वो सड़क पर मिली और बन गई हर सफर की साथी | Yati Gaur| Delhi | Travel Vlog | Walking India

वो सड़क पर मिली और बन गई हर सफर की साथी | Yati Gaur| Delhi | Travel Vlog | Walking India

ऋषिकेश से केदारनाथ तक पैदल चलने से शुरू हुआ यति का सफर, आज 15,000 किलोमीटर और 13 राज्यों तक पहुंच चुका है। लेकिन इस लंबी यात्रा में यति को सबसे खूबसूरत चीज़ किसी मंज़िल पर नहीं, बल्कि राजस्थान की सड़क पर मिली— एक छोटी-सी पपी, जिसका नाम उन्होंने रखा बटर। :feet::heart:
आज दोनों ने साथ में पहाड़, जंगल, रेगिस्तान और नदियों के किनारे न जाने कितने रास्ते पार किए हैं। यति आगे बढ़ते हैं, तो बटर साथ चलती है। वो आगे निकल जाए, तो पीछे मुड़कर यति का इंतज़ार करती है।

कई बार सफर आसान बनाने के लिए लोग बेज़ुबानों को पीछे छोड़ देते हैं। लेकिन @theunfoldingplay ने आसान रास्ता नहीं, बटर को चुना। देखिए, कैसे सड़क पर मिली एक छोटी-सी बटर, यति की सबसे लंबी यात्रा की हमेशा की साथी बन गई
@theunfoldingplay

वो सड़क पर मिली और बन गई हर सफर की साथी | Yati Gaur| Delhi | Travel Vlog | Walking India

Dog walks 15000 km with 28-year-old Yati Gaur from Noida #thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

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Yamaha XSR900 SP in the works for overseas markets

Yamaha XSR900 SP in the works for overseas markets
Yamaha XSR900 SP in the works for overseas markets

Yamaha appears to be preparing a higher-spec version of its retro-styled XSR900. An XSR900 SP has surfaced in US regulatory filings, pointing to the possibility of a new performance-focused variant of the 890cc neo-retro motorcycle.

  1. XSR900 SP name appears in Yamaha’s US NHTSA filings
  2. Expected to share the 117.4hp CP3 engine with the standard XSR900
  3. Could borrow premium suspension and braking hardware from the MT-09 SP

Yamaha XSR900 SP: what the filings reveal

The XSR900 SP has appeared in vehicle identification number (VIN) filings submitted by Yamaha to the US National Highway Traffic Safety Administration (NHTSA). The documents list both a standard XSR900 SP and a California-spec version, indicating that Yamaha is preparing the model for the 2027 model year.

The filings show that the XSR900 SP will use Yamaha’s 890cc, three-cylinder CP3 engine, with a peak output of 117.4hp. This is identical to the output listed for the standard XSR900, as well as the MT-09, Tracer 9 and R9 in the same documentation. This suggests that the SP variant will focus on chassis and equipment upgrades rather than additional engine performance.

XSR900 SP could get MT-09 SP hardware

While Yamaha has not revealed the equipment list for the XSR900 SP, the motorcycle’s relationship with the MT-09 SP gives a strong indication of what could change.

The MT-09 SP gets DLC-coated front forks, an Öhlins rear shock, Brembo Stylema brake calipers and additional electronic features over the standard MT-09. Yamaha could bring similar upgrades to the XSR900 SP, giving the neo-retro motorcycle a more premium chassis and braking package.

There is one caveat to the filings. The latest NHTSA documents list the XSR900 SP but do not mention the XSR900 GP, while separate California Air Resources Board (CARB) documents for the 2027 XSR900 range list the XSR900 GP but not the SP. This could be down to an error in one of the filings or the documents being updated at different times.

The VIN information does, however, point towards the XSR900 SP being a new variant rather than simply the XSR900 GP being introduced in another market. The SP gets a different VIN prefix from the existing XSR900 GP, further strengthening the case that Yamaha is developing the model.

There is no word yet on when Yamaha will officially reveal the XSR900 SP or which overseas markets will receive it.

Yamaha R2 to launch in India next week

Closer to home, Yamaha is preparing to launch the much-anticipated R2 in India on August 27. The company has already opened pre-bookings for the motorcycle at Rs 10,000, ahead of its official debut.

The R2 is expected to sit above the R15 in Yamaha’s Indian line-up and is being developed and manufactured in India for both domestic sales and exports. Yamaha has yet to reveal its complete specifications, but the motorcycle is expected to use a larger-capacity single-cylinder engine than the R15.

BMW X1 LWB भारत में लॉन्च, लंबा व्हीलबेस, 8 एयरबैग और लग्जरी फीचर्स से है लैस, जानें कीमत

BMW India ने आज भारत में अपनी नई BMW X1 Long Wheelbase (LWB) लॉन्च कर दी है। कंपनी ने इसकी शुरुआती कीमत 49.90 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी है। खास बात यह है कि इस SUV को भारत में ही BMW Group के चेन्नई प्लांट में तैयार किया जा रहा है। फिलहाल, नई X1 LWB को पेट्रोल इंजन के साथ बाजार में उतारा गया है। इसकी बुकिंग ग्राहक देशभर की BMW डीलरशिप से कर सकते हैं।

BMW ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और CEO हरदीप सिंह बराड़ ने कहा, “आज के ग्राहक ऐसी कार चाहते हैं, जो उनकी रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ उनकी पसंद और लग्जरी का भी ख्याल रखे। नई X1 LWB इन दोनों जरूरतों को बखूबी पूरा करती है।”

भारत में BMW X1 LWB की कीमत

इसकी शुरुआती कीमत ₹49.90 लाख है, जिसमें लागू GST तो शामिल है, लेकिन रोड टैक्स, TCS (सोर्स पर वसूला जाने वाला टैक्स), रजिस्ट्रेशन चार्ज, लोकल लेवी और इंश्योरेंस शामिल नहीं हैं। BMW ने कहा है कि इनवॉइसिंग के समय जो कीमत होगी, वही लागू होगी।

इस SUV के साथ 2 साल की स्टैंडर्ड वारंटी मिलती है, जिसमें किलोमीटर की कोई सीमा नहीं है। इसके अलावा, 2 साल की रोडसाइड असिस्टेंस भी दी जा रही है। सर्विस पैकेज की शुरुआत 3 साल या 40,000 किलोमीटर से होती है। इसे बढ़ाकर अधिकतम 10 साल या 1 लाख किलोमीटर तक किया जा सकता है। वहीं, कार की वारंटी को भी 10 साल तक बढ़ाने का विकल्प दिया गया है।

लंबा व्हीलबेस और पिछली सीट पर ज्यादा स्पेस

BMW X1 LWB की मुख्य खूबियों में 4,616 mm की लंबाई, 2,104 mm की चौड़ाई, 1,641 mm की ऊंचाई और 2,800 mm का व्हीलबेस शामिल है। BMW का दावा है कि यह अपने सेगमेंट की सबसे लंबी गाड़ी है।

इसका व्हीलबेस 108 mm बढ़ गया है, जबकि पिछली सीट पर लेगरूम और नी-रूम (घुटनों के लिए जगह) में क्रमशः 150 mm और 109 mm की बढ़ोतरी हुई है। पिछली सीट की कुशनिंग को भी 15 mm बढ़ाया गया है। पीछे बैठने वाले यात्री अपनी सीटों को 28.5 डिग्री तक पीछे झुका सकते हैं।

इसके अलावा, इसकी बूट कैपेसिटी 540 लीटर है, जिसे पिछली सीटों को फोल्ड करके 1,700 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है।

बाहर की तरफ इसमें BMW की सिग्नेचर किडनी ग्रिल, कॉर्नरिंग फंक्शन वाली अडैप्टिव LED हेडलाइट्स, हाई बीम असिस्टेंट, एल्युमीनियम-फिनिश वाली रूफ रेल्स और 18-इंच के M लाइट अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। पीछे की तरफ थ्री-डायमेंशनल LED लाइट्स और एक बड़ा डिफ्यूजर है।

BMW X1 LWB का इंजन और परफॉर्मेंस

नई BMW X1 LWB में 1.5-लीटर, 3-सिलेंडर वाला TwinPower Turbo पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 156 hp की पावर और 230 Nm का टॉर्क देता है। इसे 7-स्पीड Steptronic डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ जोड़ा गया है। हालांकि, BMW X1 LWB में डीजल का कोई ऑप्शन नहीं है। अगर आपको डीजल इंजन चाहिए, तो आपको स्टैंडर्ड X1 लेनी होगी।

फिलहाल, यह SUV फ्रंट-व्हील ड्राइव (FWD) सिस्टम के साथ आती है और कंपनी के मुताबिक इसकी माइलेज 15.5 kmpl तक है। बेहतर आरामदायक ड्राइविंग के लिए इसमें खास तौर पर ट्यून किया गया कंफर्ट सस्पेंशन दिया गया है। साथ ही, इसमें अलग-अलग ड्राइविंग मोड्स और 50:50 वेट डिस्ट्रीब्यूशन भी मिलता है।

BMW X1 LWB के फीचर्स

BMW X1 LWB के फीचर्स की लिस्ट में ड्राइवर और आगे बैठने वाले पैसेंजर के लिए इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल स्पोर्ट सीट्स, एक वाइडस्क्रीन कर्व्ड डिस्प्ले और BMW का लेटेस्ट Operating System 9 शामिल है।

इसका इंफोटेनमेंट सिस्टम QuickSelect इंटरफेस, ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट और BMW डिजिटल प्रीमियम पैकेज के जरिए अतिरिक्त डिजिटल सेवाओं को सपोर्ट करता है। केबिन में वर्टिकली लगा वायरलेस स्मार्टफोन चार्जर, एम्बिएंट लाइटिंग और 12 स्पीकर्स व 205W आउटपुट वाला हरमन कार्डन ऑडियो सिस्टम भी मिलता है।

BMW X1 LWB में 9 वर्ग मीटर का पैनोरमिक सनरूफ भी मिलता है। BMW का दावा है कि यह अपने सेगमेंट में मिलने वाला सबसे बड़ा पैनोरमिक सनरूफ है।

BMW डिजिटल की प्लस (Digital Key Plus) की मदद से मालिक कम्पैटिबल स्मार्टफोन या स्मार्टवॉच का इस्तेमाल करके गाड़ी को लॉक, अनलॉक और स्टार्ट कर सकते हैं। इस Digital Key को 18 यूजर्स तक के साथ शेयर किया जा सकता है। वहीं, Comfort Access 2.0 फीचर की मदद से ऑथराइज्ड डिवाइस के कार के पास आते ही SUV अपने आप अनलॉक हो सकती है। इसके लिए दरवाजे के हैंडल को छूने की जरूरत नहीं पड़ती।

सेफ्टी और ड्राइवर असिस्टेंस

सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो, BMW X1 LWB में 8 एयरबैग, ब्रेक असिस्ट के साथ ABS, डायनामिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, डायनामिक ट्रैक्शन कंट्रोल, कॉर्नरिंग ब्रेक कंट्रोल, ऑटो होल्ड के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, टायर-प्रेशर मॉनिटरिंग और ISOFIX चाइल्ड-सीट माउंट्स मिलते हैं।

इसके ड्राइवर-असिस्टेंस सिस्टम में लेन-डिपार्चर वॉर्निंग, ब्लाइंड-स्पॉट असिस्टेंस, ब्रेकिंग के साथ क्रूज कंट्रोल, ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, पैदल चलने वालों की सुरक्षा और अटेंटिवनेस असिस्टेंट शामिल हैं।

पार्किंग को आसान बनाने के लिए SUV में फ्रंट और रियर पार्किंग सेंसर, रियर-व्यू कैमरा और 360-डिग्री सराउंड-व्यू कैमरा दिया गया है। इसका Reversing Assistant फीचर पिछले 50 मीटर की ड्राइविंग को याद रख सकता है और जरूरत पड़ने पर कार को उसी रास्ते पर अपने आप पीछे ले जा सकता है।

नई BMW X1 LWB को चार एक्सटीरियर कलर ऑप्शन- Night Dusk Blue, Skyscraper Grey, Carbon Black और Mineral White में खरीदा जा सकता है। वहीं, इंटीरियर के लिए Castanea और डुअल-टोन Smoke White और Atlas Grey अपहोल्स्ट्री का विकल्प मिलता है।

BMW X1 LWB की लॉन्चिंग के बाद अब ग्राहक देशभर में मौजूद अधिकृत BMW डीलरशिप पर जाकर इसकी बुकिंग कर सकते हैं।

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MLA Salary: कार, बंगला और लाखों के भत्ते! जानिए किस राज्य के विधायक कमाते हैं सबसे ज्यादा पैसा

MLA Salary: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के सभी 234 विधायकों को सरकारी गाड़ी और हर महीने अतिरिक्त भत्ता देने के फैसले के बाद अब विधायकों की सैलरी और उन्हें मिलने वाली दूसरी सुविधाएं चर्चा में हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि विधायकों को वेतन के अलावा और क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं।

नई व्यवस्था के तहत तमिलनाडु के हर विधायक को एक सरकारी गाड़ी मिलेगी। इसके अलावा गाड़ी, पेट्रोल-डीजल और मेंटेनेंस के खर्च के लिए हर महीने 75,000 रुपये और एक सहायक (असिस्टेंट) के लिए 25,000 रुपये दिए जाएंगे। यानी हर विधायक को वेतन के अलावा हर महीने कुल 1 लाख रुपये की अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। राज्य सरकार ने विधायकों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस कवर भी बढ़ा दिया है।

इस फैसले के बाद देशभर में विधायकों की सैलरी और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। अलग-अलग राज्यों में विधायकों की बेसिक सैलरी, भत्तों और दूसरी सुविधाओं में काफी अंतर देखने को मिलता है।

यह राज्यों का विषय है

सांसदों की सैलरी और भत्ते संसद तय करती है, लेकिन विधायकों की सैलरी और उन्हें मिलने वाली सुविधाएं राज्य सरकार के दायरे में आती हैं। हर राज्य की विधानसभा अपने विधायकों के वेतन और भत्तों से जुड़े नियम और कानून तय करती है।

विधायकों के लिए कोई एकसमान राष्ट्रीय वेतन संरचना नहीं है। उनकी कमाई में सिर्फ बेसिक सैलरी ही शामिल नहीं होती। राज्य सरकारें विधायकों को विधानसभा क्षेत्र के खर्च, ऑफिस और स्टाफ, यात्रा, रहने, फोन और कम्युनिकेशन, इलाज और दूसरे आधिकारिक खर्चों के लिए अलग-अलग भत्ते भी देती हैं।

पीआरएस विधायी अनुसंधान के अनुसार, अधिकांश राज्यों में, विधायक कानून के माध्यम से अपने वेतन और भत्ते स्वयं निर्धारित करते हैं। इसके परिणामस्वरूप राज्यों में मूल वेतन और समग्र वेतन पैकेज दोनों में महत्वपूर्ण अंतर देखने को मिलता है।

किस राज्य में विधायकों को सबसे अधिक वेतन मिलता है?

2025 में द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना राज्य में विधायकों को सबसे अधिक वेतन 2.75 लाख रुपये दिया जाता था। के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली बीआरएस सरकार के दौरान सभी भत्तों सहित यह वेतन 1.25 लाख रुपये से बढ़कर 2.75 लाख रुपये हो गया था।

किस राज्य में विधायकों का वेतन सबसे कम है?

पीआरएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, केरल के विधायकों का मासिक वेतन 70,000 रुपये है, जो देश के सबसे कम वेतन पाने वाले विधायकों में से एक है। उनके मासिक वेतन में 2,000 रुपये का निश्चित भत्ता, 25,000 रुपये का निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, 20,000 रुपये का न्यूनतम मासिक यात्रा भत्ता, 11,000 रुपये का टेलीफोन भत्ता, 4,000 रुपये का सूचना भत्ता और 8,000 रुपये का उपभोग भत्ता शामिल है। उन्हें राज्य के भीतर यात्रा के लिए 1,000 रुपये और केरल के बाहर यात्रा के लिए 1,200 रुपये का दैनिक भत्ता भी मिलता है।

हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि कम वेतन वाले राज्य में विधायकों को कम सुविधाएं मिलती हैं। इन्हें आवास, सरकारी आवास, इलाज, यात्रा खर्च की भरपाई, स्टाफ सपोर्ट और दूसरी सुविधाएं अलग से दी जाती हैं।

विधायकों को वेतन के अलावा और क्या मिलता है?

विधायक का मासिक वेतन राज्य द्वारा विधायक पर किए जाने वाले कुल व्यय का केवल एक हिस्सा है।

सामान्य सुविधाओं और भत्तों में शामिल हैं:

  • निर्वाचन क्षेत्र के कार्यों से संबंधित खर्चों के लिए निर्वाचन क्षेत्र भत्ता
  • कर्मचारियों और प्रशासनिक खर्चों के लिए सेक्रेटेरियल या ऑफिस भत्ता
  • सरकारी यात्राओं के लिए यात्रा और परिवहन भत्ता
  • विधानसभा सत्रों और समिति की बैठकों में भाग लेने के लिए दैनिक भत्ता
  • राज्य की राजधानी में आवास
  • विधायक और कुछ राज्यों में परिवार के सदस्यों के लिए मेडिकल सुविधाएं
  • टेलीफोन और संचार भत्ता
  • वाहन सुविधाएं या वाहन भत्ता
  • कार्यालय उपकरण और स्टेशनरी भत्ता
  • विधानसभा छोड़ने के बाद पेंशन और अन्य लाभ, जो राज्य के नियमों पर निर्भर करते हैं
  • हरियाणा में आवास और कार सुविधा
  • कुछ राज्य पारंपरिक वेतन-भत्ते मॉडल से परे भी लाभ प्रदान करते हैं।

हरियाणा में विधायकों को सिर्फ सैलरी और भत्ते ही नहीं, बल्कि घर और गाड़ी खरीदने के लिए 1 करोड़ रुपये तक का लोन लेने की सुविधा भी मिलती है। यह लोन घर, मोटर कार या दोनों के लिए लिया जा सकता है।

इसके अलावा, विधायकों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट की सुविधा भी दी जाती है। राज्य सरकार घर में बदलाव कराने और उसकी मरम्मत के लिए भी विधायकों को एडवांस राशि उपलब्ध कराती है।

ओडिशा का विधायक विकास कोष

एक और महत्वपूर्ण अंतर विधायक द्वारा व्यक्तिगत रूप से प्राप्त लाभों और उनके निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े कोषों के बीच है।

ओडिशा की विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत वित्त वर्ष 2025-26 से हर विधानसभा क्षेत्र को 5 करोड़ रुपये दिए जाते हैं। इस राशि को सामान्य विकास, शिक्षा और सड़क से जुड़े कामों के लिए बांटा जाता है।

हालांकि, इस राशि को विधायक का वेतन या व्यक्तिगत लाभ नहीं माना जाना चाहिए। यह सार्वजनिक धन है जो विधायक द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने वाले निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए निर्धारित किया गया है।

विधायकों के वेतन में इतना अंतर क्यों होता है?

इस अंतर के पीछे कई कारण हैं:

  • आर्थिक रूप से मजबूत राज्यों के पास उच्च वेतन देने की वित्तीय क्षमता अधिक हो सकती है, हालांकि राजनीतिक प्राथमिकताएं भी मायने रखती हैं।
  • उच्च जीवन यापन और परिचालन लागत वाले राज्यों के विधायकों को अधिक भत्ते मिल सकते हैं।
  • अगर किसी विधायक का क्षेत्र बहुत बड़ा, दूर-दराज या कई इलाकों में फैला हुआ है, तो उसका यात्रा खर्च भी ज्यादा हो सकता है। ऐसे में उसे ज्यादा यात्रा भत्ता मिल सकता है
  • कई बार राज्य सरकारें और विधानमंडल विधायकों की मांगों के बाद समय-समय पर वेतन और भत्तों में संशोधन करते हैं।

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Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने में तेजी, चांदी सिर्फ दो दिन में 15000 रुपये चढ़ गई

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 21 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में तूफानी तेजी आई। इससे सोने और चांदी का भाव तीन महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया। 20 अगस्त को भी सोना तेजी के साथ बंद हुआ था। बुलियन में तेजी की वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और तेजी में जोरदार तेजी को माना जा रहा है। साथ ही डॉलर इंडेक्स में नरमी से भी कीमतों को सपोर्ट मिला।

सोने का भाव 19 मई के बाद पहली बार 1,63,500 रुपये पर

सोना 21 अगस्त को 1,200 रुपये चढ़कर 1,63,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले सोने की यह कीमत 19 मई को थी। तब सोने का भाव 1,63,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था। चांदी तो आज रॉकेट बन गई। 5000 रुपये के उछाल के साथ इसकी कीमत 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। सिर्फ दो दिन में चांदी में 15,000 रुपये का उछाल आया है।

इन वजहों से देश और विदेश में सोने और चांदी को लगे पंख

लेमन मार्केट डेस्क में रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि सोने में शुक्रवार को भी तेजी जारी रही। यह लगातार तीसरा हफ्ता है जब सोने में तेजी देखने को मिली है। चांदी भी सोने के पीछे-पीछे चलती दिख रही है। इसकी वजह डॉलर में कमजोरी और लंबी अवधि के अमेरिकी बॉऩ्ड की यील्ड में नरमी है। डॉलर में कमजोरी से दूसरी करेंसी में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तीन महीने बाद सोना 4600 डॉलर के पार

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में जोरदार तेजी दिखी। सोना 2 फीसदी यानी करीब 81 डॉलर के उछाल के साथ 4,600.91 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। सिल्वर में तो करीब 3 फीसदी का उछाल आया। इससे इसका भाव 69.87 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि सोना 18 मई के बाद पहली बार 4,600 डॉलर के लेवल पर पहुंचा है।

यह सोने की कीमतों में तेजी का लगातार तीसरा हफ्ता रहा

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि इस हफ्ते सोने में 4 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है। इसकी वजह अमेरिकी सरकार की तरफ से बॉन्ड पर्चेंज प्रोग्राम का ऐलान है। इससे डॉलर में नरमी आई है। बॉन्ड यील्ड में भी नरमी दिखी है। इसका असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा है। हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच डील की कोई संभावना नहीं दिख रही। दोनों देशों के बीच गतिरोध जारी रहने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नहीं खुलने से क्रूड की कीमतें 93 डॉलर के पार बनी हुई हैं।

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क्रूड ऑयल की कीमतें अब भी काफी ऊंचे लेवल पर 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक क्रूड की कीमतों में नरमी नहीं आती है सोने और चांदी में तेजी जारी रहने की उम्मीद कम है। पिछले कई महीनों में काफी ज्यादा गिरावट के बाद सोने और चांदी में रिकवरी दिख रही है। इससे बुलियन के निवेशकों ने राहत की सांस ली है। उधर, कई देशों के केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से भी सोने को सपोर्ट मिल रहा है।

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra : टेक यूजर के लिए क्या खास है?

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra : टेक यूजर के लिए क्या खास है?

Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra

Samsung ने आखिरकार अपने फोल्डेबल स्मार्टफोन में Ultra बैज पेश कर दिया है। कंपनी का नया Galaxy Z Fold 8 Ultra अब तक का सबसे ज्यादा क्षमता वाला Fold मॉडल है। डिस्प्ले, कैमरा और बैटरी के मामले में इसे पिछले सभी Fold स्मार्टफोन से आगे ले जाया गया है। हालांकि, ₹1,99,999 की शुरुआती कीमत इसे लग्जरी स्मार्टफोन कैटेगरी में खड़ा करती है। ऐसे में 2026 में बड़ा सवाल यही है कि क्या एक फोल्डेबल फोन पर इतना पैसा खर्च करना वाकई सही फैसला है?

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8-इंच का बड़ा और शानदार डिस्प्ले

Galaxy Z Fold 8 Ultra की सबसे बड़ी खूबियों में इसका 8-इंच QXGA+ Dynamic AMOLED 2X इनर डिस्प्ले शामिल है। इसके साथ 6.5-इंच का कवर डिस्प्ले मिलता है। बड़ी स्क्रीन के बावजूद फोन को खोलने पर इसकी मोटाई सिर्फ 4.1mm है और वजन 215 ग्राम है, जो Fold 7 के बराबर है। डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस अब 3,000 निट्स तक पहुंच गई है। इसमें एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग भी दी गई है, जिससे तेज धूप में भी स्क्रीन को देखना आसान रहता है। टेक यूजर्स के लिए यह खासतौर पर उपयोगी है, क्योंकि बड़ी इनर स्क्रीन पर वीडियो देखने, डॉक्यूमेंट पढ़ने और मल्टीटास्किंग का अनुभव बेहतर होता है।

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Snapdragon 8 Elite Gen 5 for Galaxy से लैस

 

फोन में Snapdragon 8 Elite Gen 5 for Galaxy चिपसेट दिया गया है। Samsung के मुताबिक, Fold 7 की तुलना में CPU, GPU और NPU परफॉर्मेंस में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। रोजमर्रा के इस्तेमाल में ऐप्स तेजी से खुलते हैं और हैवी गेम्स भी आसानी से चलते हैं। हालांकि, इस प्रोसेसर का सबसे बड़ा फायदा मल्टीटास्किंग में दिखाई देता है। बड़ी स्क्रीन पर दो फुल-साइज ऐप्स को एक साथ चलाया जा सकता है और दोनों के लिए पर्याप्त जगह मिलती है।

 

200MP कैमरा और ज्यादा दमदार अल्ट्रा-वाइड सेंसर

 

कैमरा सेटअप में भी Samsung ने बड़ा अपग्रेड किया है। फोन के रियर पैनल पर:

 

  • 200MP प्राइमरी कैमरा
  • 50MP अल्ट्रा-वाइड कैमरा
  • 10MP टेलीफोटो कैमरा
  • 3x ऑप्टिकल जूम मिलता है।

 

खास बात यह है कि अल्ट्रा-वाइड कैमरा Fold 7 के 12MP सेंसर से सीधे 50MP पर पहुंच गया है। दिन की रोशनी में तस्वीरों में अच्छी डिटेल और आकर्षक कलर मिलते हैं। अपग्रेड किया गया अल्ट्रा-वाइड कैमरा भी पिछली Fold सीरीज की तुलना में ज्यादा बेहतर और भरोसेमंद कैमरा अनुभव देता है।

 

5,000mAh बैटरी से बढ़ी बैटरी लाइफ

 

Galaxy Z Fold 8 Ultra में अब 5,000mAh बैटरी दी गई है, जबकि Fold 7 में 4,400mAh की बैटरी थी। Samsung के अनुसार, यह फोन 27 घंटे तक वीडियो प्लेबैक दे सकता है। इसके साथ 45W वायर्ड चार्जिंग और वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है। बड़ी इनर स्क्रीन का लंबे समय तक इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए ज्यादा बैटरी क्षमता निश्चित तौर पर राहत दे सकती है।

 

कीमत ₹2 लाख से शुरू, S Pen की कमी खलेगी

 

Galaxy Z Fold 8 Ultra की कीमत स्टोरेज के हिसाब से ₹1,99,999 से ₹2,59,999 तक जाती है। यानी यह फोन साफ तौर पर प्रीमियम से आगे निकलकर लग्जरी स्मार्टफोन कैटेगरी में पहुंच जाता है। हालांकि, इतनी कीमत के बावजूद इसमें S Pen सपोर्ट नहीं दिया गया है। प्रोडक्टिविटी पर फोकस करने वाले फोल्डेबल फोन में यह एक बड़ी कमी मानी जा सकती है।

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क्या Fold 7 यूजर्स को अपग्रेड करना चाहिए?

अगर बजट आपके लिए बड़ी चिंता नहीं है और आपको सबसे ज्यादा क्षमता वाला Android फोल्डेबल चाहिए, तो Galaxy Z Fold 8 Ultra फिलहाल बेहद आकर्षक विकल्प है। लेकिन Fold 7 इस्तेमाल करने वालों के लिए अपग्रेड जरूरी नहीं लगता, क्योंकि बदलाव ज्यादा evolutionary हैं, revolutionary नहीं। वहीं, स्टैंडर्ड Galaxy Z Fold 8 Ultra से ₹20,000 सस्ता और हल्का है। इसलिए जो यूजर ज्यादा पोर्टेबिलिटी को प्राथमिकता देते हैं और हर स्पेसिफिकेशन में सबसे ऊपर जाने की जरूरत नहीं समझते, उनके लिए Fold 8 ज्यादा व्यावहारिक विकल्प हो सकता है।

क्या शेयर बाजार में तूफानी तेजी आने वाली है? JPMorgan ने दिया Nifty को 27000 का टारगेट, बुल केस और बीयर केस में ये है अनुमान

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन की हालिया इंडिया स्ट्रैटेजी रिपोर्ट में निफ्टी के लिए 27,000 का बेस-केस टारगेट बरकरार रखा गया है। ब्रोकरेज का कहना है के बेहतर होते अर्निंग आउटलुक और घरेलू मांग में मजबूती को वजह से निफ्टी को सपोर्ट मिलेगा। जेपी मॉर्गन को उम्मीद है कि साल 2026 में MSCI इंडिया की अर्निंग्स 11 फीसदी और साल 2027 में 13 फीसदी बढ़त देखने को मिल सकती है। इसका निफ्टी के लिए’बुल-केस’टारगेट 30,000 के लेवल का है। जबकि ‘बेयर-केस’टारगेट 20,500 के लेवल का है।

ANI के मुताबिक जेपी मॉर्गन ने कहा है कि उसका झुकाव मुख्य रूप से तेज ग्रोथ वाले घरेलू साइक्लिकल शेयरों की ओर है। निफ्टी-50 के लिए जेपी मॉर्गन के बेस/बुल/बेयर केस टारगेट 27,000/30,000/20,500 के हैं।

इस ब्रोकरेज फर्म का कहना है वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही का अर्निंग्स सीजन उम्मीद से बेहतर रहा। पहली तिमाही में MSCI इंडिया कंपनियों का रेवेन्यू सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़ा,जबकि टैक्स के बाद मुनाफा 16 फीसदी बढ़ा। अर्निंग्स भी उम्मीद से बेहतर रही। लगभग 58 प्रतिशत MSCI इंडिया कंपनियों की अर्निंग्स उम्मीद से बेहतर रहीं,जबकि 24 प्रतिशत कंपनियां अनुमानों पर खरी नहीं उतर पाईं।

मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों के मुनाफे में मजबूत बढ़त

मार्केट-कैप के हिसाब से छोटी कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहा। जेपी मॉर्गन के अनुसार एनर्जी सेक्टर को छोड़कर देखें तो मिडकैप 100 कंपनियों का टैक्स के बाद का मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर 42 फीसदी बढ़ा है। जबकि, निफ्टी स्मॉलकैप 100 कंपनियों का PAT 39 फीसदी बढ़ा है। इस तिमाही में मटीरियल्स,यूटिलिटीज,इंडस्ट्रियल्स और कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी सेक्टर में ज्यादा ग्रोथ देखने को मिली। ग्लोबल परेशानियों के बावजूद,मजबूत घरेलू मांग के चलते भारतीय कंपनियों को सहारा मिला।

पावर,ऑटो और डिफेंस सेक्टर में दिख रहा दम

जेपी मॉर्गन की राय है कि आगे बिजली की मांग,कैपिटल एक्सपेंडिचर और ग्रिड साइकल से जुड़े शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा डिफेंस, ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर स्टेपल्स जैसे सेक्टरों में तेजी आ सकती है।

पहली तिमाही में भारत में बिजली की पीक डिमांड लगभग 271 GW तक पहुंच गई। ऑटोमोबाइल सेक्टर में कंपनियों को वॉल्यूम में बढ़त और एक्सपोर्ट से फायदा हुआ जबकि कंज्यूमर स्टेपल्स में वॉल्यूम-आधारित रिकवरी के संकेत दिखे। आगे भी इनमें मजबूती काय रह सकती है।

ANI के मुताबिक जेपी मॉर्गन का भारत के इक्विटी को लेकर नजरिया मजबूत अर्निंग और घरेलू मांग की उम्मीदों पर टिका हुआ है। वहीं, जियोपॉलिटिकल घटनाएं और मौसम से जुड़ी अनिश्चितताएं जोखिम पैदा कर सकती हैं।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

LIC का जीवन उमंग प्लान, सिर्फ कुछ साल चुकाएं प्रीमियम और जीवनभर का बीमा कवर पाएं

अगर आप लंबी अवधि तक इंश्योरेंस प्रोटेक्शन वाली पॉलिसी चाहते हैं तो आप एलआईसी की एक खास पॉलिसी के बारे में सोच सकते हैं। इस पॉलिसी का नाम एलआईसी जीवन उमंग है। इस पॉलिसी में निवेश से 100 साल की उम्र तक बीमा कवर पक्का हो जात है। खास बात यह है कि एलआईसी यानी भारतीय जीवन बीमा निगम सरकार की इंश्योरेंस कंपनी है, जिससे इसकी पॉलिसी में निवेश करने में किसी तरह का रिस्क नहीं है।

100 साल के होने तक मिलता है बीमा कवर

जो लोग रिटायरमेंट के बाद गारंटीड सालाना इनकम चाहते हैं, वे LIC Jeevan Umang Plan में निवेश शुरू कर सकते है। यह दरअसल एक होल- लाइफ इंश्योरेंस प्लान है, जिसमें पॉलिसीहोल्डर को तब तक बीमा कवर मिलता है, जब तक वह 100 साल का नहीं हो जाता। इस प्लान में आपको प्रोटेक्शन के साथ इनकम का भी विकल्प मिलता है।

प्रीमियम पेमेंट पीरियड के विकल्प

इस पॉलिसी में प्रीमियम चुकाने की अवधि ग्राहक अपनी सुविधा के हिसाब से चुन सकता है। ग्राहक को 15 साल, 20 साल, 25 साल और 30 साल तक प्रीमियम चुकाने का विकल्प मिलता है। इनमें से वह किसी एक चुनाव कर सकता है। यह एक पार्टिसिपेटरी प्लान है, जिसमें पॉलिसीहोल्डर को पॉलिसी के परफॉर्मेंस के हिसाब से बोनस मिलता है।

टैक्स के लिहाज से भी फायदेमंद

पॉलिसी की अवधि में हर साल चुकाए जाने वाले प्रीमियम पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन का बेनेफिट मिलता है। साथ ही पॉलिसीहोल्डर की मौत या पॉलिसी की मैच्योरिटी पर मिलने वाला पूरा पैसा टैक्स-फ्री होता है। टैक्स से यह छूट इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 10डी(डी) के तहत मिलती है।

डेथ बेनेफिट का फ्लेक्सिबल पेमेंट

इस पालिसी की एक खास बात यह है कि पॉलिसीहोल्डर किस्तों में डेथ बेनेफिट के विकल्प का भी चुनाव कर सकता है। इसमें पॉलिसीहोल्डर की मौत की स्थिति में बीमा के पैसे का पेमेंट एकमुश्त की जगह 5 साल, 10 साल या 15 साल के दौरान नॉमिनी को मिलेगा। इससे पॉलिसीहोल्डर की मौत की स्थिति में कुछ सालों तक परिवार को रेगुलर इनकम होती रहती है।

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प्रीमियम हर महीने भी चुका सकते हैं

इस पॉलिसी के प्रीमियम का पेमेंट हर महीने, हर तिमाही, हर छमाही या सालाना किया जा सकता है। अगर आप हर महीने प्रीमियम का पेंमेंट करना चाहते हैं तो आपको कम से कम 5000 रुपये का पेमेंट करना होगा। आप हर तिमाही पेमेंट करना चाहते हैं तो मिनिमम 15,000 रुपये का पेमेंट करना होगा। अगर हर छमाही पेमेंट करना चाहते हैं तो 25,000 का पेमेंट करना होगा। सालाना पेमेंट के लिए कम से कम 50,000 रुपये चुकाने होंगे।

Mobile Manufacturing Scheme 2.0 : सरकार ने लॉन्च की 62,500 करोड़ करोड़ रुपए की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम, जानिए पूरी डिटेल

Mobile Manufacturing Scheme : आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम 2.0 के लॉन्च की घोषणा की है। 62 हजार 500 करोड़ रुपए की इस स्कीम का लक्ष्य भारत में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है। इसके तहत सरकार कंपनियों को उत्पादन के लिए 5% तक इंसेंटिव देगी। इस स्कीम के जरिए 40 लाख करोड़ के मोबाइल का उत्पादन हो सकेगा। ये स्कीम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम 2.0 के तहत कंपनियों से आवेदन मांगने की शुरुआत कर दी गई है। 15 जुलाई को कैबिनेट ने स्कीम को मंजूरी दी थी। स्कीम का कुल बजट 62,500 करोड़ रुपए और अवधि 5 साल यानी वित्त वर्ष 2027 से वित्त वर्ष 2031 तक है। इसमें मोबाइल उत्पादन,घरेलू वैल्यू एडिशन और कंपोनेंट सोर्सिंग को कवर किया गया है।

1 अप्रैल 2026 से लागू होगी स्कीम

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने कहा कि यह योजना मौजूदा फाइनेंशियल ईयर से यानी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी और फाइनेंशियल ईयर 2031 तक चलेगी। इस स्कीम के तहत,भारत में बने मोबाइल फोन की बिक्री पर मैन्युफ़ैक्चरर्स को 2.25% से 5% तक का इंसेंटिव मिलेगा। कंपनियां खास कंपोनेंट्स और सब-असेंबली को घरेलू स्तर पर सोर्स करके 1.5% तक का अतिरिक्त इंसेंटिव भी पा सकती हैं। कैबिनेट से मंज़ूर इस फ़्रेमवर्क में भारतीय ब्रांड बनाने के मकसद से प्रोडक्ट डिजाइन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए 3% का अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिया जाएगा।

बड़ी मात्रा में मिलेगा रोजगार

एस कृष्णन ने कहा कि भारतीय हैंडसेट ब्रांड पर 5 प्रतिशत के ज्यादा इंसेंटिव दिया जाएगा। इसके जरिए सरकार उन घरेलू कंपनियों को सपोर्ट करना चाहती है जो विदेशी बाजारों में अपना विस्तार करना चाहती हैं। सरकार का अनुमान है कि इस स्कीम के जरिए 5 साल में कुल लगभग 40 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल फोन का उत्पादन हो सकता है और करीब 60,000 प्रत्यक्ष नौकरियां मिल सकती हैं।

PLI 1.0 ने प्रोडक्शन और इन्वेस्टमेंट के लक्ष्यों को भी किया पार

यह स्कीम इसके पहले आई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLI-LSEM) के बाद आई है,जिसकी अवधि 31 मार्च, 2026 को खत्म हुई थी। पहले वाले प्रोग्राम का मुख्य मकसद बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग करना और मोबाइल फोन प्रोडक्शन को बढ़ाना था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक PLI 1.0 के तहत मोबाइल फोन का प्रोडक्शन 11.61 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया,जबकि इसका लक्ष्य 8.12 लाख करोड़ रुपये था। PLI 1.0 का निवेश लक्ष्य 7,000 करोड़ रुपये था लेकिन इसके तहत हुआ निवेश 20,500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है।

पहले की PLI स्कीम ने ग्लोबल हैंडसेट बनाने वाली कंपनियों और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स को आकर्षित किया,जिनमें सैमसंग और भारत में Apple डिवाइस बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं।

लोकलाइजेंशन पर फोकस

मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम 2.0 में देश में बनने वाले कंपोनेंट्स और सब-असेंबली की हिस्सेदारी बढ़ाने पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। एस कृष्णन कृष्णन ने कहा कि मोबाइल फोन बनाने में घरेलू स्तर पर वैल्यू एडिशन लगभग 15 प्रतिशत से बढ़कर 23 प्रतिशत हो गया है। MPMS के तहत अतिरिक्त सोर्सिंग इंसेंटिव का मकसद मैन्युफैक्चरर्स को अपनी घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

 

 

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Which variant of the Skoda Kylaq should you buy?

Which variant of the Skoda Kylaq should you buy?
Skoda Kylaq variants and features explained

The Kylaq, Skoda’s most affordable offering in India, was introduced in 2024 and marked the brand’s return to the sub-4m space after years. Currently, the Kylaq is Skoda’s best-selling model in our market and has sold over 50,000 units since its launch as of February 2026. Here’s a breakdown of the powertrain options, comfort and convenience features, safety kit and exterior colours available on each trim of the Skoda SUV.

Skoda Kylaq variant-wise price and powertrain options

The base Classic trim misses out on an automatic transmission option

Skoda Kylaq ex-showroom price as of August 21, 2026 (Rs lakh)

Trim

MT

AT

Classic

7.59

Classic+

8.25

9.25

Signature

9.43

10.43

Signature+

10.77

11.77

Sportline

11.32

12.32

Prestige

11.75

12.75

Prestige+

11.99

12.99

The Skoda Kylaq has an ex-showroom price ranging from Rs 7.59 lakh to Rs 12.99 lakh. Except for the base Classic trim, the remaining trim levels offer both manual and automatic gearboxes. Powering the Kylaq is a 115hp, 178Nm, 1.0-litre direct-injection turbo-petrol engine that also does duty in the Kushaq and the Slavia. Transmission duties are handled by either a -speed manual or a 6-speed automatic gearbox. Notably, in Classic+ guise, the Kylaq is the most accessible car with a torque converter gearbox. 

Skoda claims a top speed of 188kph and that the manual version is capable of a 0-100kph sprint in 10.5 seconds. In our Kylaq real-world performance tests, the automatic version achieved a 0-100kph time of 11.69 seconds. Skoda also claims an ARAI-rated fuel economy of 19.68kpl for the manual and 19.05kpl for the automatic; our Kylaq real-world mileage tests saw the manual average 12.86kpl, while the automatic went 11.03km on a litre of petrol.

Skoda Kylaq variant-wise colour options

Offered in seven colours on the outside, two on the inside 

The compact SUV is offered in seven colours, namely, Candy White, Brilliant Silver, Cherry Red, Carbon Steel, Deep Black, Lava Blue, and Steel Grey. While all trims come in a monotone finish, select paint jobs on the Sportline come with a black roof. Additionally, the Sportline trim exclusively gets the Steel Grey colour option. The interior of the Skoda Kylaq gets a black and grey colour scheme as standard, but the Sportline has an all-black theme. Here’s a table comprising the available exterior colours on the Skoda Kylaq depending on the trim level chosen:

Colour 

Classic

Classic+

Signature

Signature+

Sportline 

Prestige

Prestige+ 

Candy White

Yes

Yes

Yes

Yes

Dual-tone

Yes

Yes

Brilliant Silver

Yes

Yes

Yes

Yes

Dual-tone

Yes

Yes

Cherry Red

Yes

Yes

Yes

Yes

Dual-tone

Yes

Yes

Carbon Steel

Yes

Yes

Yes

Yes

Yes

Yes

Deep Black

Yes

Yes

Yes

Yes

Yes

Yes

Lava Blue

Yes

Yes

Yes

Yes

Yes

Yes

Steel Grey

Dual-tone

Skoda Kylaq standard safety kit 

Gets six airbags, ABS, EBD, traction control and more.

As standard, the Skoda Kylaq comes equipped with six airbags, ABS, EBD, ESC, traction control, brake disc wiping, roll-over protection, central locking, rear parking sensor, and ISOFIX mounts. 

Skoda Kylaq variant-wise features

Skoda Kylaq Classic: Rs 7.59 lakh

Gearbox option – 6MT

Skoda Kylaq Classic trim exterior
Skoda Kylaq Classic trim interior
 

Skoda Kylaq Classic trim

  • LED headlights with LED daytime running lamps (DRLs)
  • LED tail-lights
  • 16-inch steel wheels with covers
  • 15-inch spare wheel
  • Roof rails
  • Roof-mounted spoiler
  • Dual-tone dashboard
  • Manual day/night interior rearview mirror (IRVM)
  • Driver seat height adjust
  • Adjustable headrests for all passengers
  • Auto engine start-stop
  • Tilt and telescopic steering adjust
  • Powered wing mirrors
  • All power windows
  • Auto AC
  • Rear defogger
  • Analogue dials with a digital MID
  • Front centre armrest
  • 12V charging socket (front)
  • Fabric seats
  • Analogue dials with 3.5-inch MID
  • 2 tweeters
  • Front LED cabin lamps

Skoda Kylaq Classic+ – Rs 8.25 lakh-9.25 lakh

Gearbox options – 6MT, 6AT

Features over Classic

  • Single-pane sunroof
  • Cruise control
  • 4 speakers
  • Auto-dimming IRVM
  • Front and rear LED cabin lamps
  • Steering-mounted controls
  • Leatherette-wrapped gear lever (AT only)
  • Rear LED cabin lamps
  • One-touch up/down for driver-side window 

Skoda Kylaq Signature – Rs 9.43 lakh-10.43 lakh

Gearbox options – 6MT, 6AT

Skoda Kylaq Signature trim exterior
Skoda Kylaq Signature trim interior
 

Skoda Kylaq Signature trim

Features over Classic+
  • 16-inch silver alloy wheels
  • Black tailgate strip between the tail-lights
  • Tyre-pressure monitoring system (TPMS)
  • Paddle shifters (AT only)
  • 7-inch touchscreen infotainment system
  • Wired Android Auto and Apple CarPlay 
  • 2x USB Type-C ports (rear)
  • Auto-folding outside rearview mirrors (ORVMs)
  • Rear wiper and washer
  • Chrome garnish on AC vents and door handles
  • Rear AC vents
  • Sliding front centre armrest with storage space
  • Cooled glove box
  • Driver-side window one-touch up/down
  • Rain-sensing wipers (front)

Skoda Kylaq Signature+ – Rs 10.77 lakh-11.77 lakh

Gearbox options – 6MT, 6AT

Skoda Kylaq Signature+ trim exterior
Skoda Kylaq Signature+ trim interior
 

Skoda Kylaq Signature+ trim

Features over Signature
  • Shark-fin antenna
  • Chrome strip on outside door handles
  • Auto-folding ORVMs
  • Hill-hold assist
  • Rear parking camera with static guidelines
  • Auto headlights with follow-me-home function
  • Keyless entry and go
  • 10-inch touchscreen infotainment system
  • Wireless Android Auto and Apple CarPlay
  • 8-inch digital instrument cluster
  • Dash inserts
  • Leather-wrapped steering wheel
  • USB Type-C ports (front) 
  • 60:40 split-folding rear seats
  • Rear centre armrest with cup holders
  • Rear parcel tray
  • In-car connectivity suite

Skoda Kylaq Sportline – Rs 11.32 lakh to Rs 12.32 lakh

Gearbox options – 6MT, 6AT

Features over Signature+

Skoda Kylaq Sportline
Skoda Kylaq Sportline interior
 

Skoda Kylaq Sportline trim

 

  • Black 17-inch alloy wheels
  • Rear spoiler with finlets 
  • Black ORVMs and branding 
  • Sportline badge on tailgate
  • Leatherette front armrest and door pads
  • White ambient lighting
  • Aluminium pedals 
  • Leatherette seat upholstery with Sportline inscription
  • LED projector headlamps 
  • LED fog lamps with cornering function
  • Wireless phone charger

Skoda Kylaq Prestige – Rs 11.75 lakh-12.75 lakh

Gearbox options – 6MT, 6AT

Skoda Kylaq Prestige trim exterior
Skoda Kylaq Prestige trim interior
 

Skoda Kylaq Prestige trim

Features over Signature+
  • Dual-tone 17-inch alloys
  • LED projector headlights
  • LED rear turn indicator and reverse lamp
  • Front LED fog lamps with static bending function
  • White ambient lighting
  • Leatherette upholstery on seats, front armrest and doors
  • Chrome parking brake tip
  • Ventilated front seats
  • Wireless phone charger
  • Anti-theft alarm

Skoda Kylaq Prestige+ – Rs 11.99 lakh-12.99 lakh

Gearbox options – 6MT, 6AT

Feature over Prestige

  • 6-way powered front seats

Which Skoda Kylaq variant should you consider?

The mid-spec Signature+ trim offers good value for money

Starting at Rs 10.77 lakh, the mid-spec Signature+ trim offers dual digital screens, a single-pane sunroof, a rear parking camera with sensors, auto AC with rear vents, all-LED lighting and 16-inch silver alloy wheels, making it a value-for-money offering. While you do miss out on features such as a wireless phone charger and powered and ventilated front seats, the premium you have to pay for these is not justifiable. Moreover, this trim is available with both manual and automatic gearbox options.

However, if you are on a budget, you can consider the lower Signature trim, which offers a smaller touchscreen with wired Android Auto and Apple CarPlay, rear wiper and washer, rear AC vents and a sunroof. This trim also comes in both manual and automatic variants, and priced at Rs 9.43 lakh and Rs 10.43 lakh, respectively, they still offer a lot of value.

Although the Classic+ trim is also well-equipped for its price, the lack of an infotainment system makes recommending it a bit more challenging. However, the 7-inch OEM infotainment system with wired smartphone connectivity, offered with the higher Signature trim, is available in the online classifieds marketplace under Rs 10,000. If you are open to retrofitting it at your authorised dealership, the Classic+ trim becomes the most value-for-money option on a strict budget. 

Prices are ex-showroom, India.