Stock Market Holiday: रक्षाबंधन पर खुलेगा या बंद रहेगा शेयर बाजार? ट्रेडर्स के लिए ये है बड़ा अपडेट

Raksha Bandhan Stock Market Holiday 2026: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर अगर आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है। 28 अगस्त को देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या इस दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में कारोबार होगा या छुट्टी रहेगी।

बीएसई और एनएसई के ऑफिशियल ट्रेडिंग हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक, 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन शेयर बाजार पूरी तरह खुला रहेगा। इस दिन इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स और करंसी सेगमेंट में सामान्य दिनों की तरह ही ट्रेडिंग होगी।

MCX और कमोडिटी मार्केट का क्या है शेड्यूल?

इक्विटी मार्केट के साथ-साथ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर भी रक्षाबंधन के दिन काम-काज सामान्य रूप से जारी रहेगा। कमोडिटी एक्सचेंज में सुबह और शाम दोनों सेशंस में रेगुलर ट्रेडिंग होगी। चूंकि यह ट्रेडिंग या रेगुलर सेटलमेंट हॉलिडे नहीं है, इसलिए रोलिंग सेटलमेंट साइकिल पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।

बैंकों की छुट्टी का पड़ सकता है असर

हालांकि शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट खुले रहेंगे, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार 28 अगस्त को कई राज्यों और शहरों (जैसे- लखनऊ, कानपुर, अहमदाबाद, जयपुर आदि) में बैंक बंद रहेंगे।

ऐसे में अगर आप इस दिन ट्रेडिंग के लिए बैंक ट्रांसफर या फंड्स ऐड/विड्रॉ करने की योजना बना रहे हैं, तो अपने स्थानीय बैंक की वर्किंग स्थिति और डिजिटल बैंकिंग ऑप्शन्स की जांच पहले से कर लें।

2026 में शेयर बाजार की अगली छुट्टियां कब हैं?

रक्षाबंधन के बाद अब शेयर बाजार में अगली आधिकारिक छुट्टी सितंबर महीने में होगी। आने वाले महीनों की प्रमुख हॉलिडे लिस्ट इस प्रकार है:

  • 14 सितंबर: गणेश चतुर्थी
  • 2 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती
  • 20 अक्टूबर: दशहरा
  • 10 नवंबर: दिवाली (बलिप्रतिपदा)
  • 24 नवंबर: प्रकाश गुरुपर्व (श्री गुरु नानक देव जयंती)
  • 25 दिसंबर: क्रिसमस

(नोट: दीपावली के दिन 8 नवंबर को शेयर बाजार में एक घंटे के लिए पारंपरिक ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ सेशन का आयोजन किया जाएगा।)

रक्षाबंधन के दिन यानी 28 अगस्त को शेयर बाजार में किसी भी तरह की बंदी नहीं है। निवेशक सुबह 9:15 बजे से शाम 3:30 बजे तक अपनी ट्रेडिंग सामान्य रूप से कर सकते हैं। हालांकि, बैंक हॉलिडे की वजह से फंड ट्रांसफर से जुड़े काम पहले से प्लान कर लें।

HDFC Bank में CEO पद को लेकर हलचल बढ़ी, RBI गवर्नर से मिले चेयरमैन राजीव कुमार

HDFC Bank CEO Appointment: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। अब इसमें दो महीने से थोड़ा ज्यादा समय बचा है। इसी बीच बैंक के चेयरमैन राजीव कुमार ने पिछले हफ्ते RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा से मुलाकात की है।

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में सबसे अहम बात जगदीशन के अगले कार्यकाल को लेकर हुई। RBI यह समझना चाहता है कि बैंक बोर्ड जगदीशन को दोबारा एमडी और सीईओ बनाने के पक्ष में है या नहीं।

बोर्ड में जगदीशन के नाम पर कितनी सहमति?

RBI यह भी जानना चाहता था कि राजीव कुमार के चेयरमैन बनने के बाद बोर्ड में किसी दूसरे नाम पर भी चर्चा हुई है या नहीं। एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि अभी तक HDFC Bank बोर्ड ने एमडी और सीईओ की नियुक्ति को लेकर RBI को कोई सिफारिश नहीं भेजी है।

RBI अब जल्द फैसला चाहता है

राजीव कुमार 30 जून 2026 को HDFC Bank के बोर्ड में शामिल हुए थे। इसके बाद से RBI अधिकारियों के साथ उनकी यह चौथी औपचारिक बातचीत बताई जा रही है।

शुरुआत में RBI ने बोर्ड को कुछ समय दिया। इसकी वजह यह थी कि राजीव कुमार ने 15 जुलाई को औपचारिक रूप से चेयरमैन का पद संभाला था। अब उन्हें पद संभाले करीब एक महीना हो चुका है। ऐसे में RBI चाहता है कि बैंक के नेतृत्व को लेकर तस्वीर जल्द साफ हो।

आमतौर पर छह महीने पहले शुरू हो जाती है प्रक्रिया

बैंकों में आम तौर पर एमडी और सीईओ का कार्यकाल खत्म होने से करीब छह महीने पहले दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। बोर्ड अपनी सिफारिश RBI को भेजता है।

अगर नया सीईओ चुनना हो, तो पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम आम तौर पर कार्यकाल खत्म होने से कम से कम चार महीने पहले RBI को भेजे जाते हैं।

HDFC Bank का मामला इसलिए अलग दिख रहा है। जगदीशन का कार्यकाल खत्म होने में अब करीब दो महीने बचे हैं। लेकिन बोर्ड ने अभी तक RBI को कोई नाम नहीं भेजा है।

जगदीशन के सामने क्या संभावनाएं?

पहले की रिपोर्टों के मुताबिक, इस पद को लेकर चार संभावनाएं हैं। जगदीशन को फिर से तीन साल का कार्यकाल मिल सकता है। उन्हें इससे छोटा कार्यकाल भी दिया जा सकता है। बैंक बोर्ड किसी दूसरे आंतरिक उम्मीदवार का नाम भी भेज सकता है।

इसके अलावा किसी बाहरी उम्मीदवार के नाम पर भी विचार हो सकता है। यानी फिलहाल यह तय नहीं है कि अक्टूबर के बाद HDFC Bank की कमान किसके हाथ में होगी।

AT-1 बॉन्ड मामले पर भी बात

RBI गवर्नर और राजीव कुमार की बातचीत सिर्फ सीईओ की नियुक्ति तक सीमित नहीं रही। सूत्रों के मुताबिक, AT-1 बॉन्ड की मिस-सेलिंग से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई।

कुछ नाराज बॉन्डधारक इस मामले को लेकर बहरीन में कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। RBI इस मामले को लेकर भी बैंक की स्थिति समझना चाहता है।

कुछ महीनों में बदला बैंक का नेतृत्व

HDFC Bank में पिछले कुछ महीनों में नेतृत्व स्तर पर काफी बदलाव हुए हैं। पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने मार्च में अचानक बोर्ड छोड़ दिया था।

इसके बाद नॉन-एग्जीक्यूटिव बोर्ड सदस्य केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया। करीब तीन महीने की तलाश के बाद राजीव कुमार को नया नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन चुना गया। उन्हें पहले अतिरिक्त निदेशक बनाया गया था। RBI की मंजूरी के बाद 15 जुलाई को उन्होंने चेयरमैन का पद संभाला।

HDFC Bank का शेयर बुधवार को 0.02% की मामूली गिरावट के साथ 727.35 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले 1 साल में यह 25.28% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Realme ने लॉन्च किया 8,000mAh बैटरी वाला धांसू 5G फोन, कीमत ₹34,999 से शुरू

अगर आप मिड रेंज सेगमेंट में स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अच्छी साबित हो सकती है। दरअसल, Realme ने बुधवार को भारत में Realme P4s 5G लॉन्च कर दिया है। यह कंपनी की P4 सीरीज में शामिल होने वाला लेटेस्ट स्मार्टफोन है। बता दें कि इसकी बिक्री Flipkart पर की जाएगी और यह दो कलर ऑप्शन में आएगा। अब आइए जानते हैं इस नए स्मार्टफोन में क्या कुछ खास है और इसके बारे में अब तक क्या जानकारी सामने आई है।

भारत में Realme P4s 5G की कीमत

Realme P4s 5G को भारत में 34,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया गया है। इसके 8GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत इतनी है। वहीं, 8GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 37,999 रुपये, जबकि टॉप वेरिएंट 12GB RAM + 256GB स्टोरेज की कीमत 41,999 रुपये रखी गई है।

खास बात यह है कि Realme HDFC बैंक, ICICI बैंक और SBI कार्ड्स पर ₹3,000 का इंस्टेंट डिस्काउंट भी दे रहा है। यह नया स्मार्टफोन भारत में 3 सितंबर को दोपहर 12 बजे Flipkart पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। कलर ऑप्शन की बात करें तो Realme P4s 5G Titanium Grey और Electric Cyan में खरीदने के लिए उपलब्ध होगा।

Realme P4s 5G के स्पेसिफिकेशन्स

Realme P4s 5G में 6.78-इंच का Samsung M14 AMOLED डिस्प्ले है, जिसका रिफ्रेश रेट 144Hz और पीक ब्राइटनेस 6,500 निट्स तक है। इसके अलावा, यह डिवाइस पानी और धूल से बचाव के लिए IP66 + IP69 रेटिंग के साथ आता है।

परफॉर्मेंस के लिए इस हैंडसेट में ऑक्टा-कोर MediaTek Dimensity 7400 Ultra चिपसेट दिया गया है। यह चिपसेट 2.66GHz तक की क्लॉक स्पीड पर काम करता है। वहीं, गेमिंग को बेहतर बनाने के लिए फोन में Hyper Vision+ AI चिप भी दी गई है। सॉफ्टवेयर की बात करें तो यह स्मार्टफोन Realme UI 7.0 पर चलता है, जो Android 16 पर आधारित है।

फोटोग्राफी के लिए, Realme P4s 5G में डुअल बैक कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें 50MP (f/1.8) का प्राइमरी लेंस है। इस लेंस में टू-एक्सिस ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन और 77.9-डिग्री का फील्ड ऑफ व्यू मिलता है। इसके अलावा, डिवाइस में 112-डिग्री फील्ड ऑफ व्यू वाला 8MP (f/2.2) का अल्ट्रावाइड सेंसर भी है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए, इसमें 16MP (f/2.4) का फ्रंट कैमरा दिया गया है। खास बात यह है कि Realme P4s 5G 4K/30 fps तक की वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकता है।

बैटरी बैकअप की बात करें तो, Realme P4s 5G में 8,000mAh की बैटरी है, जो 80W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

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इस शेयर ने सिर्फ साढ़े पांच साल में पैसा 22 गुना किया, जानिए किस शेयर ने किया यह कमाल

अगर किसी कंपनी के शेयर की कीमत 5-6 साल में 22 गुनी हो जाए तो इनवेस्टर को कैसा लगेगा? हम सीजी पावर के शेयरों की बात कर रहे हैं। अगर आपने इस शेयर में जनवरी 2021 में एक लाख रुपये का निवेश किया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर 22 लाख रुपये हो गया होता। सिर्फ सीजी पावर ही नहीं, चोलामंडलम इनवेस्टमेंट ग्रुप की दूसरी कंपनियों के शेयरों ने भी इस दौरान निवेशकों का पैसा कई गुना कर दिया है।

नए चेयरमैन के कमान संभालने के बाद शेयरों ने किया कमाल

वेलियन सुब्बैया (Vellayan Subbiah) ने इस ग्रुप की कमान 20 नवंबर 2020 को संभाली थी। वह चोलामंडल इनवेस्टमेंट के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन बने थे। उसके बाद से ग्रुप की कंपनियों के शेयरों ने कमाल किया है। वह चोलामंडलम इनवेस्टमेंट के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन हैं, सीजी पावर के चेयरमैन हैं और Tube Investments के वाइस-चेयरमैन हैं। उनके समूह का नेतृत्व संभालने के बाद से इन कंपनियों के शेयरों को पंख लग गए हैं।

सीजी पावर के शेयर की कीमत साढ़े पांच साल में 22 गुनी 

CG Power के शेयर की औसत कीमत जनवरी 2021 में 39.32 रुपये थी। 26 अगस्त को इस शेयर की कीमत 1 बजे 872 रुपये चल रही थी। इसका मतलब है कि साढ़े पांच साल में इस शेयर का भाव 22 गुना हो गया है। अगर आपने इस शेयर में जनवरी 2021 में 5 लाख रुपये निवेश किया होता तो आज आपके पास एक करोड़ रुपये से ज्यादा होते।

इस शेयर ने जनवरी 2021 में निवेश करने वालों को किया मालामाल

Cholamandalam Investment के शेयर का एवरेज प्राइस जनवरी 201 में 394.77 रुपये था। आज इस शेयर का प्राइस 1878.70 रुपये है। इसका मतलब है कि इस दौरान इस शेयर का प्राइस 4.76 गुना हो गया है। इस शेयर ने भी सिर्फ साढ़ें पांच साल में निवेशकों का पैसा करीब पांच गुना कर दिया है। यह रिटर्न तब है जब बीते 1.5-2 साल से शेयर बाजार का प्रदर्शन काफी कमजोर है।

ट्यूब इनवेस्टमेंट्स ने भी साढ़े पांच साल में निवेशकों का पैसा 3.7 गुना किया

Tube Investments के शेयर की औसत कीमत जनवरी 2021 में 771 रुपये थी। आज इस शेयर की कीमत 2,876 रुपये है। इसका मतलब है कि इस शेयर ने इस दौरान निवेशकों का पैसा 3.7 गुना कर दिया है। जनवरी 2021 में इन तीनों कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 54,800 करोड़ रुपये था। आज यह बढ़कर 3.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है। ऐसा जोरदार रिटर्न देने वाले शेयरों की संख्या बहुत कम है।

26 अगस्त को शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दिखा दबाव 

26 अगस्त को शेयर बाजारों पर दबाव देखने को मिला। निफ्टी 1 बजे 0.27 फीसदी यानी 65 अंक गिरकर 24,270 रुपये पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.04 फीसदी यानी 29 अंक गिरकर 77,632 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में तेजी देखने को मिली। यह सूचकांक 0.71 फीसदी मजबूत था।

कर्नल सोफिया मामले में मंत्री विजय शाह के बचाव में क्यों सरकार?, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

कर्नल सोफिया मामले में मंत्री विजय शाह के बचाव में क्यों सरकार?, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी करने वाले कैबिनेट मंत्री विजय शाह के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी नहीं जाने के सरकार के फैसले को लेकर प्रदेश में सियासी पारा गर्मा गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इससे सेना का अपमान बताकर प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है। 

 

जीतू पटवारी ने की सरकार को बर्खास्त करने की मांग- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में संवैधानिक एवं न्यायिक व्यवस्था की गरिमा की रक्षा और प्रदेश सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। जीतू पटवारी ने अपने पत्र में लिखा कि “आज मैं यह पत्र राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नहीं, भारतीय सेना, संविधान और न्याय की गरिमा में विश्वास रखने वाले एक नागरिक के रूप में लिख रहा हूँ! मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने देश की जांबाज बेटी और भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी कर जिस मर्यादा को तार-तार किया, वह एक व्यक्ति ही नहीं, देश की सेना का भी अपमान था”। 

 

उन्होंने आगे लिखा कि “लेकिन, आज प्रश्न उससे भी गंभीर हो गया है! मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विजय शाह के विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति नहीं देने का निर्णय एक बड़ेबोल मंत्री को राजनीतिक संरक्षण देने के साथ, उस व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है, जिसमें सत्ता अपने राजनीतिक व्यक्ति को जवाबदेही से बचाने के लिए न्यायिक प्रक्रिया के सामने दीवार बनकर खड़ी हो रही है! सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित SIT ने अभियोजन की स्वीकृति की मांग की है। ऐसे में सरकार का रुख देश के सामने एक गंभीर संवैधानिक प्रश्न खड़ा करता है, क्या सत्ता में बैठे व्यक्ति कानून से ऊपर हैं।“

 

उन्होंने आगे लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनेक अवसरों पर भारतीय सेना, सैनिकों और उनकी शहादत के सम्मान को राष्ट्र के सर्वोच्च गौरव से जोड़ा है! यदि वे अपने ही शब्दों की गरिमा बनाए रखना चाहते हैं, तो उन्हें इस मामले में तत्काल और स्पष्ट हस्तक्षेप करना चाहिए! मेरा यह भी मानना है कि मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल का असंवैधानिक निर्णय प्रधानमंत्री की राजनीतिक सहमति के बिना संभव नहीं था। यदि ऐसा नहीं है, तो प्रधानमंत्री को स्वयं आगे आकर देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि वे विजय शाह को संरक्षण देने वाले इस निर्णय से “असहमत हैं।” इसलिए, आज देश प्रधानमंत्री से भी जवाब चाहता है! यह आपराधिक घटनाक्रम उस कथित 'डबल इंजन सरकार' के अहंकार को उजागर करता है, जिसमें एक मंत्री के राजनीतिक संरक्षण के लिए लोकतांत्रिक, संवैधानिक और न्यायिक मर्यादाओं को चुनौती देने तक की स्थिति पैदा हो रही है! विजय शाह ने पहले सेना का अपमान किया! अब उन्हें बचाने की कोशिश उस अपमान और अपराध को संस्थागत संरक्षण देने जैसी है! मध्य प्रदेश के राजनीतिक इतिहास का यह एक अत्यंत शर्मनाक अध्याय है, जहां सवाल अब केवल विजय शाह के आचरण का नहीं, मुख्यमंत्री और पूरे मंत्रिमंडल की संवैधानिक एवं नैतिक जवाबदेही का है! इसलिए, मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित अब पूरे मंत्रिमंडल को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए!

 

विजय शाह का बचाव क्यों कर रही सरकार?- मोहन सरकार में सीनियर मंत्री विजय शाह आदिवासी वर्ग से आते है और उनकी आदिवासी वोट बैंक पर मजबूत पकड़ है। बालाघाट में 25 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के बाद सरकार पूरी तरह बैकफुट पर है। हरसूद से भाजपा विधायक विजय शाह आदिवासी वर्ग में गोंड जाति से आते है। प्रदेश में 21.5 फीसदी वोट बैंक रखने वाले आदिवासी वर्ग के लिए 47 विधानसभा सीट आरक्षित भी है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव के परिणाम बताते है कि आदिवासी वोटर पूरी तरह भाजपा के साथ है। दिसंबर 2023 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो तो प्रदेश में आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित 47 विधानसभा सीटों पर भाजपा ने 24 सीटों पर जीत हासिल की है वहीं कांग्रेस ने 22 सीटों पर जीत हासिल की है।

 

खंडवा की हरसूद विधानसभा सीट से ढाई दशक से विधायक चुने जा रहे विजय शाह के मालवा-निमाड़ के आदिवाली बाहुल्य इलाके में गहरी पैठ है। खासकर निमाड़ के आदिवासियों के बीच उन्हें आज भी राजा के तौर पर माना जाता है। ऐसे में भाजपा के इस बात का डर है कि अगर विजय शाह पर केस चलाने की अनुमति दी जाती है उनको मंत्रिमंडल से भी बाहर करना होगा। इससे आदिवासी वर्ग में गलत मैसेज जाएगा और इसका नुकसान उसको चुनाव में उठाने पड़ेगा। भाजपा को शंका है कि विजय शाह के इस्तीफा का सीधा असर निमाड़ की 10 विधानसभा सीटों पर पड़ेगा, और भाजपा को आने वाले वक्त पर इन सीटों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा सकता है। 

क्या है पूरा मामला?-मध्यप्रदेश के आदिवासी नेता और मोहन सरकार कैबिनेट मंत्री विजय शाह से जुडा यह पूरा मामला मई 2025 का है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन की जानकारी मीडिया को देने वाली सैन्य अधिकारियों की टीम में कर्नल सोफिया कुरैशी भी शामिल थीं। 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसे उनके धर्म और पहलगाम हमले के आतंकियों के समुदाय से जोड़कर देखा गया। इस पूरे मामले मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया और शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने टिप्पणी को बेहद आपत्तिजनक माना था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

 

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT गठित की। SIT ने जांच पूरी करने के बाद विजय शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(a) के तहत अभियोजन की अनुमति मांगी। यही अनुमति लंबे समय से राज्य सरकार के पास लंबित है। जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार को अभियोजन स्वीकृति पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी फैसला नहीं हुआ। मई में सुप्रीम कोर्ट ने फिर सरकार के रुख पर नाराजगी जताई और आदेश के पालन के लिए समय दिया। जुलाई की स्थिति रिपोर्ट में भी सरकार की ओर से जरूरी दस्तावेज दाखिल नहीं किए जाने की बात सामने आई थी।

 

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 31 अगस्त को होनी है। वहीं इससे पहले गत मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्री विजय शाह पर केस चलाने के लिए सरकार के स्तर पर अभियोजन स्वीकृति देने के प्रस्ताव  की चर्चा थी लेकिन कैबिनेट बैठक मे यह प्रस्ताव नहीं आया है। 

 

Sensex डे-हाई से 286 प्वाइंट्स नीचे तो Nifty की पूरी बढ़त गायब, 5 वजहों से दोनों तरफ भाग रहा मार्केट

Share Market volatile: शुरुआती कारोबार में आज मार्केट में रौनक दिखी लेकिन ऊपरी स्तर पर इसमें बिकवाली का दबाव दिखा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो सेंसेक्स डे-हाई से 286 प्वाइंट्स नीचे आ गया तो निफ्टी ने पूरी बढ़त गंवा दी। ब्रोडर लेवल पर बात करें तो रौनक बनी हुई है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 11:10 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 131.04 प्वाइंट्स यानी 0.17% की बढ़त के साथ 77,787.13 और निफ्टी 10.70 प्वाइंट्स यानी 0.04% की गिरावट के साथ 24,323.85 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 330.75 प्वाइंट्स चढ़कर 77,986.84 तक पहुंचा था जिससे यह फिर 285.66 प्वाइंट्स गिरकर 77,701.18 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी भी 44.05 प्वाइंट्स उछलकर 24,378.60 तक पहुंचा था जिससे यह 84.35 प्वाइंट्स टूटकर 24,294.25 तक आ गया था।

Share Market Volatile: ये है वजह

सेक्टरवाइज मिला-जुला रुझान

मार्केट को आज सरकारी बैंकों से अच्छा सपोर्ट मिल रहा है जिसका निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक मजबूत हुआ है तो दूसरी तरफ आईटी और ऑटो सेक्टर में बिकवाली से दबाव बना है लेकिन निफ्टी इंडेक्स में आधे फीसदी से कम गिरावट है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 2.39% की गिरावट के साथ 10.81 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।

कच्चे तेल की नरमी

वैश्विक ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 2% टूटकर प्रति बैरल $86 के नीचे आ गया जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला है।

ईरान पर अमेरिका की सख्ती

अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर शिकंसा कसना तेज कर दिया और ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों को भी चेतावनी दी। इससे मार्केट पर दबाव बना है।

अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक

घरेलू स्टॉक मार्केट को आज अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक से सपोर्ट मिला। ताइवान के ताइवान वेटेड में डेढ़ फीसदी और दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1% की तेजी है तो जापान के निक्केई 225, हॉन्ग कॉन्ग के हैंग सैंग, चीन के शंघाई कंपोजिट और थाईलैंड के सेट कंपोजिट में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है तो इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट फिलहाल फ्लैट है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hathras Victim Family Relocation: हाथरस पीड़िता के परिवार को 3 महीने में नोएडा या गाजियाबाद करें शिफ्ट; हाईकोर्ट का UP सरकार को निर्देश

Hathras Victim Family Relocation: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने हाथरस दुष्कर्म मामले की पीड़िता के परिवार के पुनर्वास को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने राज्य सरकार के 22 फरवरी, 2025 के फैसले को रद्द करते हुए उसे तीन महीने के भीतर पीड़िता के परिवार को गाजियाबाद या नोएडा में बसाने का निर्देश दिया। जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस जसप्रीत सिंह की पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट ने पहले राज्य सरकार को पीड़िता के परिवार को गाजियाबाद या नोएडा में बसाने के अनुरोध पर विचार करने का निर्देश दिया था। लेकिन सरकार ने इस अनुरोध पर समुचित ध्यान नहीं दिया।

पीठ ने कहा कि सरकार ने अदालत के निर्देशों की अनदेखी करते हुए अपने फैसले में परिवार को पुनर्वास के लिए कासगंज, एटा और अलीगढ़ में से किसी एक स्थान को चुनने का विकल्प दिया था। सोमवार को दिए गए आदेश में पीठ ने कहा कि 22 फरवरी, 2025 के फैसले में सरकार ने गाजियाबाद या नोएडा में पुनर्वास के परिवार के अनुरोध का कोई उल्लेख नहीं किया था। इसलिए इसे हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया फैसला नहीं माना जा सकता।

NCR में बसाने की मांग

पीठ ने कहा कि इस मामले में राज्य की ओर से अनावश्यक विरोध दिखाई देता है। उसके रवैये से परिवार के इस आरोप को बल मिलता है कि सरकार इस मामले को अपने खिलाफ मुकदमे की तरह देख रही है। पीड़िता के परिवार की ओर से पेश वकील महमूद प्राचा ने कहा कि कासगंज, एटा और अलीगढ़ हाथरस के करीब हैं। इससे परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा होती है। उन्होंने कहा कि इन जिलों में परिवार का कोई रिश्तेदार भी नहीं रहता है।

उन्होंने कहा कि इसके विपरीत परिवार के रिश्तेदार गाजियाबाद और नोएडा में रहते हैं, जहां बसने पर वे बिना किसी भय के सामान्य जीवन जी सकेंगे। अदालत ने निर्देश दिया कि पुनर्वास पूरा होने के बाद परिवार के एक सदस्य को रोजगार भी दिया जाए, जैसा कि 26 जुलाई, 2022 के आदेश में निर्देश दिया गया था।

मुख्य सचिव को अहम निर्देश

पीठ ने यूपी के अपर मुख्य सचिव (गृह) को अनुपालन शपथपत्र दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में उन्हें 30 नवंबर, 2026 को व्यक्तिगत रूप से उसके समक्ष पेश होना होगा।

क्या है केस?

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में 14 सितंबर, 2020 को एक दलित युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की कथित घटना सामने आई थी। घटना के करीब दो सप्ताह बाद दिल्ली के एक अस्पताल में युवती की मौत हो गई थी।

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मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए अपने बयान में पीड़िता ने चार आरोपियों पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। यह भी आरोप लगाया गया था कि पुलिस ने परिवार की सहमति के बिना रात में पीड़िता का जबरन अंतिम संस्कार कर दिया था। हालांकि, पुलिस ने इस दावे को गलत बताया था।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी! 30 बैंक लॉकरों की जांच में जुटी SIT, सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

Ram Mandir Chanda Chori Case: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़ी जांच अब केवल दस्तावेजों की पड़ताल तक सीमित नहीं रह गई है। विशेष जांच दल (SIT) ने मामले में संपत्तियों और बैंक लॉकरों की फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े सभी 30 बैंक लॉकरों में रखी सामग्री का सत्यापन किया जा रहा है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि लॉकरों में वास्तव में कितनी और कौन-कौन सी वस्तुएं मौजूद हैं। साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि क्या उनका डिटेल्स राम मंदिर ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज इन्वेंट्री से मेल खाता है या नहीं।

‘अमर उजाला’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच टीम ने मंगलवार (26 अगस्त) को भी अपनी कार्रवाई जारी रखी। पूरी प्रक्रिया को वीडियो रिकॉर्ड किया जा रहा है। लॉकर खोलने से लेकर उसमें रखी प्रत्येक वस्तु की जांच तक हर चरण का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। टीम वस्तुओं की पहचान, उनकी संख्या, उपलब्धता और स्थिति की पुष्टि करने के साथ-साथ संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड से उनका मिलान कर रही है।

रिकॉर्ड और वास्तविक सामान का होगा मिलान

फोरेंसिक सत्यापन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना है कि ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज सामान और लॉकरों में वास्तव में मौजूद सामान में कोई अंतर तो नहीं है। टीम प्रत्येक वस्तु को रिकॉर्ड में दर्ज विवरण से क्रॉस-चेक कर रही है।

जांच के दौरान केवल सामान की गिनती ही नहीं की जा रही, बल्कि यह भी देखा जा रहा है कि संबंधित वस्तु किस रिकॉर्ड में दर्ज है और मौके पर उसकी वास्तविक स्थिति क्या है। इस पूरी प्रक्रिया के आधार पर एक विस्तृत फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

हर सामान का बनाया जा रहा ऑडियो-वीडियो रिकॉर्ड

जांच की खास बात यह है कि प्रत्येक वस्तु के सत्यापन के दौरान ऑडियो-वीडियो साक्ष्य भी तैयार किया जा रहा है। सामान का डिटेल्स, उसकी पहचान, रिकॉर्ड में उसकी एंट्री और मौके पर उसकी मौजूदगी को डिजिटल तरीके से दर्ज किया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, इन डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित तरीके से संरक्षित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में न्यायिक कार्यवाही के दौरान उनकी प्रामाणिकता पर सवाल न उठे। इस तरह जांच टीम केवल कागजी रिकॉर्ड पर निर्भर नहीं रहना चाहती। बल्कि भौतिक साक्ष्यों का भी डिजिटल दस्तावेज तैयार कर रही है।

पेन ड्राइव में सुरक्षित होंगे जांच के दस्तावेज और वीडियो

फोरेंसिक सत्यापन के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट को डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जाएगा। जांच से जुड़े दस्तावेजों और वीडियो साक्ष्यों को एक पेन ड्राइव में संकलित कर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश करने की भी तैयारी की जा रही है। इससे जांच में सामने आए भौतिक साक्ष्यों का डिजिटल रिकॉर्ड भी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेगा।

सितंबर के पहले सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट?

सूत्रों के अनुसार, SIT की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। संभावना जताई जा रही है कि जांच टीम सितंबर के पहले सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर सकती है। वहीं, 2 सितंबर को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक भी प्रस्तावित है। रिपोर्टों के मुताबिक, इसी बैठक के आसपास SIT अपनी अंतिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में सौंप सकती है।

फिलहाल, 30 बैंक लॉकरों की फोरेंसिक जांच को इस मामले की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। इस सत्यापन से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज संपत्तियों और वास्तविक रूप से मौजूद सामान के बीच कोई अंतर है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाली रिपोर्ट से मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा भी तय हो सकती है।

आरोपियों पर BNS की गलत धाराएं लगाने का वकील का दावा

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में आरोपियों की ओर से पेश वकील ने मंगलवार को विशेष अदालत में दावा किया कि पुलिस ने मामले की जांच भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गलत धाराओं के तहत की है। आरोपियों के वकील कुल शेखर सिंह ने कहा कि मामले में चोरी और गबन, दोनों की धाराएं लगाई गई हैं। जबकि ये दोनों धाराएं एक साथ लागू नहीं हो सकतीं। सिंह ने अयोध्या के विशेष जज (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रजत वर्मा की अदालत में यह दलील दी।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कथित चोरी की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद FIR दर्ज की गई। साथ ही मंदिर में चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया। पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए।

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सिंह ने यह भी दलील दी है कि पुलिस ने आरोपियों को लोक सेवक के रूप में पेश किया है। जबकि राम मंदिर ट्रस्ट लोक प्राधिकरण नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने लगाई गई धाराओं में आरोपियों को लोक सेवक बताया और उन पर सार्वजनिक संपत्ति के गबन का आरोप लगाया। सिंह ने बताया कि अदालत ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अगली सुनवाई के लिए दो सितंबर की तारीख तय की है।

Stocks to Watch: 20 स्टॉक्स; तीन लिस्टिंग और Groww, Cipla, Rama Steel समेत ये शेयर धमाल मचाने को तैयार!

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में भी ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 73.50 प्वाइंट्स यानी 0.30% की बढ़त के साथ 24,553.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 25 अगस्त को अगस्त सीरीज में निफ्टी की मंथली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 286.98 प्वाइंट्स यानी 0.37% के उछाल के साथ 77,656.09 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 115.50 प्वाइंट्स यानी 0.48% की मजबूती के साथ 24,334.55 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Billionbrains Garage Ventures (Groww)

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ग्रो की पैरेंट कंपनी बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स में रिबिट कैपिटल 1.6% हिस्सेदारी बेच सकती है। ₹1914 करोड़ की इस ब्लॉक डील के फ्लोर प्राइस ₹195 तय किया गया है।

Welspun Corp

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक वेलस्पन कॉर्प में वेलस्पन इंवेस्टमेंट्स एंड कमर्शियल्स और एमडी-सीईओ विपुल माथुर कुल 63 लाख शेयर (2.4% हिस्सेदारी बेच सकते हैं। ₹1417 करोड़ की इस ब्लॉक डील के फ्लोर प्राइस ₹2250 तय किया गया है।

Honasa Consumer

होनासा कंज्यूमर ने शेयर खरीद सौदे के तहत तय शर्तों को पूरा न कर पाने के कारण फ्लूएंस फार्मा में 58% हिस्सेदारी खरीदने के प्रस्ताव को रद्द कर दिया है।

Cipla

अमेरिकी दवा नियामक एफडी ने 17 से 25 अगस्त, 2026 के बीच पीथमपुर में सिप्ला की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में cGMP (करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज) का फॉलो-अप इंस्पेक्शन किया, जिसके बाद कंपनी को फॉर्म 483 में सात इंस्पेक्शन ऑब्जर्वेशन मिला।

UCO Bank

यूके बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेंद्र कुमार साबू को बैंक के एमडी और सीईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

ARSS Infrastructure Projects

एआरएसएस इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को ईस्ट कोस्ट रेलवे से ₹104.06 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है।

Advait Energy Transitions

अद्वैत एनर्जी ट्रांजिशन्स को मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड से ₹134.63 करोड़ का टर्न्की कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट 400kV, 220kV और 132kV वोल्टेज-क्लास EHV लाइनों के लिए सभी जरूरी एक्सेसरीज के साथ ‘इमरजेंसी रेस्टोरेशन सिस्टम’ (ERS) के डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई के लिए है।

NBCC (India)

एनबीसीसी को राजस्थान काउंसिल ऑफ स्कूल एजुकेशन से 170 नई स्कूल बिल्डिंग बनाने के लिए ₹121.74 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

Sai Parenterals

साई पैरेंटरल्स की ऑस्ट्रेलियाई सब्सिडियरी नोमेड फार्मा ने ऑस्ट्रेलिया की एक बड़ी मल्टी-बिलियन-डॉलर फार्मेसी चेन के साथ ओटीसी (ओवर-द-काउंटर) दवाओं की सप्लाई का एग्रीमेंट रिन्यू किया है। इसमें प्रोडक्ट पोर्टफोलियो बढ़ाया गया है, एग्रीमेंट और लंबा हुआ और इसकी वैल्यू बढ़ी है। तीन साल के लिए इस डील की वैल्यू AUD 3 करोड़ (लगभग ₹204 करोड़) होने का अनुमान है, जो तुरंत लागू होगी।

United Breweries

यूनाइटेड ब्रुअरीज ने प्रीमियमाइजेशन की स्पीड तेज करने के लिए केरल, ओडिशा और मध्य प्रदेश में हेनेकेन सिल्वर के विस्तार का ऐलान किया है।

Varun Beverages

वरुण बेवरेजेज ने रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) एल्कोहलिक बेवरेजेज और उससे जुड़े प्रोडक्ट्स का बिजनेस करने के लिए एक नई सब्सिडियरी KIVA स्पिरिट्स एंड कंपनी बनाने का ऐलान किया है। बोर्ड ने इसका सीईओ और एमडी प्रथमेश मिश्रा को बनाया है। इसके अलावा वरुण बेवरेजेज ट्यूनीशिया में बेवरेजेज के प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन का बिजनेस करने के लिए एक जॉइंट वेंचर कंपनी बनाएगी, जिस पर अभी जरूरी मंजूरी लेनी है।

Rainbow Children’s Hospital

विकास माहेश्वरी ने निजी कारणों से रेनबो चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के सीएफओ पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 31 अगस्त, 2026 से लागू होगा।

Tata Motors Passenger Vehicles

टाटा मोटर्स पैसेंजर वेईकल्स ने हाल ही में लॉन्च हुई Sierra.ev को बिल्ट-इन 5G सेल्युलर कनेक्टिविटी से लैस करने के लिए टाटा कम्युनिकेशंस के साथ सहयोग की ऐलान किया, जिससे आने वाले समय में सॉफ्टवेयर-डिफाइंड गाड़ियों (SDVs) का रास्ता साफ हो गया है।

Hindustan Copper

हिंदुस्तान कॉपर के ऑफर फॉर सेल इश्यू के तहत सरकार ने 2.90 करोड़ शेयरों के बेस इश्यू के बाद अब 2.90 करोड़ शेयरों (3% इक्विटी) के ओवरसब्सक्रिप्शन ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। यह इश्यू आज बंद होगा।

Shankesh Jewellers

पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वैलरी के प्रमोटर गाडगिल रेणु गोविंद और पीएन गाडगिल एंड संस ने शंकेश ज्वैलर्स में प्रति शेयर ₹101.05 के भाव पर ₹23.44 करोड़ में 23.2 लाख शेयर (1.57% हिस्सेदारी) खरीद लिए। लिस्टिंग के दिन नीरज रजनीकांत शाह ने ₹22.96 करोड़ में 23 लाख शेयर ₹99.86 के भाव पर, राजस्थान ग्लोबल सिक्योरिटीज ने ₹7.3 करोड़ में 7.3 लाख शेयर ₹100.03 के भाव पर तो एनके सिक्योरिटीज रिसर्च ने ₹35.68 करोड़ में 35.14 लाख शेयर ₹101.55 के भाव पर खरीद लिए। इस बीच नोमुरा सिंगापुर ने शंकेश ज्वैलर्स से अपनी पूरी हिस्सेदारी (16.17 लाख शेयर) ₹15.63 करोड़ में ₹96.66 के भाव पर बेचकर बाहर निकलने का फैसला किया।

Medi Assist Healthcare Services

इन्वेस्टमेंट मैनेजर एनटीएसेट केमैन की एनटीएशियन डिस्कवरी मास्टर फंड ने मेडी असिस्ट हेल्थकेयर सर्विसेज के 4 लाख शेयर और ₹14.27 करोड़ में प्रति शेयर ₹356.76 के भाव पर खरीदे हैं। एनटीएशियन डिस्कवरी मास्टर फंड के पास जून 2026 तक मेडी असिस्ट में पहले से ही 1.39% हिस्सेदारी (10.41 लाख शेयर) थी।

Rama Steel Tubes

मॉरीशस की इंवेस्टमेंट वेईकल मिनर्वा वेंचर्स फंड ने रामा स्टील ट्यूब्स के 1.72 करोड़ शेयर और ₹7.18 करोड़ में प्रति शेयर ₹4.16 के भाव पर खरीदे हैं। इससे पिछले कारोबारी सत्र में फंड ने ₹4.08 के भाव पर 2.25 करोड़ शेयर ₹9.18 करोड़ में खरीदे थे।

Gaja Alternative Asset Management

आईपीओ को करीब 33 गुना बोली मिलने के बाद गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट के शेयरों की आज बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।

Dhanwel Hybrid Seeds, Mopshop Distribution

धनवेल हाइब्रिड सीड्स और मॉपशॉप डिस्ट्रीब्यूशन के शेयर आज बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

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