भोपाल में आवासीय इलाकों में कमर्शियल एक्टिविटी पर सीलिंग की कार्रवाई, 10 नंबर व्यापारी संघ ने जताया विरोध, निगम की कार्रवाई पर उठे सवाल

भोपाल में आवासीय इलाकों में कमर्शियल एक्टिविटी पर सीलिंग की कार्रवाई, 10 नंबर व्यापारी संघ ने जताया विरोध, निगम की कार्रवाई पर उठे सवाल

भोपाल। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आखिरकार भोपाल नगर निगम ने शहर के आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित हो रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ सीलिंग की  कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को निगम की टीम ने अरेरा कॉलोनी के ई-3 क्षेत्र सहित सर्वधर्म बी सेक्टर और रचना नगर में पहुंचकर होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान रचना नगर स्थित एक होटल को बंद कराने के साथ जूंबा डांस हाउस को सील किया गया। निगम के अफसर करीब 17 व्यावसायिक संस्थानों की सूची लेकर निकली और एक के बाद एक सीलिंग की कार्रवाई की। 

 

नगर निगम की टीम अरेरा कॉलोनी ई-3 पहुंची और यहां आवासीय क्षेत्र में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों की जांच की। निगम अधिकारियों के अनुसार नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद निगम की टीम सर्वधर्म बी सेक्टर भी पहुंची, जहां कमर्शियल गतिविधियों को लेकर कार्रवाई की गई। निगम की कार्रवाई से क्षेत्र के व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति रही।

 

नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद अब व्यापारी संघ ने कार्रवाई के तरीके को लेकर सवाल खड़े किए हैं। शहर से सबसे पॉश इलाके में जब नगर निगम के दल ने छोटे व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरु की तो दुकानदारों ने हंगामा शुरु कर दिया। दुकानदारों का आऱोप है कि नगर निगम केवल छोटे दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, बड़े प्रतिष्ठानों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। 

 

निगम की कार्रवाई शुरू होते ही व्यापारी संगठनों ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। व्यापारियों का आरोप है कि निगम की कार्रवाई मुख्य रूप से छोटे दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों तक सीमित दिखाई दे रही है, जबकि आवासीय क्षेत्रों में बड़े स्तर पर संचालित व्यावसायिक गतिविधियों और प्रभावशाली लोगों के प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

 

10 नंबर मार्केट व्यापारी संघ के अध्यक्ष आनंस सोनी ने निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के मास्टर प्लान नहीं लाने का खामियाजा आज व्यापारी भुगत रहे है। उन्होंने कहा कि सीलिंग की कार्रवाई से भोपाल का 90 प्रतिशत व्यापार बंद हो जाएगा। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द मास्टर प्लान लागू करने की मांग की। वहीं व्यापारियों को तत्काल राहत देने  के लिए मिक्स लैंड यूज व्यवस्था को लागू करने की मांग की। 

 

इसके साथ ही व्यापरियों ने कहा कि यदि आवासीय क्षेत्रों में कमर्शियल गतिविधियां नियम विरुद्ध हैं तो कार्रवाई सभी पर समान रूप से होनी चाहिए। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि छोटे दुकानदारों को सील कर देने से पहले निगम को पूरे क्षेत्र का सर्वे कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि किन-किन भवनों में नियमों का उल्लंघन कर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

व्यापारियों का यह भी आरोप है कि कार्रवाई में समानता नहीं दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि कई बड़े और रसूखदार लोगों के प्रतिष्ठान भी आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। कार्रवाई के दौरन निगम के अमले से जब 10 नंबर इलाके में संचालित शराब दुकान और अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई न करने को लेकर सवाल उठाया गया तो अधिकारी बिना कुछ जवाब दिए वहां से निकल गए।

 

 

PPF Calculator: PPF में मंथली निवेश करें या साल में एकमुश्त, किसमें ज्यादा फायदा है? समझिए पूरा कैलकुलेशन

PPF Calculator: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में निवेश करने वालों के सामने अक्सर यह सवाल आता है कि हर महीने पैसा जमा करना बेहतर है या पूरे साल का पैसा एक साथ जमा कर देना चाहिए। दोनों तरीकों में निवेश की रकम समान हो सकती है, लेकिन ब्याज में बड़ा अंतर आ सकता है।

मान लीजिए आप हर वित्त वर्ष PPF में ₹1.5 लाख निवेश करते हैं। आप चाहें तो ₹12,500 हर महीने जमा करें। दूसरा तरीका है कि पूरे ₹1.5 लाख साल की शुरुआत में ही PPF में डाल दें। लेकिन, दोनों का कैलकुलेशन आखिर में दिलचस्प तस्वीर दिखाता है।

₹1.5 लाख एकमुश्त या ₹12,500 मंथली?

यहां 15 साल का एक उदाहरण देखते हैं। कैलकुलेशन 7.1% सालाना ब्याज दर के आधार पर किया गया है। माना गया है कि PPF की ब्याज दर पूरे 15 साल इसी स्तर पर रहती है। साथ ही मंथली निवेश हर महीने की 5 तारीख से पहले किया गया है।

सालाना अनुमानित रिटर्न

₹2 लाख तक पहुंचने में समयकुल SIP निवेशअनुमानित फंड
12.00%13 साल 5 महीने₹80,500₹2,00,130
15.00%12 साल₹72,000₹2,01,792
18.00%10 साल 10 महीने₹65,000₹2,00,552

इस हिसाब से दोनों तरीकों में कुल निवेश ₹22.50 लाख ही है। लेकिन साल की शुरुआत में एकमुश्त ₹1.5 लाख जमा करने पर मैच्योरिटी पर करीब ₹1.24 लाख ज्यादा मिल सकते हैं।

एकमुश्त निवेश पर ज्यादा फायदा क्यों?

PPF में ब्याज का हिसाब हर महीने किया जाता है। किसी महीने में 5 तारीख के बाद से लेकर महीने के आखिर तक खाते में मौजूद सबसे कम बैलेंस को ब्याज के लिए माना जाता है।

अगर आप 1 अप्रैल से 5 अप्रैल के बीच पूरे ₹1.5 लाख जमा कर देते हैं, तो पूरी रकम को उस वित्त वर्ष के सभी 12 महीनों का ब्याज मिल सकता है। वहीं मंथली निवेश में पैसा धीरे-धीरे खाते में आता है।

इसका सीधा असर ब्याज पर पड़ता है। ₹1.5 लाख को अप्रैल की शुरुआत में जमा करने पर पहले साल करीब ₹10,650 का ब्याज मिल सकता है। वहीं हर महीने ₹12,500 जमा करने पर पहले साल ब्याज करीब ₹5,769 होगा। यानी सिर्फ पहले साल में ही करीब ₹4,881 का अंतर आ सकता है।

15 साल में कैसे बढ़ता जाता है अंतर?

पहले साल एकमुश्त निवेश पर जो अतिरिक्त ब्याज मिलता है, वह अगले साल से खुद भी ब्याज कमाने लगता है। यही कंपाउंडिंग का फायदा है।

हर साल अगर आप शुरुआत में एकमुश्त निवेश करते हैं, तो आपके पैसे को ज्यादा समय तक ब्याज मिलता है। 15 साल तक यही अंतर जुड़ता जाता है। इसलिए मैच्योरिटी पर करीब ₹1.24 लाख का फासला बन सकता है।

अगर एकमुश्त ₹1.5 लाख नहीं है तो?

हर किसी के पास वित्त वर्ष की शुरुआत में ₹1.5 लाख जमा करने के लिए बड़ी रकम नहीं होती। ऐसी स्थिति में मंथली निवेश बेहतर विकल्प हो सकता है। आप हर महीने ₹12,500 जमा कर सकते हैं और पूरे साल में ₹1.5 लाख का निवेश पूरा कर सकते हैं।

बस कोशिश करें कि PPF में जमा करने वाला पैसा हर महीने की 5 तारीख से पहले खाते में पहुंच जाए। 5 तारीख के बाद जमा करने पर उस महीने का पूरा ब्याज नहीं मिलेगा। इसलिए 1 से 5 तारीख के बीच निवेश करना बेहतर माना जाता है।

साल में एक बार पैसा कब जमा करें?

अगर आपके पास पूरे साल का निवेश पहले से तैयार है, तो नया वित्त वर्ष शुरू होते ही 1 अप्रैल से 5 अप्रैल के बीच पैसा जमा करना फायदेमंद हो सकता है। इससे रकम को पूरे साल ब्याज कमाने का मौका मिलता है।

लेकिन सिर्फ ज्यादा ब्याज के लिए अपनी इमरजेंसी सेविंग या जरूरी पैसा PPF में नहीं डालना चाहिए। PPF लंबी अवधि का निवेश है और इसमें पैसे निकालने के नियम भी लागू होते हैं।

PPF में कौन सा तरीका चुनें?

अगर आपके पास साल की शुरुआत में पूरी रकम है, तो एकमुश्त निवेश से ज्यादा ब्याज मिलने की संभावना होती है। वहीं सैलरी या नियमित आमदनी से निवेश करने वालों के लिए मंथली निवेश आसान है।

मंथली निवेश में एक और फायदा है। आपको एक बार में ₹1.5 लाख की व्यवस्था नहीं करनी पड़ती। हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा होता रहता है। इसलिए सबसे अच्छा तरीका वही है, जिसे आप लंबे समय तक आसानी से जारी रख सकें।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

HDFC Bank के नए CEO के सामने बड़ी चुनौती होगी, क्या नई लीडरशिप निवेशकों का भरोसा लौटा पाएगी?

HDFC Bank के MD और CEO शशिधर जगदीशन के पद छोड़ने के फैसले के बाद अब नए CEO की तलाश शुरू हो गई है। यह सिर्फ नेतृत्व में बदलाव नहीं है। बैंक के सामने निवेशकों का भरोसा लौटाने और गवर्नेंस से जुड़े सवालों को पीछे छोड़ने की भी बड़ी चुनौती है।

बैंक ने शनिवार को बताया कि शशिधर जगदीशन दोबारा नियुक्ति नहीं लेंगे। उनके पद छोड़ने का फैसला इसलिए भी अहम है, क्योंकि पिछले कई महीनों से उनके कार्यकाल को बढ़ाने की अटकलें चल रही थीं। उनका आखिरी वर्किंग डे 26 अक्टूबर होगा। अब बैंक का बोर्ड नए CEO की नियुक्ति के लिए RBI से मंजूरी मांगेगा। नया CEO बैंक के भीतर से भी हो सकता है और बाहर से भी।

2020 में संभाली थी बैंक की कमान

शशिधर जगदीशन HDFC Bank में करीब तीन दशक से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 2020 में आदित्य पुरी के बाद बैंक की कमान संभाली थी। आदित्य पुरी ने 20 साल से ज्यादा समय तक बैंक का नेतृत्व किया था।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, जगदीशन के कार्यकाल में बैंक की बैलेंस शीट तेजी से बढ़ी। उनके नेतृत्व में 2023 में HDFC Bank का देश की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी HDFC Ltd के साथ मर्जर भी हुआ। हालांकि, उनके कार्यकाल के आखिरी दौर में बैंक के नेतृत्व और गवर्नेंस को लेकर कई सवाल खड़े हुए।

IIFL Capital ने क्या कहा?

IIFL Capital के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रिकिन शाह का कहना है कि जगदीशन का दोबारा नियुक्ति नहीं लेना शेयर के लिए बनी बड़ी अनिश्चितता को खत्म कर सकता है। उनका मानना है कि अगर RBI छोटा कार्यकाल मंजूर करता, तो शेयर पर दबाव और लंबे समय तक बना रह सकता था।

शाह के मुताबिक, अगर बैंक किसी भरोसेमंद बाहरी उम्मीदवार को CEO बनाता है, तो इससे नेतृत्व में नया बदलाव देखने को मिल सकता है। नए CEO को बैंक का नेतृत्व करने के लिए लंबा समय भी मिल सकता है।

शेयर ने इंडेक्स से कमजोर प्रदर्शन किया

HDFC Bank भारत का सबसे मूल्यवान बैंक है। इसका मार्केट कैप करीब 116 अरब डॉलर है। इसके बावजूद इस साल बैंक का शेयर दबाव में रहा है।

इस साल शेयर में करीब 27% की गिरावट आई है। इसके मुकाबले Nifty Bank में सिर्फ 3.5% की गिरावट रही है। HDFC Bank का यह प्रदर्शन अपने बैंकिंग इंडेक्स और बड़े प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले काफी कमजोर रहा है। 2003 के बाद यह बैंक के शेयर का सबसे खराब रिलेटिव प्रदर्शन है।

गवर्नेंस को लेकर क्यों उठे सवाल?

पिछले कुछ समय में बैंक को कई विवादों का सामना करना पड़ा है। पिछले साल दुबई के स्थानीय रेगुलेटर ने प्रोसेस में खामियां मिलने के बाद HDFC Bank की दुबई ब्रांच को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था।

मार्च में बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अचानक इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने नैतिक मतभेदों का हवाला दिया था। बाद में उन्होंने कहा कि दुबई रेगुलेटर से जुड़े मुद्दों को बैंक ने जिस तरह संभाला, उससे उन्हें चिंता हुई थी। हालांकि, HDFC Bank ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। RBI ने भी सार्वजनिक तौर पर कहा है कि बैंक में गवर्नेंस से जुड़ी कोई समस्या नहीं है।

बड़े डिपॉजिट की प्राइसिंग पर कार्रवाई

बैंक पर सवाल तब और बढ़े, जब एक मीडिया रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि बैंक ने एक सरकारी कंपनी को ज्यादा ब्याज दिया। इसे कथित तौर पर मार्केटिंग खर्च के रूप में दिखाया गया।

जुलाई में बैंक के बोर्ड ने इस मामले में जगदीशन समेत तीन बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की। बोर्ड ने कहा कि डिपॉजिट रेट तय करने से जुड़े कुछ कर्मचारियों ने अपनी व्यावसायिक सीमा से आगे जाकर फैसले लिए थे।

बैंक के सामने अमेरिका में शेयरधारकों की संभावित कानूनी कार्रवाई का भी जोखिम है। निवेशकों ने मिस-सेलिंग के आरोप भी लगाए हैं। बैंक ने कहा है कि वह इन आरोपों का मजबूती से बचाव करेगा।

नए CEO का जल्दी चयन जरूरी

नए CEO की नियुक्ति में ज्यादा देरी बैंक के लिए नई अनिश्चितता पैदा कर सकती है। मार्च में चेयरमैन के इस्तीफे के बाद यह दबाव पहले ही बढ़ चुका है।

अब निवेशक यह देखेंगे कि नया CEO कौन बनता है। बाजार इस बात पर भी नजर रखेगा कि नेतृत्व परिवर्तन कितनी आसानी से होता है। नए CEO को निवेशकों को भरोसा दिलाना होगा कि बैंक की गवर्नेंस व्यवस्था मजबूत है और बैंक की ग्रोथ पर पूरा फोकस रहेगा।

HDFC Ltd के मर्जर की चुनौतियां

2023 में HDFC Ltd के साथ हुए मर्जर के बाद बैंक को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। मर्जर के बाद बैंक के पास लंबी अवधि वाले होम लोन का बड़ा पोर्टफोलियो आ गया। इससे बैंक की लिक्विडिटी और मार्जिन पर दबाव पड़ा है।

नए CEO के सामने इन चुनौतियों को संभालना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी। बैंक को मर्जर का पूरा फायदा निकालने के साथ अपनी ग्रोथ और मुनाफे में सुधार करना होगा।

बाजार के लिए क्यों अहम है HDFC Bank?

HDFC Bank की Nifty 50 में करीब 10% हिस्सेदारी है। इसलिए इस शेयर की बड़ी चाल का असर पूरे इंडेक्स पर पड़ सकता है। बैंक के शेयर में गिरावट ने हाल के समय में Nifty पर भी दबाव बनाया है।

Nifty 50 में इस साल करीब 7.5% की गिरावट आई है। इसके मुकाबले MSCI Asia Pacific Index करीब 22% चढ़ा है। ऐसे में HDFC Bank के शेयर का कमजोर प्रदर्शन भारतीय बाजार के लिए भी एक अहम मुद्दा बन गया है।

Enrich Money के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि बैंक की कमान कौन संभालता है। निवेशक नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया, नए CEO के आने के बाद बैंक की ग्रोथ और गवर्नेंस मानकों को भी करीब से देखेंगे। अब नया नेतृत्व ही तय करेगा कि HDFC Bank आगे कितनी जल्दी निवेशकों का भरोसा वापस जीत पाता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE IPO Update: NSE के आईपीओ से पहले SBI का बड़ा ऐलान! ₹30000 करोड़ के मेगा इश्यू में बेचेगा अपनी हिस्सेदारी

SBI to Dilute Stake in NSE IPO: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और उसकी सब्सिडियरी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स मिलकर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रस्तावित ₹30,000 करोड़ के आईपीओ में अपनी 1% तक हिस्सेदारी बेचने जा रहे हैं।

इस बात की पुष्टि खुद एसबीआई के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने की है। इसके साथ ही उन्होंने बैंक के होम लोन पोर्टफोलियो और हालिया एसबीआई म्यूचुअल फंड आईपीओ को लेकर भी कई अहम जानकारियां साझा की हैं।

NSE IPO में SBI ग्रुप कितना बेचेगा हिस्सा?

एसबीआई चेयरमैन सी एस शेट्टी ने एक इंटरव्यू में बताया कि बैंक और उसकी सहयोगी कंपनी मिलकर एनएसई के आईपीओ (OFS के जरिए) में हिस्सा बेचेंगे। एसबीआई मुख्य रूप से एनएसई में अपनी 0.65% हिस्सेदारी बेचेगा। एसबीआई कैपिटल मार्केट्स अपनी 0.35% हिस्सेदारी बेचेगा। इस तरह एसबीआई ग्रुप मिलकर कुल 1% हिस्सेदारी कैश करेगा। अन्य शेयरधारकों के शामिल होने के आधार पर यह आंकड़ा थोड़ा कम भी हो सकता है।

वर्तमान में कितनी है हिस्सेदारी?

मौजूदा समय में एनएसई में SBI की 3.23% और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स की 4.33% हिस्सेदारी है। चेयरमैन ने साफ किया कि फिलहाल बैंक की किसी अन्य सब्सिडियरी कंपनी के मोनेटाइजेशन या आईपीओ की तत्काल कोई योजना नहीं है।

सुपरहिट रहा था SBI Mutual Fund का IPO

हाल ही में एसबीआई ने अपने विदेशी पार्टनर ‘अमुंडी’ के साथ मिलकर एसबीआई म्यूचुअल फंड में लगभग 10% हिस्सेदारी बेची थी। ₹9,800 करोड़ का यह पब्लिक ऑफर निवेशकों के बीच बेहद सुपरहिट रहा और इसे 42 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।लिस्टिंग के बाद एसबीआई की हिस्सेदारी 61.76% से घटकर 55.46% रह गई, जबकि अमुंडी की हिस्सेदारी 3.7% घटकर 32.56% पर आ गई।

होम लोन पोर्टफोलियो ₹10 लाख करोड़ पार करने की तैयारी में

हाउसिंग फाइनेंस सेगमेंट में एसबीआई की बादशाहत कायम है। बैंक जल्द ही एक बड़ा नया रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। चालू तिमाही में एसबीआई का होम लोन पोर्टफोलियो ₹10 लाख करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर जाएगा। बीते वित्त वर्ष में बैंक ने ₹9 लाख करोड़ का आंकड़ा पार किया था। होम लोन सेगमेंट में एसबीआई की बाजार हिस्सेदारी लगभग 28% है। देशभर में बैंक के 460 से ज्यादा होम लोन प्रोसेसिंग सेंटर्स काम कर रहे हैं, जो ग्राहकों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाते हैं।

देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है होम लोन: CS Setty

सी एस शेट्टी ने कहा कि ग्राहक कागजी कार्रवाई की पारदर्शिता, बिल्डर्स की ड्यू-डिलिजेंस और बैंक के भरोसे के कारण एसबीआई से होम लोन लेना पसंद करते हैं।उन्होंने जोर देकर कहा कि होम लोन को केवल एक बैंकिंग प्रोडक्ट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। 200 से अधिक उद्योग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रियल एस्टेट सेक्टर पर निर्भर हैं, इसलिए होम लोन भारत की आर्थिक वृद्धि का एक अभिन्न और महत्वपूर्ण हिस्सा है।

PPF Vs SSY: हर महीने ₹5000 निवेश करें तो पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना में कितना पैसा बनेगा? जानिए पूरा हिसाब

PPF Vs SSY: अपनी बेटी के हायर एजुकेशन, शादी या दूसरी लंबे समय की फाइनेंशियल जरूरतों के लिए बचत की शुरुआत करते समय माता-पिता के मन में सबसे पहला सवाल यही उठता है कि पैसा कहां निवेश किया जाए। सरकार द्वारा समर्थित पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) दो सबसे लोकप्रिय और सुरक्षित विकल्प हैं। हालांकि इनकी एलिजिबिलिटी, इंट्रेस्ट रेट, मैच्योरिटी और समय से पहले पैसे निकालने के नियमों के मामले में दोनों योजनाएं एक-दूसरे से काफी अलग हैं।

वर्तमान में सुकन्या समृद्धि योजना 8.2 प्रतिशत का हायर इंट्रेस्ट रेट देती है। वहीं पीपीएफ पर 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है। हालांकि सुकन्या योजना में मिलने वाला अधिक रिटर्न सख्त विड्रॉल नियमों के साथ आता है जबकि पीपीएफ में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है।

बैंकबाजार के सीईओ आदिल शेट्टी कहते हैं कि पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना दोनों ही सरकार के सपोर्ट से चलने वाली बचत योजनाएं हैं, लेकिन उनकी एलिबिलिटी, टेन्योर, इंट्रेस्ट रेट और निकासी के नियम अलग-अलग हैं। ये बातें उन्हें अलग-अलग बचत जरूरतों के हिसाब से बनाते हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि सही ऑप्शन का चुनाव बच्ची की उम्र, निवेश की समयसीमा और इस बात पर निर्भर करता है कि आप बेटी के भविष्य के लिए इन्वेस्ट करना चाहते हैं या आपका लॉन्ग टर्म गोल कुछ और है।

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): ज्यादा इंट्रेस्ट पर विड्रॉल के नियम सख्त

सुकन्या समृद्धि योजना का खाता 10 साल से कम उम्र की बच्ची के लिए खोला जा सकता है। यह अकाउंट ओपन होने के डेट से 21 साल में मैच्योर होता है। इसमें सिर्फ शुरुआती 15 वर्षों तक ही कंट्रीब्यूशन करना होता है। अभी इस योजना पर 8.2 प्रतिशत की दर से इंट्रेस्ट दिया जा रहा है।

यह योजना उन माता-पिता के लिए ज्यादा बेहतर है जो अपनी बेटी के भविष्य के लिए फोकस होकर फंड बनाना चाहते हैं।

पैसे निकालने के नियम: SSY से आप जब चाहें तब पैसे नहीं निकाले जा सकते। नियम के मुताबिक बच्ची के 18 वर्ष का होने के बाद हायर एजुकेशन के खर्चों के लिए पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में मौजूद बैलेंस का 50 फीसदी तक आंशिक रूप से निकालने की अनुमति देते हैं। यह रकम एक बार में या कुछ वर्षों की किश्तों में ली जा सकती है।

समय से पहले खाता बंद करना: बच्ची के 18 साल का होने के बाद शादी होने की स्थिति में खाता बंद किया जा सकता है। इसके अलावा खाताधारक की मौत या फाइनेंशियल क्राइसिस जैसी गंभीर परिस्थितियों में भी शर्तों के तहत समय से पहले खाता बंद करने की अनुमति है।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): इन्वेस्टमेंट में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी के लिए पीपीएफ की शुरुआती मैच्योरिटी अवधि 15 साल की होती है। इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है। इसमें फिक्स्ड टेन्योर के बाद लोन और पार्टिशयस विड्रॉल की सुविधा मिलती है।

खाता खोलने के वर्ष के अंत से 5 साल पूरे होने के बाद कुछ खास परिस्थितियों या वजहों से पीपीएफ खाते को समय से पहले बंद किया जा सकता है, जैसे-

खाताधारक, जीवनसाथी, बच्चों या आश्रित माता-पिता की गंभीर बीमारी के इलाज के लिए।

खाताधारक या उनके बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए (प्रवेश का प्रमाण पत्र देने पर)।

खाताधारक की निवास स्थिति में बदलाव होने पर।

यह सुविधा उन माता-पिता के लिए फायदेमंद है जो अपनी बेटी के लिए बचत तो करना चाहते हैं लेकिन उस पैसे को सिर्फ उसी के खर्चों से पूरी तरह बांधकर नहीं रखना चाहते।

PPF VS SSY कैलकुलेशन: हर महीने ₹5000 के निवेश पर कितना मिलेगा रिटर्न?

अगर आप PPF और SSY दोनों में हर महीने ₹5000 (यानी ₹60000 सालाना) इन्वेस्ट करते हैं तो मौजूदा इंट्रेस्ट रेट पर ही कैलकुलेट किया जाए तो भी दोनों की मैच्योरिटी पर बड़ी फर्क देखने को मिलता है। पहले बात करते हैं पीपीएफ की। अगर आप हर महीने ₹5000 डालते हैं तो 15 साल में आप कुल 9 लाख रुपये जमा करेंगे। 7.1 फीसदी के इंट्रेस्ट रेट के हिसाब से आपको 7 लाख 27 हजार के करीब ब्याज मिलेगा। 15 साल बाद आपकी कुल मैच्योरिटी राशि ₹1627284 हो जाएगी.

अगर आप सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में अपनी बेटी के लिए हर महीने ₹5000 जमा करते हैं, तो 8.2 प्रतिशत की वर्तमान ब्याज दर के आधार पर आपको काफी अधिक रिटर्न मिलेगा। इस योजना के नियमानुसार आपको सिर्फ शुरुआती 15 सालों तक ही पैसे जमा करने होते हैं। इससे आपकी कुल जमा राशि 9 लाख रुपये ही रहेगी. हालांकि खाता खोलने की तारीख से 21 वर्ष में मैच्योर होने की वजह से अगले 6 वर्षों तक आपकी जमा राशि पर ब्याज जुड़ता रहेगा। इस तरह 21 साल की मैच्योरिटी पूरी होने पर आपको करीब ₹18 लाख 71 हजार का सिर्फ इंट्रेस्ट मिलेगा और आपकी कुल मैच्योरिटी 27 लाख 71 हजार से ज्यादा हो जाएगी।

यह भी पढ़ें: SSY Return Calculator: सुकन्या समृद्धि योजना में ₹3 लाख इंटरेस्ट कमाना चाहते हैं? तो इस्तेमाल करें यह फॉर्मूला

कौन सा विकल्प आपके लिए सबसे सही है?

अगर आपका एकमात्र उद्देश्य अपनी बेटी के भविष्य के लिए एक बड़ा और डेडिकेटेड फंड तैयार करना है, तो उच्च ब्याज दर (8.2%) की वजह से सुकन्या समृद्धि योजना अधिक फायदेमंद है। अगर आप उच्च ब्याज दर के बजाय निवेश में अधिक फ्लेक्सिबिलिटी और इमरजेंसी में पैसे निकालने की सुविधा चाहते हैं, तो पीपीएफ ज्यादा बेहतर विकल्प है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

सुभाष चंद्रा के रिपेमेंट प्लान में नया मोड़, LICHF, केनरा बैंक, यूनियन बैंक NCLT के एप्रूवल को चैलेंज करेंगे

एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा के रिपेमेंट प्लान का विरोध किया है। वे चंद्रा के पर्सनल इनसॉल्वेंसी मामले को नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल से मिले एप्रूवल को अपीलीय ट्राइब्यूनल में चैलेंज करेंगे।

तीनों मिलकर NCLAT में रिपेमेंट प्लान को करेंगे चैलेंज

LIC Housing Finance, Canara Bank और Union Bank of India ने कहा है कि चंद्रा की इनसॉल्वेंसी प्रोसिडिंग्स में उनकी (तीनों की मिलाकर) 8.45 फीसदी वोटिंग शेयर है। उन्होंने कहा कि वे इस रिपेमेंट प्लान का विरोध करते हैं। इस बारे में LIF HF ने एक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है, “इस प्लान को आखिर में इसलिए मंजूरी मिली क्योंकि दूसरे फाइनेंशियल क्रेडिटर्स की तरफ से पेश प्लान के पक्ष में कुल 80.81 फीसदी वोट मिले।”

तीनों ने NCLT  में भी रिपेमेंट का विरोध किया था

एलआईसी एचएफ ने कहा कि वह तुरंत नेशनल कंपनी लॉ एपेलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) में अपील फाइल करेगी। इसमें उसके साथ दूसरी सरकारी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस भी होंगे। Canara Bank ने कहा है कि उसने रिपेमेंट प्लान का विरोध किया था। वह NCLT के ऑर्डर को NCLAT में चैलेंज करेगा।

इन तीनों का कुल वोटिंग शेयर सिर्फ 8.45 फीसदी 

केनरा बैंक ने कहा है, “उसने (1.60 वोटिंग शेयर) दूसरी सरकारी कंपनियों एलआईसी एचएफ (6.09 फीसदी वोटिंग शेयर) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (0.76 फीसदी वोटिंग शेयर) के साथ इस प्लान का विरोध किया था और चंद्रा की तरफ से पेश 6.25 करोड़ रुपये के रिपेमेंट प्लान के खिलाफ वोटिंग की थी। “

मामले की फॉरेंसिक ऑडिट की भी मांग की गई थी

बैंक ने यह भी कहा है कि उसने फॉरेंसिक ऑडिट की भी मांग की थी, लेकिन उसके पास माइनॉरिटी वोटिंग शेयर होने से उसके प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली। अब वह NCLT के ऑर्डर को NCLAT में चुनौती देगा। Union Bank of India ने भी कहा है कि उसने भी रिजॉल्यूशन प्लान को खारिज किया है। उसने NCLT के समक्ष भी इस रिपेमेंट प्लान का विरोध किया था।

NCLT ने चंद्रा के रिपेमेंट प्लान को दी है मंजूरी 

उसने कहा है कि कुछ प्राइवेट क्रेडिटर्स (लोन देने वाले) का वोटिंग शेयर ज्यादा होने से NCLT में रिपेमेंट प्लान को मंजूरी मिल गई। बैंक ने कहा है कि वह जल्द NCLAT में इस प्लान को चैलेंज करेगा। इससे पहले NCLT ने सुभाष चंद्रा की तरफ से पेश रिपेमेंट प्लान को मंजूरी दे दी थी। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस की तरफ से फाइल इनसॉल्वेंसी मामले में चंद्रा ने यह रिपेमेंट प्लान पेश किया था।

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रिपेमेंट प्लान के तहत 22,000 करोड़ पेमेंट के दावे का सेटलमेंट होगा 

NCLT ने इस मामले में जो आदेश दिया है, उसके तहत क्रेडिटर्स (कर्ज देने वालों) की तरफ से पेश 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के दावों के सेटलमेंट के लिए सुभाष चंद्र 6.5 करोड़ रुपये चुकाएंगे। दिग्गज प्राइवेट बैंक HDFC Bank भी इस मामले में अपील करने के बारे में सोच रहा है। एचडीएफसी बैंक ने 27 अगस्त को कहा था कि उसने भी इस रिपेमेंट प्लान का विरोध किया था।

Market Mantra : चिराग दारूवाला से जानें 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा सितंबर, ग्लोबल अनिश्चितता में कहां करें निवेश

Market Mantra : सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर चिराग दारूवाला ने सितंबर महीने में सितारों के हिसाब से बाजार की चाल पर बात करते हुए कहा कि ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो गणेश जी कहते हैं कि महीने की शुरुआत में सूर्य और जो बृहस्पति यानी जो गुरु है वो कर्क राशि में होंगे। मंगल और बुध सिंह राशि में होंगे। शुक्र कन्या राशि में होंगे। जबकि शनि ग्रह मीन राशि में वक्री रहेंगे। 2 सितंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र के अपनी राशि तुला में आने से बाजार में सकारात्मक माहौल और खरीददारी बढ़ सकती है। इस दौरान बैंकिंग सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर,एफएमजीसी सेक्टर,ज्वेलरी और लग्जरी सेक्टर को अच्छा लाभ देखने को मिल सकता है।

7 सितंबर को बुध कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। यह बाजार में ट्रेडिंग,गतिविधियों और वित्तीय निर्णयों के लिए बहुत अनुकूल रह सकता है। आईटी,टेक्नोलॉजी, टेलीकॉम,बैंकिंग और ब्रोकरेज सेक्टर में तेजी देखने को मिल सकती है। 17 सितंबर को सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। जबकि 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। जिससे बाजार में अचानक थोड़ा सा उतार-चढ़ाव और अस्थिरता बढ़ सकती है। लेकिन आपको मायूस नहीं होना है। रियलस्टेट, कंस्ट्रक्शन सेक्टर,ऑयल गैस सेक्टर,केमिकल और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेज हलचल देखने को मिल सकती है।

26 सितंबर को बुध फिर से अपनी स्थिति बदलेंगे और तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इससे विदेशी निवेशकों और पारंपरिक निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है। बाजार में बुलिश ट्रेंड देखने को मिल सकता है। इस दौरान बैंकिंग सेक्टर,आईटी सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर,मीडिया सेक्टर और टेलीकॉम सेक्टर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अच्छी खरीदारी आ सकती है। कुल मिलाकर हम यह कह सकते हैं कि यह महीना इन सेक्टर्स के लिए बहुत ही बेहतरीन रहने वाला है और ग्रह भी इन सेक्टर्स वालों को अच्छा फेवर करेंगे।

राशियों के अनुसार कैसा रहेगा यह महीना?

मेष राशि

चिराग दारूवाला ने कहा कि गणेश जी कहते हैं कि मेष राशि वालों इस महीने आपके लिए बैंकिंग सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में निवेश अच्छा रहेगा। इनमें आपको निवेश के लिए काफी अच्छे मौके मिलेंगे। संपत्ति की लेनदेन कर रहे हैं तो सावधानी पूर्वक जांच करें। किसी भी प्रकार का फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन कर रहे हैं तो सोच समझकर कीजिए। जल्दबाजी में लिया हुआ फैसला आपके लिए गलत साबित हो सकता है। आपकी इच्छा पूर्ण हो सकती है। आपका सपना पूरा हो सकता है। आपका खुद का घर आप इस महीने बना सकते हैं। खर्चे बहुत अधिक रहने की भी संभावना है।

उपाय

हर शनिवार को नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी अवश्य मिलाएं। यह समझ लीजिए कि मेष राशि वालों यह महीना आपको कुछ ना कुछ अवश्य देगा।

वृषभ राशि

गणेश जी कहते हैं वृषभ राशि वालों रेलवे सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश अच्छा रहेगा। म्यूच्यूल फंड में निवेश किया हुआ है तो आपको अच्छे रिटर्न्स देखने को मिल सकते हैं। संपत्ति में निवेश करना चाहते हैं तो थोड़ा सा धैर्य रखना होगा। यह महीना क्रिएटिविटी का महीना है। यानी कि आपको नए-नए विचार,नए-नए तरीके सोचने होंगे और उसे आप अमल में लेकर आइए। अवश्य आपको लाभ होगा। खर्चों पर भी नियंत्रण रखने की आवश्यकता है।

उपाय

हर मंगलवार को गणेश जी की पूजा अर्चना करें। ओम गण गणपताए नमः 108 बार यह मंत्र का उच्चारण करें। जरूर से आपको लाभ देखने को मिलेगा।

मिथुन राशि

गणेश जी कहते हैं मिथुन राशि वालों इस महीना जो उतार-चढ़ाव चल रहा था,जो इनस्टेबिलिटी चल रही थी,वह इनस्टेबिलिटी दूर होगी। व्यापार में अच्छा मुनाफा देखने को मिल सकता है। आपको नए इन्वेस्टर्स,नए क्लाइंट्स मिल सकते हैं। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। ऑटोमोबाइल सेक्टर,एनर्जी सेक्टर,स्टील सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। इंश्योरेंस और फाइनेंस सेक्टर में भी निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो वह बेहतरीन रहेगा। खर्चे आपके थोड़े कम होंगे और आप यह कह सकते हैं कि आप राहत की सांस लेंगे।

उपाय

जब भी भी संभव हो लाल कपड़ों का लाल चीजों का दान अवश्य करें और मंगलवार के दिन यह अवश्य आप करिए। आपको अवश्य कुछ ना कुछ लाभ देखने को मिलेगा।

कर्क राशि

गणेश जी कहते हैं कर्क राशि वालों अभी नहीं तो कभी नहीं। जो दिमाग में चल रहे हैं जो आपके आइडियाज हैं जो थॉट्स हैं उसे आप इंप्लीमेंट करना शुरू कर दीजिए। आईटी सेक्टर,टेक्नोलॉजी सेक्टर,विज्ञान सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। लेकिन पैसों के लेनदेन से आपको बचना है। व्यापार में मेहनत और परिश्रम आपको अच्छी सफलता दिलाएगा। व्यवसाय में कुछ बदलाव नए बदलाव से आपको अच्छा फायदा देखने को मिलेगा। बिजनेस को आगे बढ़ाने में आपको थोड़ा सा सक्रिय रहना होगा।

उपाय

प्रतिदिन सुबह गाय माता को हरा घास,हरा चारा अवश्य खिलाइए।

सिंह राशि

गणेश जी कहते हैं सिंह राशि वालों इस महीने स्टील सेक्टर और सीमेंट सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। अच्छा लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। लेकिन आपके जो आय के स्त्रोत है वह बढ़ेंगे। करियर के लिहाज से यह महीना काफी अच्छा रहेगा। प्रॉपर्टी खरीदने के लिए समय योग्य नहीं है। थोड़ा सा रुक जाइए। जल्दबाजी मत कीजिएगा।

उपाय

जरूरतमंद लोगों को दूध,दही या फिर घी का दान अवश्य करें।

कन्या राशि

गणेश जी कहते हैं कन्या राशि वालों इस महीने शुक्र आपके जीवन में बहुत कुछ लेकर आए हैं। यानी कि अलग-अलग जगह से आपको पैसे कमाने का मौका मिल सकता है। व्यापार में नई-नई अपॉर्चुनिटीज आपको मिल सकती है। साथ-साथ में आपने जहां-जहां निवेश किया है,जिन शेयर्स में आपको अच्छा रिटर्न नहीं मिल रहा था,शायद इस महीने आपको अच्छा रिटर्न भी मिल सकता है। हालांकि, आपको अपने पोर्टफोलियो में कुछ बदलाव लाने की जरूरत है। अनियंत्रित खर्चों पर भी आपको ध्यान देना होगा। एक बजट बनाएं और उसके अनुसार ही खर्च करें।

उपाय

प्रत्येक गुरुवार को ओम ब्रह्म बृहस्पतिए नमः का जाप करें, यह मंत्र का गुरु का मंत्र है। 108 बार जाप अवश्य करिए। गुरु अगर आपके फेवर में होंगे तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकेगा। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

तुला राशि

गणेश जी कहते हैं तुला राशि वालों इस महीने ऑटोमोबाइल सेक्टर,ट्रांसपोर्ट सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर में अगर आप निवेश करना चाहते हैं तो आपके लिए बहुत ही बेहतरीन रहेगा। इनमें आपको अच्छे रिजल्ट मिल सकते हैं। सोना चांदी का व्यवसाय कर रहे हैं या करना चाहते हैं तो कीजिए। जरूर से आपको लाभ होगा और आपके किसी भी प्रकार के कुछ काम अटके हुए थे तो आप यह कह सकते हैं 7 सितंबर से लेकर 21 सितंबर का जो समय है वह बहुत ही बेहतरीन है। इंपोर्ट एक्सपोर्ट के व्यवसाय में अच्छा फायदा देखने को मिलेगा। नौकरी कर रहे हैं तो प्रमोशन मिल सकता है और साथ-साथ में नई अपॉर्चुनिटीज भी मिल सकती है।

उपाय

हर शुक्रवार को मां लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करें और माता जी को खीर का भोग लगाएं। यह समझ लीजिए तुला राशि वालों कि इस महीने अनएक्सपेक्टेड मॉनिटरी गेंस यानी ऐसा पैसा जो शायद आपने सोचा भी नहीं हो,अटका हुआ पैसा भी आपको इस महीने मिल सकता है। यह महीना आपके जीवन में खुशियां लेकर आएगा।

वृश्चिक राशि

गणेश जी कहते हैं वृश्चिक राशि वालों अभी नहीं तो कभी नहीं आपको आलस का त्याग करना है। थोड़ा सा आपको एक्टिव हो जाना है। अलर्ट हो जाना है। आप यह समझ लीजिए कि इस महीने आपकी जो आर्थिक स्थिति है वह पहले से बेहतर दिखाई दे रही है। लंबी अवधि के निवेश से अच्छी आय होगी। लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट आपके लिए बहुत बेहतरीन है। इस महीने किसी भी प्रकार का आप फैसला लें वह जल्दबाजी में मत लीजिएगा। जल्दबाजी में लिया हुआ फैसला आपके लिए नुकसानकारक साबित हो सकता है। शेयर बाजार में निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर से लीजिए। वरना आप फंस सकते हैं। व्यापार में अच्छे ऑर्डर्स आपको मिल सकते हैं। नए क्लाइंट्स मिल सकते हैं। और सबसे बड़ी बात यह है कि इस महीने जो आपका जो नेटवर्किंग है,आपके जो संपर्क है,वह और भी बढ़ेंगे। प्रभावशाली लोगों के साथ आपके संपर्क बढ़ेंगे और कहीं ना कहीं वह आपको मददगार भी साबित होंगे।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को हनुमान जी को तेल और सिंदूर अवश्य अर्पण करें और ओम हनुमंताय रामदूताय नमः यह मंत्र का 108 बार जाप करिए। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

धनु राशि

गणेश जी कहते हैं धनु राशि वालों बहुत मेहनत करते हैं। बहुत एफर्ट्स देते हैं। पर परिणाम नहीं मिलता। तो आप यह कह सकते हैं कि आपने जो पास्ट में एफर्ट्स किए थे,जो मेहनत की थी,जिसका परिणाम आपको नहीं मिल रहा था,उसका परिणाम इस महीने आपको मिल सकता है। स्टील सेक्टर और पावर सेक्टर में निवेश आपके लिए बेहतरीन रहेगा। स्माल कैप और मिड कैप शेयर्स आपको अच्छा फायदा कराएंगे। निवेश संबंधित योजनाएं भी बहुत सफल रहेंगी। व्यापार में अच्छी तरक्की देखने को मिल सकती है और अगर आप कोई पार्टनर ढूंढ रहे हैं,कोई इन्वेस्टर ढूंढ रहे हैं अपने व्यापार के लिए तो इस महीने आपको वह इन्वेस्टर भी मिल सकते हैं। आपकी आर्थिक स्थिति में अच्छा सुधार देखने को मिलेगा।

उपाय

प्रत्येक गुरुवार को ओम गुरुवे नमः मंत्र का आप जाप करें और गाय माता को गुड़ अवश्य खिलाइए। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

मकर राशि

गणेश जी कहते हैं मकर राशि वालों जितना ज्यादा विचार करेंगे उतना आप कंफ्यूजन में रहेंगे, स्ट्रेस में रहेंगे, एंग्जायटी में रहेंगे, कुछ भी नहीं कर पाएंगे, तो इस महीने आपको ज्यादा विचार नहीं करना है। कार्य के ऊपर फोकस करना है। शेयर बाजार में निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो जरूर कीजिए आपके लिए फायदेमंद रहेगा पावर सेक्टर, एनर्जी सेक्टर और गैस सेक्टर में निवेश आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा और जिन शेयर्स में आपका आपका पैसा रुका हुआ था उसमें तेजी देखने को मिल सकती है। घर या कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने का आपका जो सपना है वह सपना इस महीने अवश्य पूर्ण होगा। आपकी आर्थिक स्थिति में थोड़ा सा उतार-चढ़ाव आ सकता है। पर आपको धैर्य रखना है। उत्तेजित नहीं हो जाना है। मन को शांत रख के कोई भी कार्य करेंगे तो अवश्य आने वाले समय में आपका डंका बजेगा।

उपाय

हर शनिवार शाम को शनिदेव जी को काले तिल और सरसों का तेल अवश्य चढ़ाइए।

कुंभ राशि

गणेश जी कहते हैं कुंभ राशि वालों इस महीने आप कोई भी प्रकार का लेनदेन कर रहे हैं तो सोच समझकर कीजिए। दूसरा शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं तो प्रॉपर रिसर्च करके निवेश करिए। किसी की भी बातों में आकर अगर आपने निवेश किया तो शायद आपका पैसा फंस सकता है। आपको फाइनेंस सेक्टर,इंश्योरेंस सेक्टर में अच्छा मुनाफा मिलेगा। सोने में या फिर प्रॉपर्टी में निवेश के लिए थोड़ा सा इंतजार करिए। व्यापार में अच्छी आमदनी होगी। अपना पैसा सोच समझकर निवेश करना होगा।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को कौवों को और काले कुत्तों को भोजन अवश्य खिलाइए। शनिदेव जी की मेहरबानी रहेगी तो आपके कर्मों का फल जो आपने एफर्ट्स दिए थे जो आपकी सोच थी उसका आपको अच्छा परिणाम इस महीने देखने को मिलेगा। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि वालों गणेश जी कहते हैं कि बैंकिंग सेक्टर,आईटी सेक्टर, फाइनेंस सेक्टर और एनर्जी सेक्टर में निवेश आपके लिए अच्छा रहेगा। इनमें आपको अच्छा मुनाफा मिल सकता है। महीने के अंत में यानी कि 27 तारीख से लेकर 30 तारीख के बीच में अगर आप प्रॉफिट बुक करने का विचार कर रहे हैं तो आप कर सकते हैं। नौकरी कर रहे हैं अच्छा इंक्रीमेंट मिल सकता है। म्यूच्यूल फंड में निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो उसकी शुरुआत आप इस महीने कर सकते हैं। लोन लेने का विचार कर रहे हैं और नहीं मिल रहा है,कुछ ना कुछ अड़चनें आ रही थी तो वो अड़चनें भी इस महीने दूर होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि अगर आप कोई भी स्टार्टअप शुरू करने का विचार कर रहे हैं,नया व्यवसाय शुरू करने का विचार कर रहे हैं तो उसकी शुरुआत कर दीजिए। सब्र मत रखिए। थोड़ा सा एक्टिव हो जाइए। थोड़ा सा अलर्ट हो जाइए और एकदम पीछे पड़ जाइए। आप यह समझ लीजिए कि इस महीने लिए हुए कोई भी फैसले, इस महीने किए हुए कोई भी कार्य आने वाले समय में आपको एक अच्छे मुकाम पर पहुंचा सकते हैं।

उपाय

रोजाना सूर्यदेव को जल चढ़ाएं और 21 बार गायत्री मंत्र का जाप करें।

बाजार में डिस्काउंट पर मिल रहे शेयर, न चूकें मौका

चिराग दारूवाला का कहना है कि इस समय सभी तरह के निवेशकों सबसे पहले धैर्य रखना है। दुनिया में जितने भी वॉर चल रहे हैं उसके बावजूद आने वाले कुछ समय में आप देखेंगे कि हमारा सेंसेक्स और निफ्टी ऑल टाइम हाई लगाता दिखेगा। आपको सिर्फ धैर्य रखना है। अगर आपको लग रहा है कि आपका पोर्टफोलियो 15, 20 या 30 फीसदी माइनस में है तो आप उसे साइड में रख के आराम से चैन की नींद लीजिए। जिन लोगों ने अभी तक निवेश नहीं किया है, सोच रहे हैं कि शायद बाजार और गिरेगा तो वे यह कर सकते हैं कि थोड़ा सा निवेश करे क्योंकि अभी आपको बाजार में डिस्काउंट मिल रहा है। बाजार में वैसा की डिस्काउंट मिल रहा है जैसा Flipkart Flipkart और Amazon पर मिलता है। इस समय आप डिस्काउंट पर शेयर्स ले सकते हैं। आने वाले समय में आपको जरूर अच्छा रिटर्न मिलेगा।

 

Daily Voice: मौजूदा भाव पर नए न्यू एज स्टॉक्स लग रहे महंगे, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,रियल्टी और डिफेंस शेयरों को लेकर भी रहें सतर्क

 

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इन बैंकों में FD पर मिल रहा 8.5% तक का ब्याज! रिटायरमेंट के बाद 10 लाख फिक्स करने पर समझिए इंट्रेस्ट इनकम का पूरा कैलकुलेशन

Bank FD Rate: रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और रेगुलर इनकम का सोर्स होना काफी जरूरी होता है। यही वजह है कि अधिकांश बुजुर्ग अपनी गाढ़ी कमाई और रिटायरमेंट फंड को सेफ रखने के साथ-साथ बेहतर रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) चुनते हैं। बैंकों के बीच एफडी पर इंट्रेस्ट रेट्स में काफी फर्क देखने को मिलता है। स्मॉल फाइनेंस बैंक की ओर से वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक इंट्रेस्ट रेट ऑफर किया जाता है। इसके अलावा प्राइवेट, पब्लिक और विदेशी बैंक भी सीनियर सिटिजन्स को एफडी पर कॉम्पिटेटिव रिटर्न देते हैं।

सीनियर सिटिजंस को FD पर मिलने वाले इंट्रेस्ट रेट में मामूली सा भी फर्क उनके टोटल रिटर्न पर अच्छा खासा असर डालता है। खासकर तब जब रिटायरमेंट के बाद बड़े फंड की FD की गई हो। अलग-अलग बैंकों के इंट्रेस्ट रेट की तुलना करना और सही फ्रिक्वेंसी का चयन करना इंट्रेस्ट इनकम को मैक्सिमाइज करने में काफी मदद करता है।

स्मॉल फाइनेंस बैंक: 8.50% तक का मिल रहा है बंपर इंट्रेस्ट

सीनियर सिटिजन को एफडी पर मैक्सिमम रिटर्न देने में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे हैं। कई स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.50 प्रतिशत तक इंट्रेस्ट मिल रहा है। स्मॉल फाइनेंस बैंक की FD के इंट्रेस्ट रेट को एक नजर में नीचे देखा जा सकता है-

  • इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक (Equitas Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है।
  • ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक (ESAF Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.50 प्रतिशत तक की ब्याज दर प्रदान कर रहा है।
  • शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik Small Finance Bank): एफडी पर 8.50 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है।
  • सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.50 प्रतिशत तक की दर की पेशकश कर रहा है।
  • जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank): एफडी पर 8.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है।
  • उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank): 8.30 प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहा है।
  • उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank): वरिष्ठ नागरिकों को 8.25 प्रतिशत तक की दर प्रदान कर रहा है।

प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंक: सुरक्षित निवेश के साथ बढ़िया विकल्प

प्राइवेट और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी बुजुर्गों को आकर्षित करने के लिए कॉम्पिटेटिव एफडी रेट पेश कर रहे हैं:

प्राइवेट सेक्टर बैंक

एसबीएम बैंक इंडिया वरिष्ठ नागरिकों को सर्वाधिक 8.15 प्रतिशत तक का इंट्रेस्ट रेट दे रहा है। इसके बाद डीसीबी बैंक (DCB Bank) 8.00 प्रतिशत और बंधन बैंक (Bandhan Bank) 7.95 प्रतिशत तक का रिटर्न दे रहे हैं। इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) और यस बैंक (YES Bank) दोनों 7.75 प्रतिशत तक, आरबीएल बैंक (RBL Bank) और तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक (Tamilnad Mercantile Bank) 7.70 प्रतिशत तक और जम्मू एंड कश्मीर बैंक (Jammu & Kashmir Bank) 7.55 प्रतिशत तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र (सरकारी) के बैंक

सरकारी बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक 7.45 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) 7.25 प्रतिशत तक की ब्याज दर प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) और इंडियन बैंक (Indian Bank) 7.15 प्रतिशत तक जबकि इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) और केनरा बैंक (Canara Bank) 7.10 प्रतिशत तक की ब्याज दर दे रहे हैं।

विदेशी बैंक

विदेशी बैंकों की बात करें तो स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (Standard Chartered Bank) 7.10 प्रतिशत तक, डॉयचे बैंक (Deutsche Bank) 7.00 प्रतिशत तक और एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank) 6.00 प्रतिशत तक की एफडी ब्याज दर दे रहे हैं।

10 लाख रुपये की एफडी पर सालाना ब्याज आय का गणित

अगर कोई वरिष्ठ नागरिक 8.50% की उच्चतम वार्षिक ब्याज दर पर 10 लाख रुपये की राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करता है:

कुल फिक्स्ड राशि: ₹10,000,000

वार्षिक ब्याज दर: 8.50%

सालाना ब्याज आय: ₹85,000

यानी 8.50% की दर से 10 लाख रुपये फिक्स करने पर सिर्फ इंट्रेस्ट से ही वरिष्ठ नागरिक को सालाना ₹85000 (करीब ₹7083 प्रति माह) की निश्चित कमाई होगी। (नोट: अगर बैंक में ब्याज का रीइन्वेस्टमेंट या तिमाही आधार पर कम्पाउंडिंग होती है तो इंट्रेस्ट से कुल इनकम इससे भी अधिक हो सकती है।)

विशेषज्ञों की राय: कैसे करें सही और सुरक्षित एफडी निवेश

फाइनेंशियस एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि वरिष्ठ नागरिकों को अपनी पूरी जमा राशि किसी एक ही बैंक में रखने के बजाय अलग-अलग बैंकों में बांटकर निवेश करना चाहिए। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि वे डीआईसीजीसी (DICGC) के तहत मिलने वाले 5 लाख रुपये तक के जमा बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहते हैं। उच्च रिटर्न पाने के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों का चयन समझदारी से करें और अपनी लिक्विडिटी की जरूरतों के हिसाब से एफडी की अवधि तय करें।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर में किसने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया? जानिए वक्त के साथ तस्वीर कैसे बदली

बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर ने पिछले कुछ महीनों में काफी उतार-चढ़ाव देखा है। तीनों ने अलग-अलग समय में अलग रिटर्न दिया है। कुछ अवधि में बिटकॉइन आगे रहा। वहीं लंबी अवधि में सिल्वर ने भी शानदार प्रदर्शन किया।

कम अवधि में बिटकॉइन आगे

1 महीने और 6 महीने के रिटर्न में बिटकॉइन सबसे आगे रहा। 1 महीने में इसका रिटर्न 17.23% रहा। 6 महीने में यह बढ़कर 22.26% हो गया। गोल्ड ने भी लगातार बढ़त दिखाई। हालांकि, शॉर्ट टर्म में बिटकॉइन की तेजी ज्यादा रही।

3 साल में सिल्वर ने मारी बाजी

3 साल की अवधि में तस्वीर बदल जाती है। यहां सिल्वर सबसे आगे रहा। इसका सालाना औसत रिटर्न 48.97% रहा। इसी अवधि में बिटकॉइन ने 47.46% और गोल्ड ने 41.06% का सालाना औसत रिटर्न दिया। यानी लंबी अवधि में सिल्वर ने बिटकॉइन और गोल्ड दोनों को पीछे छोड़ दिया।

₹10,000 की SIP का क्या हुआ?

एक साल की अवधि में अगर हर महीने ₹10,000 की SIP बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर में की जाती, तो तीनों में निवेश का नतीजा अलग होता। इससे पता चलता है कि नियमित निवेश करने पर अलग-अलग एसेट ने कैसा प्रदर्शन किया। यहां SIP का मतलब हर महीने एक तय रकम निवेश करना है। इससे बाजार के अलग-अलग भाव पर निवेश होता रहता है।

बिटकॉइन ने 3 साल में भी शानदार कमाई की

CoinDCX की ग्रोथ और क्रिप्टो बिजनेस हेड मीनल ठुकराल के मुताबिक, बिटकॉइन का लंबी अवधि का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है।

उनके मुताबिक, 24 अगस्त 2023 को लगाए गए $26,162 बढ़कर $77,472 हो गए। यानी निवेश पर 244% से ज्यादा रिटर्न मिला। रकम करीब 3.44 गुना हो गई। हालांकि, इस दौरान बिटकॉइन में कई बड़ी गिरावट भी आईं। इसलिए सिर्फ तेजी देखकर निवेश करना सही नहीं है। लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखना अहम रहा।

बिटकॉइन का सफर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा

बिटकॉइन ने 7 अक्टूबर 2025 को $1,25,752 का ऑल टाइम हाई बनाया था। 2026 में यह 15 जनवरी को $96,931 तक पहुंचा। इसके बाद कीमत में गिरावट आई। 1 जुलाई को बिटकॉइन $58,562 तक फिसल गया।

अगस्त के पहले हफ्ते में यह करीब $62,000 से $65,000 के स्तर पर था। 26 अगस्त तक बिटकॉइन करीब $80,000 से $80,300 के बीच कारोबार कर रहा था।

गोल्ड में भी तेज उतार-चढ़ाव

गोल्ड जनवरी 2026 में $5,500 प्रति औंस तक पहुंचा था। जुलाई में इसकी कीमत $4,000 प्रति औंस से नीचे आ गई। इसके बाद गोल्ड में फिर तेजी आई। 26 अगस्त तक यह $4,630 प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रहा था। कमजोर डॉलर और अमेरिका की वित्तीय स्थिति को लेकर बढ़ती चिंता ने गोल्ड को सपोर्ट दिया है।

सिल्वर भी तेजी से पलटा

सिल्वर जनवरी में करीब $120 प्रति औंस पर था। जुलाई में यह गिरकर $55 से $60 के दायरे में आ गया। इसके बाद सिल्वर में तेजी लौटी। 26 अगस्त तक इसकी कीमत करीब $63 से $70 प्रति औंस के बीच थी। सिल्वर की तेजी को गोल्ड की मजबूती से भी सपोर्ट मिला।

निवेश से पहले क्या समझें?

बिटकॉइन, गोल्ड और सिल्वर का प्रदर्शन हर अवधि में अलग रहा है। छोटी अवधि में बिटकॉइन आगे रहा। वहीं 3 साल में सिल्वर ने सबसे ज्यादा सालाना औसत रिटर्न दिया।

इसलिए सिर्फ पुराने रिटर्न देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। बिटकॉइन और सिल्वर में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है। निवेश से पहले जोखिम और अपने निवेश के लक्ष्य को जरूर देखना चाहिए।

Gold Price Today: रक्षाबंधन पर सोना ₹3300 सस्ता हुआ, चांदी का ₹5000 गिरा भाव

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Gold Price Today: रक्षाबंधन पर सोना ₹3300 सस्ता हुआ, चांदी का ₹5000 गिरा भाव

Gold Price Today: सोने की कीमत में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। दिल्ली के बाजार में 24 कैरेट 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹3,300 टूटकर ₹1,62,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसमें सभी टैक्स शामिल हैं। गुरुवार को इसका भाव ₹1,65,700 था।

तीन दिन में सोना ₹4,700 यानी करीब 3% सस्ता हो चुका है। 25 अगस्त को इसका भाव ₹1,67,100 प्रति 10 ग्राम था। हाल की तेजी के बाद अब कारोबारी मुनाफावसूली कर रहे हैं।

चांदी भी ₹5,000 सस्ती

चांदी में भी शुक्रवार को गिरावट रही। घरेलू बाजार में इसका भाव ₹5,000 गिरकर ₹2,45,500 प्रति किलो हो गया। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2,50,500 प्रति किलो थी।

LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जितिन त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है। डॉलर 99.15 के स्तर से ऊपर चला गया। इसका असर सोने पर पड़ा। हाल की तेजी के बाद कारोबारी लगातार तीसरे दिन मुनाफावसूली कर रहे हैं।

कस्टम ड्यूटी घटने की खबर का भी असर

घरेलू बाजार में कस्टम ड्यूटी घटाने की खबरों से भी सोने पर दबाव आया। बढ़ती तस्करी के बीच सरकार कस्टम ड्यूटी घटा सकती है। ऐसी खबरें बाजार में चल रही हैं।

Motilal Oswal Financial Services के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, इन खबरों से घरेलू सोने की कीमत पर दबाव बढ़ा। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों में अंतर भी बढ़ा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना कमजोर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली गिरावट के साथ $4,599.70 प्रति औंस पर था। निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयर केविन वार्श के जैक्सन होल सिम्पोजियम में होने वाले भाषण पर है।

Mirae Asset Sharekhan के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह के मुताबिक, बाजार वार्श के बयान पर नजर रख रहा है। महंगाई को लेकर उनका रुख अहम होगा। ऊंची यील्ड के बीच बाजार को उनके भाषण से संकेत मिलने की उम्मीद है।

बाजार में फिलहाल सख्त रुख वाले बयान की उम्मीद है। अगर वार्श निवेशकों को भरोसा नहीं दिला पाते हैं, तो डॉलर कमजोर हो सकता है। ऐसे में सोने को फिर तेजी मिल सकती है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।