Share Market Crash: 5 सेकंड में ₹5 लाख करोड़ साफ, Sensex में 800 अंकों की गिरावट, Nifty 23800 के नीचे

Share Market Crash: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध गहराने से घरेलू स्टॉक मार्केट में कोहराम मच गया। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23800 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप में 1-1% की गिरावट है। निफ्टी के सभी सेक्टर्स के इंडेक्स लाल हैं। ओवरऑल बात करें तो BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹5.60 लाख करोड़ घट गया है यानी निवेशकों की दौलत मार्केट खुलते ही ₹5.60 लाख करोड़ कम हो गई।

अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सों की बात करें तो फिलहाल 09:21 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 706.50 प्वाइंट्स यानी 0.92% की गिरावट के साथ 76,237.78 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 235.40 प्वाइंट्स यानी 0.98% की फिसलन के साथ 23,820.40 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 808.56 प्वाइंट्स टूटकर 76,135.72 और निफ्टी 269.00 प्वाइंट्स गिरकर 23,786.80 पर आ गया।

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निवेशकों की दौलत में ₹5.60 लाख करोड़ की गिरावट

एक कारोबारी दिन पहले यानी 01 सितंबर 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,89,41,989.64 करोड़ था। आज यानी 02 सितंबर 2026 को मार्केट खुलते ही यह ₹4,83,81,902.24 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी ₹5,60,087.4 करोड़ घट गई है।

Sensex का सिर्फ एक शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें सिर्फ एक सन फार्मा ही फिलहाल ग्रीन है लेकिन इसमें भी तेजी मामूली ही है। सबसे अधिक गिरावट फिलहाल इंडिगो, इंफोसिस और एमएंडएम में है। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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63 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 2836 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 895 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1766 में गिरावट का रुझान है और 175 में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। इसके अलावा 63 शेयर एक साल के हाई और 65 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 71 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 97 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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अमीर बनने का फॉर्मूला बताते-बताते खुद ₹10000 करोड़ के कर्ज में डूबे रिच डैड पुअर डैड वाले रॉबर्ट कियोसाकी! रिपोर्ट ने किया ये दावा

Robert Kiyosaki Debt News: पूरी दुनिया को गरीबी के दुचक्र से निकलने, नौकरी छोड़कर बिजनेस करने और रातों-रात अमीर बनने का ‘फॉर्मूला’ बताने वाले रॉबर्ट कियोसाकी आज खुद $1.2 बिलियन यानी करीब ₹10,000 करोड़ से ज्यादा के भारी-भरकम कर्ज के पहाड़ तले दबे हुए हैं।

‘रिच डैड पुअर डैड’ (Rich Dad Poor Dad) बेस्ट-सेलिंग किताब लिखकर दुनिया भर के करोड़ों युवाओं को फाइनेंशियल फ्रीडम की पाठ पढ़ाने वाले इस सेल्फ-हेल्प गुरु का खुद का क्या हाल हो गया है, इसका खुलासा न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में हुआ है। दुनिया को यह सिखाने वाले कि ‘पैसा कैसे काम करता है’, खुद कर्ज के खेल में इस कदर उलझे हुए हैं कि आंकड़े देखकर किसी का भी दिमाग चकरा जाए।

‘हां, मैं 1.2 बिलियन डॉलर के कर्ज में हूं!’- कियोसाकी का बेबाक कुबूलनामा

79 वर्षीय कियोसाकी को इस 1.2 बिलियन डॉलर के कर्ज पर न तो कोई शर्मिंदगी है और न ही कोई मलाल। उल्टा, वह खुलेआम पॉडकास्ट में अपनी इस ‘कर्जदार शख्सियत’ का ढोल पीट रहे हैं। ‘गेट रिच एजुकेशन’ पॉडकास्ट में उन्होंने बड़े गर्व से कहा, ‘तो क्या हुआ, मैं 1.2 बिलियन डॉलर के कर्ज में हूं।’

इसके साथ ही उन्होंने तंजिया लहजे में यह भी जोड़ दिया, ‘लोगों को वो नहीं करना चाहिए जो मैं करता हूं, समझे? अगर आप कर्ज का इस्तेमाल करना सीखना चाहते हैं, तो पहले आपको पढ़ाई करनी होगी।’ यानी गुरुजी खुद अरबों के कर्ज में डूबकर भी ज्ञान बांटने की अपनी पुरानी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं।

क्या है कियोसाकी का ‘अमीर बनने और टैक्स बचाने’ का खेल?

न्यूयॉर्क पोस्ट ने वैनिटी फेयर की रिपोर्ट के हवाले से कियोस्की के इस ‘कर्ज साम्राज्य’ की परतें खोली हैं। कियोसाकी रियल एस्टेट में भारी कर्ज लेकर अपार्टमेंट और संपत्तियां खरीदते हैं। जब इन प्रॉपर्टीज की कीमतें बढ़ती हैं, तो वे बढ़े हुए मूल्य के बदले बैंकों से और नया कर्ज ले लेते हैं। चूंकि बैंक से लिया गया लोन कानूनी रूप से ‘इनकम’ नहीं माना जाता, इसलिए कियोसाकी इस कर्ज के पैसे को टैक्स-फ्री कैश की तरह खर्च करते हैं।

कियोसाकी अपनी हर प्रॉपर्टी को अलग-अलग लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी (LLC) के तहत रखते हैं। वैनिटी फेयर के मुताबिक, अगर उनकी कोई एक प्रॉपर्टी डूब भी जाए, तो वे बाकी संपत्तियों को कानूनी फायरवॉल से बचा लेते हैं। कियोसाकी कहते हैं, ‘अगर सब कुछ बर्बाद हो जाए, तो जाकर मेरे वकील से बात करो। अमीर लोग ऐसे ही गेम खेलते हैं।’

पूर्व पत्नी ने ही खोल दिया धागा

कियोसाकी की पूर्व पत्नी और बिजनेस पार्टनर किम कियोसाकी ने वैनिटी फेयर को बताया कि लोग 1.2 बिलियन डॉलर के इस आंकड़े को गलत समझ रहे हैं। किम के अनुसार, यह $1.2 बिलियन का कुल कर्ज उनकी पार्टनरशिप वाली 1,500 से अधिक अपार्टमेंट यूनिट्स से जुड़ा है। इसमें कियोसाकी का व्यक्तिगत हिस्सा मात्र 30 मिलियन से 60 मिलियन डॉलर के बीच ही है।

किम ने खुलासा किया, ‘रॉबर्ट को ऐसी बातें कहना पसंद है जिससे लोग हैरान रह जाएं। वे लोगों का ध्यान खींचने के लिए 1 बिलियन डॉलर के कर्ज की बात करते हैं ताकि बाद में समझा सकें कि गुड डेट क्या होता है।’

‘रिच डैड’ का खेल, आम निवेशक को बना देगा ‘पुअर डैड’!

फाइनेंशियल कंसल्टेंसी JPTD पार्टनर्स के संस्थापक जॉन पूले (John Poole) ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बात करते हुए कियोसाकी की इस खतरनाक रणनीति को आड़े हाथों लिया।उन्होंने कहा, ‘बाजार में तेजी रहने तक लेवरेज बहुत खूबसूरती से काम करता है। लेकिन जैसे ही बाजार नीचे आता है, यही कर्ज आपकी गर्दन पर चलती हुई आरी बन जाता है। कियोसाकी भले ही इसे ‘रिच डैड का कर्ज’ कहें, लेकिन अगर किसी आम निवेशक ने उनकी नकल करने की कोशिश की, तो वह बहुत जल्द ‘पुअर डैड’ बनकर कंगाल हो जाएगा।’

4.4 करोड़ किताबें बेचीं, पर खुद बने कर्ज के बादशाह!

1997 में खुद प्रकाशित की गई किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ की अब तक दुनिया भर में 4.4 करोड़ से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं। इस किताब में कियोसाकी ने अपने असली पिता सरकारी नौकरी वाले ‘पुअर डैड’ और अपने दोस्त के बिजनेसमैन पिता ‘रिच डैड’ के विचारों की तुलना करके दुनिया को संपत्ति और देनदारी का अंतर सिखाया हुआ है।

लेकिन आज विडंबना देखिए जिस इंसान ने पूरी दुनिया को ‘लायबिलिटी से दूर रहने और एसेट बनाने’ की सीख दी, वह खुद 1.2 बिलियन डॉलर की भयंकर लायबिलिटी के ऊपर बैठा हुआ है। अब इसे कियोसाकी की मास्टरमाइंड फाइनेंशियल स्ट्रैटेजी कहें या दुनिया को ज्ञान बांटने वाले गुरु का सबसे बड़ा विरोधाभास।

Silver Rate Today 2 September: चांदी के दाम में फिर गिरावट, दिल्ली से चेन्नई तक जानें आज की कीमत

Silver Rate Today 2 September: चांदी खरीदने वालों के लिए आज बाजार से मिला-जुला संकेत सामने आया है। पिछले कुछ समय से कीमती धातु की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और इसका असर आज के रेट पर भी दिखाई दिया। दिल्ली के सर्राफा बाजार में बुधवार को चांदी की कीमत ₹2,40,500 प्रति किलो (सभी टैक्स सहित) दर्ज की गई, जो पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले ₹5,000 कम है। वहीं, घरेलू वायदा बाजार में भी चांदी कमजोर नजर आई। MCX पर सुबह के कारोबार में चांदी का भाव 0.24 फीसदी गिरकर ₹2,28,993 प्रति किलो पर पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी हलचल का असर भी कीमती धातु पर देखने को मिल रहा है। ऐसे में अगर आप चांदी खरीदने, गहने बनवाने या निवेश के लिए भाव पर नजर रख रहे हैं, तो आज के रेट आपके लिए जानना जरूरी है। आगे जानिए देश के प्रमुख शहरों में चांदी कितने रुपये किलो बिक रही है।

MCX पर भी चांदी हुई कमजोर

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर भी चांदी के वायदा भाव में गिरावट देखने को मिली। आज सुबह तक चांदी का भाव 0.24 फीसदी यानी ₹556 की गिरावट के साथ ₹2,28,993 प्रति किलो रह गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में MCX पर चांदी ₹2,29,549 प्रति किलो पर बंद हुई थी।

दिल्ली समेत शहरों में चांदी कितने की मिल रही है?

अगर आप अपने शहर में चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो नीचे प्रमुख शहरों के ताजा भाव देख सकते हैं। ज्यादातर शहरों में चांदी की कीमत ₹2.55 लाख प्रति किलो के आसपास है।

शहर 1 किलो चांदी का भाव

दिल्ली ₹2,55,000

मुंबई  ₹2,55,000

कोलकाता     ₹2,55,000

चेन्नई ₹2,60,000

पटना  ₹2,55,000

लखनऊ      ₹2,55,000

मेरठ  ₹2,55,000

अयोध्या      ₹2,55,000

कानपुर ₹2,55,000

गाजियाबाद   ₹2,55,000

नोएडा ₹2,55,000

गुरुग्राम      ₹2,55,000

चंडीगढ़ ₹2,55,000

जयपुर ₹2,55,000

अहमदाबाद   ₹2,55,000

पुणे   ₹2,55,000

लुधियाना     ₹2,55,000

गुवाहाटी      ₹2,55,000

इंदौर  ₹2,55,000

सूरत  ₹2,55,000

नागपुर ₹2,55,000

नासिक ₹2,55,000

बैंगलोर ₹2,55,000

वडोदरा ₹2,55,000

भुवनेश्वर     ₹2,60,000

रायपुर ₹2,55,000

हैदराबाद      ₹2,60,000

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी पर दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमत कमजोर हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, चांदी करीब $64.74 प्रति औंस पर पहुंच गई। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक बाजार में बिकवाली का असर घरेलू कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।

एक दिन पहले कितनी थी चांदी?

पिछले कारोबारी सत्र में दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी ₹2,45,500 प्रति किलो पर स्थिर थी। इसके बाद इसमें ₹5,000 की गिरावट आई और कीमत घटकर ₹2,40,500 प्रति किलो रह गई। विदेशी बाजारों में भी चांदी पर दबाव रहा। हाजिर चांदी की कीमत करीब 3 फीसदी गिरकर $64.68 प्रति औंस रह गई थी।

मंगलवार को वायदा बाजार में क्या हुआ था?

इससे ठीक एक दिन पहले घरेलू वायदा बाजार में तस्वीर थोड़ी अलग थी। मजबूत हाजिर मांग और कारोबारियों की ताजा खरीदारी के चलते चांदी वायदा 0.19 फीसदी बढ़कर ₹2,40,577 प्रति किलो पहुंच गया था। MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाले चांदी कॉन्ट्रैक्ट में ₹27 की तेजी दर्ज की गई थी। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में न्यूयॉर्क में चांदी 0.17 फीसदी गिरकर $66.46 प्रति औंस पर आ गई थी।

खरीदारी करने वालों के लिए क्या समझना जरूरी है?

चांदी के भाव में इस समय तेजी से उतार-चढ़ाव हो रहा है। घरेलू बाजार, MCX और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में अलग-अलग तस्वीर दिखाई दे रही है। ऐसे में अगर आप चांदी के गहने, सिक्के या निवेश के लिए सिल्वर खरीदने जा रहे हैं, तो खरीदारी से पहले अपने स्थानीय सर्राफा बाजार का ताजा भाव जरूर जांच लें। साथ ही, चांदी की शुद्धता, मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स के कारण अंतिम कीमत अलग हो सकती है।

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GIFT निफ्टी से मिल रहे बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत, क्रूड 96 डॉलर के करीब

बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सुस्त शुरुआत करने की संभावना दिख रही है। GIFT निफ्टी हल्की गिरावट के साथ शुरुआत का संकेत दे रहा है। क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी,US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और US-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में जोखिम से बचने का माहौल बन गया है। एशियाई बाजारों में भारी गिरावट और वॉल स्ट्रीट में कमजोरी से दबाव और बढ़ सकता है, हालांकि घरेलू स्तर पर संस्थागत निवेशकों की खरीदारी जारी रहने से कुछ राहत मिल सकती है।

सुबह करीब 8.30 बजे GIFT निफ्टी 24,027 पर ट्रेड कर रहा था। इसमें 24 अंक यानी 0.1 प्रतिशत की गिरावट दिख रही थी। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 12.99 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 76,944.28 पर आ गया,जबकि निफ्टी 24.60 अंक या 0.10 प्रतिशत गिरकर 24,055.80 पर बंद हुआ।

ग्लोबल हालात काफी खराब हो गए हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत $96 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है,US 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड 4.8 प्रतिशत के करीब है और जियोपॉलिटिकल तथा ब्याज दरों से जुड़ी चिंताएं फिर से उभर आई हैं।

रिस्क-ऑफ़ ट्रेड बढ़ने से एशियाई बाजारों में गिरावट

बुधवार को एशियाई इक्विटी में भारी गिरावट आई है। ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में बिकवाली और अमेरिका-ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई ने निवेशकों के जोखिम लेने के उत्साह को कम कर दिया है। जापान को छोड़कर एशिया पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 0.8 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) खुलते ही 3 प्रतिशत लुढ़क गया,जबकि जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 2.2 प्रतिशत गिर गया।

उधर कल अमेरिकी शेयरों में गिरावट जारी रहने के बाद S&P 500 e-mini फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा है।

अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी के और सख्त होने की उम्मीदें बढ़ने के साथ US 10 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड बढ़कर लगभग 4.80 प्रतिशत हो गया है। रॉयटर्स के मुताबिक फेड फंड्स फ्यूचर्स के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि दो हफ़्ते बाद होने वाली US फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना 67 प्रतिशत है।

तेल की कीमतों में लगभग 1% की बढ़ोतरी

बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में लगभग 1% की बढ़ोतरी हुई। पिछले सेशन की तेजी आगे बढ़ी दिखी है। US और ईरान के बीच रात भर हुए हमलों के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताएं बढ़ गईं हैं और मिडिल ईस्ट में तनाव के जल्द कम होने की उम्मीदें कम हो गईं हैं।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 87 सेंट या 0.92% बढ़कर $95.52 प्रति बैरल पर दिख रहा है। जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 80 सेंट या 0.89% बढ़कर $91.02 पर आ गया है। मंगलवार को दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में $4 से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई थी,जो 24 जुलाई के बाद ब्रेंट में और 23 जुलाई के बाद WTI में सबसे बड़ी बढ़त रही।

बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से वॉल स्ट्रीट में गिरावट

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट जारी रही। ग्लोबल स्तर पर बॉन्ड की बिकवाली तेज हो गई और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। नैस्डैक कम्पोजिट 1.03 प्रतिशत गिरकर 26,099.77 पर आ गया,जबकि डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.79 प्रतिशत गिरकर 52,766.93 पर बंद हुआ। S&P 500 में 0.71 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7,631.47 पर आ गया।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और US ट्रेजरी यील्ड के 4.8 प्रतिशत के करीब पहुंचने से इक्विटी मार्केट के लिए मुश्किल हालात बन रहे हैं। एक्सटर्नल मैक्रो-इकोनॉमिक और जियो-पॉलिटिकल जोखिमों का असर निकट भविष्य में बाजार की दिशा पर पड़ने की संभावना है।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी आर का मानना ​​है कि निफ्टी का रुख सतर्क से लेकर कमज़ोर बना रहेगा,जिसमें 24,150-24,200 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। 24,000 का स्तर एक अहम सपोर्ट बना हुआ है। अगर यह स्तर टूटता है और इंडेक्स इसके नीचे बना रहता है तो यह 23,900-23,800 की ओर जा सकता है।

 

Stock Market live Updates : GIFT Nifty से सुस्त शुरुआत के संकेत, US और एशियाई बाजार गिरे

 

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Priority Jewels IPO: 100.45 गुना के बंपर सब्सक्रिप्शन के बाद आज, 2 सितंबर को अलॉटमेंट; कैसी रहेगी लिस्टिंग?

प्रायोरिटी ज्यूल्स का ₹91.50 करोड़ का IPO 100.45 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो गया है। अब 2 सितंबर को अलॉटमेंट फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 4 सितंबर को हो सकती है। IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 39.87 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 166.49 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 106.76 गुना भरा।

जिन लोगों ने प्रायोरिटी ज्यूल्स के IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट के जरिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

BSE पर कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Priority Jewels IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

MUFG Intime की वेबसाइट से कैसे करें चेक

  • https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html पर जाएं।
  • कंपनी नेम में Priority Jewels सिलेक्ट करें।
  • PAN या एप्लीकेशन नंबर या DP/क्लाइंट ID या अकाउंट नंबर/IFSC में से एक को सिलेक्ट कर डिटेल डालें।
  • Submit पर क्लिक करें।

इस IPO में 45.75 लाख नए शेयर जारी हुए। फाइनल इश्यू प्राइस ₹200 प्रति शेयर रहा। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹27.45 करोड़ जुटाए। ग्रे मार्केट में प्रायोरिटी ज्यूल्स का शेयर 15.50 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

क्या-क्या बनाती है कंपनी

प्रायोरिटी ज्यूल्स हीरे जड़ी सोने और प्लेटिनम की फाइन ज्वेलरी डिजाइन करती है, बनाती है और बेचती है। यह रोज पहनी जाने वाली ज्वेलरी जैसे अंगूठी, झुमके, पेंडेंट, नेकलेस, ब्रेसलेट के साथ-साथ खास मौकों पर पहनी जाने वाली ज्वेलरी भी बेचती है। कंपनी भारत और दुनिया भर में स्वतंत्र ज्वेलर्स और ज्वेलरी चेन्स को अपने प्रोडक्ट बेचती है, जैसे कि कैरटलेन ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, कल्याण ज्वेलर्स, रिलायंस रिटेल, मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स, त्रिभुवनदास भीमजी झवेरी लिमिटेड, सेनको गोल्ड लिमिटेड।

प्रायोरिटी ज्यूल्स की 21 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में अच्छी मौजूदगी है। यह अमेरिका, UAE, हांगकांग और नॉर्वे सहित 13 देशों में अपने प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करती है। इसकी मुंबई में 2 ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं।

IPO के पैसे कैसे इस्तेमाल करेगी Priority Jewels

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से हुई कमाई का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। प्रायोरिटी ज्यूल्स का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू ₹147.40 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा ₹6.48 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹110.49 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 24 प्रतिशत बढ़कर ₹539 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 68 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹17.65 करोड़ हो गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NPS Calculator: रिटायरमेंट के बाद चाहिए ₹20,000 महीना पेंशन? जानिए 60 की उम्र में कितना बड़ा होना चाहिए कॉर्पस

NPS Pension Calculation: रिटायरमेंट के बाद बिना किसी टेंशन के जीवन जीने के लिए एक फिक्स मंथली इनकम का होना बेहद जरूरी है। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) देश में रिटायरमेंट प्लानिंग का सबसे लोकप्रिय और टैक्स-एफिशिएंट जरिया बन चुका है। लेकिन अधिकांश निवेशकों के मन में यह सवाल रहता है कि ‘अगर मुझे 60 की उम्र के बाद हर महीने ₹20,000 की पेंशन चाहिए, तो मुझे अपने एनपीएस खाते में कितना फंड जमा करना होगा?’

इसका जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि आप रिटायरमेंट के समय अपने कुल फंड का कितना हिस्सा ऐन्यूटी में जमा करते हैं और कितना कैश निकालते हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं इसका पूरा गणित।

₹20,000 पेंशन के लिए कितना फंड जरूरी?

NPS के नियमों के मुताबिक, 60 साल की उम्र में आपको अपने कुल कॉर्पस का कम से कम 40% हिस्सा ऐन्यूटी में लगाना अनिवार्य होता है, जिससे आपको आजीवन पेंशन मिलती है। बाकी 60% हिस्सा आप एकमुश्त टैक्स-फ्री कैश निकाल सकते हैं। फिलहाल भारत में प्रमुख बीमा कंपनियों की ऐन्यूटी दर औसतन 6% प्रति वर्ष के आसपास है।

स्थिति 1: जब आप 100% पैसा ऐन्यूटी में लगाते हैं (मैक्सिमम पेंशन)

अगर आप रिटायरमेंट पर कोई एकमुश्त कैश नहीं निकालते और अपना पूरा 100% फंड पेंशन के लिए ऐन्यूटी में डाल देते हैं:

जरूरी ऐन्यूटी कॉर्पस: ₹40 लाख

मासिक पेंशन (6% ऐन्यूटी दर पर): ₹20,000 / महीना

कुल रिटायरमेंट फंड: ₹40 लाख

स्थिति 2: जब आप 40% ऐन्यूटी और 60% लंपसम का विकल्प चुनते हैं

अगर आप 60% पैसा कैश निकालना चाहते हैं और केवल अनिवार्य 40% हिस्से से ही ₹20,000/माह पेंशन बनाना चाहते हैं:

जरूरी ऐन्यूटी हिस्सा (40%): ₹40 लाख

एकमुश्त कैश निकासी (60%): ₹60 लाख (पूरी तरह टैक्स-फ्री)

कुल रिटायरमेंट फंड (100%): ₹1 करोड़

NPS कैलकुलेटर: कॉर्पस और पेंशन का ब्रेकअप

NPS कैलकुलेटर: कॉर्पस और पेंशन का ब्रेकअप

₹20,000 पेंशन पाने के लिए हर महीने कितना SIP निवेश करना होगा?

अगर हम NPS में इक्विटी (E), कॉर्पोरेट बॉन्ड्स (C) और सरकारी सिक्योरिटीज़ (G) के कॉम्बिनेशन से औसतन 10% वार्षिक रिटर्न मानकर चलें, तो आपकी उम्र के हिसाब से हर महीने की जाने वाली SIP इस प्रकार होगी:

लक्ष्य: ₹1 करोड़ का कुल फंड बनाना (₹60 लाख कैश + ₹20k मासिक पेंशन)

  • उम्र 25 साल (35 साल का समय): केवल ₹2,630 / महीना
  • उम्र 30 साल (30 साल का समय): लगभग ₹4,450 / महीना
  • उम्र 35 साल (25 साल का समय): लगभग ₹7,750 / महीना
  • उम्र 40 साल (20 साल का समय): लगभग ₹13,170 / महीना

लक्ष्य: ₹40 लाख का कुल फंड बनाना (0% कैश, 100% ऐन्यूटी से ₹20k मासिक पेंशन)

  • उम्र 25 साल (35 साल का समय): केवल ₹1,050 / महीना
  • उम्र 30 साल (30 साल का समय): लगभग ₹1,780 / महीना
  • उम्र 35 साल (25 साल का समय): लगभग ₹3,100 / महीना
  • उम्र 40 साल (20 साल का समय): लगभग ₹5,270 / महीना

NPS में निवेश के 3 बड़े फायदे

एक्स्ट्रा टैक्स बचत: आयकर अधिनियम की धारा 80CCD (1B) के तहत 80C की ₹1.5 लाख की सीमा के अलावा ₹50,000 की अतिरिक्त टैक्स छूट मिलती है।

कम लागत वाला प्रोडक्ट: NPS दुनिया के सबसे कम फंड मैनेजमेंट फीस वाले निवेश विकल्पों में से एक है, जिससे लॉन्ग टर्म में कंपाउंडिंग का बड़ा फायदा मिलता है।

कम जोखिम पर बेहतर रिटर्न: NPS का ऑटो चॉइस और एक्टिव चॉइस आपको उम्र के हिसाब से इक्विटी और डेट में एसेट एलोकेशन मैनेज करने की सुविधा देता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के भाव में राहत या झटका? जानें 2 सितंबर के लेटेस्ट रेट

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 02 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Trading Ideas: निफ्टी में अभी और गिरावट मुमकिन, कमजोर बाजार में भी इन दो शेयरों में हो सकती है कमाई

Trading Ideas : खराब ग्लोबल संकेतों के चलते कल 1 सितंबर को बाजार पर दबाव दिखा। हालांकि बाजार निचले स्तरों से सुधरकर बंद हुआ। निफ्टी और सेंसेक्स की फ्लैट क्लोजिंग हुई। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली रही। निफ्टी 25 प्वाइंट गिरकर 24,056 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 13 प्वाइंट गिरकर 76,944 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी 615 प्वाइंट गिरकर 57,410 पर बंद हुआ। मिडकैप 890 प्वाइंट गिरकर 63,335 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 30 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 17 शेयरों में बिकवाली दिखी। बैंक निफ्टी के 14 में से 11 शेयरों में बिकवाली रही। वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे मजबूत होकर 94.95 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

आज के लिए बाजार पर अपनी रणनीति साझा करते हुए manasjaiswal.com के मानस जायसवाल ने कहा कि कल निफ्टी ने नॉर्मल ट्रेडिंग आवर्स में 24,000 के लेवल को तो ब्रेक किया था। क्लोजिंग बेसिस पर यह 24050 के आसपास बंद हुआ। अगर हम निफ्टी फ्यूचर्स की बात करें तो चार्ट्स पर एक फ्रेश ब्रेकडाउन दिखता है। ऐसे में लगता है कि निफ्टी में और गिरावट हो सकती है। निफ्टी में हमें 23860 तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं। इस गिरावट पर खरीदारी ना करें। कभी कोई उछाल मिले तो लॉन्ग पोजीशन से निकलना ही बेहतर रहेगा। अब आपको फ्रेश खरीदारी तभी करनी है जब निफ्टी 24,250 के ऊपर निकले और उसके ऊपर सस्टेन करना शुरू करें। उससे पहले सेल ऑन रैलीज़ का मार्केट बना रहेगा।

बैंक निफ्टी में भी 57,200 पर सपोर्ट है। अगर बैंक निफ्टी 57,200 के नीचे ट्रेड करने लगेगा तो गिरावट बढ़ेगी। ऐसी स्थिति में 56,800 तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में यहां भी सतर्क रहने की जरूरत है। खरीदारी तभी करें जब बैंक निफ्टी 58,000 के ऊपर सस्टेन होना शुरू करे।

मानस जायसवाल के टॉप पिक्स

आज के लिए उनकी एक बाय और एक सेल की रेमेंडेशन है। उनको आईटी स्पेस बढ़िया लगता है। आईटी स्पेस में काफी स्टॉक्स ऐसे हैं जहां पर फ्रेश ब्रेकआउट देखने को मिला है। HCLT जिसने अपने 200 डे मूविंग एवरेज को रिगेन कर लिया है, इसमें उनकी लॉन्ग साइड में ट्रेड लेने की सलाह है। इस शेयर में 1329 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 1390 रुपए तक के टारगेट्स के लिए खरीदारी की सलाह है।

वहीं, SBI में बिकवाली की सलाह है। अगर आप SBI के चार्ट्स देखें तो इस स्टॉक ने 100 डे मूविंग एवरेज के सपोर्ट को तोड़ दिया है। यह 100 डे मूविंग एवरेज के नीचे फिसला है। स्टॉक अब 200 डे मूविंग एवरेज को टेस्ट कर सकता है। इसलिए SBI में बिकवाली करेंगे। इसके लिए 1041 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 1010 रुपए तक के टारगेट रखें।

 

Market cues : नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने के संकेत, इन लेवल्स पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने के संकेत, इन लेवल्स पर रहे नजर

Trade setup for today : क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) में आई रिकवरी की वजह से कल निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 24,000 के लेवल से ऊपर वापस आ गया। हालांकि 1 सितंबर को इंडेक्स में थोड़ी गिरावट के साथ कारोबार खत्म हुआ। मिडिल ईस्ट में जारी उथल-पुथल के बीच टेक्निकल इंडिकेटर नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने का संकेत दे रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट् का कहना है कि अगर निफ्टी 24,000-23,950 के सपोर्ट जोन के नीचे टूटता है और वहां बना रहता है,तो यह 23,800 और फिर 23,600 की तरफ गिर सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स इस जोन के ऊपर बना रहता है तो 24,200-24,400 की तरफं ऊपर जाने की संभावना बढ़ सकती है। वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी 23,500-24,500 की बड़ी रेंज में ट्रेड करता नजर आ सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24056) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,978, 23,933 और 23,860

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस :24,123, 24,168 और 24,241

स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर ‘हाई-वेव कैंडलस्टिक पैटर्न’ बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज काफी हद तक सपाट रहे,जबकि शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट का ट्रेंड जारी रहा। 10-डे EMA भी 50-डे और 100-डे EMA से नीचे आ गया। RSI गिरकर 42.86 पर आ गया,जबकि MACD जीरो लाइन के नीचे अपना डाउनट्रेंड जारी रखे हुए है और रेड हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए बढ़ रहा है। ये सभी इंडिकेटर निकट भविष्य में कमजोरी और मार्केट में सतर्क नज़रिए की ओर इशारा कर रहे हैं।

बैंक निफ्टी (57410) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,677, 57,823 और 58,058

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,207, 57,062 और 56,827

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,706

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने दोनों तरफ विक्स (wicks) वाली एक ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई जो उतार-चढ़ाव के बीच कमजोर का संकेत है। इसने पिछले दिन की सारी बढ़त गंवा दी और 1.06 फीसदी नीचे बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है,जो सावधानी बरतने का संकेत है। हालांकि,इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉज़िटिव बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स अभी भी अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। RSI और MACD कई सेशन से ज्यादातर एक ही दायरे में बने हुए हैं,जिससे पता चलता है कि कोई मज़बूत दिशात्मक मोमेंटम नहीं है। कुल मिलाकर,टेक्निकल सेटअप से संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में सावधानी के साथ कंसोलिडेशन हो सकता है। जब तक कि यह रेजिस्टेंस लेवल से ऊपर या मुख्य सपोर्ट लेवल से नीचे नहीं जाता, इंडेक्स के एक दायरे में ही बने रहने की संभावना है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) का अनुमान लगाने वाला India VIX कल 9.25-12.12 के बड़े दायरे में घूमने के बाद बिना किसी बदलवा के 11.19 पर बंद हुआ। वोलैटिलिटी इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे और निचले दायरे में बना रहा। इससे पता चलता है कि मार्केट में चिंता कम है। कुल मिलाकर,हालात बताते हैं कि निकट भविष्य में वोलैटिलिटी के सीमित रहने की संभावना है,हालांकि इंडेक्स में अचानक बड़ी हलचल से वोलैटिलिटी बढ़ सकती है।

Market Insight : सितंबर के दूसरे भाग में निफ्टी में आ सकती है तेजी, छोटे-मझोले शेयरों में दिख रहा दम

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 सितंबर को गिरकर 0.89 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.91 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Spice Lounge ने नया एग्रो और फूड इमल्सीफायर बिजनेस लॉन्च किया, ₹1200 करोड़ के रेवेन्यू का टारगेट

हॉस्पिटैलिटी और लाइफस्टाइल कंपनी Spice Lounge Food Works Limited ने फूड इमल्सीफायर और एग्रो डिवीजन लॉन्च किया है। कंपनी का लक्ष्य इस नए बिजनेस से ₹1,200 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू हासिल करना है। यह डिवीजन कंपनी की सप्लाई चेन को मजबूत करने और कारोबार को बैकवर्ड इंटीग्रेट करने पर फोकस करेगा।

क्या काम करेगा नया डिवीजन?

नए वर्टिकल में फूड इमल्सीफायर, एग्री-सोर्सिंग, प्रोसेसिंग और एग्रो-केमिकल्स शामिल होंगे। कंपनी का कहना है कि यह डिवीजन उसके मौजूदा रेस्टोरेंट और QSR बिजनेस को सप्लाई करेगा। Xora World के लाइव-इवेंट्स बिजनेस को भी इसका फायदा मिल सकता है।

B2B कारोबार पर भी फोकस

Spice Lounge का दावा है कि वो सिर्फ अपने कारोबार तक सीमित नहीं रहेगी। वह होटल, QSR चेन और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को भी B2B सप्लाई देगी। कंपनी फूड इमल्सीफायर और दूसरे इंग्रीडिएंट्स की सप्लाई करेगी।

सप्लाई चेन को मजबूत करने की तैयारी

कंपनी ने कहा कि फूड इमल्सीफायर और एग्रो-केमिकल पार्टनरशिप पर काम चल रहा है। फार्म-गेट सोर्सिंग के लिए टाई-अप भी किए जा रहे हैं। प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की प्रक्रिया भी जारी है।

आगे कंपनी प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही है। B2B और संस्थागत ग्राहकों को जोड़ने पर भी जोर रहेगा। एक्सपोर्ट और ग्लोबल जॉइंट वेंचर की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।

लाइव एंटरटेनमेंट बिजनेस का भी विस्तार

इससे पहले Spice Lounge ने अपने लाइव एंटरटेनमेंट वर्टिकल Xora World के विस्तार की जानकारी दी थी। कंपनी ने चार बड़े इवेंट्स का पोर्टफोलियो तैयार किया है। ये इवेंट्स गोवा, तिरुपति और हैदराबाद जैसे शहरों में आयोजित किए जाएंगे।

कंपनी को इन इवेंट्स से ₹20 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। इसमें दो मशहूर प्लेबैक सिंगर्स के इवेंट्स और एक ग्लोबल डांस फेस्टिवल शामिल हैं।

क्या करती है कंपनी?

Spice Lounge Food Works एक हॉस्पिटैलिटी और लाइफस्टाइल कंपनी है। इसका कारोबार फूड, कैजुअल डाइनिंग, प्रीमियम पब, नाइटलाइफ और लाइव एंटरटेनमेंट तक फैला है। कंपनी अपने और फ्रैंचाइजी मॉडल के कई ब्रांड्स के जरिए कारोबार करती है।

कंपनी के मुताबिक, इसके पोर्टफोलियो में Blaze Kebabs, Xora, Salud, Buffalo Wild Wings और Wing Zone जैसे ब्रांड शामिल हैं। कंपनी अब नए फूड और एग्रो वर्टिकल के जरिए अपने कारोबार को कई कैटेगरी में फैलाने की तैयारी कर रही है।

Stocks to Watch: 2 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।