VIDEO: काजू कतली में निकला जंग लगा पिन! 3 साल की बच्ची को खिलाने से पहले खुली बड़ी लापरवाही

Viral Video: मुंबई में एक व्यक्ति के साथ मिठाई खरीदने के बाद एक चौंकाने वाली घटना हुई है। व्यक्ति ने मुंबई के एक दुकान से काजू कतली खरीदी थी। दुकान से खरीदी गई काजू कतली के अंदर एक जंग लगा हुआ मेटल पिन मिला। व्यक्ति के अनुसार, वह ये मिठाई अपनी तीन साल की बेटी को देने ही वाला था, तभी उसकी नजर उस पिन पर पड़ गई। इसके बाद उसने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

इंस्टाग्राम पर प्रणय पलव ने इस घटना से जुड़ी कई पोस्ट शेयर कीं। अपनी पहली पोस्ट में उन्होंने बताया कि, 29 जुलाई की शाम उन्होंने तिवारी ब्रदर्स से 500-500 ग्राम काजू कतली और मोतीचूर के लड्डू खरीदे थे।

किस्मत अच्छी थी की पिन देख लिया

पोस्ट में उन्होंने लिखा, “जब मैं अपनी 3 साल की बेटी को मिठाई खिलाने वाला था, तभी मुझे कुछ अजीब दिखाई दिया। ध्यान से देखने पर पता चला कि काजू कतली के एक टुकड़े के अंदर जंग लगा हुआ मेटल पिन फंसा हुआ था।” इसके बाद उन्होंने दुकान की सुरक्षा और साफ-सफाई के मानकों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “ये सिर्फ किस्मत थी कि मैंने मिठाई खाने से पहले ही उस पिन को देख लिया। अगर ऐसा नहीं होता, तो इसका अंजाम बहुत गंभीर हो सकता था।”

 

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की घटना दुकान के गुणवत्ता और साफ-सफाई के मानकों पर सवाल खड़े करती है। उनके मुताबिक, “ग्राहक इस भरोसे के साथ मिठाइयां खरीदते हैं कि उन्हें सुरक्षित और साफ तरीके से तैयार किया गया है, खासकर जब उन्हें परिवार और छोटे बच्चों को खिलाना हो।”

खराब स्थिती में था किचन

प्रणय ने सोशल मीडिया पर कुछ और वीडियो भी शेयर किए, जिनमें वह मिठाई की दुकान के कर्मचारियों से इस मामले पर बात करते नजर आए। एक वीडियो में उन्होंने काजू कतली का डिब्बा खुलवाया और मिठाई के अंदर से मेटल पिन निकालकर दिखाया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों से खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर सवाल किए। वीडियो में उन्होंने दुकान के किचन की स्थिति भी दिखाई और आरोप लगाया कि वहां सफाई के उचित इंतजाम नहीं थे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि किचन के अंदर ही वॉशरूम बना हुआ था।

 

यूजर्स ने किया कमेंट

इस घटना के बाद एक बार फिर राज्य में रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों में खाद्य सुरक्षा, साफ-सफाई और ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले पर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा, “हे भगवान! मिठाई तो ठीक है, लेकिन किचन की हालत और उसमें मिला स्टेपलर पिन देखकर लगता है कि घर पर ही मिठाई बनाना ज्यादा सुरक्षित है।” एक व्यक्ति ने कमेंट किया, “यकीन नहीं हो रहा कि इतनी कीमत चुकाने के बाद भी ऐसी साफ-सफाई देखने को मिल रही है। तिवारी से ऐसी उम्मीद नहीं थी।”

एक अन्य यूजर ने कहा, “हम अच्छे खाने की उम्मीद में रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों पर जाते हैं, लेकिन अंदर किचन में क्या हो रहा है, इसकी हमें कोई जानकारी नहीं होती।”

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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दिनदहाड़े स्कूल में घुसा हमलावर, क्लास से बाहर खींचकर महिला टीचर की बेरहमी से हत्या

हरियाणा के फरीदाबाद में सोमवार को एक प्राइवेट स्कूल के अंदर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां 30 वर्षीय महिला टीचर की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। आरोप है कि एक नकाबपोश युवक दिनदहाड़े स्कूल में घुसा, टीचर को क्लास से बाहर खींचा और उन पर कई बार चाकू से हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने स्कूल में एंट्री करने से पहले अपने चेहरे को सफेद कपड़े से ढक रखा था। वह सुबह करीब 9:30 से 9:40 बजे के बीच स्कूल के मेन गेट से अंदर आया। कुछ देर तक वह स्कूल में घूमता रहा और फिर स्कूल के कर्मचारियों से महिला टीचर के बारे में पूछताछ की। सेक्टर-58 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर केवल सिंह ने बताया कि जैसे ही टीचर क्लास से बाहर आईं, आरोपी ने उन्हें पकड़ लिया और उन पर लगातार चाकू से कई वार कर दिए।

टीचर पर 20 बार किया चाकू से वार

पुलिस के अनुसार, महिला टीचर के शरीर पर चाकू के 18 से 20 गहरे घाव मिले हैं। आरोपी ने सबसे ज्यादा वार उनकी गर्दन और छाती पर किए। जांच में सामने आया है कि जब टीचर की चीख सुनकर स्कूल के अन्य कर्मचारी उन्हें बचाने पहुंचे, तब भी हमलावर नहीं रुका। उसने कर्मचारियों को डराकर पीछे हटा दिया और महिला पर तब तक चाकू से हमला करता रहा, जब तक वह जमीन पर नहीं गिर गईं। घटना के तुरंत बाद घायल शिक्षिका को अल-फलाह मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि मृतक शिक्षिका दो बच्चों की मां थीं।

पुलिस कर रही मामले की जांच

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पुलिस के पहुंचने से पहले ही मौके से फरार हो गया। पुलिस का कहना है कि घटना स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने और उसे जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। जांच टीम सीसीटीवी वीडियो के साथ अन्य सबूतों की भी जांच कर रही है। फिलहाल हत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस ने अभी तक आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। मामले की जांच जारी है और पुलिस हर पहलू से इसकी पड़ताल कर रही है।

Chavda Infra: बोनस शेयर और डिविडेंड की सिफारिश, विस्तार के लिए निवेश बढ़ाने का प्लान

Chavda Infra: इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन कंपनी चावड़ा इंफ्रा लिमिटेड के बोर्ड ने बोनस शेयर जारी करने और डिविडेंड देने की सिफारिश की है। यह फैसला 3 अगस्त की बोर्ड मीटिंग में हुआ।

कंपनी ने बताया कि यह प्रस्ताव जरूरी रेगुलेटरी और शेयरधारकों की मंजूरी के बाद लागू होगा। कंपनी का कहना है कि यह फैसला शेयरधारकों को बेहतर रिटर्न देने और लंबी अवधि में वैल्यू क्रिएशन की रणनीति का हिस्सा है।

₹89.45 करोड़ का नया प्रोजेक्ट मिला

चावड़ा इंफ्रा को हाल ही में ADI Shantigram Abode LLP से ₹89.45 करोड़ का लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) मिला है। इसके तहत अहमदाबाद के अदाणी शांतिग्राम टाउनशिप में प्रस्तावित हाई-राइज रेजिडेंशियल बिल्डिंग का कोर और शेल निर्माण किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट अगले 24 महीनों में पूरा किया जाना है। कंपनी का दावा है कि इससे उसके प्रीमियम प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो को और मजबूती मिलेगी।

FY26 में मजबूत रही ग्रोथ

वित्त वर्ष 2025-26 में चावड़ा इंफ्रा का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 22.6% बढ़कर ₹320.6 करोड़ पहुंच गया। वहीं, मार्च तिमाही (Q4 FY26) में रेवेन्यू 49.8% की सालाना बढ़त के साथ ₹167.6 करोड़ रहा। कंपनी ने बताया कि रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में मजबूत कामकाज की वजह से यह ग्रोथ हासिल हुई।

विस्तार पर फोकस

चावड़ा इंफ्रा का बड़े और हाई-राइज प्रोजेक्ट्स के लिए अपनी क्षमता बढ़ाने का प्लान है। इसके लिए एडवांस्ड एल्युमीनियम फॉर्मवर्क सिस्टम में निवेश किया है। कंपनी का कहना है कि इससे निर्माण की रफ्तार बढ़ेगी और गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

कंपनी ने यह भी बताया कि उसने वित्त वर्ष 2026 में अवनी आयाम, अभिषेक, राजश्री रेगलिया, मोंडील वन, राजुल ग्रीन्स और मनाली रीडेवलपमेंट जैसे कई प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। इसके अलावा कंपनी AA+ कॉन्ट्रैक्टर क्लासिफिकेशन हासिल करने की प्रक्रिया में भी है। इससे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और संस्थागत प्रोजेक्ट्स के लिए उसकी पात्रता बढ़ेगी।

कंपनी ने क्या कहा?

मैनेजिंग डायरेक्टर महेशकुमार चावड़ा ने कहा कि कंपनी का फोकस ऑपरेशनल एक्सीलेंस, मजबूत प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और लॉन्ग टर्म ग्रोथ पर है।

उन्होंने कहा कि हालिया प्रोजेक्ट के साथ बोनस शेयर और डिविडेंड का प्रस्ताव कंपनी की मजबूत कारोबारी स्थिति और शेयरधारकों के साथ ग्रोथ का लाभ साझा करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

DLF Q1 Results: रियल एस्टेट कंपनी मुनाफा बढ़ा, लेकिन रेवेन्यू घटकर आधा हुआ; शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘गंभीरता से करें विचार…’, बांकीपुर में जीत के बाद प्रशांत किशोर ने दी बीजेपी को बड़ी सलाह

Bankipur Bypoll Result 2026: बिहार की राजनीति में तीन अगस्त 2026 का दिन एक बड़े उलटफेर वाला साबित हुआ है। बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने सभी को हैरान कर दिया है। बांकीपुर में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा है तो वहीं जन सुराज पार्टी ने बिहार में अपना खाता खोल लिया है। जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने बीजेपी को करारी शिकस्त देते हुए बांकीपुर सीट से जीत हासिल कर ली है। चुनाव आयोग (ECI) की वेबसाइट के अनुसार, 32वें राउंड तक चले मतगणना के बाद प्रशांत किशोर को 63,946 वोट मिले। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा से 19246 वोटों से मात दी है। वहीं इस जीत के बाद प्रशांत किशोर का पहला रिएक्शन सामने आया है।

उपचुनाव में जीत के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि वह चुनाव हारने वाले सभी उम्मीदवारों को भी बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जीत और हार दोनों होती रहती हैं, इसलिए हर उम्मीदवार का सम्मान होना चाहिए। प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर का यह चुनाव सिर्फ एक विधायक चुनने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह बिहार में बीजेपी और एनडीए सरकार के कामकाज पर जनता का फैसला भी था। उनका कहना है कि बांकीपुर के लोगों ने अपने वोट के जरिए एक साफ संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को जनता के इस फैसले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और बिहार के हित में राज्य की जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को सौंपनी चाहिए, जो ईमानदारी से बिहार के विकास के लिए काम कर सके।

भाजपा के लिए बड़ा झटका

बिहार के बांकीपुर में जन सुराज पार्टी के फाउंडर प्रशांत किशोर 19,324 वोटों से जीते हैं। प्रशांत को 64,151 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार को 44,827 वोट मिले हैं। बांकीपुर सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पारंपरिक सीट है। वे यहां से लगातार 5 बार विधायक रहे हैं। उनके राज्यसभा जाने के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराया गया। काउंटिंग के दौरान चुनाव आयोग की वेबसाइट पर कुछ गड़बड़ देखने को मिली। सुबह से वेबसाइट पर 31 राउंड की काउंटिंग बताई जा रही थी। 31 राउंड पूरे होते ही पहले 36 राउंड काउंटिंग दिखाई जाने लगी। बाद में फिर 32 राउंड की काउंटिंग दिखा दी गई।

DLF Q1 Results: रियल एस्टेट कंपनी मुनाफा बढ़ा, लेकिन रेवेन्यू घटकर आधा हुआ; शेयरों पर रहेगी नजर

DLF Q1 Results: रियल एस्टेट कंपनी DLF ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 4.1% बढ़कर ₹793.9 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹762.7 करोड़ था।

हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 52.9% घटकर ₹1,280.3 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹2,716.7 करोड़ था।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन रहा कमजोर

जून तिमाही में DLF का EBITDA 58.7% घटकर ₹150.3 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹364.2 करोड़ था। वहीं, EBITDA मार्जिन 13.4% से घटकर 11.7% पर आ गया।

इसके बावजूद कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 51% रहा। तिमाही के दौरान DLF ने ₹1,317 करोड़ का ऑपरेटिंग कैश फ्लो बनाया। इससे कंपनी की नेट कैश पोजिशन बढ़कर ₹15,200 करोड़ हो गई।

लॉन्च में देरी से घटी बिक्री

जून तिमाही में DLF की नई सेल्स बुकिंग ₹657 करोड़ रही। DLF ने कहा कि कुछ प्रोजेक्ट्स के लॉन्च में देरी की वजह से यह आंकड़ा प्रभावित हुआ। कंपनी को उम्मीद है कि जरूरी मंजूरियां जल्द मिलेंगी और नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए जाएंगे।

कंपनी का कहना है कि मजबूत ब्रांड, ग्राहकों की लगातार मांग और आने वाले प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन के दम पर वह मध्यम अवधि के ग्रोथ लक्ष्य हासिल करने को लेकर आश्वस्त है।

रेंटल कारोबार बना मजबूत

DLF का करीब 5 करोड़ वर्ग फुट का रेंटल पोर्टफोलियो 95% ऑक्यूपेंसी के साथ मजबूत बना हुआ है। कंपनी का फोकस लंबे समय में अपने रेंटल बिजनेस को और बढ़ाने पर है।

चालू वित्त वर्ष में DLF करीब 15 लाख वर्ग फुट के तीन नए रिटेल प्रोजेक्ट शुरू करेगी। इनमें DLF Midtown Plaza (नई दिल्ली), DLF Summit Plaza (गुरुग्राम) और DLF Promenade (गोवा) शामिल हैं।

DCCDL का प्रदर्शन भी मजबूत

DLF की सहयोगी कंपनी DLF Cyber City Developers Limited (DCCDL) का प्रदर्शन भी मजबूत रहा। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,917 करोड़ रहा। EBITDA 9% बढ़कर ₹1,474 करोड़ और शुद्ध मुनाफा 21% बढ़कर ₹717 करोड़ हो गया।

DLF ने क्या कहा?

DLF का कहना है कि मजबूत लैंड बैंक, नए प्रोजेक्ट्स की बड़ी पाइपलाइन, मजबूत बैलेंस शीट और लगातार बढ़ता कैश फ्लो कंपनी को रियल एस्टेट सेक्टर की तेजी का फायदा उठाने में मदद करेगा। कंपनी का फोकस आगे भी लाभदायक और टिकाऊ ग्रोथ पर रहेगा।

DLF का शेयर सोमवार को 0.62% की बढ़त के साथ ₹663 पर बंद हुआ।

Vijay Kedia : ₹80 का शेयर बना ₹16400, विजय केडिया ने बताया मल्टीबैगर स्टॉक का सीक्रेट

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

दिल्ली और हरियाणा की यमुना की मछलियों में बड़ा फर्क पता चला, किसमें ज्यादा माइक्रोप्लास्टिक? ये है चौंकाने वाली स्टडी का रिजल्ट

यमुना नदी के प्रदूषण को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के रिसर्चर्स की एक नई स्टडी में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा से बहकर आने वाली यमुना नदी के मुकाबले दिल्ली के दायरे में तैरने वाली ताजे पानी की मछलियों के शरीर में माइक्रोप्लास्टिक (प्लास्टिक के बेहद सूक्ष्म कण) की मात्रा काफी अधिक पाई गई है। इस स्टडी के दौरान जितने भी मछलियों के सैंपल लिए गए, उनमें से एक भी मछली ऐसी नहीं मिली जो माइक्रोप्लास्टिक के पल्यूशन से पूरी तरह मुक्त हो। रिसर्चर्स ने यमुना नदी के दिल्ली वाले हिस्से को अत्यधिक माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया है।

दिल्ली की मछलियों में क्या मिला?

रिसर्चर्स ने इस स्टडी के लिए यमुना नदी के चार अलग-अलग जगहों हरियाणा के यमुनानगर व करनाल और दिल्ली के सूर घाट व सोनिया विहार से 12 अलग अलग प्रजातियों की कुल 220 ताजे पानी की मछलियों का एनालिसिस किया। इन मछलियों के शरीर से कुल 1678 माइक्रोप्लास्टिक कण बरामद किए गए। प्रति मछली औसतन लगभग 7.6 माइक्रोप्लास्टिक कण पाए जाने की पुष्टि हुई। सोनिया विहार और सूर घाट (दिल्ली) से पकड़ी गई मछलियों में हरियाणा के ऊपरी हिस्सों की तुलना में अधिक मात्रा में प्लास्टिक का जहर मिला है। दिल्ली के क्षेत्र में इस अत्यधिक प्रदूषण के पीछे अनट्रीटेड सीवेज का पानी, नगरपालिका का गंदा पानी, कपड़ा उद्योगों से निकलने वाला कचरा, बारिश के पानी का बहाव और नदी में सीधे फेंका जाने वाला अनप्रबंधित प्लास्टिक कचरा मुख्य वजह है।

मछलियों की प्रजातियों के आधार पर देखें तो सोनिया विहार से एकत्र की गई 20 तिलापिया मछलियों में सबसे अधिक 436 माइक्रोप्लास्टिक कण पाए गए, जो प्रति मछली औसतन 21.8 कण का रिकॉर्ड है। वहीं सूर घाट की तिलापिया मछलियों से 264 कण और सोनिया विहार की रोहू मछली से 205 कण मिले। इसके उलट सबसे कम प्रदूषण करनाल की 10 नीडल फिश में मिला। इनसे कुल 37 कण बरामद हुए। रिसर्च में यह भी पाया गया कि सबसे अधिक 751 माइक्रोप्लास्टिक कण मछलियों के पाचन तंत्र में मिले जबकि 605 कण उनके गलफड़ों और 322 कण मांसपेशियों के ऊतकों में पाए गए। मांसपेशियों में प्लास्टिक मिलना यह दर्शाता है कि ये खतरनाक कण पाचन तंत्र से निकलकर मछलियों के उन हिस्सों तक भी पहुंच रहे हैं, जिन्हें इंसान खाते हैं।

शाकाहारी मछलियों में ज्यादा जहर!

स्टडी के मुताबिक, सर्वाहारी और शाकाहारी प्रजातियों की मछलियों में मांसाहारी मछलियों की तुलना में अधिक माइक्रोप्लास्टिक जमा हुआ। वैसे रिसर्चर्स ने स्पष्ट किया कि मछली क्या खाती है, इसके बजाय वह किस जगह रह रही हैं, इसका माइक्रोप्लास्टिक के जमाव पर अधिक असर पड़ता है। कुल बरामद माइक्रोप्लास्टिक में 77.8 प्रतिशत धागे या रेशे थे जो सिंथेटिक कपड़ों, घरेलू धुलाई और कपड़ा उद्योगों के इसके पीछे की वजह की ओर इशारा करते हैं। इसके अलावा 44 प्रतिशत कण पारदर्शी थे, जबकि 19.5 प्रतिशत नीले और 16.3 प्रतिशत काले रंग के थे। इनमें 10 अलग-अलग प्रकार के पॉलिमर पाए गए, जिनमें प्लास्टिक बैग में इस्तेमाल होने वाला पॉलीथिन (24%) और डिब्बों व बोतलों में इस्तेमाल होने वाला पॉलीप्रोपाइलीन (21%) प्रमुख थे।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य ‘पॉलीमर हैजार्ड इंडेक्स’ के आधार पर शोधकर्ताओं ने यमुना के इस प्रदूषण को ‘कैटेगरी IV’ में रखा है। ये जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक उच्च पारिस्थितिक खतरे का संकेत देता है। एनवायरनमेंटल ड्राइवर्स एंड बायोएक्यूमुलेशन पाथवेज ऑफ माइक्रोप्लास्टिक इन फ्रेशवॉटर फिश फ्रॉम द रिवर यमुना, इंडिया’ टाइटल वाले इस स्टडी के रिसर्चर्स ने कहा कि नदियों और जलीय जीवों को बचाने के लिए अपशिष्ट जल के बेहतर उपचार और यमुना में गिरने वाले प्लास्टिक कचरे को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की तत्काल आवश्यकता है।

12 अगस्त तक नहीं खुलेंगे स्कूल-कॉलेज! कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी के इन जिलों में प्रशासन का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए मेरठ और गाजियाबाद प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अधिकारियों ने दोनों जिलों के सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य इंस्टिट्यूट संस्थान को 12 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया है। ये फैसला छात्रों की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए लिया गया है। सावन के महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु कई पवित्र जगहों से गंगाजल लेकर पैदल शिव मंदिरों तक जाते हैं। आइए जानते हैं कहां-कहां पर बंद होगे स्कूल और कॉलेज

12 अगस्त तक बंद होंगे स्कूल-कॉलेज

मेरठ में जिला अधिकारी वी.के. सिंह के निर्देश पर सोमवार से सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं। आदेश के अनुसार, कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल 12 अगस्त तक बंद रहेंगे। इसमें बेसिक शिक्षा परिषद, यूपी बोर्ड, सीबीएसई, सीआईएससीई, मदरसा बोर्ड और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्डों से जुड़े स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा सभी सरकारी और निजी कॉलेज, विश्वविद्यालय तथा तकनीकी शिक्षण संस्थानों में भी इस अवधि के दौरान नियमित कक्षाएं नहीं चलेंगी।

प्रशासन ने कहा कि, सावन शिवरात्रि के अवसर पर जिले से बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रियों के गुजरने की संभावना है। ऐसे में छात्रों की सुरक्षा बनाए रखने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए ये फैसला लिया गया है।

गाजियाबाद में कब तक बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

गाजियाबाद प्रशासन ने भी नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों के साथ-साथ कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी शिक्षण संस्थानों को 4 अगस्त से 12 अगस्त तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, ये आदेश बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा बोर्ड और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्डों से जुड़े सभी शिक्षण संस्थानों पर लागू होगी। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिले के विभिन्न मार्गों पर बड़ी संख्या में कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो चुकी है। ऐसे में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) के निर्देश पर छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

निर्देशों का सख्ती से हो पालन

गाजियाबाद प्रशासन ने बताया कि, पहले से निर्धारित किसी भी पाठ्यक्रम या विषय की परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी और उन्हें इस आदेश से बाहर रखा गया है। मेरठ प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिन परीक्षाओं का कार्यक्रम पहले से तय है, वे अपने निर्धारित समय के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी और उन पर स्कूल बंद रहने का आदेश लागू नहीं होगा। वहीं मेरठ और गाजियाबाद दोनों जिलों के अधिकारियों ने सभी स्कूलों, कॉलेजों और संबंधित विभागों को जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है।

Raksha Bandhan 2026: इस साल क्या भद्रा के साये में मनाया जाएगा रक्षा बंधन का पर्व? भाई की तरक्की के लिए बहनें राखी बांधने से पहले करें ये उपाय

Raksha Bandhan 2026: रक्षा बंधन के पर्व का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है। यह पर्व पूरे साल में आने वाले सभी उत्सव और त्योहारों में सबसे मासूम और प्यारा माना जाता है, क्योंकि ये भाई-बहन के बीच प्रेम और मधुरता का प्रतीक है। रक्षा बंधन का पर्व हर साल सावन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके स्वस्थ, सुखी जीवन और दीर्घायु की कामना करती हैं। बदले में भाई अपनी बहन की रक्षा और हर मुश्किल घड़ी में उसके साथ खड़े रहने का वचन देता है।

रक्षा बंधन के पर्व की शुरुआत पौराणिक काल से जुड़ी हुई है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवासुर संग्राम के समय सुदर्शन चक्र के कारण श्री कृष्ण की उंगली कट गई थी, जिससे उनकी उंगली से खून निकलने लगा। द्रौपदी ने यह दृश्य देखा और तुरंत अपनी साड़ी का किनारा फाड़ कर उनकी उंगली में बांध दिया। भगवान कृष्ण द्रौपदी के इस स्नेह और समर्पण से भावुक हो गए। श्रीकृष्ण ने जीवन भर द्रौपदी की रक्षा का वचन दिया और जब द्रौपदी के सम्मान पर संकट आया, तब श्रीकृष्ण ने उनकी लाज बचाकर अपना वचन निभाया। माना जाता है कि इस दिन बहनें राखी बांधने से पहले अगर एक उपाय कर लें, तो उससे भाइयों की तरक्की होती है। आइए जानें इस साल कब मनाया जाएगा राखी का त्योहार और क्या इस दिन रहेगा भद्रा का साया

कब है रक्षा बंधन ?

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल सावन पूर्णिमा तिथि का आरंभ 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 9 मिनट पर होगा और इसका समापन 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 49 मिनट पर होगा। चूंकि 28 अगस्त को पूर्णिमा उदया तिथि में रहेगी। इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन का पर्व इसी दिन मनाया जाएगा। उदया तिथि के कारण 28 अगस्त को पूरे दिन त्योहार मनाया जा सकेगा।

रक्षाबंधन पर भद्रा का प्रभाव

शास्त्रों के अनुसार, भद्रा काल में रक्षा बंधन वर्जित माना गया है। राहत की बात यह है कि 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के दिन भद्रा नहीं रहेगी। हालांकि सावन पूर्णिमा पर 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट से रात 9 बजकर 32 मिनट तक भद्रा का प्रभाव रहेगा। लेकिन 28 अगस्त को पूर्णिमा उदया तिथि के साथ-साथ भद्रा रहित भी रहेगी।

राखी बांधने से पहले करें भगवान गणेश और विष्णु का पूजन

राखी बांधने से पहले भगवान गणेश और भगवान विष्णु का पूजन करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे पूजा में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

राखी बांधने का शुभ समय

28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन बहनें सुबह 5 बजकर 57 मिनट से सुबह 9 बजकर 48 मिनट के बीच अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। इस अवधि को रक्षा सूत्र बांधने के लिए शुभ माना गया है। इसके अलावा बहनें सुबह 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 48 मिनट के समय अभिजीत मुहूर्त में भी भाई की कलाई पर राखी बांध सकेंगी।

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Gold Silver Price Today: सोना ₹900 सस्ता हुआ, चांदी का ₹1800 बढ़ा भाव

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को सोने की कीमत में ₹900 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना अब ₹1,47,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹1,48,300 प्रति 10 ग्राम था।

सोना क्यों हुआ सस्ता?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल सुस्त रही। वहीं, रुपये की मजबूती का भी घरेलू कीमतों पर असर पड़ा। इसी वजह से सोना सीमित दायरे में कारोबार करता रहा और कीमतों में गिरावट आई।

चांदी में लौटी तेजी

सोने के उलट चांदी की कीमत में ₹1,800 प्रति किलो की तेजी आई। अब चांदी ₹2,26,500 प्रति किलो पर पहुंच गई है। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2,24,700 प्रति किलो था।

Lemonn Markets Desk के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद निवेशकों ने चांदी में खरीदारी बढ़ाई। इससे चांदी के दाम मजबूत हुए।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या रहा हाल?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,048.89 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी भी हल्की तेजी के साथ 57.97 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

Kotak Securities की कमोडिटी रिसर्च AVP कायनात चैनवाला के मुताबिक, ईरान पर नए हमले की योजना रद्द होने के बाद भू-राजनीतिक तनाव कुछ कम हुआ है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई और कीमती धातुओं को थोड़ा सहारा मिला। साथ ही, डॉलर में कमजोरी ने भी सोना और चांदी को सपोर्ट दिया।

इस हफ्ते इन आंकड़ों पर रहेगी नजर

Mirae Asset Sharekhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का कहना है कि तेल की कीमतों में 5% से ज्यादा गिरावट के बावजूद सोने में बड़ी तेजी नहीं दिख रही है। इसकी वजह यह है कि इस हफ्ते अमेरिका के कई अहम आर्थिक आंकड़े जारी होने वाले हैं। निवेशकों की नजर फिलहाल इन्हीं आंकड़ों पर टिकी है।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि फिलहाल MCX पर सोने की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं। इसकी वजह अमेरिका-ईरान के बीच फिलहाल कोई नया तनाव नहीं होना, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और डॉलर का कमजोर होना है।

अब आगे सोने की चाल कैसी रहेगी

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, अब सोने की चाल फेडरल रिजर्व के रेट संकेत और अमेरिका के रोजगार से जुड़े अहम आंकड़ों के हिसाब से चलेंगी। उनका मानना है कि तकनीकी रूप से निकट भविष्य में MCX Gold ₹1,42,000 से ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकता है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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