Personal Loan Rejection: पर्सनल लोन नहीं मिल रहा है? ये 5 कारण हो सकते हैं जिम्मेदार

Personal Loan Rejection: पर्सनल लोन लेना पहले से काफी आसान हो गया है। कई बैंक और ऐप कुछ मिनटों में लोन देने का दावा करते हैं। लेकिन हर आवेदन मंजूर नहीं होता। कई बार अच्छी सैलरी होने के बाद भी लोन रिजेक्ट हो जाता है।

अच्छी बात यह है कि ज्यादातर वजहें पहले से पता हों, तो उनसे बचा जा सकता है। आइए जानते हैं वो 5 कारण, जिनकी वजह से आपका पर्सनल लोन अटक सकता है।

1. क्रेडिट स्कोर खराब होना

यह सबसे बड़ी वजह होती है। बैंक सबसे पहले आपका क्रेडिट स्कोर देखते हैं। इससे उन्हें पता चलता है कि आपने पुराने लोन और क्रेडिट कार्ड का भुगतान समय पर किया या नहीं।

अगर स्कोर 750 या उससे ज्यादा है, तो मंजूरी मिलने की संभावना बेहतर रहती है। वहीं कम स्कोर होने पर बैंक लोन देने से मना कर सकते हैं या ज्यादा ब्याज वसूल सकते हैं।

2. पहले से बहुत ज्यादा EMI चलना

बैंक सिर्फ आपकी सैलरी नहीं देखते। वे यह भी देखते हैं कि हर महीने आपकी कमाई का कितना हिस्सा पहले से EMI में जा रहा है।

मान लीजिए आपकी महीने की सैलरी ₹60,000 है। अगर पहले से ₹30,000 EMI कट रही है, तो नया लोन मिलना मुश्किल हो सकता है। आमतौर पर बैंक चाहते हैं कि कुल EMI आपकी कमाई का लगभग 40-50% से ज्यादा न हो।

3. नौकरी या आय स्थिर नहीं होना

अगर आपने हाल ही में नौकरी बदली है या आपकी आय नियमित नहीं है, तो बैंक सावधानी बरतते हैं।

उदाहरण के लिए, किसी कंपनी में सिर्फ एक-दो महीने पहले जॉइन किया है, तो बैंक थोड़ा इंतजार करने को कह सकते हैं। वहीं फ्रीलांसर और सेल्फ-एम्प्लॉयड लोगों से अक्सर अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाते हैं।

4. बार-बार लोन के लिए आवेदन करना

कई लोग एक साथ कई बैंकों में आवेदन कर देते हैं। यह उल्टा नुकसान कर सकता है।

हर आवेदन का रिकॉर्ड आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दिख सकता है। कम समय में बहुत ज्यादा आवेदन देखकर बैंक मान सकते हैं कि आपको पैसों की ज्यादा जरूरत है। इससे मंजूरी की संभावना घट सकती है।

5. दस्तावेजों में गलती

कई बार छोटी सी गलती भी बड़ी परेशानी बन जाती है।

नाम में अंतर, गलत पता, अधूरी बैंक स्टेटमेंट या आय का सही सबूत न देना आवेदन रोक सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेज एक बार जरूर जांच लें।

लोन मंजूर होने की संभावना कैसे बढ़ाएं?

अगर आप पर्सनल लोन लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो ये बातें मदद कर सकती हैं।

  • क्रेडिट स्कोर 750 या उससे ऊपर रखने की कोशिश करें।
  • पुरानी EMI कम रखें।
  • समय पर बिल और EMI भरें।
  • एक साथ कई जगह आवेदन न करें।
  • सभी दस्तावेज सही और अपडेटेड रखें।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

बैंक ने अचानक क्यों रिजेक्ट कर दिया लोन? जानिए राजेश की इस एक भूल ने कैसे बिगाड़ा CIBIL का खेल!

Checking Credit Report Benefits: राजेश एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और सालों से अपनी हर ईएमआई और क्रेडिट कार्ड का बिल बिल्कुल समय पर भरते आए थे। उन्हें पूरा यकीन था कि उनका क्रेडिट स्कोर शानदार होगा। लेकिन जब वे अपने सपनों का घर खरीदने के लिए होम लोन अप्लाई करने बैंक पहुंचे, तो बैंक अफसर ने उनका आवेदन रिजेक्ट कर दिया।

वजह थी उनकी क्रेडिट रिपोर्ट में एक ऐसा लोन ‘एक्टिव’ दिख रहा था, जिसे वे सालों पहले बंद कर चुके थे। साथ ही, एक ऐसे अनजान क्रेडिट कार्ड की जानकारी दर्ज थी, जिसके लिए उन्होंने कभी अप्लाई ही नहीं किया था।

राजेश की तरह ज्यादातर लोग क्रेडिट रिपोर्ट को तभी याद करते हैं जब उन्हें किसी लोन या नए क्रेडिट कार्ड की जरूरत होती है। लेकिन समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच न करना आपको भारी मुसीबत और वित्तीय नुकसान में डाल सकता है।

साल में कम से कम एक बार जरूर करें ‘फाइनेंशियल चेकअप’

बहुत से लोग सोचते हैं कि जब उन्होंने कोई ईएमआई मिस नहीं की है, तो रिपोर्ट देखने की क्या जरूरत? लेकिन जैसे हम अपनी सेहत के लिए रूटीन बॉडी चेकअप कराते हैं, वैसे ही साल में कम से कम एक बार अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करना बेहद जरूरी है। इससे यह पक्का होता है कि आपकी लोन हिस्ट्री और पर्सनल डिटेल्स सही तरीके से दर्ज हो रही हैं।

बड़ा लोन लेने से कुछ महीने पहले रिपोर्ट देखना क्यों है जरूरी?

अगर आप आने वाले कुछ महीनों में होम लोन, कार लोन या कोई बड़ा पर्सनल लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो आवेदन करने से ठीक पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जरूर खंगालें। अगर रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी या गलत एंट्री पाई जाती है, तो उसे ठीक कराने में कुछ हफ्तों से लेकर महीनों तक का समय लगता है। लोन रिजेक्ट होने के बाद दौड़-भाग करने से बेहतर है कि आप पहले ही सतर्क रहें।

क्रेडिट रिपोर्ट में हो सकती हैं मानवीय और तकनीकी गलतियां

क्रेडिट रिपोर्ट पूरी तरह से गलतियों से मुक्त नहीं होती। कई बार बंद किए जा चुके लोन अकाउंट भी सिस्टम में ‘एक्टिव’ दिखाई देते हैं। समय पर चुकाई गई ईएमआई ‘डिलीटेड’ या ‘लेट पेमेंट’ के रूप में दर्ज हो जाती है। नाम या पैन कार्ड की स्पेलिंग मिस्टेक या आइडेंटिफिकेशन एरर की वजह से किसी और का लोन आपके नाम पर लिंक हो जाता है।

अनजान लोन या क्रेडिट कार्ड: कैसे करें फ्रॉड की पहचान

अगर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते समय आपको कोई ऐसा क्रेडिट कार्ड या लोन अकाउंट दिखाई दे जिसके लिए आपने कभी अप्लाई ही नहीं किया था, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। यह आइडेंटिटी थेफ्ट या जालसाजी का संकेत हो सकता है। समय रहते शिकायत करने से आप किसी बड़े फ्रॉड का शिकार होने से बच सकते हैं।

सिर्फ 3 अंकों के क्रेडिट स्कोर पर न अटके रहें

ज्यादातर लोग सिर्फ अपना 3-अंकों का CIBIL/क्रेडिट स्कोर देखकर खुश या दुखी हो जाते हैं। लेकिन बैंक और वित्तीय संस्थान सिर्फ स्कोर ही नहीं, बल्कि पूरी रिपोर्ट की बारीकियों को देखते हैं:

  • आपके नाम पर कितने एक्टिव लोन चल रहे हैं?
  • आपने हाल में कितनी बार लोन के लिए इन्क्वायरी की है?
  • आपकी पुरानी रीपेमेंट हिस्ट्री कैसी रही है?

केवल रिपोर्ट देखने से नहीं सुधरेगा स्कोर, करने होंगे ये बदलाव

क्रेडिट रिपोर्ट सिर्फ एक आईना है। सिर्फ रिपोर्ट चेक करने से आपका क्रेडिट स्कोर नहीं बढ़ेगा। स्कोर बढ़ाने और बनाए रखने का असली तरीका आपकी वित्तीय आदतें हैं यानी समय पर ईएमआई भरना, क्रेडिट लिमिट का संतुलित इस्तेमाल करना और गैर-जरूरी लोन लेने से बचना। नियमित रिपोर्ट चेक करने का काम सिर्फ इतना है कि यह आपकी अच्छी आदतों पर कोई गलत दाग नहीं लगने देती।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्रेडिट पेमेंट हिस्ट्री को बेहतर कैसे करें?

क्रेडिट स्कोर को ज्यादा बनाए रखने के लिए अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री होना बहुत जरूरी है. पेमेंट हिस्ट्री को अच्छे से मैनेज करके आप अपने क्रेडिट स्कोर को सुधार सकते हैं. आपकी पेमेंट हिस्ट्री आपके फ्यूचर क्रेडिट और लोन की संभावनाओं को प्रभावित करती है. हायर क्रेडिट स्कोर से आप नए क्रेडिट कार्ड से लेकर बेस्ट हाउसिंग लोन तक कई फाइनेंशियल सर्विसेज ले सकते हैं. हेल्दी क्रेडिट हिस्ट्री के साथ आप कई क्रेडिट इंस्ट्रूमेंट्स और सर्विसेज को कम इंटरेस्ट रेट्स पर हासिल कर सकते हैं.

यहां हम बता रहे हैं  कि आप अपनी क्रेडिट हिस्ट्री को कैसे बेहतर कर सकते हैं, जो आपके क्रेडिट स्कोर को बढ़ाने में मदद करेगा.

हेल्दी क्रेडिट हिस्ट्री कैसे बनाएं

समय-समय पर क्रेडिट रिपोर्ट चेक करें

क्रेडिट पेमेंट हिस्ट्री को बेहतर करने का पहला स्टेप है अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को समझना. इसमें आपके सारे क्रेडिट एक्टिविटीज की डिटेल्स होती हैं, जैसे कि आपने अपने बिल्स कितने टाइम पर चुकाए हैं.

रेगुलर इंटरवल्स पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करें ताकि हिस्ट्री में कोई गलती हो तो उसे ठीक किया जा सके. आप मनीकंट्रोल जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर फ्री में क्रेडिट रिपोर्ट देख सकते हैं. ये सर्विस सीआरआईएफ हाईमार्क के साथ पार्टनरशिप में दी जाती है, जो आपकी क्रेडिट स्टेटस का डिटेल्ड ओवरव्यू देती है. अपनी क्रेडिट रिपोर्ट में किसी भी गलती या गड़बड़ी को चेक करें. अगर कोई गलती मिले, तो संबंधित अथॉरिटीज से कांटेक्ट करके उसे ठीक करवाएं, क्योंकि गलतियां आपके क्रेडिट स्कोर हिस्ट्री को नेगेटिवली इम्पैक्ट कर सकती हैं.

समय पर बिल्स चुकाएं

कंसिस्टेंट और टाइमली बिल पेमेंट्स आपकी क्रेडिट पेमेंट हिस्ट्री को बेहतर करने में मदद करते हैं. ये आपकी भरोसे का प्रूफ है और क्रेडिट स्कोर पर पॉजिटिव असर डालता है. 

-रिमाइंडर्स सेट करें: अपने फोन या कैलेंडर पर रिमाइंडर्स लगाएं ताकि पेमेंट ड्यू डेट्स याद रहें.

-पेमेंट्स ऑटोमेट करें: ऑटोमेटेड पेमेंट्स सेट करें ताकि हर महीने बिल्स टाइम पर चुक जाएं और मिस होने का रिस्क कम हो.

-पेमेंट्स को प्रायोरिटाइज करें: उन बिल्स को पहले चुकाएं, जो आपके क्रेडिट स्कोर पर सबसे ज्यादा असर डालते हैं, जैसे क्रेडिट कार्ड बिल्स और लोन रिपेमेंट्स.

आउटस्टैंडिंग डेट कम करें

बहुत ज्यादा डेट आपके क्रेडिट स्कोर हिस्ट्री को नेगेटिवली इम्पैक्ट कर सकता है और अच्छी पेमेंट हिस्ट्री बनाए रखना मुश्किल कर सकता है. डेट को चुकाकर और कम करके आप बेहतर क्रेडिट और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी पा सकते हैं.

-बजट बनाएं: अपने खर्चों पर नजर रखने और डेट चुकाने के लिए एक्स्ट्रा पैसे सेट करने के लिए बजट बनाएं.

-हाई-इंटरेस्ट डेट पहले चुकाएं: हाई-इंटरेस्ट बिल्स को पहले चुकाने पर फोकस करें ताकि पैसे बचें और टोटल डेट कम हो.

-क्रेडिटर्स से बात करें: अपने क्रेडिटर्स से बात करें और कम इंटरेस्ट रेट्स या बेहतर पेमेंट टर्म्स के ऑप्शन्स डिस्कस करें.

लेट पेमेंट्स से बचें

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लेट पेमेंट्स आपके अच्छे क्रेडिट स्कोर को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए पॉजिटिव क्रेडिट हिस्ट्री बनाए रखने के लिए कोई भी पेमेंट मिस न करें.

-समय-समय पर स्टेटमेंट्स चेक करें: अपने क्रेडिट अकाउंट ऐप्स या स्टेटमेंट्स को समय-समय पर चेक करें ताकि सारी ड्यू डेट्स पता रहें.

-पेमेंट टूल्स यूज करें: ऑटो-पे या थर्ड-पार्टी ऐप्स जैसे टूल्स इस्तेमाल करें, जो टाइमली पेमेंट रिमाइंडर्स भेजते हैं.

-क्रेडिटर्स से कांटेक्ट करें: अगर आपको फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स का अंदाजा है, तो क्रेडिटर्स से बात करें और रिलीफ ऑप्शन्स डिस्कस करें.

क्रेडिट यूज पर नजर रखें

आपका क्रेडिट स्कोर क्रेडिट यूटिलाइजेशन से प्रभावित होता है, यानी आपके इस्तेमाल किए गए क्रेडिट और अप्रूव्ड लिमिट का रेशियो. ऑप्टिमल क्रेडिट यूसेज से आपकी क्रेडिट पेमेंट हिस्ट्री बेहतर हो सकती है.

-यूटिलाइजेशन कम रखें: अच्छे क्रेडिट स्कोर के लिए क्रेडिट यूटिलाइजेशन को कम रखें. एक्सपर्ट्स की सलाह है कि अप्रूव्ड क्रेडिट लिमिट का 30% से ज्यादा इस्तेमाल न करें.

-क्रेडिट लिमिट बढ़ाएं: अगर पॉसिबल हो, तो क्रेडिट लिमिट बढ़ाने की कोशिश करें ताकि यूटिलाइजेशन रेशियो बेहतर हो.

-बैलेंस जल्दी चुकाएं: स्टेटमेंट डेट से पहले बैलेंस चुकाने की कोशिश करें ताकि रिपोर्ट होने वाला अमाउंट कम हो.

क्रेडिट रिपोर्ट में नेगेटिव मार्क्स को ठीक करें

अगर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में नेगेटिव मार्क्स हैं, जैसे मिस्ड पेमेंट्स या डिफॉल्ट्स, तो उन्हें जल्दी से जल्दी ठीक करना जरूरी है.

-क्रेडिट धीरे-धीरे रिबिल्ड करें: अच्छे क्रेडिट बिहेवियर्स पर फोकस करके नेगेटिव मार्क्स को धीरे-धीरे कम करें.

-गुडविल एडजस्टमेंट रिक्वेस्ट करें: अगर एक बार की वजह से पेमेंट मिस हुआ, तो क्रेडिटर से गुडविल एडजस्टमेंट के लिए रिक्वेस्ट करें.

-अकाउंट्स सेटल करें: डिफॉल्ट वाले अकाउंट्स के लिए सेटलमेंट की बात करें ताकि उन्हें ‘सेटल्ड’ या ‘पेड’ मार्क किया जाए. लेकिन ये सॉल्यूशन्स पूरी तरह लेंडर्स पर निर्भर करते हैं. .

क्रेडिट को जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें

अच्छी क्रेडिट स्कोर हिस्ट्री को बेहतर करने और बनाए रखने के लिए पुरानी गलतियों को ठीक करने के साथ-साथ जिम्मेदार क्रेडिट आदतें अपनाना जरूरी है.

-क्रेडिट इंस्ट्रूमेंट्स समझदारी से अप्लाई करें: बार-बार न्यू क्रेडिट इंस्ट्रूमेंट्स के लिए अप्लाई करने से बचें, क्योंकि कई एप्लिकेशंस आपकी क्रेडिट स्कोर हिस्ट्री को नेगेटिवली इम्पैक्ट कर सकती हैं.

-क्रेडिट मॉनिटर करें: अपनी क्रेडिट हेल्थ पर नजर रखने और प्रॉब्लम्स को जल्दी पकड़ने के लिए समय-समय पर क्रेडिट रिपोर्ट और स्कोर चेक करें.

-खुद को एजुकेट करें: क्रेडिट मैनेजमेंट प्रैक्टिसेज के बारे में जानकारी रखें ताकि स्ट्रॉन्ग क्रेडिट स्कोर हिस्ट्री बनाए रख सकें.

पेमेंट हिस्ट्री को बेहतर करने के लिए डेडिकेशन और स्ट्रैटेजिक प्लानिंग चाहिए, लेकिन ये अच्छा क्रेडिट स्कोर पाने और बनाए रखने के लिए भी जरूरी है. अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को समझकर, समय पर बिल्स चुकाकर, डेट कम करके और क्रेडिट यूटिलाइजेशन को मैनेज करके आप अपनी क्रेडिट पेमेंट हिस्ट्री को सुधार सकते हैं. मनीकंट्रोल का फ्री क्रेडिट स्कोर और डिटेल्ड क्रेडिट रिपोर्ट इस प्रोसेस में हेल्पफुल टूल्स हैं, जो आपको सही डिसीजन्स लेने और अपनी प्रोग्रेस को ट्रैक करने में मदद करते हैं.