वतन वापसी पर कॉमनवेल्थ मेडलिस्ट का हुआ देश में जोरदार स्वागत (Video)

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राष्ट्रमंडल खेल 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले भारतीय एथलीट्स की वतन वापसी पर भव्य स्वागत हुआ। गौरतलब है कि भारत ने इन खेलों में उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन किया जब कई वैश्विक खेल जिनमें भारत दर्जन भर मेडल लाता था इन खेलों से नदारद थे। इस बार हॉकी, बैडमिंटन, शूटिंग, कुश्ती नहीं शामिल हुए थे।

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे से बाहर निकलते ही खिलाड़ियों का ढोल-नगाड़ों, देशभक्ति गीतों और फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। परिजन और समर्थक खिलाड़ियों के साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए उत्साहित नजर आए।भारतीय पैरा एथलेटिक्स दल ने भी इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड सात पदक अपने नाम किए, जिसके दम पर भारत समग्र पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंचा।

खिलाड़ी मंगलवार तड़के करीब चार बजे जैसे ही हवाई अड्डे के टर्मिनल से बाहर निकले, ढोल-नगाड़ों की गूंज और देशभक्ति गीतों से पूरा माहौल उत्साह से भर उठा। परिजनों ने पदक विजेता खिलाड़ियों का फूल-मालाएं पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया, जबकि बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए मौजूद थे।

राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले जूडो खिलाड़ी हर्ष सिंह और अस्मिता डे मंगलवार तड़के हवाई अड्डे से बाहर निकलने वाले शुरुआती खिलाड़ियों में शामिल रहे। उनका भी यहां गर्मजोशी से स्वागत किया गया। हर्ष ने कहा, ‘‘ मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस तरह का स्वागत मिलेगा। सभी से मिलकर बेहद अच्छा लग रहा है।’’ उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक अस्मिता डे ने कहा, ‘‘मुझे जीवन में पहली बार ऐसा स्वागत मिल रहा है और मेरे लिए यह अनुभव बेहद खास है।’’

खेल मंत्रालय ने दिए नकद पुरुस्कार

खेल मंत्री ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार उपलब्धियों के लिए गोल्ड मेडल जीतने वालों को 30 लाख रुपये, सिल्वर मेडल जीतने वालों को 20 लाख रुपये और ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वालों को 10 लाख रुपये का नकद इनाम दिया। इन खेलों में भारतीय वेटलिफ्टरों ने देश का अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन किया।

खिलाड़ियों को बधाई देते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि पूरे देश ने उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाया। उन्होंने कहा, “संसद में भी, हर बार जब आपने मेडल जीते, तो घोषणाएं की गईं। उन पलों ने हर भारतीय को गौरवान्वित किया।”

खेल मंत्री ने कोचों, जिनमें द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता विजय शर्मा भी शामिल थे की जमकर तारीफ की और चैंपियन बनाने में उनकी अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “एक खिलाड़ी के सफर में गुरु की सबसे बड़ी भूमिका होती है। चैंपियन बनाने में कोच के योगदान से बड़ी कोई चीज नहीं है।”

अभय छजलानी, पत्रकारिता के तपस्वी साधक

Abhay Chhajlani

Abhay Chhajlani Naidunia : इंदौर आज समूचे भारत में पत्रकारिता की नर्सरी माना जाता है। महनीय सम्पादकीय परम्परा की नींव माने जाने वाले शहर इंदौर की इमारत की बुलंदी को खड़ा करने में जिन साधकों के श्रम दर्ज हैं, ऐसे योद्धाओं में एक नाम अभय छजलानी भी है।

 

मां अहिल्या की नगरी इंदौर में छजलानी परिवार में 4 अगस्त 1934 को जन्म लेने वाले अभय जी ने हिन्दी पत्रकारिता की नर्सरी माने जाने वाले अखबार 'नईदुनिया' को वटवृक्ष बनाने में अहम भूमिका निभाई। आपने वर्ष 1955 में पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रवेश किया। 1963 में कार्यकारी संपादक का कार्यभार संभाला। बाद में, लंबे अरसे तक आप 'नईदुनिया' के प्रधान संपादक भी रहे।

वर्ष 1965 में पत्रकारिता के विश्व प्रमुख संस्थान थॉम्सन फाउंडेशन, कार्डिफ (यूके) से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। हिन्दी पत्रकारिता के क्षेत्र से इस प्रशिक्षण के लिए चुने जाने वाले आप पहले पत्रकार थे। परिवार में पत्नी पुष्पा छजलानी, पुत्र विनय छजलानी और पुत्रियां शीला और आभा हैं।

 

हिन्दी पत्रकारिता के कर्मठ सूत्रधार, जिनके नेतृत्व ने भारतीय पत्रकारिता जगत् को कई मूर्धन्य संपादक सौंपे, जिनमें राजेन्द्र माथुर जी, राहुल बारपुते जी, प्रभाष जोशी जी, शरद जोशी जी आदि हैं। हिन्दी पत्रकारिता की कोंपलो को आपने बहुत करीने से सहेजकर पल्लवित होने में मदद की है। अभय जी नईदुनिया के संपादकीय बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने के अलावा कई महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व भी निभा रहे थे। 

 

वे भारतीय भाषाई समाचार पत्रों के शीर्ष संगठन इलना के 3 बार अध्यक्ष रह चुके हैं। वे 1988, 1989 और 1994 में संगठन के अध्यक्ष रहे। वे इंडियन न्यूज पेपर सोसायटी (आईएनएस) के 2000 में उपाध्यक्ष और 2002 में अध्यक्ष रहे। 2004 में भारतीय प्रेस परिषद् के लिए मनोनीत किए गए, जिसका कार्यकाल 3 वर्ष रहा।

उन्हें 1986 का पहला श्रीकांत वर्मा राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। 1995 में मप्र क्रीड़ा परिषद् के अध्यक्ष बने। ऑर्गनाइजेशन ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग एंड फ्रेटरनिटी द्वारा वर्ष 1984 का गणेश शंकर विद्यार्थी सद्भावना अवॉर्ड वर्ष 1986 में राजीव गांधी ने प्रदान किया। 

 

पत्रकारिता में विशेष योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1997 में जायन्ट्स इंटरनेशनल पुरस्कार तथा इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी पुरस्कार मिला था। पत्रकारिता में अतुलनीय अवदान के लिए भारत सरकार ने उन्‍हें वर्ष 2009 में पद्मश्री प्रदान किया था।

छजलानी जी को इंदौर में इंडोर स्टेडियम अभय प्रशाल स्थापित करने के लिए भोपाल के माधवराव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान ने सम्मानित किया था। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय योगदान के लिए ऑल इंडिया एचीवर्स कॉन्फ्रेंस ने दिल्ली में 1998 में राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार प्रदान किया। साथ ही, इसी वर्ष लाल बाग ट्रस्ट इंदौर का अध्यक्ष बनाया गया।

 

अभय जी का हिन्दी भाषा के प्रति गहरा प्रेम और लगाव भी रहा, यहां तक कि अपने अखबार में वर्तनी दोष भी न जाएं इस बात की चिंता अभय जी अधिक करते थे। कुछ एक बार तो अख़बार में एक शब्द की गलती हेडिंग में गलत छप जाने के कारण उन्होंने अख़बार में इंक से सुधार करवाएं और प्लेट्स भी बदलवा कर नई छपाई करवाई। ऐसे हिन्दी आग्रही का सम्पूर्ण जीवन हिन्दी भाषा की सेवा में रत रहा।

 

‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ द्वारा वर्ष 2020 में आपको ‘हिन्दी गौरव अलंकरण’ से विभूषित किया गया। संस्थान ने पहला हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह इंदौर में आयोजित कर अभय जी को अलंकृत किया था। आप मध्य प्रदेश टेबल टेनिस संगठन के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा अभय जी ने शहर के कई खास मुद्दों को भी उठाया। छजलानी जी की खेल गतिविधियों में खास रुचि के चलते ही नईदुनिया प्रकाशन ने हिन्‍दी की पहली खेल पत्रिका ‘खेल हलचल’ का प्रकाशन भी आरंभ किया था।

 

सामाजिक सरोकारों की बात करें तो अभय जी नर्मदा को इंदौर लाने की मुहिम के अगुआ थे। इंदौर के पेयजल संकट को दूर करने के लिए नर्मदा का पानी लाने के आंदोलन में उन्होंने पुरजोर तरीके से कार्य किया। इंदौर में अभय प्रशाल जैसा भव्य इनडोर स्टेडियम बनवाने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

 

इसके अतिरिक्त सामाजिक और राजनीतिक दखलंदाजी भी बेजोड़ रही। एक समय मंत्रिमंडलों का खाका नईदुनिया तय करता था, और अभय जी कई बार निर्णायक भी होते थे। यहां तक कि वे अख़बार की हर विधा, हर क्षेत्र में दक्ष थे। अख़बार की डिजाइनिंग, रिपोर्टिंग, संपादन, मार्केटिंग या कोई भी पद हो, हर पद पर उन्होंने काम किया।

 

उन्होंने सोवियत संघ, जर्मनी, फ़्रांस, जॉर्डन, यूगोस्लाविया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, थाईलैंड, इंडोनेशिया, तुर्की, स्पेन, चीन आदि कई देशों की यात्रा कर उस अनुभवों को अपनी कार्यशैली में शामिल किया।

 

अभय जी ने 'विकास की व्यथा-कथा-कारवां भाग -1', 'छटपटाता शहर -भाग -2', 'शहर अकेला इस भीड़ में -कारवां -3', 'पीड़ा -ज्यों की त्यो -भाग -कारवां -4', 'अपना इंदौर -चार भागों में', 'मंथन', 'चिंतन', 'धड़कन', 'देखा सुना' किताबों को लिखा एवं आपके संपादन में 'सन्दर्भ-2003', 'सृष्टि का स्वर लता', 'भोपाल आज और कल', 'जब गांधी आए' एवं 'अमर सेनानी' पुस्तक प्रकाशित हुई। इनमें 'अपना इंदौर' बड़ी चर्चित और महनीय पुस्तक रही, जिसमें इंदौर का समग्र इतिहास समाया है।

 

अभय जी को अब्बू जी नाम राहुल बारपुते जी ने ही दिया था, प्यार से उनके बेहद खास लोग अब्बू जी कहते थे। अब्बू जी न केवल इंदौर के लिए बल्कि प्रदेश और देश के लिए कृत संकल्पित व्यक्तित्व रहे। दृष्टि संपन्नता में उनका कोई सानी नहीं था। हिन्दी भाषा की सतत् सेवा का ध्येय और साधारण से साधारण व्यक्ति के लिए भी सहज भाव से आदर सहित मिलने वाले चंद लोगों में अभय जी भी शामिल रहे।

 

एक बार मातृभाषा उन्नयन संस्थान के सम्मान के लिए आग्रह हेतु उनसे जब मैं मिलने गया तो उन्होंने इतना आदर दिया, संस्थान की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली और यह तनिक भी महसूस नहीं होने दिया कि उनकी और मेरी उम्र में लगभग आधी शताब्दी का अंतर है। विनीत भाव से सम्मान ग्रहण करने का आग्रह स्वीकार किया। यही सहजता अभिभूत करती रही।

 

ऐसा भी नहीं रहा कि अभय जी का कभी विवादों से सामना न हुआ हो, लता अलंकरण हो अथवा अन्य मसले, इनके बावजूद भी अभय जी एक महानायक जैसे, हमेशा की तरह सूट-बूट पहने उजले ही नजर आए। एक उम्र गुजार कर नईदुनिया को अपने पसीने से सींचने के कारण ही अभय जी ने इंदौर की वैश्विक पहचान में नईदुनिया को दर्ज करवाया।

 

अपने छोटों से भी असीम नेह रखने वाले अभय जी ने 23 मार्च 2023 को इंदौर में आखिरी सांस ली। उनका अंतिम संस्कार इंदौर के रीजनल पार्क मुक्तिधाम पर किया गया। उनके साथ न केवल नईदुनिया युग ठहर गया बल्कि हिन्दी पत्रकारिता ने एक योद्धा को खो दिया।

जीवन के अंतिम दौर में बीमारी के कारण उनकी स्मृतियां धुंधली जरूर हो रही थीं किंतु चेतना और जिजीविषा वैसी ही बनी रही। लोगों से मिलने की चेष्टा हो अथवा शहर हितार्थ कार्य करने की प्रणाली, साहित्य में रुचि हो अथवा लेखनी को सतत् भाव से बहने देने का कार्य, अभय जी हमेशा से जीवंत व्यक्तित्व के रूप में नजर आए। निश्चित रूप से अभय जी पत्रकारिता का चलता-फिरता विश्वविद्यालय या यूं कहें कि पत्रकारिता के तपस्वी साधक रहे।

भारत में विदेशी निवेश लाने के लिए सरकार ने पेश किया बिल, विदेशी निवेशकों को मिलेगी बड़ी राहत

भारत में विदेशी निवेश लाने के लिए सरकार ने संसद में बिल पेश किया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक विदेशी निवेशकों और ग्लोबल इनवेस्टमेंट फंड को बड़ी राहत दी गई है। REIT और InvIT निवेशकों को भी बड़ा रिलीफ दिया गया है। इस पर ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय ने सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अधार पर कहा कि संसद में टैक्स से जुड़ा Taxation And Other Laws (Amendment) बिल पेश किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक FM की ओर से पेश बिल 3 थीम पर आधारित है। ये तीन थीम हैं FDI, मेक इन इंडिया और ईज ऑफ डूईंग बिजनेस। इसके तहत ग्लोबल इनवेस्टमेंट फंड निवेश शर्तों में कटौती का प्रस्ताव है। केवल दुरुपयोग रोकने के प्रावधान बिल में शामिल है। इसमें FPIs टैक्स से जुड़े स्पष्ट और स्थायी प्रावधान हैं। इसके तहत ग्लोबल फंड मैनेजर भारत में अपना फंड रीलोकेट कर सकेंगे।

इस बिल में REIT और InvIT निवेशकों को बड़ी राहत दी गई है। REIT-InvIT डिविडेंड पर टैक्स छूट जारी रहेगी। नई टैक्स व्यवस्था में भी टैक्स-फ्री डिविडेंड का प्रावधान है। अब टैक्स रिजीम बदलने से निवेशकों पर असर नहीं। सरकार का जोर छोटे निवेशकों के हित की रक्षा पर है। डेटा सेंटर सेक्टर को बड़ी टैक्स राहत देने की तैयारी है। डेटा सेंटर के लिए मंजूरी प्रक्रिया आसान होगी। सरकारी मंजूरी की कई शर्तें खत्म होंगी।

इसके अलावा सरकार ने टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल के तहत,भारत में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स को कैपिटल गुड्स,इक्विपमेंट और टूलिंग सप्लाई करने वाली विदेशी कंपनियों के लिए टैक्स छूट को FY31 से FY41 तक एक दशक तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।

इस बिल के जरिए इनकम-टैक्स एक्ट,2025 के शेड्यूल IV में बदलाव किया जाएगा। जिसके तहत कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर को कैपिटल गुड्स,इक्विपमेंट या टूलिंग देने वाली विदेशी कंपनियों को संबंधित इनकम पर टैक्स से छूट मिलती है,बशर्ते कंपनी के बनाए गए प्रोडक्टस भारत में ही इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल हों।

 

श्रीलंका जाने से पहले यह बल्लेबाज भी हुआ चोटिल, बढ़ा टेस्ट टीम का सिरदर्द

भारतीय टीम ने आज श्रीलंका के लिए उड़ान भरी क्योंकि टीम को 15 अगस्त से शुरु हो रही 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। लेकिन टीम के दल में जो बल्लेबाज चयनित हुआ था वह टीम के साथ नहीं था। यह बल्लेबाज टेस्ट टीम का शीर्ष क्रम का बल्लेबाज है।

श्रीलंका दौरे पर जाने से पहले सांइ सुदर्शन चोटिल हो गए और टीम बस में नहीं दिखे। मीडिया सूत्रों के हवाले से खबर है कि सांई सुदर्शन भी श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए फिट नहीं है। हालांकि उनकी चोट पर स्पष्टता अभी नहीं आई है। लेकिन अगर यह खबर सच है तो भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर नहीं है क्योंकि वह बाएं हाथ के बल्लेबाज है और स्पिन गेंदबाजी अच्छा खेलते हैं।

इससे पहले रविवार को जब खबर आई कि जसप्रीत बुमराह चोट के कारण पूरे श्रीलंका दौरे से ही बाहर हो गए हैं तो बैंगलूरू स्थित सैंटर ऑफ एक्सिलेंस पर भारतीय क्रिकेट फैंस सवाल उठाने लग गए।

तेज गेंदबाज हर्षित राणा और ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी चोटिल होने के कारण श्रीलंका के खिलाफ श्रृंखला में नहीं खेल पाएंगे। ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर भी मांसपेशियों में खिंचाव के कारण पहले टेस्ट मैच से बाहर हो गए हैं जबकि तेज गेंदबाज आकाशदीप अभी तक पीठ की दर्द से नहीं उबर पाए हैं।

श्रीलंका में स्पिन की मुफीद पिचें भारत का इंतजार करेंगी ऐसे में जसप्रीत बुमराह को ऐसी पिच पर आराम देने की सलाह रविचंद्रन अश्विन ने दी थी। लेकिन विश्व टेस्ट चैंपियनशित चक्र 2025-27 को देखते हुए अब भारत की टीम ज्यादा जोखिम नहीं ले सकती। टीम इंडिया के लिए बचे हुए 9 मैचों में से 7 जीतने आवश्यक है।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन

Silver Gold Price Today: भारत में सोना ₹1.42 के पार निकला, चांदी ₹2600 चढ़ी,तेजी की क्या है वजह

Silver Gold Price Today: भारत में सोने चांदी की कीमतों में बढ़त देखने को मिल रही है। MCX पर सोने का भाव 904 रुपये यानी 0.64 फीसदी की बढ़त के साथ 1, 42, 059 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा। वहीं चांदी 2600 रुपये यानी 1.2 फीसदी की बढ़त के साथ 2,19,448 रुपये किलोग्राम पर पहुंचा।

वहीं इंटरनेशनल मार्केट में कॉमेक्स (Comex) पर,स्पॉट गोल्ड 0.47 प्रतिशत बढ़कर $4,109.90 प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 1.84 प्रतिशत बढ़कर $58.92 प्रति औंस हो गई।

बाजारों की नजर अब इस हफ्ते आने वाली अमेरिकी लेबर मार्केट की कई रिपोर्टों पर है, जिनमें मंगलवार को बाद में आने वाला JOLTS जॉब ओपनिंग्स डेटा, बुधवार को ADP प्राइवेट एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट और शुक्रवार को नॉन-फार्म पेरोल्स रिपोर्ट शामिल हैं। उम्मीद है कि यह डेटा फेडरल रिजर्व की ब्याज दर की चाल के बारे में नए संकेत देगा।

इस बीच, भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी चर्चा में रहे, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और इसे तेहरान के लिए किसी समझौते पर सहमत होने का “आखिरी मौका” बताया। हालांकि, ईरान ने इस बात से इनकार किया कि कोई बातचीत हो रही है या इसकी कोई योजना है।

अमेरिका-ईरान तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव पड़ा और रिस्क एसेट्स (जोखिम वाली संपत्तियों) को बढ़ावा मिला। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 3 पैसे बढ़कर 95.34 पर पहुंच गया, और ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 5.06 प्रतिशत गिरकर $83.48 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जिससे महंगाई की चिंताएं कम हुईं और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई। ट्रेडर्स अभी सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की 65 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं।

अब क्या करें निवेश

ऑगमोंट (Augmont) की चीफ रिसर्च ऑफिसर रेनिषा चैनानी ने कहा कि जब तक लेबर मार्केट का आगामी डेटा अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी के बारे में स्पष्ट संकेत नहीं देता, तब तक सोने की कीमतें एक निश्चित दायरे में रहने की संभावना है। “हमारी राय में, आज कीमती धातुओं में आई तेज़ी मुख्य रूप से जियोपॉलिटिकल तनाव और ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक को लेकर अनिश्चितता के बीच ‘सेफ-हेवन’ (सुरक्षित निवेश) की बढ़ती मांग के कारण है। मिडिल ईस्ट में हालिया घटनाक्रम के बाद निवेशक सतर्क हो गए हैं, जिससे सोना, चांदी, प्लेटिनम और पैलेडियम की खरीदारी बढ़ी है। एक और अहम वजह आने वाला US इकोनॉमिक डेटा है, खासकर लेबर मार्केट की रिपोर्ट, जो फेडरल रिजर्व के अगले ब्याज दर के फैसले से जुड़ी उम्मीदों पर असर डालेगी।

हमारा मानना ​​है कि निवेशकों को US मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा, ट्रेजरी यील्ड, डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतों और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि ये कारक तय करेंगे कि मौजूदा तेज़ी में आगे बढ़ने की ताकत है या नहीं,” तिवारी ने कहा।

ऑगमॉन्ट बुलियन की रिपोर्ट (4 अगस्त) का अनुमान है कि अगर सोने की कीमत $4,000 (₹1,41,000) से नीचे गिरती है, तो यह और गिरकर $3,900 (₹1,38,000) तक जा सकती है। लेकिन अगर यह $4,200 (₹1,46,000) से ऊपर बनी रहती है, तो एक नई तेज़ी इसे $4,500 (₹1,55,000) की ओर ले जा सकती है। चांदी के लिए, $63 (₹2,35,000) से ऊपर की मज़बूत चाल कीमतों को $70–71 की ओर धकेल सकती है। दूसरी ओर, $55 (₹2,14,000) से नीचे की गिरावट इसे $50 (₹2,00,000) तक नीचे ला सकती है।

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अगले 48 घंटे प्रचंड बारिश का अलर्ट: पूर्वोत्तर से उत्तर भारत तक बरसेंगे बादल! यूपी-दिल्ली समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश

IMD Weekly Weather Update: देश भर में मानसून एक बार फिर अत्यंत आक्रामक रूप में लौट आया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 48 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में प्रचंड बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक पूर्वोत्तर और उससे सटे पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी बारिश होगी जबकि इसके बाद के 5 दिनों तक भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

विशेष रूप से 4 और 5 अगस्त 2026 को असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 सेमी या उससे अधिक अत्यधिक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भी आज भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

देश में सक्रिय प्रमुख मौसम प्रणालियां

मौसम में आए इस बड़े बदलाव और भारी बारिश के पीछे देश भर में बने कई मौसमी सिस्टम जिम्मेदार हैं। मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है, जबकि इसका पूर्वी सिरा उत्तर की तरफ स्थित है। मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक पश्चिमी हवाओं में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। उत्तरी हरियाणा और आसपास, उत्तर-पूर्वी राजस्थान, उत्तर-पश्चिम बिहार, उत्तर-पूर्वी असम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी व उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर अलग-अलग निचले और मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।

उत्तर भारत: दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और UP में कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में अगले कई दिनों तक मानसूनी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 से 6 अगस्त के बीच व्यापक बारिश देखने को मिलेगी। इस दौरान 4 से 6 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 अगस्त और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 और 7 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है, जबकि 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 और 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 4 से 10 अगस्त तक गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश होगी। हिमाचल में 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 10 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड में 4 और 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 6 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 4-5 अगस्त और 9-10 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 4, 6 और 9-10 अगस्त को भारी तथा 7 और 8 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और बंगाल में ‘अत्यंत भारी बारिश’ की चेतावनी

पूर्वोत्तर भारत में अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं, जहां अत्यधिक मूसलाधार बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। असम और मेघालय में 4 और 5 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) होने की पूरी संभावना है। इसके बाद 6 से 10 अगस्त तक भी लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

अरुणाचल प्रदेश में 4 और 5 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 6, 9 और 10 अगस्त को भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 अगस्त तक व्यापक बारिश का सिलसिला रहेगा, जहां 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और बंगाल का हाल

पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसूनी हवाओं का असर साफ दिखेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। 5 अगस्त को यहां बहुत भारी बारिश होगी। वहीं गांगेय पश्चिम बंगाल में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 4 और 6 अगस्त को भारी बारिश जबकि 5 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। झारखंड में 4 से 8 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

ओडिशा में 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश तथा 4 और 7 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 4 से 10 अगस्त के दौरान 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चल सकता है।

मध्य और पश्चिम भारत: एमपी, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में अलर्ट

मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 4 से 8 अगस्त तक भारी बारिश होगी, जिसमें 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। छत्तीसगढ़ में 4 से 10 अगस्त तक बारिश जारी रहेगी और 4 से 8 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। कोंकण और गोवा में 5 अगस्त को तथा मध्य महाराष्ट्र में 5 और 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 4 और 6 अगस्त को इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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दक्षिण भारत: कर्नाटक और केरल में भारी बारिश

तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज (4 अगस्त) अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 4 से 8 अगस्त तक तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

RITES Q1 Results: सरकारी रेल कंपनी को ₹98 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड का ऐलान

RITES Q1 Results: सरकारी रेलवे कंसल्टेंसी और इंजीनियरिंग कंपनी RITES ने जून तिमाही में स्थिर प्रदर्शन किया है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 7.7% बढ़कर ₹98 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹91 करोड़ था।

रेवेन्यू बढ़ा, मार्जिन में गिरावट

RITES का जून तिमाही में रेवेन्यू 8.6% बढ़कर ₹532 करोड़ हो गया। हालांकि, EBITDA लगभग स्थिर रहकर ₹114 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA मार्जिन 23.4% से घटकर 21.5% पर आ गया, जिससे ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव दिखा।

₹1.40 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड

RITES के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1.40 प्रति शेयर के पहले अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। 10 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है। पात्र शेयरधारकों को 2 सितंबर 2026 तक डिविडेंड का भुगतान कर दिया जाएगा।

दक्षिण अफ्रीका से मिला बड़ा ऑर्डर

जुलाई में RITES को दक्षिण अफ्रीका की Volantis Asset Finance से 3,000 HP Cape Gauge डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की सप्लाई और कमीशनिंग का 3.582 करोड़ डॉलर (35.82 मिलियन डॉलर) का निर्यात ऑर्डर मिला। यह प्रोजेक्ट 20 महीनों में पूरा किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कारोबार आने वाले समय में ग्रोथ का बड़ा आधार बनेगा।

RITES के शेयर

नतीजों के बाद मंगलवार दोपहर RITES का शेयर NSE पर करीब 1.42% की गिरावट के साथ ₹216.19 पर कारोबार कर रहा था।

RITES सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है। यह रेलवे, मेट्रो, हाईवे और बंदरगाह परियोजनाओं पर काम करती है। कंपनी कंसल्टेंसी, इंजीनियरिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और रोलिंग स्टॉक सेवाएं देती है। इसका कारोबार भारत के साथ-साथ कई विदेशी देशों में भी फैला हुआ है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LPG e-KYC Alert: 16 अगस्त से पहले कर लें ये काम, वरना सिलेंडर बुकिंग और सब्सिडी में आ सकती है परेशानी

LPG e-KYC Alert: घरेलू LPG ग्राहकों के लिए जरूरी खबर सामने आई है। सरकारी तेल कंपनियों ने अब e-KYC प्रक्रिया को पूरा कराने की मुहिम तेज कर दी है। कंपनियां चाहती हैं कि सभी घरेलू LPG उपभोक्ता 16 अगस्त 2026 तक आधार आधारित e-KYC वेरिफिकेशन पूरा कर लें।

इसे लेकर देशभर में ग्राहकों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS भेजे जा रहे हैं। मैसेज में ग्राहकों को बताया जा रहा है कि अगर उन्होंने समय पर यह जरूरी वेरिफिकेशन पूरा नहीं किया, तो उन्हें सरकारी तय घरेलू दरों पर LPG सिलेंडर बुक करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

बता दें कि इस कदम का मकसद नकली और डुप्लिकेट LPG कनेक्शन को खत्म करना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सब्सिडी सिर्फ असली घरेलू उपभोक्ताओं तक ही पहुंचे।

अगर आप तय समय-सीमा तक काम पूरा नहीं करते हैं तो क्या होगा?

तेल कंपनियों ने चेतावनी दी है कि जो ग्राहक तय समय-सीमा तक अपना e-KYC पूरा नहीं कर पाते हैं, उन्हें सब्सिडी वाले घरेलू रेट पर LPG सिलेंडर बुक करने में परेशानी हो सकती है।

तेल कंपनियों ने चेतावनी दी है कि जो ग्राहक तय समय सीमा तक e-KYC पूरा नहीं करेंगे, उन्हें सब्सिडी वाली घरेलू दरों पर LPG सिलेंडर बुक करने में परेशानी हो सकती है। ऐसे ग्राहकों को वेरिफिकेशन पूरा होने तक सिलेंडर कमर्शियल कीमतों पर खरीदना पड़ सकता है।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को भी LPG सब्सिडी मिलने में रुकावट आ सकती है अगर वे समय पर आधार वेरिफिकेशन पूरा नहीं कराते हैं तो।

लाखों लोगों का वेरिफिकेशन अभी बाकी

देश के कई हिस्सों में e-KYC मुहिम को धीमी प्रतिक्रिया मिली है।

‘पुणे मिरर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले पुणे जिले में करीब 6 लाख घरेलू LPG ग्राहकों में से लगभग 4.80 लाख (यानी करीब 80%) ने अभी तक जरूरी वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा नहीं किया है।

अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में गैस सप्लाई में कुछ समय के लिए रुकावट आने से चिंता पैदा हुई थी, जिसके बाद करीब 1.25 लाख ग्राहकों ने अपना रजिस्ट्रेशन पूरा किया। हालांकि, सिलेंडर की रेगुलर सप्लाई फिर से शुरू होने के बाद वेरिफिकेशन की रफ्तार धीमी पड़ गई है।

गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अरुण मिश्रा ने कहा कि डिस्ट्रीब्यूटर्स ने फोन कॉल, SMS अलर्ट और घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने की मुहिम शुरू की है, जिसमें ग्राहकों से अपील की जा रही है कि वे आखिरी समय का इंतजार न करें।

LPG e-KYC कैसे पूरा करें?

ग्राहक कई तरीकों से आधार-आधारित वेरिफिकेशन पूरा कर सकते हैं:

  • Indian Oil One App के जरिए (इंडियन ऑयल ग्राहकों के लिए)
  • अपनी LPG कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप या पोर्टल के माध्यम से
  • अपने नजदीकी LPG डिस्ट्रीब्यूटर या गैस एजेंसी पर जाकर
  • सिलेंडर डिलीवरी के समय LPG डिलीवरी कर्मचारी के जरिए

वहीं, वेरिफिकेशन पूरा करने के लिए ग्राहकों को अपने आधार कार्ड, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और पहचान से जुड़ी अन्य जानकारी की जरूरत होगी।

ग्राहकों को भेजा गया SMS अलर्ट

तेल कंपनियां उन ग्राहकों को बार-बार रिमाइंडर भेज रही हैं जिन्होंने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है।

ऐसे ही एक मैसेज में लिखा है: “प्रिय ग्राहक, घरेलू दरों पर LPG सिलेंडर पाने के लिए आपको e-KYC पूरा करना होगा। बार-बार रिमाइंडर मिलने के बावजूद, आपने अभी तक e-KYC पूरा नहीं किया है।”

इंडियन ऑयल ने ग्राहकों को यह भी बताया है कि जो लोग 16 अगस्त, 2026 तक e-KYC पूरा नहीं करेंगे, वे वेरिफिकेशन पूरा होने तक घरेलू दरों पर LPG सिलेंडर पाने के हकदार नहीं होंगे।

PM उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए भी जरूरी

यह जरूरी वेरिफिकेशन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों पर भी लागू होता है।

2016 में शुरू की गई इस योजना के तहत पूरे भारत में 10 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी हैं। अभी इस योजना के तहत सब्सिडी के तौर पर हर सिलेंडर पर 300 रुपये का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) मिलता है, जो साल में ज्यादा से ज्यादा चार LPG रिफिल के लिए है।

अधिकारियों ने PMUY लाभार्थियों को सलाह दी है कि वे सब्सिडी पेमेंट में किसी भी रुकावट से बचने के लिए समय सीमा खत्म होने से पहले अपना e-KYC पूरा कर लें।

e-KYC को अनिवार्य क्यों किया जा रहा है?

अधिकारियों के अनुसार, इस वेरिफिकेशन अभियान का मकसद हर एक्टिव कनेक्शन को एक असली ग्राहक से जोड़कर LPG डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को मजबूत करना है। उम्मीद है कि इससे डुप्लीकेट या फर्जी कनेक्शन पर रोक लगेगी और यह पक्का हो सकेगा कि सरकारी सब्सिडी सिर्फ सही हकदार लोगों को ही मिले।

अधिकारियों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे 16 अगस्त से काफी पहले ही वेरिफिकेशन पूरा कर लें, ताकि आखिरी समय की भीड़-भाड़ से बचा जा सके और LPG बुकिंग या सब्सिडी के फायदों में कोई रुकावट न आए।

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गौतम की गंभीर शिकायत लेकर BCCI के पास गए कुछ सीनियर खिलाड़ी

गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत ने भले ही दो आसीसी टूर्नामेंट्स जीत लिए हों लेकिन द्विपक्षीय सीरीज में भारत की लगातार हार से कई सवाल उठे हैं। खासकर दो टेस्ट सीरीज जो भारत में हुई थी उसका काफी कुछ श्रेय गौतम गंभीर को गया। जून के महीने में रोहित शर्मा संन्यास ले रहे हैं ऐसा भ्रम फैलाया गया लेकिन वह खबरें बोर्ड ने खारिज कर दी और रोहित ने लॉर्ड्स में शतक ठोक दिया।  

ऐसे में कई सीनियर खिलाड़ी अब गौतम गंभीर के रवैये और कोचिंग के तौर तरीके से नाराज होकर इसकी शिकायत बोर्ड के सामने रखने गए हैं। ऐसे में संभव है कि सीनियर खिलाड़ियों को किनारे लगाने की सोचने वाले गौतम गंभीर खुद ही किनारे लग जाए।मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के अनुसार कुछ खिलाड़ियों ने मुख्य कोच की शिकायत बोर्ड से की है।

हालांकि अभी तक यह पता नहीं चला है कि कितने सीनियर खिलाड़ियों ने शिकायत की है और कौन कौन इसमें शामिल है। इस खबर की पुष्टि भी होना बाकी है। लेकिन गौतम गंभीर पर फिलहाल दबाव बनाने का यह बेहतरीन मौका है जिसे सीनियर खिलाड़ी छोड़ना नहीं चाहते।

दबाव बढ़ रहा है गंभीर पर

भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को निकालने में नाकाम कोच गौतम गंभीर पर अब दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।अगली एकदिवसीय सीरीज अब अक्टूबर में हो रही है और मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है।

ऐसे में गौतम गंभीर के दोस्त अजीत आगरकर की जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति टीम का चयनकर्ता बनता है जिसके संबंध रोहित शर्मा से अच्छे हैं तो फिर गौतम गंभीर को उन्हें हर मैच में मौका देना होगा भले ही रोहित कितना भी गंदा खेलें। ऐसे में रोहित शर्मा से आगे बढ़ने की बात पर सहमति जता चुके गौतम गंभीर खुद अपना 2027 विश्वकप का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं।

गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले अंतिम एकदिवसीय मैच में शतक (138 रन) मारकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया था। हालांकि यह दूसरी बार हुआ है जब रोहित शर्मा का करियर एक महीन धागे से बंधा था तब उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेल दी थी।

श्रेयस ने भी ले ली थी चुटकी

जिम्बाब्वे के खिलाफ बतौर कप्तान अपनी पहली टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज जीतकर श्रेयस अय्यर ने दौरे पर गए कोच VVS लक्ष्मण के लिए तारीफ के पुल बांध दिए। इसे कई क्रिकेट फैंस इस नजरिए से देख रहे हैं कि श्रेयस अय्यर यह साबित करना चाहते हैं कि गौतम गंभीर की कोचिंग के कारण टीम को आयरलैंड और फिर इंग्लैंड के खिलाफ 0-2 और 0-4 की शर्मनाक हार झेलनी पड़ी थी।

गौरतलब है कि VVS लक्ष्मण का कोचिंग करियर खासा अच्छा गया है। साल 2022 से टीम के साथ कभी कभार कोचिंग की जिम्मेदारी संभालने वाले वीवीएस लक्ष्मण अब तक बतौर कोच एक भी सीरीज नहीं हारे हैं।

दतिया में हार के बाद बड़े एक्शन की तैयारी में भाजपा, जिला अध्यक्ष सहित पूरी कार्यकारिणी पर गिर सकती है गाज

भोपाल। दतिया विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद अब पार्टी के अंदर ही सवाल उठने लगे है। पार्टी में हाशिए पर चले रहे नेताओं ने अब पार्टी के फैसलों के खिलाफ सवाल उठाना शुरु कर दिया है। पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने दतिया और बांकीपुर में भाजपा की हार के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स लिखा…आत्ममंथन का समय। इसके साथ 

वहीं दतिया में कांग्रेस की जीत के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा कि दतिया के जनादेश से यह साफ हो गया है कि जनता अब झूठे वादों की बजाय पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और ठोस परिणाम चाहती है। पटवारी ने प्रदेश की बुनियादी चुनौतियों पर सरकार से श्र्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।  

हार पर भाजपा की समीक्षा, बड़े एक्शन की तैयारी-दतिया विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब भाजपा बड़े एक्शन की तैयारी में है। हार के कारणों की समीक्षा को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडलेवाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में हार के कारणों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में भाजपा के चुनाव प्रभारी और सांसद  भारत सिंह कुशवाह, प्रत्याशी आशुतोष तिवारी सहित वह सभी मंत्री भी शामिल हुए जिन्हें भाजपा ने दतिया में विभिन्न मंडलों को जिताने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

पार्टी सूत्रों के साथ बैठक में उपचुनाव में भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा सहित भाजपा के जिला पदाधिकारियों, पार्षदों की भूमिका की विस्तार से समीक्षा की गई। बताया  जा  रहा है कि बैठक में शामिल दतिया विधानसभा चुनाव से जुड़े सभी नेताओं ने हार की मुख्य वजह भितरघात को बताया। इसके साथ बैठक में पार्टी की चुनावी रणनीति और चुनावी मैनेजमेंट को लेकर भी सवाल उठाया गया।

इसके साथ वोटिंग के ठीक पहले पार्षद कल्लू कुशवाह के हत्याकांड की सीआईडी जांच को लेकर उसकी पत्नी के वायरल किए गए वीडियो और वोंटिग के दिन भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह को निष्कासन के फर्जी वायरल पत्र के चुनाव पर प़ड़े प्रभाव की समीक्षा की गई।

भितरघात भाजपा की हार की मुख्य वजह-दतिया विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार का बड़ा कारण पार्टी में जमकर भितरघात होना रहा। बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटने के बाद दतिया की सड़कों पर जिस तरह से उनके समर्थकों ने बवाल काटा, उसने उपचुनाव में बीजेपी की हार की पूरी भूमिका तैयार कर दी थी। इसके बाद बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी की नामांकन रैली में जिस तरह से मंच पर नरोत्तम मिश्रा रोएं और पूरे चुनाव प्रचार के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने जिस तरह से टिकट कटने को लेकर पार्टी नेतृ्व्य पर इशारों ही इशारों में सवाल उठाए, उसका खामियाजा पार्टी को चुनाव में उठाना पड़ा।

चुनाव परिणाम के नतीजे बताते हैं कि बीजेपी को नरोत्तम मिश्रा के पोलिंग बूथ के साथ दतिया भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह के पोलिंग बूथ पर भी कांग्रेस के हाथों हार का सामना करना पड़ा, यह इस बात का साफ इशारा है कि चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के खिलाफ जमकर भितरघात हुआ।

दतिया से खुलकर टिकट की दावेदारी करने वाले नरोत्तम मिश्रा के रोने का वीडियो जिस तरह से वोटिंग के ठीक पहले सोशल मीडिया पर उनके समर्थकों के द्वारा वायरल किया गया और चुनाव में ‘बीजेपी को सबक सिखाने’ और ‘दादा के आंसुओं का बदला लेने’ के कमेंट किए गए उसने चुनाव में बीजेपी को हराने का काम किया। 

दतिया में पूरे चुनाव प्रचार के दौरान नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों के साथ बीजेपी के जिला पदाधिकारी अलग-थलग दिखाई पड़े और उन्होंने एक तरह से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के विरोध में काम किया और अपने घर बैठ गए। दतिया बीजेपी जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी के साथ बीजेपी के पार्षद एक तरह से पूरे चुनाव प्रचार के दौरान नदारद रहे।