कल का मौसम: 15 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा समेत 10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की ये चेतावनी

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 सितंबर के लिए देश भर का ताजा मौसम पूर्वानुमान और बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा समेत देश के 10 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की आशंका है। मानसून की विदाई चरण के बीच कई मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर, दक्षिण, पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत के हिस्सों में आंधी-तूफान, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा समेत इन 10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के 15 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 10 प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब में बारिश का दौर तेज रहने वाला है, जहां अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार पानी बरस सकता है।

पश्चिम भारत में गुजरात के सौराष्ट्र एवं कच्छ क्षेत्र में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। दक्षिण भारत में केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश के आसार हैं। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

राजस्थान, बिहार और जम्मू-कश्मीर में आंधी के साथ बिजली कड़कने का अनुमान

देश के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में थंडरस्टॉर्म के साथ 30-40 किमी/घंटे की गति से आंधी चलने का अलर्ट है।

यूपी, एमपी समेत 16 से अधिक राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने की आशंका

मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली चमकने को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात रीजन, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।

समुद्र में तूफानी हवाएं: गुजरात तट और बंगाल की खाड़ी के लिए अलर्ट

समुद्र और तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के असर से समुद्री स्थिति प्रतिकूल बनी रहेगी। सोमालिया तट के साथ और उससे लगे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

उत्तर-पूर्वी अरब सागर से सटे गुजरात तटों पर 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी मौसम बना रहेगा, जहां हवा की गति 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती हैं। मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और गहरे समुद्र में जाने वाले मछुआरों को खराब मौसम को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है।

Monsoon Update: मानसून की विदाई के संकेत के बीच यूपी से गुजरात तक भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की ये चेतावनी

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई और देश भर में जारी मौसमी हलचलों को लेकर ताजा वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं। हालांकि मानसून की विदाई के इन संकेतों के बीच देश के कई हिस्सों में झमाझम और आफत की बारिश का दौर जारी है।

दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उससे सटे उत्तरी गुजरात के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से 14 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ में अत्यंत भारी बारिश और गुजरात रीजन में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों का हाल और सक्रिय मौसमी प्रणालियां

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान हरियाणा, तेलंगाना और पश्चिम मध्य प्रदेश में 12 से 20 सेमी तक की बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कोंकण, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, सौराष्ट्र, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात रीजन, उत्तराखंड, तमिलनाडु, ओडिशा और असम के कई हिस्सों में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) हुई है।

गुजरात, सौराष्ट्र और कोंकण-गोवा में अत्यंत भारी बारिश का संकट

पश्चिमी भारत में 14 सितंबर को बारिश का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने सौराष्ट्र एवं कच्छ के अलग-अलग इलाकों में 14 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुजरात रीजन में 14 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की आशंका है जबकि सौराष्ट्र और कच्छ में 15 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी।

मध्य महाराष्ट्र में 14 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कोंकण और गोवा संग गुजरात रीजन व सौराष्ट्र-कच्छ में 14 और 15 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रहेंगी।

उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-NCR, राजस्थान और पंजाब में बारिश का पूर्वानुमान

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चलेगा। उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में 14 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 15 से 17 सितंबर के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश के मौसम की बात करें तो पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 और 15 सितंबर को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान दोनों हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। राजस्थान में 14 से 16 सितंबर के बीच 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अनुमान जताया गया है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का मौसम

मध्य भारत के राज्यों में 14 सितंबर को व्यापक बारिश का असर दिखेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 14 सितंबर को कई जगहों पर बारिश होगी। इसमें पश्चिम मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट शामिल है। विदर्भ में 14 और 15 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। 15 से 20 सितंबर के दौरान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में छिटपुट बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने के आसार हैं।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बंगाल, बिहार और ओडिशा में बदलेगा मौसम

पूर्वी भारत में 14 से 20 सितंबर के बीच उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। 16 सितंबर को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 16 और 17 सितंबर को और ओडिशा में 14 सितंबर और 18 से 20 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 14 से 18 सितंबर के दौरान तेज आंधी और हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर के राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 15 से 18 सितंबर के बीच अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 से 20 सितंबर तक बारिश और बिजली चमकने का अनुमान है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना और कर्नाटक में आंधी-तूफान का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में केरल, माहे और लक्षद्वीप में 14 से 20 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 14 सितंबर को 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 14 से 20 सितंबर तक, केरल व माहे में 14-16 और 19-20 सितंबर को, तथा तटीय आंध्र प्रदेश, यानम व रायलसीमा में 19 और 20 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

समुद्र में तेज हवाएं: मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी

समुद्री इलाकों में हवाओं के कड़े रुख को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को चेतावनी दी है। गुजरात तटों से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 16 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। उत्तरी महाराष्ट्र तट, पूर्व-मध्य अरब सागर और दक्षिण केरल तट से सटे कोमोरिन क्षेत्र में 14 सितंबर को खराब समुद्री स्थिति रहेगी।

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इसके साथ ही सोमालिया तट और उससे लगे अरब सागर में 19 सितंबर तक और बंगाल की खाड़ी व अंडमान सागर के इलाकों में 15 से 19 सितंबर के दौरान तूफानी हवाएं चलने के कारण समुद्री गतिविधियों पर रोक लगाने की सलाह दी गई है।

Ganga Aarti in London: ब्रिटेन में टेम्स नदी पर पहली बार हुई गंगा आरती! लंदन में गूंजे मंत्र और भक्ति के स्वर, भारतीयों का जमावड़ा

Ganga Aarti in London: ब्रिटेन (यूनाइटेड किंगडम) की राजधानी लंदन में स्थित मशहूर टेम्स नदी के तट पर रविवार (13 सितंबर) को पहली बार गंगा आरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। ‘टेम्स तट पर गंगा आरती: प्रकाश उत्सव’ नाम से आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन ‘चिन्मय मिशन यूके’ ने ‘टोटली टेम्स’ के वार्षिक उत्सव के सहयोग से किया। यह आयोजन ‘चिन्मय मिशन’ की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दुनियाभर में हो रहे कार्यक्रमों का हिस्सा था।

भारत में गंगा के तट पर होने वाली प्रसिद्ध आरती की परंपरा से प्रेरित इस आयोजन की परिकल्पना प्रकृति, ज्ञान और चेतना के जीवनदायी प्रवाह के प्रतीक के रूप में की गई थी। ‘चिन्मय मिशन यूके’ की टीचर ब्रह्मचारिणी श्रीप्रिया चैतन्य ने कहा, “पीढ़ियों से श्रद्धालु गंगा के तट पर दीप प्रज्वलित कर मां गंगा की आराधना करते और प्रकृति एवं जीवन को संवारने वाली दिव्य शक्तियों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता दर्शाते आए हैं।”

श्रीप्रिया चैतन्य ने कहा, “टेम्स नदी के तट पर गंगा आरती भी इसी भावना को आगे बढ़ाती है और कृतज्ञता, आशा तथा एकता के साझा भाव में लोगों को एक साथ लाती है।। चैतन्य ने बताया कि चिन्मय मिशन के लिए गंगा ज्ञान के प्रवाह का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा, “हमारे संस्थापक स्वामी चिन्मयानंद ने अपना जीवन वेदांत के शाश्वत ज्ञान और आध्यात्मिक संदेश को हिमालय की पवित्र भूमि से जन-जन तक पहुंचाने और उसे उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए समर्पित कर दिया।”

उन्होंने आगे कहा, “हिंदू धर्म की महान दार्शनिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं में से एक वेदांत की इस दिव्य विरासत को आगे बढ़ाते हुए चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह समारोह ज्ञान, सेवा और कृतज्ञता की उस पवित्र धारा का उत्सव भी है, जो भौगोलिक सीमाओं से परे निरंतर प्रवाहित हो रही है।”

गंगा आरती का महत्व

गंगा आरती हिंदू धर्म का एक प्राचीन धार्मिक अनुष्ठान है। इसमें बड़ी संख्या में दीयों को प्रज्वलित कर प्रार्थना, भजन-संगीत और मंत्रोच्चार के माध्यम से मां गंगा के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। यह अनुष्ठान प्रकृति और उसके जीवनदायी स्वरूप के प्रति आस्था तथा सम्मान की भी अभिव्यक्ति है।

चिन्मय मिशन के एक प्रवक्ता ने कहा, “प्रकृति के प्रति श्रद्धा गंगा आरती का केवल एक हिस्सा नहीं, बल्कि इसकी आत्मा में निहित है। यह मां गंगा के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता अर्पित करने का माध्यम है। हिंदू परंपरा में मां गंगा को पवित्र, जीवनदायिनी और समस्त जीवों का पोषण करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।”

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आरती में परंपरा की पवित्रता

टेम्स के तट पर आयोजित इस आरती में परंपरा की पवित्रता के साथ नदी की निर्मलता और पर्यावरण की मर्यादा का भी पूरा ध्यान रखा गया। पूरा अनुष्ठान नदी के तट पर जमीन पर ही संपन्न हुआ। आरती में प्रयुक्त किसी भी वस्तु को टेम्स में प्रवाहित नहीं किया गया। ‘टोटली टेम्स’ एक न्यास की ओर से आयोजित वार्षिक उत्सव है, जिसकी शुरुआत 1997 में हुई थी। इस उत्सव के तहत कला, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और शिक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से टेम्स नदी के महत्व और समृद्ध विरासत को रेखांकित किया जाता है।

Houthi attack Saudi: सऊदी अरब के तेल भंडार पर बड़ा संकट! कुछ ही दिनों में खत्म हो सकता है स्टॉक, हूती विद्रोहियों के हमलों से टेंशन में MBS

Houthi attack on Saudi Arabia: सऊदी अरब के सामने तेल निर्यात को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ड्रोन हमले में क्षतिग्रस्त हुई एक महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन अगर जल्द दोबारा शुरू नहीं हुई, तो अरब देश के पास निर्यात के लिए मौजूद कच्चे तेल का भंडार महज 5 से 7 दिनों में खत्म हो सकता है। ‘रॉयटर्स’ ने सऊदी तेल शिपमेंट से जुड़े तीन उद्योग सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।

इस पाइपलाइन के लंबे समय तक बंद रहने से वैश्विक तेल बाजार पर भी बड़ा असर पड़ सकता है। सऊदी तेल खरीदारों और कारोबारियों के मुताबिक, इससे दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का करीब 4 फीसदी, यानी लगभग 40 लाख बैरल प्रतिदिन, बाजार से हट सकता है।

ड्रोन हमले के बाद बंद हुई पाइपलाइन

सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को शुक्रवार को ड्रोन हमलों में नुकसान पहुंचने के बाद बंद कर दिया गया। यह पाइपलाइन देश के पूर्वी हिस्से में मौजूद तेल क्षेत्रों से कच्चा तेल लाल सागर के किनारे स्थित यानबू बंदरगाह तक पहुंचाती है। सऊदी सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि पाइपलाइन को कितना नुकसान पहुंचा है। इसकी मरम्मत कब तक पूरी होगी। रॉ

यटर्स से बातचीत में उद्योग से जुड़े सूत्रों ने मरम्मत की अलग-अलग समयसीमा बताई है। एक सूत्र के मुताबिक, इसे ठीक करने में 5 से 6 सप्ताह लग सकते हैं। जबकि दूसरे का कहना है कि पाइपलाइन इससे पहले भी चालू हो सकती है। मरम्मत के दौरान पाइपलाइन से आंशिक रूप से तेल पंपिंग शुरू किए जाने की संभावना भी बताई गई है।

यानबू में सिर्फ कुछ दिनों का तेल भंडार

सूत्रों के मुताबिक, यानबू बंदरगाह पर मौजूद कच्चे तेल का स्टॉक मौजूदा निर्यात को केवल 5 से 7 दिनों तक बनाए रखने के लिए पर्याप्त है। अगर पाइपलाइन लंबे समय तक बंद रही तो यह भंडार भी खत्म हो सकता है। सऊदी अरब के पास मिस्र के कुछ बंदरगाहों पर भी एक्स्ट्रा तेल स्टॉक मौजूद है। इनमें लाल सागर पर स्थित ऐन सुखना और भूमध्य सागर पर स्थित सिदी केरिर शामिल हैं। एक अन्य उद्योग सूत्र के अनुसार, इन भंडारों से ग्राहकों को कुछ और दिनों तक तेल की आपूर्ति की जा सकती है।

भंडारण क्षमता की बात करें तो:

यानबू: करीब 3.5 करोड़ बैरल

ऐन सुखना: करीब 1.8 करोड़ बैरल

सिदी केरिर: करीब 2 करोड़ बैरल

हालांकि ये सभी भंडारण सुविधाएं पूरी क्षमता तक भरी हुई नहीं हैं। ऐसे में पाइपलाइन दोबारा शुरू नहीं होने पर इन भंडारों के भी धीरे-धीरे खत्म होने का खतरा है।

सऊदी अरब का तेल उत्पादन 30 साल के निचले स्तर पर

पाइपलाइन संकट ऐसे समय आया है जब सऊदी अरब का तेल उत्पादन पहले ही काफी गिर चुका है। सऊदी अरब ने OPEC को बताया कि अगस्त में उसका तेल उत्पादन घटकर 62 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया, जबकि फरवरी में यह करीब 1.09 करोड़ बैरल प्रतिदिन था। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी यानी IEA ने शुक्रवार को कहा कि सऊदी अरब की तेल आपूर्ति तीन दशकों से अधिक समय के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।

इसके पीछे होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर के रास्ते तेल की आवाजाही में आई बाधा को प्रमुख कारण बताया गया है। IEA का अनुमान है कि इस साल वैश्विक तेल आपूर्ति में करीब 57 लाख बैरल प्रतिदिन की गिरावट आ सकती है, जो दुनिया की कुल सप्लाई का लगभग 6 फीसदी है।

होर्मुज संकट के बीच पाइपलाइन थी सऊदी अरब का अहम रास्ता

पिछले करीब छह महीनों से यह पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गई थी। इसकी मदद से सऊदी अरब होर्मुज जलडमरूमध्य को बायपास करते हुए लाल सागर के रास्ते तेल का निर्यात कर पा रहा था। इस पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन करीब 40 लाख बैरल तेल यानबू पहुंचाया जाता था। यह मात्रा दुनिया की कुल तेल आपूर्ति के लगभग 4 फीसदी के बराबर है। अब पाइपलाइन बंद होने से सऊदी अरब के सामने तेल निर्यात के वैकल्पिक रास्तों का संकट बढ़ गया है।

लाल सागर में हूतियों से भी बढ़ा खतरा

सऊदी अरब को लाल सागर क्षेत्र में एक और चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यमन के हूती लड़ाकों ने युद्ध के बीच सऊदी तेल शिपमेंट को निशाना बनाने की धमकी दी है। शुक्रवार को उन्होंने लाल सागर के मुहाने पर स्थित एक द्वीप पर कब्जा करने का भी दावा किया।

ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए इसलिए भी अहम थी क्योंकि यह देश को होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने का रास्ता देती थी। इसके लंबे समय तक बंद रहने से सऊदी अरब को अपने स्टोरेज में मौजूद तेल और दूसरे सीमित निर्यात मार्गों पर ज्यादा निर्भर होना पड़ सकता है।

दुनिया भर में तेल कीमतों पर और बढ़ सकता है दबाव

अगर पाइपलाइन की मरम्मत में कई सप्ताह लगते हैं, तो सऊदी अरब के लिए विदेशी ग्राहकों को नियमित तेल आपूर्ति बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। लंबे समय तक बंदी का मतलब वैश्विक बाजार से हर दिन लाखों बैरल सऊदी कच्चे तेल की कमी हो सकता है।

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इससे पहले ही सीमित वैश्विक सप्लाई पर दबाव और बढ़ेगा और कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर पेट्रोल-डीजल, परिवहन लागत और महंगाई पर पड़ने की आशंका है। सऊदी अरब की यह पाइपलाइन सिर्फ एक देश की तेल सप्लाई का मामला नहीं है। इसके लंबे समय तक बंद रहने पर पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।

Rajasthan Nikay Chunav Result: राजस्थान निकाय चुनाव में लहराया भगवा! नगर निगम के रुझानों में BJP 37 सीटों के साथ आगे, जानें- कांग्रेस का हाल

Jaipur Election Results 2026 News: राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) बढ़त बनाए हुए है। भगवा पार्टी को कांग्रेस भी कड़ी टक्कर दे रही है। राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मतगणना सुबह आठ बजे शुरू हुई। इसके लिए व्यापक सुरक्षा इंतजामों के साथ अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। 11 बजकर 45 मिनट तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 10,245 वार्डों के घोषित परिणामों में BJP ने 1,937, कांग्रेस ने 1,646 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 1,040 वार्डों में जीत दर्ज की है।

इसके अलावा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने 42, भारत आदिवासी पार्टी ने आठ, बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने छह, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने छह और आम आदमी पार्टी (AAP) ने पांच वार्डों में जीत हासिल की है।

इन आंकड़ों में निर्विरोध चुने गए 77 उम्मीदवार भी शामिल हैं। राज्य में जिन 309 नगरीय निकायों के चुनाव की घोषणा की गई है। उनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 200 से अधिक नगरपालिकाएं शामिल हैं। इन सभी निकायों में कुल 10,245 वार्ड हैं। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए वोटों की गिनती चल रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) शुरुआती बढ़त बनाए हुए है।

यहां- देखें लाइव अपडेट्स

11 बजकर 45 मिनट का अपडेट:- सोमवार सुबह 11 बजकर 45 मिनट तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 10,245 वार्डों के घोषित परिणामों में BJP ने 1,937, कांग्रेस ने 1,646 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 1,040 वार्डों में जीत दर्ज की है। इसके अलावा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने 42, भारत आदिवासी पार्टी ने आठ, बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने छह, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने छह और आम आदमी पार्टी (AAP) ने पांच वार्डों में जीत हासिल की है।

इन आंकड़ों में निर्विरोध चुने गए 77 उम्मीदवार भी शामिल हैं। राज्य में जिन 309 नगरीय निकायों के चुनाव की घोषणा की गई है, उनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 200 से अधिक नगरपालिकाएं शामिल हैं। इन सभी निकायों में कुल 10,245 वार्ड हैं।

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IMD Rain Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 सितंबर के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान और बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक पश्चिमी भारत के गुजरात में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। वहीं उत्तर भारत के दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दक्षिण भारत के तेलंगाना व केरल समेत देश के कई राज्यों में झमाझम बारिश और आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और तटीय इलाकों में तूफानी स्थिति बने रहने की चेतावनी जारी की है।

गुजरात में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

14 सितंबर को गुजरात राज्य में बारिश का सबसे अधिक जोर रहेगा। मौसम विभाग ने जारी बुलेटिन में स्पष्ट किया है कि गुजरात के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही राज्य के कई हिस्सों में बादल गरजने और आकाशीय बिजली चमकने की प्रबल संभावना है।

दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना और MP समेत 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, पूर्वी राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और केरल व माहे के विभिन्न हिस्सों में भारी जलभराव और वर्षा के आसार हैं। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी पानी बरसने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, राजस्थान और दक्षिण भारत में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज तूफानी हवाओं का पूर्वानुमान जताया है। आंध्र प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

दिल्ली-NCR, बिहार, बंगाल और ओडिशा में बिजली कड़कने और आंधी का अनुमान

देश के विस्तृत हिस्सों में थंडरस्टॉर्म और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली हवाओं का असर रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, झारखंड, केरल व माहे, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना तथा पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक की संभावना है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

समुद्र में तूफानी हवाएं: गुजरात और महाराष्ट्र तटों के लिए मौसम विभाग की हिदायत

तटीय इलाकों और समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से स्थितियां प्रतिकूल बनी रहेंगी। उत्तर-पूर्वी अरब सागर से सटे गुजरात तट और पूर्व-मध्य अरब सागर से लगे उत्तरी महाराष्ट्र तट पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा, जहां हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

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सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती हैं। मौसम विभाग ने खराब समुद्री स्थिति को देखते हुए मछुआरों को तटीय क्षेत्रों और समंदर में जाने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

कल का मौसम: 14 सितंबर को गुजरात में मूसलाधार बारिश का तांडव! दिल्ली-NCR से राजस्थान-MP इन 15 राज्यों में भी आफत की बारिश

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 सितंबर के मौसम को लेकर ताजा बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग की ओर से देश के 15 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। गुजरात में जहां भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है, वहीं उत्तर भारत के दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से लेकर मध्य भारत के मध्य प्रदेश तक बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जबकि तटीय क्षेत्रों और समुद्र में तेज हवाओं का प्रकोप बना रहेगा।

गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

14 सितंबर को पश्चिमी भारत का गुजरात राज्य मौसमी आफत का मुख्य केंद्र रहने वाला है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि गुजरात राज्य के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही राज्य में कई जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने और कड़कने की भी आशंका जताई गई है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, राजस्थान और MP सहित इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

गुजरात के अलावा देश के दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी जलभराव और मूसलाधार पानी बरसने के आसार हैं।

इसी तरह पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश तथा असम व मेघालय में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और केरल व माहे के अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

आंध्र प्रदेश और दक्षिण भारत में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक आंध्र प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में धरातल पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

दिल्ली-NCR, बिहार और बंगाल समेत कई राज्यों में बिजली कड़कने और आंधी का अनुमान

देश के विस्तृत भूभाग में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ थंडरस्टॉर्म का असर देखा जाएगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, झारखंड, केरल व माहे, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से आंधी चलने का अलर्ट है।

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।

समुद्र में स्थिति चिंताजनक: गुजरात और महाराष्ट्र तटों पर मछुआरों के लिए अलर्ट

तटीय इलाकों और समंदर में चक्रवाती हवाओं के जोर के कारण स्थितियां खतरनाक बनी रहेंगी। सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लगे गुजरात तट और पूर्व-मध्य अरब सागर से लगे उत्तरी महाराष्ट्र तट पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा, जहां हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकते हैं। खराब मौसम को देखते हुए समुद्र में जाने वाले मछुआरों को विशेष एहतियात बरतने की हिदायत दी गई है।

‘भ्रम फैलाया है कि बहन जी बीमार हैं’; भतीजे आकाश आनंद पर फिर भड़कीं मायावती, लगाया गंभीर आरोप

Mayawati attack on Akash Anand: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी से निकाले गए अपने भतीजे आकाश आनंद के बारे में एक चौंकाने वाला दावा किया है। मायावती ने कहा कि पार्टी से निकाले गए लोगों ने उनकी सेहत को लेकर फर्जी अफवाहें फैलाईं और दावा किया कि वह गंभीर रूप से बीमार हैं। मायावती ने हाल ही में पार्टी से निष्कासित किए गए अपने भतीजे आकाश आनंद पर रविवार (13 सितंबर) को आरोप लगाया कि वह अब भी अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के बहकावे में आकर काम कर रहे हैं। मायावती ने कहा कि ऐसा लगता है कि आकाश अब भी अपने दिमाग से काम नहीं कर रहे हैं।

आकाश आनंद ने रात में किया फोन

रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बातचीत में BSP प्रमुख मायावती ने कहा, “बसपा से निकले गए लोगों ने पिछले एक-दो दिनों में पार्टी के कार्यकर्ताओं में यह भ्रम फैलाया है कि बहन जी (मायावती) काफी बीमार हैं। इसीलिए वह मीडिया में न आकर बड़े-बड़े मामलों के बारे में भी सीधे ट्वीट के जरिए ही लोगों को जानकारी दे रही हैं।” उन्होंने कहा कि आकाश ने BSP प्रभारी आलोक कुमार को शनिवार रात लगभग 10 बजे फोन कर पूछा कि क्या बहन जी बीमार हैं?

‘फोन के बारे में मायावती को न बताएं’

मायावती ने कहा कि इस पर आलोक कुमार ने आकाश को बताया कि BSP प्रमुख बिल्कुल ठीक हैं। वह अपने काम में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि आकाश ने कुमार से कहा कि वह उनके फोन करने के बारे में मायावती को न बताएं। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “यह भी काफी गंभीरता से सोचने की बात है। इस मामले में आकाश की मंशा सही भी हो सकती है और गलत भी। लेकिन ऐसा लगता है कि आकाश अब भी अपने दिमाग से काम नहीं कर रहा है, बल्कि (अपने ससुर) अशोक सिद्धार्थ के दिमाग से ही काम कर रहा है।”

अफवाहों को लेकर किया आगाह

मायावती ने BSP कार्यकर्ताओं को भी अफवाहों के प्रति सचेत किया। बसपा प्रमुख ने गत तीन सितंबर को आकाश को पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक पद से हटा दिया था। इसके बाद 10 सितंबर को उन्हें पार्टी से निष्कासित भी कर दिया था। हालांकि, मायावती ने यह भी दावा किया कि उन्होंने हाल ही में जो भी कड़े फैसले लिए हैं, उनसे पार्टी और बहुजन आंदोलन को नुकसान के बजाय काफी फायदा ही हो रहा है।

इससे डॉ. भीमराव आंबेडकर और BSP के संस्थापक कांशीराम का अधूरा रहा कारवां ‘काफी तेजी’ से गति भी पकड़ रहा है। मायावती ने इस दौरान मानदेय बढ़ाने और संविदा के बजाय पक्की नौकरी देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर राजधानी लखनऊ में जारी 58 हजार पंचायत सहायकों के आंदोलन का भी जिक्र करते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करे तो बेहतर होगा।

आगामी चुनाव को लेकर खुद एक्टिव हुईं मायावती

BSP प्रमुख ने तीन सितंबर को लखनऊ में हुई बहुजन समाज पार्टी की अखिल भारतीय बैठक में लिए गए निर्णयों का जिक्र करते हुए बताया कि पार्टी से जुड़े कार्यों को युद्ध स्तर पर गति देने के लिए अखिल भारतीय स्तर पर BSP को तीन सेक्टर में बांटा गया है। इसके तहत सेक्टर एक में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को शामिल किया गया है। वह खुद सीधे तौर पर इसके कार्यों की निगरानी कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि देश के बाकी राज्यों में जहां पार्टी का संगठन है, उन्हें दो सेक्टर में बांटकर पार्टी के वरिष्ठ तथा जिम्मेदार लोगों को अलग से केंद्रीय सेक्टर प्रभारी भी बना दिया गया है। इनके कार्यों की रिपोर्ट वह पहले की ही तरह बीच-बीच में लखनऊ में भी लेती रहेंगी।

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मायावती ने बताया कि पार्टी में मुख्य सेक्टर प्रभारी का पद अब समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब सेक्टरों के केंद्रीय प्रभारियों के कार्यों की सीधी रिपोर्ट बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार पार्टी प्रमुख को सौंपेंगे। आनंद कुमार मायावती के भाई और आकाश आनंद के पिता हैं।

24 घंटे में उत्तर गुजरात-राजस्थान की तरफ बढ़ेगा वेदर सिस्टम, 14 सितंबर तक इन राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

IMD Heavy Rain Forecast: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर से बेहद तेज हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी विदर्भ के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक यह मौसमी सिस्टम अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उससे सटे उत्तरी गुजरात के इलाकों की तरफ खिसकेगा। इसके असर से अगले 24 से 48 घंटों में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और कोंकण-गोवा सहित देश के कई राज्यों में अत्यंत भारी से मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है।

मानसून ट्रफ इस समय अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर सक्रिय बनी हुई है। इसके साथ ही अरब सागर और मध्य प्रदेश से लेकर मन्नार की खाड़ी तक फैली ऊपरी हवाओं के चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के असर से पूरे मध्य, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम भारत में तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

गुजरात और उत्तर मध्य महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश का संकट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक गुजरात क्षेत्र और उत्तर मध्य महाराष्ट्र में कुदरत का सबसे ज्यादा कहर देखने को मिल सकता है। 13 सितंबर को गुजरात रीजन और उत्तर मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में अत्यंत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान भी गुजरात में 30 सेंटीमीटर से अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।

इसके अलावा 14 सितंबर को गुजरात रीजन में और 13 से 14 सितंबर के दौरान सौराष्ट्र व कच्छ के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। कोंकण और गोवा के साथ मध्य महाराष्ट्र के इलाकों में भी 13 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। सौराष्ट्र व कच्छ में 15 सितंबर को भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत और राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम

कम दबाव के क्षेत्र का रुख दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उत्तर गुजरात की तरफ होने की वजह से पूर्वी राजस्थान में 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल में 73 डिग्री पूर्व देशांतर और 30 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसके असर से पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 13 से 17 सितंबर तक छिटपुट से लेकर भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

हालांकि, इन मैदानी इलाकों में 16 और 17 सितंबर को व्यापक रूप से तेज बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ेंगी। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 13 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है जबकि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 15 से 17 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

मध्य भारत और विदर्भ में बारिश का जोर

मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में मानसूनी सिस्टम पूरी तरह मेहरबान है। पश्चिम मध्य प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जबकि 15 से 19 सितंबर के बीच हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहेगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 13 सितंबर को तेज बारिश के आसार हैं।

विदर्भ में 13 से 15 सितंबर और छत्तीसगढ़ में 13 से 16 सितंबर तक अधिकांश स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। विदर्भ के अलग-अलग हिस्सों में 13 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है, जिसके बाद 16 से 19 सितंबर के दौरान बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आएगी।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी बरसेंगे बादल

पूर्वी भारत में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13 से 19 सितंबर तक लगातार व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा। बिहार में 15 से 17 सितंबर के बीच और ओडिशा में 14 से 17 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 16 से 19 सितंबर तक मूसलाधार बारिश देखने को मिल सकती है।

पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम में बने ऊपरी हवा के चक्रवाती तंत्र के कारण अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 17 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश में 13 से 17 सितंबर और असम व मेघालय में 13 से 16 सितंबर तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

दक्षिण भारत में तेज हवाओं का अलर्ट, केरल में उमस भरा मौसम

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों, यानम और तेलंगाना में 13 सितंबर को व्यापक वर्षा और भारी बारिश होने के आसार हैं। केरल और माहे में 14 और 15 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ेगा, जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 13 से 16 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु और तेलंगाना में 13 से 17 सितंबर के बीच 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट दिया है। वहीं केरल और माहे में 13 सितंबर को गर्म और बेहद उमस भरा मौसम रहने की संभावना जताई गई है।

मछुआरों के लिए समंदर में जाने पर चेतावनी

समुद्र में उठती ऊंची लहरों और तूफानी हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। उत्तर महाराष्ट्र तट से सटे अरब सागर में 13 सितंबर को और उत्तर-पूर्वी अरब सागर से सटे गुजरात तटों पर 16 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

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इसके अलावा सोमालिया तट और दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के इलाकों में 18 सितंबर तक स्थिति खतरनाक रह सकती है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्सों, अंडमान सागर और उससे सटे इलाकों में भी 15 से 18 सितंबर के दौरान मछुआरों को सतर्क रहने और गहरे समुद्र में जाने से बचने का निर्देश दिया गया है।

Sonaselection India IPO: 17 सितंबर को ओपनिंग, ₹142 करोड़ का है इश्यू; चेक करें प्राइस बैंड, लिस्टिंग डेट

मेनबोर्ड सेगमेंट में सोना सि​लेक्शन इंडिया का ₹141.57 करोड़ का IPO 17 सितंबर को खुलने जा रहा है। इसमें 1.43 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹94-₹99 प्रति शेयर और लॉट साइज 150 शेयर है। एंकर निवेशक 16 सितंबर को निवेश कर सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 21 सितंबर को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होगा।

कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 24 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं। इस IPO के लिए चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies है। सोना सि​लेक्शन इंडिया फैब्रिक बनाने और प्रोसेसिंग के कारोबार में है। यह वैल्यू-एडेड टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स का प्रोडक्शन करती है।

यह 100% कॉटन फैब्रिक, कॉटन लाइक्रा (स्ट्रेच) फैब्रिक, कॉटन ब्लेंड और पॉलिएस्टर ब्लेंड बनाती है। साथ ही 100% कॉटन, कॉटन ब्लेंड, पॉलिएस्टर-विस्कोस (P/V) और पॉलिएस्टर फैब्रिक की प्रोसेसिंग भी करती है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट राजस्थान के भीलवाड़ा में लगभग 49,540 वर्ग मीटर में फैली हुई है। सोना सि​लेक्शन इंडिया के प्रमोटर हर्षिल नुवाल, सुभाष चंद्र नुवाल, उमा नुवाल, दीपांक भंडारी और सोना पॉलीस्पिन प्राइवेट लिमिटेड हैं।

कैसे इस्तेमाल होंगे IPO के पैसे

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से हुई कमाई का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए प्लांट और मशीनरी खरीदने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। इश्यू में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

NSE IPO: इंतजार खत्म, प्राइस बैंड ₹1700-₹1785 प्रति शेयर हुआ तय; इश्यू का साइज घटकर ₹22562 करोड़

Sonaselection India की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में सोना सिलेक्शन इंडिया का रेवेन्यू 64 प्रतिशत बढ़कर ₹517.60 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 83 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹34 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹258.24 करोड़ की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू ₹316.47 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹18.56 करोड़ दर्ज किया गया था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।