासा करना अनिवार्य है।

इन स्टॉक्स में की और खरीदारी और एक की हुई एंट्री

मुकुल अग्रवाल के पोर्टफोलियो में जून 2026 तिमाही में एरिसइंफ्रा सॉल्यूशंस की एंट्री हुई। उन्होंने इसके 13 लाख शेयर खरीदे जो कंपनी में 1.6% होल्डिंग के बराबर है। इसके अलावा जून तिमाही में उन्होंने लक्ष्मी फाइनेंस में अपनी हिस्सेदारी 0.8 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बढ़ाकर 4.6% (24 लाख शेयर), वेलर एस्टेट में 0.1 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बढ़ाकर 1.6% (85 लाख शेयर) और लक्स इंडस्ट्रीज में 0.1 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बढ़ाकर 1.6% (4,65,246 शेयर) कर ली।

इन स्टॉक्स में की बिकवाली तो ये हुए बाहर

मुकुल अग्रवाल ने जून तिमाही में कुछ स्टॉक्स में अपनी होल्डिंग हल्की की। उन्होंने जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स में अपनी होल्डिंग 0.1 पर्सेंटेज प्वाइंट्स घटाकर 2.6% (19,30,920 शेयर), केआरएन हीट एक्सचेंजर में 0.1 पर्सेंटेज प्वाइंट्स कम कर 1.5% (10 लाख शेयर), इंटेलेक्ट डिजाइन एरेना में 0.2 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बेचकर 1.3% (17.90 लाख), विधि स्पेशल्टी फूड में 0.2 पर्सेंटेज प्वाइंट्स घटाकर (6,90,924 शेयर) और रेमंड लाइफस्टाइल में 0.2 पर्सेंटेज प्वाइंट्स घटाकर (7 लाख शेयर) कर ली। वहीं दूसरी तरफ रेडिको खेतान, सूर्या रोशनी और विक्रान इंजीनियरिंग के इतने शेयर बेचे कि उनकी होल्डिंग या तो जीरो हो गई या 1% से कम हो गई। इससे पहले मार्च 2026 तिमाही में रेडिको खेतान में उनकी होल्डिंग 1.1%, सूर्या रोशनी की 1.0% और विक्रान इंजीनियरिंग की 1.4% थी।

समरी

स्टॉक जून तिमाही के आखिरी में होल्डिंग बदलाव (पर्सेंटेज प्वाइंट) शेयरों की संख्या शेयर का मौजूदा भाव 52 हफ्ते का निचला स्तर (तारीख) 52 हफ्ते का हाई लेवल (तारीख)
Arisinfra Solutions1.6%नया13,00,000₹134.09₹82.18 (09/02/26)₹178.30 (23/10/25)
Laxmi Finance4.6%0.824,00,000₹124.38₹71.06 (30/03/26)₹180.90 (18/09/25)
Valor Estate1.6%0.185,00,000₹111.91₹83.50 (30/03/26)₹187.05 (13/08/25)
Lux Industries1.6%0.14,65,246₹1,188.10₹824.05 (30/03/26)₹1,823.35 (24/04/26)
J Kumar Infraprojects2.6%(-)0.119,30,920₹497.65₹425.00 (30/03/26)₹685.40 (18/08/25)
KRN Heat Exchanger1.5%(-)0.110,00,000₹1,468.30₹589.80 (27/01/26)₹1,468.30 (14/08/26)
Intellect Design Arena1.3% (-)0.217,90,000₹700.60₹595.20 (30/03/26)₹1,244.60 (03/11/25)
Vidhi Specialty Food1.4%(-)0.26,90,924₹309.90₹258.60 (30/03/26)₹410.00 (04/09/25)
Raymond Lifestyle1.2%(-)0.27,00,000₹741.20₹677.00 (03/08/26)₹1,350.00 (16/09/25)
Radico Khaitan–1% के नीचे–₹4,650.00₹2,500.00 (02/03/26)₹4,675.20 (13/09/26)
Surya Roshni–1% के नीचे–₹222.98₹187.35 (30/03/26)₹320.15 (13/08/26)
Vikran Engineering–1% के नीचे–₹62.22₹51.10 (30/03/26)₹118.40 (20/11/25)

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Video: हजारों जूतों के बीच गुम हुई एक चप्पल, शख्स ने अपनाया AI का अनोखा जुगाड़; वीडियो हुआ वायरल

हजारों जूतों और चप्पलों के बीच अपनी एक जोड़ी तलाशना किसी चुनौती से कम नहीं होता। ऐसे में एक शख्स ने इस उलझन को सुलझाने के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया। बताया जा रहा है कि उसके सामने 1,000 से ज्यादा जोड़ी फुटवियर का ढेर था, जिसमें उसकी एक चप्पल कहीं गुम हो गई थी। हर जोड़ी को खुद देखकर तलाशने में काफी समय लग सकता था, इसलिए उसने तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया। शख्स ने पूरे ढेर की तस्वीर खींची और उसे ChatGPT के सामने रखकर अपनी खोई हुई चप्पल पहचानने में मदद मांगी।

दावा है कि AI ने तस्वीर का विश्लेषण कर उसे संभावित जगह बताई, जिससे चप्पल तलाशना आसान हो गया। इस अनोखे इस्तेमाल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और यूजर्स ने AI के इस ‘जुगाड़’ पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं।

तस्वीर खींची और AI से मांगी मदद

Instagram यूजर शुभांग बोरकर द्वारा शेयर किए गए वीडियो में बड़ी संख्या में फुटवियर एक साथ रखे नजर आते हैं। पोस्ट के मुताबिक, इस ढेर में 1,000 से ज्यादा जोड़ी जूते-चप्पल थे और शख्स की एक clog कहीं गुम हो गई थी। उसने पूरे ढेर की तस्वीर खींचकर ChatGPT से पूछा कि उसकी खोई हुई चप्पल कहां हो सकती है। दावा है कि AI ने तस्वीर देखकर उसे सही जगह तक पहुंचने में मदद की और आखिरकार चप्पल मिल गई।

20 लाख से ज्यादा बार देखा गया वीडियो

यह अनोखा AI इस्तेमाल सोशल मीडिया यूजर्स को खूब पसंद आया। वीडियो को 20 लाख से ज्यादा व्यूज मिले। कई लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब ChatGPT का इस्तेमाल रोजमर्रा की छोटी-छोटी परेशानियां सुलझाने के लिए भी होने लगा है। एक यूजर ने लिखा, “मुझे नहीं पता था कि ChatGPT का इस्तेमाल इस तरह भी कर सकते हैं।” वहीं दूसरे ने मजाक करते हुए कहा कि सबसे सुंदर जोड़ी चुनकर वहां से निकल जाना चाहिए।

किसी ने कहा- AI तो रो रहा होगा!

वीडियो पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई। एक यूजर ने लिखा, “AI कोने में बैठकर रो रहा होगा।” वहीं किसी ने सुझाव दिया कि इसके लिए Google के AI चैटबॉट Gemini Live का इस्तेमाल किया जा सकता था। हालांकि, कुछ लोगों ने इसे मजाक के बजाय तकनीक के स्मार्ट इस्तेमाल के तौर पर देखा। एक कमेंट में लिखा गया, “आधुनिक समस्याओं के लिए आधुनिक समाधान चाहिए।”

सिर्फ चप्पल नहीं, किताब खोजने में भी AI की मदद

इस पोस्ट ने लोगों को अपने ऐसे अनुभव साझा करने का मौका भी दिया। एक महिला ने बताया कि उसके पति को एक किताब की तलाश थी। बुक सेल में मौजूद किताबों की तस्वीरें खींचकर उन्होंने ChatGPT की मदद ली और कथित तौर पर AI ने किताब का स्थान पहचानने में सहायता की।

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AI का बढ़ता अनोखा इस्तेमाल

यह घटना दिखाती है कि लोग AI का इस्तेमाल अब सिर्फ लेख लिखने, सवालों के जवाब पाने या कोडिंग तक सीमित नहीं रख रहे हैं। तस्वीरों के जरिए चीजों को पहचानने और खोजने जैसे छोटे-छोटे कामों में भी AI मददगार साबित हो रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो और उसमें बताई गई पूरी घटना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।