Ganga Aarti in London: ब्रिटेन में टेम्स नदी पर पहली बार हुई गंगा आरती! लंदन में गूंजे मंत्र और भक्ति के स्वर, भारतीयों का जमावड़ा

Ganga Aarti in London: ब्रिटेन (यूनाइटेड किंगडम) की राजधानी लंदन में स्थित मशहूर टेम्स नदी के तट पर रविवार (13 सितंबर) को पहली बार गंगा आरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। ‘टेम्स तट पर गंगा आरती: प्रकाश उत्सव’ नाम से आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन ‘चिन्मय मिशन यूके’ ने ‘टोटली टेम्स’ के वार्षिक उत्सव के सहयोग से किया। यह आयोजन ‘चिन्मय मिशन’ की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दुनियाभर में हो रहे कार्यक्रमों का हिस्सा था।

भारत में गंगा के तट पर होने वाली प्रसिद्ध आरती की परंपरा से प्रेरित इस आयोजन की परिकल्पना प्रकृति, ज्ञान और चेतना के जीवनदायी प्रवाह के प्रतीक के रूप में की गई थी। ‘चिन्मय मिशन यूके’ की टीचर ब्रह्मचारिणी श्रीप्रिया चैतन्य ने कहा, “पीढ़ियों से श्रद्धालु गंगा के तट पर दीप प्रज्वलित कर मां गंगा की आराधना करते और प्रकृति एवं जीवन को संवारने वाली दिव्य शक्तियों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता दर्शाते आए हैं।”

श्रीप्रिया चैतन्य ने कहा, “टेम्स नदी के तट पर गंगा आरती भी इसी भावना को आगे बढ़ाती है और कृतज्ञता, आशा तथा एकता के साझा भाव में लोगों को एक साथ लाती है।। चैतन्य ने बताया कि चिन्मय मिशन के लिए गंगा ज्ञान के प्रवाह का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा, “हमारे संस्थापक स्वामी चिन्मयानंद ने अपना जीवन वेदांत के शाश्वत ज्ञान और आध्यात्मिक संदेश को हिमालय की पवित्र भूमि से जन-जन तक पहुंचाने और उसे उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए समर्पित कर दिया।”

उन्होंने आगे कहा, “हिंदू धर्म की महान दार्शनिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं में से एक वेदांत की इस दिव्य विरासत को आगे बढ़ाते हुए चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह समारोह ज्ञान, सेवा और कृतज्ञता की उस पवित्र धारा का उत्सव भी है, जो भौगोलिक सीमाओं से परे निरंतर प्रवाहित हो रही है।”

गंगा आरती का महत्व

गंगा आरती हिंदू धर्म का एक प्राचीन धार्मिक अनुष्ठान है। इसमें बड़ी संख्या में दीयों को प्रज्वलित कर प्रार्थना, भजन-संगीत और मंत्रोच्चार के माध्यम से मां गंगा के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। यह अनुष्ठान प्रकृति और उसके जीवनदायी स्वरूप के प्रति आस्था तथा सम्मान की भी अभिव्यक्ति है।

चिन्मय मिशन के एक प्रवक्ता ने कहा, “प्रकृति के प्रति श्रद्धा गंगा आरती का केवल एक हिस्सा नहीं, बल्कि इसकी आत्मा में निहित है। यह मां गंगा के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता अर्पित करने का माध्यम है। हिंदू परंपरा में मां गंगा को पवित्र, जीवनदायिनी और समस्त जीवों का पोषण करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।”

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आरती में परंपरा की पवित्रता

टेम्स के तट पर आयोजित इस आरती में परंपरा की पवित्रता के साथ नदी की निर्मलता और पर्यावरण की मर्यादा का भी पूरा ध्यान रखा गया। पूरा अनुष्ठान नदी के तट पर जमीन पर ही संपन्न हुआ। आरती में प्रयुक्त किसी भी वस्तु को टेम्स में प्रवाहित नहीं किया गया। ‘टोटली टेम्स’ एक न्यास की ओर से आयोजित वार्षिक उत्सव है, जिसकी शुरुआत 1997 में हुई थी। इस उत्सव के तहत कला, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और शिक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से टेम्स नदी के महत्व और समृद्ध विरासत को रेखांकित किया जाता है।

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लंदन में इस बार नदी किनारे का नजारा थोड़ा अलग होने वाला है। यहां गंगा आरती अब टेम्स नदी के किनारे देखने को मिलेगी। भारतीय संस्कृति से जुड़ा यह आयोजन लंदन के माहौल में एक नया रंग भरने वाला है। यहां रोशनी, भक्ति, संगीत और नदी का खूबसूरत मेल देखने को मिलेगा, जो भारतीय यात्रियों के लिए खास एक्सपीरियंस होगा।

इस आयोजन में भारत की पुरानी परंपरा और लंदन की ऐतिहासिक विरासत एक साथ नजर आएगी। 13 सितंबर 2026 को ग्रीनविच स्थित ऐतिहासिक ओल्ड रॉयल नेवल कॉलेज में टेम्स नदी के किनारे गंगा आरती का आयोजन होगा। यदि आप लंदन में भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े कुछ अनोखे पलों की तलाश कर रहे हैं, तो यह इवेंट आपकी ट्रिप के लिए खास है।

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टेम्स नदी के किनारे इवेंट

यह इवेंट चिन्मय मिशन यूके की ओर से टोटली टेम्स के साथ मिलकर आयोजित किया जा रहा है। यह टोटली टेम्स 2026 के सितंबर महीने में चलने वाले इवेंट का हिस्सा है। पूरा इवेंट शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक चलेगा और मुख्य गंगा आरती करीब 7:15 बजे, सूर्यास्त के समय होगी। आरती से पहले लोग भारतीय खाने, स्टॉल, लाइव म्यूजिक, डांस और परिवार के साथ की जा सकने वाली एक्टिविटीज का मजा ले सकेंगे। मुख्य समारोह टेम्स नदी के किनारे बने रॉयल स्टेप्स पर होगा।

इवेंट की फीस और नियम

इस आरती का मकसद नदी के प्रति सम्मान और आभार जताना है। इसमें दीपक, संगीत और भक्ति से जुड़ा ट्रेडिशन खास रहेगा। यह प्रोग्राम सिर्फ हिंदू समुदाय के लिए नहीं है, बल्कि सभी लोगों के लिए फ्री में खुला रहेगा। साथ ही, टेम्स नदी को साफ रखने के लिए खास सावधानी बरती जाएगी। यहां फूल, मूर्तियां या किसी भी तरह का प्रसाद नदी में नहीं डाला जाएगा। ऑर्गेनाइजर ने लोगों से भी नदी का सम्मान करने और पूजा की सामग्री पानी से दूर रखने की अपील की है।

ग्रीनविच में स्काईलाइन शो

यदि आपने वाराणसी, ऋषिकेश या हरिद्वार की गंगा आरती देखी है, तो लंदन में होने वाली आरती का माहौल काफी अलग लगेगा। दशाश्वमेध घाट की आरती में पुजारी, शंख, घंटियां, मंत्रोच्चार और बड़े पीतल के दीपक शामिल होते हैं। वहीं ग्रीनविच में यही ट्रेडिशन टेम्स नदी, हिस्टोरिकल बिल्डिंग और लंदन की स्काईलाइन के बीच देखने को मिलेगी।

आरती के साथ ग्रीनविच विजिट

गंगा आरती देखने के लिए ग्रीनविच जाने वाले ट्रैवलर इसे अपनी पूरी शाम की ट्रिप में बदल सकते हैं। यहां ऐतिहासिक ओल्ड रॉयल नेवल कॉलेज, टेम्स नदी और लंदन की खूबसूरत स्काईलाइन देखने को मिलती है। सितंबर में Totally Thames 2026 के तहत टेम्स नदी के आसपास कई प्रोग्राम भी होंगे। ऐसे में ट्रैवलर आरती से पहले ग्रीनविच घूम सकते हैं।

यदि आप भी इस इवेंट का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो सितंबर में ग्रीनविच जाने का प्लान बना सकते हैं। भारतीय संस्कृति और लंदन के खूबसूरत माहौल का यह मेल आपके लिए एक अलग एक्सपीरियंस होता है। परिवार और दोस्तों के साथ बिताई गई यह शाम आपकी यादगार लंदन ट्रिप होगी।