Milky Mist IPO: 7 बातें, ₹1533 करोड़ के इश्यू में निवेश से पहले जानना है जरूरी

Milky Mist IPO: डेयरी प्रोडक्ट्स कंपनी मिल्की मिस्ट का कारोबार देश भर में फैला हुआ है। अब यह स्टॉक मार्केट में भी लिस्टिंग की तैयारी में है, जिसका ₹1533 करोड़ का आईपीओ मंगलवार 11 अगस्त को सब्सक्रिप्शन को खुलेगा। ग्रे मार्केट में इसके शेयरों की स्थिति तगड़ी दिख रही है और कंपनी की कारोबारी सेहत लगातार मजबूत हो रही है। यहां इस आईपीओ से जुड़ी 7 अहम बातें बताई जा रही है, जिसे जान लें और फिर आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लें।

1. प्राइस बैंड और लॉट साइज

आईपीओ खुलने के बाद मिल्की मिस्ट के ₹1,553 करोड़ के आईपीओ में ₹133-₹140 के प्राइस बैंड और 107 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकेंगे।

2. अहम डेट्स

मिल्की मिस्ट का आईपीओ 11 अगस्त को खुलेगा और 13 अगस्त को बंद होगा। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 14 अगस्त को फाइनल होगा। आईपीओ की सफलता के बाद फिर शेयरों की बीएसई और एनएसई पर 18 अगस्त को एंट्री होगी।

3. ग्रे मार्केट में स्थिति यानी GMP

ग्रे मार्केट में मिल्की मिस्ट के शेयर आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹27 यानी 19.29% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।

4. आईपीओ में कितने शेयर होंगे जारी

मिल्की मिस्ट के आईपीओ के तहत ₹1,428 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 89,28,570 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए इसके प्रमोटर्स सतीशकुमार टी और अनीत एस अपनी हिस्सेदारी हल्की करेंगे।

5. रजिस्ट्रार

मिल्की मिस्ट के आईपीओ का रजिस्ट्रार केफिनटेक है यानी कि शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसकी साइट पर स्टेटस देख सकेंगे कि मिल्की मिस्ट के आईपीओ के तहत कितने शेयर मिले। इसके अलावा बीएसई की साइट पर भी स्टेटस देख सकेंगे।

6. कैसे होगा आईपीओ के पैसों का इस्तेमाल?

ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर यानी प्रमोटर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹496.86 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹469.24 करोड़ पेरुंदुरई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार और मॉडर्नाइजेशन, ₹155.31 करोड़ विसि कूलर्स, आइस क्रीम फ्रीजर्स और चॉकलेट कूलर्स और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

7. कंपनी के बारे में

मिल्की मिस्ट डेयरी फूड देश की सबसे तेज बढ़ रही पैकेज्ड फूड कंपनियों में है, जिसका फोकस प्रीमियम वैल्यू-एडेड डेयरी प्रोडक्ट्स पर है। यह अपने मुख्य ब्रांड मिल्की मिस्ट समेत स्मार्टशेफ, कैपेला, मिस्टी लाइट, ब्रियास और असल जैसे सब-ब्रांड्स के तहत चीज, पनीर, मक्खन, दही, घी, योगर्ट, आइसक्रीम, यूएचटी प्रोडक्ट्स, फ्रोजन फूड्स, रेडी-टू-ईट (RTE), रेडी-टू-कुक (RTC) फूड्स और चॉकलेट्स जैसे कई तरह के प्रोडक्ट्स बनाती और बेचती है। कंपनी फार्म-टू-कंज्यूमर इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल पर काम करती है, जिसमें किसानों से सीधे दूध लेकर यह एडवांस्ड ऑटोमेटेड मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं में इसकी प्रोसेसिंग करती है। अपने खुद के कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और मल्टी-चैनल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के जरिए इसके ग्राहक देश भर में हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 155% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹127.01 करोड़ और टोटल इनकम 31% के सीएजीआर से ₹3,145.01 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹1,671.85 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹333.55 करोड़ पड़े थे।

लेट एंट्री लेकिन बने मार्केट लीडर, इन पांच ने खास तरीके से बदला मार्केट का मूड

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Retirement Planning: हर महीने चाहिए ₹25,000 की पेंशन? जानें कितना बड़ा होना चाहिए रिटायरमेंट फंड

Retirement Planning Corpus Calculator: रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम बनी रहे, यह हर नौकरीपेशा व्यक्ति की सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। अगर आप भी अपने रिटायरमेंट के बाद हर महीने ₹25,000 यानी सालाना ₹3 लाख की पेंशन पाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको कितना बड़ा रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना होगा, आइए समझते हैं इसका आसान गणित।

वित्तीय सलाहकारों के मुताबिक, रिटायरमेंट फंड की गणना करते समय आपकी मौजूदा उम्र, रिटायरमेंट की उम्र, अनुमानित लाइफ एक्सपेक्टेंसी और महंगाई दर सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

4% रूल (Rule of 25) से समझिए फंड का गणित

फाइनेंशियल प्लानिंग में 4% रूल का काफी इस्तेमाल किया जाता है। इस नियम के अनुसार, रिटायरमेंट के समय आपके पास जितना फंड होता है, उसका 4% आप पहले साल निकालते हैं और आगे महंगाई के हिसाब से इसे एडजस्ट करते हैं।

सालाना पेंशन की जरूरत: ₹25,000 × 12 महीने = ₹3,00,000

4% रूल के हिसाब से जरूरी कॉर्पस: ₹3,00,000 ÷ 4% (यानी सालाना पेंशन का 25 गुना) = ₹75 लाख

अगर आप आज ही रिटायर हो रहे हैं और बिना महंगाई दर के प्रभाव के सुरक्षित निवेश (जैसे- SWP, SCSS या एन्युटी) से रिटर्न चाहते हैं, तो आपको कम से कम ₹75 लाख से ₹80 लाख का रिटायरमेंट कॉर्पस चाहिए होगा।

महंगाई को जोड़ेंगे तो कितना होगा फंड?

अगर आपकी उम्र अभी 30 साल है और आप 60 साल की उम्र में रिटायर होना चाहते हैं यानी रिटायरमेंट में 30 साल बाकी हैं, तो 6% की औसत महंगाई दर के हिसाब से आज के ₹25,000 की वैल्यू 30 साल बाद काफी बदल जाएगी:

30 साल बाद ₹25,000 की वैल्यू: लगभग ₹1,43,000 प्रति महीने हो जाएगी।

महंगाई एडजस्टेड रिटायरमेंट फंड: 30 साल बाद ₹1.43 लाख प्रति महीने की पेंशन पाने के लिए आपको लगभग ₹3.5 करोड़ से ₹4 करोड़ का फंड तैयार करना होगा।

₹25,000 पेंशन के लिए हर महीने कितनी SIP करनी होगी?

अगर आप 60 साल की उम्र में ₹75 लाख से ₹1 करोड़ का फंड बनाना चाहते हैं, तो आपको अपनी मौजूदा उम्र के हिसाब से म्यूचुअल फंड SIP में निवेश शुरू करना होगा (12% औसत सालाना रिटर्न के अनुमान पर):

अगर आपकी उम्र 25 साल है (35 साल बाकी): आपको हर महीने केवल ₹1,200 से ₹1,500 की SIP से शुरुआत करनी होगी।

अगर आपकी उम्र 35 साल है (25 साल बाकी): आपको हर महीने लगभग ₹4,500 से ₹5,000 की SIP करनी होगी।

अगर आपकी उम्र 45 साल है (15 साल बाकी): आपको हर महीने लगभग ₹16,000 से ₹18,000 की SIP करनी होगी।

रिटायरमेंट के बाद ₹25,000 पेंशन पाने के विकल्प

सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP): म्यूचुअल फंड के बैलेंस/हाइब्रिड फंड में अपनी एकमुश्त राशि जमा करके आप हर महीने निश्चित ₹25,000 निकाल सकते हैं, जबकि बचा हुआ पैसा फंड में ग्रो करता रहता है।

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS): एनपीएस मैच्योरिटी पर 40% राशि से एन्युटी प्लान खरीदकर आप आजीवन हर महीने निश्चित पेंशन हासिल कर सकते हैं।

सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS): 60 साल की उम्र के बाद सरकार की इस स्कीम में एकमुश्त निवेश कर सुरक्षित तिमाही ब्याज के रूप में पेंशन पा सकते हैं।

कुल मिलाकर रिटायरमेंट प्लानिंग में देरी करना सबसे महंगा पड़ता है। आप जितनी कम उम्र में निवेश शुरू करेंगे, कम्पाउंडिंग के जादू से उतना ही कम मासिक निवेश करके बड़ा रिटायरमेंट फंड आसानी से बना पाएंगे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SIP Step-Up Magic: हर साल ₹1,000 की मामूली बढ़ोतरी से बनेगा ₹1.18 करोड़ का एक्स्ट्रा फंड! जानिए स्टेप-अप SIP का ये गणित

Step-Up SIP Returns Calculation: म्यूचुअल फंड में निवेश की शुरुआत तो बहुत से लोग करते हैं, लेकिन सालों-साल अपनी SIP की रकम को बढ़ाना भूल जाते हैं। अगर आप अपनी मासिक एसआईपी में हर साल सिर्फ ₹1,000 का स्टेप-अप करते हैं, तो 25 वर्षों में आपके पास फिक्स्ड एसआईपी के मुकाबले ₹1.18 करोड़ का अतिरिक्त फंड तैयार हो सकता है।

व्हाइटओक कैपिटल के एक ताजा विश्लेषण में यह सामने आया है कि कैसे आमदनी बढ़ने के साथ निवेश में की गई छोटी-सी सालाना बढ़ोतरी लंबी अवधि में आपकी वेल्थ को कई गुना बढ़ा सकती है।

फिक्स्ड SIP बनाम स्टेप-अप SIP: जानिए आंकड़ों का खेल

अगर आप हर महीने ₹10,000 की फिक्स्ड एसआईपी करते हैं और उसमें कभी बदलाव नहीं करते, तो 25 साल बाद आपका फंड और रिटर्न इस प्रकार होगा:

फिक्स्ड ₹10,000 SIP: 25 साल में आपकी जेब से कुल ₹30 लाख का निवेश होगा, जो बढ़कर लगभग ₹2.30 करोड़ हो जाएगा।

₹1,000 टॉप-अप SIP: अगर आप ₹10,000 से शुरुआत कर हर साल ₹1,000 बढ़ाते हैं, तो कुल निवेश ₹66 लाख होगा, लेकिन आपका फाइनल फंड बढ़कर ₹3.49 करोड़ पहुंच जाएगा।

नेट फायदा: मात्र ₹1,000 की सालाना बढ़ोतरी से आपको ₹1.18 करोड़ का अतिरिक्त रिटर्न मिलेगा।

कैसे काम करता है ₹1,000 सालाना टॉप-अप?

इस फॉर्मूले में आपको एक बार में कोई बड़ा निवेश नहीं करना होता, बल्कि अपनी बढ़ती सैलरी के साथ इसे थोड़ा-थोड़ा बढ़ाना होता है:

  • पहले साल: ₹10,000 हर महीने
  • दूसरे साल: ₹11,000 हर महीने
  • तीसरे साल: ₹12,000 हर महीने
  • 25वें साल तक: आपकी मासिक SIP ₹34,000 हो जाएगी।

शुरुआत में कम, लेकिन आखिरी सालों में दिखता है कंपाउंडिंग का असली जादू

स्टेप-अप एसआईपी का असली फायदा समय बीतने के साथ तेजी से सामने आता है. आइए देखें कि फिक्स्ड और टॉप-अप SIP का अंतर सालों के साथ कैसे चौड़ा होता जाता है:

  • 5 साल बाद: दोनों के बीच अंतर केवल ₹1.25 लाख होता है।
  • 10 साल बाद: अतिरिक्त वेल्थ बढ़कर ₹7.38 लाख हो जाती है।
  • 15 साल बाद: फायदा बढ़कर ₹22.59 लाख पहुंच जाता है।
  • 20 साल बाद: अंतर ₹53.47 लाख तक पहुंच जाता है।
  • 25 साल बाद: यह अंतर ₹1 करोड़ का आंकड़ा पार करते हुए ₹1.18 करोड़ हो जाता है।

दिलचस्प बात यह है कि निवेशक ने 25 साल में कुल एक्स्ट्रा ₹36 लाख ही जमा किए, लेकिन उसे फाइनल वेल्थ में ₹1.18 करोड़ का फायदा मिला। यानी अतिरिक्त मिले ₹1.18 करोड़ में से ₹82.48 लाख सिर्फ और सिर्फ चक्रवृद्धि ब्याज से आए हैं।

टॉप-अप SIP का XIRR थोड़ा कम क्यों दिखता है?

अक्सर निवेशक यह देखकर हैरान हो जाते हैं कि टॉप-अप SIP का XIRR (13.34%) फिक्स्ड SIP (13.81%) से थोड़ा कम दिखता है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि रिटर्न कम मिल रहा है। टॉप-अप एसआईपी में आपकी बड़ी रकम निवेश के आखिरी सालों में जमा होती है, जिससे उस अतिरिक्त रकम को कंपाउंड होने के लिए समय कम मिलता है। लेकिन क्योंकि आपका कुल निवेश किया गया मूलधन काफी बड़ा होता है, इसलिए अंत में मिलने वाला फंड काफी बड़ा हो जाता है।

इन्वेस्टर्स के लिए टेक-अवे

जैसे-जैसे हमारी आमदनी और महंगाई बढ़ती है, हमारे खर्चे तो बढ़ जाते हैं लेकिन हम SIP बढ़ाना भूल जाते हैं। ‘स्टेप-अप एसआईपी’ आपके निवेश को आपकी इनकम के साथ ऑटोमेटिकली सिंक कर देता है। अगर आप भी अपनी संपत्ति तेजी से बनाना चाहते हैं, तो आज ही अपनी चालू SIP में सालाना स्टेप-अप का विकल्प जरूर चुनें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dividend Stock: हर शेयर पर मिलेगा ₹60 का डिविडेंड, 24 अगस्त से पहले बनना होगा शेयरहोल्डर

पर्सनल केयर सेक्टर की कंपनी जिलेट इंडिया लिमिटेड के शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हर शेयर पर 60 रुपये का फाइनल डिविडेंड मिलने वाला है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 24 अगस्त है। इस तारीख तक जिन शेयरधारकों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

Gillette India का मालिकाना हक अमेरिका की मल्टीनेशनल कंपनी प्रॉक्टर एंड गैंबल (P&G) के पास है। फाइनल डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। इस डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी 31 अगस्त को कंपनी की सालाना आम ​बैठक में ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर पेमेंट 30 सितंबर 2026 तक कर दिया जाएगा।

इससे पहले जिलेट इंडिया वित्त वर्ष 2026 के लिए 120 रुपये का अंतरिम और 60 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड दे चुकी है। वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी ने 65 रुपये का अंतरिम और 47 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दिया था। जिलेट इंडिया साल 2001 से डिविडेंड दे रही है।

Gillette India का शेयर एक साल में 28 प्रतिशत कमजोर

कंपनी के शेयर की वर्तमान कीमत BSE पर 7678.85 रुपये है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। कीमत एक साल में 28 प्रतिशत नीचे आई है। कंपनी का मार्केट कैप 25000 करोड़ रुपये से ज्यादा है।जिलेट इंडिया में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 75 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 10,799.95 रुपये और एडजस्टेड लो 7,236.20 रुपये है।

NMDC ने आयरन ओर की कीमतों में किया बदलाव, सोमवार को शेयर पर रहेगी नजर

कंपनी की वित्तीय सेहत

​जिलेट इंडिया का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में मुनाफा सालाना आधार पर 9.44 प्रतिशत बढ़कर 159.45 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 145.69 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से रेवेन्यू लगभग 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 783.02 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 706.72 करोड़ रुपये था। खर्च 574.22 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 517.97 करोड़ रुपये के थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

99.9% निवेशक यहां करते हैं गलती! 2 करोड़ से 10 करोड़ का सफर कैसे होगा आसान, जानें एक्सपर्ट की रणनीति

हर निवेशक चाहता है कि उसका पैसा समय के साथ तेजी से बढ़े। आम धारणा है कि नियमित निवेश करते रहें, बाजार में टिके रहें और कंपाउंडिंग को अपना काम करने दें। लेकिन जैसे-जैसे पोर्टफोलियो बड़ा होता है, कहानी बदलने लगती है। फाइनेंशियल एडवाइजर कपिल जैन ने 45 साल के एक ऐसे निवेशक का उदाहरण दिया, जिसके पास 2 करोड़ रुपये हैं और वह 10 साल में इसे 10 करोड़ करना चाहता है। उनके मुताबिक, लक्ष्य हासिल करना संभव है, लेकिन रास्ते में निवेश की रणनीति बदलना बेहद जरूरी है।

शुरुआत में SIP बनाती है रफ्तार

जैन के अनुसार, शुरुआती दौर में नियमित निवेश और बाजार की ग्रोथ से पोर्टफोलियो तेजी से बढ़ सकता है। लेकिन जब रकम करोड़ों में पहुंचने लगती है, तब बाजार की छोटी गिरावट भी बड़ा नुकसान दिखाने लगती है। यही वजह है कि शुरुआत में काम करने वाली रणनीति को पूरी यात्रा में जारी रखना समझदारी नहीं हो सकती।

5 करोड़ पर 25% गिरावट का मतलब?

मान लीजिए पोर्टफोलियो 5 करोड़ रुपये का है और बाजार 25 फीसदी गिर जाता है। रकम के हिसाब से करीब 1.25 करोड़ रुपये की गिरावट आ सकती है। यानी अब नुकसान की भरपाई सिर्फ कुछ महीनों की SIP से नहीं होगी। बड़े कॉर्पस के साथ बाजार का हर उतार-चढ़ाव ज्यादा बड़ा असर डालता है।

10 करोड़ के करीब पहुंचते ही असली चुनौती

अगर पोर्टफोलियो 10 करोड़ रुपये तक पहुंच गया और बाजार 25 फीसदी गिरा, तो करीब 2.5 करोड़ रुपये की वैल्यू कम हो सकती है। इसीलिए जैन का कहना है कि बड़े पोर्टफोलियो के साथ सिर्फ रिटर्न के पीछे भागना सही रणनीति नहीं है। इस चरण में कमाए हुए पैसे को बचाना भी उतना ही जरूरी है।

‘एक ही रणनीति हमेशा काम नहीं करती’

कपिल जैन के मुताबिक निवेशक अक्सर सबसे बड़ी गलती यही करते हैं कि पोर्टफोलियो छोटा हो या बड़ा, रणनीति वही रखते हैं। उनका सुझाव है कि समय-समय पर पोर्टफोलियो की समीक्षा, रीबैलेंसिंग और सही एसेट एलोकेशन पर ध्यान देना चाहिए। आखिरकार, 2 करोड़ से 10 करोड़ तक पहुंचना सिर्फ कंपाउंडिंग का खेल नहीं है; जैसे-जैसे पैसा बढ़ता है, उसे संभालने का तरीका भी बदलना पड़ता है।

Dog Surgery Viral Video: 26 साल के करोड़पति ने ‘कुत्ता’ बनने के लिए उड़ाए 220 करोड़? वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल

Ardee Industries IPO 139 गुना सब्सक्राइब हुआ, अब 12 अगस्त को लिस्टिंग पर मुनाफा होगा या घाटा?

मेनबोर्ड सेंगमेंट में आरडी इंडस्ट्रीज का ₹425.87 करोड़ का IPO 138.83 गुना के बंपर सब्स​क्रिप्शन के साथ बंद हो चुका है। अब 10 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल होने और 12 अगस्त को कंपनी की NSE और BSE पर लिस्टिंग का इंतजार है। शेयरों के अच्छी बढ़त में शुरुआत करने का संकेत है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 28.30 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। हालांकि ऐसा जरूरी नहीं कि ग्रे मार्केट से मिलने वाले संकेत हर बार सच हो जाएं।

आरडी इंडस्ट्रीज का मुख्य फोकस इस्तेमाल के बाद बेकार हो चुके एनर्जी स्टोरेज प्रोडक्ट्स और नॉन-फेरस स्क्रैप की टिकाऊ रिकवरी और रीसाइक्लिंग पर है। कंपनी की प्रोडक्ट रेंज में हाई-प्योरिटी लेड (सीसा) और खास तरह के लेड अलॉय शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर लेड कैल्शियम, लेड सिल्वर, लेड टिन, लेड एंटीमनी, लेड कैडमियम अलॉय। इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल एनर्जी स्टोरेज, ई-मोबिलिटी, ऑटोमोटिव और केमिकल जैसे अहम सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर किया जाता है। कंपनी एक्सपोर्ट भी करती है।

IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 202.26 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 266.75 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 47.77 गुना भरा। IPO में ₹320 करोड़ के 6.04 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से ₹105.87 करोड़ के 2 करोड़ शेयरों को OFS (ऑफर फॉर सेल) के तहत बिक्री के लिए रखा गया। Ardee Industries IPO के लिए प्राइस बैंड ₹50-₹53 प्रति शेयर रहा। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹127.76 करोड़ जुटाए।

Ardee Industries की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 57 प्रतिशत बढ़कर ₹1,168.88 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹743.53 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 155 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹84.68 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹33.27 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 के दौरान आरडी इंडस्ट्रीज पर ₹182.75 करोड़ की उधारी थी।

Dhoot Transmission IPO: एंकर इनवेस्टर्स से मिले ₹918 करोड़, 10 अगस्त से खुलेगा इश्यू; ग्रे मार्केट में अभी से भागा शेयर

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

आरडी इंडस्ट्रीज का इरादा IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज को पूरी तरह या कुछ हद तक चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करने का है। इस IPO के लिए रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SIP अमाउंट हर साल सिर्फ 1000 रुपये बढ़ाने से पैसा अतिरिक्त 1.18 करोड़ रुपये बढ़ जाता है, यहां समझें पूरा कैलकुलेशन

सिर्फ 1000 रुपये के निवेश से क्या हो जाएगा? क्या आप भी ऐसा सोचते हैं? अगर हां तो यह रिपोर्ट आपके लिए है। अगर आप अपने सिप अमाउंट को हर साल 1,000 रुपये बढ़ाते हैं तो बहुत बड़ा फर्क पड़ता है। मंथली सिप को हर साल सिर्फ 1,000 रुपये बढ़ाने से 25 साल में आप अतिरिक्त 1.18 करोड़ रुपये जुटा सकते हैं।

हर साल सिप अमाउंट को थोड़ा बढ़ाना मुश्किल नहीं 

कई लोग सिप के अमाउंट को बढ़ाते नहीं हैं। कई सालों तक वे सिप के जरिए एक ही अमाउंट का निवेश करते रहते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सिप के अमाउंट को हर साल बढ़ाया जाए तो लंबी अवधि में बहुत बड़ा फर्क दिख सकता है। आपका पैसा अनुमान के मुकाबले काफी ज्यादा बढ़ता है। हर साल सिप अमाउंट को थोड़ा बढ़ाना मुश्किल नहीं है।

सिर्फ 1000 रुपये सिप अमाउंट बढ़ाने से बड़ा फर्क

व्हाइटओक कैपिटल ने एक दिलचस्प एनालिसिस पेश किया है। इसमें बताया गया है कि हर साल सिप अमाउंट सिर्फ 1,000 रुपये बढ़ाने से लंबी अवधि में बहुत बड़ा फंड तैयार होता है। इसमें कंपाउंडिंग के पावर का बड़ा हाथ है। जो इनवेस्टर्स पावर ऑफ कंपाउंडिंग को समझते हैं, उनके लिए इसे समझना आसान होता है।

25 साल में अतिरिक्त 1.18 करोड़ का फंड तैयार

इसे एक उदाहरण की मदद से समझा जा सकता है। अगर आप हर महीने 10,000 रुपये के सिप से निवेश करते हैं 25 साल में आपका पैसा बढ़कर 2.30 करोड़ रुपये हो जाता है। अगर आप सिप अमाउंट को हर साल 1,000 रुपये बढ़ाते हैं तो 25 साल में आपका पैसा बढ़कर 3.49 करोड़ रुपये हो जाता है। इसका मतलब है कि सिप अमाउंट को सिर्फ 1,000 रुपये बढ़ाने से आपका पैसा अतिरिक्त 1.18 करोड़ रुपये बढ़ जाता है।

ऐसे आसानी से समझें यहां पूरा कैलकुलेशन 

इस उदाहरण में आप मंथली 10,000 रुपये के SIP से निवेश शुरू करते हैं। हर साल आप सिप अमाउंट को 1,000 रुपये बढ़ा देते हैं। इसका मतलब है कि पहले साल आप हर महीने 10,000 रुपये इनवेस्ट करते हैं। दूसरे साल आप हर महीने 11,000 रुपये इनवेस्ट करते हैं। तीसरे साल आप हर महीने 12,000 रुपये इनवेस्ट करते हैं। इस तरह आपका सिप अमाउंट हर साल बढ़ता रहता है। 25वें साल यह बढ़कर 34,000 रुपये हो जाता है।

top up sip calculator

ऐसे तेजी से बढ़ने लगता है आपका पैसा

कुछ साल बाद आपका पैसा तेजी से बढ़ने लगता है। पांच साल बाद दोनों स्ट्रेटेजी यानी फिक्स्ड सिप अमाउंट और बढ़ता सिप अमाउंट से निवेश के बीच का फर्क सिर्फ 1.25 लाख रुपये रहता है। उसके बाद यह फर्क तेजी से बढ़ता है। 10 साल में अतिरिक्त पैसा बढ़कर 7.38 लाख रुपये हो जाता है। 15 साल में यह 22.59 लाख रुपये हो जाता है। 20 साल बाद यह 53.47 लाख रुपये हो जाता है। 25 साल बाद यह फर्क 1.18 करोड़ रुपये हो जाता है।

हर साल सिप अमाउंट बढ़ाने की सलाह दे रहे एक्सपर्ट्स

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पहले इनवेस्टर्स को वे सिप से हर महीने अनुशासित तरीके से निवेश करने की सलाह देते थे। वे अब निवेशकों को हर साल सिप अमाउंट बढ़ाने की सलाह देते हैं। नौकरी करने वाले लोगों के लिए हर साल सिप अमाउंट बढ़ाना आसान होता है। दूसरे लोग भी कोशिश करने पर सिप अमाउंट हर साल बढ़ा सकते हैं। हर साल सिप अमाउंट 1,000 रुपये बढ़ाना मुश्किल नहीं है।

Dhoot Transmission IPO: एंकर इनवेस्टर्स से मिले ₹918 करोड़, 10 अगस्त से खुलेगा इश्यू; ग्रे मार्केट में अभी से भागा शेयर

धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड का ₹3,066.89 करोड़ का IPO 10 अगस्त को खुलने जा रहा है। इससे पहले एंकर बुक में कंपनी ने ₹918.3 करोड़ जुटाए हैं। BSE की वेबसाइट पर अपलोड किए गए एक सर्कुलर के अनुसार, कंपनी ने 72 एंकर इनवेस्टर्स को ₹871 प्रति शेयर के भाव पर 1.05 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयर अलॉट किए। घरेलू म्यूचुअल फंड्स का हिस्सा सबसे बड़ा रहा। 12 फंड हाउसेज ने 46 स्कीमों के जरिए निवेश किया। उन्हें 64.59 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए गए।

एंकर बुक में कई घरेलू और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स ने हिस्सा लिया। इनमें SBI म्यूचुअल फंड (MF), ICICI प्रूडेंशियल MF, HDFC MF, ICICI प्रूडेंशियल AMC, निप्पॉन इंडिया MF, फ्रैंकलिन टेंप्लेटन, टाटा MF, इनवेस्को MF, HSBC MF, PGIM इंडिया MF, सुंदरम MF, व्हाइटओक, अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी, ब्लैकरॉक, एक्सिस MF, मिरे एसेट, अमंडी फंड्स, आलियांज ग्लोबल इनवेस्टर्स, गवर्नमेंट पेंशन फंड, SBI लाइफ इंश्योरेंस, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, बजाज आलियांस लाइफ इंश्योरेंस, HDFC लाइफ इंश्योरेंस और एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस जैसे नाम शामिल हैं।

धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड भारत की प्रमुख इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स (E&E) कंपनियों में से एक है। यह कंपनी ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव इस्तेमाल के लिए वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई का काम करती है। कंपनी के पास कई तरह के प्रोडक्ट्स हैं, जिनमें वायरिंग हार्नेस, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर, ऑटोमोटिव स्विच, बैटरी पैक, टर्मिनल, कनेक्टर, केबल और पावर सप्लाई कॉर्ड शामिल हैं। ये प्रोडक्ट्स इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) दोनों तरह के प्लेटफॉर्म के लिए उपलब्ध हैं। कंपनी के प्रोडक्ट टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, कमर्शियल व्हीकल, ऑफ-रोड व्हीकल, अर्थ मूवर, खेती के उपकरण, मेडिकल डिवाइस और घरेलू उपकरणों के लिए इस्तेमाल होते हैं।

IPO में ₹1,400 करोड़ के नए शेयर

धूत ट्रांसमिशन के IPO में ₹1,400 करोड़ के 1.61 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹1,666.89 करोड़ के 1.91 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में प्रमोटर्स- BC एशिया इनवेस्टमेंट्स XV लिमिटेड और मंगलम कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। BC एशिया इनवेस्टमेंट्स XV लिमिटेड, प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल की एक एंटिटी है। प्राइस बैंड ₹829-₹871 प्रति शेयर और लॉट साइज 17 शेयर है। IPO के 12 अगस्त को बंद होने के बाद अलॉटमेंट 13 अगस्त को फाइनल होगा। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

IPOs This Week: 10 अगस्त से शुरू हफ्ते में Milky Mist, Shiprocket समेत 8 नए इश्यू, 8 कंपनियां होंगी लिस्ट

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी अपने IPO में नए शेयर जारी कर जुटाई गई राशि का इस्तेमाल अपना और अपनी सब्सिडियरी कंपनियों का कर्ज चुकाने, हरियाणा के झज्जर और तमिलनाडु के होसुर में वायरिंग हार्नेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने, पहले से न पता अधिग्रहणों और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च करेगी। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। ग्रे मार्केट में धूत ट्रांसमिशन का शेयर अभी से 28.36 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

Dhoot Transmission की वित्तीय सेहत

धूत ट्रांसमिशन का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 31 प्रतिशत बढ़कर ₹4,563.70 करोड़ हो गया। एक साल पहले रेवेन्यू ₹3,472.24 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹396.84 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹353.89 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर ₹841.39 करोड़ की उधारी थी। इस IPO के​ लिए एक्सिस कैपिटल, जेफरीज इंडिया, कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया), SBI कैपिटल मार्केट्स और 360 ONE WAM बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bonus Share: हर 2 शेयरों पर 1 नया शेयर मिलेगा फ्री, 20 अगस्त रिकॉर्ड डेट

वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनी ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स बोनस शेयर देने जा रही है। कंपनी के शेयरहोल्डर्स को उनके पास मौजूद हर 2 शेयरों पर 1 नया शेयर बोनस के तौर पर मिलेगा। रिकॉर्ड डेट 20 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे बोनस शेयर के हकदार होंगे। कंपनी पहली बार बोनस शेयर देगी।

शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी 51,99,637 तक फुली पेड अप बोनस इक्विटी शेयर बांटने वाली है। इनके अलॉटमेंट की तारीख 21 अगस्त है। इनमें ट्रेडिंग 24 अगस्त से की जा सकेगी। कंपनी अक्टूबर 2023 में BSE SME पर लिस्ट हुई थी। इसका IPO 50 करोड़ रुपये का रहा था।

ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट (कचरा प्रबंधन) समाधान देती है। इसके बिजनेस वर्टिकल में बिल्ड ओन ऑपरेट ट्रांसफर (BOOT) मॉडल, EPC मॉडल और मुख्य उपकरणों की सप्लाई शामिल है। कंपनी वेस्ट मैनेजमेंट में EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) सेवाएं, कमीशनिंग सेवाएं, वेस्ट मैनेजमेंट सेक्टर में कंसल्टिंग और एडवाइजरी सेवाएं; वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग, निर्माण और मैनेजमेंट; लेबोरेटरी सेवाएं और अन्य सेवाएं देती है।

Organic Recycling का शेयर एक साल में 12 प्रतिशत कमजोर

ऑर्गेनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम्स के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 241.05 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 15.07 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का शेयर एक साल में 12 प्रतिशत नीचे आया है। शेयर की BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 315 रुपये और एडजस्टेड लो 206 रुपये है।

SBI Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 10% बढ़ा, NII में 15% का इजाफा; NPA घटा

कंपनी की वित्तीय सेहत

कंपनी का जनवरी-मार्च 2026 ​तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 31 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 2.34 करोड़ रुपये और प्रति शेयर कमाई 2.70 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 43.76 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 4 करोड़ रुपये और प्रति शेयर कमाई 4.65 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPOs This Week: 10 अगस्त से शुरू हफ्ते में Milky Mist, Shiprocket समेत 8 नए इश्यू, 8 कंपनियां होंगी लिस्ट

10 अगस्त से शुरू हो रहा हफ्ता IPO के लिहाज से काफी अच्छा रहने वाला है। 8 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 5 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 4 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से 2 मेनबोर्ड हैं। जहां तक नई लिस्ट होने जा रही कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 8 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

Dhoot Transmission IPO: ₹3,066.89 करोड़ का इश्यू 10 अगस्त को खुलने जा रहा है। इसमें 12 अगस्त तक ₹829-₹871 प्रति शेयर के भाव पर 17 शेयरों के लॉट में निवेश कर सकते हैं। इश्यू बंद होने के बाद कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 17 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Molbio Diagnostics IPO: यह 10 अगस्त को खुलेगा और 12 अगस्त को बंद होगा। कंपनी ₹939.70 करोड़ जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड ₹768-₹807 प्रति शेयर है। लॉट साइज 18 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 17 अगस्त को होने वाली है।

Milky Mist Dairy Food IPO: कंपनी ₹1,553 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO 11 अगस्त को खुलने वाला है। इसमें ₹133-₹140 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 107 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। IPO 13 अगस्त को बंद होगा। उसके बाद कंपनी NSE और BSE पर 18 अगस्त को लिस्ट हो सकती है।

Sham Foam IPO: यह 11 अगस्त को खुल रहा है। साइज ₹40.48 करोड़ है। फाइनल इश्यू प्राइस ₹130 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,000 शेयर है। IPO की क्लोजिंग 13 अगस्त को होगी। उसके बाद कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 18 अगस्त को होने की उम्मीद है।

Fascinate Textiles IPO: ₹66.98 करोड़ का इश्यू 11 अगस्त को खुलेगा और 13 अगस्त को बंद होगा। बोली ₹148-₹156 प्रति शेयर के भाव पर लगा सकते हैं। लॉट साइज 800 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 18 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

Behari Lal Engineering IPO: ₹302 करोड़ का पब्लिक इश्यू 12 अगस्त को खुलेगा। प्राइस बैंड ₹271-₹285 प्रति शेयर है। लॉट साइज 52 शेयर है। IPO में 14 अगस्त तक बोली लगाई जा सकेगी। कंपनी के NSE और BSE पर 19 अगस्त को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Pramodini Medicare IPO: कंपनी का इरादा ₹69.04 करोड़ जुटाने का है। इश्यू 12 अगस्त को खुलेगा और 14 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹110-₹118 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 19 अगस्त को लिस्ट होने वाले हैं।

Shiprocket IPO: ₹1,617.48 करोड़ का इश्यू भी 12 अगस्त को ओपन होगा। बोली लगाने के लिए 14 अगस्त तक मौका रहेगा। प्राइस बैंड ₹92-₹97 प्रति शेयर और लॉट साइज 154 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 19 अगस्त को शुरुआत कर सकते हैं।

पहले से खुले IPO

LAPL Automotive IPO: ₹32.40 करोड़ का इश्यू 6 अगस्त को खुला था और 10 अगस्त को बंद होगा। यह अभी तक 31.41 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹88-₹94 प्रति शेयर और लॉट साइज 1200 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 13 अगस्त को होगी।

LEAP India IPO: इसका साइज ₹2,480 करोड़ है। यह 7 अगस्त को खुला था। अभी तक 28 प्रतिशत भरा है। इसमें 11 अगस्त तक ₹151-₹159 प्रति शेयर के भाव पर और 94 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 14 अगस्त को लिस्ट हो सकते हैं।

Technocraft Ventures IPO: इस इश्यू की ओपनिंग भी 7 अगस्त को हुई थी और क्लोजिंग 11 अगस्त को होगी। कंपनी ₹251.88 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू अभी तक 2.59 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹200-₹212 प्रति शेयर और लॉट साइज 70 शेयर है। शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 14 अगस्त को होने वाली है।

Optimystix Entertainment IPO: यह 7 अगस्त को खुला था और 11 अगस्त को बंद होगा। कंपनी 107.88 करोड़ रुपये तक जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड 165-174 रुपये प्रति शेयर है। इस पब्लिक इश्यू को अभी तक 73 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। IPO बंद होने के बाद कंपनी की लिस्टिंग NSE SME पर 14 अगस्त को होने की उम्मीद है।

AGS Health IPO: ₹4800 करोड़ के इश्यू के लिए अपडेटेड ड्राफ्ट जमा, रहेंगे ₹1800 करोड़ के नए शेयर

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 10 अगस्त को NSE SME पर Anawil Wire & Engineering के शेयर लिस्ट हो सकते हैं। 11 अगस्त को BSE SME पर Aegeus Technologies की लिस्टिंग होने वाली है। 12 अगस्त को NSE और BSE पर Ardee Industries के शेयर अपनी शुरुआत कर सकते हैं। इसी दिन BSE SME पर G.V. Electricals की लिस्टिंग हो सकती है। 13 अगस्त को BSE SME पर LAPL Automotive के लिस्ट होने की उम्मीद है। 14 अगस्त को NSE और BSE पर LEAP India और Technocraft Ventures लिस्ट होने वाली हैं। इसी दिन NSE SME पर Optimystix Entertainment के शेयर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।