Petrol Diesel Price: पेट्रोल-डीजल आज सस्ता हुआ या महंगा? चेक करें अपने शहर का ताजा रेट

Petrol Diesel Price Today:  पेट्रोल और डीजल की कीमतों में होने वाला थोड़ा सा भी बदलाव सीधे आम लोगों के बजट को प्रभावित करता है। तेल कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करती हैं। वहीं 8 अक्टूबर, गुरुवार को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध की आशंका और तेल सप्लाई प्रभावित होने की चिंता के कारण वैश्विक बाजार में दबाव बढ़ा है। इसके बावजूद भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखे हैं।

ईंधन के दाम बढ़ने या घटने का असर सिर्फ वाहन चालकों पर ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों और सामान की कीमतों पर भी पड़ सकता है। इसलिए रोजाना पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जानना लोगों के लिए जरूरी है।

आपके शहर में आज कितनी है पेट्रोल, डीजल की कीमत

शहर                       पेट्रोल (₹/लीटर)            डीजल (₹/लीटर)

नई दिल्ली               102.12                               95.20

मुंबई                       111.21                                97.83

कोलकाता               113.51                                99.82

चेन्नई                       107.77                               99.55

गुड़गांव                  102.97                                95.64

नोएडा                   101.96                                 95.44

बेंगलुरु                  111.68                                  99.56

भुवनेश्वर                108.97                                 100.68

चंडीगढ़                 101.54                                 89.47

हैदराबाद               116.15                                  104.23

जयपुर                  112.66                                 98.25

लखनऊ                101.86                                 95.36

पटना                    113.37                                   99.36

तिरुवनंतपुरम       115.49                                  104.40

इस कंपनी ने बढ़ाए थे दाम

इस बीच, देश की बड़ी निजी ईंधन कंपनियों में शामिल नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है। फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद तेल की कीमतों में तेजी का असर ग्राहकों तक पहुंचाने वाली नायरा एनर्जी पहली भारतीय ईंधन खुदरा कंपनी बनी थी।

US-Iran War: अमेरिका का ईरान पर फिर बड़ा हमला, होर्मुज स्ट्रेट में की जमकर बमबारी, तेहरान ने जॉर्डन के अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइलें

US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने एक बार फिर से होर्मुज स्ट्रेट में ईरान पर जमकर बमबारी की है। अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप (Larak Island) पर हमला कर वहां मौजूद दो मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया है। इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। यह करीब एक महीने में अमेरिका की ईरान के खिलाफ पहली मिलिट्री एक्शन है।

इस हमले से फरवरी से रुक-रुक कर चल रही लड़ाई में आई शांति टूट गई है। ईरान ने इसे जानलेवा हमला बताते हुए बदला लेने की घोषणा की है। इससे एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी हमले को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह जुलाई के अंत के बाद ईरान पर अमेरिका का पहला बड़ा हमला है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कमांडर टिम हॉकिन्स ने CBS News को बताया कि IRGC की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। BBC के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने देखा था कि ईरानी बल होर्मुज जलडमरूमध्य में रॉकेट और समुद्री बारूदी सुरंगें (Sea Mines) लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे।

लारक द्वीप पर क्यों हुआ हमला?

लारक द्वीप ईरान के महत्वपूर्ण बंदरगाह बंदर अब्बास के बिल्कुल करीब स्थित है। यह रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य के बीचों-बीच आता है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान फिलहाल इस इलाके से गुजरने वाले टैंकरों को लारक द्वीप के पास से होकर जाने और जांच कराने के लिए मजबूर कर रहा है।

कुछ जहाजों से कथित तौर पर 20 लाख डॉलर तक का शुल्क लिए जाने की बात भी सामने आई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान की ओर से समुद्री सुरंगें बिछाने की तैयारी को देखते हुए लारक द्वीप पर मौजूद लॉन्चरों को निशाना बनाया गया।

ईरान ने दी बदले की धमकी

ईरानी सेना IRGC ने अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की है। इसे ट्रंप प्रशासन की बड़ी रणनीतिक और घातक गलती बताया। IRGC के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने कहा कि इस गलत आकलन की कीमत अमेरिका को आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर चुकानी पड़ेगी। ईरान की IRGC से जुड़े तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, लारक द्वीप पर हमला ड्रोन के जरिए किया गया। एजेंसी ने दावा किया कि हमले में दो लोगों की मौत हुई है। जबकि दो अन्य घायल हुए हैं। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया।

जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमला

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों किंग हुसैन और अल-अजराक को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। IRGC का दावा है कि इन हमलों में अमेरिकी ठिकानों के तकनीकी ढांचे, रखरखाव सुविधाओं और लड़ाकू विमानों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। वहां भारी नुकसान हुआ है।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के हवाई क्षेत्र में घुसी आठ मिसाइलों को रोक लिया है। जॉर्डन की सरकारी न्यूज एजेंसी पेट्रा के अनुसार, सेना के प्रवक्ता ने बताया कि ये मिसाइलें सोमवार तड़के देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई थीं।

ट्रंप ने दी थी समुद्री सुरंगों पर चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछाई गई सभी समुद्री बारूदी सुरंगों को या तो नष्ट कर दिया गया है या हटा दिया गया है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने दोबारा किसी जहाज या नाव के जरिए नई सुरंगें बिछाने की कोशिश की तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा। हालांकि, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने ट्रंप के इस दावे को ‘प्रचार और भ्रम फैलाने वाली बात’ बताया है।

ईरान पर बढ़ रहा आर्थिक दबाव

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव के साथ-साथ आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है। अमेरिका ने 24 अगस्त को ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों का ऐलान किया था। इनका उद्देश्य ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अलग-थलग करना तथा उसके सहयोगी देशों पर सेकेंडरी प्रतिबंधों का दबाव बढ़ाना है। ईरानी अधिकारियों और सरकारी मीडिया ने इन प्रतिबंधों को पहले से जारी अमेरिकी आर्थिक दबाव का ही विस्तार बताया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका सैन्य संघर्ष में असफल रहने के बाद आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया के कुल इस्तेमाल होने वाले तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का करीब 20% हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता था। इसलिए इस इलाके में किसी भी तरह का सैन्य टकराव या समुद्री ट्रैफिक में रुकावट का असर सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि वैश्विक तेल कीमतों, शिपिंग और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

छह महीने से जारी है ईरान युद्ध

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य हमले शुरू किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों को निशाना बनाया था। इस संघर्ष के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री ट्रैफिक लगभग बंद हो गया था।

अब लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले और उसके बाद जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी जवाबी कार्रवाई ने इस लंबे संघर्ष को एक बार फिर गंभीर मोड़ पर ला दिया है। सबसे बड़ी टेंशन यह है कि होर्मुज में फिर से सैन्य टकराव बढ़ा तो इसका सीधा असर दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर पड़ सकता है।

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