वैभव सूर्यवंशी को अपनी टीम में नहीं लेने पर संजीव गोयनका को हैं अफसोस? LSG के मालिक ने क्या कहा

Vaibhav Sooryavanshi: भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 खत्म होने के बाद से ही चर्चा में हैं। वैभव सूर्यवंशी आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए बेहद अहम खिलाड़ी बन चुके हैं। वहीं अब हाल ही में लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। गोयनका ने कहा, लीग की कई दूसरी टीमों को भी वैभव को अपनी टीम में शामिल नहीं कर पाने का अफसोस है। उन्होंने कहा, राजस्थान ने उन्हें जिस कीमत पर अपनी टीम में शामिल किया था, वह फैसला अब काफी फायदेमंद नजर आ रहा है। राजस्थान इस युवा खिलाड़ी को आसानी से टीम से जाने नहीं देगी। आइए जानते हैं वैभव को लेकर संजीव गोयनका ने क्या कहा

संजीव ने की वैभव की तारीफ

शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में संजीव गोयनका ने कहा, “वैभव सूर्यवंशी पूरी दुनिया से तारीफ पाने के हकदार हैं। वह एक पीढ़ी में मिलने वाला खास टैलेंट हैं। आईपीएल की हर टीम के मालिक को इस बात का अफसोस है कि वैभव उनकी टीम का हिस्सा नहीं हैं। अब जब लक्ष्मी मित्तल राजस्थान रॉयल्स के मालिक हैं, तो मुझे नहीं लगता कि वह वैभव को कभी टीम से जाने देंगे। अगर कभी ऐसा हुआ भी, तो सिर्फ मैं ही नहीं, बल्कि आईपीएल के कई दूसरे मालिक भी उन्हें अपनी टीम में शामिल करने के इंतजार में रहेंगे।”

वैभव में हैं कॉन्फिडेंस

संजीव गोयनका वैभव सूर्यवंशी के खेल के बड़े प्रशंसक हैं। प्रतिद्वंद्वी टीम के मालिक होने के बावजूद वह कई बार सोशल मीडिया पर वैभव की बल्लेबाजी और प्रतिभा की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने आगे कहा, “वैभव की पहली पब्लिक इमेज राइजिंग पुणे सुपरजायंट की जर्सी में है और आज वह कमाल कर रहा है। जाहिर है, उसमें टैलेंट है, शानदार शॉट्स हैं, लेकिन उसका कॉन्फिडेंस ही है जिसने मेरा सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। उसमें बहुत ज्यादा कॉन्फिडेंस है, लेकिन ओवरकॉन्फिडेंस नहीं। जब आप ओवरकॉन्फिडेंट हो जाते हैं, तो वहीं से आपकी गिरावट शुरू हो जाती है।”

उन्होंने आगे कहा, “वैभव को भरोसा है कि ‘मैं यह कर सकता हूं।’ और मैंने अब तक जो भी देखा है, उसमें वह हर गेम के साथ बेहतर होता जा रहा है। वह खुद को थोड़ा-थोड़ा बदलना सीख रहा है और इससे वह आगे चलकर और भी ज्यादा असरदार बनेगा। वह बड़े मौकों के लिए बना खिलाड़ी है।”

वैभव को 1.1 करोड़ रुपये में किया था शामिल

राजस्थान ने उन्हें जेद्दा में हुए आईपीएल ऑक्शन में 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा था। बता दें राजस्थान रॉयल्स में हाल ही में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय कारोबारी लक्ष्मी मित्तल ने अदार पूनावाला के साथ मिलकर करीब 1.65 अरब डॉलर यानी लगभग 15,660 करोड़ रुपये में टीम का अधिग्रहण किया है। इस सौदे के बाद मित्तल के पास टीम की करीब 75 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि पूनावाला के पास लगभग 18 फीसदी हिस्सा है। बाकी करीब 7 फीसदी हिस्सेदारी मनोज बडाले समेत टीम के मौजूदा निवेशकों के पास बनी हुई है।

AI की सुस्त रफ्तार पर तेज गिरावट, 13% टूट गया SoftBank का शेयर, ये है कनेक्शन

सॉफ्टबैंक ग्रुप के शेयरों में बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि यह करीब तीन महीने में सबसे तेज स्पीड से नीचे फिसल गया। यह दबाव ऐसे समय में आया है, जब एंथ्रॉपिक पीबीसी (Anthropic PBC) और चैटजीपीटी (ChatGPT बनाने वाली कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने डेवलपर्स से सुरक्षा कारणों से एआई डेवलपमेंट की स्पीड सुस्त करने को कहा है। इसके चलते जापान के टेक इंवेस्टर सॉफ्टबैंक (SoftBank) को लेकर मार्केट की चिंता बढ़ गई और धड़ाधड़ इसके शेयरों की बिक्री बढ़ गई। जापान के मार्केट में इसके शेयर आज सोमवार 14 सितंबर को 13% से अधिक टूट गए जोकि जून के आखिरी दिनों के बाद से इसके लिए सबसे बड़ी गिरावट है।

SoftBank को क्यों लगा झटका

एआई की रफ्तार सुस्त करने की अपील ने सॉफ्टबैंक के शेयरों को तगड़ा झटका दिया है। इसकी वजह ये है कि एआई इंडस्ट्री में निवेश के लिए सॉफ्टबैंक लगातार ताबड़तोड़ कर्ज ले रहा है और यह ओपनएआई के सबसे बड़े निवेशकों में शुमार है। इसमें सॉफ्टबैंक का कुल निवेश अक्टूबर तक करीब $6.5 हजार करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि सॉफ्टबैंक के फाउंडर मासायोशी सोन (Masayoshi Son) के एआई की संभावनाओं पर अत्यधिक भरोसे को लेकर अब निवेशक चिंता जता रहे हैं। मासायोशी ने अरबों डॉलर के कई प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं, लेकिन रेवेन्यू कितना मिलेगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने ‘एआई बबल’ की आशंकाओं को खारिज कर दिया है लेकिन इस आक्रामक रणनीति के चलते सॉफ्टबैंक भारी-भरकम वोलैटिलिटी के रिस्क में आ गई है।

क्या है सॉफ्टबैंक की योजना?

सॉफ्टबैंक की योजना ¥1 ट्रिलियन ($6.5 बिलियन) यानी ₹62 हजार करोड़ से अधिक के रिटेल बॉन्ड जारी करने की है। इसके अलावा ओपनएआई के शेयरों से जुड़े करीब $1000 करोड़ के लोन हासिल करने की है। यह एबीबी रोबोटिक्स और डिजिटलब्रिज जैसी कंपनियों के अधिग्रहण के लिए फंड जुटा रही है। सॉफ्टबैंक की योजना दुनिया भर में डेटा सेंटर बनाने की भी है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SML का भी आएगा IPO! अगले 2 से 3 साल में लिस्ट होने पर कर रही विचार

एग्री इनपुट्स बनाने वाली SML Ltd अगले 2 से 3 साल में शेयर बाजार में लिस्ट होने पर विचार कर रही है। कंपनी का उद्देश्य नई केमिकल एंटिटीज (NCE) के विकास के लिए आवश्यक पूंजी जुटाना है। कंपनी का पुराना नाम सल्फर इंडिया लिमिटेड था। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक इंटरव्यू में SML के मैनेजिंग डायरेक्टर बिमल शाह ने कहा कि लिस्टिंग को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अभी इसका आकलन किया जा रहा है। कंपनी को अगले एक-दो साल में इस दिशा में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

SML उन चुनिंदा भारतीय कंपनियों में शामिल है, जो नई केमिकल एंटिटीज के विकास पर काम कर रही हैं। शाह ने कहा कि कंपनी पिछले करीब 3 वर्षों से NCEs पर काम कर रही है और यह उसके कारोबार का एक महत्वपूर्ण फोकस एरिया बन चुका है। कंपनी का एक नया मॉलिक्यूल जल्द आने वाला है। हालांकि, ऐसे उत्पादों के विकास में बड़े निवेश की जरूरत होती है। SML का अनुमान है कि एक NCE को बाजार में लाने में करीब 7-8 करोड़ डॉलर तक खर्च हो सकते हैं। अभी तक कंपनी ने अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट वर्क का खर्च खुद उठाया है।

SML के पास करीब 450-470 करोड़ रुपये की नकदी

SML के पास करीब 450-470 करोड़ रुपये की नकदी है और कंपनी लगभग कर्ज-मुक्त स्थिति में है। मैनेजमेंट इस रकम का इस्तेमाल भविष्य में अधिग्रहण, रेगुलेटरी एसेट्स या रणनीतिक साझेदारियों के साथ NCE प्रोग्राम में कर सकता है। शाह ने कहा कि कंपनी ने सालों से अपने बही-खाते को मजबूत रखा है और जमा पूंजी का इस्तेमाल सही अवसर मिलने पर किया जाएगा।

कंपनी अपने पारंपरिक सल्फर फर्टिलाइजर कारोबार से आगे बढ़ते हुए फसल पोषण, फसल संरक्षण और जैविक उत्पादों पर भी ध्यान दे रही है। शाह के अनुसार, अगले 3 सालों में इन 3 क्षेत्रों में से फसल पोषण (Crop Nutrition) भारत में और वैश्विक स्तर पर कंपनी का सबसे तेजी से बढ़ने वाला कारोबार हो सकता है। कंपनी भारत के साथ-साथ वैश्विक बाजार में भी संतुलित और पोषक तत्वों के अधिक प्रभावी इस्तेमाल वाले उत्पादों को बढ़ावा दे रही है।

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कंपनी ने घटाया रेवेन्यू टारगेट

SML ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना रेवेन्यू टारगेट घटाकर करीब 1,600 करोड़ रुपये कर दिया है। इसके पीछे कमजोर मानसून, अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ और भू-राजनीतिक तनाव के कारण परिवहन में आ रही बाधाएं हैं। इससे पहले कंपनी ने 1,800 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा था। हालांकि, नया रेवेन्यू टारगेट पिछले वित्त वर्ष के करीब 1,200-1,300 करोड़ रुपये के कारोबार से अधिक है। कंपनी ने अपने उत्पादों की कीमतों में करीब 15-20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जिससे रेवेन्यू बढ़ने की उम्मीद है।

कंपनी का अंतरराष्ट्रीय कारोबार 80 से अधिक देशों में फैला हुआ है। पिछले वित्त वर्ष में इससे करीब 600-700 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला था। इस वित्त वर्ष कंपनी को अंतरराष्ट्रीय कारोबार से 700-800 करोड़ रुपये और अगले 2 वर्षों में करीब 1,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Pranav Constructions IPO को 126 गुना बोली, अब ग्रे मार्केट से 15 सितंबर को तगड़ी लिस्टिंग के संकेत

Pranav Constructions IPO: ग्रेटर मुंबई में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर काम करने वाली प्रणव कंस्ट्रक्शंस के आईपीओ को निवेशकों को धांसू रिस्पांस मिला था। तीन दिनों में इसका ₹351 करोड़ का आईपाीओ 126 गुना से अधिक भरा था। अब 10 सितंबर को शेयरों के अलॉटमेंट के बाद 15 सितंबर को लिस्टिंग का इंतजार है। लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से मजबूत संकेत मिल रहे हैं और GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) फिलहाल ₹48 यानी 38.71% है यानी कि बीएसई और एनएसई पर इसके शेयरों की करीब 39% प्रीमियम पर एंट्री हो सकती है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक जीएमपी की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं।

Pranav Constructions IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

प्रणव कंस्ट्रक्शंस का ₹351 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 7-9 सितंबर तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹118-₹124 था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 126.34 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 268.54 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 217.73 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 45.31 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹316 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 28,56,869 शेयर यानी ₹35 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला हैं। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹145.72 करोड़ रीडेवलपमेंट से जुड़े सभी खर्चों, ₹91.50 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹42.57 करोड़ भविष्य के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के अधिग्रहण की फंडिंग और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों, और ₹40.31 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Pranav Constructions के बारे में

प्रणव कंस्ट्रक्शंस एक रियल एस्टेट कंपनी है जो ग्रेटर मुंबई में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। इसका फोकस वेस्टर्न सबअर्ब्स पर है। यह रीडेवलपमेंट कंपनी है यानी कि इसका मुख्य बिजनेस जमीन खरीदकर उस पर बिल्डिंग बनाना नहीं बल्कि मौजूदा पुरानी सोसायटी/प्रॉपर्टी को फिर से डेवलप करना है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के हिसाब से इसके 28 प्रोडेक्ट्स पूरे हो चुके हैं, 20 पर काम चल रहा है तो 17 पर काम अभी शुरू होना है। यह कम कीमत वाले घरों से लेकर प्रीमियम सेगमेंट के भी प्रोजेक्ट्स पर काम करती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 34% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹71.32 करोड़ और टोटल इनकम 30% से अधिक के सीएजीआर से ₹763.93 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹258.44 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹159.52 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इस साल 27% चढ़ा है इस डिफेंस कंपनी का शेयर, क्या अभी निवेश करने पर होगी मोटी कमाई?

जेन टेक्नोलॉजीज डिफेंस सिमुलेशन और एंट्री-ड्रोन सॉल्यूशंस ऑफर करती है। सरकार डिफेंस पर खर्च बढ़ा रही है। इसके अलावा अगली पीढ़ी के वारफेयर सिस्टम्स की मांग बढ़ रही है। इसका फायदा जेन टेक्नोलॉजी को मिलेगा। कंपनी एयर फोर्स सिमुलेटर मार्केट में उतरी है। एंटी-ड्रोन सेगमेंट में भी कंपनी के लिए बड़े मौके है। कंपनी अमेरिकी बाजार में बिजनेस का विस्तार कर रही है। इससे मीडियम और लॉन्ग टर्म में कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।

1239 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक जून तिमाही में

Zen Technologies की कंसॉलिडेटेड ऑर्डर बुक 30 जून, 2026 को 1,239 करोड़ रुपये की थी। FY26 की मार्च तिमाही के अंत में ऑर्डर बुक 1,336 करोड़ रुपये की थी। तिमाही दर तिमाही आधार पर ऑर्डर बुक में गिरावट की वजह जून तिमाही में बेहतर एग्जिक्यूशन है। कंपनी की ऑर्डर बुक में इक्विपमेंट ऑर्डर की हिस्सेदारी 921 करोड़ है, जबकि 318 करोड़ रुपये के ऑर्डर AMC के हैं।

मार्च तक 2700 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक की उम्मीद

कंपनी नए ऑर्डर्स के लिए 700-800 करोड़ रुपये के सिमुलेटर ऑर्डर्स पर विचार कर रही है। कंपनी को FY27 के अंत तक ऑर्डर बुक करीब 2,500 करोड़ रुपये पहुंच जाने की उम्मीद है। एंटी-ड्रोन सिस्टम की बढ़ती मांग का फायदा भी कंपनी को मिलेगा। घरेलू बाजार के साथ ही कंपनी मिडिल ईस्ट, अफ्रीका, साऊथईस्ट एशिया और CIS देशों में बिजनेस का विस्तार कर रही है। कंपनी की नजरें EU और नॉर्थ और साऊथ मार्केट्स पर भी हैं।

जून तिमाही में रेवेन्यू के मोर्चे पर कमजोर प्रदर्शन 

जून तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में साल दर साल आधार पर 10.5 फीसदी गिरावट आई। EBITDA साल दर साल आधार पर 40.2 फीसदी घटकर 39 करोड़ रुपये रह गया। इसका असर कंपनी के टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) पर पड़ा, जो करीब 34 करोड़ रुपये रहा। सितंबर तिमाही में ऑर्डर एग्जिक्यूशन की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है।

कपैसिटी बढ़ाने के लिए अधिग्रहण पर विचार

अगले दो साल तक कंपनी की ग्रोथ में सिमुलेटर्स और एंट्री-ड्रोन सिस्टम्स का बड़ा हाथ रह सकता है। इंटरसेप्टर ड्रोन, हार्ड-किल सिस्टम्स, रोबोटिक्स, ऑटोनोमस व्हीकल्स और इंटिग्रेटेड स्मार्ट बॉर्डर सॉल्यूशंस से भी ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए अधिग्रहण पर भी विचार कर रही है। इससे रेवेन्यू का स्रोत भी बढ़ेगा।

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52 हफ्ते के हाई से शेयर 14.5 फीसदी नीचे

Zen Technologies का शेयर 11 सितंबर को 1.25 फीसदी गिरकर 1,728.10 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर 27 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। कंपनी का शेयर इस साल 19 अगस्त को 2,044 रुपये पर पहुंच गया था, जो इसका 52 हफ्ते का सबसे ज्यादा प्राइस है। अभी इस लेवल से यह करीब 14.5 फीसदी नीचे है। सरकार के डिफेंस इक्विपमेंट के इंपोर्ट पर निर्भरता घटाने और एक्सपोर्ट बढ़ाने पर फोकस का फायदा जेन टेक्नोलॉजीज को मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

High Return Stock: इस फार्मा कंपनी के शेयर ने किया कमाल, लगातार 8 सत्रों में 47% चढ़ा

नोवार्टिस इंडिया के शेयरों में 9 सितंबर को लगातार 8वें दिन तेजी दिखी। 20 फीसदी उछाल के बाद शेयर में अपर सर्किट लग गया। बुधवार को शेयर 2,186.40 रुपये के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। यह शेयर लगातार 8 सत्रों में 47.1 फीसदी चढ़ा है। इस बीच शेयर बाजारों पर काफी दबाव देखने को मिला है।

इस साल फरवरी में भी एक दिन में 20% चढ़ा था शेयर

इससे पहले नोवार्टिस के शेयर में 20 फीसदी का उछाल इस साल 20 फरवरी को दिखा था। इसकी वजह यह थी कि कंपनी की प्रमोटर नोवार्टिस एजी कंपनी में अपनी 70.68 फीसदी हिस्सेदारी क्रिसकैपिटल की अगुवाई वाले एक कंसोर्शियम को बेचने को तैयार हो गई थी।

नोवार्टिस इंडिया फाइजर से दो ट्रेडमार्क का अधिग्रहण करेगी 

अगस्त में डॉ रेड्डीज लेबोरेट्रीज ने कुछ चुनिंदा ब्रांड्स के लिए नोवार्टिस इंडिया के साथ डिस्ट्रिब्यूशन और प्रमोशन एग्रीमेंट खत्म कर दिया था। उसने नोवार्टिस इंडिया की कंट्रोलिंग शेयरहोल्डिंग में बदलाव के बाद ऐसा किया। इस हफ्ते की शुरुआत में नोवार्टिस इंडिया के बोर्ड ने इंडिया में ‘Minipress’ और ‘Minipres’ ट्रेडमार्क और इससे संबंधित बौद्धिक संपदा अधिकारों के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी थी। उसने इन ट्रेडमार्क का अधिग्रहण फाइजर से किया है। इसके लिए वह 1,250 करोड़ चुका रही है।

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बीते एक महीने में 36 फीसदी चढ़ा है शेयर 

नोवार्टिस इंडिया का शेयर बीते एक महीने में 36 फीसदी चढ़ा है। इस दौरान निफ्टी और सेंसेक्स का रिटर्न निगेटिव रहा है। Nifty बीते एक महीने में 4.69 फीसदी गिरा है। सेंसेक्स एक महीने में 4.81 फीसदी फिसला है। 9 सितंबर को इस हफ्ते लगातार तीसरे दिन शेयर बाजारों में गिरावट आई। निफ्टी 0.86 फीसदी यानी 203 अंक गिरकर 23,431 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.08 फीसदी यानी 813 अंक गिरकर 74,764 पर बंद हुआ।

Stocks to Watch: 11 स्टॉक्स; Biocon, Raymond और Innovision समेत ये शेयर आज 9 सितंबर को फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुल रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 66.00 प्वाइंट्स यानी 0.28% की गिरावट के साथ 23,647.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 8 सितंबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 555.23 प्वाइंट्स यानी 0.73% की गिरावट के साथ 75,577.58 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 144.05 प्वाइंट्स यानी 0.61% की फिसलन के साथ 23,635.10 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Biocon

सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय प्राइवेट इक्विटी फर्म ट्रू नॉर्थ की कंपनी एक्टिव पाइन ब्लॉक डील के जरिए बायोकॉन के पेड-अप इक्विटी का लगभग 1% हिस्सा (1.66 करोड़ शेयर तक) बेच सकती है। ₹638.4 करोड़ की इस ब्लॉक डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹385 तय किया गया है।

Laxmi Organic Industries

राजन वेंकटेश ने नए मौकों की तलाश के लिए लक्ष्मी ऑर्गेनिक के एमडी और सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 13 नवंबर 2026 से प्रभावी होगा। बोर्ड ने कंपनी के मौजूदा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हर्षवर्धन गोयनका को 14 नवंबर 2026 से पांच साल के लिए एमडी और सीईओ नियुक्त किया है।

Innovision

इनोविजन को ₹243.6 करोड़ का LoA (लेटर ऑफ अवॉर्ड) मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट मध्य प्रदेश में NH-3 के इंदौर-देवास सेक्शन को छह-लेन का बनाने के लिए IDTL A और IDTL B टोल प्लाजा पर यूजर फीस कलेक्शन एजेंसी नियुक्त करने और NH-39 के झांसी-खजुराहो सेक्शन को चार-लेन का बनाने के लिए पचवारा टोल प्लाजा के लिए है। इस ऑर्डर में आस-पास के टॉयलेट ब्लॉक की देखरेख और मेंटेनेंस भी शामिल है।

Enviro Infra Engineers

एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स की सब्सिडियरी सुयोग ऊर्जा को टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी से ₹189.99 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट महाराष्ट्र के परली में 180 MW के NTPC विंड पावर प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए EPC टर्न्की वर्क पूरा करने के लिए है।

Moschip Technologies

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक मॉसचिप टेक को वायव्य लैब्स (Vayavya Labs) की 73% इक्विटी शेयर कैपिटल के प्रस्तावित अधिग्रहण से जुड़े विवाद के मामले में 15 सितंबर से पहले ₹200 करोड़ की अतिरिक्त सिक्योरिटी जमा करने का निर्देश दिया गया है।

Raymond

रेमंड के बोर्ड ने मिनर्वा वेंचर्स फंड को प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए 33.29 लाख कन्वर्टिबल वारंट जारी करके ₹214.71 करोड़ का फंड जुटाने को मंजूरी दी है। हर वारंट ₹645 के भाव पर जारी होंगे।

Fermenta Biotech

फर्मेंटा बायोटेक ने फर्मेंटेड फूड्स में नैचुरल इन-सिटू विटामिन B12 फोर्टिफिकेशन की टेक्नोलॉजी के कमर्शियलाइजेशन के लिए वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT), वेल्लोर के साथ एक एक्सक्लूसिव लाइसेंस एग्रीमेंट साइन करने का ऐलान किया है।

Great Eastern Shipping Company

ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी ने लगभग 81,609 DWT क्षमता वाला एक पुराना यानी सेकंड-हैंड कामसारमैक्स ड्राई बल्क कैरियर खरीदने का कॉन्ट्रैक्ट किया है। 2019 में बने इस जहाज के वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2026 में कंपनी के बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है। इसके लिए पूरी फंडिंग कंपनी के अपने इंटरनल फंड से की जाएगी।

Sanofi India

सनोफी इंडिया ने अपने ऊपर आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। यह मामला 2012 और 2015 के बीच भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC), मैसूर को फार्मा सप्लाई और खरीद के फैसलों को गलत तरीके से प्रभावित करने के लिए BARC के एक कर्मचारी के साथ कथित मिलीभगत के आरोपों से जुड़ा है। फिलहाल आपराधिक शिकायत का मामला ट्रायल के चरण में है।

Shadowfax Technologies

ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट फर्म टीपीजी के निवेश वाली न्यूवेस्ट एशिया फंड IV (सिंगापुर) ने शैडोफैक्स के 80 लाख शेयर (1.36% हिस्सेदारी) ₹250.03 के भाव पर बेच दिए। इसके साथ ही न्यूवेस्ट ने मौजूदा तिमाही में शैडोफैक्स में लगभग 3.5% हिस्सेदारी बेच दी है, जिससे उसकी हिस्सेदारी जून 2026 तक 11.53% से घटकर 8.03% रह गई है। वहीं दूसरी तरफ हांगकांग की इन्वेस्टमेंट फर्म ऑक्सबो कैपिटल मैनेजमेंट के मैनेजमेंट वाली ऑक्सबो मास्टर फंड ने प्रति शेयर ₹250 के भाव पर ₹119.6 करोड़ में 47.85 लाख शेयर (0.81% हिस्सेदारी) और खरीदे। इससे पहले 6 अगस्त 2026 को भी इसने 1.18% हिस्सेदारी खरीदी थी, और अब नई खरीदारी के बाद कंपनी में ऑक्सबो मास्टर फंड की हिस्सेदारी बढ़कर 2% हो गई है

Rays of Belief

लिस्टिंग के दिन सच्चियाय स्टॉक ब्रोकिंग ने ₹6.57 करोड़ में रेज ऑफ बिलीफ के 2.75 लाख शेयर, कैपेशियस वेल्थ मैनेजमेंट एलएलपी ने ₹5.37 करोड़ में 2.25 लाख शेयर, संतोष भंसाली एचयूएफ ने ₹4.54 करोड़ में 1.9 लाख शेयर और प्रज्ञा मर्केंटाइल ने ₹9.8 करोड़ में 4.1 लाख शेयर खरीदे। इन चारों ने मिलकर प्रति शेयर ₹239 के भाव पर कंपनी में 5.26% हिस्सेदारी खरीदी। वहीं लॉन्गथ्राइव कैपिटल वीसीसी-ट्रेंडव्यू कैपिटल फंड ने ने समान भाव पर रेज ऑफ बिलीफ के 1.43 लाख शेयर ₹3.42 करोड़ में बेच दिए।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

एक्स-डिविडेंड: आस्था स्पिनटेक्स, ऐकनिट इंडस्ट्रीज, एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड ब्रुअरीज, सेंचुरी प्लाईबोर्ड्स (इंडिया), एम्पायर इंडस्ट्रीज, फोर्स मोटर्स, गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स, जेबीएम ऑटो, ज्योति रेजिन्स एंड एढेसिव्स, क्रोनॉक्स लैब साइंसेज, नेपेरोल इन्वेस्टमेंट्स, नेशनल फिटिंग्स, परफेक्टपैक, प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स, शेयर इंडिया सिक्योरिटीज, श्री दिग्विजय सीमेंट कंपनी, ट्रैवल फूड सर्विसेज, WEP सॉल्यूशंस, वर्थ पेरिफेरल्स

एक्स-इनकम डिस्ट्रीब्यूशन: ऑल्टियस टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट

F&O बैन: आज आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस और SAIL में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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ईरान का अमेरिका पर बड़ा पलटवार! 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 9 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: बुधवार यानी 9 सितंबर को शेयर बाजार में कई स्टॉक्स पर नजर रहेगी। Raymond, TCS, Biocon और Bank of Baroda समेत 16 कंपनियों से जुड़े अहम अपडेट सामने आए हैं। इनमें बड़े ऑर्डर, हिस्सेदारी बिक्री, फंड जुटाने और डिविडेंड से जुड़े फैसले शामिल हैं। ऐसे में इन शेयरों में बाजार खुलने के बाद हलचल देखने को मिल सकती है।

Raymond

टेक्सटाइल और गारमेंट कंपनी Raymond ₹214.71 करोड़ तक जुटाएगी। इसके लिए 33,28,686 कन्वर्टिबल वारंट जारी किए जाएंगे। ये वारंट Minerva Ventures Fund को ₹645 प्रति वारंट की कीमत पर मिलेंगे। हर वारंट से ₹645 में एक इक्विटी शेयर लेने का अधिकार होगा।

Tata Consultancy Services

आईटी सर्विसेज कंपनी Tata Consultancy Services को ओडिशा सरकार से ₹122.6 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इसके तहत OSWAS 3.0 लागू किया जाएगा। इसमें वर्कफ्लो ऑटोमेशन, एनालिटिक्स, सिक्योरिटी और AI को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।

Biocon

बायोफार्मा कंपनी Biocon में Active Pine करीब 1.66 करोड़ शेयर बेच सकता है। यह कंपनी में करीब 1% हिस्सेदारी के बराबर है। करीब ₹638.4 करोड़ का ब्लॉक डील होने की संभावना है। शेयर का फ्लोर प्राइस ₹385 रखा गया है, जो मौजूदा बाजार भाव से करीब 1.9% कम है।

Enviro Infra Engineers

वाटर ट्रीटमेंट कंपनी Enviro Infra Engineers की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी Suyog Urja को ₹189.99 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह ऑर्डर Tata Power Renewable Energy ने दिया है। काम महाराष्ट्र के Parli में 180 MW के NTPC विंड पावर प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

Laxmi Organic Industries

केमिकल कंपनी Laxmi Organic Industries के MD और CEO Rajan Venkatesh 13 नवंबर 2026 को पद छोड़ेंगे। इसके बाद 14 नवंबर से Harshvardhan Goenka MD और CEO की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका कार्यकाल पांच साल का होगा। कंपनी ने इस बदलाव की जानकारी दी है।

Bank of Baroda

सरकारी बैंक Bank of Baroda NSE में अपनी हिस्सेदारी का 35% हिस्सा बेचने की तैयारी कर रहा है। बैंक OFS के जरिए 76,90,375 तक NSE शेयर बेच सकता है। ये शेयर 8 सितंबर को एस्क्रो अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। बिक्री सितंबर के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।

Innovision

सिक्योरिटी और मैनपावर सर्विसेज कंपनी Innovision को NHAI से कुल ₹243.60 करोड़ के दो वर्क ऑर्डर मिले हैं। इनमें मध्य प्रदेश के हाईवे फीस प्लाजा पर टोल कलेक्शन और सुविधाओं के रखरखाव का काम शामिल है।

Great Eastern Shipping Company

शिपिंग कंपनी Great Eastern Shipping Company ने एक सेकंडहैंड Kamsarmax ड्राई बल्क कैरियर खरीदने का करार किया है। इसका वजन उठाने की क्षमता 81,609 DWT है और यह जहाज 2019 में बना था। इसकी डिलीवरी वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही में होने की उम्मीद है।

Sanofi India

फार्मा कंपनी Sanofi India ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका BARC, Mysore को 2012 से 2015 के बीच फार्मास्युटिकल सप्लाई से जुड़े CBI मामले में आपराधिक कार्यवाही को चुनौती देने के लिए थी। कंपनी ने कहा कि 7 सितंबर के आदेश में किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है। मामला इस बात से जुड़ा है कि किसी कर्मचारी को आरोपी बनाए बिना कंपनी के खिलाफ मुकदमा जारी रह सकता है या नहीं।

K.P. Energy

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी K.P. Energy को Emmvee Energy से कर्नाटक में 42 MW का विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट लगाने के लिए LOI मिला है। इसमें 21 MW विंड और 21 MWp सोलर क्षमता होगी। यह प्रोजेक्ट Emmvee Energy की कर्नाटक स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज की कैप्टिव पावर जरूरत पूरी करेगा।

PVR INOX

मल्टीप्लेक्स कंपनी PVR INOX ने बेंगलुरु के बेलंदूर स्थित Soul Space Spirit में 3 नए स्क्रीन शुरू किए हैं। इनमें एक 4DX और दो मेनस्ट्रीम स्क्रीन शामिल हैं। नए स्क्रीन जुड़ने के बाद यहां कुल 7 स्क्रीन हो गई हैं।

Ritco Logistics

लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनी Ritco Logistics को अगस्त में ₹388 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह कंपनी के लिए बड़ा कॉन्ट्रैक्ट है। इससे कारोबार और आने वाले रेवेन्यू को सपोर्ट मिल सकता है। इ

Bajaj Holdings

इन्वेस्टमेंट कंपनी Bajaj Holdings के बोर्ड की 15 सितंबर को बैठक होगी। इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के अंतरिम डिविडेंड पर विचार किया जाएगा। डिविडेंड को लेकर बोर्ड का फैसला निवेशकों के लिए अहम हो सकता है।

Maharashtra Scooters

ऑटोमोबाइल से जुड़ी कंपनी Maharashtra Scooters के बोर्ड की 15 सितंबर को बैठक होगी। इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के अंतरिम डिविडेंड पर विचार किया जाएगा। डिविडेंड को लेकर बोर्ड के फैसले पर निवेशकों की नजर रहेगी।

MosChip

सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी MosChip ने Vayavya Labs के 73% अधिग्रहण से जुड़े विवाद पर अपडेट दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने रिस्पॉन्डेंट्स को 15 सितंबर तक अतिरिक्त ₹200 करोड़ की सिक्योरिटी जमा करने को कहा है। कोर्ट ने कंपनी के खिलाफ आदेश में किसी उल्लंघन या दोष पर फैसला नहीं दिया है।

NLC India

सरकारी पावर कंपनी NLC India की सब्सिडियरी को SJVN से 200 MW के विंड पावर प्रोजेक्ट का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ा है।

Vodafone Idea Share: 47% गिर सकता है शेयर! HSBC ने ‘Reduce’ रेटिंग के साथ ₹8.25 का टारगेट दिया

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

High Return Stock: इस ज्वेलरी शेयर ने 6 महीने में चार गुना किया पैसा, आज लगा अपर सर्किट

High Return Stock: शेयर बाजार में कमजोरी के बावजूद कुछ शेयरों ने कमाल किया है। इनमें से एक शेयर त्रिभुवनदास भीमजी जावेरी का है। बीते छह महीनों में इस शेयर ने निवेशकों का पैसा चार गुना किया है। इस साल 9 मार्च को इस शेयर का प्राइस 130.50 रुपये था। 8 सितंबर को शेयर 5 फीसदी चढ़कर 555.30 रुपये पर बंद हुआ। 5 फीसदी चढ़ने के बाद इसमें अपर सर्किट लग गया। अगर आपने इस शेयर में मार्च की शुरुआत में एक लाख रुपये लगाया होता तो आज आपका पैसा बढ़कर चार लाख से ज्यादा हो गया होता।

जून तिमाही में कंपनी का अच्छा प्रदर्शन

Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ) के शेयरों में लगातार तेजी की कई वजहें हैं। ज्लेवरी कंपनियों का प्रदर्शन जून तिमाही में अच्छा रहा है। इसका शेयर कंपनियों के शेयरों पर पड़ा है। इस दौरान कंपनी का टैक्स बाद प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 56.9 फीसदी चढ़ा। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 34.8 फीसदी बढ़ा। दूसरी ज्वेलरी कंपनियों का प्रदर्शन भी जून तिमाही में अच्छा रहा है। इससे इन कंपनियों के शेयरों में तेजी आई है।

अधिग्रहण की खबर से शेयरों को लगे पंख

TBZ के शेयरों में तेजी की वजह इसके अधिग्रहण की खबर है। जीआरटी ज्वेलर्स टीबीजेड में प्रमोटर्स की 74.12 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। यह डील प्रति शेयर 209 रुपये की कीमत पर होगी। जीआरटी ज्वेलर्स 1,033.7 करोड़ रुपये निवेश करेगी। GRT Jewellers ने बाकी 26 फीसदी हिस्सेदारी के लिए ओपन ऑफर का भी ऐलान किया है। इसके लिए प्रति शेयर 249.6 रुपये की कीमत तय की गई है। शेयर की 8 सितंबर की क्लोजिंग कीमत ओपन ऑफर के प्राइस से काफी ज्यादा है।

सोने की कीमतों में हालिया तेजी से भी मिला सपोर्ट

सोने की कीमतों में हाल में आई तेजी का असर भी TBZ जैसी कंपनियों के शेयरों पर पड़ा है। सोने की कीमत अपने 52 हफ्ते के सबसे निचले स्तर से 20 फीसदी से ज्यादा चढ़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 8 सितंबर को हल्की गिरावट के साथ 4400 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। आगे त्योहारी सीजन में गोल्ड ज्वेलरी की मांग स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद है। उसके बाद शादियों का सीजन शुरू होगा। भारत में गोल्ड ज्वेलरी की कुल खरीदारी में शादी के लिए होने वाली खरीदारी की बड़ी हिस्सेदारी है।

8 सितंबर को शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन गिरावट 

टीबीजेड के शेयर में तब तेजी आई है, जब शेयर बाजारों में सेंटीमेंट लगातार कमजोर बना हुआ है। 8 सितंबर को लगातार दूसरे दिन शेयर बाजारों में गिरावट आई। निफ्टी 0.61 फीसदी यानी 144 अंक गिरकर 23,635 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.73 फीसदी यानी 555 अंक गिरकर 75,577 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी पर भी दबाव देखने को मिला।

Rays of Belief के IPO को 107 गुना बोली, अब ₹239 के शेयरों ने लिस्टिंग पर दिया शॉक

Rays of Belief IPO Listing: डिसऑर्डर्स वाले बच्चों के इलाज और उनकी ग्रोथ में मदद करने वाली रेज ऑफ बिलीफ के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में एनएसई पर फ्लैट और बीएसई पर डेढ़ फीसदी से अधिक प्रीमियम पर एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 107 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹239 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹243.00 और NSE पर ₹239.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब डेढ़ फीसदी तक का लिस्टिंग गेन (Rays of Belief Listing Gain) मिला। हालांकि लिस्टिंग के बाद टूटकर BSE पर यह ₹234.00 (Rays of Belief Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 2.09% मुनाफे में हैं।

Rays of Belief IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

रेज ऑफ बिलीफ का ₹125.00 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 1-3 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 107.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 9.01 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 279.11 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 195.86 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 52.30 लाख नए शेयर जारी हुए हैं।

Rays of Belief के बारे में

रेज ऑफ बिलीफ न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर्स (NDDs) यानी बच्चों के विकास से जुड़ी दिक्कतों जैसे कि ऑटिज्म, एडीएचडी, डाउन सिंड्रोम, सेरेब्रल पल्सी, इंटेलेक्चुअल डिजेबिलिटी, लर्निंग डिजेबिलिटी और ग्लोबल डेवलपमेंटल डिलेज से प्रभावित बच्चों के लिए इलाज, थेरेपी और विकास से जुड़ी मदद देती है। कंपनी ने अपना सेंटर गुड़गांव में साल 2018 में खोला था और तेजी से विस्तार किया। वित्त वर्ष 2023 में 71 स्टोर से अब वित्त वर्ष 2026 के आखिरी तक देश के 57 शहरों और 20 राज्यों/यूनियन टेरिटरीज में 136 सेंटर्स तक यह पहुंच गई। इसके 136 सेंटरों में 42 टियर-1 शहरों में, 77 टियर-2 शहरों में और 17 टियर-3 शहरों में है।

कंपनी मुख्य रूप से 18 महीने से 12 साल तक के बच्चों पर ध्यान देती है तो कुछ खास प्रोग्राम 15 साल तक के बच्चों के लिए भी उपलब्ध हैं। कंपनी के सेंटर्स में 150 से ज्यादा टीचिंग टूल्स उपलब्ध हैं। इसके अलावा घर पर बच्चों के साथ प्रैक्टिस करने के लिए 2,000 से ज्यादा टीचिंग टूल्स वाले होम-लर्निंग किट्स भी उपलब्ध हैं।

जून 2025 में कंपनी ने अमेरिका में दो कंपनियों का अधिग्रहण किया जिसमें से मॉम्स बिलीफ यूएफ (Mom’s Belief US) को पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी और एलर्जी एंड इम्यूनोलॉजी वर्जीनिया, एलएलसी को स्टेप-डाउन सब्सिडरी के तौर पर। इस अधिग्रहण के साथ कंपनी को अमेरिका के वर्जीनिया के Salem, Lynchburg और Roanoke में 3 सेंटर्स मिले हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 142% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹4.96 करोड़ और टोटल इनकम 63% से अधिक के सीएजीआर से ₹82.06 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹3.61 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹15.22 करोड़ पड़े थे।

Deepa Jewellers IPO Listing: 25% प्रीमियम पर ₹117 का शेयर लिस्ट, दीपा ज्वैलर्स ने बढ़ाई पोर्टफोलियो की चमक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।