Ather Energy प्रेफरेंशियल इश्यू से जुटाएगी ₹1200 करोड़, शेयरहोल्डर्स से ग्रीन सिग्नल; चढ़ सकता है शेयर

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली एथर एनर्जी लिमिटेड प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए ₹1200 करोड़ तक का फंड जुटाना चाहती है। इस प्रपोजल पर कंपनी के शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिल गई है। 14 अगस्त को कंपनी की असाधारण आम बैठक थी। इसी में प्रपोजल पास हुआ। इसके पक्ष में 97.72 प्रतिशत वोट रहे। इस डेवलपमेंट के चलते सोमवार, 17 अगस्त को एथर एनर्जी के शेयर में तेजी देखने को मिल सकती है।

कंपनी ने जून महीने में कई तरीकों से ₹2,500 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। कहा गया था कि इन तरीकों में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), राइट्स इश्यू, प्रेफरेंशियल इश्यू और फॉरेन करेंसी कनवर्टिबल बॉन्ड (FCCB) जारी करना शामिल है। कंपनी हाल ही में ₹1,300 करोड़ का QIP लाई थी। इसे ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की बोलियां मिलीं। QIP में देश और दुनिया के बड़े इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स ने हिस्सा लिया।

प्रेफरेंशियल इश्यू के तहत हीरो मोटोकॉर्प, एथर एनर्जी के को-फाउंडर तरुण मेहता और स्वप्निल जैन के साथ मिलकर, ₹1,260 प्रति वॉरंट के हिसाब से निवेश करेगी। यह कीमत ₹1,175.74 के फ्लोर प्राइस से 7.2 प्रतिशत ज्यादा है। स्ट्रैटेजिक इनवेस्टर इंडिया-जापान फंड ₹1,230 प्रति शेयर के हिसाब से इक्विटी शेयर खरीदेगा, जो फ्लोर प्राइस से 4.6% ज्यादा है। हीरो मोटोकॉर्प लगभग ₹960 करोड़ का निवेश करेगी, जबकि इंडिया-जापान फंड ₹200 करोड़ का निवेश करेगा। को-फाउंडर तरुण मेहता और स्वप्निल जैन दोनों ₹20-20 करोड़ का निवेश करेंगे।

Ather Energy का शेयर एक साल में 263 प्रतिशत चढ़ा

एथर एनर्जी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर ₹1511.05 है। कंपनी का मार्केट कैप ₹59600 करोड़ से ज्यादा है। यह मई 2025 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 2980.76 करोड़ रुपये का था। एक साल में शेयर 263 प्रतिशत और 6 महीनों में 113 प्रतिशत चढ़ा है। 3 महीनों में कीमत 60 प्रतिशत और 2 सप्ताह में करीब 20 प्रतिशत उछली है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 39.58 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

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जून तिमाही में घाटे में गिरावट

अप्रैल-जून 2026 ​तिमाही में एथर एनर्जी का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर कम होकर ₹51.09 करोड़ रह गया। एक साल पहले घाटा 178.23 करोड़ था। थोक बिक्री 81 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 83,173 यूनिट्स की रही, जबकि जून 2025 तिमाही में यह 46,078 यूनिट्स की थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

4 नियम पड़े रिटेल इंवेस्टर्स पर भारी, SEBI ने लाया था खास वजह से और पड़ा ऐसा असर

पिछले दो वर्षों में मार्केट रेगुलेटर सेबी देश के कैपिटल मार्केट को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और लेस स्पेक्यूलेटिव यानी कम सट्टेबाजी वाला बनाने के लिए कई नियम लागू किए हैं। इसका उद्देश्य रिटेल इंवेस्टर्स को बचाना, लेवरेज कम करना और रिस्क मैनेजमेंट को मजबूत करना है। ब्रोकरेज फर्म सैम्को सिक्योरिटीज के सीईओ और फाउंडर जिमीत मोदी के मुताबिक सेबी की यह पहल बेहतर तो है रेगुलेशन के साथ-साथ मार्केट की एफिसिएंसी, लिक्विडिटी और फेयर एक्सेस भी बनी रहनी चाहिए। यहां ऐसे ही 4 नियमों के बारे में बताया जा रहा है, जिनसे रिटेल इंवेस्टर्स काफी प्रभावित हुए और जिमीत मोदी ने रिटेलर्स पर इसके असर को लेकर जिक्र किया है।

4 नियम और उनके असर

1.F&O पर लगाम से घटी सट्टेबाजी लेकिन एक्सेस भी हुआ कम

सेबी ने सबसे बड़ा दखल इक्विटी डेरिवेटिव्स में दिया है। इसके तहत कॉन्ट्रैक्ट का साइज बढ़ाया गया, वीकली एक्सपायरी के ऑप्शन कम किए गए, एक्सपायरी-डे पर रिस्क कवर बढ़ाया गया, ऑप्शन प्रीमियम पहले से जमा करना जरूरी किया गया और पोजिशन लिमिट की इंट्रा-डे मॉनिटरिंग शुरू की गई। इसका उद्देश्य बहुत अधिक शॉर्ट-टर्म स्पेक्यूलेटिव को रोकना और रिटेल इन्वेस्टर्स को बड़े नुकसान से बचाना था।

हालांकि वित्त वर्ष 2026 में F&O में रिटेलर्स का नुकसान 18% घटकर ₹91,685 करोड़ रह गया लेकिन F&O में हिस्सेदारी भी लगभग 20% घटकर 78.6 लाख रह गई। रिटेलर्स का नुकसान कम तो हुआ लेकिन प्रति ट्रेडर औसत नुकसान ₹1.14 लाख से बढ़कर ₹1.17 लाख हो गया। इससे एक अहम सवाल उठता है कि क्या हम समस्या को हल कर रहे हैं, या हिस्सेदारी कम करके एक्सपोजर को कम कर रहे हैं?

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2.लॉट साइज में बढ़ोतरी: सुरक्षित मार्केट या हाई एंट्री बैरियर्स?

मिनिमम कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू बढ़ाने का मकसद छोटे निवेशकों को बहुत बड़ी स्पेक्यूलेटिव वाली पोजिशन लेने से रोकना था। हालांकि डेरिवेटिव्स रिस्क-मैनेजमेंट टूल का भी एक बड़ा जरिया है, खासतौर से उन निवेशकों के लिए जो अपने कैश-मार्केट एक्सपोजर को हेज करना चाहते हैं। लॉट साइज बड़ा होने से ऐसे हेज के लिए अधिक कैपिटल की जरूरत पड़ने लगी जिससे अंडरलाइंग पोजिशन के साथ हेज का तालमेल बिठाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में निवेशकों के लिए मार्केट में हिस्सा लेना मुश्किल बनाने करने की बजाय इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि वे रिस्क को कैसे मैनेज करते हैं।

3.एक्सपायरी और मार्जिन के नियम

सेबी ने एक्सपायरी के समय मिलने वाले कई मार्जिन बेनेफिट्स को हटा दिया और वीकली इंडेक्स डेरिवेटिव्स के नियमों को तार्किक बनाया। इसका उद्देश्य बहुत अधिक रिस्क वाली पोजिशन और एक्सपायरी के दिन होने वाले भारी उतार-चढ़ाव को कम करना था, लेकिन इनसे ट्रेडिंग और हेजिंग की चली आ रही स्ट्रैटेजीज भी बदल गई हैं। सेबी की साल 2025 की स्टडी से पता चला कि इससे इक्विटी डेरिवेटिव्स में यूनिक इंडिविजुअल ट्रेडर्स की संख्या सालाना आधार पर 20% गिर गई तो प्रीमियम के हिसाब से इंडिविजुअल टर्नओवर 11% घट गया। ऐसे में सेबी का नियम सिर्फ खराब तरीके ही नहीं हटा रहा, बल्कि मार्केट के तरीके को भी बदल रहा है।

4.क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS): बेहतर प्राइस डिस्कवरी लेकिन

3 अगस्त 2026 से सेबी ने F&O स्टॉक्स के लिए ‘क्लोजिंग ऑक्शन सेशन’ (CAS) शुरू किया, जिसने पहले के 30 मिनट वाले VWAP-बेस्ड क्लोजिंग सिस्टम की जगह ली। इसका उद्देश्य कीमत तय करने के तरीके को बेहतर बनाना, आखिरी मिनट के ट्रेड के असर को कम करना और भारतीय मार्केट को ग्लोबल तौर-तरीकों से जोड़ना। हालांकि शुरुआती कुछ सेशन में स्पॉट और फ्यूचर्स की कीमतों में असामान्य अंतर दिखा और शुरुआत में लोगों की भागीदारी कम रही। सेबी के मुताबिक इसमें कोई मैनिपुलेशन नहीं मिला है, और तब से भागीदारी में सुधार भी हुआ है। हालांकि इससे यह सबक मिलता है कि अच्छे ढंग से बनाए गए सुधार भी मार्केट में हिस्सा लेने वालों के लिए थोड़े समय के लिए मुश्किलें पैदा कर सकते हैं।

कहां आई दिक्कत?

सेबी के नियमों से एफएंडओ एक्टिविटी कम हुई। इसकी वित्त वर्ष 2026 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स 51.5% और फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स 17.7% घट गया। इसकी वजह एसटीटी में बढ़ोतरी के साथ-साथ सेबी के नियम भी हैं। जिमीत के मुताबिक स्पेक्यूलेशन में कमी तब अच्छी है, जब इससे अच्छा रुख दिखे लेकिन अगर वॉल्यूम भी गिरे क्योंकि मार्केट में एंट्री बहुत महंगी या कठिन हो गई है तो इससे लिक्विडिटी और प्राइस डिस्कवरी पर असर पड़ सकता है। उनका मानना है कि लक्ष्य सड़क को सुरक्षित बनाना होना चाहिए, सड़क को खाली करना नहीं। जिमीत के मुताबिक भारतीय मार्केट को देशी-विदेशी संस्थागत निवेशकों के मजबूत निवेश की जरूरत है। जिमीत के मुताबिक बैरियर बढ़ाने की तुलना में बेहतर डिस्क्लोजर, इंवेस्टर एडुकेशन, सूटेबिलिटी चेक्स और रिस्क-बेस्ड सेफगार्ड्स अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।

Share Market New Rule: सिर्फ 3 दिनों के लिए शेयर दें किराए पर, बिना बेचे कमाई, खास स्टॉक्स के लिए आए रहा नया सिस्टम

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Share Market New Rule: देश का पहला क्लियरिंग कॉरपोरेशन और एनएसई (NSE) की सब्सिडरी एनएसई क्लियरिंग लिमिटेड 17 अगस्त से सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) स्कीम के तहत कम समय वाले कॉन्ट्रैक्ट शुरू करेगा। इसके तहत महज तीन दिन के सेटलमेंट साइकिल के साथ स्टॉक-लेंडिंग ट्रांजैक्शन हो सकेगा। एनएसई क्लियरिंग ने इससे जुड़ा सर्कुलर 14 अगस्त को जारी किया जिसके मुताबिक नए कॉन्ट्रैक्ट R3 सीरीज के तहत शुरू किए जाएंगे और हर दिन उपलब्ध होंगे। ये कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ उन स्टॉक्स के लिए उपलब्ध होंगे जो इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में ट्रेडिंग के लिए एलिजिबल हैं यानी कि जो F&O सेगमेंट का हिस्सा हैं।

क्या है नियम

नए स्ट्रक्चर के तहत ट्रांजैक्शन वाले दिन यानी T Day पर किए गए SLB ट्रांजैक्शन का पहला हिस्सा T+1 दिन पर यानी अगले दिन सेटल होगा, जबकि उससे जुड़ा रिवर्स हिस्सा T+3 दिन पर सेटल होगा इसमें सेटलमेंट की छुट्टियां शामिल नहीं होंगी। अभी के एसएलबी कॉन्ट्रैक्ट्स के उलट AGM (एनुअल जनरल मीटिंग) या EGM (एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग) होने पर R3 कॉन्ट्रैक्ट्स को समय से पहले बंद नहीं किया जाएगा। साथ ही कम समय वाले इन कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए रीपेमेंट, रिकॉल और रोलओवर की सुविधाएं नहीं मिलेगी। मार्केट खुले रहने के दौरान यानी मार्केट टाइमिंग्स में क्लियरिंग और सेटलमेंट, रिस्क मैनेजमेंट और कॉरपोरेट एक्शन से जुड़े बाकी सभी नियम वैसे ही रहेंगे जैसे मौजूदा एसएलबी कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए हैं।

R3 सीरीज के आने से मार्केट पार्टिसिपेंट्स को सिक्योरिटीज लेंडिंग ट्रांजैक्शन के लिए कम होल्डिंग पीरियड मिलता है, जबकि SLB कॉन्ट्रैक्ट्स का समय ज्यादा होता है यानी कि अगर किसी ट्रेडर को किसी शेयर को शॉर्ट करने के लिए केवल कुछ दिनों के लिए शेयर चाहिए, तो R3 कॉन्ट्रैक्ट उसके लिए लंबी अवधि वाले SLB कॉन्ट्रैक्ट की तुलना में अधिक बेहतर हो सकता है। इससे ट्रेडर्स और निवेशकों को शॉर्ट-टर्म बॉरोइंग और लेंडिंग की जरूरतों को मैनेज करने में अधिक फ्लेक्सिबिलिटी मिल सकती है। इस प्रकार R3 कम अवधि वाला नया SLBM कॉन्ट्रैक्ट है, जिसमें शेयर T+3 पर वापस होंगे।

क्या है SLBM?

सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग मैकेनिज्म (SLBM) एक ऐसा सिस्टम है जिसके तहत निवेशक अपनी सिक्योरिटीज जैसे कि शेयर को एक तय समय के लिए दूसरे मार्केट पार्टिसिपेंट्स को उधार दे सकता है। इसके बदले में उन्हें लेंडिंग फीस मिलती है। यह सिस्टम उन निवेशकों के लिए बहुत काम का है जो अपनी सिक्योरिटीज से अतिरिक्त कमाई करना चाहते हैं, और उन ट्रेडर्स के लिए भी जिन्हें शॉर्ट-सेलिंग को लेकर शेयर उधार लेने की जरूरत होती है। इसके तहत उधार लेने वाला सिक्योरिटीज का इस्तेमाल करने के बदले उधार देने वाले को लेंडिंग फीस देता है। एक्सचेंज और क्लियरिंग कॉर्पोरेशन ट्रांजैक्शन को मैच करने और कोलेटरल, सेटलमेंट व अन्य रिस्क को मैनेज करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर देते हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Independence Day 2026: 1 करोड़ युवाओं की AI ट्रेनिंग, 6 करोड़ लखपति दीदी… लाल किले से हुए वो 7 ऐलान जो बदल देंगे आपकी जिंदगी

Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए बड़े ऐलान किए हैं। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI), शिक्षा, खेल, सिविल डिफेंस, सेमीकंडक्टर विनिर्माण, परमाणु ऊर्जा और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी प्रमुख योजनाओं और लक्ष्यों की जानकारी शेयर की है। इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाए जाने से देश में करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल सकती है।

आइए आपको विस्तार से उन 7 प्रमुख ऐलानों के बारे में बताते हैं जो आपकी जिंदगी पर असर डालने जा रहे हैं-

1. 1 करोड़ युवाओं की AI ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अगले एक साल में देश के 1 करोड़ युवाओं को AI (आर्टिफिशल इंटेलिजेंस) स्किल्स में प्रशिक्षित किया जाएगा। तेजी से बढ़ती तकनीक का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस कदम से भारत के युवा AI की दुनिया में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने में सक्षम बनेंगे।

2. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क बनाने की घोषणा की गई। कोचिंग संस्थानों के भारी वित्तीय बोझ से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को राहत देने के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), उपलब्ध प्रतिभाओं और शिक्षकों को एक साथ लाकर यह पूरा ढांचा तैयार किया जाएगा।

3. 5-15 वर्ष के बच्चों के लिए राष्ट्रव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट

गांवों, शहरों और स्कूलों में 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों की खेल प्रतिभा की पहचान करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। चुने गए बच्चों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। जिन ओलंपिक खेलों में भारत वर्तमान में भाग या क्वालीफाई नहीं करता है, उन पर विशेष जोर दिया जाएगा।

4. आधुनिक चुनौतियों के लिए वाइब्रेंट सिविल डिफेंस नेटवर्क

युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए देश में एक वाइब्रेंट सिविल डिफेंस (नागरिक सुरक्षा) नेटवर्क तैयार किया जाएगा। आधुनिक समय में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित न रहकर रिफाइनरी, बैंकिंग सेक्टर, डेटा सेंटर और फैक्ट्रियों जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रभावित कर सकते हैं। पिछली शताब्दी के पुराने ढर्रे के स्थान पर नागरिकों को आधुनिक प्रणालियों से परिचित कराया जाएगा और एक बड़ा स्वैच्छिक बल तैयार किया जाएगा।

5. 6 करोड़ लखपति दीदी का नया लक्ष्य

देश के विकास में महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का पिछला लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। अतिरिक्त 3 करोड़ लखपति दीदी बनने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा।

6. आत्मनिर्भरता के लिए और सेमीकंडक्टर प्लांट्स

भारत में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट्स शुरू हो चुके हैं और उनसे उत्पादन का निर्यात भी शुरू हो गया है। आने वाले 7-8 वर्षों में देश में 5 से 8 और नए सेमीकंडक्टर प्लांट्स स्थापित किए जाएंगे, जो विकसित भारत के निर्माण में सहायक होंगे।

7. 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता

चिप्स, AI और डेटा सेंटरों की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं के मद्देनजर ऊर्जा सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताया गया है। भारत ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावॉट (GW) परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत इसी दशक में 5 नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की योजना है। साथ ही फास्ट ब्रिडर टेक्नोलॉजी में मिली सफलता को परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया गया।

PM मोदी के फ्री कोचिंग ऐलान के बाद Physics Wallah के फाउंडर अलख पांडे ने उठाया ये स्टेप और कही अपनी बात

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा का एडटेक प्लेटफॉर्म फिजिक्स वाला के फाउंडर और सीईओ अलख पांडे ने दिल से स्वागत किया है। अलख पांडे ने केंद्र सरकार के इस कदम की तारीफ करते हुए इस पहल को लागू करने के लिए सरकार को अपना बिना शर्त समर्थन देने की पेशकश की है।

लाल किले से पीएम मोदी ने किया था बड़ा ऐलान

इस बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पप देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने की योजना का ऐलान किया था। इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों पर कोचिंग के बोझ को कम करना है। सरकार की इस योजना का लक्ष्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल को देश के हर कोने तक पहुंचाना है।

क्वालिटी एजुकेशन पर हर बच्चे का हक- अलख पांडे ने कही ये बात

प्रधानमंत्री के इस ऐलान के तुरंत बाद अलख पांडे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। अलख पांडे ने पोस्ट में लिखा कि मैं सभी जरूरतमंद छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग के संबंध में माननीय प्रधानमंत्री के वादे की वास्तव में सराहना करता हूं। उन्होंने कहा कि उनका हमेशा से यह मानना रहा है कि ऑनलाइन शिक्षा दूर-दराज के कस्बों और गांवों में रहने वाले छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बनाने का एक बेहतरीन माध्यम है।

अलख पांडे ने सरकार को अपना बिना शर्त समर्थन देते हुए कहा कि वह बदले में कोई प्रॉफिट नहीं चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मैं बदले में कोई मुनाफा नहीं चाहता। भारत के हर बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बिल्कुल मुफ्त होनी चाहिए।

जमीन पर सही क्रियान्वयन (Execution) सबसे जरूरी

अलख पांडे ने योजना का स्वागत करने के साथ ही इसके सफल क्रियान्वयनपर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मैं इसे जमीन पर उतरते हुए देखना चाहता हूं, क्योंकि इसका क्रियान्वयन ही सबसे मुख्य हिस्सा है। उनका मानना है कि इस घोषणा को धरातल पर एक प्रभावी कार्यक्रम में बदलना ही असली चुनौती होगी और इसकी सफलता पूरी तरह से इसके सही एग्जीक्यूशन पर निर्भर करेगी।

AI स्किलिंग प्रोग्राम का भी हुआ ऐलान

लाल किले के भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग ही नहीं, बल्कि एक और बड़े डिजिटल पहल का भी ऐलान किया था। सरकार आने वाले साल में एक करोड़ युवा भारतीयों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से एक राष्ट्रव्यापी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किलिंग प्रोग्राम शुरू करने जा रही है। मुफ्त प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग और बड़े पैमाने पर एआई प्रशिक्षण, ये दोनों घोषणाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसरों का विस्तार करने के सरकार के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं।

VIDEO:‘आवारापन 2’ की स्क्रीनिंग में बवाल! कपल के स्पॉइलर से शुरू हुआ विवाद, मारपीट तक पहुंचा मामला

सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। फिल्म ‘आवारापन 2’ की स्क्रीनिंग से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ‘आवारापन 2’ की स्क्रीनिंग के दौरान एक कपल ने फिल्म में आगे क्या होने वाला है, इस बारे में जोर-जोर से बातचीत शुरू कर दी। उनकी बातचीत की वजह से आसपास बैठे लोगों को फिल्म के सीन पहले ही पता चल गए, जिससे उनका सिनेमाघर में फिल्म देखने का अनुभव खराब हो गया। वहीं ये मामला मारपीट तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

थिएटर में हुई मारपीट

इस घटना का एक वीडियो X अकाउंट @gharkekalesh से शेयर किया गया, जिसके बाद ये मामला चर्चा में आ गया। पोस्ट के मुताबिक, कपल फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान कथित तौर पर मेक आउट भी कर रहा था। दोनों फिल्म के सीन पर जोर-जोर से बात कर रहे थे। इससे उनके आसपास बैठे दर्शक परेशान हो गए और उन्हें फिल्म देखने में दिक्कत हुई। इंटरवल के दौरान मामला और बिगड़ गया, जब तीन लोगों ने कपल के व्यवहार को लेकर युवक से बहस शुरू कर दी।

देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। बताया जा रहा है कि उसकी गर्लफ्रेंड भी उसे बचाने के लिए बीच में आई और विवाद में शामिल हो गई।

लोगों ने किया रिएक्ट

पोस्ट में दावा किया गया कि, कपल के व्यवहार की वजह से थिएटर में मौजूद दूसरे लोगों का फिल्म देखने का अनुभव खराब हो गया और बाद में मामला हिंसा तक पहुंच गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने कपल के व्यवहार की आलोचना की, जबकि कुछ ने विवाद के दौरान मारपीट किए जाने पर सवाल उठाए।

एक यूजर ने लिखा, “लोग इस तरह का बर्ताव कैसे कर सकते हैं? अगर आपको फिल्म के सभी सीन पहले से पता हैं, तो आप थिएटर क्यों आ रहे हैं?” एक अन्य यूजर ने कहा, “हम गीदड़ों का देश हैं या क्या? तीन या चार आदमी एक आदमी से भिड़ रहे हैं? कुछ तो शर्म करते। लेकिन लड़की बहादुर है।” एक यूजर ने लिखा, “वीडियो में जीरो टेस्टोस्टेरोन! मैंने अब तक के सबसे हल्के पंच देखे हैं।”

वहीं, कुछ दर्शकों ने वायरल क्लिप की सच्चाई पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि वीडियो ‘आवारापन 2’ की स्क्रीनिंग का नहीं, बल्कि ‘स्पाइडर-मैन’ की स्क्रीनिंग के दौरान हुई एक घटना का है। कुछ यूजर्स ने यह भी आरोप लगाया कि फिल्म के प्रमोशन के लिए यह एक पेड PR स्टंट हो सकता है।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

Lalithaa Jewellery Mart IPO: 22 एंकर इनवेस्टर्स से मिले ₹508 करोड़, 17 अगस्त को खुलेगा ₹1700 करोड़ का इश्यू

मेनबोर्ड सेगमेंट में ललिता ज्वेलरी मार्ट का ₹1,700 करोड़ का IPO 17 अगस्त को खुलने वाला है। ओपनिंग से पहले कंपनी ने 22 एंकर निवेशकों से ₹508.2 करोड़ जुटाए। एंकर बुक में गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली, ICICI प्रूडेंशियल AMC समेत कई दिग्गजों ने हिस्सा लिया। कंपनी ने एंकर निवेशकों को 2.53 करोड़ इक्विटी शेयर अलॉट किए। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कुल एंकर एलोकेशन में से 1.14 करोड़ शेयर 4 घरेलू म्यूचुअल फंड्स को 9 स्कीमों के जरिए अलॉट किए गए। इनमें ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, सैमको म्यूचुअल फंड, बंधन म्यूचुअल फंड और बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड का नाम शामिल है।

कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस और बजाज लाइफ इंश्योरेंस ने भी 21.49 लाख शेयरों के लिए ₹43.19 करोड़ का निवेश किया। इस IPO के लिए प्राइस बैंड ₹190-₹201 प्रति शेयर और लॉट साइज 74 शेयर है। इश्यू में ₹1,200 करोड़ के 5.97 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹500 करोड़ के 2.49 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में कंपनी के प्रमोटर किरण कुमार जैन शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 19 अगस्त को होगी। इसके बाद अलॉटमेंट 20 अगस्त को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 24 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

ललिता ज्वेलरी मार्ट लिमिटेड की दक्षिण भारत में अच्छी मौजूदगी है। कंपनी ललिता ब्रांड नेम के तहत सोने, चांदी, हीरे और कीमती व सेमी-कीमती (अर्ध-कीमती) पत्थरों वाली ज्वेलरी की पेशकश करती है। यह कई तरह की ज्वेलरी स्कीम भी पेश करती है। IPO के लिए आनंद राठी एडवाइजर्स बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. है।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

ललिता ज्वेलरी मार्ट अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल 10 नए स्टोर खोलने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 11.94 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

IPOs This Week: 17 अगस्त से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 8 नए इश्यू, 12 कंपनियां होंगी लिस्ट

Lalithaa Jewellery Mart की वित्तीय सेहत

कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 48 प्रतिशत बढ़कर ₹25,039.80 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 177 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹1,009.82 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹1,604.14 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 में ललिता ज्वेलरी मार्ट का रेवेन्यू ₹16,907.88 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹364.73 करोड़ रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹45 का डिविडेंड, 27 अगस्त रिकॉर्ड डेट; कीमत 6 महीनों में 20% चढ़ी

Procter & Gamble Health Ltd के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 45 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। रिकॉर्ड डेट 27 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

फाइनल डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। इस पर 3 सितंबर 2026 को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट होगा। इससे पहले P&G Health वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 110 रुपये का अंतरिम और 50 रुपये का स्पेशल डिविडेंड दे चुकी है।कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 80 रुपये का अंतरिम और 45 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

प्रॉक्टर एंड गैंबल हेल्थ लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी VMS कंपनियों में से एक है। यह विटामिन, मिनरल्स और सप्लीमेंट्स प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है। जैसे कि न्यूरोबियन, लिवोजेन, सेवनसीज, एवियन, पॉलीबियन, नेसिवियन।

P&G Health का शेयर 6 महीनों में 20 प्रतिशत चढ़ा

प्रॉक्टर एंड गैंबल हेल्थ के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 5933.70 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 9800 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 6 महीनों में करीब 20 प्रतिशत मजबूत हुआ है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 51.82 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 6,955 रुपये और एडजस्टेड लो 4,699.70 रुपये है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में P&G Health का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 363.71 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 96.15 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 1,407.97 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 326.91 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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Apollo Hospitals Share Price: अपोलो हॉस्पिटल्स का प्रदर्शन जून तिमाही में अच्छा रहा। इस दौरान कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 21 फीसदी बढ़कर 7,044 करोड़ रुपये रहा। एबिड्टा 28 फीसदी बढ़कर 1,092 करोड़ रुपये हो गया। एबिड्टा मार्जिन भी बढ़कर 15.5 फीसदी हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 14.6 फीसदी था।

कंसॉलिडेटेड टैक्स बाद प्रॉफिट 581 करोड़ रुपये

जून तिमाही में Apollo Hospitals का कंसॉलिडेटेड टैक्स बाद प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 34 फीसदी बढ़कर 581 करोड़ रुपये रहा। करीब सभी बिजनेसेज में अच्छी ग्रोथ दिखी। इनमें हेल्थकेयर सर्विसेज, अपोलो हेल्थको और AHLL शामिल हैं। सभी बिजनेसेज की रेवेन्यू ग्रोथ डबल डिजिट में रही।

एवरेज रेवेन्यू प्रति पेशेंट में 8 फीसदी इजाफा 

हॉस्पिटल बिजनेस का रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 22 फीसदी बढ़कर 3,567 करोड़ रुपये रहा। इसमें वॉल्यूम ग्रोथ में 11 फीसदी, प्राइसिंग में 4 फीसदी और केस और पेयर मिक्स में 3 फीसदी ग्रोथ का हाथ है। इनपेशेंट वॉल्यूम 13 फीसदी बढ़ा। ऑक्युपेंस 70 फीसदी बनी रही। एवरेज रेवेन्यू प्रति पेशेंट (ARPP) साल दर साल आधार पर 8 फीसदी बढ़ा।

मैनेजमेंट को रेवेन्यू ग्रोथ 20 फीसदी रहने का भरोसा 

मैनेजमेंट को हॉस्पिटल बिजनेस की रेवेन्यू ग्रोथ FY27 में करीब 20 फीसदी रहने का भरोसा है। बेंगलुरु में 180 बेड के हॉस्पिटल्स में सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। गुरुग्राम के हॉस्पिटल में इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में ऑपरेशन शुरू हो जाने की उम्मीद है। कंपनी ने FY31 तक बेड की संख्या बढ़कर 14,100 करने का प्लान बनाया है।

बेड की टैरिफ लिमिट तय होने से रेवेन्यू पर पड़ सकता है असर 

अपोलो हॉस्पिटल्स की ग्रोथ आगे स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद है। इसमें स्ट्रॉन्ग ऑक्युपेंसी, बढ़ती क्लिनिकल जटिलता, कपैसिटी विस्तार पर फोकस और डिजिटल बिजनेसेज में मुनाफा बनाने की बढ़ती क्षमता का हाथ होगा। हालांकि, हाल में संसदीय समिति ने हॉस्पिटल्स में बेड के टैरिफ की लिमिट तय करने की सलाह दी है। इसका असर अपोलो जैसे हॉस्पिटल्स के रेवेन्यू पर पड़ सकता है।

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14 अगस्द को 3 फीसदी ज्यादा चढ़कर बंद हुआ शेयर 

यह शेयर इस साल अब तक 25 फीसदी चढ़ चुका है। FY28 के अनुमानित EV/EBITDA के 24 गुना पर शेयरों में ट्रेडिंग हो रही है। इस पर हमने रेटिंग ओवरवेट से इक्वल-वेट कर दी है। Apollo Hospitals का शेयर 14 अगस्त को 3.71 फीसदी चढ़कर 8,919 रुपये पर बंद हुआ। इनवेस्टर्स इस शेयर में थोड़ा मुनाफावसूली कर सकते हैं।

IPOs This Week: 17 अगस्त से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 8 नए इश्यू, 12 कंपनियां होंगी लिस्ट

17 अगस्त से शुरू हो रहा हफ्ता IPO के लिहाज से जबरदस्त रहेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 8 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 6 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 5 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। ये सभी SME हैं। स्टॉक मार्केट में नई लिस्टिंग्स की बात करें तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 12 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 5 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

Horizon Industrial Parks IPO: ₹2,600 करोड़ का इश्यू 17 अगस्त को खुलेगा और 19 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹57-₹60 प्रति शेयर और लॉट साइज 250 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 24 अगस्त को हो सकती है।

Lalithaa Jewellery Mart IPO: यह ₹1,700 करोड़ का है। ओपनिंग 17 अगस्त को और क्लोजिंग 19 अगस्त को होगी। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹190-₹201 प्रति शेयर है। लॉट साइज 74 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 24 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Shankesh Jewellers IPO: यह 18 अगस्त को खुलेगा। कंपनी ₹367.18 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें 20 अगस्त तक ₹88-₹93 प्रति शेयर के भाव पर और 160 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं। कंपनी के NSE और BSE पर 25 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Sunshine Pictures IPO: यह भी 18 अगस्त को खुलेगा और 20 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹342-₹360 प्रति शेयर और लॉट साइज 41 शेयर है। कंपनी का इरादा ₹282.14 करोड़ जुटाने का है। शेयर NSE और BSE पर 25 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

Gaja Alternative Asset Management IPO: कंपनी ₹550 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू 19 अगस्त को खुल रहा है। क्लोजिंग 21 अगस्त को होगी। प्राइस बैंड ₹152-₹160 प्रति शेयर और लॉट साइज 93 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 26 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Dhanwel Hybrid Seeds IPO: ₹26.73 करोड़ का पब्लिक इश्यू 19 अगस्त को खुलेगा क्लोजिंग 21 अगस्त को होगी। बोली ₹95-₹99 प्रति शेयर के भाव पर और 1200 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 26 अगस्त को हो सकती है।

Mopshop Distribution IPO: यह ₹27.26 करोड़ का है। ओपनिंग 19 अगस्त को होगी। फाइनल इश्यू प्राइस ₹138 प्रति शेयर और लॉट साइज 1000 शेयर है। 21 अगस्त को IPO बंद होने के बाद कंपनी के शेयर BSE SME पर 26 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Tempsens Instruments (India) IPO: यह 20 अगस्त को खुलेगा और 24 अगस्त को बंद होगा। अभी साइज, प्राइस बैंड, लॉट साइज तय नहीं है। IPO बंद होने के बाद शेयर NSE और BSE पर 27 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

पहले से खुले 5 IPO

Credent Connect IPO: ₹93.90 करोड़ का यह इश्यू 13 अगस्त को खुला था और 17 अगस्त को बंद होगा। अभी तक 12.14 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹179-₹189 प्रति शेयर और लॉट साइज 600 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 20 अगस्त को हो सकती है।

Technocrats Plasma Systems IPO: यह 14 अगस्त को खुला था और 18 अगस्त को बंद होगा। कंपनी का इरादा ₹60.98 करोड़ जुटाने का है। इश्यू अब तक 42 प्रतिशत भरा है। बोली ₹125-₹132 प्रति शेयर के भाव पर और 1,000 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर BSE SME पर 21 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

ENS Enterprises IPO: यह 14 अगस्त को खुला था और 18 अगस्त को बंद होगा। कंपनी ₹33.14 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू अब तक 63 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ है। बोली ₹87-₹92 प्रति शेयर के भाव पर और 1,200 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 21 अगस्त को होने वाली है।

Skytech Infinite Platform IPO: ₹22.68 करोड़ का यह इश्यू भी 14 अगस्त को खुला था और 18 अगस्त को बंद होगा। इसे अभी तक 46 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। प्राइस बैंड ₹73-₹77 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,600 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 21 अगस्त को होने की उम्मीद है।

Fascinate Textiles IPO: ₹64.83 करोड़ का पब्लिक इश्यू 11 अगस्त को खुला था और 19 अगस्त को बंद होगा। यह अभी तक 51 प्रतिशत भर चुका है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹142-₹151 प्रति शेयर है। लॉट साइज 800 शेयर है। कंपनी NSE SME पर 24 अगस्त को लिस्ट हो सकती है।

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इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 17 अगस्त को NSE और BSE पर Dhoot Transmission, Molbio Diagnostics की लिस्टिंग होगी। 18 अगस्त को NSE और BSE पर Milky Mist Dairy Food के शेयर लिस्ट होने वाले हैं। इसी दिन BSE SME पर Sham Foam की लिस्टिंग हो सकती है। इसके बाद 19 अगस्त को NSE और BSE पर Behari Lal Engineering और Shiprocket के शेयर अपनी शुरुआत करेंगे। इसी दिन BSE SME पर Q&T Foods और NSE SME पर Pramodini Medicare के शेयर लि​स्ट होने की उम्मीद है।

20 अगस्त को NSE SME पर Credent Connect की लिस्टिंग होगी। 21 अगस्त को BSE SME पर Technocrats Plasma Systems, ENS Enterprises और NSE SME पर Skytech Infinite Platform की लिस्टिंग होने वाली है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।