भारत में एक दशक का सबसे असमान मानसून! CRISIL ने चेताया- फसलों की पैदावार, रबी बुआई पर भी खतरा

देश में इस साल मानसून की असमान चाल ने कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सामने बड़ी चिंता खड़ी कर दी है। हमारी सहयोगी सीएनबीसी टीवी 18 की एक रिपोर्ट में रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की ताजा रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि 2026 में भारत को पिछले एक दशक के सबसे अधिक असमान और विषमतापूर्ण मानसून का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि मानसूनी बारिश में 14 प्रतिशत की कमी के बावजूद किसानों ने बुआई का रकबा घटने नहीं दिया लेकिन अब असली खतरा फसलों की पैदावार और आगामी रबी (सर्दियों की) फसल की बुआई पर मंडरा रहा है।

10 साल में सबसे असमान मानसून: बारिश में 14% की भारी कमी

क्रिसिल के रेनफॉल्स डिस्टॉर्शन इंडेक्स (RDI) के मुताबिक इस साल यह इंडेक्स 14.4 पर पहुंच गया है। ये बीते 10 वर्षों में मानसून की सबसे असमान चाल की ओर इशारा कर रहा है। 7 सितंबर तक देश में सामान्य के मुकाबले बारिश की कमी 14 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसके अलावा सितंबर महीने में भी सामान्य से कम बारिश रहने का अनुमान है।

देश के प्रमुख कृषि क्षेत्रों में बारिश की असमानता बेहद गंभीर रही है। दक्षिण प्रायद्वीप में सामान्य से 27 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसी तरह पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश देखने को मिली है।

बुआई का रकबा तो बच गया पर कैसे?

रिपोर्ट के मुताबिक, बारिश की भारी कमी और देरी के बावजूद किसानों ने स्थानीय परिस्थितियों, रुक-रुक कर हुई बारिश और राज्य सरकारों की सलाह के मुताबिक अपनी बुआई योजनाओं में बदलाव किया है। 4 सितंबर तक कुल बुआई का स्तर सामान्य रकबे के 98 प्रतिशत और पिछले साल के स्तर के 96 प्रतिशत पर पहुंच गया है। चावल, तुअर (अरहर), मक्का, मूंगफली और गन्ना की बुआई सामान्य स्तर को पार कर चुकी है। कपास (कॉटन), बाजरा, ज्वार, मूंग, उड़द और सोयाबीन की बुआई का प्रदर्शन अभी भी कमजोर बना हुआ है।

जून के महीने में मूंगफली की बुआई पिछले साल से 42 प्रतिशत पीछे चल रही थी। लेकिन जुलाई और अगस्त में गुजरात में बारिश की स्थिति में हुए सुधार से इसका रकबा सुधरा और अंततः पिछले साल के आंकड़े को पार कर गया।

अब असली खतरा: फसलों की पैदावार पर संकट

क्रिसिल का कहना है कि फिलहाल कमजोर बारिश से पैदा होने वाले कृषि संकट की पहली कड़ी यानी कम बुआई तो टल गई है लेकिन अब सारा खतरा फसलों की पैदावार पर आ गया है। सीमित सिंचाई सुविधाओं वाली फसलें बारिश न होने पर सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं। क्रिसिल के डेफिसिएंट रेनफॉल इम्पैक्ट पैरामीटर (DRIP) ने कपास, बाजरा, मक्का, तुअर, मूंगफली और सोयाबीन में बड़े जोखिम की ओर इशारा किया है।

इसे गुजरात की ही उदाहरण से समझा जा सकता है। यहां मूंगफली की बुआई तो अच्छी हुई है लेकिन 2024-25 के आंकड़ों के मुताबिक इसके कुल कृषि क्षेत्र का केवल 49.3 प्रतिशत हिस्सा ही सिंचित है। अगस्त के अंत और सितंबर में बारिश सुस्त पड़ने से इस फसल की पैदावार पर असर पड़ सकता है। क्रिसिल के मुताबिक खरीफ फसलों से होने वाली किसानों की आय पर मध्यम असर पड़ेगा। हालांकि ग्रामीण मांग पर इसका तुरंत बड़ा झटका लगने की संभावना कम है।

क्या झटके को झेल पाएगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था?

रिपोर्ट के मुताबिक बीते वर्षों की तुलना में ग्रामीण भारत की स्थिति अब अधिक मजबूत हुई है। ग्रामीण परिवार अब सिर्फ फसल की आय पर निर्भर नहीं हैं। पशुपालन, मत्स्य पालन और वानिकी अब कृषि व संबद्ध क्षेत्र के कुल उत्पादन में 40 प्रतिशत से अधिक का योगदान देते हैं। शुद्ध बोए गए क्षेत्र में सिंचाई का दायरा 2015-16 के 48.8 प्रतिशत के स्तर से बढ़कर 2024-25 में करीब 60 फीसदी हो गया है।

पिछले 4 वर्षों का बेहतर मानसून, अच्छा उत्पादन, कम महंगाई और सरकारी सहायता योजनाओं से ग्रामीणों की वित्तीय स्थिति सुधरी है। पीएम-किसानके तहत मिलने वाले 6000 रुपये, 17 राज्यों में जारी कैश-ट्रांसफर योजनाएं और खाद्यान्न सहायता इस दबाव को कम करने में मदद करेंगे।

रबी की फसल के लिए सबसे बड़ी चिंता क्यों?

दक्षिण-पश्चिम मानसून न सिर्फ खरीफ की फसल तय करता है, बल्कि यह मिट्टी की नमी, भूजल स्तर और जलाशयों को भरता है जो रबी (गेहूं, सरसों आदि) की बुआई के लिए बेहद जरूरी हैं। अब इससे जुड़े शुरुआती आंकड़े चिंता को और बढ़ा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 7 सितंबर तक देश के करीब 45 फीसदी जिलों में बारिश की कमी दर्ज की गई है जबकि पिछले चार सालों में यह आंकड़ा 20-30 फीसदी के बीच था। अगस्त 1901 के बाद से इस साल का अगस्त महीना सबसे गर्म दर्ज किया गया और आईएमडी ने सितंबर में भी सामान्य से अधिक तापमान रहने का अनुमान जताया है।

आईआईटी गांधीनगर के कंबाइंड ड्रॉट इंडेक्स के मुताबिक देश में सूखा प्रभावित क्षेत्र जुलाई के अंत में 35.1 प्रतिशत से बढ़कर 2 सितंबर तक 42 प्रतिशत पर पहुंच गया है। 3 सितंबर तक देश के 178 प्रमुख जलाशयों में पानी का भंडारण लॉन्ग-पीरियड एवरेज से 3 फीसदी और पिछले साल के मुकाबले 18 फीसदी कम था। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक जैसे प्रमुख रबी उत्पादक राज्यों में जलाशयों का स्तर विशेष रूप से कम है।

सितंबर महीना तय करेगा दिशा

रबी की फसल देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन का लगभग आधा हिस्सा होती है। इसमें अकेले गेहूं का योगदान रबी उत्पादन में करीब 70 फीसदी है। क्रिसिल ने चेतावनी दी है कि अगर सितंबर में भी बारिश की कमी बनी रहती है और मौसम की यह विषमता सर्दियों के मौसम में फैलती है तो इसका दबाव ग्रामीण मांग, खाद्य पदार्थों की कीमतों और देश की कुल कृषि विकास दर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है।

मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी! फिर बन रहा नया वेदर सिस्टम, MP, छत्तीसगढ़, यूपी समेत 10 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसूनी बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 सितंबर को जारी ताजा वेदर बुलेटिन में एक नए और ताकतवर वेदर सिस्टम के एक्टिव होने की बड़ी चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक 11 सितंबर के आसपास पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से सटे उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तटों पर एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है।

इस नए सिस्टम और देश के अलग-अलग हिस्सों में एक्टिव साइक्लॉनिक सर्कुलेशन की वजह से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और महाराष्ट्र समेत 10 से अधिक राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है।

बीते 24 घंटों का हाल: अंडमान और असम में रिकॉर्ड 20 सेमी तक बारिश

बीते 24 घंटों में देखें तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और असम में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और मिजोरम में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

एक्टिव वेदर सिस्टम: उत्तर प्रदेश से बंगाल की खाड़ी तक बने कई सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है। निचले ट्रोपोस्फीयर में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बिहार के इस सिस्टम तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।

दक्षिण तेलंगाना से मन्नार की खाड़ी तक और उत्तरी हरियाणा के ऊपर भी अलग-अलग ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर साइक्लॉनिक सर्कुलेशन एक्टिव हैं। इन मौसमी प्रणालियों के बीच 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया लो-प्रेशर सिस्टम मानसूनी हवाओं को और अधिक बल देगा।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 10 से 14 सितंबर तक भारी बारिश

IMD के मुताबिक मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश में काफी तेजी देखने को मिलेगी। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 10 से 14 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बादल गरजने और बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होगी। इस दौरान छत्तीसगढ़ में 10 से 14 सितंबर के बीच और पूर्वी मध्य प्रदेश में 12 व 13 सितंबर को भारी बारिश की आशंका है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 से 14 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी, जिसमें 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 12 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है जबकि 8 से 14 सितंबर तक छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में 10 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत के राज्यों में 8 से 14 सितंबर के दौरान भारी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। ओडिशा में 10 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार यानी बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद 11 और 12 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी। 8 सितंबर को ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में तेज आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है। बिहार में 8 से 10 सितंबर और 14 सितंबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 सितंबर को और फिर 11 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड में 9 से 11 सितंबर तक और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 8 और 12 से 14 सितंबर के बीच मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश में 12 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है जबकि 8, 9, 11, 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 8 से 12 सितंबर के बीच लगातार भारी बारिश और बिजली गिरने का सिलसिला बना रहेगा।

उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तराखंड में लगातार बारिश, मैदानी इलाकों में छिटपुट बौछारें

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी राज्यों में मानसून का असर बना रहेगा। उत्तराखंड में 10 से 14 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर बारिश होगी और इस पूरे अंतराल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को व्यापक स्तर पर बारिश होगी। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के बाकी हिस्सों में 14 सितंबर तक छिटपुट स्थानों पर बादलों की गर्जना और बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी।

पश्चिम और दक्षिण भारत: कोंकण, गुजरात और तटीय आंध्र प्रदेश में बिगड़ेगा मौसम

पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 8 से 14 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी जहां 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र में 12 और 13 सितंबर को और मध्य महाराष्ट्र में 13 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बंगाल की खाड़ी के नए सिस्टम का सीधा असर दिखेगा।

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 से 14 सितंबर के बीच तथा तेलंगाना में 11 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश होगी। केरल, माहे और तटीय कर्नाटक में 10 से 12 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु में 8 से 12 सितंबर तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही और झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

गर्मी व उमस और मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

मौसम विभाग ने 8 और 9 सितंबर को केरल व माहे में और 8 से 10 सितंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश व यनम में मौसम के बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना जताई है। समुद्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए IMD ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है।

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सोमालिया तट के पास और अरब सागर के हिस्सों में 13 सितंबर तक तथा ओमान तट के पास 11 सितंबर तक तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। वहीं अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के आसपास 10 से 13 सितंबर के दौरान स्थिति खराब रहेगी, इसलिए मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

GE Vernova Share Price : 9% तेजी के साथ वायदा का टॉप गेनर बना स्टॉक, ब्रोकरेज से जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

GE Vernova Share Price : मंगलवार के कारोबारी सेशन में GE Vernova T&D India के शेयरों में लगभग 9 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है। ब्रोकरेज फर्मों की ओर से कंपनी के लिए’बुलिश’राय आने के बाद इस शेयर को पंख लग गए हैं। कंपनी के एक बड़ा HVDC प्रोजेक्ट मिल सकता है। इस प्रोजेक्ट की कीमत 13,000 करोड़ रुपये हो सकती है और इससे आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। पावर ट्रांसमिशन उपकरण बनाने वाली इस कंपनी का शेयर फिलहाल 382.30 रुपए यानी 8.75 फीसदी की तेजी के साथ 4748 रुपए के पास दिख रहा है। जिससे आज यह शेयर मिडकैप इंडेक्स में सबसे ज्यादा बढ़त वाला शेयर बन गया है। सोमवार को यह शेयर 1.4 प्रतिशत बढ़कर 4,367.2 रुपये पर बंद हुआ था।

इस हालिया उछाल के साथ 2026 में अब तक इस स्टॉक में लगभग 48 प्रतिशत की बढ़त हुई है। यह निफ्टी 50 के मुकाबले बहुत बेहतर प्रदर्शन है। निफ्टी में इसी दौरान लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट आई है। सोमवार को बाजार बंद होने के समय कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 1.12 लाख करोड़ रुपये था।

GE Vernova में शानदार तेजी

पावर ग्रिड से कंपनी को बड़ा ऑर्डर संभव है। कंपनी 6,000 MW प्रोजेक्ट के लिए L-1 बिडर घोषित की गई है। कंपनी ने सोमवार को बताया कि वह पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया के 6,000 MW, 800 kV हाई-वोल्टेज डायरेक्ट-करंट ट्रांसमिशन सिस्टम लगाने के प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी या L1 बिडर कंपनी बनकर उभरी है। इस प्रोजेक्ट में राजस्थान के बाड़मेर II और महाराष्ट्र के साउथ कलंब में लाइन-कम्यूटेटेड कनवर्टर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके 3,000 MW के दो टर्मिनल स्टेशन बनाने शामिल हैं। GE वर्नोवा T&D इंडिया इस प्रोजेक्ट का डिज़ाइन, सप्लाई और काम पूरा करेगी। इस काम को पूरा करने में कई साल लग सकते हैं।

इस ट्रांसमिशन कॉरिडोर का मकसद राजस्थान से रिन्यूएबल एनर्जी को आगे पहुंचाना है और यह भारत के हाई-कैपेसिटी ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार का हिस्सा है। हालांकि GE Vernova ने एक्सचेंज फाइलिंग में कॉन्ट्रैक्ट की कीमत का खुलासा नहीं किया, लेकिन Nomura का अनुमान है कि यह ऑर्डर लगभग 13,000 करोड़ रुपये का है।

GE Vernova पर नोमुरा

GE Vernova पर नोमुरा ने BUY रेटिंग के साथ शेयर का लक्ष्य 6,000 रुपए प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि 13,000 करोड़ रुपए के HVDC ऑर्डर से लॉन्ग टर्म ग्रोथ आउटलुक बेहतर होगा। FY26-29 में 31% सालाना मुनाफा ग्रोथ संभव है। ब्रोकरेज ने FY28/29 के लिए आय अनुमान 4%/9% बढ़ाया है। शेयर में FY29 EPS 111 रुपए के 39 गुना कारोबार हो रहा है।

GE Vernova पर CITI

CITI ने स्टॉक पर BUY रेटिंग के साथ शेयर का लक्ष्य 5,400 रुपए प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि FY29 से इस प्रोजेक्ट का आय में योगदान दिखने लगेगा। FY29 के EBITDA/EPS अनुमान में 25% अपसाइड संभव है।

 

Nifty Trend : निफ्टी पिछले एक महीने में करीब 1000 अंक नीचे गिरा, जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

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कौन है हरिराम बंसल जिसे दिल्ली बिल्डिंग हादसे में पुलिस ने किया गिरफ्तार?

कौन है हरिराम बंसल जिसे दिल्ली बिल्डिंग हादसे में पुलिस ने किया गिरफ्तार?

Delhi building collapse : hariram bansal arrested

दिल्ली पुलिस ने सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में 7 लोगों की मौत के मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए हरिराम बंसल को गिरफ्तार किया है। दिल्ली सरकार ने भी इस मामले में सख्‍त कार्रवाई करते हुए एमसीडी के 5 अधिकारियों को सस्पैंड किया है। ALSO READ: LIVE: दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से 7 की मौत, बिल्डिंग मालिक पर FIR

 

'हॉस्टल डेज' नाम की यह पांच मंजिला इमारत लड़कों के पीजी के तौर पर चल रही थी। और घटना के समय वहां कई छात्र रह रहे थे। बिल्डिंग के गिरने से आसपास की कई इमारतें भी कमजोर हो गई है। 

 

बिल्डिंग का मालिक था हरिराम

हरिराम बंसल सत्य निकेतन की 30 साल पुरानी उस बिल्डिंग का मालिक है, जो रविवार को गिर गई थी। हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने हरिराम बंसल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), 290 (इमारतों को गिराने, मरम्मत करने या बनाने में लापरवाही) और 125-A (दूसरों की जान या निजी सुरक्षा को खतरे में डालने वाले काम) के तहत मामला दर्ज किया गया है। FIR के बाद उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। ALSO READ: गृहमंत्री शाह ने ली दिल्‍ली इमारत हादसे की जानकारी, 5 लोगों की हुई मौत, अब तक 11 का हुआ रेस्‍क्‍यू, बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज

 

कैसे हुई हरिराम की गिरफ्‍तारी?

हरिराम को पकड़ने के लिए 10 टीमें तीन राज्यों में छापेमारी कर रही थी। इन टीमों में लोकल डिस्ट्रिक्ट पुलिस, स्पेशल स्टाफ और दूसरी ऑपरेशनल यूनिट्स के जवान शामिल थे। हर टीम की अगुवाई एडिशनल DCP रैंक के एक अफसर कर रहे थे। इस टीमों ने हरिराम की तलाश में दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी छापेमारी की। बंसल का गुरुग्राम के सेक्टर-23 स्थित मकान पर ताला लगा था तो उसकी हार्डवेयर की दुकान भी बंद थी। 

 

Kal Ka Mausam: 7 सितंबर को कैसा रहेगा मौसम? बिहार, यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश, कई राज्यों में आंधी-तूफान

Kal Ka Mausam:  देश भर में मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 सितंबर के मौसम को लेकर ताजा पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के नए बुलेटिन के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है। वहीं दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से सटे इलाकों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी

उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में 7 सितंबर को मानसूनी बारिश का असर काफी मजबूत दिखाई देगा। मौसम विभाग के अनुसार, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इसके साथ ही पूर्वी मध्य प्रदेश में भी कल मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तराखंड में बारिश के साथ-साथ बादलों की गर्जना और बिजली चमकने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और विदर्भ के अलग-अलग हिस्सों में भी कल बिजली कड़कने और आंधी की संभावना जताई गई है।

आंध्र प्रदेश में तेज आंधी और झोंकेदार हवाओं का अलर्ट

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो आंध्र प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और तूफानी झोंके आने की चेतावनी जारी की गई है।

इसके साथ ही आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में दिनभर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में कल मौसम गर्म और बेहद उमस भरा बना रहेगा।

बंगाल, झारखंड और ओडिशा में कैसा रहेगा मौसम?

पूर्वी भारत में भी मानसूनी बारिश और तूफानी गतिविधियों का दौर देखने को मिलेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों में बादलों की गर्जना के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का दौर जारी

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मानसून पूरी तरह मेहरबान है। 7 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न इलाकों में मूसलाधार यानी भारी बारिश होने का अनुमान है। इन सभी राज्यों में बारिश के दौरान बिजली चमकने और आंधी-तूफान देखने को मिलेगा

समुद्र में खराब रहेगा मौसम, मछुआरों को चेतावनी

समुद्री तटीय इलाकों में मौसम प्रतिकूल रहने की आशंका जताई गई है। सोमालिया तट के पास, ओमान के तटवर्ती क्षेत्रों और उससे सटे पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम व उत्तर-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी है।

‘बाय-बाय, पापा…’ ये कहकर युवती ने लगा दी चिनाब नदी में छलांग, जम्मू की ये घटना आपको कर देगी हैरान

Rapperiya Baalam: ‘दिल टूट गया है…’, रैपरिया बालम ने ‘मिर्जापुर’ में बिना इजाजत अपना गाना ‘शूरवीर’ इस्तेमाल किए जाने पर किया रिएक्ट

Rapperiya Baalam: ‘मिर्जापुर द मूवी’ शुक्रवार, 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई, लेकिन अब यह फ़िल्म एक गाने के इस्तेमाल को लेकर विवादों में घिर गई है। राजस्थानी कलाकार और रैपर रैपेरिया बालम ने आरोप लगाया है कि महाराणा प्रताप को समर्पित उनका गाना ‘शूरवीर’, बिना उनकी इजाजत या क्रेडिट दिए फ़िल्म के एक सीन में इस्तेमाल किया गया, जिसमें गैंगस्टर दिखाए गए हैं।

रैपेरिया बालम ने इंस्टाग्राम पर अपनी निराशा जाहिर की

उन्होंने कहा, “आज मेरा दिल टूट गया है। आप में से कुछ लोग पूछ सकते हैं कि मेरा दिल क्यों टूटा है। आप कह सकते हैं कि मुझे खुश होना चाहिए क्योंकि मेरा गाना ‘मिर्ज़ापुर’ में है। लेकिन ‘मिर्ज़ापुर’ की टीम ने मेरा गाना इस्तेमाल करने के लिए मुझसे इजाज़त नहीं ली। उन्हें इजाज़त किसने दी? मैंने तो बिल्कुल नहीं दी।”

कलाकार ने आगे कहा कि ‘शूरवीर’ गाना महाराणा प्रताप को सम्मान देने के लिए बनाया गया था और उन्होंने ऐसे सीन में इसके इस्तेमाल पर सवाल उठाया, जो उनके मुताबिक फ़िल्म के गैंगस्टर्स का महिमामंडन करता है। उन्होंने कहा, “यह गाना महाराणा प्रताप जी को समर्पित है। हम इस गाने का इस्तेमाल फिल्म के विलेन को महिमामंडित करने के लिए कर रहे हैं। क्या यह सही है?”

रैपेरिया बालम ने आगे कहा कि अगर मेकर्स ने उनसे सीधे संपर्क किया होता तो उन्हें साथ काम करने में खुशी होती। उन्होंने कहा, “अगर मिर्ज़ापुर की टीम ने मुझसे संपर्क किया होता और कहा होता, ‘रैपेरिया भाई, हम आपका गाना इस्तेमाल करना चाहते हैं,’ तो हम उन्हें 10 आइडिया देते। लेकिन बिना इजाज़त के गाना लेना सही नहीं है।”

उन्होंने फ़िल्म में गाने को शामिल करने के पीछे कॉपीराइट और लाइसेंसिंग की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आगे कहा, “मुझे नहीं पता कि आपको ये अधिकार किसने दिए या आपने इन्हें किससे हासिल किया। जिसने भी आपको अधिकार दिए हैं, मैं चाहूंगा कि आप उनसे पूछें- क्या आपके पास कोई कॉपीराइट है?”

गाने के इस्तेमाल को राजस्थान और महाराणा प्रताप का अपमान बताते हुए गायक ने कहा, “बुरा क्यों नहीं लगेगा? यह राजस्थान का अपमान है। यह महाराणा प्रताप जी का अपमान है और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।” निराशा के बावजूद, रैपेरिया बालम ने उन सुनने वालों के उत्साह को माना जिन्होंने फिल्म में यह गाना सुना।

उन्होंने कहा, “गाने का कंपोज़र और गायक होने के नाते, और लाखों लोगों को इसे सुनते हुए देखकर, ज़ाहिर है कि आपके उत्साह से बहुत सारे मैसेज आते हैं। मुझे DM में हज़ारों मैसेज आए हैं जिनमें कहा गया है, ‘भाई, आपका गाना मिर्ज़ापुर में है।’ लेकिन, मिर्ज़ापुर टीम, आपको यह ठीक से करना चाहिए था। आपको मुझसे बात करनी चाहिए थी।”

उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि वह जो भी ज़रूरी कदम उठाना होगा, वह उठाएंगे। उन्होंने कहा, “खैर, जो भी कदम उठाने की ज़रूरत है, वह उठाए जाएंगे।”इस बीच, कई इंटरनेट यूज़र्स ने रैपेरिया बालम का समर्थन किया है और सोशल मीडिया पर उनके पक्ष में आवाज़ उठाई है।

एक यूज़र ने लिखा, “यह देखकर दुख होता है कि मेवाड़ के महान वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह जी को समर्पित गाना ‘शूरवीर’ मिर्ज़ापुर फ़िल्म में काल्पनिक गैंगस्टर्स की महिमा बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इतिहास का सम्मान किया जाना चाहिए, न कि सस्ते मनोरंजन के लिए उसे क्राइम ड्रामा के साथ मिलाया जाना चाहिए। एक राजस्थानी होने के नाते, मैं कहना चाहता हूँ: कृपया हमारे नायकों के बलिदान का मज़ाक न उड़ाएँ। राजस्थानी संस्कृति को गलत तरीके से दिखाना बंद करें।” फिलहाल, ‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ के मेकर्स ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

IMD Rain Alert: यूपी-उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 6-7 दिनों तक इन राज्यों में गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल

IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से अगले 24 घंटे के दौरान उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा, उत्तर भारत के कई राज्यों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। IMD ने अगले कुछ दिनों के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की है।

आज उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर मौसम की सबसे ज्यादा नजर रहेगी, जहां बहुत भारी बारिश का खतरा है। वहीं, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में भी बारिश के साथ बिजली गिरने और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में है। इसके अगले 24 घंटे में पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश हो सकती है। जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

उत्तराखंड में 6-7 सितंबर और फिर 10-12 सितंबर के दौरान मूसलाधार बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। अगले 24 से 48 घंटे के दौरान उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।

दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में भी भारी बारिश

IMD ने 6 सितंबर को पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 9 सितंबर तक भारी बारिश हो सकती है। वहीं, उत्तराखंड में 7 सितंबर और 10 से 12 सितंबर के बीच भी भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर

मध्य भारत में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6-7 सितंबर, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 6-8 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। इसके बाद पूर्वी मध्य प्रदेश में 11-12 सितंबर को भी बारिश हो सकती है। विदर्भ में 10-12 सितंबर और छत्तीसगढ़ में 8-12 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 सितंबर और 11-12 सितंबर, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 6-12 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 9-12 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

बिहार-बंगाल से लेकर ओडिशा तक बारिश

  • पूर्वी भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 6 से 12 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है।
  • गंगीय पश्चिम बंगाल में 7-10 सितंबर, झारखंड में 8-11 सितंबर, बिहार में 6-7 सितंबर और ओडिशा में 10-12 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है।
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आज बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा बिहार में 6-8 सितंबर, गंगीय पश्चिम बंगाल में 7-9 सितंबर और ओडिशा में 9-12 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है।
  • मौसम विभाग ने 6 सितंबर को बिहार और 6-7 सितंबर को गंगीय पश्चिम बंगाल में मध्यम से तेज आकाशीय बिजली गतिविधि की भी चेतावनी दी है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का अलर्ट

  • पूर्वोत्तर भारत में भी अगले कई दिनों तक मौसम सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 7-12 सितंबर, असम और मेघालय में 6-8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 6-12 सितंबर तक व्यापक बारिश हो सकती है।
  • इन राज्यों में 6 से 12 सितंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।

पश्चिमी भारत में भी बरसेंगे बादल

  • कोंकण और गोवा में 6-12 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। वहीं गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र और कच्छ में इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

दक्षिण भारत में बारिश कम रहने के संकेत

  • मौसम विभाग के अनुसार, प्रायद्वीपीय भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं। हालांकि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 6 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।
  • तेलंगाना और तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
  • तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा रायलसीमा में 6-7 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं का असर रह सकता है। कर्नाटक के तटीय, उत्तर आंतरिक और दक्षिण आंतरिक हिस्सों में भी 6-7 सितंबर को तेज हवाएं चलने की संभावना है।

पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?

मौसम विभाग के मुताबिक 5 सितंबर सुबह 8:30 बजे से 6 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

सबसे ज्यादा बारिश वाले प्रमुख स्थानों में:-

  • जसपुर, ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड)- 13 सेमी
  • चांदपुर, बिजनौर (पश्चिमी उत्तर प्रदेश)- 12 सेमी
  • मेलूर ARG, मदुरै (तमिलनाडु)- 12 सेमी
  • सुभाषिनी टी.ई., अलीपुरद्वार (उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल)- 11 सेमी
  • खंडार, सवाई माधोपुर (पूर्वी राजस्थान)- 10 सेमी
  • पटना (बिहार)- 8 सेमी
  • घाटीगांव, ग्वालियर (पश्चिमी मध्य प्रदेश)- 8 सेमी
  • फिरोजपुर झिरका, नूंह और मानेसर, गुरुग्राम (हरियाणा)- 7-7 सेमी
  • जी.बी. नगर, मयूरभंज (ओडिशा)- 7 सेमी
  • चिएफोबोजोउ-नेरहेमा, नागालैंड- 7 सेमी

मछुआरों के लिए भी चेतावनी

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अरब सागर में सोमालिया तट के आसपास और ओमान तट से लगे कुछ हिस्सों में 11 सितंबर तक परिस्थितियां प्रतिकूल रह सकती हैं। वहीं. 8 से 11 सितंबर के बीच दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी से जुड़े समुद्री इलाकों में भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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दिल्ली-UP समेत 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, MP, राजस्थान में भी जोरदार बारिश

दिल्ली-UP समेत 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, MP, राजस्थान में भी जोरदार बारिश

imd rain

देश के बड़े हिस्से में रविवार को मानसून के सक्रिय रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।

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पिछले दो दिनों में हुई तेज बारिश के कारण दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली थी। ऐसे में रविवार को एक बार फिर बारिश होने की संभावना ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए IMD ने फिलहाल कोई कलर-कोडेड वेदर वार्निंग जारी नहीं की है। दूसरी ओर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

 

दिल्ली में सुबह से शाम तक बारिश के आसार

 

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में रविवार को आसमान सामान्य तौर पर बादलों से घिरा रह सकता है। सुबह हल्की बारिश होने और दोपहर से शाम के बीच बारिश का एक और दौर आने की संभावना है। राजधानी के कुछ इलाकों में मध्यम बारिश भी हो सकती है। पिछले दिनों हुई बारिश के चलते दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हुई थीं। ऐसे में आज होने वाली बारिश के कारण कुछ निचले इलाकों में फिर जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।

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उत्तर भारत के इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

 

उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है। उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। हरियाणा और पंजाब में भी भारी बारिश के आसार हैं। बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।

 

मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी बरसेंगे बादल

 

मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में रविवार को भारी बारिश का अनुमान है। IMD ने मध्य प्रदेश में गरज-चमक, बिजली और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई है। पूर्वी राजस्थान में भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।

 

बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा में भी बारिश

 

पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक हो सकती है। बिहार में भारी बारिश के साथ बिजली चमकने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी आंधी-तूफान जैसी स्थिति के साथ बिजली चमकने की संभावना है।

 

पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश

 

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर बना रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इन राज्यों में कई जगहों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर भूस्खलन या अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी होगा।

 

गुजरात और महाराष्ट्र में छिटपुट बारिश

 

कोंकण और गोवा में व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। गुजरात, महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यहां तेज सतही हवाओं को लेकर भी चेतावनी दी गई है।

 

कर्नाटक में भी आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट

 

आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में तेज सतही हवाओं को लेकर भी चेतावनी दी है।

 

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी मौसम बदलेगा

 

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और मुजफ्फराबाद में गरज-चमक के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

 

अंडमान-निकोबार में भी आंधी का असर

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

 

अरब सागर में तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने अरब सागर में भी तेज हवाओं को लेकर चेतावनी दी है। सोमालिया के आसपास और ओमान तट के कुछ हिस्सों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम अरब सागर में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इनकी रफ्तार झोंकों के साथ 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

IMD weather forecast September 6: इन 24 राज्यों में आज भारी बारिश की चेतावनी! दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक बरसेगा मानसून, 70 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

IMD weather forecast September 6: देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार, 6 सितंबर को देश के 24 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। IMD के मुताबिक, आज यानी 6 सितंबर को देश के बड़े हिस्से में मानसून सक्रिय रहने वाला है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

मौसम विभाग की तरफ से जारी फोरकास्ट के मुताबिक, उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में व्यापक बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं, बाढ़ प्रभावित और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से भी सावधानी बरतने को कहा गया है।

दिल्ली-NCR में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

राजधानी दिल्ली और आसपास के NCR क्षेत्रों नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में रविवार (6 सितंबर) को भारी बारिश और गरज-चमक की आशंका है। कुछ हिस्सों में तेज हवाएं करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। दिल्ली में अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट और मौसम सुहाना रहने की संभावना है।

शनिवार को लगातार दूसरे दिन दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में भारी बारिश हुई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में दिन भर और बारिश होने का अनुमान जताया है। 8 सितंबर तक इस इलाके में मौसम शुष्क रहेगा। फिर भी, IMD ने लोगों को शनिवार को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है, क्योंकि दिन भर गरज-चमक के साथ भारी बारिश जारी रहेगी।

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद तथा हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी भारी बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग ने बताया कि इस क्षेत्र में बने कम दबाव के एक स्पष्ट क्षेत्र के कारण व्यापक और भारी बारिश हो रही है। इसके अलावा, IMD ने चेतावनी दी है कि शनिवार को पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

महाराष्ट्र में 8 सितंबर तक बारिश

महाराष्ट्र में अगले तीन दिनों यानी 8 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। कोंकण-गोवा क्षेत्र में मानसूनी बारिश की संभावना है। जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ जिलों में भी बारिश के आसार हैं। इनमें छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, लातूर, नांदेड, परभणी, हिंगोली, धाराशिव, पुणे, नासिक, अहमदनगर, धुले, नंदुरबार, जलगांव, कोल्हापुर, सांगली, सतारा और सोलापुर समेत कई इलाके शामिल हैं।

यूपी के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश (UP) में भी कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, बिजनौर, बदायूं, पीलीभीत, सीतापुर, कानपुर, शाहजहांपुर, रायबरेली, उन्नाव, इटावा, आजमगढ़, अयोध्या, देवरिया और गोरखपुर में मौसम खराब रहने की आशंका है।

बिहार में भी जमकर बरसेगा मानसून

बिहार के कई जिलों में रविवार को बारिश के साथ आंधी-तूफान और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। IMD ने बिहार के गया, राजधानी पटना, जहानाबाद, भोजपुर, समस्तीपुर, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, बेगूसराय, गोपालगंज, रोहतास, बक्सर और वैशाली में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है।

झारखंड में भी भारी बारिश और आंधी की चेतावनी

बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड में भी मानसून सक्रिय रहेगा। रांची, देवघर, जमशेदपुर, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, पलामू, धनबाद, गिरिडीह, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम और लातेहार समेत कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

जम्मू-कश्मीर में 60 KM तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार

जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में तेज बारिश के साथ शक्तिशाली गरज-चमक वाले तूफान की आशंका है। अनंतनाग, जम्मू, पुंछ, बारामूला, किश्तवाड़, गांदरबल, उधमपुर, रामबन, शोपियां और राजौरी में मौसम खराब रह सकता है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।हिमाचल प्रदेश में भी कांगड़ा, किन्नौर, मंडी, ऊना, चंबा और कुल्लू में बारिश और गरज-चमक की संभावना है।

पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में रविवार को भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। कोलकाता, हावड़ा, बीरभूम, दार्जिलिंग, मुर्शिदाबाद, नदिया, दुर्गापुर, कलिम्पोंग, पुरुलिया और मालदा समेत कई क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।

ओडिशा में ‘येलो अलर्ट’

ओडिशा में भी रविवार को मानसून सक्रिय रहने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, 8 सितंबर से बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। उत्तरी और तटीय ओडिशा के कई जिलों के लिए 12 सितंबर तक येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पहाड़ी और बाढ़ प्रभावित इलाकों में सावधानी की अपील

IMD के पूर्वानुमान को देखते हुए पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश से कुछ क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, नदियों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को जलभराव और बाढ़ की स्थिति को लेकर सावधान रहने को कहा गया है।

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