राजस्थान के नतीजों से परेशानी

यह बहुत दिलचस्प संयोग है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का यूजीसी के दिशानिर्देशों को लेकर बयान उस दिन आया, जिस दिन राजस्थान के स्थानीय निकायों के चुनाव नतीजे आ रहे थे। सोमवार की सुबह नतीजे आने शुरू हुए तो भाजपा के सारे बड़े नेता हैरान थे। राजस्थान के तमाम बड़े और प्रभावशाली नेताओं के गढ़ में भाजपा हार रही थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अपने भरतपुर इलाके में भाजपा हार गई। वसुंधरा राजे के झालावाड़ इलाके में भाजपा हार गई। अजमेर में पहली बार कांग्रेस पार्टी को बढ़त मिली। इसके बाद मीडिया की रिपोर्ट में खुल कर वहां के रिपोर्टर और जानकार कहने लगे कि कई इलाकों में यूजीसी के दिशानिर्देशों का जवाब सामान्य वर्ग के लोगों ने दिया है। हो सकता है कि संघ प्रमुख के बयान का राजस्थान के नतीजों से कोई लेना देना न हो लेकिन यह भाजपा और संघ दोनों के लिए चिंता की बात है।

ध्यान रहे राजस्थान में भले हर पांच साल पर सत्ता बदलती है और बारी बारी से भाजपा व कांग्रेस सरकार में आते हैं। लेकिन भाजपा को लगता है कि गुजरात और मध्य प्रदेश की तरह राजस्थान को स्थायी गढ़ बनाया जा सकता है। लेकिन गुजरात और मध्य प्रदेश के मुकाबले पिछले लोकसभा और विधानसभा दोनों चुनावों में राजस्थान में भाजपा का प्रदर्शन कमजोर रहा। उसने जीत कर सरकार बना ली लेकिन जीत एकतरफा नहीं थी। भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बाद से संघ और भाजपा दोनों को सरकार के कामकाज की फीडबैक सकारात्मक नहीं है। स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन से सबकी चिंता बढ़ी है।

आमतौर पर स्थानीय निकाय सत्तारूढ़ दल ही जीतते हैं लेकिन भाजपा को 4,179 सीटें मिली हैं, जबकि 36 सौ से ज्यादा सीट जीत कर कांग्रेस उसके बिल्कुल नजदीक रही। 22 सौ से ज्यादा निर्दलीय पार्षद जीत गए। इतनी संख्या में निर्दलीय पार्षद जीतने को कॉकरोच जनता पार्टी के असर के तौर पर देखा जा रहा है। सीजेपी ने स्कूलों का सवाल उठा कर एक तीसरी ताकत के उभरने की संभावना बढ़ा दी है।

कल का मौसम: 16 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और केरल समेत 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की ये चेतावनी

Weather update for September 16: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा से लेकर दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु तक देश के 9 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश होने की पूरी आशंका जताई गई है। अलग अलग मौसमी प्रणालियों के असर से देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और केरल समेत इन 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के 16 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। दक्षिण भारत में केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में कई जगहों पर तेज बारिश की संभावना है। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में मूसलाधार पानी बरस सकता है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

केरल, तमिलनाडु और अंडमान में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में आंधी-तूफान के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

राजस्थान, बिहार, जम्मू-कश्मीर और आंध्र प्रदेश में आंधी व तेज हवाओं की चेतावनी

देश के विस्तृत मैदानी और तटीय इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ बारिश और बिजली कड़कने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में धरातल पर तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।

यूपी, एमपी, उत्तराखंड और दिल्ली-NCR में बिजली चमकने का अनुमान

मौसम विभाग ने देश के 9 से अधिक राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली चमकने को लेकर सतर्क रहने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और लक्षद्वीप में अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने की पूरी संभावना जताई गई है।

समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट: मछुआरों को हिदायत

समुद्र और तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के असर की वजह से स्थितियां खतरनाक बनी रहेंगी। मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इसकी स्पीड 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लगे उत्तरी गुजरात तटों पर 35 से 45 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसमबना रहेगा, जहां हवा की गति 55 किमी/घंटे तक जा सकती है।

Clipboard16करपकचर

दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा दक्षिणी अंडमान सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। ये बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा अंडमान सागर और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा।

वैभव सूर्यवंशी को अपनी टीम में नहीं लेने पर संजीव गोयनका को हैं अफसोस? LSG के मालिक ने क्या कहा

Vaibhav Sooryavanshi: भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 खत्म होने के बाद से ही चर्चा में हैं। वैभव सूर्यवंशी आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए बेहद अहम खिलाड़ी बन चुके हैं। वहीं अब हाल ही में लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। गोयनका ने कहा, लीग की कई दूसरी टीमों को भी वैभव को अपनी टीम में शामिल नहीं कर पाने का अफसोस है। उन्होंने कहा, राजस्थान ने उन्हें जिस कीमत पर अपनी टीम में शामिल किया था, वह फैसला अब काफी फायदेमंद नजर आ रहा है। राजस्थान इस युवा खिलाड़ी को आसानी से टीम से जाने नहीं देगी। आइए जानते हैं वैभव को लेकर संजीव गोयनका ने क्या कहा

संजीव ने की वैभव की तारीफ

शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में संजीव गोयनका ने कहा, “वैभव सूर्यवंशी पूरी दुनिया से तारीफ पाने के हकदार हैं। वह एक पीढ़ी में मिलने वाला खास टैलेंट हैं। आईपीएल की हर टीम के मालिक को इस बात का अफसोस है कि वैभव उनकी टीम का हिस्सा नहीं हैं। अब जब लक्ष्मी मित्तल राजस्थान रॉयल्स के मालिक हैं, तो मुझे नहीं लगता कि वह वैभव को कभी टीम से जाने देंगे। अगर कभी ऐसा हुआ भी, तो सिर्फ मैं ही नहीं, बल्कि आईपीएल के कई दूसरे मालिक भी उन्हें अपनी टीम में शामिल करने के इंतजार में रहेंगे।”

वैभव में हैं कॉन्फिडेंस

संजीव गोयनका वैभव सूर्यवंशी के खेल के बड़े प्रशंसक हैं। प्रतिद्वंद्वी टीम के मालिक होने के बावजूद वह कई बार सोशल मीडिया पर वैभव की बल्लेबाजी और प्रतिभा की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने आगे कहा, “वैभव की पहली पब्लिक इमेज राइजिंग पुणे सुपरजायंट की जर्सी में है और आज वह कमाल कर रहा है। जाहिर है, उसमें टैलेंट है, शानदार शॉट्स हैं, लेकिन उसका कॉन्फिडेंस ही है जिसने मेरा सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। उसमें बहुत ज्यादा कॉन्फिडेंस है, लेकिन ओवरकॉन्फिडेंस नहीं। जब आप ओवरकॉन्फिडेंट हो जाते हैं, तो वहीं से आपकी गिरावट शुरू हो जाती है।”

उन्होंने आगे कहा, “वैभव को भरोसा है कि ‘मैं यह कर सकता हूं।’ और मैंने अब तक जो भी देखा है, उसमें वह हर गेम के साथ बेहतर होता जा रहा है। वह खुद को थोड़ा-थोड़ा बदलना सीख रहा है और इससे वह आगे चलकर और भी ज्यादा असरदार बनेगा। वह बड़े मौकों के लिए बना खिलाड़ी है।”

वैभव को 1.1 करोड़ रुपये में किया था शामिल

राजस्थान ने उन्हें जेद्दा में हुए आईपीएल ऑक्शन में 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा था। बता दें राजस्थान रॉयल्स में हाल ही में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय कारोबारी लक्ष्मी मित्तल ने अदार पूनावाला के साथ मिलकर करीब 1.65 अरब डॉलर यानी लगभग 15,660 करोड़ रुपये में टीम का अधिग्रहण किया है। इस सौदे के बाद मित्तल के पास टीम की करीब 75 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि पूनावाला के पास लगभग 18 फीसदी हिस्सा है। बाकी करीब 7 फीसदी हिस्सेदारी मनोज बडाले समेत टीम के मौजूदा निवेशकों के पास बनी हुई है।

Gurugram Biker Case: टक्कर मारने के आरोपी कल्याण बैंसला के वकील ने महिला बाइकर को लेकर किया बड़ा दावा, केस में आया नया ट्विस्ट!

Gurugram Hit-And-Run Case: गुरुग्राम पुलिस ने ‘हिट-एंड-रन’ के मामले में आरोपी कल्याण बैंसला समेत दो लोगों को राजस्थान के दौसा जिले से गिरफ्तार कर लिया है। दौसा सदर के थानाधिकारी युधिष्ठिर सिंह ने बताया कि गुरुग्राम पुलिस की टीम ने थाने को जानकारी दी है कि उसने दौसा के आगरा रोड इलाके से बैंसला और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया है। सिंह ने कहा, “गुरुग्राम पुलिस ने हिट-एंड-रन मामले के सिलसिले में कल्याण बैंसला और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया है।” इस बीच, बाइक सवार महिला को टक्कर मारने का आरोपी कल्याण बैंसला के वकील ने अदालत में मंगलवार को एक बड़ा दावा किया।

आरोपी ने सभी आरोपों को किया खारिज

जानबूझकर कार से टक्कर मारने और परेशान करने के आरोपों को खारिज करते हुए गुरुग्राम गोल्फ कोर्स रोड दुर्घटना मामले में आरोपी ड्राइवर कल्याण बैंसला का पक्ष रख रहे वकील नवीन बैंसला ने मंगलवार को दावा किया कि यह घटना हिट-एंड-रन नहीं। बल्कि तेज़ रफ़्तार और रेसिंग के कारण हुई आपसी लापरवाही का मामला है।

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए वकील ने जानबूझकर टक्कर मारने के दावों को खारिज कर दिया। वकील ने आरोप लगाया कि 20 से 30 मोटरसाइकिल सवारों का एक ग्रुप सड़क पर स्टंट कर रहा था और अन्य वाहनों को रेस के लिए उकसा रहा था।

‘हिट-एंड-रन का मामला नहीं’

वकील नवीन बैंसला ने कहा, “यह हिट-एंड-रन का मामला नहीं है। यह लापरवाही का मामला है। यह पूरी तरह से तेज रफ्तार और लापरवाह व्यवहार के कारण हुआ। वे एक-दूसरे के साथ रेस लगा रहे थे। बाइकर्स का एक बड़ा ग्रुप था। लगभग 20-30 राइडर्स एक साथ थे। सड़क के नियमों का पालन करने के बजाय, वे तेज रफ़्तार से गाड़ी चला रहे थे और स्टंट कर रहे थे। वे अन्य वाहनों को ताने मार रहे थे और परेशान कर रहे थे। उन्हें रेस या ओवरटेक करने के लिए उकसा रहे थे।””

उन्होंने तर्क दिया कि टक्कर इसलिए हुई क्योंकि कार और दोपहिया वाहन दोनों तेज रफ्तार से चल रहे थे, जिसके परिणामस्वरूप वाहनों पर से कंट्रोल खो गया। वकील ने कहा, “कार और बाइक के बीच टक्कर सिर्फ इसलिए हुई क्योंकि वे जिस रफ़्तार से गाड़ी चला रहे थे। वह बहुत ज्यादा तेज थी। यह पूरी तरह से लापरवाही का मामला है। इसमें और कुछ नहीं है। यह बस एक ऐसा मामला था जिसमें दोनों गलत थे। वे तेज रफ्तार से रेस लगा रहे थे, नियंत्रण खो बैठे और वाहन आपस में टकरा गए।”

शराब पीकर कार चलाने के आरोपों को किया खारिज

पीड़िता के इस दावे को खारिज करते हुए कि कार में सवार लोग नशे में थे। वकील ने जोर देकर कहा कि ड्राइवर सुबह-सुबह अपने परिवार के सदस्यों के साथ यात्रा कर रहा था। उसने शराब नहीं पी रखी थी।

वकील ने कहा, “कल्याण बैंसला मेरे गांव के रहने वाले हैं। वह बहुत अच्छे इंसान हैं। वह नेशनल और इंटरनेशनल कबड्डी खिलाड़ी हैं। उनके परिवार के खिलाफ आज तक कोई शिकायत नहीं आई है। समाज में उनके परिवार का बहुत सम्मान है। वे शराब नहीं पी रहे थे। यह घटना सुबह 7 बजे हुई। उनके परिवार के सदस्य उनके साथ थे। शराब पीने के दावे पूरी तरह से झूठे हैं। वह एक जिम ट्रेनर और जिम के मालिक हैं।”

पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी

गुरुग्राम में कार की टक्कर से घायल हुई बाइक सवार महिला ने सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो जारी कर आरोपी कल्याण बैंसला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके बाद उसके खिलाफ अब हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। बैंसला ने दावा किया था कि यह महज एक दुर्घटना थी।

शिवानी चौहान उर्फ सिया ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर डाले गए वीडियो में सवाल किया कि अगर बैंसला दुर्घटना को लेकर वास्तव में परेशान था तो टक्कर लगने के बाद वह घटनास्थल पर क्यों नहीं रुका। गुरुग्राम पुलिस ने मामले में अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास का आरोप दर्ज किया है जिसमें 10 साल तक के कारावास का प्रावधान है।

गुरुग्राम पुलिस ने इससे पहले मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए सेक्टर-56 थाने में मामला दर्ज किया था। सहायक पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) अभिलक्ष जोशी के अनुसार, आरोपी चालक के खिलाफ भारतीय बीएनएस की धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना) और धारा 125 (चोट पहुंचाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

सिया ने यह आरोप भी लगाया कि महिला बाइक सवार होने के कारण उसे निशाना बनाया गया। उसे रोकने की जानबूझकर कोशिश की गई। उसने दावा किया कि उसकी जान जा सकती थी और दुर्घटना के बाद आरोपी ने यह तक जानने की कोशिश नहीं की कि वह सुरक्षित है या नहीं।

ये भी पढ़ें- UCC Row In NDA: 2029 तक 21 राज्यों में UCC के अमित शाह के दावे को मिला JDU का चैलेंज! TDP और चिराग पासवान का भी सख्त रुख

Weather Alert: गुजरात में बेहद भारी बारिश का खतरा, दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भी IMD का अलर्ट! 19 सितंबर से मानसून की वापसी

IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश भर के मौसम को लेकर लेटेस्ट वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। मानसून की वापसी की आहट के बीच देश के कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, उससे सटे कच्छ क्षेत्र और दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से 15 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-अलग इलाकों में बेहद भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

जानिए देशभर में पिछले 24 घंटों का मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिम मध्य प्रदेश, गुजरात राज्य और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है। पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड की गई है।

गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमी भारत में 15 सितंबर को बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। IMD ने सौराष्ट्र एवं कच्छ में 15 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 15 सितंबर को गुजरात रीजन और सौराष्ट्र व कच्छ में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। कोंकण और गोवा में 15-16 सितंबर तथा 19-21 सितंबर के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के असर से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 16 और 17 सितंबर को अधिकांश जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ बारिश होगी। 15 से 17 सितंबर के दौरान हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 17 सितंबर को व्यापक बारिश होने का अनुमान है जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।

बिहार में गंभीर बिजली कड़कने की चेतावनी, बंगाल और ओडिशा का मौसम

पूर्वी भारत में 15 सितंबर को बिहार में मध्यम से तेज आकाशीय बिजली गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है। बिहार में 17 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15 से 20 सितंबर तक तथा गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 से 20 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 15 से 21 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा, जहां 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 15 सितंबर और 18 से 21 सितंबर तक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।

मध्य और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

मध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 17 सितंबर और पश्चिम मध्य प्रदेश में 17 से 19 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में 19 से 21 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विदर्भ में 20 और 21 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ेगा।

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश तथा असम व मेघालय में 15 से 17 सितंबर के दौरान भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में तेज हवाओं का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल व माहे और लक्षद्वीप में 15 से 21 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना में 17 से 21 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में 15 से 21 सितंबर तक, केरल व माहे में 15-16 और 19-21 सितंबर को तथा तेलंगाना में 19 से 21 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

समंदर में तूफानी स्थिति: मछुआरों के लिए चेतावनी जारी

तटीय और समुद्री इलाकों में प्रतिकूल मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को सतर्क किया है। गुजरात तटों से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 15 और 16 सितंबर को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर में 19 सितंबर तक तूफानी हवाएं जारी रहेंगी। दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 18 से 20 सितंबर तक तथा अंडमान सागर में 16 से 20 सितंबर के बीच खराब मौसम और चक्रवाती हवाओं के कारण मछुआरों को गहरे समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।

ये भी पढ़ें- अमेरिकी स्पेस फोर्स का बड़ा खुलासा, पहली बार माना कि अंतरिक्ष में भी उसने तैनात किए हथियार, ये कैसी तैयारी?

Vande Bharat News: ‘वंदे भारत’ एक्सप्रेस पर 10 बड़े अपडेट! काशी को मिलेगी स्लीपर ट्रेन, सूरत-उदयपुर रूट को भी मंजूरी; माल ढुलाई का भी हुआ ट्रायल

Indian Railways News: ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ अब अपने विस्तार के एक नए दौर में एंट्री कर रही है। भारतीय रेलवे स्लीपर वंदे भारत सेवाओं, नए रूटों और तेज रफ्तार माल ढुलाई जैसी कई योजनाओं पर तेजी से काम कर रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में कई नए बदलाव और प्रस्ताव सामने आ रहे हैं, जिन पर यात्रियों की नजर बनी हुई है। आने वाले समय में वंदे भारत नेटवर्क का विस्तार सिर्फ यात्रियों की यात्रा को तेज करने तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि लंबी दूरी की रात की यात्रा और तेज माल परिवहन में भी इसकी भूमिका बढ़ सकती है।

वाराणसी से नई दिल्ली के बीच संभावित स्लीपर वंदे भारत से लेकर सूरत-उदयपुर वंदे भारत और 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मालगाड़ी के ट्रायल तक, रेलवे का फोकस अब सिर्फ दिन में चलने वाली चेयर-कार वंदे भारत ट्रेनों तक सीमित नहीं रह गया है।

आइए जानते हैं वंदे भारत से जुड़े 10 बड़े अपडेट

1. वाराणसी को मिल सकती है दिल्ली के लिए स्लीपर वंदे भारत

  • वाराणसी के यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर अब आगे बढ़ने की उम्मीद है। रेलवे बोर्ड ने वाराणसी जंक्शन (कैंट) और नई दिल्ली के बीच स्लीपर वंदे भारत शुरू करने की दिशा में कदम उठाए हैं। हालांकि, ट्रेन का अंतिम रूट अभी तय नहीं हुआ है।
  • उम्मीद जताई जा रही है कि यह सेवा त्योहारी सीजन से पहले शुरू हो सकती है। इससे दशहरा और दिवाली के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को राहत मिल सकती है।
  • वाराणसी से पहले से ही काशी विश्वनाथ, शिवगंगा और बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें चलती हैं। इसके अलावा वाराणसी जंक्शन से दो वंदे भारत और तीन महामना एक्सप्रेस सेवाएं भी साप्ताहिक आधार पर संचालित होती हैं। इसके बावजूद यात्रियों की मांग काफी अधिक बनी हुई है।
  • खासकर रविवार शाम को दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में स्लीपर वंदे भारत काशी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प बन सकती है।

2. नई दिल्ली-पटना स्लीपर वंदे भारत की भी चर्चा

  • नई दिल्ली और पटना के बीच स्लीपर वंदे भारत ट्रेन को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस सेवा की शुरुआत को लेकर कोई अंतिम मंजूरी या आधिकारिक कार्यक्रम नहीं दिया गया है।
  • स्लीपर वंदे भारत के विस्तार की चर्चाओं के बीच नई दिल्ली-पटना जैसे व्यस्त रूट पर ऐसी ट्रेन की संभावना यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

3. तेज रफ्तार माल ढुलाई के लिए वंदे भारत ट्रेन

  • न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वंदे भारत का इस्तेमाल सिर्फ यात्रियों को तेज गति से सफर कराने तक सीमित नहीं रहने वाला है। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा बनाई गई 16 कोच वाली ट्रेन को पार्सल और अन्य सामान को अधिक रफ्तार से पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है।
  • इस ट्रेन का संभावित ग्राहक आधार पारंपरिक माल ढुलाई से आगे बढ़कर ई-कॉमर्स, कूरियर सेवाओं, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्युटिकल्स और कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है।
  • अगर तेज रफ्तार मालगाड़ियों को बड़े स्तर पर सफलतापूर्वक चलाया जाता है, तो समय के प्रति संवेदनशील सामान को देश के प्रमुख बाजारों तक पहुंचाने के लिए कारोबारियों को परिवहन का एक और विकल्प मिल सकता है।

4. सूरत को मिली पहली वंदे भारत सेवा की मंजूरी

  • सूरत को अपनी पहली वंदे भारत सेवा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। रेलवे बोर्ड ने सूरत और उदयपुर सिटी के बीच नई वंदे भारत ट्रेन को मंजूरी दी है।
  • प्रस्तावित ट्रेन का नंबर 26903/26904 बताया गया है। यह ट्रेन करीब 690 किलोमीटर की दूरी लगभग 7 घंटे 30 मिनट में तय करेगी।
  • ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलाने की योजना है और मंगलवार को इसका विकली ऑफ रहेगा।
  • ट्रेन सूरत से सुबह 6:10 बजे रवाना होकर दोपहर 1:40 बजे उदयपुर सिटी पहुंचेगी। जबकि वापसी में उदयपुर से ट्रेन दोपहर 3:35 बजे चलेगी और रात 11 बजे सूरत पहुंचेगी।

5. सूरत-उदयपुर वंदे भारत के रास्ते में 9 प्रमुख ठहराव

  • आठ कोच वाली इस वंदे भारत ट्रेन के रास्ते में कुल 9 कमर्शियल स्टॉप प्रस्तावित हैं। इनमें शामिल हैं:-

भरूच

वडोदरा

आनंद

मणिनगर

असारवा

हिम्मतनगर

शामलाजी रोड

डूंगरपुर

जावर

  • यह ट्रेन गुजरात और राजस्थान के कई महत्वपूर्ण शहरों को तेज रेल कनेक्टिविटी से जोड़ेगी। इससे दोनों राज्यों के बीच सफर करने वाले यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, नई सूरत-उदयपुर वंदे भारत मौजूदा उदयपुर सिटी-असारवा वंदे भारत की जगह ले सकती है। यह ट्रेन फरवरी 2026 में शुरू हुई थी।
  • रेलवे बोर्ड की 31 अगस्त की मंजूरी के बाद नई सर्विस नवरात्रि से पहले शुरू होने की उम्मीद है। इस साल नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही है।

6. मंगलुरु-बेंगलुरु वंदे भारत के समय पर उठे सवाल

  • बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच प्रस्तावित वंदे भारत का रनिंग टाइम ट्रायल पूरा हो चुका है। लेकिन ट्रायल के दौरान सामने आए समय को लेकर कर्नाटक के तटीय इलाकों के यात्री संगठनों ने चिंता जताई है।
  • दक्षिण पश्चिम रेलवे के ट्रायल में सुबह बेंगलुरु से ट्रेन चलाने और बाद में उसी दिन वापसी का कार्यक्रम शामिल था।
  • हालांकि, यात्री प्रतिनिधियों का कहना है कि अंतिम समय-सारिणी ऐसी होनी चाहिए, जिससे तटीय क्षेत्र से बेंगलुरु आने वाले कामकाजी और कारोबारी यात्रियों को वास्तविक फायदा मिल सके।
  • पश्चिम करावली रेलवे यात्री अभिवृद्धि समिति के अध्यक्ष जी. हनुमंथ कामथ ने मांग की है कि ट्रेन सुबह मंगलुरु से रवाना हो और उसी रात वापस लौटे।
  • यात्रियों की चिंता यह है कि अगर ट्रेन बेंगलुरु बहुत देर से पहुंचेगी, खासकर आधी रात के करीब, तो सरकारी या कारोबारी काम से राजधानी आने वाले यात्रियों के लिए इसका उपयोग सीमित हो जाएगा।
  • यात्री संगठनों ने मंगलुरु सेंट्रल-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल वंदे भारत का उदाहरण देते हुए कहा है कि सुबह मंगलुरु से प्रस्थान और रात में वापसी का शेड्यूल यात्रियों के लिए बेहतर काम करता है।

7. बलांगीर से वंदे भारत की मांग पर रेलवे बोर्ड का जवाब

  • ओडिशा के बलांगीर से वंदे भारत ट्रेन शुरू करने की मांग पर भी रेलवे बोर्ड ने जवाब दिया है। सांसद निरंजन बिशी ने 30 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बलांगीर से नई दिल्ली, वाराणसी, बेंगलुरु और जम्मू जैसे प्रमुख शहरों के लिए वंदे भारत कनेक्टिविटी की मांग की थी।
  • रेलवे बोर्ड ने अपने जवाब में कहा कि बलांगीर के पास पहले से 66 ट्रेन सेवाएं हैं। इनमें बेंगलुरु और वाराणसी की ओर जाने वाली कई ट्रेनें शामिल हैं। दिल्ली की ओर मौजूदा कनेक्टिविटी के लिए रेलवे ने समता एक्सप्रेस और टिटलागढ़ की कनेक्टिविटी का भी जिक्र किया।
  • हालांकि, रेलवे बोर्ड का जवाब नई वंदे भारत ट्रेन को मंजूरी नहीं माना जा सकता। बोर्ड ने संकेत दिया है कि किसी नई ट्रेन सेवा की शुरुआत ट्रैफिक सर्वे, परिचालन की व्यवहार्यता और कोचों की उपलब्धता जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगी।

8. वंदे भारत के TTE का वीडियो 1 करोड़ व्यूज के पार

  • नई ट्रेनों और रेलवे की योजनाओं से अलग वंदे भारत से जुड़ी एक घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है। TTE अमित गुप्ता के अनुसार, दो लड़के एक रेलवे स्टेशन पर खड़ी वंदे भारत ट्रेन में सिर्फ अंदर से ट्रेन देखने के लिए चढ़ गए थे। ट्रेन में चढ़ने के बाद उसके दरवाजे बंद हो गए। वे तुरंत नीचे नहीं उतर सके।
  • इसके बाद उनकी मुलाकात TTE से हुई। शुरुआत में TTE को लगा कि दोनों बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं। ऐसे में उन पर 4,840 रुपये का संभावित जुर्माना लग सकता था। लड़कों ने बताया कि उनके पास सिर्फ 300 रुपये हैं। बाद में TTE को पता चला कि दोनों ट्रेन में यात्रा करने के लिए नहीं बल्कि उसे अंदर से देखने के लिए चढ़े थे।
  • इसके बाद TTE ने कथित तौर पर 300 रुपये लेने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें पैसे नहीं चाहिए। उन्होंने दोनों लड़कों को अगले स्टेशन पर उतरने के लिए कहा और दरवाजे के पास वाले हिस्से में बैठने को कहा।
  • अमित गुप्ता ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। बताया गया है कि वीडियो को चार दिनों में 1 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। वीडियो पर बड़ी संख्या में लाइक्स और सकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी आई हैं।

9. वंदे भारत बनाम राजधानी: कौन सी ट्रेन बेहतर?

  • वंदे भारत नेटवर्क के विस्तार के साथ इसकी तुलना राजधानी एक्सप्रेस से भी लगातार की जा रही है। हालांकि, दोनों ट्रेनों को अलग-अलग यात्रा जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
  • पहली राजधानी एक्सप्रेस 1969 में नई दिल्ली और हावड़ा के बीच शुरू हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य राजधानी और देश के प्रमुख शहरों के बीच तेज रात की यात्रा उपलब्ध कराना था।
  • वहीं, वंदे भारत ने फरवरी 2019 में नई दिल्ली-वाराणसी रूट से सेवा शुरू की और इसे मुख्य रूप से तेज दिन की इंटर-सिटी यात्रा के लिए तैयार किया गया।
  • दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर यात्रा के स्वरूप का है। सामान्य वंदे भारत में चेयर-कार यात्रा की सुविधा होती है, जबकि कई सेवाओं में एग्जीक्यूटिव चेयर कार भी उपलब्ध है।
  • वंदे भारत में ऑटोमैटिक दरवाजे, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और आधुनिक सीटिंग जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।
  • इसके मुकाबले राजधानी एक्सप्रेस में पारंपरिक रूप से फर्स्ट AC, सेकेंड AC और थर्ड AC में सोने की सुविधा होती है। इसलिए रातभर की यात्रा के लिए राजधानी अधिक उपयुक्त मानी जाती है।
  • हालांकि, स्लीपर वंदे भारत के आने के बाद दोनों ट्रेनों के बीच का यह अंतर धीरे-धीरे कम होता दिखाई दे रहा है।

10. स्लीपर वंदे भारत बदल सकती है लंबी दूरी की यात्रा का समीकरण

  • स्लीपर वंदे भारत में वंदे भारत की आधुनिक डिजाइन और तकनीक को रात की लंबी दूरी की यात्रा के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इन ट्रेनों में सोने के लिए बर्थ, कुशन वाली बर्थ, शोर कम करने वाली तकनीक और सेंसर आधारित लाइटिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
  • फर्स्ट AC सेक्शन में प्रीमियम यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं मिलने की भी उम्मीद है। इससे स्लीपर वंदे भारत कुछ चुनिंदा रूटों पर राजधानी एक्सप्रेस समेत प्रीमियम रात की ट्रेनों को सीधी टक्कर दे सकती है।
  • आखिरकार यात्रियों के लिए फैसला सिर्फ ट्रेन के नाम पर नहीं, बल्कि यात्रा का समय, कुल अवधि, सुविधा और किराए जैसे पहलुओं पर निर्भर करेगा। ताजा घटनाक्रम से साफ है कि वंदे भारत अब सिर्फ तेज रफ्तार वाली दिन की इंटर-सिटी ट्रेन तक सीमित नहीं रह गई है।
  • स्लीपर सेवाएं, नए रूट, तेज माल ढुलाई और मौजूदा सेवाओं में बदलाव इसके अगले विस्तार की दिशा तय कर रहे हैं। वाराणसी-नई दिल्ली स्लीपर वंदे भारत और सूरत-उदयपुर जैसी प्रस्तावित सेवाएं यात्रियों के लिए नई कनेक्टिविटी ला सकती हैं। जबकि तेज माल ढुलाई वाला मॉडल रेलवे के लिए एक नए कारोबारी क्षेत्र का रास्ता खोल सकता है।

ये भी पढ़ें- जेपी विशटाउन के 20,000 पेंडिंग फ्लैट्स पर बड़ा अपडेट! जानिए अब सुरक्षा ग्रुप कब तक पजेशन सौंपने की कर रहा बात

Gurugram Hit and Run: महिला बाइकर को टक्कर मारने वाला आरोपी दौंसा से अरेस्ट, हत्या के प्रयास का मामला दर्ज

Gurugram Hit and Run: गुरुग्राम पुलिस ने मंगलवार को राजस्थान के दौसा से आरोपी कल्याण बैंसला को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने यह कदम गोल्फ कोर्स रोड पर एक महिला बाइकर के साथ हुई कथित हिट-एंड-रन की घटना के CCTV फुटेज की जांच के बाद उठाया है। बता दें की उस पर हत्या की कोशिश करने का आरोप लगा है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 भी लगा दी है। यह धारा हत्या की कोशिश से जुड़ी है और इसके तहत दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

यह घटनाक्रम तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक कार कथित तौर पर मोटरसाइकिल सवार महिला को टक्कर मारकर मौके से भागती हुई दिखाई दे रही है।

CCTV फुटेज की जांच के बाद हत्या की कोशिश का आरोप जोड़ा गया

ऑनलाइन फुटेज सामने आने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने घटना का स्वतः संज्ञान लिया। सेक्टर 56 थाने में चल रही जांच के दौरान, अधिकारियों ने इलाके के CCTV फुटेज की जांच की।

CCTV फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने हत्या की कोशिश का आरोप जोड़ा। शुरुआत में यह मामला BNS की धारा 281 (लापरवाही से गाड़ी चलाना) और धारा 125 (चोट पहुंचाना) के तहत दर्ज किया गया था। पुलिस ने पहले बताया था कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसे पकड़ने के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं।

बता दें कि यह Hit and run की घटना रविवार को गोल्फ कोर्स रोड पर हुई, जब एक महिला, जिसने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान ‘सिया’ के तौर पर बताई है, बाइकर्स के एक ग्रुप के साथ अप्रिलिया RS 457 चला रही थी।

बाइक से गिरी महिला बाइकर

मोटरसाइकिल पर लगे कैमरों की फुटेज के अनुसार, एक कार ग्रुप के पास आई और सिया की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से वह बाइक से गिर गईं और सड़क पर कई मीटर तक घिसटती चली गईं।

सिया को मामूली चोटें आईं, लेकिन उन्होंने कहा कि वह अभी भी शारीरिक दर्द और इस घटना के भावनात्मक असर से जूझ रही हैं।

CNN-News18 से खास बातचीत में सिया ने कहा, “मेरे घुटनों में दर्द है, पूरे शरीर में दर्द हो रहा है। मैं जल्द ठीक होना चाहती हूं।” उन्होंने आगे कहा, “मैं बहुत बड़े सदमे में हूं।”

उन्होंने टक्कर से पहले ड्राइवर के व्यवहार को भी याद किया।

उन्होंने CNN-News18 को बताया, “मुझे नहीं पता कि कार गोल्फ कोर्स रोड पर कब आई। उसने पहले थंब्स अप दिखाया और फिर अजीब-अजीब इशारे करता रहा।”

गौरतलब है कि सिया ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया था कि उनकी मोटरसाइकिल के पास आने से पहले कार ने उनके ग्रुप का पीछा किया था। उन्होंने दावा किया कि कार में सवार लोगों ने उनके साथ बदतमीजी की और जब उन्होंने दूरी बनाए रखने के लिए कहा, तो उन्होंने गाड़ी रोकने को कहा। सिया ने यह भी आरोप लगाया कि वे नशे में लग रहे थे।

फुटेज में कार को उनकी बाइक को टक्कर मारते और फिर वहां से चले जाते हुए देखा जा सकता है।

आरोपी ने टक्कर की बात मानी, लेकिन जान-बूझकर टक्कर मारने से किया इनकार

जिम के मालिक बैंसला, जो खुद को इंटरनेशनल कबड्डी खिलाड़ी बताते हैं, ने माना है कि टक्कर हुई थी, लेकिन उन्होंने सिया को जान-बूझकर टक्कर मारने से इनकार किया।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि घटना के समय वह अपनी बहन और दो कजिन के साथ यात्रा कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “मैं अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहा था। मैंने उस युवती के प्रति कोई गलत इशारा नहीं किया; मैंने बस उससे अपनी बाइक धीरे चलाने के लिए कहा था। मैं मानता हूं कि टक्कर हुई थी। अगर मैं उसी समय रुक जाता, तो वे लोग हमें पीट देते।”

बैंसला ने दावा किया कि लगभग 20 से 22 मोटरसाइकिल सवारों ने उनकी कार को ओवरटेक किया था और उन्हें शुरू में पता नहीं चला कि उनमें एक महिला भी शामिल थी।

उन्होंने कहा, “वह बिना शीशे (मिरर) में देखे मुड़ रही थीं; तभी, एक यू-टर्न के पास, मेरा कार से कंट्रोल छूट गया और टक्कर हो गई। यह मेरी गलती थी; मैं इसे मानता हूं।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि टक्कर के बाद उन्होंने रुकने के बारे में सोचा था, लेकिन बाइक सवारों द्वारा कथित तौर पर गाली-गलौज किए जाने के बाद उन्होंने न रुकने का फैसला किया।

बैंसला ने कहा, “मेरा परिवार मेरे साथ था, इसलिए मुझे डर था कि अगर हम रुके तो वे हमें पीट सकते हैं। मैंने उनसे बात करने के लिए एक रेड लाइट पर कार रोकी भी थी और उन्हें समझाया था कि इसमें मेरी गलती नहीं थी। उसके बाद, मेरे भाई ने वहां रुकने से मना कर दिया।”

उन्होंने आगे कहा, “मेरे खिलाफ पहले का कोई मामला नहीं है। अब मुझे परेशान किया जा रहा है।”

वकील का दावा- महिला 140-170 किमी/घंटे की रफ्तार से चला रही थी बाइक

बैंसला के वकील नवीन बैंसला ने बताया कि जब यह घटना हुई, तब उनके क्लाइंट दिल्ली में एक रिश्तेदार के घर से अपने परिवार के साथ लौट रहे थे।

“मेरे क्लाइंट दिल्ली में एक रिश्तेदार के घर से अपने परिवार के साथ लौट रहे थे। लगभग 25 राइडर्स लगातार मेरे क्लाइंट से आगे निकल रहे थे; महिला 140-170 kmph की रफ्तार से गाड़ी चला रही थी, तभी उसने दाईं ओर मुड़ने की कोशिश की और मेरे क्लाइंट ने बाईं ओर मुड़ने की कोशिश की, जिससे टक्कर हो गई।”

घटना में शामिल कार मनीष के नाम पर रजिस्टर्ड है, जिसने कहा कि टक्कर के समय वह गाड़ी नहीं चला रहा था।

मनीष ने कहा, “मैं सेना में काम करता हूं और हां, यह गाड़ी मेरी ही है। मैं काम पर था और मेरे दोस्त कल्याण सिंह ने मेरी कार ली थी।”

उसके चाचा करतार पोसवाल ने भी कहा कि बैंसला ने गाड़ी ली थी और परिवार को उसके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

महिला के पिता ने सख्त कार्रवाई की मांग की

सिया के पिता ने कहा कि उन्हें इस घटना के बारे में मीडिया रिपोर्ट से पता चला, क्योंकि उनकी बेटी ने शुरू में उन्हें इसके बारे में नहीं बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि टक्कर जानबूझकर मारी गई थी और इस घटना को महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया।

उन्होंने कहा, “ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” बाद में सिया ने कहा कि वह कानूनी कार्रवाई करेंगी और अपने वकील के साथ FIR दर्ज कराएंगी। उन्होंने समाचार संगठनों से यह भी अनुरोध किया कि वे उनकी पहचान उजागर न करें या उनका चेहरा न दिखाएं।

वहीं, विवाद के बाद बैंसला ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डीएक्टिवेट कर दिया है।

गुरुग्राम पुलिस ने दोहराया है कि वह सड़क पर होने वाले झगड़ों (रोड रेज), लापरवाही से गाड़ी चलाने और गैर-कानूनी व्यवहार के प्रति ‘जीरो-टॉलरेंस’ की नीति अपनाती है, और कहा कि इसमें शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें: VIDEO: ‘मैं वहीं मर सकती थी…’, गुरुग्राम हिट एंड रन केस में पीड़िता सिया ने तोड़ी चुप्पी, आरोपी के दावों पर उठाए सवाल

Tukaram Mundhe: तुकाराम मुंढे का एक और बड़ा एक्शन! 2,841% वाले मुनाफे पर इस रिपोर्ट से हंगामा

Tukaram Mundhe Action: अपनी कड़क कार्यशैली और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए चर्चित आईएएस अधिकारी और महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे एक बार फिर जबर्दस्त चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने प्राइवेट अस्पतालों और मेडिकल डिवाइस कंपनियों पर चाबुक चलाई है।

महाराष्ट्र एफडीए के एक चौकाने वाले सर्वे में सामने आया है कि अस्पताल जो सर्जिकल सामान (IV सेट्स, सिरिंज, कैथेटर) कौड़ियों के भाव खरीदते हैं, उन पर मरीजों से 2,841% (28 गुना से भी ज्यादा) तक का भारी-भरकम मुनाफा वसूला जा रहा है। तुकाराम मुंढे ने इस ‘अस्पताल लूट’ का कच्चा चिट्ठा केंद्र सरकार के पाले में फेंकते हुए सख्त नियम बनाने की मांग की है।

FDA के सर्वे में आए होश उड़ाने वाले आंकड़े

महाराष्ट्र एफडीए के सर्वे ‘सर्जिकल आइटम्स की खरीद और बिक्री कीमत में अंतर’ की रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, वे हर किसी को हैरान कर रहे हैं। IV इंफ्यूजन सेट जिससे सलाइन चढ़ाया जाता है उसे प्राइवेट अस्पताल कंपनियों से महज ₹11.05 में खरीदते हैं, लेकिन मरीज के बिल में एमआरपी चिपकाकर ₹325 वसूले जाते हैं। वैसे ही कैथेटर अस्पतालों को मात्र ₹29.41 में मिलता है, लेकिन मरीज से इसकी कीमत ₹310 ली जाती है।

सिरिंज, नेबुलाइजर, ऑक्सीजन मास्क और कैथेटर जैसे रोजमर्रा के मेडिकल सामानों पर खरीद मूल्य और एमआरपी के बीच 2841% तक का विशाल अंतर पाया गया।

तुकाराम मुंढे ने इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर फार्मास्यूटिकल्स विभाग और नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइजिंग अथॉरिटी (NPPA) को चिट्ठी लिखकर ट्रेड मार्जिन पर कैपिंग लगाने की मांग की है।

मुंढे ने डे दी सख्त चेतावनी

तुकाराम मुंढे अपने सख्त और बेबाक फैसलों के लिए जाने जाते हैं। इस मामले पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने साफ कहा, ‘यह केवल कीमत का मामला नहीं है, बल्कि यह मरीज के अधिकारों और सुरक्षा का मुद्दा है। अस्पताल में भर्ती लाचार मरीज के पास यह जांचने का कोई जरिया या जानकारी नहीं होती कि उससे जो सामान का दाम वसूला जा रहा है, वह जायज है या नहीं।’

वैसे इस बड़े खुलासे के बाद केंद्र सरकार का प्राइजिंग रेगुलेटर राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण(NPPA) हरकत में आ गया है। एनपीपीए अधिकारियों के अनुसार, वे कंपनियों की फाइलिंग्स और अंदरूनी रेट लिस्ट का मिलान महाराष्ट्र एफडीए के सर्वे से कर रहे हैं।

केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पंजाब, राजस्थान और तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोल

अधिकारियों ने भी अस्पतालों द्वारा सर्जिकल सामानों पर वसूले जा रहे इस मोटे मार्जिन की शिकायत केंद्र से की है।

नियम क्या कहते हैं और अस्पताल क्या दे रहे सफाई?

ड्रग्स प्राइज कंट्रोल ऑर्डर (DPCO) के तहत एनपीपीए कुछ जरूरी दवाओं और डिवाइसेस (जैसे- कोरोनरी स्टेंट या नी इम्प्लांट) की अधिकतम कीमत तय करता है। लेकिन गैर-सूचीबद्ध डिवाइसेस पर केवल इतना नियम है कि कोई कंपनी 12 महीने में 10% से ज्यादा एमआरपी नहीं बढ़ा सकती। इसी ढील का फायदा उठाकर कंपनियां शुरू से ही एमआरपी कई गुना बढ़ाकर प्रिंट करती हैं।

आकाश हेल्थकेयर के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. आशीष चौधरी के मुताबिक, नियमों में पारदर्शिता जरूर होनी चाहिए, लेकिन यह भी ध्यान रखना होगा कि अस्पतालों को अपना ढांचा, तकनीक और मरीज की सुरक्षा बनाए रखने के लिए वित्तीय रूप से मजबूत रहना जरूरी है।

एक्शन मोड में ‘सिंघम’ अधिकारी

आईएएस तुकाराम मुंढे अपने पूरे करियर में सिस्टम की खामियों पर कड़ा प्रहार करने के लिए जाने जाते हैं। इस साल की शुरुआत में ही मुंबई के फूड सेक्टर में चले उनके सख्त चेकिंग अभियान के बाद स्वच्छता मानकों का उल्लंघन करने पर कई बड़े ईटिंग जॉइंट्स और रेस्टोरेंट्स पर ताले लटक गए थे। अब मेडिकल सेक्टर में उनकी इस एंट्री से अस्पतालों और डिवाइस निर्माताओं के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

अस्पतालों में मिलने वाले सर्जिकल कंज्यूमेबल्स पर मार्जिन की कोई सीमा न होना स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की सबसे बड़ी कमियों में से एक है। जब तक केंद्र सरकार एनपीपीए के जरिए इन मेडिकल डिवाइसेस पर ट्रेड मार्जिन रशनलाइजेशन लागू नहीं करती, तब तक आम जनता को एमआरपी के नाम पर होने वाली इस लीगल लूट से राहत मिलना मुश्किल है।

भाजपा कैसे 21 राज्यों में यूसीसी लागू करेगी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया है कि 2029 के लोकसभा चुनाव तक देश के भाजपा और एनडीए शासित 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू हो जाएगी। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने ऐसे बहुत से काम हैं, जिनकी समय सीमा का ऐलान किया था और समय सीमा पूरी होने पर ऐलान कर दिया कि काम हो गया। खुले में शौच से मुक्ति से लेकर देश के नक्सल मुक्त होने तक कई घोषणाएं हैं। क्या उसी तरह से देश में यूसीसी लागू होगा या सचमुच कोई ब्लूप्रिंट अमित शाह के पास है? असल में 21 राज्यों में 2029 तक यूसीसी तभी लागू हो सकती है, जब अमित शाह को यकीन हो कि इन 21 राज्यों में अगले तीन साल तक भाजपा और एनडीए की सरकार बनी रहनी है या दूसरा तरीका यह है कि जिन राज्यों में अगले दो साल में चुनाव हैं उनमें चुनाव से पहले यूसीसी लागू करा दिया जाए।

गौरतलब है कि अगले साल पांच राज्यों में फरवरी में चुनाव हैं और फिर नवंबर में दो राज्यों में चुनाव हैं। इन सात राज्यों में से एक पंजाब में आम आदमी पार्टी की और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। बचे हुए पांच राज्यों में भाजपा की सरकार है। एक राज्य उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो गया है और गुजरात में बिल पास हो गया है। क्या बचे हुए तीन राज्यों में अगले चुनाव से पहले यूसीसी लागू हो जाएगी? यह सवाल इसलिए है क्योंकि अगर भाजपा वापस सरकार में नहीं लौटी तो क्या होगा? उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अभी तक यूसीसी का बिल पास नहीं कराया है। पांच महीने के बाद राज्य में चुनाव होने वाले हैं। क्या अगले पांच महीने में भाजपा की सरकारें उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर में यूसीसी लागू कर देगी या वह इस भरोसे में है कि चुनाव के बाद भी उसी की सरकार आनी है और नई सरकार इसे लागू करेगी? इसमें एक समस्या मणिपुर को लेकर भी है, जहां बड़ी आदिवासी आबादी है। हालांकि उत्तराखंड से यूसीसी का जो मसौदा बना है उसमें आदिवासियों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा जा रहा है।

बहरहाल, 2028 में कई राज्यों में चुनाव हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड और मिजोरम के अलावा कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। इन आठ राज्यों में से एक कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है। पांच राज्यों में भाजपा की अपनी सरकार है और दो राज्यों में सहयोगी पार्टियों की सरकार है। क्या भारतीय जनता पार्टी को भरोसा है कि वह पूर्वोत्तर के चार राज्यों में भी यूसीसी आसानी से पास करा लेगी? क्या सहयोगी पार्टियों की सरकार इसके लिए तैयार होगी? इसके साथ ही ऊपर उठाया गया सवाल भी है कि अगर चुनाव से पहले नहीं हुआ और भाजपा या उसकी सहयोगी पार्टी सरकार में नहीं लौटी तो क्या होगा? ऐसे ही 2029 के लोकसभा चुनाव के साथ ही आंध्र प्रदेश में विधानसभा का चुनाव है, जहां तेलुगू देशम पार्टी की सरकार है। क्या चंद्रबाबू नायडू को भाजपा इस बात के लिए तैयार कर पाएगी कि वे समान नागरिक संहिता लागू करें? इस तरह के कई सवाल हैं। लेकिन अमित शाह ने ऐलान किया है तो कुछ सोच समझ कर ही किया होगा!

राजस्थान निकाय चुनाव में कांटे की टक्कर

जयपुर। राजस्थान नगर निकाय के चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को कड़ी टक्कर मिली है। कांग्रेस के साथ साथ निर्दलीय उम्मीदवारों ने कई शहरों में शानदार प्रदर्शन किया है। राजस्थान के 10 नगर निगमों में से भाजपा सिर्फ चार जीत पाई है। कांग्रेस ने तीन नगर निगमों में बढ़त बनाई है, जबकि जोधपुर में  कांग्रेस और भाजपा लगभग बराबरी पर हैं।। दो नगर निगमों में निर्दलियों का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा। देर शाम के नतीजों के मुताबिक राज्य में 10 हजार से ज्यादा सीटों पर हुए चुनाव में 42 सौ के करीब सीटों के साथ भाजपा सबसे आगे है। कांग्रेस को करीब 36 सौ और निर्दलियों को करीब 23 सौ सीटें मिली हैं।

गौरतलब है कि राजस्थान के 309 शहरी निकायों और 10 बड़े नगर निगमों के लिए दो चरणों में मतदान हुआ था। राज्य के 10,245 पार्षद पदों के लिए करीब 74 फीसदी मतदान हुआ था। करीब 1.44 करोड़ मतदाताओं ने अपना फैसला सुनाया है। सोमवार देर शाम तक की नतीजों के मुताबिक भाजपा ने जयपुर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा में जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस ने बीकानेर में पूर्ण बहुमत हासिल किया। कांग्रेस अजमेर और पाली में भी सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है। 21 सितंबर को मेयर और 22 सितंबर को उप मेयर के पद के लिए चुनाव होंगे।

उधर भरतपुर और जोधपुर जैसे शहरों में पेंच फंस गया है। वहां दोनों मुख्य पार्टियां बहुमत से दूर हैं और निर्दलीयों की भूमिका सबसे अहम हो चुकी है। राजधानी जयपुर में डेढ़ सौ सीटों में से भाजपा ने करीब 80 सीटें जीत कर पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। उदयपुर की 80 सीटों में से पार्टी ने 53 सीटों पर एकतरफा जीत दर्ज की है। कांग्रेस महज 23 सीटों पर सिमट कर रह गई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के क्षेत्र कोटा में भाजपा ने एक सौ में से 55 सीटें जीत कर स्पष्ट बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। भीलवाड़ा में भाजपा ने 70 में से 45 वार्ड अपने नाम किए हैं।

दूसरी ओर कांग्रेस ने बीकानेर नगर निगम में एकतरफा जीत दर्ज करते हुए पूर्ण बहुमत हासिल किया। बीकानेर की 80 में से कांग्रेस ने 42 वार्डों में जीती। भाजपा को सिर्फ 27 सीटों से संतोष करना पड़ा। अजमेर के 80 वार्डों में कांग्रेस 37 सीटें जीतकर सबसे आगे रही। भाजपा को वहां 32 सीटें मिलीं। पाली में भी कांग्रेस 65 में से 29 सीटें जीत कर सबसे बड़ी पार्टी रही। हालांकि अजमेर और पाली में पार्टी बहुमत के जादुई आंकड़े से थोड़ा पीछे रह गई है। जोधपुर की एक सौ सीटों पर भाजपा और कांग्रेस दोनों को बराबर 44-44 सीटें मिली हैं। भरतपुर में तो निर्दलियों ने 65 में से 38 सीटों पर जीत दर्ज की।