राजस्थान में भजनलाल शर्मा का मजबूत नेतृत्व, निकायों में खिला कमल, कांग्रेस की पिक्चर साबित हुई फ्लॉप शो

राजस्थान में भजनलाल शर्मा का मजबूत नेतृत्व, निकायों में खिला कमल, कांग्रेस की पिक्चर साबित हुई फ्लॉप शो

bhajanlal sharma

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मजबूत रणनीति और नेतृत्व से प्रदेश के नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है। जिससे नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं में कमल खिला। मुख्यमंत्री की अगुवाई और मार्गदर्शन में मिशन मोड पर यह चुनाव लड़ा गया। प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष और विभिन्न मुख्यमंत्रियों ने राजस्थान में भाजपा के दमदार प्रदर्शन और जीत पर मुख्यमंत्री की रणनीति को सराहा और उनकी प्रशंसा की।

 

मुख्यमंत्री ने निकाय चुनाव में टिकट वितरण में पार्टी और संगठन को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने चुनाव का मोर्चा खुद संभाला तथा बड़े नेताओं को संभागवार जिम्मेदारी दी और प्रतिदिन फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने स्वयं चुनावी मैदान में उतरकर 10 नगर निगमों में रोड शो किए। निकाय चुनाव के परिणामों के बाद सभी पार्षदों को एकजुट रखा और निर्दलीयों को साधा। 

 

मुख्यमंत्री की इस रणनीति से कांग्रेस की जीत के दावे और उनकी पिक्चर फ्लॉप शो साबित हुई। उनकी अगुवाई में भरतपुर और डीग जिले की 90 प्रतिशत नगरपालिकाओं में भाजपा ने अपना बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की और भरतपुर नगर निगम में भी निर्विरोध कमल खिलाया। जयपुर में लगातार सातवीं बार नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर अपना निर्विवाद नेतृत्व साबित किया है। 

 

राजस्थान में इस बार एक साथ सभी 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद सहित 252 नगर पालिकाओं में चुनाव एक साथ हुए हैं। इन निकायों में दमदार जीत सरकार के ढाई साल के काम पर जनता की मोहर है। इससे पहले मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हुए चुनाव में पिछले साल 7 में से 5 उपचुनाव में भाजपा जीती थी।

 

आंकड़े बोलते हैं, फर्क साफ है –

कांग्रेस राज (2018-23) में – मात्र 11 निकाय निर्विरोध

– 3 भाजपा

– 6 कांग्रेस

– 2 निर्दलीय

 

भाजपा राज (भजनलाल सरकार) में – 33 निकायों में निर्विरोध –

– 30 भाजपा

– 2 कांग्रेस

– 1 भाजपा समर्थित

 

11 के मुकाबले 33 – जनता का भरोसा भाजपा के साथ, जयपुर का रोड शो रहा चर्चित –

जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में मुख्यमंत्री के रोड शो ने राजधानी की जीत में अहम भूमिका निभाई। परकोटे से ही भाजपा के मेयर पद के प्रत्याशी सुनील कोठारी जीते हैं। मुख्यमंत्री ने रोड शो में परकोटे के लोगों को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने लव जिहाद, धर्मांतरण कानून, डिस्टर्ब एरिया बिल, यूसीसी की चर्चा के साथ महत्वपूर्ण संदेश दिया, जिसका सीधा असर चुनाव परिणामों में देखने को मिला। 

 

विपक्ष की रणनीति को किया फेल –

कांग्रेस ने जातिगत समीकरण और होटल पॉलिटिक्स की रणनीति अपनाई, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सोशल इंजीनियरिंग और वन स्टेट-वन इलेक्शन की रणनीति के आगे विपक्ष की हर चाल फेल हो गई। कांग्रेस को पार्षदों को होटलों में बंद करना पड़ा, फिर भी पार्षद भागते रहे, जबकि भाजपा ने पहले ही 33 बोर्ड निर्विरोध बनाकर बढ़त ले ली।

सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स: राहुल

इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की इंदौर में आखिरकार सभा हुई। बड़ी जद्दोजहद और बहुत सारी पाबंदियों के साथ राहुल को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम करने की अनुमति मिली। शनिवार की शाम को उन्होंने बड़ी संख्या में मौजूद युवाओं और छात्रों को संबोधित किया। राहुल ने कहा कि उनके कार्यक्रम की थीम है, ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’! राहुल ने अपने भाषण में कहा कि सिस्टम पर छात्रों को भरोसा नहीं है और सिस्टम भी छात्रों की बजाय अंधभक्तों पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। राहुल ने अपने भाषण में असली छात्र और अंधभक्त के बीच का अंतर भी समझाया।

इंदौर के आईडीए मैदान पर राहुल के कार्यक्रम में करीब 25 हजार युवा पहुंचे थे। कांग्रेस का दावा है कि दो लाख से ज्यादा युवाओं और छात्रों ने इसके लिए पंजीकरण कराया था। कांग्रेस ने 35 साल से कम उम्र के युवाओं को ही इस कार्यक्रम में प्रवेश दिया था। उनके साथ सवाल-जवाब के दौरान राहुल ने कहा, ‘सिस्टम नहीं चाहता कि स्टूडेंट्स सवाल पूछें, इसलिए वह अंधभक्त पैदा करता है’। उन्होंने कहा, ‘छात्रों का सिस्टम से भरोसा उठ गया है, हालांकि कुछ जगह कैंडिडेट्स की भी गलती है’। इस पर सामने बैठे छात्रों ने जवाब दिया, ‘सर, हम सिस्टम से हार गए’।

राहुल इससे पहले राजस्थान से लेकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित चार जगह ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कर चुके हैं। इंदौर में उनका पांचवां कार्यक्रम था। इसमें उन्होंने सरकार को सिस्टम बताते हुए उस पर हमला किया। उन्होंने कहा, ‘सिस्टम को चलाने वालों के बच्चों को देखिए वे इंदौर में पढ़ रहे हें या विदेश में? ये देश के युवाओ को अंधभक्त बनाना चाहते हें। अपने बच्चों को बाहर भेजेंगे पढ़ने के लिए’। राहुल ने कहा, ‘हमने शुरुआत में कहा कि स्टूडेंट देश को बनाता है, शिक्षा देश की नींव है, यह हर स्टूडेंट का हक है। स्कूल मिडडे मील से लेकर कॉलेज और कॉलेज से रोजगार तक पहुंचाना, ये सरकार का काम है’।

राहुल गांधी ने आगे कहा, ‘अब इंटरेस्टिंग बात बताता हूं। सिस्टम को स्टूडेंट से खतरा है। क्यों खतरा है, क्योंकि स्टूडेंट सवाल पूछता है’। उन्होंने कहा, ‘स्टूडेंट सवाल करता है कि अमित शाह जी के बेटे क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन कैसे बन गए? स्टूडेंट पूछता है कि हिंदुस्तान के पूरे बिजनेस को दो लोगों ने कैसे कैप्चर कर लिया? स्टूडेंट यह भी पूछता है कि ज्यूडिशियरी और बाकी संस्थाएं अपना काम क्यों नहीं करतीं और इलेक्शन कमीशन अपना काम क्यों नहीं करता’?

कल का मौसम 20 सितंबर: रविवार को इन 7 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! झारखंड से बंगाल तक आंधी-तूफान, यहां चेक करिए वेदर अपडेट

IMD Weather Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार के लिए देश भर का विस्तृत मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 20 सितंबर को दक्षिण भारत, द्वीपीय क्षेत्रों और पूर्वोत्तर के राज्यों में मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ रहेगा। रविवार को अंडमान और कर्नाटक समेत 7 प्रमुख राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है जबकि झारखंड और पश्चिम बंगाल से लेकर महाराष्ट्र और राजस्थान तक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

रविवार को इन 7 राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

IMD के बुलेटिन के मुताबिक देश के 7 क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्यों, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों और अंडमान में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में आकाशीय बिजली चमकने और 40-50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अलर्ट है।

झारखंड से बंगाल और राजस्थान तक 30 से 40 kmph की हवाएं

देश के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी हिस्सों में भी मौसम का असर दिखेगा, जहां थंडरस्टॉर्म के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और विदर्भ के अलावा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पृथक स्थानों पर तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है।

IMD Weather Alert IMD Weather Alert

पूर्वोत्तर भारत और मध्य भारत में बिजली कड़कने की चेतावनी

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में केवल गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, केरल व माहे, लक्षद्वीप के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

समुद्र और तटीय इलाकों के लिए चेतावनी

समुद्र में उठने वाली तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों और तटीय क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट से लगे और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। दक्षिणी श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

अंडमान सागर के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की गति से तूफानी मौसम रहेगा। दक्षिण म्यांमार तट के पास, अंडमान सागर, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी से लगे क्षेत्रों में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं।

IMD मौसम अलर्ट: राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू, उधर बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन बनने से कई राज्यों में भारी बारिश के आसार

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 सितंबर को देश भर के मौसम को लेकर एक विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। एक तरफ जहां देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो चुका है, वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में एक मजबूत मौसमी सिस्टम आकार ले रहा है। इसके असर से आने वाले दिनों में ओडिशा और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भीषण बारिश और आंधी-तूफान का दौर देखने को मिलेगा।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की शुरुआत

सामान्य तिथि 17 सितंबर के मुकाबले, दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापस लौट गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा पंजाब एवं सौराष्ट्र व कच्छ के कुछ भागों से मानसून की आगे वापसी के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

बंगाल की खाड़ी में बनेगा डीप डिप्रेशन: जानिए सिस्टम का पूरा ट्रैक

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरी अंडमान सागर पर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। 21 सितंबर तक यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन में बदल जाएगा। 22 सितंबर को यह और मजबूत होकर पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन का रूप ले लेगा। पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए यह 23 सितंबर की सुबह तक दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पहुंचेगा।

पूर्वी भारत: ओडिशा में 23 और 24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

22 और 25 सितंबर को ओडिशा में बहुत भारी बारिश होगी। 23 और 24 सितंबर को ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 23 सितंबर को राज्य में 50-60 किमी/घंटे से लेकर 70 किमी/घंटे की गति से थंडरक्वाल आंधी चलने की संभावना है। 19 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 20 और 21 सितंबर को भारी बारिश होगी। 19 से 25 सितंबर तक 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर तक भारी बारिश होगी। झारखंड में 23 से 25 सितंबर और बिहार व उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी तबाही के आसार

22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 21 और 22 सितंबर को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की गति से थंडरक्वाल आंधी चलेगी। 19 से 23 सितंबर तक तेज सतही हवाएं भी चलेंगी। तेलंगाना में 22 से 25 सितंबर के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 24 और 25 सितंबर को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की गति से आंधी-तूफान आएगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 19 से 21 सितंबर, केरल व माहे में 19-21 सितंबर और 24-25 सितंबर, तटीय व उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 20 से 25 सितंबर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 19 से 25 सितंबर तक भारी बारिश का अनुमान है।

मध्य और पश्चिम भारत का मौसम

छत्तीसगढ़ में 23 से 25 सितंबर और विदर्भ में 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश होगी। कोंकण और गोवा में 19 सितंबर तथा 22-23 सितंबर को भारी बारिश होगी। मध्य महाराष्ट्र में 21 से 23 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट है।

उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत

पूर्वी राजस्थान में 19 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में 19 से 25 सितंबर तक; उत्तर प्रदेश में 19-20 और 23-25 सितंबर; तथा हिमाचल प्रदेश में 19 से 21 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

इसके अलावा सम व मेघालय में 23 से 25 सितंबरस नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 22 से 24 सितंबर और अरुणाचल प्रदेश में 25 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है।

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Mausam Alert: बिहार, बंगाल से तमिलनाडु और राजस्थान तक आंधी-पानी की चेतावनी, इन 10 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 सितंबरके लिए देश भर का ताजा मौसम बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज देश के 10 से भी अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गरज-चमक, आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, ओडिशा से लेकर दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है।

अंडमान में बहुत भारी बारिश, इन 10 राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी

IMD द्वारा जारी 19 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक, द्वीपीय क्षेत्रों में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, केरल व माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना के अलग अलग इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

बिहार, अंडमान और तमिलनाडु में 40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी

तेज हवाओं और कड़कती बिजली के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बिहार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।

राजस्थान, बंगाल, झारखंड और महाराष्ट्र में 30 से 40 kmph की हवाएं

देश के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में भी तेज आंधी का असर रहेगा। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

इन राज्यों में कड़केगी आकाशीय बिजली

मौसम विभाग ने देश के मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिमी हिस्सों के राज्यों में बिजली कड़कने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, केरल व माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

समुद्र में तूफानी हलचल: मछुआरों और तटीय इलाकों के लिए चेतावनी

समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाओं और खराब मौसम के चलते मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट से सटे और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। दक्षिणी श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की गति से तूफानी मौसम (Squally weather) बना रहेगा। वहीं, अंडमान सागर के अन्य हिस्सों और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं।

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पावन दीयों का सियासी शस्त्रीकरण

गणेश जी का उत्सव दस दिनों तक मनाया जाता है। दुर्गापूजा भी नौ रात्रियों तक मनाई जाती है। रामलीला का आयोजन भी आमतौर पर दस दिनों तक चलता है। भगवान कृष्ण की जन्माष्टमी भी मथुरा-वृंदावन में पूरे सप्ताह मनाई जाती है। पुरी में भगवान जगन्नाथ का रथ उत्सव भी दस दिनों तक चलता है। तिरुपति बालाजी का श्रीवरी ब्रह्मोत्सव नौ दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है। अब इस परंपरा में नरेंद्र भाई के ‘सेवा-संकल्प’ में पूरे एक महीने उत्सव और जुड़ने का हमें सौभाग्य मिला है।

ज़िंदगी रोशन करने के लिए अपने घर की मुंडेर पर दीया जलाने की हमारी परंपरा ज़्यादा नहीं तो कम-से-कम पांच हज़ार साल पुरानी तो है ही। मेरी दादी, मेरी नानी और फिर मेरी मां भी हर दिन गोधूलि बेला में घर के मंदिर और तुलसी के चौबारे पर घी का दीया जलाती थीं। मां जब तक थीं, उन्होंने इस रीत का अनवरत निर्वाह किया। वे नहीं रहीं तो बहुत अरसे तक मेरी पत्नी भी ऐसा ही करती रही। घर के छोटे-से मंदिर में रोज़ सुबह-शाम दीया-बाती करने का उस का नियम था। दिल्ली के घरों में चौबारा तो कहां से बनाएं, सो, तुलसी गमले में उगती है और मिट्टी का दीया वह हर शाम पूरे श्रद्धा भाव से उस पर रख दिया करती थी।

मगर कुछ बरस से यह नियम ज़रा लड़खड़ा-सा गया है। प्रतिदिन दीया बालने की पत्नी की हुमक अब वैसी नहीं रही है। एक तो कोरोना-काल में डर के मारे दिल्ली छोड़ कर बहुत दिनों मां, मैं और पत्नी अरण्यवास में चले गए तो गमले में लगी तुलसी सूख गई। और, सूखी तो ऐसी सूखी कि कई बार लगाने की कोशिश की, पर नहीं पनपी, तो नहीं पनपी। सो, तुलसी का दीया आजकल मौन है। फिर पत्नी-बेटियों के आग्रह पर अरसे बाद घर के भीतर हल्का-फुल्का नवीनीकरण कराया तो मंदिर के पट कुछ महीनों के लिए पूरी तरह बंद रखने पड़े और सुबह-शाम दीया लगाने का पत्नी का दस्तूर भंग हो गया। उस के बाद पट तो खुले, लेकिन दीये की निरंतरता नैपथ्य में चली गई।

नरेंद्र भाई मोदी के जन्मदिन पर देश भर में जले करोड़ों आशीर्वाद-दीयों ने मुझे दादी-नानी-मां-पत्नी के सहारे प्राणवान रहे अपने घर के परंपरागत दीये की याद दिला दी। वह दीया मेरे गांव, ननिहाल और जंगल-जंगल पदस्थ मेरे पिता के कवेलू-आवासों से ले कर अंततः दिल्ली तक के घर की सुखदायी-संतोषदायी जीवनीशक्ति बना रहा। दीये की यह भीनी टिमटिमाहट ही आज भी, जब-जब मन उदास होता है, हमारा संबल बनती है। सो, जब नरेंद्र भाई के जन्मदिन पर आशीर्वाद-दीये जलाने के आयोजन-प्रयोजन की होड़ में लगे उन के कल्याणाकांक्षियों की सघन उंदुर-दौड़ मैं ने देखी तो मेरे तो होश फ़ाख़्ता हो गए। मैं तो कभी सोच भी नहीं सकता था कि सनातनी सभ्यता की आधारशिला पावन दीये को भी कभी ऐसे सियासी शस्त्रीकरण का ज़रिया बनाने की हद तक हमारे हुक्मरान उतर सकते हैं।

मेरा जन्म मध्यप्रदेश में हुआ। अगर उसे लालन-पालन कहा जा सके तो लालन-पालन भी मध्यप्रदेश में हुआ। औपचारिक शिक्षा भी मध्यप्रदेश में हुई। पत्रकारिता के संस्कार भी मध्यप्रदेश से मिले। जब राजनीति में कूदने का चस्का लगा तो उस की मैदानी धरती भी मध्यप्रदेश ही रही। तो ज़ाहिर है कि मध्यप्रदेश से अतिरिक्त लगाव मेरी धमनियों में है। इसलिए नरेंद्र भाई के लिए देश भर में बुधवार को रोशन किए गए दीयों में मेरी नज़र सब से पहले मध्यप्रदेश के दीयों पर पड़ी। वहां के मुख्यमंत्री मोहन यादव इस वज़ह से थोड़े परिचित रहे हैं कि वे भी उज्जैन के उसी विक्रम विश्वविद्यालय से पढ़ कर निकले हैं, जहां से मैं। विक्रम की शिक्षण-अध्ययन परंपरा बहुत अर्थपूर्ण और संजीदा मानी जाती रही है। महाकाल के मंदिर से उत्तर दिशा में पांच-छह किलोमीटर दूर आज भी सांदीपनि ऋषि का आश्रम मौजूद है। इसी आश्रम में श्रीकृष्ण, उन के बड़े भाई बलराम और सुदामा ने एक साथ शिक्षा प्राप्त की थी।

तो मुझे लगा कि हमारे मोहन यादव में सांदीपनि की धरती की धूल का कुछ तो असर ज़रूर होगा। मगर फिर मैं ने पाया कि नरेंद्र भाई को आशीर्वाद देने के लिए 3 करोड़ 55 लाख दीये तो अकेले मध्यप्रदेश में जलाए गए। मुख्यमंत्री के ख़ुद के गृह-नगर उज्जैन में महाकाल महालोक के आसपास और क्षिप्रा नदी के घाटों पर 33 लाख 27 हज़ार दीये जला कर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। अब तक नहीं समझ पा रहा हूं कि इस तिलिस्म की रचना पर गर्व करूं या दूर कहीं जा कर किसी चुल्लू की तलाश में जुटूं? मैं तो अब तक घर-बाहर के मंदिर में आनंद से झूमती दीये की लौ में ही ऐसे शक्तिपुंज के दर्शन करता रहा हूं कि ये लाखों-करोड़ों दीयो की आक्रामक दीपशिखाएं तो मेरे सामने डेढ़ दर्जन परमाणु अस्त्र ढो कर अठारह हज़ार किलोमीटर दूर तक चली जाने वाली सटन-2 मिसाइल का दृश्य पेश कर रही हैं।

नरेंद्र भाई के स्वयं गृह-प्रदेश गुजरात में साढ़े अठारह हज़ार स्थानों पर 88 लाख दीयों ने अपनी माटी के लाल पर आशीष बरसाया। अहमदाबाद की कांकरिया झील किनारे सवा लाख और अटल-पुल पर 76 हज़ार दीये जलाए गए। सूरत में दस हज़ार स्थानों पर दस लाख दीये जले। अहमदाबाद के विश्व उमियाधाम में नरेंद्र भाई के जीवन के 76 बरस पूरे होने पर 76 हज़ार दीये प्रज्वलित कर आरती की गई। गृह मंत्री अमित भाई शाह नरेंद्र भाई के जन्मस्थान वडनगर पहंुचे और आरती-पूजन समारोह का हिस्सा बने। उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों ने भी दीयों की झड़ी लगा दी। नरेंद्र भाई के निर्वाचन क्षेत्र बनारस में दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट और काशी विष्वनाथ धाम क्षेत्र में 5 लाख से अधिक दीये जले। राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों के साथ हज़ारों प्रज्वलित दीयों से बनाई गई नरेंद्र भाई की आकृति की आरती उतारी।

बिहार में 21 लाख आशीर्वाद-दीये जले। छत्तीसगढ़ में 36 लाख दीये जले। पश्चिम बंगाल में एक करोड़ घरों में दीप प्रज्वलन प्रायोजन हुआ। राजस्थान से ले कर महाराष्ट्र तक, आंध्र प्रदेश से ले कर अरुणाचल तक, ओडिशा से ले कर गोवा तक और हरियाणा से ले कर असम, त्रिपुरा, मणिपुर तक हर मतदान केंद्र के क्षेत्र को इकाई मान कर दीप प्रज्वलन के कार्यक्रम आयोजित हुए। सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से अपने-अपने घरों के बाहर पांच-पांच, ग्यारह-ग्यारह दीये जलवा कर नरेंद्र भाई मोदी को शुभाशीष दिलवाया गया। भारतीय जनता पाटी की सरकारों वाले 22 राज्यों के बीच इस मामले में एक-दूसरे को पटखनी देने की होड़-सी मच गई।

आजकल देश भर में गणपति विराजे हुए हैं। गणेश जी का उत्सव दस दिनों तक मनाया जाता है। दुर्गापूजा भी नौ रात्रियों तक मनाई जाती है। रामलीला का आयोजन भी आमतौर पर दस दिनों तक चलता है। भगवान कृष्ण की जन्माष्टमी भी मथुरा-वृंदावन में पूरे सप्ताह मनाई जाती है। पुरी में भगवान जगन्नाथ का रथ उत्सव भी दस दिनों तक चलता है। तिरुपति बालाजी का श्रीवरी ब्रह्मोत्सव नौ दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है। राजस्थान और मध्यप्रदेश में तेजाजी महाराज का उत्सव छह दिनों तक मनाया जाता है। हमारे देश में प्रमुख से प्रमुख देवी-देवताओं और लोकदेवताओं तक के जन्मोत्सव कई दिनों तक मनाने की प्राचीन परंपरा है।

सो, भला हुआ कि नरेंद्र भाई 76 के हुए तो अब इस परंपरा में पूरे एक महीने मनाया जाने वाला सालाना ‘सेवा-संकल्प’ उत्सव और जुड़ने का सौभाग्य हमें मिल गया है। भारत एक उत्सवधर्मी देष है। हम हर बात का उत्सव मनाते हैं। जब सात बरस पहले नरेंद्र भाई ने कहा था कि ‘डर होना चाहिए, डर अच्छी चीज़ है’ तो मुझे नहीं मालूम था कि एक दिन आएगा कि वे मेरे मन के दीये को भी सियासी-धमक का डर फैलाने के साधन में तब्दील कर लेंगे। नरेंद्र भाई के लिए एक सद्भावना-दीप मैं भी दीप्तिमान करने का मेरा भी मन था। मगर अब मेरे उंगलियां ही नहीं, टांगें तक थर-थर कांप रही हैं।

कल का मौसम: 19 सितंबर को दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में बिगड़ेगा मौसम, इन 10 से अधिक राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 सितंबर के लिए देश भर का मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर को दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर के राज्यों और द्वीपीय क्षेत्रों में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। देश के 10 से भी अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है।

अंडमान में बहुत भारी बारिश, इन 10 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

IMD के 19 सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, द्वीपीय इलाकों में अति भारी बारिश होगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, केरल व माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में भी अलग अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

बिहार, अंडमान और तमिलनाडु में 40 से 50 kmph की रफ्तार से चलेगी आंधी

तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना में 30 से 40 kmph की हवाएं

देश के मध्य, पश्चिमी और पूर्वी इलाकों में भी तेज आंधी का असर दिखेगा। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग अलग जगहों पर गरज-चमक, बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

इन राज्यों में कड़केगी आकाशीय बिजली

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, केरल व माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

समुद्री इलाकों के लिए चेतावनी: मछुआरों को अलर्ट

समुद्र में उठने वाली तेज तूफानी हवाओं को ध्यान में रखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरी सोमालिया तट से लगे और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

दक्षिणी श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की गति से तूफानी मौसम रहेगा। अंडमान सागर के बाकी हिस्सों और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

अंडमान से उठ रहा नया चक्रवाती सिस्टम, एमपी से दिल्ली-यूपी, बिहार 24 सितंबर तक इन राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 सितंबर को देश के मौसम को लेकर एक विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर एक नया मौसमी सिस्टम आकार ले रहा है। इसके से 24 सितंबर तक देश के अधिकांश राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं।

अंडमान सागर में बनेगा लो प्रेशर, ओडिसा-आंध्र की तरफ बढ़ेगा सिस्टम

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तरी अंडमान सागर में उभरने की संभावना है। इसके असर से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। इसके बाद यह धीरे-धीरे और मजबूत होकर अगले 3-4 दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों की ओर रुख करेगा। इसके अलावा उत्तरी गुजरात, सिक्किम और पूर्वी बांग्लादेश पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। वहीं, सिक्किम से उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक और मराठवाड़ा से दक्षिण-पूर्वी अरब सागर तक ट्रफ रेखाएं गुजर रही हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली-एनसीआर का मौसम (18 से 24 सितंबर)

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 से 19 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 20 सितंबर तक हल्की से छिटपुट बारिश के आसार हैं। पूर्वी राजस्थान में 18 सितंबर को व्यापक बारिश होगी और बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 सितंबर को भी यहां भारी बारिश हो सकती है जबकि 19 से 22 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश जारी रहने की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 18 सितंबर और 23-24 सितंबर को छिटपुट बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 24 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

मध्य और पूर्वी भारत: एमपी, बिहार और ओडिशा का हाल

पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 से 19 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। 18 और 24 सितंबर को पश्चिम मध्य प्रदेश में तथा 24 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 18-19 सितंबर और 21-24 सितंबर तक जबकि छत्तीसगढ़ में 19 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में 22 से 24 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

बिहार में 18 से 24 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश का अनुमान है जिसमें 18 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 19 व 24 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 23-24 सितंबर को भारी बारिश होगी। ओडिशा में 18-19 सितंबर और 22 सितंबर को भारी बारिश तथा 23-24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है।

18 सितंबर को ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 और 24 सितंबर को तथा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय में 24 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। 18 सितंबर को असम-मेघालय में और 19-20 सितंबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में भारी बारिश का अलर्ट है। कोंकण और गोवा में 18 सितंबर तथा 21 से 24 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 18 सितंबर को तथा 20 से 22 सितंबर तक भारी वर्षा हो सकती है।

दक्षिण भारत: 40-50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्ट

केरल व माहे और लक्षद्वीप में 18 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तटीय कर्नाटक में 20 से 24 सितंबर, आंतरिक कर्नाटक व तेलंगाना में 19 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 22 सितंबर तक, केरल-माहे में 18-20 सितंबर व 24 सितंबर, तटीय व आंतरिक कर्नाटक में 20-24 सितंबर, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18-24 सितंबर, तटीय आंध्र प्रदेश में 18-20 सितंबर व 23-24 सितंबर और तेलंगाना में 19 से 24 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 22 सितंबर के बीच 40 से 50 किमी/घंटे की गति से (झोंके 60 किमी/घंटे तक) तेज हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश व रायलसीमा में 18 से 22 सितंबर तक तेज सतही हवाएं चलेंगी। केरल और माहे में 18 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।

मछुआरों के लिए अलर्ट और समुद्री स्थिति

सोमालिया तट के पास और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 23 सितंबर तक तथा पश्चिम-मध्य अरब सागर में 18 सितंबर को मछुआरों को न जाने की सलाह दी गई है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के इलाकों में 23 सितंबर तक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 19 से 23 सितंबर तक और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी व म्यांमार तट के पास 21-22 सितंबर को तूफानी मौसम रहेगा।

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Weather Update Friday: बिहार, ओडिशा, सिक्किम संग इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम

शुक्रवार, 18 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में तेज बारिश होने की संभावना है, वहीं कई जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने की स्थिति भी बन सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार और ओडिशा में बारिश को लेकर खास तौर पर नजर रहेगी। दूसरी ओर दिल्ली-NCR में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है, लेकिन गर्मी के साथ आसमान में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। ऐसे में जानिए शुक्रवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का हाल कैसा रहने वाला है।

सिक्किम, पश्चिम बंगाल में तेज बारिश का असर

शुक्रवार को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। यहां 17 से 19 सितंबर के बीच गरज-चमक और बिजली के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। सिक्किम में इससे पहले भी काफी तेज बारिश हो चुकी है। गुरुवार सुबह तक पिछले 24 घंटे में मंगन में 22 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। ऐसे में आने वाले दिनों में भी यहां मौसम खराब रहने की संभावना बनी हुई है।

बिहार और ओडिशा में भी बारिश का अलर्ट

पूर्वी भारत के बिहार और ओडिशा में भी शुक्रवार को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम में बदलाव के पीछे बने मौसमी सिस्टम का असर इन राज्यों में देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली कड़कने की स्थिति भी बन सकती है। इसके अलावा झारखंड समेत आसपास के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

दिल्ली-NCR में गर्मी के साथ छाए रहेंगे बादल

दिल्ली-NCR में शुक्रवार को मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहने की उम्मीद है। यहां आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन दिन के समय गर्मी महसूस हो सकती है। अधिकतम तापमान करीब 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। यानी दिल्ली वालों को फिलहाल तेज बारिश के बजाय गर्म और बादलों वाला मौसम देखने को मिल सकता है।

मुंबई और बेंगलुरु में भी हो सकती है बारिश

मुंबई और कोंकण-गोवा के कुछ हिस्सों में 18 और 19 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। गुजरात में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं बेंगलुरु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के दूसरे इलाकों में शुक्रवार को हल्की से छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली कड़कने की संभावना भी जताई गई है। इसके अलावा कई दूसरे राज्यों में भी हाल के दिनों में भारी बारिश दर्ज की गई है, इसलिए मौसम को लेकर लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश का दौर और बदल सकता है। उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना मौसमी सिस्टम आगे बढ़कर उत्तरी अंडमान सागर के पास पहुंच सकता है। इसके असर से 19 सितंबर के आसपास अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह सिस्टम धीरे-धीरे मजबूत हो सकता है और अगले 3 से 4 दिनों में दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में इन इलाकों में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

वहीं, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के लिए भी मौसम की स्थिति धीरे-धीरे अनुकूल हो रही है। यानी देश में कहीं बारिश का दौर जारी रह सकता है, तो कुछ हिस्सों में मॉनसून की विदाई की शुरुआत देखने को मिल सकती है।

Asian Games 2026: 14 घंटे इंतजार, न कमरे मिले और न ही खाना…; एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के साथ ये कैसा व्यवहार?

Asian Games 2026: जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय खिलाड़ियों को ठहरने की व्यवस्था को लेकर भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। ‘The New Indian Express’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई भारतीय एथलीट वैध एक्रिडिटेशन होने के बावजूद 12 से 14 घंटे से अधिक समय तक अपने कमरों के लिए इंतजार करते रहे। इस दौरान उन्हें पर्याप्त भोजन और जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल सकीं। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय खिलाड़ी जिस क्रूज शिप में ठहरने वाले थे, वहां पहुंचने के बाद उन्हें लंबे समय तक कमरों का इंतजार करना पड़ा।

स्थानीय अधिकारियों की ओर से भी उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिल सकी। कई खिलाड़ी घंटों तक बिना भोजन और सीमित सुविधाओं के इंतजार करते रहे। सात एथलीटों और दो कोचों वाली भारतीय वुशू टीम बुधवार दोपहर नागोया पहुंची। खबर है कि रजिस्ट्रेशन के समय अलॉट किए गए कमरों की लिस्ट में एक एथलीट और दो कोच के नाम नहीं थे।

वेन्यू पर पहुंचने के लगभग दो घंटे बाद टीम के एक सदस्य ने PTI को बताया, “छह वुशू एथलीटों को नागोया पोर्ट पर खड़े क्रूज शिप में कमरे मिले। हालांकि, एक एथलीट और दो कोच के नाम लिस्ट में नहीं थे।” इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के एक अधिकारी ने बताया कि अब सभी एथलीटों को इटैलियन क्रूज़ शिप में कमरे मिल गए हैं। गेम्स के दौरान क्रूज़ शिप में रहने वाले भारतीय एथलीटों में वुशू और टेबल टेनिस खिलाड़ी शामिल हैं।

खिलाड़ियों को शेयर करने पड़े कमरे!

बताया जा रहा है कि जिन खिलाड़ियों को कमरे मिल भी गए, उनमें से कुछ को दूसरे एथलीटों के साथ कमरा शेयर करने के लिए कहा गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आयोजन समिति ने उपलब्ध कमरों का कुछ हिस्सा दूसरे देशों की टीमों को आवंटित कर दिया। माना जा रहा है कि खिलाड़ियों की संख्या का अनुमान लगाने में गंभीर चूक के कारण यह स्थिति पैदा हुई। एमएमए एथलीट वरुण सान्याल ने भी इस स्थिति की पुष्टि की। अर्थशास्त्री संजीव सान्याल के बेटे वरुण ने गुरुवार दोपहर सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं पुष्टि कर सकता हूं कि यह सच है। मैं अभी 7 घंटे से इंतजार कर रहा हूं और गिनती जारी है।”

दिल्ली से दो बैच में रवाना हुए थे भारतीय रोवर

भारतीय रोइंग टीम के खिलाड़ी मंगलवार को दिल्ली एयरपोर्ट से दो बैच में जापान के लिए रवाना हुए थे। दोनों बैच कुछ घंटों के अंतर से रवाना हुए। बैंकॉक में रुकने के बाद पहला दल बुधवार सुबह करीब 8 बजे जापान के स्थानीय समय के अनुसार नागोया पहुंचा। रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ी करीब एक घंटे बाद क्रूज शिप पर पहुंचे। लेकिन वहां उन्हें वादा किए गए आवास के लिए इंतजार करना पड़ा।

एक भारतीय रोवर ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, “हम सुबह 9 बजे JST के आसपास यहां पहुंचे थे। अब रात के 8:30 बज चुके हैं। लेकिन हममें से केवल कुछ लोगों को ही कमरे मिले हैं। जिन्हें कमरे मिले हैं, उनसे भी दूसरे खिलाड़ियों को साथ रखने के लिए कहा गया।”

संख्या के मुताबिक कम मिले कमरे

ऐसी खबरें भी हैं कि क्रूज शिप पर भारतीय एथलीटों के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या मूल रूप से अलॉट किए गए कमरों से कम थी। हालांकि, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। होटल के कमरों की कमी के कारण फिलीपींस के कुछ अधिकारियों को Airbnb आवास में भेजा गया है। भारतीय टीम के डिप्टी शेफ डी मिशन अचंता शरथ कमल ने कहा, “भारतीय एथलीटों ने चेक-इन करना शुरू कर दिया है। अभी कोई बड़ी समस्या नहीं है।” शनिवार (19 सितंबर) से शुरू होने वाले आइची-नागोया गेम्स में भारत के कुल 501 एथलीट और 265 अधिकारी भाग लेंगे।

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भारतीय टीम के लिए रहने की व्यवस्था में कंटेनर-स्टाइल के कमरे, पोर्ट पर खड़ा क्रूज शिप और होटल शामिल हैं। लगभग 17,000 अन्य प्रतिभागियों के लिए भी रहने की ऐसी ही व्यवस्था की गई है। दक्षिण कोरियाई टीम ने कंटेनर-स्टाइल के कमरों के छोटे आकार पर आपत्ति जताई है। एशियन क्रिकेट काउंसिल के कुछ सदस्यों ने भी उपलब्ध कराए जा रहे आवास की क्वालिटी पर चिंता व्यक्त की है।

शूटरों समेत अन्य टीमों को भी परेशानी

आवास की समस्या का सामना केवल भारतीय रोवरों को ही नहीं करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय निशानेबाजों और दो अन्य टीमों के भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। जिस जगह निशानेबाजों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी, वह दूसरे देशों की टीमों को आवंटित कर दी गई। इसके बाद उन्हें एक अलग होटल में चेक-इन करना पड़ा।

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के कुछ सदस्यों को भी पास के एक होटल में शिफ्ट किया गया। एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन से पहले सामने आई यह अव्यवस्था भारतीय दल के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। आपको बता दें कि जापान में 20वें एशियाई खेल (Asian Games 2026) 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होंगे।

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