दुनिया इस समय बेहद ताकतवर अल नीनो का सामना कर रही है। प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र का तापमान सामान्य से 3.4°C ज्यादा पहुंच गया है। यह 1950 के बाद का सबसे मजबूत अल नीनो बताया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञ इसे ‘सुपर-डुपर अल नीनो’ कह रहे हैं। इससे दुनिया के कई हिस्सों में ज्यादा गर्मी, सूखा या भारी बारिश हो सकती है। शिकागो यूनिवर्सिटी के क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब के शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस अल नीनो से जून 2026 से फरवरी 2027 के बीच दुनियाभर में करीब 4.51 लाख अतिरिक्त मौतें हो सकती हैं। ज्यादा गर्मी से हीट स्ट्रोक और दूसरी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। वहीं बारिश का पैटर्न बिगड़ने से कहीं पानी की कमी तो कहीं बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। नक्शे में धरती का ज्यादातर हिस्सा लाल दिखा मौसम विज्ञानी रयान माउ ने पूरी दुनिया का एक जलवायु नक्शा सोशल मीडिया पर शेयर किया है। इसमें धरती का बड़ा हिस्सा लाल रंग में दिखाई दे रहा है, जो सामान्य से ज्यादा गर्म परिस्थितियों को दिखाता है। माउ के मुताबिक, अल नीनो सर्दियों में भी ‘अधिकतम ताकत’ के साथ बना रह सकता है। उन्होंने इसके फरवरी 2027 तक जारी रहने के WMO के अनुमान से भी सहमति जताई है। WMO ने जलवायु परिवर्तन को लेकर चेताया संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के मुताबिक, 2026 के आखिरी महीनों में दुनिया के बड़े हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ऊपर रहने की बहुत ज्यादा संभावना है। जलवायु वैज्ञानिक जीक हाउसफादर ने कहा कि इस साल का अल नीनो ऐसे स्तर की ओर बढ़ रहा है, जो पहले दर्ज नहीं किया गया। वहीं मौसम विशेषज्ञ लियोन सिमंस ने इसे ‘सुपर-डुपर अल नीनो’ कहा है। अल नीनो क्या है अल नीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) दुनिया के मौसम को प्रभावित करने वाला प्राकृतिक जलवायु चक्र है। अल नीनो इसका गर्म चरण है। इसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से का समुद्री पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है। इस बदलाव का असर प्रशांत क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तापमान और बारिश का पैटर्न बदल सकता है। कहीं सूखे की स्थिति बन सकती है तो कहीं सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है। अल नीनो आमतौर पर 2 से 7 साल के अंतराल पर आता है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… लखनऊ के मॉल में पानी घुसा, फर्रुखाबाद में ओले गिरे:यूपी के 42 जिलों में बारिश का अलर्ट; छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बिजली गिरने से 3 मौतें उत्तराखंड, हिमाचल, मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ और झारखंड के आसपास बने ऊपरी हवा के साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण कई क्षेत्रों में बनी ट्रफ के कारण मौसम एक बार फिर बदल गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दिल्ली उच्च न्यायालय में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से दिल्ली पुलिस के इनकार करने को चुनौती देने वाली युवा कांग्रेस की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है।
युवा कांग्रेस ने बताया कि संगठन के वरिष्ठ अधिवक्ता संजय घोष ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे की पीठ के समक्ष याचिका का उल्लेख किया था। न्यायालय ने इसके बाद मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। युवा संगठन ने उम्मीद जताई है कि मामले पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।
Also Read : धनंजय डी सिल्वा ने श्रीलंका टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ी
याचिका युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के माध्यम से संगठन के लीगल सेल के चेयरमैन अधिवक्ता रूपेश सिंह भदौरिया ने दायर की है। इसमें दिल्ली पुलिस के एक अक्टूबर के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें 25 सितंबर को प्रस्तावित 100 से 150 लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया गया था।
युवा कांग्रेस ने कहा कि उसने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा, यातायात, अनुशासन और कानून-व्यवस्था से जुड़ी सभी शर्तों का पालन करने का आश्वासन दिया था। याचिका के अनुसार शांतिपूर्ण सभा और अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकार को प्रशासनिक विवेक के आधार पर मनमाने ढंग से प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता। युवा कांग्रेस ने कहा है कि ऐसे प्रतिबंध वैधानिक, आवश्यक और आनुपातिक होने चाहिए।
Pic Credit : UNI

Weather Alert Today: एक तरफ देश के बड़े हिस्से से मानसून विदाई ले चुका है, दूसरी ओर कई स्थानों पर बारिश का दौर अब भी जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार (8 अक्टूबर 2026) के लिए देश के कई हिस्सों में मौसम में अचानक बदलाव की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और बंगाल की खाड़ी तथा ओडिशा तट के आसपास सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण के प्रभाव से अगले कुछ घंटों में मौसम करवट ले सकता है। यूपी और बिहार में अब भी कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात हैं।
कई रिपोर्ट्स में अगले 8-13 घंटों में बारिश और आंधी की गतिविधि बढ़ने का अनुमान जताया गया है। यूपी और बिहार समेत दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल और कुछ अन्य राज्यों में आंधी-तूफान, गरज-चमक, बिजली गिरने तथा हल्की से मध्यम या कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
यूपी में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश में लगभग 42 जिलों में थंडरस्टॉर्म और बारिश का अलर्ट है। पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, बहराइच, अयोध्या, प्रयागराज, सुल्तानपुर, वाराणसी, मीरजापुर, सोनभद्र, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर समेत कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। राज्य में बाढ़ प्रभावित कुछ इलाकों में गोमती नदी का जल स्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन अतिरिक्त बारिश से जलजमाव बढ़ सकता है।
बिहार में येलो अलर्ट
बिहार में IMD पटना केंद्र ने आज थंडरस्टॉर्म और लाइटनिंग का येलो अलर्ट जारी किया है। कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज, सहरसा, कैमूर, बक्सर, औरंगाबाद, पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर समेत लगभग 26 जिलों में गरज-चमक, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। उत्तर-पश्चिम बिहार के चंपारण क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। राज्य में पहले से बाढ़ प्रभावित लगभग 466 गांव और करीब आठ लाख लोग प्रभावित हैं। अतिरिक्त बारिश से स्थिति और बिगड़ने का खतरा है।
कहीं तेज हवाएं, कहीं बारिश और बर्फबारी संभव
दूसरी ओर, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब में थंडरस्टॉर्म और हल्की बारिश की संभावना है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी तथा भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। पश्चिम बंगाल (सब-हिमालयन क्षेत्र) और सिक्किम में कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट है। दक्षिण में तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा में भी आंधी-बारिश की गतिविधि रहेगी। हवा की रफ्तार कुछ क्षेत्रों में 40-50 किमी प्रति घंटे या उससे अधिक पहुंच सकती है।
हालांकि मानसून की वापसी की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवातीय परिसंचरण के कारण इसकी विदाई में देरी हो रही है। यह अस्थिर मौसम 10-12 अक्टूबर तक कुछ क्षेत्रों में बना रह सकता है। इसके बाद तापमान में गिरावट आएगी और ठंडक बढ़ेगी।

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने इस सप्ताह की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की ओर से 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी की दौड़ में शामिल शहरों और देशों के नामों की घोषणा का स्वागत किया है। हालांकि भारत को अगर मेजबानी पानी है तो जर्मनी, कतर तुर्किए, हंगरी, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों से अपना प्रेजेंटेशन बेहतर बनाना होगा।
गुजरात के अहमदाबाद को केंद्र में रखते हुए भारत की ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी की योजना पिछले 18 महीनों में आईओसी के साथ हुई सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत के माध्यम से तैयार की गई है।
भारत का विजन ‘Rising Together’ इस विचार को उजागर करता है कि 2036 आपसी तरक्की का एक बड़ा मौका हो सकता है। इस दौरान, खेलों के माध्यम से भारत में हो रहा बदलाव और ओलंपिक का भविष्य, खेलों की मेजबानी के जरिए एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। भारत के लिए ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी खेलों को देश की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम् हिस्सा बनाने का बड़ा मौका होगी। यह प्रोजेक्ट देश में खेलों से जुड़े बड़े बदलाव को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।
इसका उद्देश्य लाखों युवाओं को सिर्फ खेल देखने के बजाय खुद खेलों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करना, लोगों को ज्यादा स्वस्थ और एक्टिव जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना और खेलों को शिक्षा व करियर के अवसरों से जोड़ना है। भारत में खेलों की मेजबानी का उद्देश्य सिर्फ एकवैश्विक प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं है। इसके माध्यम से खेलों को लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का और गहरा हिस्सा बनाने के साथ ही भारत की ऊर्जा, युवा शक्ति और समाज को बदलने में खेलों की ताकत पर उसके भरोसे को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

ओलंपिक के लिए वर्ष 2036 में भारत में खेलों की मेजबानी एक नए दौर में जाने का मौका होगी। इससे ओलंपिक और पैरालंपिक अभियान का जुड़ाव दुनिया की सबसे युवा, तेजी से आगे बढ़ रही और डिजिटल रूप से जुड़ी आबादी वाले देशों में से एक से होगा। इससे खेलों से जुड़ी कई नई संभावनाएँ सामने आएँगी। एक अरब से ज्यादा लोगों तक खेलों की पहुँच होगी और ओलंपिक परिवार से नए खिलाड़ी, नए दर्शक और नए पार्टनर जुड़ सकेंगे।
भारत और ओलंपिक अभियान जब एक साथ, एक साझा उद्देश्य के साथ आगे बढ़ेंगे, तो यह उनके इतिहास का एक खास मौका होगा। यह भारत के रंगों, संस्कृति और जीवन का उत्सव होगा और देश की अनोखी सांस्कृतिक विविधता को दुनिया के सामने लाएगा।
भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी. टी. उषा ने कहा, “वर्ष 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों को लेकर भारत के विजन और उम्मीदों को आईओसी से मिली पहचान हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है। हमें इस बात पर भी गर्व है कि हम भविष्य में होने वाले खेलों के संभावित मेजबानों के एक खास समूह का हिस्सा हैं।
हमारे लिए ‘Rising Together’ सिर्फ एक स्लोगन नहीं है। यह भारत की ऊर्जा, महत्वाकांक्षा और विविधता को एक साझा ओलंपिक सपने से जोड़ने की हमारी प्रतिबद्धता है। वर्ष 2036 के लिए अपना विजन तैयार करते हुए हम ऐसे खेलों की मेजबानी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो एक युवा, गतिशील और तेजी से आगे बढ़ रहे भारत की झलक पेश करें। साथ ही, इससे ओलंपिक और पैरालंपिक मूवमेंट को दुनिया भर में नई पीढ़ियों, नए समुदायों और नई जगहों तक पहुँचने में भी मदद मिले।”
उन्होंने कहा, “यदि हम अपने खिलाड़ियों, लोगों, शहरों और ओलंपिक व पैरालंपिक मूवमेंट के साथ मिलकर आगे बढ़ें, तो संभावनाएं बहुत बड़ी हैं। और जब भारत आगे बढ़े, तो हम चाहते हैं कि दुनिया भी हमारे साथ आगे बढ़े। हम IOC के साथ अपनी बातचीत जारी रखने और नवंबर के अंत में पहली बार फ्यूचर होस्ट कमीशन के सामने अपनी योजना रखने को लेकर उत्साहित हैं।”
भारत सरकार में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, “वर्ष 2036 के लिए भारत की सोच एक सरल विचार पर आधारित है कि खेल हमारे देश के भविष्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी लाखों युवा भारतीयों को खेलों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करेगी। इससे स्वस्थ और ज्यादा सक्रीय समुदाय बनाने में मदद मिलेगी और युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास के नए अवसर भी बढ़ेंगे। भारत में खेलों की मेजबानी से देश के हर हिस्से में खेलों को लेकर बदलाव को और गति दी जा सकती है। इसके साथ ही, दुनिया के सबसे तेजी से आगे बढ़ रहे देशों में से एक में ओलंपिक मूवमेंट के लिए एक नया अध्याय शुरू कर सकते हैं।”
LPG Price 8 October: एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में होने वाला छोटा सा बदलाव भी हर महीने के घरेलू बजट को प्रभावित करता है। खासकर त्योहारों और बढ़ती महंगाई के बीच लोगों की नजर गैस के दाम पर बनी रहती है। एलपीजी के दाम शहर और क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं। वहीं घरेलू सिलेंडर के साथ कमर्शियल एलपीजी की कीमतों पर भी नजर रखना जरूरी है, क्योंकि होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे कारोबार में इसका बड़े स्तर पर इस्तेमाल होता है।
आइए जानते हैं अलग-अलग शहरों में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के मौजूदा दाम कितने हैं। इससे आप अपने शहर का सही रेट आसानी से जान सकेंगे और सिलेंडर बुक करते समय कीमत को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
कितना बदले आज एलपीजी के दाम
8 अक्टूबर को देश के बड़े शहरों में घरेलू एलपीजी की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम पहले जैसे ही हैं, जिससे लोगों को राहत मिली है। लेकिन, अक्टूबर की शुरुआत में महंगे हुए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम अभी भी बढ़े हुए हैं।
कहां पर सबसे मंहगा है सिलेंडर
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बात करें तो दिए गए शहरों में सबसे सस्ता सिलेंडर नोएडा में ₹939.50 का है, जबकि सबसे महंगा हैदराबाद में ₹994 का मिल रहा है। वहीं, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर में सबसे कम कीमत मुंबई में ₹2,764.50 है, जबकि सबसे ज्यादा कीमत हैदराबाद में ₹3,065 दर्ज की गई है। देखें पूरे शहर की लिस्ट
8 अक्टूबर को 14.2 किलोग्राम LPG सिलेंडर के रेट
शहर कीमत
- दिल्ली ₹942
- बेंगलुरु ₹944.50
- हैदराबाद ₹994
- मुंबई ₹941.50
- चेन्नई ₹957.50
- कोलकाता ₹968
- जयपुर ₹945.50
- नोएडा ₹939.50
- गुरुग्राम ₹950.50
- चंडीगढ़ ₹951.50
8 अक्टूबर को 19 किलोग्राम कमर्शियल LPG सिलेंडर के रेट
शहर कीमत
- दिल्ली ₹2,810
- बेंगलुरु ₹2,898
- हैदराबाद ₹3,065
- मुंबई ₹2,764.50
- चेन्नई ₹2,983
- कोलकाता ₹2,954
- जयपुर ₹2,839
- नोएडा ₹2,810
- गुरुग्राम ₹2,828
- चंडीगढ़ ₹2,833
घर बैठे ऐसे बुक करें अपना गैस सिलेंडर
अगर सिलेंडर खत्म होने वाला है और आपको नया रिफिल बुक करना है, तो इसके लिए गैस एजेंसी के दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है। अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से संबंधित गैस कंपनी के जरिए आसानी से बुकिंग की जा सकती है। इंडेन गैस के ग्राहक बताए गए नंबर 8454955 पर कॉल करके बुकिंग कर सकते हैं।
वॉशिंगटन: अमेरिका में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को बड़ा झटका लग सकता है। ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों के लिए काम से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण (OPT) के तहत काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए 70,000 डॉलर की फीस प्रस्तावित की है। हालांकि, यह शुल्क सीधे छात्रों से नहीं, बल्कि उन संस्थानों से लिया जाना प्रस्तावित है जो छात्रों के OPT की सिफारिश करते हैं।
पहली बार OPT के लिए 70,000 डॉलर, नवीनीकरण पर 30,000 डॉलर
प्रस्ताव के तहत किसी एफ-1 वीजा वाले छात्र के लिए पहली बार OPT की सिफारिश करने पर संबंधित संस्थान को 70,000 डॉलर का शुल्क देना होगा। इसके बाद OPT के प्रत्येक नवीनीकरण या अगली सिफारिश पर 30,000 डॉलर का शुल्क प्रस्तावित है। फिलहाल OPT आवेदन की फीस इससे काफी कम है।
क्या है OPT?
OPT एक ऐसा कार्यक्रम है जिसके तहत एफ-1 वीजा पर अमेरिका में पढ़ने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अपनी पढ़ाई से जुड़े क्षेत्र में काम करने का मौका मिलता है। सामान्य तौर पर छात्र स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक साल तक काम कर सकते हैं, जबकि पात्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) की डिग्री वाले छात्रों को अतिरिक्त दो साल का OPT मिल सकता है।
DHS ने क्यों लिया यह फैसला?
DHS का कहना है कि प्रस्तावित शुल्क का उद्देश्य वीजा कार्यक्रम में धोखाधड़ी और दुरुपयोग को रोकना, आव्रजन व्यवस्था की निगरानी मजबूत करना और अमेरिकी कर्मचारियों की सुरक्षा करना है। विभाग ने OPT को कम लागत वाली विदेशी श्रम व्यवस्था के रूप में इस्तेमाल किए जाने की चिंताओं का भी उल्लेख किया है।
भारतीय छात्रों पर भी पड़ सकता है असर
अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित जैसे क्षेत्रों में पढ़ाई करते हैं। ऐसे में अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो विश्वविद्यालयों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों से जुड़े रोजगार पर इसका असर पड़ सकता है। उच्च शिक्षा से जुड़े संगठनों ने भी आशंका जताई है कि इतनी बड़ी फीस से अमेरिका में पढ़ाई और पढ़ाई के बाद नौकरी करने के लिए आने वाले विदेशी छात्रों की संख्या प्रभावित हो सकती है।
अभी लागू नहीं हुआ है प्रस्ताव
यह शुल्क अभी लागू नहीं हुआ है। प्रस्ताव पर जनता से टिप्पणियां मांगी जाएंगी और इसके बाद DHS अंतिम फैसला लेगा। प्रस्ताव को कानूनी चुनौती मिलने की संभावना भी जताई गई है।
अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है, तो अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करने की योजना बना रहे भारतीय समेत विदेशी छात्रों और उन्हें OPT के जरिए काम पर रखने वाले संस्थानों के लिए यह बड़ा बदलाव होगा। इससे छात्रों की पढ़ाई के बाद अमेरिका में नौकरी पाने की प्रक्रिया और उससे जुड़ी लागत पर असर पड़ सकता है।
Nana Patekar Death: नाना पाटेकर को आपने पर्दे पर पुलिस अफसर, गैंगस्टर, सैनिक और आम आदमी जैसे तमाम किरदारों में देखा होगा। लेकिन उनकी जिंदगी का एक ऐसा अध्याय भी है जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान नाना पाटेकर करीब 60 दिनों तक भारतीय सेना के जवानों के साथ रहे थे। नाना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कारगिल युद्ध के दौरान वह सेना के साथ जाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से इजाजत मांगी।
शुरुआत में उन्हें बताया गया कि एक आम नागरिक को इस तरह सेना में शामिल नहीं किया जा सकता। लेकिन नाना ने बताया कि उन्होंने कमांडो ट्रेनिंग की है। वह राष्ट्रीय स्तर पर राइफल शूटिंग में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
फिर सेना के साथ जाने की मिली इजाजत
नाना पाटेकर के मुताबिक, जॉर्ज फर्नांडिस से बातचीत के बाद उन्हें सेना के साथ जाने की अनुमति मिल गई। वह करीब 60 दिन तक सेना के जवानों के साथ रहे और द्रास, लेह, कुपवाड़ा, बारामूला और सोपोर जैसे इलाकों में गए। उन्होंने यह भी बताया कि वह एक Quick Reaction Team (QRT) का हिस्सा बने थे। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने वहां वास्तव में क्या काम किया, तो नाना ने ऑपरेशनल जानकारी बताने से इनकार कर दिया।
76 किलो से 56 किलो रह गया था वजन
कारगिल में बिताए उन करीब दो महीनों का असर नाना के शरीर पर भी पड़ा। उन्होंने बताया था कि जब वह वहां गए थे, तब उनका वजन करीब 76 किलो था। लेकिन लौटने तक यह घटकर 56 किलो रह गया था। यानी करीब 20 किलो वजन कम हो गया था। नाना के लिए यह सिर्फ रोमांच या प्रचार का हिस्सा नहीं था। उन्होंने कहा था कि उन्हें खुशी थी कि वह देश के लिए कुछ छोटा-सा योगदान कर सके।
फिल्मों में सैनिक का किरदार निभाने से पहले असल ट्रेनिंग
नाना पाटेकर की सेना से यह दिलचस्प जुड़ाव फिल्म ‘प्रहार’ से भी रहा। फिल्म के लिए उन्होंने करीब तीन साल की सैन्य ट्रेनिंग ली थी। उन्हें मानद तौर पर कैप्टन की रैंक भी दी गई थी। यही वजह है कि पर्दे पर सैनिक या पुलिस अधिकारी के किरदार निभाते समय उनकी बॉडी लैंग्वेज और संवाद अदायगी में एक अलग वास्तविकता दिखाई देती थी।
गरीबी में पोस्टर और सड़क की लाइनें भी पेंट कीं
नाना पाटेकर की जिंदगी का एक और पहलू बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। फिल्मों में आने से पहले वह फिल्मों के पोस्टर और सड़क की जेब्रा क्रॉसिंग तक पेंट करने का काम कर चुके थे। एक दौर में वह रोजाना करीब 35 रुपये कमाते थे। उसी में गुजारा करते थे। यही संघर्ष आगे चलकर उनके अभिनय में भी दिखाई दिया। उनकी फिल्मों के किरदारों में आम आदमी का गुस्सा, दर्द और संघर्ष बेहद स्वाभाविक नजर आया।
किसानों के लिए भी उठाया बड़ा कदम
नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ अभिनेता के तौर पर नहीं रही। 2015 में उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर ‘NAAM Foundation’ की शुरुआत की। इसका फोकस महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित गांवों और संकट से जूझ रहे किसानों की मदद करना है। संस्था पानी, गांवों के विकास और किसानों की आजीविका से जुड़े काम करती है। पर्दे पर जिस अभिनेता ने सैनिकों और आम आदमी के किरदारों में जान फूंकी, असल जिंदगी में भी उनकी कहानी संघर्ष, सेना और किसानों से जुड़ी रही।
ये भी पढ़ें- Nana Patekar passed away: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन, कार्डियक अरेस्ट से 75 साल की उम्र में गई जान
Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में हल्की ग्रीन शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 17.00 प्वाइंट्स यानी 0.08% की बढ़त के साथ 22,609.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 07 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 429.11 प्वाइंट्स यानी 0.59% की गिरावट के साथ 72,638.70 और निफ्टी (Nifty) भी 173.05 प्वाइंट्स यानी 0.76% की फिसलन के साथ 22,603.05 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।
Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस
PC Jeweller Q2 (YoY)
हेल्दी कंज्यूमर डिमांड के दम पर सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर पीसी ज्वैलर का कंसालिडेटेड रेवेन्यू 28% बढ़ गया। साथ ही आउटस्टैंडिंग एक्सपोर्ट डेटर्स से इसे ₹142 करोड़ का रेमिटेंस मिला। आउटस्टैंडिंग डेट के रीपेमेंट के साथ कंपनी डेट-फ्री हो गई।
Senco Gold Q2 (YoY)
सितंबर तिमाही में सेंको गोल्ड का टोटल रेवेन्यू सालाना आधार पर 31% और रिटेल रेवेन्यू 29% की रफ्तार से बढ़ा तो सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ 19% रही। डायमंड ज्लैवरी सेल्स वैल्यू 40% बढ़ी तो वॉल्यूम 7% बढ़ा। कंपनी ने ने सितंबर तिमाही में 6 नए शोरूम खोले और अब इसके नेटवर्क में 215 स्टोर हो गए हैं।
Jubilant Foodworks Q2 (YoY)
सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर जुबिलैंट फूडवर्क्स का कंसालिडेटेड रेवेन्यू 11.9% बढ़कर ₹2,608.7 और स्टैंडएलोन रेवेन्यू 11.6% उछलकर ₹1,885.8 करोड़ पर पहुंच गया। डोमिनोज इंडिया की लाइक-फार-लाइक ग्रोथ 4.1% रही तो यूरेशिया की ग्रोथ 2.1% नीचे आई। सितंबर तिमाही में कंपनी ने 108 स्टोर जोड़े और अब इसके कुल 3820 स्टोर हो गए। डोमिनोज इंडिया ने 88 स्टोर जोड़े और अब इसके 2601 स्टोर हो गए।
TD Power Systems
टीडी पावर सिस्टम्स ने 7 अक्टूबर को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) इश्यू लॉन्च किया, जिसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹775.35 तय किया गया है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों का कहना है कि कंपनी इस इश्यू के जरिए ₹600 करोड़ तक जुटाने की कोशिश में है।
Tata Power Company
टाटा पावर ने नॉर्वे की रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजी कंपनी ओशन सन के साथ नई मेम्ब्रेन-बेस्ड फ्लोटिंग सोलर टेक्नोलॉजी को भारत लाने के लिए साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत टाटा पावर और ओशन सन महाराष्ट्र में टाटा पावर के मुल्शी रिजर्वयार में 300-kWp का फ्लोटिंग सोलर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेंगे।
Godrej Properties
बीएमसी ने गोदरेज प्रॉपर्टीज और आरसी ग्रुप के साथ मिलकर मुंबई के बांद्रा बे में एक लैंडस्केप्ड बे-साइड प्रोमेनेड यानी समुद्र किनारे टहलने की जगह के पहले चरण का ऐलान किया है।
HCL Technologies
एचसीएलटेक, जोहान्सबर्ग ने साउथ अफ्रीका में अपना एक नया रीजनल हेडक्वार्टर शुरू किया है।
Ola Electric Mobility
ओला इलेक्ट्रिक ने प्रति शेयर ₹27 के भाव पर ₹999.73 करोड़ के 37.02 करोड़ राइट्स इक्विटी शेयरों को मंजूरी दी है। राइट्स एंटाइटेलमेंट पाने के लिए रिकॉर्ड डेट 13 अक्टूबर तय की गई है। यह राइट्स इश्यू 22 अक्टूबर को खुलेगा और 30 अक्टूबर को बंद होगा।
RPP Infra Projects
आरपीपी इंफ्रा ने लीजेंड 96 रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट में जॉइंट डेवलपर के तौर पर अपनी हिस्सेदारी से पीछे हटने का फैसला किया है। इसकी वजह मंजूरी मिलने में देरी, फाइनेंसिंग की दिक्कतें, प्रस्तावित सुरक्षा व्यवस्था और रेवेन्यू-शेयरिंग के तय समझौते में प्रस्तावित बदलाव बताई गई है। कंपनी ने विल्स रियल्टर्स को अपना इरादा बता दिया है और डेवलपमेंट और फाइनेंसिंग एग्रीमेंट को खत्म करने और दोनों पक्षों के बीच पेएबल अमाउंट के निपटारे की मांग की है।
ASK Automotive
राजस्थान जीएसटी धिकारियों ने 6 अक्टूबर को राजस्थान के भिवाड़ी में आस्क ऑटोमोटिव की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में सर्च ऑपरेशन चलाया।
MRF
एमआरएफ की याचिका पर केरल के स्टेट टैक्स के डिप्टी कमिश्नर ने एक रेक्टिफिकेशन ऑर्डर यानी सुधार आदेश जारी किया है, जिसमें कुल टैक्स डिमांड को ₹91.53 करोड़ से घटाकर ₹36.19 करोड़ कर दिया गया है। यह मामला फाइनेंशियल ईयर 2014-15 के लिए सेल्स टैक्स के तहत एक्सपोर्ट क्लीयरेंस और डिक्लेरेशन फॉर्म से जुड़ा है।
Karur Vysya Bank, Indian Overseas Bank, PNB, Indian Bank, Tamilnad Mercantile Bank, BoB
आरबीआई ने रेपो रेट को 25 बीपीएस बढ़ाया तो कुछ बैंकों ने रेपो रेट से जुड़े लेंडिंग रेट को भी बढ़ा दिया है। करूर वैश्य बैंक ने एक्सटर्नल बेंचमार्क रेपो लिंक्ड रेट को 8.55% से 8.80%, इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने 8.10% से 8.35%, पीएनबी (पंजाब नेशनल बैंक) ने 8.10% से 8.35, इंडियन बैंक ने 7.95% से 8.20%, तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने 8.25% से 8.50% और बीओबी (बैंक ऑफ बड़ौदा) ने 5.25% से 5.50% कर दिया है।
JTL Industries, AceVector
गोल्डमैन सैक्स ग्रुप की गोल्डमैन सैक्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने जेटीएल इंडस्ट्रीज के 19.71 लाख शेयर (0.5% होल्डिंग) ₹16.16 करोड़ में प्रति शेयर ₹82.03 के भाव पर खरीदे हैं। वहीं गोल्डमैन सैक्स बैंक यूरोप SE ने स्नैपडील की ऐसवेक्टर के 31.17 लाख शेयर (0.59% हिस्सेदारी) ₹9.61 करोड़ में प्रति शेयर ₹29.88 के भाव पर बेच दिए। सितंबर 2026 तक गोल्डमैन सैक्स की ऐसवेक्टर में 1.56% हिस्सेदारी थी।
Jeena Sikho Lifecare
ओरेगानो लाइफ ने प्रति शेयर ₹420.28 के भाव पर ₹29.35 करोड़ में जीना सीखो लाइफकेयर के 6.98 लाख शेयर (0.56% होल्डिंग) बेच दी।
Nityas Gems & Jewellery, Vishal Nirmiti
नित्याज जेम्स एंड ज्वैलरी और विशाल निर्मिति के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।
Omara, Sollfege, SJP Ultrasonics,EverestIMS, Shree TNB, Dove Soft, Eventions
ओमारा वेंचर्स इंडिया, सोलफेज स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स, एवरेस्टआईएमएस टेक, , एसजेपी अल्ट्रासोनिक्स, श्री टीएमबी पॉलीमर्स और डव सॉफ्ट बीएसई एसएमई तो एवेंशंस के शेयर एनएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।
स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में होने वाला थोड़ा सा भी बदलाव सीधे आम लोगों के बजट को प्रभावित करता है। तेल कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करती हैं। वहीं 8 अक्टूबर, गुरुवार को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध की आशंका और तेल सप्लाई प्रभावित होने की चिंता के कारण वैश्विक बाजार में दबाव बढ़ा है। इसके बावजूद भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखे हैं।
ईंधन के दाम बढ़ने या घटने का असर सिर्फ वाहन चालकों पर ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों और सामान की कीमतों पर भी पड़ सकता है। इसलिए रोजाना पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जानना लोगों के लिए जरूरी है।
आपके शहर में आज कितनी है पेट्रोल, डीजल की कीमत
शहर पेट्रोल (₹/लीटर) डीजल (₹/लीटर)
नई दिल्ली 102.12 95.20
मुंबई 111.21 97.83
कोलकाता 113.51 99.82
चेन्नई 107.77 99.55
गुड़गांव 102.97 95.64
नोएडा 101.96 95.44
बेंगलुरु 111.68 99.56
भुवनेश्वर 108.97 100.68
चंडीगढ़ 101.54 89.47
हैदराबाद 116.15 104.23
जयपुर 112.66 98.25
लखनऊ 101.86 95.36
पटना 113.37 99.36
तिरुवनंतपुरम 115.49 104.40
इस कंपनी ने बढ़ाए थे दाम
इस बीच, देश की बड़ी निजी ईंधन कंपनियों में शामिल नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है। फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद तेल की कीमतों में तेजी का असर ग्राहकों तक पहुंचाने वाली नायरा एनर्जी पहली भारतीय ईंधन खुदरा कंपनी बनी थी।
देश में सोने के भाव में गिरावट जारी है। 8 अक्टूबर की सुबह कई शहरों में भाव कमजोर हुआ है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड फिसलकर 149690 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। मुंबई और कोलकाता में कीमत 149560 रुपये प्रति 10 ग्राम है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 700 रुपये नीचे आई थी। इसकी वजह घरेलू मांग में कमी और वैश्विक स्तर पर कीमतों में नरमी रही।
इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया है। प्रमुख ब्याज दर को 4 साल में पहली बार बढ़ाया गया है। केंद्रीय बैंक ने आगे भी दरों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने में तेजी का रुख है। कीमत 4,127.40 डॉलर प्रति औंस पर है।
देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट
दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 149690 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 137240 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 137090 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 149560 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 149580 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 137110 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 149560 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 137090 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
| शहर | 22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹) | 24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹) |
| दिल्ली | 137240 | 149560 |
| मुंबई | 137090 | 149170 |
| अहमदाबाद | 137140 | 149590 |
| चेन्नई | 137110 | 149580 |
| कोलकाता | 137090 | 149560 |
| हैदराबाद | 137090 | 149560 |
| जयपुर | 137240 | 149690 |
| भोपाल | 137140 | 149590 |
| लखनऊ | 137240 | 149690 |
| चंडीगढ़ | 137240 | 149690 |
चांदी का भाव
दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी गिरावट कायम है। 8 अक्टूबर की सुबह चांदी देश में 234900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। इस साल जनवरी में चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 60.39 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।


