Stocks to Watch: 7 अक्टूबर को इन 11 शेयरों पर रहेगी नजर, टाइटन से अदाणी पोर्ट्स तक शामिल

Stocks to Watch: बुधवार, 7 अक्टूबर के कारोबार में कई कंपनियों के शेयर फोकस में रहेंगे। इनमें टाइटन, एशियन पेंट्स और अदाणी पोर्ट्स जैसे बड़े नाम शामिल हैं। वहीं, कुछ कंपनियों ने नए निवेश और कारोबार विस्तार की जानकारी दी है।

HCLTech

आईटी सेक्टर की HCLTech ने लखनऊ में HCL IT City के विस्तार के लिए 500 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है। कंपनी ने 1,000 छात्रों के लिए AI अपस्किलिंग पहल भी शुरू की है। इससे लखनऊ में कंपनी की मौजूदगी और टेक्नोलॉजी से जुड़े कामकाज को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Asian Paints

पेंट सेक्टर की Asian Paints 29 अक्टूबर को होने वाली बोर्ड मीटिंग में FY27 के अंतरिम डिविडेंड पर फैसला करेगी। डिविडेंड घोषित होने पर 4 नवंबर रिकॉर्ड डेट होगी। इसी बैठक में 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही और छमाही के वित्तीय नतीजों पर भी विचार होगा।

JSW Cement

सीमेंट सेक्टर की JSW Cement ने राजस्थान के नागौर में 1 MTPA की नई सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट शुरू की है। इसके साथ कंपनी की कुल सीमेंट ग्राइंडिंग क्षमता बढ़कर 25.1 MTPA हो गई है। नई यूनिट से कंपनी की प्रोडक्शन कैपेसिटी और बढ़ेगी।

Titan Company

ज्वेलरी और वॉच सेक्टर की Titan Company के घरेलू कारोबार में Q2 में 22% की ग्रोथ हुई। इंटरनेशनल कारोबार 97% बढ़ा। कंज्यूमर कारोबार 25% बढ़ा। ज्वेलरी 21%, वॉच 30% और आईकेयर कारोबार 28% बढ़ा।

Godrej Consumer Products

FMCG सेक्टर की Godrej Consumer Products ने इंडोनेशिया में अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के पहले चरण की शुरुआत की है। यह प्लांट इंडोनेशिया के Kendal Special Economic Zone में है। कंपनी इस देश में 500 बिलियन IDR यानी करीब 250 करोड़ रुपये निवेश कर रही है।

Adani Ports and Special Economic Zone

पोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की Adani Ports and Special Economic Zone ने Paradip Mahanadi Terminal Ltd नाम से एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बनाई है। इसका गठन ओडिशा के पारादीप पोर्ट पर दो ड्राई बल्क बर्थ के डेवलपमेंट और ऑपरेशन के लिए किया गया है।

Zaggle Prepaid Ocean Services

फिनटेक सेक्टर की Zaggle Prepaid Ocean Services अब विदेशों में अपना कारोबार बढ़ाने की तैयारी में है। कंपनी अबू धाबी ग्लोबल मार्केट में एक सब्सिडियरी बनाएगी। इसके जरिए टेक्नोलॉजी और वित्तीय सेवाओं में नए कारोबारी मौके तलाशे जाएंगे।

Utkarsh Small Finance Bank

स्मॉल फाइनेंस बैंकिंग सेक्टर के Utkarsh Small Finance Bank ने सितंबर तिमाही में 3,525 करोड़ रुपये के कुल डिस्बर्समेंट की जानकारी दी है। यह पिछले साल की समान तिमाही के 2,275 करोड़ रुपये से 54.9% ज्यादा है।

Apollo Tyres

टायर सेक्टर की Apollo Tyres के CFO गौरव कुमार ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 6 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गया है।

Kanohar Electricals

इलेक्ट्रिकल सेक्टर की Kanohar Electricals का सितंबर तिमाही में मुनाफा 11.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 27.3 करोड़ रुपये हो गया। इनकम 67.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 137 करोड़ रुपये और EBITDA 15.4 करोड़ से बढ़कर 38.8 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन भी 22.81% से बढ़कर 28.27% हो गया।

Marsons

पावर ट्रांसफॉर्मर सेक्टर की Marsons ने Cleanhill Partners के साथ जॉइंट वेंचर बनाने का ऐलान किया है। इसका फोकस नॉर्थ अमेरिका में पावर ट्रांसफॉर्मर की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने पर रहेगा।

Titan Q2 Update: टाटा की कंपनी के ज्वेलरी, वॉच और आईकेयर बिजनेस में तगड़ी ग्रोथ, 78 नए स्टोर जोड़े

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘जिसे सब समझते थे कचरा, उसी से कमा लिए करोड़ों’! इस कपल को पहाड़ों की सैर से आया था बिजनेस आइडिया

Plastic Waste Startup: दिल्ली में प्लास्टिक कचरा एक बड़ी समस्या है, लेकिन पति-पत्नी की एक जोड़ी ने इसी कचरे को अपने बिजनेस के लिए रॉ मटीरियल में बदल दिया। सोनल शुक्ला और वैभव वर्मा ने 2020 में Econscious की शुरुआत की। प्लास्टिक कचरे को सिर्फ कूड़ा समझने के बजाय, उन्होंने इसे काम की चीज़ोंचीजों में बदलने का एक मॉडल तैयार किया।

आज उनकी कंपनी प्लास्टिक कचरे से पार्क बेंच, डस्टबिन, प्लांटर और आम लोगों के इस्तेमाल की दूसरी चीजें बनाती है। इस कंपनी की शुरुआत महामारी के दौरान प्लास्टिक कचरे की बढ़ती समस्या को देखते हुए की गई थी।

ट्रेक के दौरान आया आइडिया

पहाड़ी इलाकों में यात्रा करते समय, सोनल और वैभव ने देखा कि हर तरफ प्लास्टिक का कचरा फैला हुआ था। इस बात ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि कचरे को लैंडफिल में फेंकने के बजाय किसी काम की चीज़ में कैसे बदला जा सकता है। अपनी टेक्निकल जानकारी का इस्तेमाल करते हुए, उन्होंने प्लास्टिक कचरे को रीसायकल करके नए प्रोडक्ट बनाने पर काम करना शुरू किया। बता दें कि सोनल शुक्ला और वैभव वर्मा, दोनों ने NIT कुरुक्षेत्र से M.Tech किया है।

घर और कंपनियों से आता है कच्चा माल

Econscious का मॉडल सिर्फ प्लास्टिक से सामान बनाने तक ही सीमित नहीं है। कंपनी प्लास्टिक कचरे को उसके स्रोत से इकट्ठा करने का काम भी करती है और दिल्ली-NCR इलाके में घर-घर जाकर प्लास्टिक कचरा उठाने की सर्विस देती है। इसके अलावा, यह कई कंपनियों और संगठनों के साथ मिलकर काम करती है।

इकट्ठा किए गए प्लास्टिक को प्रोसेस करके अलग-अलग डिजाइन वाले प्रोडक्ट बनाए जाते हैं। जहां आम तौर पर बिजनेस को नया कच्चा माल खरीदना पड़ता है, वहीं यहां प्लास्टिक जिसे आमतौर पर कचरा माना जाता है, प्रोडक्ट बनाने का आधार बनता है। यही बात इस मॉडल को सर्कुलर इकॉनमी से जोड़ती है।

प्लास्टिक से बन रही बेंच और डस्टबिन

कंपनी के प्रोडक्ट्स में बेंच, डस्टबिन, प्लांटर्स और दूसरी ऐसी चीजें शामिल हैं जिन्हें पार्क और सार्वजनिक जगहों पर इस्तेमाल के लिए बनाया गया है। Econscious ने P&G, जिलेट, नेस्ले, ITC, बिसलेरी और HCL फाउंडेशन जैसे संगठनों के साथ कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। कंपनी के मुताबिक, बिसलेरी की बोतलों के ढक्कनों का इस्तेमाल करके रीसाइकल किए गए प्लास्टिक की बेंच बनाई गई हैं। साथ ही, HCL फाउंडेशन के लिए नोएडा में कई जगहों पर बेंच बनाकर लगाई भी गई हैं।

लाखों किलो प्लास्टिक को बनाया उपयोगी

इस बिजनेस का सबसे अहम पहलू इससे होने वाली कमाई है। सोनल शुक्ला ने बताया कि Econscious ने अब तक लगभग 3,50,000 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे को रीसायकल किया है। साथ ही, कंपनी ने अपनी शुरुआत से अब तक ₹1 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है।

सोनल के अनुसार, कंपनी की कमाई सिर्फ रीसायकल किए गए प्रोडक्ट्स को बेचने से ही नहीं होती, प्लास्टिक कचरा मैनेजमेंट, उसे इकट्ठा करना और अलग-अलग ऑर्गनाइजेशन के लिए कस्टमाइज़्ड प्रोजेक्ट्स भी इस बिजनेस का हिस्सा हैं।

कमाई का मॉडल सिर्फ एक प्रोडक्ट बेचने तक सीमित नहीं है। यह प्रोसेस कचरा इकट्ठा करने से शुरू होता है, फिर प्रोसेसिंग होती है, और आखिर में रीसायकल किए गए मटीरियल का इस्तेमाल करके ग्राहकों की ज़रूरतों के हिसाब से प्रोडक्ट्स बनाए जाते हैं। इस पूरे प्रोसेस के दौरान अलग-अलग स्टेज पर वैल्यू क्रिएट होती है।

रिपोर्ट- शुभांगी तिवारी 

Stock Market Trend : मार्केट ट्रेंड अभी भी निगेटिव, कमजोर बाजार में कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

Stock Market Trend :आज के शुरुआती कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सपाट नजर आ रहे हैं। फिलहाल सेंसेक्स 172 अंक यानी 0.24 प्रतिशत बढ़कर 72,700 के आसपास और निफ्टी 7.70 अंक या 0.03 प्रतिशत बढ़कर 22,723 के आसपास कारोबार कर रहा है। निफ्टी पर TCS, इंटरग्लोब एविएशन, HCL टेक्नोलॉजीज, जियो फाइनेंशियल और HUL प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल हैं। जबकि डॉ. रेड्डीज लैब्स, HDFC बैंक, हिंडाल्को, JSW स्टील और SBI लाइफ इंश्योरेंस गिरावट वाले शेयरों में हैं। सेक्टरों की बात करें तो IT, मीडिया, ऑयल एंड गैस और PSU बैंक में प्रत्येक में 1% की बढ़त देखी गई है। जबकि रियल्टी इंडेक्स में 0.3% की गिरावट आई है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1-1% की बढ़त है।

आज के लिए रणनीति पर बात करते हुए manasjaiswal.com के मानस जायसवाल ने कहा कि मार्केट का ट्रेंड तो अभी भी नेगेटिव है कहीं पर भी कोई रिवर्सल के साइन नहीं है। ये जरूर है कि कल लोअर लेवल पर निफ्टी में एक छोटी सी रिकवरी देखने को मिली है जिसकी वजह से निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों में एक हैमर पैटर्न जैसा बना है। लेकिन फिर भी अभी भी आपकी अप्रोच सतर्क रहने की होनी चाहिए।

निफ्टी पर रणनीति

मानस जायसवाल ने कहा कि केवल आज की बात करें तो अगर निफ्टी 22900 के ऊपर ट्रेड करना शुरू करेगा तभी खरीदारी करने की सलाह होगी। अगर निफ्टी ₹22,900 के ऊपर ट्रेड करना शुरू करेगा तो शायद ₹23,200 तक के रिकवरी के चांस हो सकते हैं। ऐसे में खरीदारी करें तो 22900 के ऊपर करें और 22750 के स्टॉप लॉस रखे। लेकिन अगर ऐसा होता नहीं है और वापस से निफ्टी 22,650 के नीचे ट्रेड करना शुरू करे तो फिर से एक शॉर्ट कॉल लेना है। जहां आपके स्टॉप लॉस 22,800 के ऊपर रहेंगे और टारगेट 22,350 के आसपास के रहेंगे। अभी तक का ट्रेंड नेगेटिव है। इसलिए आपकी अप्रोच सतर्क बने रहने की होनी चाहिए।

बैंक निफ्टी पर मानस जायसवाल की राय

बैंक निफ्टी में भी ध्यान रखिए। यहां पर भी आज खरीदारी तभी करें जब यह 55,000 के ऊपर सस्टेन करे। अगर उसके ऊपर सस्टेन नहीं करेगा तो शायद वापस बिकवाली देखने को मिल सकती है। अभी तक का ट्रेंड नेगेटिव है और अगर बैंक निफ्टी वापस 54,000 के नीचे फिसलेगा तो आप उम्मीद कर सकते हैं कि 53,250 तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं।

मानस जायसवाल की स्टॉक रिकमेंडेशन

आज के लिए इनकी दो रिकमेंडेशन है। दोनों शॉर्ट साइड पे है। इनमें से पहला है हीरो मोटो (Hero Motocopp)। इस स्टॉक ने आखिरी के आधे 1 घंटे में अपने 200 डे मूविंग एवरेज को ब्रेक कर दिया। ऐसे में यहां पर एक सेल ट्रेड है। इसमें 5326 रुपए के स्टॉप लॉस से सेल ट्रेड लेंगे। इसमें 5100 रुपए तक के टारगेट्स पॉसिबल है।

दूसरा स्टॉक वोल्टॉस (VOLTAS) का है। यहां पर भी सेल रेमेंडेशन है। कल इसमें एक छोटा सा पुलबैक देखने को मिला। लेकिन यह स्टॉक 10 डे मूविंग एवरेज के ऊपर सस्टेन नहीं हो पाया। वापस वहां पर सेलिंग प्रेशर देखने को मिल रहा है। ऐसे में इसमें भी एक सेल रेमेंडेशन है। 116 के स्टॉप लॉस से बिकवाली करेंगे। 1070 तक के टारगेट्स पॉसिबल हैं।

 

Trading Ideas: जानें आजाद इंजीनियरिंग, लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी, ग्लैंड फार्मा और इंडियन होटल्स में आज क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 30 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook:भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 29 सितंबर को लगातार दूसरे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए हैं। आज निफ्टी 22,700 के आसपास रहा। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 242.65 अंक या 0.33 प्रतिशत गिरकर 72,529.07 पर और निफ्टी 64.05 अंक या 0.28 प्रतिशत गिरकर 22,716.20 पर बंद हुआ। लगभग 1871 शेयरों में बढ़त हुई, 2321 शेयरों में गिरावट आई और 164 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। टाइटन कंपनी, एटरनल, HCL टेक्नोलॉजीज, HDFC लाइफ और इंफोसिस निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। जबकि डॉ. रेड्डीज लैब्स, NTPC, टाटा स्टील, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स में बढ़त देखी गई।

सेक्टरों की बात करें तो मीडिया, मेटल और फार्मा को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। ऑटो, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि घरेलू इक्विटी मार्केट को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, US ट्रेजरी यील्ड का दो दशक के उच्चतम स्तर के करीब बने रहना और FII की लगातार बिकवाली से रुपये पर दबाव है। IPO के ज़रिए रिकॉर्ड स्तर पर फंड जुटाने से भी मार्केट में लिक्विडिटी कम हो रही है। साल के आखिर में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना और ग्लोबल स्तर पर सख्त मौद्रिक नीति के माहौल के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह कम बना हुआ है।

हालांकि जियोपॉलिटिकल तनाव निकट भविष्य में मार्केट के सेंटीमेंट को प्रभावित करते रहेंगे,लेकिन अब मार्केट का फोकस धीरे-धीरे Q2 की अर्निंग्स पर जा रहा है, जिसके लिए उम्मीदें Q1 की तुलना में कम हैं। अगर US ईरान संघर्ष में बड़ी कमी आती है, तो जोखिम लेने की इच्छा बढ़ने के कारण मार्केट में जबरदस्त रिलीफ रैली आ सकती है। तब तक,निवेशकों के चुनिंदा शेयरों पर फोकस करने की संभावना है। ऐसे में निवेशक ब्रॉडर मार्केट एक्सपोज़र के बजाय फंडामेंटल्स और कमाई की स्पष्टता को प्राथमिकता देंगे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि निफ्टी जून 2026 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर से भी नीचे आ गया है,जिससे एक बड़ी ‘बेयरिश मारुबोज़ू कैंडल’बनी है और गिरावट लगातार आठवें हफ़्ते भी जारी है। मोमेंटम इंडिकेटर्स के’ओवरसोल्ड ज़ोन’में जाने के कारण निकट भविष्य में 23020 के स्तर तक थोड़ी रिकवरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि,जब तक 23150 का स्तर फिर से हासिल नहीं हो जाता,तब तक बड़ा ट्रेंड कमज़ोर ही रहेगा। हालांकि निफ्टी के 22600 के स्तर से नीचे जाने की संभावना कम है, लेकिन अगर ऐसा होता है,तो गिरावट और तेज़ हो सकती है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि गिरावट जारी रहने के कारण इंडेक्स अपने 200-हफ़्ते के मूविंग एवरेज तक गिर गया। कोविड के समय आई गिरावट के बाद यह पहली बार है जब निफ्टी 200-हफ़्ते के मूविंग एवरेज तक गिरा है,जो अभी 22,600 पर है।

अगर यह इस लेवल से नीचे जाता है तो बाज़ार में और तेज़ी से गिरावट आ सकती है। हालांकि,अगर निफ्टी 22,600 से ऊपर बना रहता है तो ऊपर की ओर रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। इसलिए,22600 निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट लेवल बना रहेगा। ऊपर की ओर सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस 22,800 पर है।

PL कैपिटल में चीफ बिज़नेस ऑफिसर एडवाइजरी एंड डीलिंग, विक्रम कसाट का कहना है कि कल हुई बिकवाली का असर आज भी बाजार पर दिखा जिससे बाजार दबाव में रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें,कमजोर रुपया और लगातार विदेशी निवेश की निकासी के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह कमजोर बना हुआ है।

ब्रेंट क्रूड का भाव $106 प्रति बैरल के आसपास होना खास तौर पर अहम है क्योंकि इससे भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ता है और महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। वहीं,डॉलर के मुकाबले रुपये का ₹96 के स्तर से नीचे जाना मैक्रो रिस्क को और बढ़ाता है।

यह कमजोरी व्यापक है। फाइनेंशियल, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव है। इससे पता चलता है कि निवेशक सिर्फ अलग-अलग सेक्टर के बीच निवेश नहीं बदल रहे हैं,बल्कि जोखिम से बच रहे हैं।

आगे चलकर,बाजार की चाल कच्चे तेल की कीमतों,जियोपॉलिटिकल घटनाओं और FII निवेश के प्रवाह पर निर्भर करेगी। ऐसे माहौल में निवेशकों को आक्रामक तरीके से निवेश करने के बजाय कमाई की स्पष्टता,मजबूत बैलेंस शीट और धीरे-धीरे निवेश करने(staggered accumulation)को प्राथमिकता देनी चाहिए।

 

Market Insight : निफ्टी में अब 52-वीक लो भी मुमकिन, 22180-22300 के स्तर टेस्ट होने की संभावना ज्यादा

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

इस आईटी कंपनी ने प्रति शेयर ₹8 अंतरिम डिविडेंड का किया ऐलान, जानिए रिकॉर्ड डेट सहित दूसरी जरूरी जानकारियां

आर सिस्टम्स इंटरनेशनल ने दूसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी प्रति शेयर 8 रुपये का अंतरिम डिविडेंड शेयरहोल्डर्स को देगी। कंपनी ने इस बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को शुक्रवार यानी 25 सितंबर को बताया। शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.18 फीसदी गिरकर 237 रुपये पर बंद हुआ।

24 अक्टूबर को या इससे पहले डिविडेंड का पेमेंट हो जाएगा

R Systems International के एक शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। इसका मतलब है कि अंतरिम डिविडेंड फेस वैल्यू का 800 फीसदी होगा। कंपनी ने कहा है कि शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड का पेमेंट 24 अक्तूबर, 2026 को या इससे पहले कर दिया जाएगा। कंपनी ने कहा है कि डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 1 अक्तूबर होगी। इसका मतलब है कि 1 अक्तूबर तक जिन शेयरहोल्डर्स के डीमैट अकाउंट में कंपनी के शेयर होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

कंपनी ने मार्च में प्रति शेयर 6 रुपये डिविडेंड का ऐलान किया था

यह डिविडेंड साल 2026 के लिए होगा। इससे पहले कंपनी ने 6 मार्च को प्रति शेयर 6 रुपये अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया था। इसके लिए कंपनी ने 12 मार्च रिकॉर्ड डेट तय की थी। दोनों डिविडेंड को मिलाकर कंपनी का कुल अंतरिम डिविडेंड 2026 में 14 रुपये पहुंच गया है।

दुनियाभर में कंपनी के 18 डिलीवरी सेंटर

आर सिस्टम्स इंटरनेशनल ने गुरप्रीत सिंह को कंपनी सेक्रेटरी एवं कंप्लायंस अफसर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 25 सितंबर से प्रभावी हो गई है। आर सिस्टम्स इंटरनेशनल की शुरुआत 1993 में हुई थी। कंपनी आईटी सर्विसेज ऑफर करती है। इसका फोकस प्रोडक्ट इंजीनियरिंग पर है। इसके क्लाइंट्स में कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं, जिनमें Amazon Web Services, Microsoft और Google Cloud शामिल हैं। इसके नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, एशिया पैसेफिक और भारत में 18 डिलीवरी सेंटर हैं।

आर सिस्टम्स इंटरनेशनल का शेयर इस साल 42% गिरा

आर सिस्टम्स इंटरनेशनल के शेयरों पर आईटी सेक्टर पर दबाव का असर पड़ा है। यह शेयर 2026 में अब तक करीब 42 फीसदी गिरा है। इस दौरान दूसरी आईटी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट आई है। TCS का शेयर इस दौरान 35 फीसदी से ज्यादा फिसला है। Infosys का शेयर करीब 39 फीसदी गिरा है। HCL Tech का शेयर 23 फीसदी और विप्रो का शेयर करीब 39 फीसदी टूटा है।

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शेयर बाजारों का सेंटिमेंट लगातार कमजोर 

शेयर बाजारों में सेंटीमेंट लगातार कमजोर बना हुआ है। इसकी बड़ी वजह मध्यपूर्व क्राइसिस है। इसकी वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल आया है। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का डर बढ़ा है। हालांकि, 25 सितंबर को भारतीय शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में रिकवरी देखने को मिली। इनवेस्टर्स की नजरें अब अगले हफ्ते बाजार की चाल पर हैं।

Trading Ideas : NSE IPO के पूरा होने के बाद सेंकेंडरी मार्केट पर फिर बढ़ेगा फोकस, आज इन दो शेयरों में बन सकता है अच्छा पैसा

Trading Ideas : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया है। लेकिन निफ्टी 23450 पर अब भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। सुबह 09:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 90.69 अंक या 0.12 प्रतिशत बढ़कर 74,949.68 पर और निफ्टी 36.65 अंक या 0.16 प्रतिशत बढ़कर 23,450.95 पर था। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में कोल इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल्स शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, HCL टेक, सिप्ला, TCS और मैक्स हेल्थकेयर शामिल हैं। सेक्टरों की बात करें तो IT को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे है। रियल्टी इंडेक्स में 1% की बढ़त दिख रही है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वी के विजयकुमार का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका के 10-साल के बॉन्ड यील्ड में थोड़ी कमी आने से यूएस इक्विटी मार्केट में रिस्क-ऑन सेंटीमेंट (जोखिम लेने का उत्साह) बढ़ा है। इस सकारात्मक बदलाव का असर दूसरे इक्विटी मार्केट पर भी दिखेगा। भारत में, NSE IPO के पूरा होने और रिफंड मिलने शुरू होने के साथ सेकेंडरी मार्केट पर फिर से फोकस होगा,जिससे मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ेगी।

अब सही कीमत वाले लार्ज-कैप शेयरों की ओर फोकस बढ़ाने का समय आ गया है। HDFC बैंक के शेयर में मजबूती के साथ इसके शुरुआती संकेत भी मिल रहे हैं। लेकिन इसे एक ट्रेंड बनने में समय लगेगा। बेहतर ग्रोथ की संभावना और मोमेंटम SMID (स्मॉल और मिड-कैप) शेयरों के पक्ष में हैं।

कीमती धातुओं की कीमतें स्थिर होने और फिक्स्ड इनकम से मिलने वाला रिटर्न आकर्षक होने के कारण,निवेशक अब मल्टी-एसेट स्ट्रैटेजी चुन सकते हैं। यह अभी एक अच्छा विकल्प होगा क्योंकि इससे ग्रोथ की संभावनाओं और उतार-चढ़ाव से सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहेगा,जिससे ठीक-ठाक लेकिन स्थिर रिटर्न मिलेगा।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर की राय है कि ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट में सुधार हुआ है। अमेरिकी शेयरों में अच्छी बढ़त देखी गई है और एशियाई बाजार भी ज़्यादातर पॉज़िटिव हैं। साथ ही,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं पर कुछ दबाव कम हुआ है। यह बाजार के लिए अच्छा संकेत है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 23478-23517 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23569-23607-23649 पर है। इसके लिए पहला बेस 23300-23361 पर और बड़ा बेस 23210-23256 पर है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 56621-56770 पर और बड़ा रजिस्टेंस 56927-57044-57291 पर है। इसके लिए पहला बेस 56044-56209 पर और बड़ा बेस 55600-55810 पर है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Mantri FinMart के अरुण कुमार मंत्री। इनकी आज LAURASLAB में 2013 रुपए के आसपास, 1992 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 2055 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। INDIGO में भी इनकी 4940 रुपए के आसपास, 4898 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 5021 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Market Insight : EMS और पावर इक्विपमेंट शेयरों पर रखें नजर, निफ्टी में ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस के साथ रहें लॉन्ग

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

राजीव ठक्कर के पोर्टफोलियो में बड़ा फेरबदल! इन सेक्टर्स की कंपनियों में बढ़ाई हिस्सेदारी, जानिए किससे लिया एग्जिट

Parag Parikh Flexi Cap Fund Portfolio Changes: देश की सबसे बड़ी फ्लेक्सी-कैप स्कीम पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड (PPFAS) में नए पैसों का आवक बीते पांच महीनों में काफी सुस्त पड़ा है। मार्च 2026 के मुकाबले अगस्त तक फंड में नया निवेश लगभग 72% तक घट चुका है।

वैसे, राहत की बात यह है कि इनफ्लो में सुस्ती के बावजूद फंड का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) मार्च के ₹1.32 लाख करोड़ से बढ़कर अगस्त 2026 तक ₹1.47 लाख करोड़ पहुंच चुका है।

फंड के मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) राजीव ठक्कर और उनकी टीम ने ₹1.47 लाख करोड़ के इस विशाल पोर्टफोलियो में कई बड़े री-एलोकेशन और रणनीतिक बदलाव किए हैं।

इनफ्लो में 72% की बड़ी गिरावट और शॉर्ट-टर्म रिटर्न का हाल

ACE MF के आंकड़ों के अनुसार, फंड में हर महीने आने वाला नया निवेश तेजी से कम हुआ है:

मार्च 2026: ₹3,949.93 करोड़

अप्रैल 2026: ₹3,613.57 करोड़

जून 2026: ₹2,360.52 करोड़

जुलाई 2026: ₹1,583.47 करोड़

अगस्त 2026: ₹1,098.94 करोड़

रिटर्न का हाल: हालिया महीनों में सुस्त रिटर्न के चलते नए निवेशकों की रफ्तार धीमी हुई है। अगस्त अंत तक यह फंड YTD आधार पर 6.38% नीचे और पिछले 1 साल में 4.46% की गिरावट में था। हालांकि, 3 साल का सालाना रिटर्न 11.56% रहा है।

कैश पूल में से निकाले पैसे, कोर इक्विटी में बढ़ाई हिस्सेदारी

राजीव ठक्कर ने बाजार के मौकों का फायदा उठाने के लिए रिजर्व रखे गए कैश को बाजार में लगाना शुरू कर दिया है। मार्च में फंड के पास 18.94% पैसा कैश, डेट और आर्बिट्राज में रखा था, जो अगस्त में घटकर 11.58% रह गया। इसमें केवल कैश का आवंटन घटकर 3.42% बचा है। भारतीय शेयरों में कोर इक्विटी एलोकेशन मार्च के 66.75% से बढ़ाकर अगस्त में 71.2% कर दिया गया। वहीं विदेशी इक्विटी में हिस्सेदारी 11% के आसपास स्टेबल बनी हुई है।

रियल एस्टेट और REITs पर बढ़ाया दांव

पोर्टफोलियो में सबसे चौंकाने वाला बदलाव रियल एस्टेट और रीयल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट( REITs) में देखने को मिला है। मार्च में REITs का हिस्सा पूरे पोर्टफोलियो में महज 1.51% था। अगस्त तक यह बढ़कर 6.2% पहुंच गया।

कौन-से शेयर आए, कौन से बाहर?

फंड ने Mindspace Business Parks REIT से पूरी तरह एग्जिट कर लिया है। अब इसके पास Knowledge Realty Trust (2.09%), Embassy Office Parks REIT (2.48%) और Brookfield India REIT (1.60%) में हिस्सेदारी है। जुलाई में रियल एस्टेट दिग्गज DLF में फंड का दांव महज 0.03% था, जो अगस्त में बढ़कर 0.64% हो गया।

IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी

राजीव ठक्कर ने दिग्गज आईटी और बैंकिंग कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी मजबूत की है, जबकि पीएसयू कंपनियों में से फंड निकाला है:

IT सेक्टर्स में खरीदारी: मार्च से अगस्त के बीच HCL Tech (3.11% से बढ़कर 4.15%), Infosys (2.61% से बढ़कर 3.29%) और TCS (2.27% से बढ़कर 2.88%) में हिस्सेदारी बढ़ाई गई है। तीनों बड़ी आईटी कंपनियों की कुल हिस्सेदारी अब 10% से ऊपर है।

बैंकिंग व ऑटो: ICICI Bank का वेटेज 5.03% से बढ़कर 5.67%, Bajaj Holdings का 4.09% से 5.14% और Mahindra & Mahindra का 3.36% से बढ़कर 3.97% हो गया।

किसे दिया झटका?

Power Grid की हिस्सेदारी 7.16% से घटाकर 5.58% और Coal India की 6.11% से घटाकर 5.02% कर दी गई। HDFC Bank हल्का घटकर 7.63% रहने के बावजूद पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा होल्डिंग बना हुआ है।

पोर्टफोलियो में बढ़े शेयर, पर टॉप-10 का दबदबा कायम

अप्रैल में फंड के पोर्टफोलियो में केवल 38 शेयर थे, जो अगस्त तक बढ़कर 59 शेयर हो गए। नए शेयर जुड़ने के बावजूद टॉप-10 शेयरों की कुल हिस्सेदारी 52.27% पर केंद्रित है जो अप्रैल में 51.52% थी। फंड का बड़ा हिस्सा लार्ज कैप (65.29%) में ही बना हुआ है। मिड-कैप में हिस्सेदारी 3.44% और स्मॉल-कैप में 4.35% है। पोर्टफोलियो टर्नओवर करीब 43% पर स्थिर है, जो दर्शाता है कि फंड मैनेजर अपने लॉन्ग-टर्म बाय-एंड-होल्ड फिलॉसफी पर ही कायम हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : 23150 के नीचे बंद हुआ निफ्टी, जानिए 16 सितंबर को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 15 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स शुरुआती बढ़त को बनाए नहीं रख पाए और गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 23,150 के नीचे चला गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 777.94 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 74,003.82 पर और निफ्टी 279.50 अंक या 1.19 प्रतिशत गिरकर 23,118.60 पर बंद हुआ। लगभग 1132 शेयरों में बढ़त हुई, 3154 शेयरों में गिरावट आई और 163 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, श्रीराम फाइनेंस, अडानी एंटरप्राइजेज, इंटरग्लोब एविएशन और ग्रासिम इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में HCL टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, TCS, टेक महिंद्रा और विप्रो शामिल रहे।

IT को छोड़कर, बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। रियल्टी इंडेक्स में 4% की गिरावट आई,जबकि ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एनर्जी, मेटल, मीडिया और PSU बैंक इंडेक्स में 2-2% की गिरावट दर्ज की गई।

ब्रॉडर इंडेक्स का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमज़ोर रहा। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2% से ज़्यादा की गिरावट आई।

इक्विरस वेल्थ के मैनेजिंग डायरेक्टर अंकुर पुंज का कहना है कि आज बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मज़बूत शुरुआत के बाद बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में तेजी ने आज ज़्यादातर समय बाज़ार का मूड कमजोर बनाए रखा।

बढ़ते इंपोर्ट बिल को लेकर बनी चिंताएं घरेलू करेंसी पर भारी पड़ रही हैं। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 96 रुपए प्रति-डॉलर के स्तर को तोड़ने के करीब पहुंच गया। इससे इक्विटी बाजार पर और दबाव पड़ा। टेक्नोलॉजी शेयरों को छोड़कर,बैंकिंग,रियल्टी, टेलीकॉम और ऑटो शेयरों में बिकवाली के कारण बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट देखी गई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि आज घरेलू बाजार दबाव में रहे और उनमें गिरावट जारी रही। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट पर असर डाला। इस हफ़्ते होने वाली बड़े सेंट्रल बैंकों की बैठकों से पहले निवेशक सतर्क दिखे। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं द्वारा पॉलिसी को और सख्त करने की उम्मीदें बढ़ रही हैं। लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों के माहौल को लेकर बनी चिंताओं ने ट्रेजरी यील्ड को कई सालों के उच्चतम स्तर के करीब बनाए रखा और लगातार विदेशी निवेश की निकासी के चलते उभरते बाज़ारों के सेंटीमेंट कमजोर हुए

मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। ज़्यादातर सेक्टर में भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ। हालांकि,IT शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया क्योंकि AI के धीमे विकास के संकेतों ने पारंपरिक IT सेवाओं में तेजी से बदलाव की चिंताओं को कम किया।

निकट भविष्य में,तेल की ऊंची कीमतें और ऊंची बॉन्ड यील्ड जोखिम लेने की इच्छा पर दबाव डाल सकती हैं। हालांकि मज़बूत घरेलू फंडामेंटल और घरेलू निवेशकों द्वारा वैल्यू बाइंग से गिरावट के जोखिम को सीमित करने में मदद मिल सकती है।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि आज भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का बाजार के सेंटीमेंट पर बुरा असर पड़ा। ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल से ऊपर बना रहा, जबकि US 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5% के स्तर को पार कर गई, जिससे लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीदें और मजबूत हुईं हैं।

FII की लगातार बिकवाली ने दबाव और बढ़ा दिया,हालांकि IT शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया और HDFC बैंक के CEO पद के उत्तराधिकार से जुड़ी खबरों के बाद बैंक के शेयरों में बढ़त देखी गई। आगे बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल,ग्लोबल यील्ड,FII निवेश और US फेड के फैसले की अहम भूमिका होगी।

निफ्टी टेक्निकल व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। निफ्टी 280 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 778 अंकों की गिरावट आई। टेक्निकल तौर पर गैप-अप ओपनिंग के बाद मार्केट को लगातार ऊपरी लेवल पर बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा। दिन के उच्चतम स्तर से निफ्टी 450 अंक से ज़्यादा नीचे आया। इसके अलावा,डेली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी है और इंट्राडे चार्ट पर अभी भी लोअर टॉप फॉर्मेशन बना हुआ है। यह मौजूदा लेवल से और कमज़ोरी आने का संकेत है।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि जब तक निफ्टी 23,250 के लेवल से नीचे ट्रेड कर रहा है,तब तक करेक्शन जारी रहने की संभावना है। नीचे की तरफ यह 23,000 तक गिर सकता है। गिरावट का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है,जिससे इंडेक्स 22,900-22,850 तक फिसल सकता है। दूसरी ओर 23,250 के ऊपर जाने पर, पुलबैक मूवमेंट 23,400-23,450 तक बढ़ सकता है। मौजूदा मार्केट का मिज़ाज उतार-चढ़ाव वाला है। इसलिए,डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट सुदीप शाह का कहना है कि मंगलवार को निफ्टी में गैपअप के साथ शुरुआत हुई,लेकिन यह ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया और दिन के हाई से लगभग 500 अंकों की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। डेली चार्ट पर,इसने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई,जो लगातार बने बिकवाली के दबाव का संकेत है।

टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निफ्टी अभी अपने 200-डे EMA से लगभग 5% और 100-डे EMA से 4% नीचे ट्रेड कर रहा है जो कमज़ोर मार्केट स्ट्रक्चर को दिखाता है। डेली RSI 22.23 पर है और गिरावट के ट्रेंड में बना हुआ है,जो मज़बूत बेयरिश मोमेंटम को दर्शाता है। इसके अलावा,MACD हिस्टोग्राम नीचे की ओर मोमेंटम में तेज़ी का संकेत देता है। मार्केट में उतार-चढ़ाव भी बढ़ गया है। आज इंडिया VIX 9% से ज़्यादा उछल गया। यह निवेशकों के बीच बढ़ते डर का संकेत है।

आगे 3250-23280 का ज़ोन इंडेक्स के लिए तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। जब तक निफ्टी 23280 के स्तर से नीचे रहता है,तब तक निकट भविष्य में बाजार का रुख कमज़ोर रहने की संभावना है। आगे इंडेक्स पर बिकवाली का दबाव बना रह सकता है और यह 22950 की ओर खिसक सकता है। इसके बाद शॉर्ट टर्म में 22800 का स्तर भी देखने को मिल सकता है। मौजूदा मंदी के माहौल से निकलने और रिकवरी की संभावना को बेहतर बनाने के लिए निफ्टी के 23280 के ऊपर जा कर टिकने की जरूरत है।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी भी ऊपर की ओर गैप के साथ खुला लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया,जिसके कारण सेशन के दौरान इसमें भारी प्रॉफिट बुकिंग हुई। इसके बाद इंडेक्स में इंट्राडे हाई से 1200 अंकों से ज़्यादा की गिराव देखी गई और अंततः यह 55800 पर बंद हुआ। आज इसमें 1.43% की गिरावट। डेली चार्ट पर, इसने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई, जो ऊपरी स्तरों पर लगातार बने बिकवाली के दबाव को दर्शाती है।

तकनीकी नज़रिए से बैंक निफ्टी अभी अपने अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है,जो निकट भविष्य में कमजोर ट्रेंड का संकेत है। डेली RSI 33.23 पर है और नीचे की ओर जा रहा है,जिससे पता चलता है कि मंदी का मोमेंटम हावी है।

आगे इसके लिए 55400-55300 का ज़ोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। 55300 के स्तर से नीचे जाने पर गिरावट का दबाव बढ़ सकता है,जिससे 54800 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 54300 की ओर गिरावट का रास्ता खुल सकता है। ऊपर की ओर 56300-56400 का ज़ोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकता है। किसी भी अच्छी रिकवरी का संकेत देने के लिए इंडेक्स को इस बाधा से ऊपर जा कर टिके रहने की जरूरत है।

 

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तीन दिनों की गिरावट से उबरा Sensex, बढ़त के साथ 23478 पर बंद Nifty, लेकिन डूबे ₹1.88 लाख करोड़

Sensex-Nifty closes green: मार्केट में आज दोनों तरफ मूवमेंट दिखा। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन खत्म होने के बाद ईरान से युद्ध होने के दावे से मार्केट को सपोर्ट मिला तो दूसरी तरफ सप्लाई की दिक्कतों ने कच्चे तेल में उबाल लाया जिससे मार्केट पर दबाव पड़ा। इसके अलावा सेक्टरवाइज मिले-जुले रुझान से भी मार्केट न तो अधिक ऊपर जा पाया और न ही नीचे आ पाया। ऐसे में सेंसेक्स और निफ्टी दिन भर लगभग फ्लैट रहे। हालांकि आखिरी समय में एकाएक इनमें उछाल आई और ये बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि ब्रोडर लेवल पर रौनक नहीं लौट पाई और निफ्टी मिडकैप 100 औ निफ्टी स्मॉलकैप 100 लाल बंद हुए।

मेटल और फार्मा सेक्टर ने मार्केट को नीचे खींचने की कोशिश की और इनके निफ्टी इंडेक्स आधे फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए। आईटी और ऑटो सेक्टर ने भी मार्केट पर दबाव बनाया। वहीं दूसरी तरफ बैंकिंग शेयरों की तेजी ने मार्केट को ऊपर खींचने की कोशिश की। आज किसी भी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स में 1% से कम ही उठा-पटक रही। इस माहौल में आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक गिर गया।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 10 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 138.36 प्वाइंट्स यानी 0.19% की बढ़त के साथ 74,902.59 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 46.30 प्वाइंट्स यानी 0.20% की मजबूती के साथ 23,477.80 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 146.73 प्वाइंट्स की बढ़त के साथ 74,910.96 के हाई और 165.76 प्वाइंट्स की फिसलन के साथ 74,598.47 तक गिरा था तो दूसरी तरफ निफ्टी इंट्रा-डे में 63.45 प्वाइंट्स चढ़कर 23,494.95 और 51.40 प्वाइंट्स गिरकर 23,380.10 तक आया था।

डूबे निवेशकों के ₹1.88 लाख करोड़

एक कारोबारी दिन पहले यानी 08 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,87,64,321.47 करोड़ था। आज यानी 09 सितंबर 2026 को यह घटकर ₹ 4,83,76,596.12 करोड़ रह गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹188,242.09 करोड़ की गिरावट आई है।

Sensex के 15 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 15 आज ग्रीन रहे। दिन के आखिरी में आज पावरग्रिड, एक्सिस बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट सबसे अधिक बढ़त के साथ बंद हुए तो दूसरी तरफ एचसीएलटेक, टाटा स्टील और ट्रेट में सबसे अधिक गिरावट रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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इन वजहों से एक तरफ नहीं बढ़ पाया मार्केट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।