Q1 Results: फार्मा कंपनी का प्रॉफिट 10 गुना बढ़ा, रेवेन्यू भी डबल; शेयरों पर रहेगी नजर

Q1 Results: फार्मा कंपनी न्यूलैंड लेबोरेटरीज ने जून तिमाही (Q1 FY27) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10 गुना से ज्यादा बढ़कर 148 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 14 करोड़ रुपये था।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी दोगुना से ज्यादा होकर 641.5 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 292.7 करोड़ रुपये थी।

EBITDA और मार्जिन में जबरदस्त सुधार

जून तिमाही में EBITDA बढ़कर 222.7 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 34.4 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA मार्जिन 11.8% से बढ़कर 34.7% पर पहुंच गया। इससे साफ है कि कंपनी की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ा सुधार हुआ है।

कंपनी की कुल आय भी बढ़कर 650.1 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल 300.6 करोड़ रुपये थी। टैक्स से पहले मुनाफा (PBT) 17.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 197.5 करोड़ रुपये रहा। वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) 13.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 147.4 करोड़ रुपये हो गया।

CMS और GDS कारोबार ने दिखाई दमदार ग्रोथ

मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO सहर्ष दावुलुरी ने कहा कि तिमाही का प्रदर्शन कंपनी की उम्मीदों के मुताबिक रहा। कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (CMS) और जेनेरिक ड्रग सब्सटेंस (GDS) कारोबार ने मजबूत प्रदर्शन किया।

कंपनी ने बताया कि तिमाही के दौरान कमर्शियल प्रोडक्ट्स से सबसे ज्यादा रेवेन्यू आई। साथ ही प्रोजेक्ट पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है। ग्राहकों की दिलचस्पी भी कंपनी की व्यापक क्षमताओं में बढ़ रही है।

विस्तार पर रहेगा फोकस

न्यूलैंड लेबोरेटरीज ने कहा कि वह API, जटिल मॉलिक्यूल्स और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग में अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार निवेश कर रही है। हालांकि, आने वाले समय में कंपनी का प्रदर्शन नए प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने, नए प्रोडक्ट्स के सफल कमर्शियल लॉन्च और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखने पर निर्भर करेगा।

शेयरों का हाल

नतीजों से पहले बुधवार को NSE पर न्यूलैंड लेबोरेटरीज का शेयर 4.03% की बढ़त के साथ 20,049 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 51.86% चढ़ा है। वहीं, बीते 5 साल में इसने 1,081% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 25.72 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

गल्फ संकट के दौरान भारत ने होर्मुज से कैसे निकाले अपने 60 जहाज? संसद में सरकार ने बताया पूरा प्लान

संसद में सरकार ने हाल ही में खाड़ी क्षेत्र (गल्फ) में पैदा हुए तनाव के दौरान उठाए गए कदमों की जानकारी दी। सरकार के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते खतरे के बावजूद भारत ने अपने महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार और जरूरी सामान की आवाजाही को जारी रखा। इसके लिए संबंधित एजेंसियों ने लगातार निगरानी रखी और समय पर आवश्यक कदम उठाए, जिससे देश की आपूर्ति व्यवस्था पर बड़ा असर नहीं पड़ा। संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि, खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बावजूद भारत का सामान लेकर जा रहे 60 मालवाहक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से पूरी तरह सुरक्षित गुजरने में सफल रहे। सरकार ने ये भी बताया कि, खाड़ी क्षेत्र से 3,972 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया गया।

इसके अलावा 24 घंटे एक्टिव रहे संकट प्रबंधन सिस्टम ने इस दौरान हजारों फोन कॉल और ईमेल का जवाब देकर लोगों की मदद की। सरकार की ओर से शेयर किए गए ये आंकड़े बताते हैं कि खाड़ी क्षेत्र में पैदा हुए संकट के दौरान भारत ने किस तरह हालात से निपटने के लिए बड़े स्तर पर काम किया।

भारत में ज्यादातार तेल खाड़ी देशों से आता है

खाड़ी क्षेत्र में पैदा हुए संकट के दौरान वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी रास्ते से होकर दूसरे देशों तक पहुंचता है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है, जिसमें इराक, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे खाड़ी देश प्रमुख हैं। ऐसे में अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक कोई रुकावट आती है, तो इसका असर तेल की सप्लाई, माल ढुलाई की लागत और बीमा खर्च पर पड़ सकता है। इससे देश में ईंधन की कीमतों पर भी दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।

60 मालवाहक जहाज आए वापस

सरकार ने बताया कि तनावपूर्ण हालात के बावजूद भारत की ओर आने वाले 60 मालवाहक जहाज सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचे। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान लोगों की सुरक्षा और सहायता को भी प्राथमिकता दी गई। सरकार ने जानकारी दी कि, खाड़ी क्षेत्र से 3,972 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया गया। अधिकारियों के अनुसार, संकट के दौरान समुद्री जहाजों पर काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही उनके परिवारों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया और जरूरत पड़ने पर सहायता व परामर्श की व्यवस्था भी की गई। संकट के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए आपातकालीन सहायता व्यवस्था पूरी तरह एक्टिव रखी गई थी।

24 घंटे किया गया काम

सरकार ने बताया कि, पूरे संकट के दौरान 24 घंटे कंट्रोल रूम और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग का संचार केंद्र लगातार एक्टिव रहा। आपात स्थिति में जहाजों को निर्देश दिए गए थे कि वे तुरंत नजदीकी भारतीय नौसेना या सहयोगी देशों के युद्धपोत से संपर्क करें। साथ ही घटना की जानकारी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग, इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) और यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) को भी तुरंत दें, ताकि समय रहते जरूरी मदद पहुंचाई जा सके।

सरकार के अनुसार, संकट के दौरान शुरू की गई सहायता व्यवस्था का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ। कंट्रोल रूम शुरू होने के बाद वहां नाविकों, उनके परिवारों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों की बड़ी संख्या में मदद की गई। इस दौरान 15,771 फोन कॉल और 36,499 ईमेल का जवाब दिया गया, जिससे साफ है कि हालात को लेकर लोगों में चिंता थी और लगातार संपर्क बनाए रखना जरूरी था।

Biocon Q1 Results: फार्मा कंपनी का मुनाफा 349% बढ़ा, रेवेन्यू में भी उछाल; शेयरों पर रहेगी नजर

Biocon Q1 Results: फार्मा कंपनी बायोकॉन ने 5 अगस्त को जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर चार गुना से ज्यादा बढ़कर 141 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 31.4 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी का प्रॉफिट करीब 349% उछला है।

कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू 10% बढ़कर 4,336 करोड़ रुपये रही। पिछले साल की समान तिमाही में यह 3,942 करोड़ रुपये थी।

EBITDA और मार्जिन में सुधार

जून तिमाही में EBITDA 10.6% बढ़कर 847.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 766.1 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन भी मामूली बढ़कर 19.54% हो गया, जो एक साल पहले 19.43% था।

ग्रॉस EBITDA 902 करोड़ रुपये रहा। इसका मार्जिन 21% रहा। कंपनी ने कहा कि बायोफार्मा कारोबार में बेहतर मुनाफे की वजह से यह सुधार देखने को मिला।

बायोफार्मा कारोबार ने कमाल किया

बायोकॉन का बायोफार्मा कारोबार सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन रहा। इस कारोबार की रेवेन्यू 17% बढ़कर 3,615 करोड़ रुपये पहुंच गई। बायोसिमिलर कारोबार की रेवेन्यू 16% बढ़कर 2,855 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, जेनेरिक दवाओं की रेवेन्यू 21% बढ़कर 760 करोड़ रुपये रही।

कंपनी ने कहा कि नए बायोसिमिलर और जेनेरिक प्रोडक्ट लॉन्च होने से यह बढ़त मिली। हालांकि, सर्विसेज कारोबार दबाव में रहा। इस सेगमेंट की रेवेन्यू 16% घटकर 736 करोड़ रुपये रह गई।

फाइनेंस कॉस्ट घटी, R&D खर्च बढ़ा

बैलेंस शीट मजबूत करने की रणनीति के चलते कंपनी का ब्याज खर्च 23% घटकर 213 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर खर्च 17% बढ़कर 240 करोड़ रुपये हो गया।

अमेरिका और यूरोप में कई नए प्रोडक्ट लॉन्च

बायोकॉन के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीहास तांबे ने कहा कि कंपनी ने तिमाही के दौरान अमेरिका और यूरोप समेत विकसित बाजारों में कई प्रो़डक्ट लॉन्च किए। साथ ही उभरते बाजारों में नए प्रोडक्ट और साझेदारियों के जरिए अपनी मौजूदगी बढ़ाई। उन्होंने कहा कि कि कंपनी को उम्मीद है कि पूरे वित्त वर्ष में ग्रोथ की रफ्तार और तेज होगी। इसका असर दूसरी छमाही के नतीजों में साफ दिखाई देगा।

बायोकॉन की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ ने कहा कि कंपनी अब रणनीतिक निवेश को टिकाऊ ग्रोथ में बदलने पर फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि बायोसिमिलर के लिए बेहतर नीति माहौल और अमेरिका में बढ़ी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता से लंबी अवधि की ग्रोथ को मजबूती मिलेगी।

बायोकॉन के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले बुधवार को बायोकॉन का शेयर 0.76% की बढ़त के साथ 425.20 रुपये पर बंद हुआ। साल 2026 में अब तक यह करीब 10% चढ़ चुका है। वहीं, पिछले एक साल में इसने 14% से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Som Pradosh Vrat 2026 Date: वज्र योग और आर्द्रा नक्षत्र में इस दिन किया जाएगा सावन का पहला प्रदोष व्रत, पूजा के लिए मिलेगा 2 घंटे का समय

Som Pradosh Vrat 2026 Date: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष स्थान है। यह व्रत हिंदू कैलेंडर के हर माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। यह तिथि भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इसमें प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद के पूजा करने का विधान है। हर माह में दो बार आने वाले इस व्रत का नाम उस दिन से तय होता है, जिस दिन त्रयोदशी तिथि पड़ती है। जैसे सोमवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने पर इस व्रत का नाम सोम प्रदोष व्रत होता है और शनिवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने पर इसे शनि प्रदोष व्रत कहते हैं।

यूं तो पूरा सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है, लेकिन सावन के प्रदोष व्रत का विशेष स्थान है। सावन माह में हर दिन शिव पूजा के लिए अच्छा होता है, लेकिन सावन में प्रदोष व्रत विशेष फलदायी होता है। पंचांग के अनुसार, सावन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सोमवार के दिन पड़ रही है, इसलिए इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जा रहा है। सावन के पहले प्रदोष व्रत के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त 2 घंटे तक है। इस समय में जलाभिषेक और पूजा विधि विधान से करना शुभ फलदायी होगा।

सावन प्रदोष व्रत 2026 तारीख

पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 10 अगस्त को सुबह 08:00 बजे से शुरू होगी। इस तिथि का समापन 11 अगस्त को प्रात: 04 बजकर 54 मिनट पर होगा। ऐसे में सावन का पहला प्रदोष व्रत या सोम प्रदोष व्रत 10 अगस्त को किया जाएगा।

सोम प्रदोष व्रत 2026 मुहूर्त

सोम प्रदोष व्रत के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त दो घंटे का है, शाम को 07 बजकर 05 मिनट से है और यह रात 09 बजकर 14 मिनट तक। इस समय में पूजा करना शुभ फलदायी होता है।

ब्रह्म मुहूर्त : प्रात:काल 04:22 बजे से प्रात: 05:05 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक

राहुकाल : सुबह 07:27 बजे से सुबह 09:07 बजे तक

वज्र योग और आर्द्रा नक्षत्र में सोम प्रदोष

सावन के पहले प्रदोष व्रत यानी सोम प्रदोष व्रत के दिन वज्र योग और आर्द्रा नक्षत्र लग रहा है। प्रदोष पर वज्र योग प्रात:काल से लेकर रात 10 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, उसके बाद से सिद्धि योग बनेगा, जो अगले दिन सुबह तक रहेगा। वहीं, उस दिन आर्द्रा नक्षत्र सुबह से लेकर दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक है, उसके बाद से पुनर्वसु नक्षत्र है।

त्रयोदशी तिथि के बाद भद्रा

त्रयोदशी तिथि के समापन के बाद यानि 11 अगस्त को प्रात: 04 बजकर 54 मिनट भद्रा का प्रारंभ होगा, जो प्रात: 05 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। इस भद्रा का वास धरती पर है, इस वजह से भद्रा में कोई शुभ काम न करें।

सोम प्रदोष व्रत का महत्व

सोम प्रदोष व्रत में शिव पूजा करने से सुख, समृद्धि, मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। कुंडली का चंद्र दोष भी दूर होता है। वैवाहिक जीवन सुखमय होता है, सेहत ठीक रहती है।

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HDFC Bank AGM: आने वाली तिमाहियों में HDFC बैंक के CASA और NIM सुधरेंगे : चेयरमैन राजीव कुमार

HDFC Bank AGM: देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन राजीव कुमार ने कहा कि बैंक की कॉरपोरेट गवर्नेंस मजबूत है। इसे आगे और सशक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाली कुछ तिमाहियों में CASA (करंट अकाउंट-सेविंग अकाउंट) रेशियो और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार होगा।

मर्जर से बैलेंस शीट का स्ट्रक्चर बदला

राजीव कुमार ने कहा कि HDFC लिमिटेड के मर्जर के बाद बैंक की बैलेंस शीट के स्ट्रक्चर में बदलाव आया है। इसका सबसे ज्यादा असर CASA रेशियो और NIM पर पड़ा।

उन्होंने कहा, ‘हम डिपॉजिट मार्केट में अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रहे हैं। साथ ही कंजम्प्शन आधारित कारोबार पर फोकस बढ़ा रहे हैं। हमें भरोसा है कि अगले 2-3 वर्षों में CASA और NIM दोनों में सुधार होगा।’

पहली बार AGM में किया संबोधन

राजीव कुमार ने 5 अगस्त को बैंक की 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) को संबोधित किया। यह उनका चेयरमैन के तौर पर पहला संबोधन था।

उन्होंने कहा कि बैंक की कार्यसंस्कृति मजबूत है। आंतरिक नियंत्रण प्रणाली भी मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘हम अपने शेयरधारकों, ग्राहकों और सभी हितधारकों के भरोसे की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। बैंक के कामकाज का तरीका और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली मजबूत है। इसे आगे और सशक्त बनाया जाएगा।’

पूर्व चेयरमैन के इस्तीफे के बाद आया बयान

राजीव कुमार का यह बयान अहम माना जा रहा है। मार्च में तत्कालीन पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने नैतिक मूल्यों में मतभेद की बात कही थी। इसके बाद स्वतंत्र कानूनी जांच कराई गई। जून में आई रिपोर्ट में किसी तरह की गवर्नेंस या नैतिक चूक के सबूत नहीं मिले।

CEO के तीसरे कार्यकाल पर चुप्पी

राजीव कुमार ने कहा कि बोर्ड में नई नियुक्तियां सिर्फ मेरिट के आधार पर होंगी। उन्होंने कहा कि योग्यता, ईमानदारी और पेशेवर उत्कृष्टता को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

हाल के महीनों में MD और CEO शशिधर जगदीशन के तीसरे कार्यकाल को लेकर चर्चा रही है। हालांकि, राजीव कुमार ने अपने संबोधन में इस मुद्दे का जिक्र नहीं किया।

 

डिपॉजिट ग्रोथ रही मजबूत

राजीव कुमार ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में HDFC बैंक के डिपॉजिट में 14.4% की बढ़ोतरी हुई। यह पूरे बैंकिंग सिस्टम की 11.5% वृद्धि से बेहतर रही। वहीं, इसी अवधि में बैंक के एडवांस (लोन) 12.1% बढ़े।

राजीव कुमार ने कहा कि HDFC बैंक से पहली बार होम लोन लेने वाले 95% से ज्यादा ग्राहक बैंक में सेविंग अकाउंट भी खोल रहे हैं। इससे मर्जर के बाद क्रॉस-सेलिंग के अवसर बढ़े हैं।

HDFC बैंक के शेयरों का हाल

HDFC बैंक के शेयर बुधवार को 0.99% की गिरावट के साथ 734.65 रुपये पर बंद हुए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 11.47% गिरा है। वही, 1 साल के दौरान 25.70% टूटा है। पिछले 5 साल का रिटर्न भी 1.56% नेगेटिव हो गया है। बैंक का मार्केट कैप 5.65 लाख करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

8वीं के छात्र ने पढ़ाई के बहाने लिया फोन और उड़ा दिए 42K, कहानी जानकर हर कोई रह गया हैरान

पढ़ाई के लिए बच्चों का माता-पिता का मोबाइल इस्तेमाल करना आम बात है। लेकिन एक परिवार के साथ ऐसा मामला सामने आया जिसने सभी को हैरान कर दिया। आठवीं कक्षा के छात्र ने पढ़ाई करने की बजाय Roblox गेम में 42 हजार रुपये से ज्यादा खर्च कर दिए। जब परिवार को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों से मदद मांगी। सोशल मीडिया पर अब ये मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल व ऑनलाइन पेमेंट की सुरक्षा को लेकर अपनी राय दे रहे हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट

ये मामला Reddit पर सामने आने के बाद तेजी से वायरल हो गया। इस घटना ने बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल, सेव किए गए पेमेंट विकल्प और इन-ऐप खरीदारी की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी। लड़के के भाई ने Reddit के r/RobloxSupport कम्युनिटी में “Brother spent ₹42K on Roblox without permission” टाइटल से पोस्ट शेयर किया। उसके अनुसार, छात्र ने पढ़ाई करने के बहाने अपने पिता का फोन लिया था। लेकिन पढ़ाई की जगह उसने Roblox गेम में लॉग इन कर Robux खरीदने पर हजारों रुपये खर्च कर दिए। परिवार को इस बात की जानकारी तब हुई, जब सभी ट्रांजैक्शन पूरे हो चुके थे।

खर्च कर दिए 42,000 रुपये

पोस्ट में यूजर ने लिखा, “मैं इस समय एक बड़ी परेशानी में हूं। कल मेरा छोटा भाई, जो आठवीं कक्षा में पढ़ता है, पढ़ाई के लिए पापा का फोन लेकर गया था। लेकिन उसने Roblox खेलना शुरू कर दिया और गलती से Robux खरीदने में करीब 42,000 रुपये खर्च कर दिए। अब वह लगभग सभी Robux इस्तेमाल कर चुका है और उसके अकाउंट में सिर्फ करीब 100 Robux ही बचे हैं।” परिवार के लिए ये सिर्फ गेम पर पैसे खर्च होने का मामला नहीं था, क्योंकि उस समय उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी।

भाई ने मांगी सलाह

इसी वजह से ये घटना उनके लिए और भी बड़ी परेशानी बन गई। इसके बाद छात्र के भाई ने सोशल मीडिया पर लोगों से सलाह मांगी कि क्या इन खरीदारी को रद्द कराया जा सकता है या खर्च हुए पैसे वापस मिलने की कोई संभावना है। अपनी पोस्ट में यूजर ने लिखा, “कृपया कोई मेरी मदद करें। क्या ऐसा कोई तरीका है, जिससे हमारे पैसे वापस मिल सकें? हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही अच्छी नहीं है। मेरे पापा के पास लोन चुकाने और मेरे भाई की स्कूल फीस भरने तक के पैसे नहीं हैं।” यूजर ने बताया कि इस अचानक हुए खर्च ने परिवार की आर्थिक परेशानी और बढ़ा दी है।

अपने दावे के समर्थन में यूजर ने खरीदारी का एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। इसमें करीब 2,000 रुपये के कई ट्रांजैक्शन दिखाई दे रहे थे, जिनका कुल खर्च 42,647 रुपये बताया गया।

लोगों ने दी ये सलाह

पोस्ट वायरल होने के बाद Reddit पर लोगों ने कई तरह की सलाह दी। कुछ यूजर्स ने परिवार की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताई, जबकि कई लोगों ने कहा कि बच्चों की पहुंच वाले फोन में पेमेंट डिटेल्स सेव रखना जोखिम भरा हो सकता है। एक यूजर ने लिखा, “अपने बैंक से संपर्क करें और इन ट्रांजैक्शन के लिए चार्जबैक की मांग करें। हो सकता है आपके भाई का Roblox अकाउंट बंद हो जाए, लेकिन इससे उसे बिना अनुमति किसी और के पैसे इस्तेमाल न करने की सीख मिलेगी।”

एक अन्य यूज़र ने लिखा, “यह घटना बच्चों को पैसों की अहमियत समझाने का मौका है। साथ ही माता-पिता को भी अपने कार्ड या पेमेंट डिटेल्स ऐसे डिवाइस में सेव नहीं रखनी चाहिए, जिन्हें बच्चे आसानी से इस्तेमाल कर सकें।” वहीं एक और यूजर ने सलाह दी, “Roblox सपोर्ट से संपर्क करें। हालांकि, ऐसा करने पर आपके भाई का अकाउंट बैन भी हो सकता है।”

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

Janmashtami Date 2026: 4 या 5 सितंबर, कब मनाया जाएगा जन्माष्टमी का पर्व? जानें सही तारीख और निशिथ काल पूजा मुहूर्त

Janmashtami Date 2026: जन्माष्टमी का पर्व हिंदू धर्म के कई प्रमुख व्रत और त्योहारों में से एक माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण ने वासुदेव और देवकी के पुत्र के रूप में जन्म लिया था। इस दिन को पूरी दुनिया में मौजूद कृष्ण भक्त बहुत धूमधाम से मनाते हैं। कृष्ण भक्त बेसब्री से इस पर्व के आने का इंतजार करते हैं। इस दिन देशभर में खास उत्साह देखने को मिलता है। जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना होती है और 56 भोग लगाए जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, लड्डू गोपाल की पूजा और व्रत करने से साधक के जीवन में खुशियों का आगमन होता है। साथ ही सुख-सृमद्धि में वृद्धि होती है। इस अवसर पर घरों और मंदिरो में लड्डू गोपाल की झांकियां निकाली जाती हैं और भजन-कीर्तन किया जाता है। आइए जानें इस साल कृष्ण जन्माष्टमी पर्व की सही तारीख क्या है और इस दिन निशिथ काल पूजा मूहूर्त क्या है?

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026 तारीख और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, इस साल भाद्रपद अष्टमी तिथि का प्रारंभ 4 सितंबर 2026, मध्यरात्रि 02:25 बजे से होगा। वहीं, अष्टमी तिथि का समापन 5 सितंबर 2026, रात 12:13 बजे होगा। उदयातिथि के अनुसार, इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा।

रोहिणी नक्षत्र समय

रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ : 4 सितंबर 2026, रात 12:29 बजे

रोहिणी नक्षत्र समाप्त : 4 सितंबर 2026, रात 11:04 बजे

जन्माष्टमी का निशिथ काल शुभ मुहूर्त

भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मध्यरात्रि में मनाया जाता है :

निशिथ काल मुहूर्त : 4 सितंबर 2026, रात 11:57 बजे से 5 सितंबर 2026, रात 12:43 बजे तक

पूजा अवधि : 45 मिनट

मध्यरात्रि का मुख्य क्षण : रात 12:20 बजे (5 सितंबर)

व्रत पारण का समय

शास्त्रानुसार पारण : 5 सितंबर 2026, सुबह 06:01 बजे के बाद

तत्काल/जन्मोत्सव के बाद पारण : 5 सितंबर 2026, मध्यरात्रि 12:43 बजे के बाद (पूजा संपन्न होने पर)

जन्माष्टमी व्रत के नियम

  • व्रत के दिन प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान श्रीकृष्ण के समक्ष व्रत का संकल्प लें।
  • दिनभर फलाहार अथवा निर्जल व्रत रखें, जैसा भक्त की शक्ति एवं परंपरा हो।
  • दिनभर भगवान श्रीकृष्ण के भजन-कीर्तन, मंत्र जाप एवं श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करें।
  • निशिता काल में विधिवत पूजा करने के पश्चात ही व्रत का पारण करें।
  • व्रत के दौरान क्रोध, वाद-विवाद और तामसिक विचारों से दूर रहें, तथा मन को सात्विक बनाए रखें।

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Air India new CEO: टाटा ग्रुप की एयर इंडिया को नया CEO मिला, अब टेवोल्डे गेबरमरियम संभालेंगे कमान

Air India new CEO: टाटा ग्रुप की एयरलाइन एयर इंडिया ने टेवोल्डे गेबरमरियम (Tewolde Gebremariam) को नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नियुक्त किया है। वह कैंपबेल विल्सन की जगह लेंगे। कंपनी ने 5 अगस्त को इसकी आधिकारिक घोषणा की।

एयर इंडिया ने बयान में कहा कि यह बदलाव कंपनी के ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम का अहम हिस्सा है। इसका मकसद एयर इंडिया को वर्ल्ड क्लास दिग्गज एयरलाइन बनाना है।

बोर्ड ने किया व्यापक चयन

एयर इंडिया के बोर्ड ने बताया कि नए CEO के चयन के लिए व्यापक प्रक्रिया अपनाई गई। दुनिया भर के आंतरिक और बाहरी उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया गया। सभी विकल्पों पर विचार करने के बाद बोर्ड ने सर्वसम्मति से टेवोल्डे गेबरमरियम के नाम पर मुहर लगाई।

कंपनी के अनुसार, उनके पास मजबूत नेतृत्व क्षमता है। साथ ही ऑपरेशनल मैनेजमेंट और स्ट्रैटजी को लागू करने का लंबा तजुर्बा भी है। यही वजह है कि उन्हें एयर इंडिया के अगले ग्रोथ स्टेज के लिए सबसे काबिल उम्मीदवार माना गया।

कौन हैं एयर इंडिया के नए CEO टेवोल्डे गेबरमरियम?

इथियोपिया के टेवोल्डे गेबरमरियम (Tewolde Gebremariam) एविएशन इंडस्ट्री के सबसे काबिल वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं। टेवोल्डे ने अदीस अबाबा यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में स्नातक और ब्रिटेन की ओपन यूनिवर्सिटी से MBA किया है। वह इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स समेत कई वैश्विक एविएशन संस्थाओं से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने 1985 में इथियोपियन एयरलाइंस से अपने विमानन करियर की शुरुआत की थी।

टेवोल्डे ने इथियोपियन एयरलाइंस में ट्रैफिक ऑफिसर के रूप में काम शुरू किया। इसके बाद कार्गो, मार्केटिंग, सेल्स और ऑपरेशंस समेत कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। 2006 में उन्हें चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) बनाया गया। 2011 में वह इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के CEO बने।

उनके कार्यकाल में चार गुना बढ़ी रेवेन्यू

CEO के रूप में टेवोल्डे गेबरमरियम के नेतृत्व में इथियोपियन एयरलाइंस ने रिकॉर्ड विस्तार किया। कंपनी की रेवेन्यू 1 अरब डॉलर से बढ़कर 4.5 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गई। एयरलाइन का फ्लीट 33 विमानों से बढ़कर करीब 130 विमान हो गया। वहीं, यात्रियों की संख्या 30 लाख से बढ़कर 1.2 करोड़ तक पहुंच गई। इसी दौरान इथियोपियन एयरलाइंस अफ्रीका की सबसे बड़ी और सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली एयरलाइन बन गई।

एयर इंडिया मैनेजमेंट ने क्या कहा

टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा, “कैंपबेल विल्सन के नेतृत्व में एयर इंडिया ने बदलाव के शुरुआती दौर का बड़ा काम पूरा कर लिया है। अब कंपनी तेजी से विस्तार और योजनाओं को जमीन पर उतारने के अगले चरण में प्रवेश कर रही है।”

उन्होंने कहा कि टेवोल्डे गेबरमरियम ने दुनिया की सबसे सफल और सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली एयरलाइन कंपनियों में से एक को आगे बढ़ाया है। उनके अनुभव और नेतृत्व पर हमें पूरा भरोसा है कि वह एयर इंडिया को विकास की अगली ऊंचाई तक ले जाएंगे।

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RAC यात्रियों के लिए खुशखबरी! अब AC कोच में मिलेगी पूरी बेडरोल किट, रेलवे ने जारी किया निर्देश

ट्रेन के एसी कोच में RAC टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेल मंत्रालय ने एसी कोच में RAC (रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसलेशन) टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों को लेकर नया निर्देश जारी किया है। मंत्रालय ने सभी रेलवे जोन से कहा कि, RAC टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों को भी यात्रा के दौरान पूरी बेडरोल किट, यानी चादर, कंबल और तकिया समेत सभी जरूरी सामान उपलब्ध कराया जाए। ये फैसला लगातार मिल रही शिकायतों के बाद दोबारा स्पष्ट किया गया है, ताकि RAC यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

रेल मंत्रालय ने बताया कि, उसे लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि RAC टिकट पर सफर करने वाले कई यात्रियों को चादर, कंबल और तकिया जैसी बेडरोल सुविधाएं नहीं मिल रही हैं या पूरी किट उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। RAC में दो यात्रियों को एक ही बर्थ पर यात्रा करनी पड़ती है, जब तक उन्हें कन्फर्म बर्थ नहीं मिल जाती।

RAC यात्रियों को मिले बेडरोल

रेल मंत्रालय ने साफ किया कि, एसी चेयर कार को छोड़कर सभी एसी कोच में RAC टिकट पर सफर करने वाले हर यात्री को भी अन्य कन्फर्म यात्रियों की तरह पूरी बेडरोल किट दी जाए। मंत्रालय ने सभी रेलवे जोन को निर्देश दिया कि, इस नियम का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को असुविधा का सामना न करना पड़े। अधिकारियों को निर्देश दिया कि, मौजूदा नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए। मंत्रालय ने कहा कि, एसी कोच में यात्रा करने वाले सभी पात्र RAC यात्रियों को बिना किसी भेदभाव के चादर, कंबल और अन्य बेडरोल का सामान उपलब्ध कराया जाए, ताकि सभी को समान सुविधा मिल सके।

बेड ना मिलने पर किससे करे शिकायत

रेलवे का कहा कि, नए निर्देशों का उद्देश्य ये सुनिश्चित करना कि RAC यात्रियों को भी यात्रा के दौरान पूरी बेडरोल सुविधा मिले और उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। अगर RAC टिकट पर एसी कोच में सफर के दौरान आपको चादर, कंबल या तकिया नहीं मिलता है, तो सबसे पहले कोच अटेंडेंट या टीटीई से इसकी मांग करें। यदि इसके बाद भी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती, तो आप रेलवे के शिकायत पोर्टल या हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।