Fusion CX IPO: ₹702 करोड़ का एक और इश्यू 14 अक्टूबर से; रहेंगे ₹500 करोड़ के नए शेयर; चेक करें प्राइस बैंड

मेनबोर्ड सेगमेंट में फ्यूजन CX का ₹702 करोड़ का IPO 14 अक्टूबर को खुलने वाला है। प्राइस बैंड ₹275-₹289 प्रति शेयर और लॉट साइज 51 शेयर है। कंपनी वॉइस, ईमेल, चैट, सोशल मीडिया और मैसेजिंग के जरिए मल्टीचैनल कस्टमर सपोर्ट उपलब्ध कराती है। यह AI डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस भी देती है, जिसमें डेटा कलेक्शन, डेटा एनोटेशन, इमेज व वीडियो लेबलिंग, और रोबोटिक टेली-ऑपरेशंस शामिल हैं।

Fusion CX इंसानी विशेषज्ञता को टेक्नोलॉजी और अपने खास AI टूल्स के साथ कंबाइन करके कई भाषाओं में और कई चैनलों के जरिए कस्टमर एंगेजमेंट उपलब्ध कराती है, काम करने की क्षमता बेहतर बनाती है और कस्टमर के साथ बातचीत को ऑटोमेट करती है। 30 जून, 2026 तक Fusion CX के 13 देशों में 40 डिलीवरी सेंटर थे।

कंपनी के पब्लिक इश्यू में ₹500 करोड़ के 1.73 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹202 करोड़ के 69.90 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में प्रमोटर्स P.N.S. बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड और रसीश कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। एंकर निवेशक 13 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे।

कब होगी लि​स्टिंग

IPO 16 अक्टूबर को बंद होगा, जिसके बाद अलॉटमेंट 19 अक्टूबर को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 22 अक्टूबर को लिस्ट होंगे। इस इश्यू के लिए ‘नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड’ बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies है। IPO में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए और 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

ग्रे मार्केट में Fusion CX का शेयर अभी से 19.03 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

IPOs This Week: मार्केट सुस्त, 12 अक्टूबर से शुरू हफ्ते में केवल 4 नए इश्यू; एक कंपनी होगी लिस्ट

कंपनी की वित्तीय सेहत

Fusion CX का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू ₹503.85 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा ₹55.70 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹238.13 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 37 प्रतिशत बढ़कर ₹1,851.83 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 129 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹169.84 करोड़ रहा।

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल अपना और सब्सिडियरीज का कर्ज चुकाने के लिए, स्टेप डाउन सब्सिडियरीज में निवेश के लिए, पहले से न पता अधिग्रहणों के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

TCS Q2 Results: प्रॉफिट 4% बढ़कर ₹13884 करोड़, प्रति शेयर 12 रुपये डिविडेंड का ऐलान

TCS Q2 Results: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस ने सितंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस दौरान कंपनी का प्रॉफिट तिमाही दर तिमाही आधार पर 4 फीसदी बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद नतीजों का ऐलान किया। कंपनी के शेयर पर नतीजों का असर 9 अक्तूबर यानी बुधवार को दिखेगा।

सितंबर तिमाही में कॉन्स्टैंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 0.5 फीसदी

टीसीएस के सितंबर तिमाही के नतीजे एनालिस्ट्स के अनुमान से थोड़े कमजोर रहे। कंपनी की कॉन्स्टैंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 0.5 फीसदी रही। सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स ने इसके 0.6 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। सितंबर तिमाही में 13,884 करोड़ का प्रॉफिट जून तिमाही के 13,349 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

दूसरी तिमाही में रेवेन्यू एनालिस्ट्स के अनुमान से थोड़ा कम 

लेकिन तुलना के लिए बेस तिमाही का प्रॉफिट 13,849 करोड़ रुपये है, क्योंकि इसमें वन-टाइम का 668 करोड़ रुपये का एक्सेप्शनल आइटम शामिल है, जिसकी वजह एक लीगल क्लेम का सेटलमेंट है। सितंबर तिमाही में टीसीएस का रेवेन्यू 73,188 करोड़ रुपये रहा। सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स ने इसके 73,225 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया था।

टैक्स से पहले अर्निंग्स (EBIT) 17,553 करोड़ रुपये

तिमाही दर तिमाही आधार पर सितंबर तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 1.3 फीसदी ज्यादा रही। डॉलर में कंपनी का रेवेन्यू 764.2 करोड़ डॉलर रहा। यह सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में 765.7 करोड़ डॉलर के अनुमान के करीब है। सितंबर तिमाही में कंपनी की इंटरेस्ट और टैक्स से पहले अर्निंग्स (EBIT) 17,553 करोड़ रुपये रही। यह सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में 17,738 करोड़ के अनुमान से थोड़ा ज्यादा है।

EBIT मार्जिन 24 फीसदी पर स्थिर रहा

सितंबर तिमाही में कंपनी का EBIT मार्जिन 24 फीसदी पर स्थिर रहा। जून तिमाही में भी यह इतना ही था। सितंबर तिमाही में कंपनी को 9.6 अरब डॉलर की डील मिली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से कंपनी का रेवेन्यू 3 अरब डॉलर से ज्यादा रहा। अब कंपनी के कुल रेवेन्य में इसकी हिस्सेदारी 10 फीसदी से ज्यादा हो गई है।

पोर्शे से डील से एआई वर्टिकल को मजबूती मिलेगी

टीसीएस ने पोर्शे के साथ एक बड़ी डील की है। इसके तहत वह पोर्शे की मैनेजमेंट एंड आईटी कंसल्टिंग सब्सिडियरी MHP का 100 फीसदी अधिग्रहण करेगी। इस डील की वैल्यू 32 करोड़ यूरो होगी। पोर्शे और टीसीएस ने 1.5 अरब यूरो की एक पांच साल की स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की है। इससे टीसीएस को अपने एआई वर्टिकल के विस्तार में मदद मिलेगी।

प्रति शेयर 12 रुपये डिविडेंड का ऐलान 

टीसीएस ने प्रति शेयर 12 रुपये डिविडेंड का ऐलान किया है। इसके लिए कंपनी ने रिकॉर्ड डेट 14 अक्तूबर, 2026 तय की है। कंपनी शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड का पेमेंट 30 अक्तूबर, 2026 को करेगी। 8 अक्तूबर को टीसीएस के शेयर 0.16 फीसदी गिरकर 2,077 रुपये पर बंद हुए। इस साल कंपनी का शेयर 35 फीसदी से ज्यादा गिरा है।

TCS Q2 Preview: ग्रोथ, मार्जिन और AI से हायरिंग तक… तिमाही नतीजे में इन 5 सवालों के जवाब तलाशेंगे निवेशक

TCS Q2 Preview: देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर कंपनी TCS 8 अक्टूबर को जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे जारी करेगी। इसके साथ ही IT सेक्टर के Q2 रिजल्ट सीजन की शुरुआत हो जाएगी।

इस तिमाही में TCS को 1.45 अरब डॉलर की बड़ी डील मिली है। कंपनी ने पोर्शे की IT इकाई MHP को भी खरीदा है। इसके अलावा हैदराबाद में 70,000 करोड़ रुपये के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट का ऐलान किया है।

दूसरी तरफ, पैरेंट कंपनी टाटा संस में नेतृत्व को लेकर अंदरूनी खींचतान चल रही है। ऐसे में TCS के नतीजों के साथ मैनेजमेंट की कमेंट्री भी काफी अहम होगी।

ब्रोकरेज को इस तिमाही में TCS की ग्रोथ बहुत तेज रहने की उम्मीद नहीं है। तिमाही आम तौर पर IT कंपनियों के लिए अच्छी रहती है। लेकिन AI की वजह से कीमतों और लागत पर दबाव बढ़ रहा है। इसका असर ग्रोथ पर पड़ सकता है। नतीजों के बाद इन पांच मुद्दों पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी।

1. ग्रोथ धीमी, मार्जिन में ज्यादा बदलाव नहीं

CNBC-TV18 के पोल के मुताबिक, दूसरी तिमाही में TCS का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 1.3% बढ़कर 73,225 करोड़ रुपये हो सकता है। कंपनी का मुनाफा 2.4% बढ़कर 13,673 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

EBIT मार्जिन करीब 20 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 24.2% रह सकता है। पिछली तिमाही में कंपनी ने सालाना वेतन बढ़ोतरी का असर झेला था। इसलिए इस बार मार्जिन को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक, सालाना आधार पर मार्जिन में करीब 100 बेसिस प्वाइंट की कमी आ सकती है। हालांकि, तिमाही आधार पर इसमें ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है।

वेतन बढ़ोतरी के अलावा अधिग्रहण और प्राइसिंग का दबाव मार्जिन पर असर डाल सकता है। ऐसे में मैनेजमेंट इस पर क्या कहता है, बाजार की नजर रहेगी।

2. बड़ी डील का सिलसिला जारी रहेगा?

TCS ने इस तिमाही में कई बड़ी डील हासिल की हैं। HDFC सिक्योरिटीज और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने दूसरी तिमाही में कंपनी की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू यानी TCV करीब 8-11 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया है।

सबसे बड़ी डील 1.45 अरब डॉलर की है। यह जर्मन लग्जरी कार कंपनी पोर्शे के साथ हुई है। इसके अलावा ABB, JFK एयरपोर्ट, JLR, Aareal Bank, Dubai Gold & Commodity Exchange और Vodafone के साथ भी TCS ने डील की है।

अब बाजार यह देखेगा कि कंपनियों का खर्च कब बढ़ना शुरू होता है। खासकर डिस्क्रिशनरी यानी कम जरूरी खर्च में रिकवरी कब आती है। फैसले लेने में हो रही देरी और दूसरी छमाही की डिमांड पर भी मैनेजमेंट का रुख अहम होगा।

3. M&A से कितनी ग्रोथ मिलेगी?

TCS लगातार दूसरी कंपनियों को खरीदकर अपना कारोबार बढ़ा रही है। इस तिमाही में भी दो बड़े अधिग्रहण हुए हैं। TCS ने पोर्शे की IT इकाई MHP को करीब 373 मिलियन डॉलर में खरीदा है। इससे कंपनी को ऑटोमोटिव कंसल्टिंग और टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग में नई क्षमताएं मिलेंगी।

कंपनी ने बेंगलुरु में Best Buy की GCC यूनिट भी खरीदी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, TCS को Best Buy से 5 साल का करीब 2,000 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट भी मिला है। अब निवेशक जानना चाहेंगे कि इन अधिग्रहणों से ग्रोथ कितनी बढ़ेगी। साथ ही इनका मार्जिन पर कितना असर पड़ेगा।

4. AI से कितनी कमाई बढ़ेगी?

TCS अपने कारोबार में बड़ा AI बदलाव कर रही है। कंपनी AI से जुड़ी टेक्नोलॉजी सर्विसेज पर ज्यादा जोर दे रही है। इसके लिए कारोबार की प्राथमिकताएं भी बदली जा रही हैं। इसी रणनीति के तहत TCS ने हैदराबाद में 1GW डेटा सेंटर लगाने के लिए 70,000 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है।

जून में कंपनी ने बताया था कि उसकी सालाना AI रेवेन्यू करीब 2.6 अरब डॉलर पहुंच गई है। इसमें तिमाही आधार पर 13.6% की ग्रोथ हुई थी। अब सवाल यह है कि इतने बड़े निवेश से TCS कमाई कैसे बढ़ाएगी। AI कारोबार आगे कितनी तेजी से बढ़ेगा, इस पर मैनेजमेंट की टिप्पणी अहम होगी।

5. दूसरी छमाही में कितनी हायरिंग होगी?

पहली तिमाही तक TCS करीब 25,000 फ्रेशर्स को ऑफर दे चुकी थी। पहले कंपनी ने संकेत दिया था कि FY27 में भी FY26 की तरह 40,000 से ज्यादा फ्रेशर्स की भर्ती हो सकती है। हालांकि, बाद में कंपनी ने कहा कि FY27 की हायरिंग आने वाली तिमाहियों की डिमांड पर निर्भर करेगी।

TCS करीब 8,900 फॉरवर्ड-डिप्लॉय्ड इंजीनियर्स यानी FDEs भी जोड़ने की योजना बना रही है। इनकी मदद से AI पर फोकस करने वाली सेल्स और कंसल्टिंग को मजबूत किया जाएगा।

अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि दूसरी छमाही में कंपनी कितनी भर्ती करती है। साथ ही AI की वजह से नौकरियों और कर्मचारियों की जरूरत में क्या बदलाव आता है, यह भी अहम रहेगा।

इन 5 स्टॉक्स पर दांव लगाने से हो सकती है मोटी कमाई, एक्सपर्ट ने बताया कब करना है निवेश

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

नितिन गडकरी ने बताया भविष्य के हाईटेक हाईवे का पूरा रोडमैप, FASTag एनुअल पास और MLFF सिस्टम का जिक्र कर किए बड़े ऐलान

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के टेंट सिटी 2 में “चिंतन शिविर 2026 – हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन” का उद्घाटन किया। इस शिविर का मकसद भारत के हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर दो दिनों तक केंद्रित चर्चा के लिए दिशा तय करना है।

शिविर में ये राज्य परिवहन मंत्री भी हुए शामिल

“गतिशक्ति से प्रगति” के मंत्र के साथ आयोजित इस शिविर में राज्यों के परिवहन और PWD मंत्री, राज्य PWD के वरिष्ठ अधिकारी, लागू करने वाली एजेंसियां ​​और अन्य संबंधित पक्ष हाईवे के विकास, प्रोजेक्ट को लागू करने और इंफ्रास्ट्रक्चर डिलीवरी से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक साथ आए हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ​​ने भी उद्घाटन सत्र को संबोधित किया।

गडकरी ने किया संबोधित

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि ‘चिंतन शिविर’ केंद्र और राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है, ताकि वे मिलकर विचार-विमर्श कर सकें, जमीनी स्तर के अनुभव साझा कर सकें और हाईवे विकास में उभरती चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान के लिए मिलकर काम कर सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश भर में प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन और बुनियादी ढांचे के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए, विभिन्न राज्यों द्वारा अपनाए गए सफल तौर-तरीकों को साझा किया जाना चाहिए, उनका मूल्यांकन किया जाना चाहिए और जहां भी उचित हो, उन्हें अपनाया जाना चाहिए।

हाईवे डेवलपमेंट में इन चीजों पर दिया जोर

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हाईवे डेवलपमेंट में क्वालिटी, सुरक्षा, रफ्तार और वर्ल्ड-क्लास स्टैंडर्ड्स पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) स्टेज पर पहले से प्लानिंग और तैयारी पर ज्यादा जोर देने को कहा, जिसमें सही सर्वे, अलाइनमेंट प्लानिंग, जमीन अधिग्रहण, यूटिलिटी शिफ्टिंग और समय पर जरूरी मंजूरी लेना शामिल है। उन्होंने कहा कि शुरुआती स्टेज पर बेहतर तैयारी से देरी कम करने, लागत बढ़ने से रोकने और हाईवे प्रोजेक्ट्स की क्षमता बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

प्लानिंग और प्रोजेक्ट डिजाइन पर कही ये बड़ी बात

गडकरी ने इस बात पर जोर दिया कि हाईवे की प्लानिंग और प्रोजेक्ट डिजाइन में शुरू से ही सड़क सुरक्षा को शामिल किया जाना चाहिए। दुर्घटना की आशंका वाली जगहों की पहचान करने और प्लानिंग व कंस्ट्रक्शन स्टेज के दौरान सुरक्षा के सही उपाय करने से हाईवे को ज्यादा सुरक्षित बनाने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

दो दिन के चिंतन शिविर में कई अहम सेशन होंगे, जिनमें PM गतिशक्ति और इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग, जमीन अधिग्रहण और भूमि राशि, मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट और रेटिंग, सुरक्षित और ग्रीन हाईवे का डिजाइन, सड़क सुरक्षा और टोल में सुधार और क्वालिटी एश्योरेंस और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग जैसे विषय शामिल होंगे। इन सेशन का मकसद हाईवे डेवलपमेंट को और बेहतर बनाने के लिए लागू करने में आने वाली चुनौतियों से निपटना, बेहतरीन तरीकों को साझा करना और व्यावहारिक व दोहराए जा सकने वाले समाधान खोजना है।

सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी चिंतन शिविर के एजेंडे का एक अहम हिस्सा हैं। गडकरी ने पर्यावरण के अनुकूल कंस्ट्रक्शन तरीकों और नए व रीसाइकल किए गए मटीरियल के ज्यादा इस्तेमाल को बढ़ावा देने की जरूरत पर बात की। साथ ही पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उचित उपाय सुनिश्चित करने की बात कही। इसी संदर्भ में उद्घाटन सत्र के दौरान पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण उपायों पर एक दस्तावेज जारी किया गया।

इस सेशन के दौरान ‘सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट के नजरिए पर ब्रिक्स (BRICS) संग्रह’ भी लॉन्च किया गया। इसमें ट्रांसपोर्ट सेक्टर में सस्टेनेबल तरीकों पर अलग-अलग नजरिए को एक साथ लाया गया और भविष्य के लिए तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर पर बातचीत में एक इंटरनेशनल पहलू जोड़ा गया।

टेक्नोलॉजी-आधारित सुधारों पर भी जोर दिया

केंद्रीय परिवहन मंत्री ने हाईवे यात्रा को ज्यादा कुशल और सुविधाजनक बनाने के लिए टेक्नोलॉजी-आधारित सुधारों पर भी जोर दिया, जिनमें FASTag एनुअल पास और मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) शामिल हैं। ये पहल टोलिंग सिस्टम को आधुनिक बनाने, ट्रैफिक की आवाजाही को बेहतर बनाने और हाईवे इस्तेमाल करने वालों के अनुभव को बेहतर बनाने पर मंत्रालय के लगातार फोकस को दिखाती हैं।

दो दिनों तक चलने वाली इन चर्चाओं का मकसद प्रोजेक्ट प्लानिंग और मॉनिटरिंग को मजबूत करना, हाईवे की क्वालिटी और सुरक्षा को बेहतर बनाना, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना और भविष्य के लिए तैयार हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के काम में तेजी लाना होगा। गडकरी ने सभी स्टेकहोल्डर्स से सुरक्षित, हाई-क्वालिटी और भविष्य के लिए तैयार हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में मिलकर काम करने का आह्वान किया, ताकि ‘विकसित भारत’ के विज़न के अनुरूप तेजी से आर्थिक विकास और मजबूत कनेक्टिविटी में योगदान दिया जा सके।

SRIT India IPO: 40% गेन के साथ हो सकती है लिस्टिंग! ग्रे मार्केट से बेहद अच्छे संकेत; सब्सक्रिप्शन भी रहा शानदार

मेनबोर्ड सेगमेंट में SRIT इंडिया के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 6 अक्टूबर को होने वाली है। शेयर शानदार गेन के साथ शुरुआत कर सकते हैं। ऐसी उम्मीद ग्रे मार्केट के संकेतों से मिली है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 40.77 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। हालांकि किसी कंपनी की लिस्टिंग के दिन ग्रे मार्केट के संकेत सच ही हो जाएं, ऐसा जरूरी नहीं है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

SRIT इंडिया IPO ₹218.40 करोड़ का था। यह 125.16 गुना भरकर बंद हो चुका है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 91.84 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 312.99 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के​ लिए रिजर्व हिस्सा 63.70 गुना सब्सक्राइब हुआ।

SRIT India बेंगलुरु की एक इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इनेबल्ड सर्विसेज (IT/ITeS) सॉल्यूशंस कंपनी है। यह डिजिटल सॉल्यूशन, कस्टम एप्लीकेशन डेवलपमेंट और सिस्टम इंटीग्रेशन सर्विसेज उपलब्ध कराती है। कंपनी भारत और कुछ विदेशी बाजारों में सरकारी संस्थाओं और एंटरप्राइजेज के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म डिजाइन, इंप्लीमेंट और ऑपरेट करती है। इसकी सर्विसेज में हेल्थकेयर इनफॉर्मेशन सिस्टम्स, डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म, ई-गवर्नेंस सॉल्यूशंस, साइबर सिक्योरिटी, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर, नेटवर्किंग, कनेक्टिविटी, फाइबर ऑप्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम इंटीग्रेशन, ऑटोमेशन और मैनेज्ड सर्विसेज शामिल हैं।

IPOs This Week: 5 अक्टूबर से शुरू हफ्ते में केवल एक नया इश्यू, पर लिस्टिंग्स की भरमार; 29 कंपनियों के शेयर करेंगे शुरुआत

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

कंपनी पब्लिक इश्यू से हुई कमाई का इस्तेमाल मौजूदा प्रोडक्ट्स को आधुनिक बनाने और रीडेवलपमेंट के लिए, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, पहले से न पता अधिग्रहणों और अन्य रणनीतिक पहलों के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रेाथ के लिए, और आम कॉरपोरेट कामों के लिए करेगी। IPO में 1.68 करोड़ नए शेयर जारी हुए। प्राइस बैंड ₹123-₹130 प्रति शेयर था। SRIT India का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 15 प्रतिशत बढ़कर ₹462.54 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹43.29 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹36.15 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 के दौरान रेवेन्यू ₹400.50 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹33.60 करोड़ दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Acevector IPO: स्नैपडील की पेरेंट का इश्यू 5 गुना भरकर बंद, 5 अक्टूबर को लिस्टिंग; क्या कह रहा है ग्रे मार्केट

ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस स्नैपडील की पेरेंट कंपनी ऐसवेक्टर का ₹420 करोड़ का IPO 29 सितंबर को बंद हो चुका है। यह 5.07 गुना भरा। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 3.42 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 8.53 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 4.83 गुना सब्सक्राइब हुआ। अब कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 5 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर महज 2.19 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ऐसे में लिस्टिंग बहुत अच्छी रहने की उम्मीद नहीं है। हालांकि ग्रे मार्केट के संकेत लिस्टिंग के दिन सच ही हो जाएं, ऐसा जरूरी नहीं है।

Acevector IPO के लिए प्राइस बैंड ₹30-₹32 प्रति शेयर था। IPO में ₹287 करोड़ के 8.97 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही ₹133 करोड़ के 4.16 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहा। IPO के लिए रजिस्ट्रार MUFG Intime India थी। IPO से पहले ऐसवेक्टर ने एंकर इनवेस्टर्स से ₹189 करोड़ जुटाए। IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल मार्केटप्लेस बिजनेस की मार्केटिंग और बिजनेस प्रमोशन के लिए, मार्केटप्लेस बिजनेस के टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए, अधिग्रहणों के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

ऐसवेक्टर को कुणाल बहल और रोहित बंसल ने शुरू किया था। ऐसवेक्टर, स्नैपडील के साथ-साथ सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) प्लेटफॉर्म ‘यूनिकॉमर्स’ और कंज्यूमर ब्रांड बिल्डिंग फर्म Stellaro Brands को भी ऑपरेट करती है। यूनिकॉमर्स अगस्त 2024 में शेयर बाजार में लिस्ट हो चुकी है। इसका IPO ₹276.57 करोड़ का था।

Acevector IPO का अलॉटमेंट कैसे करें चेक

BSE पर

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Acevector IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

MUFG Intime की वेबसाइट से

  • https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html पर जाएं।
  • कंपनी नेम में Acevector सिलेक्ट करें।
  • PAN या एप्लीकेशन नंबर या DP/क्लाइंट ID या अकाउंट नंबर/IFSC में से एक को सिलेक्ट कर डिटेल डालें।
  • Submit पर क्लिक करें।

अप्रैल-सितंबर में मेनबोर्ड सेगमेंट में आए 78 IPO, जुटाए गए रिकॉर्ड ₹94205 करोड़

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वाराणसी को 30 साल बाद नई टाउनशिप की सौगात! आनंद काशी योजना में नवरात्रि से शुरू हो सकती है प्लॉट की बुकिंग,VDA की पूरी स्कीम जानिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को लम्बे समय के बाद टाउनशिप योजना की सौगात मिल रही है। वाराणसी के कल्लीपुर में पूर्वांचल की पहली गेटेड टाउनशिप को बनाने का काम तेजी से जारी है। जल्द ही इस नई टाऊनशिप योजना को वीडीए लांच करेगी,इसका पूरा प्लान भी तैयार है। माना जा रहा है इसी महीने से यहां प्लॉट की बुकिंग भी शुरू हो जाएगी। फिलहाल वाराणसी विकास प्राधिकरण आंनद काशी योजना के शिलन्यास की तैयारी में जुटें है। अक्टूबर महीने में ही पीएम मोदी इसकी आधारशिला रख सकतें है।

कल्लीपुर में बन रहें इस आवासीय योजना के काम को अलग अलग फेज में पूरा किया जायेगा। पहले फेज में 77 एकड़ जमीन पर 1000 आवासीय प्लॉट निकालें जायेंगे। यह प्लॉट 72,162,200 और 288 वर्गमीटर के होंगे। इन प्लॉट में सड़क की चौड़ाई भी 9 से 24 मीटर तक होगी। इस हाईटेक टाउनशिप योजना में लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

मिलेंगी ये सुविधाएं

इस गेटेड टाउनशिप में नटराज की विशाल प्रतिमा होगी। इसके अलावा पार्क, ओपन जिम,लॉन,फाउंटेन,प्ले एरिया, मेडिटेशन गार्डन,जॉगिंग ट्रैक, स्कूल, हॉस्पिटल सहित कई अन्य सुविधाएं भी लोगों को यहां मिलेंगी। आवासीय प्लॉट के अलावा यहां कामर्शियल प्लॉट भी होंगे। हालांकि वाराणसी विकास प्राधिकरण ने इन प्लॉट की वैल्यू कितनी होगी अभी इसका रेट नहीं तय किया है।

बॉउंड्री निर्माण का काम जारी

फिलहाल जिस जगह इस टाउनशिप का निर्माण होना है वहां बॉउंड्री के निर्माण के साथ सीसीटीवी कैमरों को लगाने का काम भी जारी है। वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया की 30 साल बाद वीडीए की ओर से आवासीय योजना को लॉन्च किया गया है। ताकि सुव्यवस्थित ढंग से नए कॉलोनीयों को बसाया जा सकें। उन्होंने बताया की इस आवासीय योजना में अलग सीवेज लाईन के अलावा खूबसूरत हेरिटेज लाइट्स और अन्य कई खास चींजे होंगी।

नवरात्रि से शुरू हो सकता है रजिस्ट्रेशन

आनंद काशी योजना के लिए प्लॉट के रजिस्ट्रेशन को नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही खोला जा सकता है। हालांकि अभी इसकी ऑफिशियल डेट सामने नहीं आई है। बता दें की वाराणसी विकास प्राधिकरण ने अब तक इस योजना पर करीब 1100 करोड़ रूपये खर्च किये है। जिससे किसानों और कास्तकारों की जमीन का अधिग्रहण कर उन्हें उनका मुआवजा दिया गया है। इस योजना के तहत कुल 2000 छोटे बड़े आवासीय प्लॉट निकाले जाएंगे।

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SRIT India IPO: ₹218 करोड़ का इश्यू 125 गुना भरकर बंद, अलॉटमेंट आज 1 अक्टूबर को; ग्रे मार्केट में भाग रहा शेयर

मेनबोर्ड सेगमेंट में SRIT इंडिया का ₹218.40 करोड़ का IPO 125.16 गुना भरकर बंद हो चुका है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 91.84 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 312.99 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के​ लिए रिजर्व हिस्सा 63.70 गुना सब्सक्राइब हुआ। अब अलॉटमेंट 1 अक्टूबर को फाइनल हो सकता है। उसके बाद कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 6 अक्टूबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 36.92 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। IPO के लिए चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies है।

जिन लोगों ने SRIT India IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार Kfin Technologies और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

Kfin Technologies की वेबसाइट से

  • https://ipostatus.kfintech.com/ पर जाएं।
  • IPO में SRIT India सिलेक्ट करें।
  • अब एप्लीकेशन नंबर, PAN और डीमैट अकाउंट में से किसी एक को सिलेक्ट कर डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

BSE से कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से SRIT India IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल्स एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘सर्च’ बटन पर क्लिक करें।

SRIT India IPO में 1.68 करोड़ नए शेयर जारी हुए। प्राइस बैंड ₹123-₹130 प्रति शेयर था। SRIT इंडिया लिमिटेड बेंगलुरु की एक इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इनेबल्ड सर्विसेज (IT/ITeS) सॉल्यूशंस कंपनी है। यह डिजिटल सॉल्यूशन, कस्टम एप्लीकेशन डेवलपमेंट और सिस्टम इंटीग्रेशन सर्विसेज उपलब्ध कराती है। कंपनी भारत और कुछ विदेशी बाजारों में सरकारी संस्थाओं और एंटरप्राइजेज के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म डिजाइन, इंप्लीमेंट और ऑपरेट करती है।

SRIT इंडिया 3 वर्टिकल में काम करती है: हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस, और टेलीकम्युनिकेशंस व ब्रॉडबैंड। इसकी सर्विसेज में हेल्थकेयर इनफॉर्मेशन सिस्टम्स, डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म, ई-गवर्नेंस सॉल्यूशंस, साइबर सिक्योरिटी, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर, नेटवर्किंग, कनेक्टिविटी, फाइबर ऑप्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम इंटीग्रेशन, ऑटोमेशन और मैनेज्ड सर्विसेज शामिल हैं।

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IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

कंपनी पब्लिक इश्यू से हुई कमाई का इस्तेमाल मौजूदा प्रोडक्ट्स को आधुनिक बनाने और रीडेवलपमेंट के लिए, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, पहले से न पता अधिग्रहणों और अन्य रणनीतिक पहलों के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रेाथ के लिए, और आम कॉरपोरेट कामों के लिए करेगी। SRIT India का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 15 प्रतिशत बढ़कर ₹462.54 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹43.29 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹36.15 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 के दौरान रेवेन्यू ₹400.50 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹33.60 करोड़ दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Buy: ब्रोकरेज ने टाटा स्टील समेत 5 शेयरों को खरीदने की सलाह दी, 45% तक तेजी की उम्मीद

Stocks to Buy: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच ब्रोकरेज कुछ स्टॉक्स पर बुलिश हैं। 5 शेयरों पर अलग-अलग ब्रोकरेज ने ‘Buy’ रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस के आधार पर इनमें करीब 24% से 41% तक तेजी की गुंजाइश दिख रही है। लिस्ट में बैंकिंग, स्टील, टेक्सटाइल, हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर के शेयर शामिल हैं।

Shriram Finance

एनबीएफसी कंपनी Shriram Finance पर Motilal Oswal ने ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने ₹1,220 का टारगेट दिया है। शेयर का मौजूदा भाव ₹983.50 है। इस स्तर से करीब 24% तेजी की गुंजाइश बनती है। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी का ग्रोथ फोकस अब कमर्शियल व्हीकल से आगे बढ़कर कई सेगमेंट में फैल रहा है।

Tata Steel

स्टील कंपनी Tata Steel पर Nomura ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस ₹240 है, जबकि शेयर फिलहाल ₹185.69 पर है। इस भाव से करीब 29% की तेजी की संभावना बनती है। Nomura को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में घरेलू स्टील कीमतों में बढ़ोतरी से टाटा स्टील को फायदा मिलेगा।

कंपनीब्रोकरेजटारगेट प्राइसतेजी की गुंजाइश
Shriram FinanceMotilal Oswal₹1,22024%
Tata SteelNomura₹24029%
Yatharth HospitalsChoice Institutional Equities₹1,35032%
Sanathan TextilesEmkay₹67533%
Dr Reddy’s LaboratoriesNomura₹1,74041%

Yatharth Hospitals

हेल्थकेयर कंपनी Yatharth Hospitals पर Choice Institutional Equities ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का टारगेट ₹1,350 है और शेयर ₹1,024 पर है। यानी मौजूदा भाव से करीब 32% रिटर्न मिल सकता है। कंपनी की एडवेंट इंटरनेशनल के साथ रणनीतिक साझेदारी और अधिग्रहण योजनाओं से 30% से ज्यादा ऑर्गेनिक ग्रोथ की उम्मीद जताई गई है।

Sanathan Textiles

टेक्सटाइल कंपनी Sanathan Textiles पर Emkay ने ‘Buy’ रेटिंग दी है। शेयर का मौजूदा भाव ₹509 है, जबकि टारगेट प्राइस ₹675 रखा गया है। इस हिसाब से करीब 33% की तेजी मुमकिन है। ब्रोकरेज के मुताबिक पंजाब प्लांट में क्षमता विस्तार और नई मशीनरी से कंपनी की ग्रोथ को बढ़ावा मिल सकता है।

Dr Reddy’s Laboratories

फार्मा कंपनी Dr Reddy’s Laboratories पर Nomura ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। शेयर ₹1,232.70 पर है और टारगेट प्राइस ₹1,740 है। इस भाव से करीब 41% उछाल दिख सकता है। बायोलॉजिक्स प्लांट की USFDA मंजूरी और बायोसिमिलर Abatacept की मंजूरी कंपनी के लिए अहम ट्रिगर हैं। मंजूरी मिलने पर कंपनी पहली लहर में Abatacept को 50 से ज्यादा देशों में लॉन्च करने की योजना बना रही है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।