Ardee Industries IPO: 139 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के बाद अलॉटमेंट आज, शेयर मिले या नहीं ऐसे करें चेक

आरडी इंडस्ट्रीज का IPO 138.83 गुना के बंपर सब्स​क्रिप्शन के साथ बंद हो चुका है। इसका साइज ₹425.87 करोड़ था। अब आज, 10 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है। उसके बाद कंपनी की लिस्टिंग 12 अगस्त को NSE और BSE पर होगी। जिन लोगों ने Ardee Industries IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार Kfin Technologies और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

Kfin Technologies की वेबसाइट से

  • https://ipostatus.kfintech.com/ पर जाएं।
  • IPO में Ardee Industries सिलेक्ट करें।
  • अब एप्लीकेशन नंबर, PAN और डीमैट अकाउंट में से किसी एक को सिलेक्ट कर डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

BSE से कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Ardee Industries IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘सर्च’ बटन पर क्लिक करें।

IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 202.26 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 266.75 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 47.77 गुना भरा। IPO में ₹320 करोड़ के 6.04 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से ₹105.87 करोड़ के 2 करोड़ शेयरों को OFS (ऑफर फॉर सेल) के तहत बिक्री के लिए रखा गया।

कैसी रह सकती है लिस्टिंग

Ardee Industries के शेयर अच्छी बढ़त में शुरुआत कर सकते हैं। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 30.19 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं कि ग्रे मार्केट से मिलने वाले संकेत हर बार सच हो जाएं।

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आरडी इंडस्ट्रीज का मुख्य फोकस इस्तेमाल के बाद बेकार हो चुके एनर्जी स्टोरेज प्रोडक्ट्स और नॉन-फेरस स्क्रैप की टिकाऊ रिकवरी और रीसाइक्लिंग पर है। कंपनी की प्रोडक्ट रेंज में हाई-प्योरिटी लेड (सीसा) और खास तरह के लेड अलॉय शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर लेड कैल्शियम, लेड सिल्वर, लेड टिन, लेड एंटीमनी, लेड कैडमियम अलॉय। इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल एनर्जी स्टोरेज, ई-मोबिलिटी, ऑटोमोटिव और केमिकल जैसे अहम सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर किया जाता है। कंपनी एक्सपोर्ट भी करती है।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

आरडी इंडस्ट्रीज का इरादा IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज को चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करने का है। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹127.76 करोड़ जुटाए।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty से मिल रहे संकेतों को देखते हुए लगता है कि 10 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ खुल सकते हैं। GIFT Nifty शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ 24,660 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

शुक्रवार को सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए थे। ऑटो और IT शेयरों में अच्छी बढ़त के बावजूद बाजार पर फाइनेंशियल शेयरों में आई गिरावट का असर ज्यादा रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 455.59 अंक या 0.58 प्रतिशत गिरकर 78,499.17 पर और निफ्टी 65.35 अंक या 0.27 प्रतिशत गिरकर 24,570.65 पर बंद हुआ। निफ्टी ऑटो और IT इंडेक्स में 1.84 प्रतिशत और 1.42 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि प्राइवेट बैंकों के शेयरों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07:25 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी करीब 40 अंक यानी 0.16 फीसदी की बढ़त के साथ 24,680 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। जापान के निक्केई में 2.09 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स में 1.04 फीसदी की तेजी दिख रही है। हैंग सेंग में 0.80 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। ताइवानी बाजार में 1.89 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। कोस्पी में 0.69 फीसदी की मजबूती दिख रही है। शांघाई कंपोजिट में भी 0.59 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में बढ़त देखने को मिली। S&P रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 151.83 अंक या 0.28% बढ़कर 54,036.93 पर पहुंच गया। S&P 500 इंडेक्स में 47.68 अंक या 0.62% की बढ़त हुई और यह 7,757.64 पर बंद हुआ। वहीं, नैस्डैक कम्पोजिट 342.26 अंक या 1.30% बढ़कर 26,690.62 पर पहुंच गया।

डॉलर इंडेक्स

शुरुआती कारोबार में दुनिया की अधिकांश बड़ी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में थोड़ी बढ़त देखने को मिल रही थी। ईरान और ओमान स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को फिर से खोलने के लिए किसी अंतिम समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं। जोखिम के प्रति संवेदनशील मुद्राओं का प्रदर्शन कमजोर नजर आ रहा है। डॉलर इंडेक्स 99.63 के लेवल पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10 ईयर और 2 ईयर के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 4.66% और 4.20% पर ऊपर ट्रेड कर रही है।

एशियाई करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला रुख नजर आ रहा है। इंडोनेशियाई रुपिया (+0.15%),फिलीपींस पेसो (+0.21%),थाई बाहत (+0.17%), ताइवान डॉलर (+0.16%),चीनी रेनमिनबी (+0.06%) और मलेशियाई रिंगित (+0.06%) मजबूत दिख रहे हैं। जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन (-0.50%),जापानी येन (-0.18%)और सिंगापुर डॉलर (-0.09%) कमजोर कारोबार कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई वॉन में सबसे ज्यादा गिरावट नजर आ रही है।

FII और DII फंड फ्लो

7 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹480 करोड़ के शेयर खरीदे। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने लगातार तीसरे दिन भी खरीदारी जारी रखते हुए ₹235 करोड़ के शेयर खरीदे।

मारुति सुजुकी 4 बायोगैस प्लांट बनाएगी, ₹561 करोड़ के निवेश से किसानों को भी फायदा होगा

Maruti Suzuki Biogas Plant: देश की सबसे बड़ी पैसेंजर व्हीकल कंपनी मारुति सुजुकी अब बायोगैस पर बड़ा दांव लगाने जा रही है। कंपनी 561 करोड़ रुपये के निवेश से पहले चरण में 4 बायोगैस प्लांट लगाएगी। इसका मकसद अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में स्वच्छ और रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ाना है।

खारखोदा प्लांट से होगी शुरुआत

पहले चरण में हरियाणा के खारखोदा प्लांट में 10 टन प्रतिदिन (10 TPD) क्षमता का बायोगैस प्लांट लगाया जाएगा। इसके FY27 में शुरू होने की उम्मीद है। पूरी क्षमता पर पहुंचने के बाद यह प्लांट फैक्ट्री की करीब 20% गैस जरूरत पूरी करेगा।

कंपनी ने मानेसर प्लांट में भी बायोगैस क्षमता 0.2 TPD से बढ़ाकर 0.7 TPD कर दी है। यहां से हर साल करीब 3.6 लाख स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर बायोगैस बनने की उम्मीद है। इस प्लांट में खाने का बचा हुआ कचरा, नेपियर घास और धान का पुआल इस्तेमाल होता है। जरूरत पड़ने पर गोबर भी मिलाया जा सकता है।

FY31 तक बड़ा लक्ष्य

मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर. सी. भार्गव ने कहा कि पहले चरण में चार बायोगैस प्लांट लगाए जाएंगे। इसके बाद तकनीक और अनुभव के आधार पर इस क्षेत्र में और बड़ा निवेश किया जाएगा।

कंपनी का लक्ष्य FY31 तक हर दिन 20 टन से ज्यादा बायोगैस का इस्तेमाल करना है। कंपनी ने हंसलपुर प्लांट में भी प्राकृतिक गैस की जगह करीब 10% ऊर्जा जरूरत बायोगैस से पूरी करनी शुरू कर दी है।

किसानों को भी होगा फायदा

आर. सी. भार्गव का कहना है कि भारत को नेट जीरो लक्ष्य हासिल करने के लिए कई तरह की तकनीकों की जरूरत होगी। बायोगैस स्थानीय संसाधनों से बनाई जा सकती है। इससे आयातित CNG पर निर्भरता कम होगी। साथ ही यह पूरी तरह स्वच्छ ईंधन है।

उन्होंने कहा कि बायोगैस बनाने के बाद बचने वाली जैविक खाद खेतों की उपज बढ़ाने में मदद करेगी। इससे मिट्टी की गुणवत्ता भी सुधरेगी। फसल जलाने की जरूरत कम होगी। प्रदूषण घटेगा। किसानों की आय बढ़ेगी। खेती में मशीनों का इस्तेमाल भी बढ़ेगा।

सरकार भी दे रही है बढ़ावा

Maruti Suzuki पिछले दो साल से भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), पूसा के साथ इस क्षेत्र में काम कर रही है। कंपनी का कहना है कि शुरुआती नतीजे उत्साहजनक रहे हैं।

इसी बीच केंद्र सरकार ने 6 अगस्त को GOBARdhan योजना को मंजूरी दी है। 23,731 करोड़ रुपये की यह योजना FY27 से FY36 तक चलेगी। इसका मकसद गोबर, कृषि अवशेष, जैविक कचरे और दूसरे बायोमास से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) बनाना है। इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण इलाकों में आय के नए अवसर भी बनेंगे।

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक 40% तक रिटर्न दे सकते हैं, एक्सपर्ट्स ने दांव लगाने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Quality Power Q1 Results: मुनाफा 47% बढ़ा, ऑर्डर बुक दमदार; डिविडेंड का भी ऐलान

Quality Power Q1 Results: पावर इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी Quality Power Electrical Equipments ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं।

कंपनी का एडजस्टेड कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 47% बढ़कर 54.5 करोड़ रुपये हो गया। यह पिछले साल की समान तिमाही में 37.1 करोड़ रुपये था। वहीं, रेवेन्यू 32% बढ़कर 256.4 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 194.1 करोड़ रुपये थी।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी मजबूत

क्वालिटी पावर का एडजस्टेड EBITDA 50% बढ़कर 72.5 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 25% से बढ़कर 28.3% पर पहुंच गया। कंपनी ने बताया कि एडजस्टेड आंकड़ों में तुर्की के कारोबार पर Ind AS 29 के तहत दर्ज 7.82 करोड़ रुपये के गैर-नकद (Non-Cash) नुकसान को शामिल नहीं किया गया है।

रिपोर्टेड आधार पर EBITDA 64.7 करोड़ रुपये, EBITDA मार्जिन 25.2%, जबकि शुद्ध मुनाफा 46.7 करोड़ रुपये और PAT मार्जिन 18.2% रहा।

ऑर्डर बुक और नए प्रोजेक्ट पर फोकस

30 जून 2026 तक क्वालिटी पावर की कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक 1,945.5 करोड़ रुपये रही, जो FY26 की कुल रेवेन्यू का करीब 1.9 गुना है। तिमाही के दौरान कंपनी को 104.9 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले। इनमें अमेरिका के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के लिए हाई-वोल्टेज रिएक्टर, जापान में FACTS सिस्टम और Hitachi Energy India से 400 kV इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफॉर्मर के ऑर्डर शामिल हैं।

सांगली प्लांट में उत्पादन की तैयारी

क्वालिटी पावर के सांगली प्लांट में क्षमता विस्तार का काम जारी है। मशीनों की स्थापना की जा रही है और नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद अगस्त में ट्रायल प्रोडक्शन शुरू करने का लक्ष्य है। चेयरमैन और एमडी पीटी पांडियन ने कहा कि हाई-वोल्टेज और एनर्जी ट्रांजिशन सॉल्यूशंस की मजबूत मांग के चलते कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की अच्छी शुरुआत की है।

डिविडेंड और शेयर का हाल

क्वालिटी पावर ने FY27 के लिए 0.25 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम लाभांश देने की भी घोषणा की है।

कंपनी का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 3.63% की गिरावट के साथ 1115 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 37.56% चढ़ा है। 1 साल में इसने 41.77% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 8.64 हजार करोड़ रुपये है।

Stocks to Buy: ये 5 स्टॉक 40% तक रिटर्न दे सकते हैं, एक्सपर्ट्स ने दांव लगाने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: बिगब्लॉक कंस्ट्रक्शन का घाटा कम हुआ, रेवेन्यू 40% बढ़ा; नया प्लांट लगाने का प्लान

BigBloc Construction Q1 Results: AAC ब्लॉक और ग्रीन बिल्डिंग मटेरियल बनाने वाली कंपनी BigBloc Construction ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 40.5% बढ़कर 79.14 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल की समान तिमाही में 56.35 करोड़ रुपये थी।

कंपनी के घाटे में बड़ी कमी

कंपनी का नेट लॉस घटकर 71.95 लाख रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 4.96 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA 386% बढ़कर 6.28 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी 2.29% से बढ़कर 7.93% पर पहुंच गया। कंपनी ने इसका श्रेय बेहतर ऑपरेशनल, लागत नियंत्रण और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स को दिया है।

क्षमता विस्तार पर जोर

तिमाही के दौरान BigBloc Construction ने उमरगांव प्लांट में कंस्ट्रक्शन केमिकल्स का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया। इसमें ब्लॉक जॉइंटिंग मोर्टार, रेडी मिक्स प्लास्टर और टाइल एडहेसिव्स शामिल हैं। कंपनी का कुल क्षमता उपयोग बढ़कर 69% हो गया, जो पिछले साल 53% था। इसके अलावा समूह की रूफटॉप सोलर क्षमता बढ़कर 3.34 मेगावाट हो गई।

इंदौर में बनेगा सबसे बड़ा AAC प्लांट

BigBloc ने हाल ही में इंदौर के पास 56,950 वर्ग मीटर जमीन खरीदी है। यहां भारत का सबसे बड़ा ग्रीनफील्ड AAC ब्लॉक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाया जाएगा। मानसून के बाद इसका निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी को L&T से बुलेट ट्रेन स्टेशन परियोजना का ऑर्डर भी मिला है, जिससे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में उसकी मौजूदगी और मजबूत हुई है।

कंपनी के CFO मोहित साबू ने कहा कि BigBloc अब सिर्फ AAC ब्लॉक निर्माता नहीं, बल्कि एक इंटीग्रेटेड ग्रीन बिल्डिंग सॉल्यूशंस कंपनी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी का फोकस क्षमता विस्तार, नए प्रोडक्ट्स, वितरण नेटवर्क और लंबी अवधि में शेयरधारकों के लिए वैल्यू बढ़ाने पर रहेगा।

Q1 Results: ज्वेलरी कंपनी का मुनाफा 140% बढ़ा, रेवेन्यू 78% उछला; शेयरों पर नजर रहेगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: ज्वेलरी कंपनी का मुनाफा 140% बढ़ा, रेवेन्यू 78% उछला; शेयरों पर नजर रहेगी

Sky Gold Q1 Results: मुंबई की B2B ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Sky Gold and Diamonds ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 78% बढ़कर 2,012.8 करोड़ रुपये रही। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) दोगुना से ज्यादा यानी 140% बढ़कर 104.9 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी ने कहा कि यह ग्रोथ संगठित ज्वेलरी रिटेलर्स से मजबूत मांग, हल्के वजन (Lightweight) और वैल्यू-एडेड ज्वेलरी की बढ़ती बिक्री और बेहतर मैन्युफैक्चरिंग एग्जीक्यूशन की वजह से आई है।

कैश फ्लो भी हुआ पॉजिटिव

Sky Gold ने बताया कि जून तिमाही में उसका ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव रहा। इसका श्रेय एसेट-लाइट मैन्युफैक्चरिंग मॉडल, एडवांस गोल्ड बिजनेस की बढ़ती हिस्सेदारी और एक्सपोर्ट पेमेंट जल्दी मिलने को दिया गया है।

हल्की ज्वेलरी और एक्सपोर्ट पर फोकस

स्काई गोल्ड अब हल्के वजन की ज्वेलरी, कम कैरेट के गहने और डायमंड-स्टडेड ज्वेलरी पर ज्यादा ध्यान दे रही है। उसका मानना है कि इससे प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और मजबूत होगा। साथ ही, एक्सपोर्ट कारोबार बढ़ाने पर भी कंपनी का फोकस है।

हाल ही में कंपनी ने लंदन में आयोजित Asiana UK-India Jewellery Expo में अपने प्रोडक्ट्स पेश किए। कंपनी के मुताबिक, उसे ब्रिटेन और यूरोप के खरीदारों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला और 30-45 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक तैयार हुई।

₹8,100 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट

स्काई गोल्ड के मैनेजिंग डायरेक्टर मंगेश चौहान ने कहा कि संगठित ज्वेलरी बाजार और डिजाइन बेस्ड प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। उनका मानना है कि भारत डिजाइन-बेस्ड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बन सकता है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में 8,100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, कंपनी का फोकस रेवेन्यू ग्रोथ, मुनाफे और मजबूत कैश फ्लो के बीच संतुलन बनाए रखने पर रहेगा।

स्काई गोल्ड के शेयरों का हाल

स्काई गोल्ड का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 4.61% बढ़कर 723 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 106.78% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 169.37% का रिटर्न दिया है। 5 साल में 3,114% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 11.20 हजार करोड़ रुपये है।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPO Next Week: आईपीओ मार्केट में फिर मचेगी धूम! अगले हफ्ते खुलेंगे ₹7,700 करोड़ के 9 नए IPO, 8 कंपनियों की होगी लिस्टिंग

Upcoming IPOs Next Week: भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में एक्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। अगले सप्ताह यानी 10 अगस्त से दलाल स्ट्रीट पर जबरदस्त हलचल देखने को मिलेगी। अगले हफ्ते कुल ₹7,700 करोड़ जुटाने के इरादे से 9 नए आईपीओ दांव लगाने के लिए बाजार में आ रहे हैं। इसके अलावा पहले से आ चुके 8 शेयरों की लिस्टिंग भी शेड्यूल की गई है।

आने वाले इन 9 नए आईपीओ में से 5 मेनबोर्ड सेगमेंट के बड़े आईपीओ हैं, जो मिलकर ₹7,479 करोड़ जुटाएंगे। वहीं बाकी के 4 आईपीओ एसएमई सेगमेंट के हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹203 करोड़ है। आइए जानते हैं किस दिन कौन सा आईपीओ खुलेगा और क्या हैं उनके प्राइस बैंड।

मेनबोर्ड सेगमेंट के 5 बड़े IPOs

Dhoot Transmission IPO (10 – 12 अगस्त): महाराष्ट्र बेस्ड ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम बनाने वाली कंपनी धूत ट्रांसमिशन का आईपीओ 10 अगस्त को खुलकर 12 अगस्त को बंद होगा। इश्यू का साइज ₹3,066.9 करोड़ है जिसमें ₹1,400 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹1,666.9 करोड़ का OFS है। इस आईपीओ का प्राइस बैंड ₹829 से ₹871 प्रति शेयर। कंपनी ने इश्यू खुलने से पहले 7 अगस्त को ही एंकर निवेशकों से ₹918 करोड़ जुटा लिए हैं।

Molbio Diagnostics IPO (10 – 12 अगस्त): गोवा बेस्ड प्वाइंट-ऑफ-केयर मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स कंपनी मोलबायो डायग्नोस्टिक्स (टैमासेक और मोतीलाल ओसवाल समर्थित) का आईपीओ भी 10 से 12 अगस्त तक खुला रहेगा। इश्यू साइज ₹939.70 करोड़ है (₹200 करोड़ का फ्रेश इश्यू + 91.66 लाख शेयरों का OFS)। प्राइस बैंड ₹768 से ₹807 प्रति शेयर है। कंपनी एंकर बुक के जरिए 7 अगस्त को ₹281 करोड़ जुटा चुकी है।

Milky Mist Dairy Food IPO (11 – 13 अगस्त): तमिलनाडु की प्रमुख डेयरी उत्पाद निर्माता मिलकी मिस्ट डेयरी 11 अगस्त को अपना पब्लिक इश्यू लेकर आ रही है। इश्यू साइज ₹1,553 करोड़ (₹1,428 करोड़ फ्रेश इश्यू + ₹125 करोड़ OFS)। प्राइस बैंड ₹133 से ₹140 प्रति शेयर है।

Shiprocket IPO (12 – 14 अगस्त): एमएसएमई और बड़े रिटेलर्स के लिए ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म चलाने वाली गुरुग्राम बेस्ड कंपनी शिपरॉकेट का आईपीओ 12 अगस्त को खुलेगा। ₹1,617.5 करोड़ के इस आईपीओ में ₹885.50 करोड़ का फ्रेश इश्यू + ₹732 करोड़ का OFS है। इसका प्राइस बैंड ₹92 से ₹97 प्रति शेयर है।

Behari Lal Engineering IPO (12 – 14 अगस्त): दिल्ली बेस्ड आयरन एंड स्टील मैन्युफैक्चरर बिहारी लाल इंजीनियरिंग मेनबोर्ड सेगमेंट का सबसे छोटा आईपीओ होगा। इश्यू साइज ₹301.62 करोड़ (₹93 करोड़ फ्रेश इश्यू + ₹208.62 करोड़ OFS) है। इसका प्राइस बैंड ₹271 से ₹285 प्रति शेयर है।

SME सेगमेंट के 4 IPOs

Fascinate Textiles IPO: 11 अगस्त को खुलेगा। रेडिमेड गारमेंट्स बनाने वाली इस कंपनी का आईपीओ साइज ₹67 करोड़ है (प्राइस बैंड: ₹148-156)।

Sham Foam IPO: 11 अगस्त को खुलेगा। पॉलीयूरेथेन फोम और गद्दे बनाने वाली इस कंपनी का फिक्स्ड प्राइस इश्यू ₹40.5 करोड़ का है (इश्यू प्राइस: ₹130)।

Pramodini Medicare IPO: 12 अगस्त को खुलेगा। आंध्र प्रदेश की इस डायग्नोस्टिक सर्विस प्रोवाइडर का आईपीओ ₹69.04 करोड़ का है (प्राइस बैंड: ₹110-118)।

Q&T Foods IPO: 12 अगस्त को खुलेगा। यूपी बेस्ड बेकरी प्रोडक्ट्स मेकर कंपनी आईपीओ के जरिए ₹26.24 करोड़ जुटाएगी (इश्यू प्राइस: ₹115)।

क्लोज होने वाले और लिस्टिंग वाले IPOs

मेनबोर्ड का LEAP India और Technocraft Ventures का आईपीओ 11 अगस्त को बंद होगा। वहीं एसएमई सेगमेंट में LAPL Automotive 10 अगस्त और Optimystix Entertainment 11 अगस्त को बंद होगा।

लिस्टिंग का शेड्यूल

  • 10 अगस्त: Anawil Wire & Engineering (SME)
  • 11 अगस्त: Aegeus Technologies (SME)
  • 12 अगस्त: Ardee Industries, Technocraft Ventures, LEAP India (तीनों मेनबोर्ड), इसके अलावा GV Electricals और Optimystix Entertainment (SME)
  • 13 अगस्त: LAPL Automotive (SME)

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty Outlook: 10 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र भी शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी 50 शुरुआती गिरावट से उबरने की कोशिश जरूर करता दिखा, लेकिन यह तेजी टिक नहीं सकी। आखिर में इंडेक्स 65 अंक यानी 0.3% गिरकर 24,570 पर बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों और हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली का असर बाजार पर दिखा।

अब सोमवार, 10 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में निफ्टी की चाल कैसी रहेगी? कौन से लेवल अहम रहेंगे? इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

निफ्टी 50 में Grasim, TCS और Hindalco सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Trent में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो, आईटी और PSU बैंक सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। वहीं फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक और केमिकल सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Nifty Midcap 100 में 0.22% की बढ़त रही। Nifty Smallcap 100 0.05% फिसल गया।

अगले हफ्ते किन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर?

Motilal Oswal के रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि अगले हफ्ते भारतीय बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है। इसकी वजह मजबूत घरेलू आर्थिक संकेत, भू-राजनीतिक तनाव में कमी और तिमाही नतीजों का अंतिम दौर हो सकता है। हालांकि, शेयरों में खबरों के आधार पर शेयरों में हलचल बनी रह सकती है।

 

इन आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर

अगले हफ्ते निवेशकों की नजर कई अहम घरेलू और वैश्विक आंकड़ों पर रहेगी। इनमें भारत के CPI और WPI महंगाई के आंकड़े, जून तिमाही के नतीजे अहम रहेंगे। साथ ही, अमेरिका के CPI और PPI महंगाई के आंकड़े, OPEC की मासिक ऑयल मार्केट रिपोर्ट और चीन के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन व रिटेल सेल्स के आंकड़े भी आएंगे।

निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी का रुझान फिलहाल कमजोर जरूर है। हालांकि, इंडेक्स 24,400-24,300 के अहम सपोर्ट जोन के ऊपर बना हुआ है। यह स्तर पहले रेजिस्टेंस था और अब सपोर्ट की तरह काम कर रहा है। उनके मुताबिक, अगर निफ्टी इस स्तर तक फिसलता है तो यह खरीदारी का मौका हो सकता है। वहीं, ट्रेंड बदलने के लिए 24,700 के ऊपर निकलना जरूरी होगा।

Angel One के हितेश राठी के अनुसार, निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 24,450-24,350 के बीच है। इसके नीचे 24,000 बड़ा सपोर्ट रहेगा। वहीं, ऊपर की ओर 24,650-24,750 पहला रेजिस्टेंस और 24,800-24,850 अगला अहम स्तर होगा।

HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि पिछले तीन कारोबारी सत्रों से निफ्टी 24,400-24,700 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इंडेक्स अभी भी अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर है, इसलिए लंबी अवधि का ट्रेंड अब भी सकारात्मक बना हुआ है। उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 24,770 और 25,000 रेजिस्टेंस रहेंगे। वहीं, गिरावट पर 24,430-24,380 का दायरा सपोर्ट देगा।

बैंक निफ्टी पर क्या राय है?

 

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, पिछले पांच कारोबारी सत्रों से बैंक निफ्टी 58,248-57,353 के दायरे में कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद इंडेक्स अभी भी अपने 20-डे EMA के ऊपर बना हुआ है।

उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 58,200-58,300 का दायरा अहम रेजिस्टेंस है। इसके ऊपर निकलने पर बैंक निफ्टी 58,700 और फिर 59,100 तक जा सकता है। वहीं, नीचे की ओर 57,300-57,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

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बैंक ने अचानक क्यों रिजेक्ट कर दिया लोन? जानिए राजेश की इस एक भूल ने कैसे बिगाड़ा CIBIL का खेल!

Checking Credit Report Benefits: राजेश एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और सालों से अपनी हर ईएमआई और क्रेडिट कार्ड का बिल बिल्कुल समय पर भरते आए थे। उन्हें पूरा यकीन था कि उनका क्रेडिट स्कोर शानदार होगा। लेकिन जब वे अपने सपनों का घर खरीदने के लिए होम लोन अप्लाई करने बैंक पहुंचे, तो बैंक अफसर ने उनका आवेदन रिजेक्ट कर दिया।

वजह थी उनकी क्रेडिट रिपोर्ट में एक ऐसा लोन ‘एक्टिव’ दिख रहा था, जिसे वे सालों पहले बंद कर चुके थे। साथ ही, एक ऐसे अनजान क्रेडिट कार्ड की जानकारी दर्ज थी, जिसके लिए उन्होंने कभी अप्लाई ही नहीं किया था।

राजेश की तरह ज्यादातर लोग क्रेडिट रिपोर्ट को तभी याद करते हैं जब उन्हें किसी लोन या नए क्रेडिट कार्ड की जरूरत होती है। लेकिन समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच न करना आपको भारी मुसीबत और वित्तीय नुकसान में डाल सकता है।

साल में कम से कम एक बार जरूर करें ‘फाइनेंशियल चेकअप’

बहुत से लोग सोचते हैं कि जब उन्होंने कोई ईएमआई मिस नहीं की है, तो रिपोर्ट देखने की क्या जरूरत? लेकिन जैसे हम अपनी सेहत के लिए रूटीन बॉडी चेकअप कराते हैं, वैसे ही साल में कम से कम एक बार अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करना बेहद जरूरी है। इससे यह पक्का होता है कि आपकी लोन हिस्ट्री और पर्सनल डिटेल्स सही तरीके से दर्ज हो रही हैं।

बड़ा लोन लेने से कुछ महीने पहले रिपोर्ट देखना क्यों है जरूरी?

अगर आप आने वाले कुछ महीनों में होम लोन, कार लोन या कोई बड़ा पर्सनल लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो आवेदन करने से ठीक पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जरूर खंगालें। अगर रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी या गलत एंट्री पाई जाती है, तो उसे ठीक कराने में कुछ हफ्तों से लेकर महीनों तक का समय लगता है। लोन रिजेक्ट होने के बाद दौड़-भाग करने से बेहतर है कि आप पहले ही सतर्क रहें।

क्रेडिट रिपोर्ट में हो सकती हैं मानवीय और तकनीकी गलतियां

क्रेडिट रिपोर्ट पूरी तरह से गलतियों से मुक्त नहीं होती। कई बार बंद किए जा चुके लोन अकाउंट भी सिस्टम में ‘एक्टिव’ दिखाई देते हैं। समय पर चुकाई गई ईएमआई ‘डिलीटेड’ या ‘लेट पेमेंट’ के रूप में दर्ज हो जाती है। नाम या पैन कार्ड की स्पेलिंग मिस्टेक या आइडेंटिफिकेशन एरर की वजह से किसी और का लोन आपके नाम पर लिंक हो जाता है।

अनजान लोन या क्रेडिट कार्ड: कैसे करें फ्रॉड की पहचान

अगर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते समय आपको कोई ऐसा क्रेडिट कार्ड या लोन अकाउंट दिखाई दे जिसके लिए आपने कभी अप्लाई ही नहीं किया था, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। यह आइडेंटिटी थेफ्ट या जालसाजी का संकेत हो सकता है। समय रहते शिकायत करने से आप किसी बड़े फ्रॉड का शिकार होने से बच सकते हैं।

सिर्फ 3 अंकों के क्रेडिट स्कोर पर न अटके रहें

ज्यादातर लोग सिर्फ अपना 3-अंकों का CIBIL/क्रेडिट स्कोर देखकर खुश या दुखी हो जाते हैं। लेकिन बैंक और वित्तीय संस्थान सिर्फ स्कोर ही नहीं, बल्कि पूरी रिपोर्ट की बारीकियों को देखते हैं:

  • आपके नाम पर कितने एक्टिव लोन चल रहे हैं?
  • आपने हाल में कितनी बार लोन के लिए इन्क्वायरी की है?
  • आपकी पुरानी रीपेमेंट हिस्ट्री कैसी रही है?

केवल रिपोर्ट देखने से नहीं सुधरेगा स्कोर, करने होंगे ये बदलाव

क्रेडिट रिपोर्ट सिर्फ एक आईना है। सिर्फ रिपोर्ट चेक करने से आपका क्रेडिट स्कोर नहीं बढ़ेगा। स्कोर बढ़ाने और बनाए रखने का असली तरीका आपकी वित्तीय आदतें हैं यानी समय पर ईएमआई भरना, क्रेडिट लिमिट का संतुलित इस्तेमाल करना और गैर-जरूरी लोन लेने से बचना। नियमित रिपोर्ट चेक करने का काम सिर्फ इतना है कि यह आपकी अच्छी आदतों पर कोई गलत दाग नहीं लगने देती।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।