Stocks to Watch: 11 स्टॉक्स; Biocon, Raymond और Innovision समेत ये शेयर आज 9 सितंबर को फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुल रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 66.00 प्वाइंट्स यानी 0.28% की गिरावट के साथ 23,647.50 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 8 सितंबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स (Sensex) 555.23 प्वाइंट्स यानी 0.73% की गिरावट के साथ 75,577.58 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 144.05 प्वाइंट्स यानी 0.61% की फिसलन के साथ 23,635.10 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Biocon

सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय प्राइवेट इक्विटी फर्म ट्रू नॉर्थ की कंपनी एक्टिव पाइन ब्लॉक डील के जरिए बायोकॉन के पेड-अप इक्विटी का लगभग 1% हिस्सा (1.66 करोड़ शेयर तक) बेच सकती है। ₹638.4 करोड़ की इस ब्लॉक डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹385 तय किया गया है।

Laxmi Organic Industries

राजन वेंकटेश ने नए मौकों की तलाश के लिए लक्ष्मी ऑर्गेनिक के एमडी और सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है, जो 13 नवंबर 2026 से प्रभावी होगा। बोर्ड ने कंपनी के मौजूदा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हर्षवर्धन गोयनका को 14 नवंबर 2026 से पांच साल के लिए एमडी और सीईओ नियुक्त किया है।

Innovision

इनोविजन को ₹243.6 करोड़ का LoA (लेटर ऑफ अवॉर्ड) मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट मध्य प्रदेश में NH-3 के इंदौर-देवास सेक्शन को छह-लेन का बनाने के लिए IDTL A और IDTL B टोल प्लाजा पर यूजर फीस कलेक्शन एजेंसी नियुक्त करने और NH-39 के झांसी-खजुराहो सेक्शन को चार-लेन का बनाने के लिए पचवारा टोल प्लाजा के लिए है। इस ऑर्डर में आस-पास के टॉयलेट ब्लॉक की देखरेख और मेंटेनेंस भी शामिल है।

Enviro Infra Engineers

एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स की सब्सिडियरी सुयोग ऊर्जा को टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी से ₹189.99 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह कॉन्ट्रैक्ट महाराष्ट्र के परली में 180 MW के NTPC विंड पावर प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए EPC टर्न्की वर्क पूरा करने के लिए है।

Moschip Technologies

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक मॉसचिप टेक को वायव्य लैब्स (Vayavya Labs) की 73% इक्विटी शेयर कैपिटल के प्रस्तावित अधिग्रहण से जुड़े विवाद के मामले में 15 सितंबर से पहले ₹200 करोड़ की अतिरिक्त सिक्योरिटी जमा करने का निर्देश दिया गया है।

Raymond

रेमंड के बोर्ड ने मिनर्वा वेंचर्स फंड को प्राइवेट प्लेसमेंट के आधार पर प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए 33.29 लाख कन्वर्टिबल वारंट जारी करके ₹214.71 करोड़ का फंड जुटाने को मंजूरी दी है। हर वारंट ₹645 के भाव पर जारी होंगे।

Fermenta Biotech

फर्मेंटा बायोटेक ने फर्मेंटेड फूड्स में नैचुरल इन-सिटू विटामिन B12 फोर्टिफिकेशन की टेक्नोलॉजी के कमर्शियलाइजेशन के लिए वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT), वेल्लोर के साथ एक एक्सक्लूसिव लाइसेंस एग्रीमेंट साइन करने का ऐलान किया है।

Great Eastern Shipping Company

ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी ने लगभग 81,609 DWT क्षमता वाला एक पुराना यानी सेकंड-हैंड कामसारमैक्स ड्राई बल्क कैरियर खरीदने का कॉन्ट्रैक्ट किया है। 2019 में बने इस जहाज के वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2026 में कंपनी के बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है। इसके लिए पूरी फंडिंग कंपनी के अपने इंटरनल फंड से की जाएगी।

Sanofi India

सनोफी इंडिया ने अपने ऊपर आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। यह मामला 2012 और 2015 के बीच भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC), मैसूर को फार्मा सप्लाई और खरीद के फैसलों को गलत तरीके से प्रभावित करने के लिए BARC के एक कर्मचारी के साथ कथित मिलीभगत के आरोपों से जुड़ा है। फिलहाल आपराधिक शिकायत का मामला ट्रायल के चरण में है।

Shadowfax Technologies

ग्लोबल अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट फर्म टीपीजी के निवेश वाली न्यूवेस्ट एशिया फंड IV (सिंगापुर) ने शैडोफैक्स के 80 लाख शेयर (1.36% हिस्सेदारी) ₹250.03 के भाव पर बेच दिए। इसके साथ ही न्यूवेस्ट ने मौजूदा तिमाही में शैडोफैक्स में लगभग 3.5% हिस्सेदारी बेच दी है, जिससे उसकी हिस्सेदारी जून 2026 तक 11.53% से घटकर 8.03% रह गई है। वहीं दूसरी तरफ हांगकांग की इन्वेस्टमेंट फर्म ऑक्सबो कैपिटल मैनेजमेंट के मैनेजमेंट वाली ऑक्सबो मास्टर फंड ने प्रति शेयर ₹250 के भाव पर ₹119.6 करोड़ में 47.85 लाख शेयर (0.81% हिस्सेदारी) और खरीदे। इससे पहले 6 अगस्त 2026 को भी इसने 1.18% हिस्सेदारी खरीदी थी, और अब नई खरीदारी के बाद कंपनी में ऑक्सबो मास्टर फंड की हिस्सेदारी बढ़कर 2% हो गई है

Rays of Belief

लिस्टिंग के दिन सच्चियाय स्टॉक ब्रोकिंग ने ₹6.57 करोड़ में रेज ऑफ बिलीफ के 2.75 लाख शेयर, कैपेशियस वेल्थ मैनेजमेंट एलएलपी ने ₹5.37 करोड़ में 2.25 लाख शेयर, संतोष भंसाली एचयूएफ ने ₹4.54 करोड़ में 1.9 लाख शेयर और प्रज्ञा मर्केंटाइल ने ₹9.8 करोड़ में 4.1 लाख शेयर खरीदे। इन चारों ने मिलकर प्रति शेयर ₹239 के भाव पर कंपनी में 5.26% हिस्सेदारी खरीदी। वहीं लॉन्गथ्राइव कैपिटल वीसीसी-ट्रेंडव्यू कैपिटल फंड ने ने समान भाव पर रेज ऑफ बिलीफ के 1.43 लाख शेयर ₹3.42 करोड़ में बेच दिए।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

एक्स-डिविडेंड: आस्था स्पिनटेक्स, ऐकनिट इंडस्ट्रीज, एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड ब्रुअरीज, सेंचुरी प्लाईबोर्ड्स (इंडिया), एम्पायर इंडस्ट्रीज, फोर्स मोटर्स, गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स, जेबीएम ऑटो, ज्योति रेजिन्स एंड एढेसिव्स, क्रोनॉक्स लैब साइंसेज, नेपेरोल इन्वेस्टमेंट्स, नेशनल फिटिंग्स, परफेक्टपैक, प्रिंस पाइप्स एंड फिटिंग्स, शेयर इंडिया सिक्योरिटीज, श्री दिग्विजय सीमेंट कंपनी, ट्रैवल फूड सर्विसेज, WEP सॉल्यूशंस, वर्थ पेरिफेरल्स

एक्स-इनकम डिस्ट्रीब्यूशन: ऑल्टियस टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट

F&O बैन: आज आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस और SAIL में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Semiconductor Mission 2.0: सरकार की ₹1.27 लाख करोड़ की सेमीकंडक्टर स्कीम, इन 10 स्टॉक्स को मिल सकता है तगड़ा फायदा

Semiconductor Mission 2.0: केंद्र सरकार ने India Semiconductor Mission (ISM 2.0) के लिए ₹1.27 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। इस बार सरकार का फोकस सिर्फ चिप फैक्ट्री लगाने पर नहीं है। अब चिप डिजाइन, मशीनें, कच्चा माल, एडवांस पैकेजिंग, रिसर्च और पूरी सप्लाई चेन को भारत में विकसित किया जाएगा।

ऐसे में कई भारतीय कंपनियों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है। आइए जानते हैं किन 10 कंपनियों पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।

Tata Electronics

टाटा ग्रुप भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब लगाने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी पहले से इस सेक्टर में बड़े निवेश कर रही है। ISM 2.0 से इसके विस्तार को और रफ्तार मिल सकती है।

CG Power & Industrial Solutions

CG Power सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में निवेश कर रही है। कंपनी की चिप मैन्युफैक्चरिंग योजनाओं को सरकार की नई नीति से मजबूत सपोर्ट मिल सकता है।

Kaynes Technology

Kaynes Technology पहले ही सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में एक्टिव है। सरकार की ATMP और OSAT पर बढ़ती फोकस से कंपनी को फायदा हो सकता है।

Tata Elxsi

टाटा ग्रुप की Tata Elxsi चिप डिजाइन, एम्बेडेड सिस्टम और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी में काम करती है। ISM 2.0 में डिजाइन कंपनियों को बढ़ावा मिलने से इसके लिए नए अवसर बन सकते हैं।

Dixon Technologies

Dixon भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल है। घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन मजबूत होने का फायदा इसे भी मिल सकता है।

Syrma SGS Technology

Syrma SGS इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और PCB असेंबली में काम करती है। सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विस्तार से कंपनी का कारोबार बढ़ सकता है।

MosChip Technologies

MosChip चिप डिजाइन और सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग सेवाएं देती है। सरकार का डिजाइन और IP डेवलपमेंट पर जोर कंपनी के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।

HCL Technologies

HCLTech चिप डिजाइन और इंजीनियरिंग R&D सेवाओं में वैश्विक कंपनियों के साथ काम करती है। भारत में डिजाइन इकोसिस्टम बढ़ने से नए प्रोजेक्ट मिल सकते हैं।

Tata Consultancy Services (TCS)

टटा ग्रुप यह आईटी कंपनी TCS सेमीकंडक्टर, AI और इंजीनियरिंग सेवाओं में दुनिया की कई चिप कंपनियों के साथ काम करती है। घरेलू निवेश बढ़ने से इस कारोबार में भी तेजी आ सकती है।

Cyient

Cyient सेमीकंडक्टर डिजाइन, एम्बेडेड इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन सेवाएं देती है। नई नीति से इस क्षेत्र में मांग बढ़ने की उम्मीद है।

निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

यह समझना जरूरी है कि सरकार ने किसी कंपनी का नाम नहीं लिया है। इस लिस्ट में कंपनियां उनके मौजूदा कारोबार और सेमीकंडक्टर सेक्टर में मौजूदगी के आधार पर चुनी गई हैं।

ISM 2.0 से इन्हें नए ऑर्डर, निवेश या साझेदारी के अवसर मिल सकते हैं। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी कंपनियों को तुरंत या समान रूप से फायदा होगा। निवेश का फैसला हमेशा कंपनी के नतीजों, वैल्यूएशन और भविष्य की योजनाओं को देखकर ही करना चाहिए।

Semiconductor Mission 2.0: ₹1.27 लाख करोड़ के मिशन को मंजूरी, भारत को चिप हब बनाने की तैयारी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।