जेपी मॉर्गन ने Nifty 50 के लिए 27000 का टारेगट दिया, भारतीय शेयर बाजार के बुरे दिन खत्म

शेयर बाजार में आने वाली तेजी को लेकर क्या आपके मन में संदेह है? अगर हां तो आपको जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट पर गौर करने की जरूरत है। जेपी मॉर्गन ने निफ्टी 50 के लिए 27,000 का टारगेट बताया है। उसका मानना है कि वैल्यूएशन में इम्प्रूवमेंट है। साध ही घरेलू इकोनॉमी से जु़ड़े बेहतर डेटा की वजह से भारतीय शेयर बाजार फिर से अट्रैक्टिव हो गया है।

भारतीय बाजार के लिए ग्लोबल रिस्क बरकरार

जेपी मॉर्गन में इंडिया इक्विटी रिसर्च के हेड संजय मोकिम ने ग्लोबल स्थितियों खासकर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ा रिस्क बताया है। उनका मानना है कि इससे भारतीय शेयर बाजार में तेजी पर असर पड़ सकता है। इसका असर भारत में विदेशी निवेशकों के निवेश पर भी पड़ सकता है।

घरेलू स्थितियां बाजार में तेजी के लिए अनुकूल

मोकिम ने कहा कि इंडिया की इकोनॉमी की स्थितियां शेयर बाजार के लिए अनुकूल हैं। अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। वैल्यूएशंस खासकर लार्जकैप शेयरों की वैल्यूएशन कम हुई है। उन्होंने कहा, “भारतीय शेयरों में वैल्यू ट्रेड पिछले तीन सालों के मुकाबले अब बेहतर हैं।” उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव से भी स्थिति अनुकूल हुई है।

निवेशक फिर से भारतीय बाजार को लेकर उत्साहित

उन्होंने कहा कि नॉर्थ एशियन टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव और भारत में लार्जकैप शेयरों की सही वैल्यूएशंस से इनवेस्टर्स एक बार फिर भारत में निवेश को लेकर उत्साहित हैं। हालांकि, उनका मानना है कि भारतीय बाजारों में विदेशी निवेश तुरंत बढ़ने नहीं जा रहा है। उनका मानना है कि वैश्विक स्थितियों को लेकर ज्यादा चिंता है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल से डॉलर का विकल्प मिला

मोकिम ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बारे में कहा कि इसके बढ़ने से निवेशकों के पास अपेक्षाकृत सुरक्षित डॉलर एसेट्स का एक विकल्प मिल गया है। उन्होंने कहा, “जब 10 साल के बॉन्ड्स की यील्ड इस लेवल पर हैं तो आपको इमर्जिंग मार्केट्स एसेट्स में निवेश करने की क्या जरूरत है।” उन्होंने भारत में आईपीओ, क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट्स (QIP) और ब्लॉक डील्स का भी जिक्र किया।

आआईपीओ, क्यूआईपी और ब्लॉक डील में काफी पैसा जा रहा

उन्होंने कहा कि आईपीओ, क्यूआईपी और ब्लॉक डील में काफी पैसा जा रहा है। अभी बाजार में नए शेयरों की सप्लाई म्यूचुअल फंड्स में हर महीने होने वाले निवेश के मुकाबले ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इसका असर छोटी अवधि में लिक्विडिटी पर पड़ेगा। लेकिन, मीडियम टर्म में यह अच्छा है, क्योंकि इससे बाजार का दायरा बढ़ेगा और निवेश के नए मौके बनेंगे।

Cyient Share Price: इन्वेस्टर डे के बाद शेयर 4% उछला, जेपी मॉर्गन ने दिया ₹1,050 का टारगेट

Cyient Share Price: IT सर्विस कंपनी Cyient के शेयरों में 26 अगस्त को जोरदार तेजी देखने को मिली। शेयर 4 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। शेयर में तेजी कंपनी द्वारा’इन्वेस्टर डे’ पर कंपनी के ग्रोथ और मार्जिन से जुड़ी जानकारी और ब्रोकरेज फर्मों ने रिकवरी की रफ्तार को लेकर मिक्स राय के बाद आई है।

Cyient ने कहा कि ग्रोथ को फिर से तेज करना उसकी शॉर्ट टर्म की प्राथमिकता है। कंपनी का लक्ष्य FY28-29 तक सालाना आधार पर डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ और तिमाही-दर-तिमाही स्थिर ग्रोथ हासिल करना है।

शॉर्ट टर्म में, कंपनी का लक्ष्य 15% से अधिक EBIT मार्जिन हासिल करना है, जबकि मध्यम से लंबी अवधि में उसका लक्ष्य इंडस्ट्री में सबसे अच्छी ग्रोथ के साथ-साथ 16% से अधिक EBIT मार्जिन हासिल करना है।

कंपनी ने कहा कि उसकी ‘गो-टू-मार्केट’ (GTM) टीम अब बड़े सौदे करने और बिजनेस को प्रोजेक्ट-आधारित काम से हटाकर एन्युइटी-आधारित कॉन्ट्रैक्ट्स की ओर ले जाने के लिए तैयार है, जिनसे रेवेन्यू का बेहतर अनुमान लगाया जा सकता है। अभी प्रोजेक्ट-आधारित काम कंपनी के कुल बिजनेस का लगभग 40% है।

मैनेजमेंट ने बताया कि Cyient की ‘लार्ज-डील पाइपलाइन’ (बड़े सौदों की संभावित सूची) अभी रिकॉर्ड ऊंचाई पर है। इसमें 9 ऐसे सौदे शामिल हैं जिनकी कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू लगभग 300 मिलियन डॉलर है।कंपनी ने FY26 को कई रणनीतिक बदलावों के बाद स्थिरता का साल बताया है और उम्मीद है कि FY27 और FY28 में उसकी नई रणनीति से रिकवरी शुरू होगी।

मार्जिन के मामले में Cyient ने पहले ही प्रगति की है; Q1 FY27 में EBIT मार्जिन बढ़कर 13.2% हो गया, जो पहले लगभग 12.2% था। मैनेजमेंट का लक्ष्य AI-आधारित रेवेन्यू ग्रोथ और ऑपरेटिंग कॉस्ट में दक्षता के जरिए मध्यम अवधि में 15% का लक्ष्य हासिल करना है।

JPMorgan के अनुसार, मैनेजमेंट जिन मुख्य पैमानों पर नजर रखेगा, उनमें खास तौर पर बड़े सौदों से ऑर्डर आने में डबल-डिजिट ग्रोथ और मार्जिन का 15% तक बढ़ना शामिल है।

शेयर पर क्या है ब्रोकरेज की राय

JPMorgan ने Cyient के लिए ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है और इसके लिए ₹1,050 प्रति शेयर का प्राइस टारगेट तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि Cyient की नई रणनीति सही दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है, लेकिन स्टॉक की री-रेटिंग के लिए इसे सही ढंग से लागू करना अहम होगा। JPMorgan ने ‘इन्वेस्टर डे’ पर कंपनी के बड़े सौदों पर फोकस, एन्युइटी-आधारित रेवेन्यू की ओर बदलाव और मार्जिन बढ़ाने की योजनाओं को मुख्य सकारात्मक बातें बताया।

इस बीच, मोतीलाल ओसवाल ने Cyient पर अपनी ‘Sell’ रेटिंग को दोहराया है और इसका प्राइस टारगेट ₹740 रखा है। इसका मतलब है कि मंगलवार की क्लोजिंग कीमत से इसमें लगभग 24% की गिरावट आ सकती है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वह कंपनी के काम करने के तरीके (एग्जीक्यूशन) के बारे में बेहतर सबूत मिलने का इंतज़ार करेगा, क्योंकि रिकवरी में अभी समय लगेगा और FY27 में ऑर्गेनिक ग्रोथ के मोटे तौर पर स्थिर रहने की उम्मीद है।

हालांकि मोतीलाल ओसवाल Cyient के सेमीकंडक्टर से जुड़े मौकों को लेकर पॉजिटिव है, लेकिन उसका कहना है कि इस बिज़नेस को बड़ी वैल्यूएशन देने से पहले वह ‘प्रूफ ऑफ़ कॉन्सेप्ट’ का इंतज़ार करेगा।

इधर Emkay Global ने Cyient पर अपनी ‘Reduce’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका प्राइस टारगेट ₹900 तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि ऐसा लगता है कि मैनेजमेंट ने कंपनी की ग्रोथ में आने वाली मुख्य रुकावटों को दूर कर लिया है और अब उनके पास सही स्ट्रैटेजी और ज़रूरी साधन मौजूद हैं। हालांकि, उसने यह भी कहा कि उसकी राय और रेटिंग में बदलाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी अपनी योजनाओं को कितनी अच्छी तरह लागू करती है।

Cyient पारंपरिक इंजीनियरिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट (ER&D) सर्विसेज़ से हटकर ज़्यादा बड़े ‘लाइफसाइकिल इंजीनियरिंग सर्विसेज़’ मॉडल की ओर बढ़ रही है। कंपनी का अनुमान है कि उसका एड्रेसेबल मार्केट पारंपरिक ER&D के लगभग $80-100 बिलियन के मौके से बढ़कर $2.4-3.2 ट्रिलियन के पूरे इंजीनियरिंग लाइफसाइकिल मौके तक फैल सकता है।

मंगलवार को Cyient के शेयर 4.54% बढ़कर ₹1022.15 पर बंद हुए और पिछले एक महीने में इस स्टॉक में 18% से ज़्यादा की बढ़त हुई है।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Indicator: क्रूड में नरमी क्या भारतीय बाजार पर दिखाएगी अपना असर, इंडेक्स में आज किन लेवल पर दें ध्यान

Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के तेजी के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी गैप-अप शुरुआत का संकेत दे रहा है, कच्चे तेल की गिरती कीमतें, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में कमी और वॉल स्ट्रीट में रात भर हुई बढ़त ने ग्लोबल माहौल को बेहतर बनाया है। ज़्यादातर एशियाई बाजारों में तेजी और घरेलू स्तर पर इंस्टीट्यूशनल बाइंग से और सपोर्ट मिल सकता है। लेकिन निवेशक Nvidia की तिमाही नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं, इसलिए वे सतर्क रह सकते हैं।

सुबह 8.10 बजे GIFT निफ्टी 75.00 अंक या 0.31 फीसदी बढ़कर 24,555 पर ट्रेड कर रहा था। घरेलू इक्विटीज़ पॉज़िटिव मोमेंटम के साथ सेशन की शुरुआत कर रही हैं, क्योंकि मंथली डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के दिन आखिरी घंटे में हुई खरीदारी से बेंचमार्क इंडेक्स को रिकवर करने में मदद मिली थी। मंगलवार को सेंसेक्स 286.98 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 77,656.09 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 115.50 अंक या 0.48 प्रतिशत बढ़कर 24,334.55 पर बंद हुआ।

एशियाई बाजारों में ज़्यादातर तेजी

बुधवार को एशियाई इक्विटीज़ में ज़्यादातर तेज़ी देखी गई, जिसे टेक्नोलॉजी स्टॉक्स और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में कमी से सपोर्ट मिला। MSCI के एशिया-पैसिफिक इक्विटीज़ गेज में 0.3 प्रतिशत की बढ़त हुई। हांगकांग का हैंग सेंग 1 प्रतिशत बढ़ा, जबकि शंघाई कंपोजिट में 0.4 प्रतिशत की बढ़त हुई। जापान का टोपिक्स और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी मामूली रूप से ऊपर थे, हालांकि निक्केई 225 फ्यूचर्स में 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

बुधवार को भारतीय इक्विटीज़ के लिए कच्चे तेल की कीमतों में और तेज़ गिरावट सबसे अच्छे संकेतों में से एक है, जबकि अमेरिकी टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में रिकवरी और बॉन्ड यील्ड में कमी ने भी ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट को बेहतर बनाने में मदद की है। शुरुआती एशियाई कारोबार में तेल की कीमतों में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई, जो पिछले सेशन की भारी गिरावट को और बढ़ा रही है। ईरान ने कहा है कि उसने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के प्रबंधन को लेकर ओमान के साथ बातचीत फिर से शुरू कर दी है।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2 प्रतिशत गिरकर $86.80 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1.8 प्रतिशत गिरकर $80.87 प्रति बैरल पर आ गया। मंगलवार को दोनों बेंचमार्क में 3 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई थी।

टेक शेयरों में रिकवरी और बॉन्ड यील्ड में कमी से वॉल स्ट्रीट में बढ़त

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुए। Nvidia के नतीजों से पहले टेक्नोलॉजी शेयरों में रिकवरी देखी गई, जबकि हाल ही में बॉन्ड मार्केट में बिकवाली के बाद कच्चे तेल और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से निवेशकों को कुछ राहत मिली। Nasdaq Composite 0.66 प्रतिशत बढ़कर 26,151.30 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 में 0.32 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 7,677.24 पर बंद हुआ। Dow Jones Industrial Average 0.30 प्रतिशत बढ़कर 53,577.40 पर पहुंच गया।

बॉन्ड यील्ड में कमी ग्लोबल इक्विटी के लिए एक और सकारात्मक संकेत है। इससे पहले, कर्ज लेने की लागत में बढ़ोतरी ने वैल्यूएशन पर दबाव डाला था और उभरते बाजारों में पूंजी प्रवाह को लेकर चिंताएं पैदा की थीं।

FII और DII की खरीदारी

मंगलवार को इंस्टीट्यूशनल फ्लो (संस्थागत निवेश प्रवाह) सकारात्मक रहा, जिसमें विदेशी और घरेलू दोनों तरह के निवेशक नेट बायर (शुद्ध खरीदार) के तौर पर उभरे। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सत्र में भी खरीदारी जारी रखी और 1,593 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) भी नेट बायर रहे और उन्होंने भारतीय शेयरों में 230 करोड़ रुपये का निवेश किया। विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी घरेलू इक्विटी के लिए एक उत्साहजनक संकेत है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि बुधवार को भारतीय इक्विटी मार्केट में तेज़ी के साथ शुरुआत होने की उम्मीद है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी से रिस्क एसेट्स के लिए माहौल बेहतर हुआ है। ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में नरमी और वॉल स्ट्रीट में रात भर आई रिकवरी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। बेहतर माहौल को देखते हुए, GIFT निफ्टी फ्यूचर्स शुरुआती कारोबार में 24,500 के स्तर से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं, जबकि निफ्टी की पिछली क्लोजिंग 24,334 थी; इससे घरेलू इक्विटी में गैप-अप ओपनिंग का संकेत मिलता है।

बजाज ब्रोकिंग ने कहा कि अगर निफ्टी 24,360 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो यह 24,550-24,700 के स्तर तक जा सकता है, जबकि शॉर्ट-टर्म सपोर्ट 24,000-23,800 के आसपास दिख रहा है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा पॉजिटिव शुरुआत के संकेत, क्रूड में नरमी 

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हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में OFS के बाद फिर आ सकती है तेजी, आनंद राठी ने ₹715 का टारगेट दिया

सरकारी कंपनी Hindustan Copper के शेयर में मंगलवार को काफी दबाव देखने को मिला है। इसकी बड़ी वजह सरकार की हिस्सेदारी बिक्री यानी OFS है। इसके बावजूद घरेलू ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने ₹715 का टारगेट प्राइस दिया है। यह मंगलवार के बंद भाव से 34.65% अधिक है। OFS की वजह से स्टॉक 7.45% गिरकर 531.40 रुपये पर बंद हुआ।

Anand Rathi Institutional Equities के वाइस प्रेसिडेंट पार्थिव झोंसा का मानना है कि कंपनी के फंडामेंटल मजबूत हैं। बढ़ता प्रोडक्शन, कॉपर की ऊंची कीमत और कमाई में सुधार की उम्मीद शेयर को सपोर्ट कर सकती है।

OFS के बाद दबाव कम हो सकता है

झोंसा के मुताबिक, OFS के बाद कुछ समय तक शेयर में दबाव रह सकता है। लेकिन अगले कुछ महीनों में ₹490-500 के स्तर से रिकवरी देखने को मिल सकती है।

उनका कहना है कि सरकार की हिस्सेदारी बिक्री से कंपनी के फंडामेंटल नहीं बदले हैं। कारोबार की बुनियाद अब भी मजबूत है। इसलिए OFS को कंपनी की कमाई या ऑपरेशन में बदलाव के तौर पर नहीं देखना चाहिए।

कॉपर प्रोडक्शन-प्राइस बनेगा बड़ा ट्रिगर

Anand Rathi के मुताबिक, आगे शेयर के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर प्रोडक्शन वॉल्यूम होगा। Hindustan Copper की कमाई पर कॉपर की कीमत का सीधा असर पड़ता है। कॉपर की कीमत मजबूत रहने से कंपनी की कमाई को सपोर्ट मिल सकता है।

इसके अलावा रुपये में कमजोरी भी कंपनी के लिए फायदेमंद हो सकती है। यही वजह है कि ब्रोकरेज को आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़त की उम्मीद है।

वैल्यूएशन पर क्या कहना है?

Hindustan Copper अभी दो साल के फॉरवर्ड EV/EBITDA के आधार पर करीब 16-18 गुना पर ट्रेड कर रहा है। यह वैल्यूएशन पहली नजर में ज्यादा लग सकती है।

लेकिन Anand Rathi का कहना है कि दुनियाभर की कॉपर माइनिंग कंपनियां भी कॉपर के मजबूत लॉन्ग टर्म आउटलुक की वजह से ऊंची वैल्यूएशन पर कारोबार कर रही हैं।

सरकार की हिस्सेदारी बड़ी चिंता नहीं

झोंसा को सरकार की बची हुई हिस्सेदारी से ज्यादा परेशानी नहीं दिखती। पूरे OFS के बाद भी सरकार के पास Hindustan Copper की 60% से ज्यादा हिस्सेदारी रहेगी।

वहीं पब्लिक फ्लोट बढ़ने से शेयर में लिक्विडिटी बेहतर हो सकती है। ज्यादा निवेशकों के लिए शेयर में ट्रेडिंग और निवेश करना आसान होगा।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Insight : बाजार में तेजी-मंदी को जानने के लिए निफ्टी सही पैरामीटर नहीं, छोटे-मझोले शेयरों में बनेगा अच्छा पैसा-मनीष सोंथालिया

Market Insight : पहली तिमाही के अर्निंग सीजन के बाद हमको लग रहा था कि बाजार को लेकर एक अच्छा क्लियर विज़न मिलेगा और हमारे लिए यह जानना आसान होगा कि किसको पिक करना है और किसको अवॉइड करना है। लेकिन एक बार फिर से बाजार पर क्रूड की चिंताएं,यूएस मार्केट से जुड़ी दिक्कतें,जिओपॉलिटिकल टेंशंस और बॉन्ड यील्ड ये सब कुछ हावी हो गए हैं। ऐसे में बाजार की चाल पर बात करते हुए एमके इन्वेस्टमेंट (Emkay Investment) के CIO मनीष सोंथालिया ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजे काफी अच्छे रहे हैं। निफ्टी की बात करें तो इस पर दबाव है लेकिन निफ्टी से बाहर निकल कर ब्रॉडर मार्केट पर नजर डालें तो वहां स्थिति इतनी खराब नहीं है। यह हम कह सकते हैं कि वहां पर मंदी का माहौल नहीं है।

अगर आप निफ्टी मिड कैप की देखें तो वहां पर पहली तिमाही में अर्निंग्स ग्रोथ 25-26% रही है। स्माल कैप में देखें तो यहां भी 30-32% की अर्निंग्स ग्रोथ रही है। अगर NFTY 500 को भी देखें तो यहाँ पर 15% की अर्निंग्स ग्रोथ रही है। ऐसे में हम कह सकते हैं कि बाजार में तेजी-मंदी का अंदाजा लगाने के लिए निफ्टी 50 सही पैरामीटर नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि जब तक निफ्टी में हैवी वेटेज रखने वाले बैंकिंग सेक्टर नहीं चलेंगे तब तक आपको निफ्टी में बहुत हल्की बढ़त ही देखने को मिलेगी। रही बात क्रूड की तो इसके लिए 90 डॉलर का लेवल लक्ष्मण रेखा है। अगर क्रूड इस लेवल से ऊपर गया तो भारत के लिए परेशानी पैदा होगी। वहीं, अगर यह 90 डॉलर के नीचे रहा तो इंडिया के लिए न्यूट्रल रहेगा। इसको पॉजिटिव भी कह सकते हैं, क्योंकि हम तो 120 डॉलर का स्तर भी देख चुके हैं। दूसरी बड़ी बात यह है कि हमारा एफसीएआरबी अब 70 बिलियन हो गया। इसका कॉस्ट ऑफ डिपॉजिट पर पॉजिटिव असर होगा। हमारे यील्ड भी गिर गए हैं। लेकिन आरबीआई सिस्टम में कितनी लिक्विडिटी रहने देता है या सीआरआर बढ़ा देता है या ओपन मार्केट ऑपरेशंस करता है, यह सब देखने वाली बात होगी।

आज की डेट में भारत के नजरिए से देखें ज्यादा कुछ नेगेटिव है नहीं। इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में भारत के वेटेज में भी थोड़ा बहुत इजाफा हो रहा है। ऐसे में मोटा-मोटी भारत में मंदी का माहौल तो नहीं दिख रहा है। हां निफ्टी 50 आपको जरूर रेड टिक दिखा रहा है। लेकिन आउटसाइड निफ्टी अच्छा खासा एक्शन है।

मिड और स्मॉल कैप पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि चार-पांच सेक्टरों में बहुत मजबूत कन्विक्शन है। यहां आप अपने वैल्यू्यूएशन कंफर्ट के हिसाब से फैसले ले सकते हैं। एडवांस टेक्नोलॉजी शेयरों में दम दिख रहा है। इनमें डेटा सेंटर,एआई एडवांस टेक्नोलॉजी,डिफेंस,एरोस्पेस,सेमीकंडक्टर और एनर्जी ट्रांजक्शन की पूरी वैल्यू चेन और हेल्थ केयर से जुड़े शेयर शामिल है। इनमें अगले तीन से पांच साल तक अच्छी-खासी तेजी रहेगी। प्लेटफार्म कंपनीज में भी अच्छी खासी तेजी देखने को मिल सकती है। इनके नतीजे भी काफी बेहतरीन रहे हैं।

आईटी सेक्टर पर बात करते हुए मनीष सोंथालिया ने कहा की आगे एआई और डेटा सेंटर से जुड़ी कंपनियां अच्छा प्रदर्शन करेंगी। बड़ी आईटी कंपनियों के एआई ट्रांजिशन में लंबा समय लग सकता है। लेकिन छोटी आईटी कंपनिंया तेजी से एआई ट्रांजिशन कर सकती है। इस समय इनका वैल्यूएशन भी अच्छा है। उन्होंने आगे कहा कि पोर्टफोलियो में हमेशा 10 फीसदी एलोकेशन प्रेशियस मेटल्स का होना चाहिए। लंबे नजरिए से देखें तो गोल्ड में 9-10 फीसदी सालाना रिटर्न मिल सकता है।

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 26 अगस्त को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें

IT Stock: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने इन भारतीय IT कंपनियों की बढ़ाई रेटिंग, क्या आप करेंगे इनमें निवेश

IT Stock:  UBS ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारतीय IT कंपनियों के लिए ग्रोथ के नए मौके बना रहा है, लेकिन AI से होने वाली कमाई अभी इतनी कम है कि यह तय नहीं किया जा सकता कि क्या यह पारंपरिक IT सर्विस पर पड़ने वाले कीमतों में गिरावट के दबाव (deflationary pressure) की भरपाई कर पाएगी या नहीं। ब्रोकरेज कंपनी अभी भी सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दे रही है और बड़ी Tier-1 कंपनियों के मुकाबले Tier-2 कंपनियों को ज़्यादा पसंद कर रही है।

यह ताज़ा आकलन उन ब्रोकरेज रिपोर्टों की कड़ी में एक और रिपोर्ट है जो भारत के IT सर्विस सेक्टर पर AI के असर को समझने की कोशिश कर रही हैं। हाल ही में CLSA और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने भी इस सेक्टर में सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी थी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया था कि भले ही AI नई कमाई के मौके बना रहा है, लेकिन इससे पारंपरिक सर्विस की कीमतों में गिरावट का जोखिम भी पैदा हो रहा है।

बड़ी IT कंपनियों में, UBS ने टेक महिंद्रा की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’  कर दी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,460 से काफी बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया। इसके उलट, HCLTech के शेयर में हालिया तेज़ी के बाद उसने इसकी ‘Buy’ रेटिंग को बदलकर ‘न्यूट्रल’ कर दिया, हालांकि इसका टारगेट प्राइस ₹1,390 से बढ़ाकर ₹1,415 कर दिया। UBS ने पर्सिस्टेंट सिस्टम्स की रेटिंग भी ‘Buy’ से घटाकर ‘न्यूट्रल’ कर दी, जिसकी मुख्य वजह वैल्यूएशन थी, जबकि इसका टारगेट प्राइस ₹5,995 से बढ़ाकर ₹6,250 कर दिया।

इसने कोफोर्ज (Coforge) की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,505 से काफी बढ़ाकर ₹2,400 कर दिया। Mphasis की रेटिंग भी ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी गई और इसका टारगेट ₹2,440 से बढ़ाकर ₹2,980 कर दिया गया।

Tier-1 कंपनियों में, UBS का सबसे बड़ा रेटिंग बदलाव टेक महिंद्रा के लिए था। ब्रोकरेज ने शेयर की रेटिंग ‘न्यूट्रल’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी और इसका टारगेट ₹1,460 से बढ़ाकर ₹1,865 कर दिया।

UBS ने इन्फोसिस पर ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी और इसका टारगेट प्राइस ₹1,425 से बढ़ाकर ₹1,445 कर दिया। TCS पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनी रही और इसका टारगेट ₹2,545 से थोड़ा बढ़ाकर ₹2,565 कर दिया गया, जबकि विप्रो पर भी ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बनी रही और इसका टारगेट ₹200 तय किया गया। LTM लिमिटेड (LTIMindtree) की रेटिंग भी ‘न्यूट्रल’ बनी रही, हालांकि UBS ने इसका टारगेट प्राइस ₹4,080 से काफी बढ़ाकर ₹4,995 कर दिया।

AI के मौके बनाम पुराने बिज़नेस में गिरावट

UBS का कहना है कि इन्वेस्टर्स अब IT सर्विस सेक्टर को लेकर मंदी वाले कुछ बुनियादी तर्कों पर सवाल उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि भारतीय IT सेक्टर पर तेज़ी का रुख अपनाने के लिए अभी भी पर्याप्त सबूत नहीं हैं। पूरे सेक्टर की कमाई में AI से होने वाली कमाई का हिस्सा अभी भी बहुत कम है।

इससे एक अहम सवाल अनसुलझा रह जाता है। क्या AI से मिलने वाले मौके इतने बड़े होंगे कि वे पुरानी सर्विस (लेगेसी सर्विस) में होने वाली गिरावट की भरपाई कर सकें? ब्रोकरेज उन कंपनियों को प्राथमिकता देती है जो उनके फ्रेमवर्क पर अच्छा स्कोर करती हैं और काम को तेज़ी से आगे बढ़ा रही हैं।

भारतीय IT सेक्टर को लेकर ब्रोकरेज अभी भी चुनिंदा रुख अपना रही हैं

UBS का यह आकलन CLSA और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ द्वारा भारतीय IT सेक्टर पर सावधानी भरा या चुनिंदा रुख अपनाने के कुछ दिनों बाद आया है। इन सभी ने AI के असर और मौजूदा कंपनियों व नई कंपनियों की संभावनाओं पर बार-बार चर्चा की है।

CLSA ने TCS, इंफोसिस और टेक महिंद्रा की रेटिंग को ‘होल्ड’ (बनाए रखें) और विप्रो व एमफेसिस की रेटिंग को ‘अंडरपरफॉर्म’ (कमज़ोर प्रदर्शन) कर दिया है, जबकि कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स जैसी मिड-टियर कंपनियों को प्राथमिकता दी है। उनका कहना है कि बड़ी IT कंपनियों को पुरानी मैनेज्ड सर्विस में AI के कारण गिरावट और मैक्रो-इकोनॉमिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, हालांकि AI का वॉल्यूम अंततः FY30 तक इस गिरावट के असर की भरपाई कर सकता है। इसके बाद कोटक ने कहा कि IT शेयरों में हालिया निचले स्तर से 15-35 प्रतिशत की तेज़ी के बाद इस सेक्टर का रिस्क-रिवॉर्ड (जोखिम-लाभ) आकर्षक से बदलकर संतुलित हो गया है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : बाजार में कमजोरी कायम, शॉर्ट टर्म में अच्छे रिटर्न के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

Market Trend : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त गंवा दी है और कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे हैं। निफ्टी 24150 के नीचे आ गया है। फिलहाल सेंसेक्स 168.49 अंक या 0.22 प्रतिशत गिरकर 77,200.62 पर और निफ्टी 75.90 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 24,143.15 पर दिख रहा है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि मार्केट में एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद है। निचले स्तरों पर खरीदारी और ऊंचे स्तरों पर बिकवाली देखने को मिल सकती है। निफ्टी के लिए अभी शॉर्ट-टर्म रेंज 24100-24500 है। हालांकि,मार्केट की ज्यादातर हलचल निफ्टी से हटकर मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में हो रही है।

ब्रॉडर मार्केट में कॉर्पोरेट गतिविधियों से जुड़ी खबरें और रिपोर्ट्स लगातार आ रही हैं। अच्छी खबरों के बाद इन सेगमेंट के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखी जा रही है। यहां तक ​​कि FII भी वैल्यूएशन की ज्यादा परवाह किए बिना इन सेगमेंट में खरीदारी कर रहे हैं। हर कोई इस तेजी का फ़ायदा उठा रहा है।

इस बीच,ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर सेकेंडरी प्रतिबंधों के खतरे ने अनिश्चितता का एक नया दौर शुरू कर दिया है। कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा ऊंचे स्तरों पर ही बनी रह सकती हैं,जिससे मार्केट में तेजी सीमित रह सकती है।

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के फाउंडर गौरव उदाणी का कहना है कि मार्केट में हाल के उतार-चढ़ाव को देखते हुए बाजार में सुस्ती कायम रहने की संभावना है। आज मंथली एक्सपायरी है,इसलिए ट्रेडर्स को खासकर अहम टेक्निकल और ऑप्शन-पोजीशनिंग लेवल के आसपास तेज उतार-चढ़ाव और इंट्राडे में ज्यादा वोलैटिलिटी के लिए तैयार रहना चाहिए।

टेक्निकली, 24,000–24,100 का दायरा निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट जोन बना हुआ है,जबकि 24,300–24,400 का दायरा अहम रेजिस्टेंस रेंज का काम करेगा। अगर सपोर्ट लेवल टूटता है और मार्केट उसके नीचे बना रहता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। वहीं,अगर यह रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर जाता है तो नई खरीदारी आ सकती है।

एक्सपायरी के माहौल को देखते हुए,ट्रेडर्स को खासकर शुरुआत में होने वाले उतार-चढ़ाव के दौरान सतर्क रहना चाहिए और एग्रेसिव पोजीशन लेने से बचना चाहिए। सख्त रिस्क मैनेजमेंट के साथ एक अनुशासित और लेवल-बेस्ड अप्रोच अपनाना ही सही रहेगा।

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24282-24327 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24366-24419 पर है। इसके लिए पहला बेस 24157-24119 पर और बड़ा बेस 24071-24018 पर है।

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निफ्टी बैंक पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57531-57640 पर और बड़ा रजिस्टेंस 57860-58045/189 पर है। इसके लिए पहला बेस 57261-57151 पर और बड़ा बेस 57010-56937 पर है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं मंत्री फिनमार्ट के अरुण कुमार मंत्री। इनकी कोचीन शिपयार्ड में 1514 रुपए के आसपास,1492 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 1552 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं,अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया में 7378 रुपए के आसपास,7296 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 7502 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

FIIs की बिकवाली से इन शेयरों में बड़ा मौका! Nippon MF के शैलेश राज भान ने बताया किन सेक्टर्स में आएगी बंपर तेजी

Nippon India Mutual Fund: शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच दिग्गज म्यूचुअल फंड हाउस निप्पॉन इंडिया ने भारतीय बाजारों को लेकर एक बेहद पॉजिटिव रिपोर्ट दी है। निप्पॉन इंडिया MF के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर शैलेश राज भान का मानना है कि आने वाले कुछ सालों में बेहतर कॉरपोरेट अर्निंग्स और वाजिब वैल्यूएशन बाजार की चाल को रफ्तार देंगे।

शैलेश राज भान के मुताबिक, अगर कोई बड़ा वैश्विक संकट नहीं आता है, तो अगले 3 सालों में भारतीय कंपनियों की कमाई सालाना 12 से 15 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। आइए जानते हैं उन्होंने किन सेक्टर्स पर दांव लगाने की सलाह दी है और कहां कमाई का मौका दिख रहा है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बड़े शेयरों में बना मौका

शैलेश राज भान ने बताया कि पिछले कुछ समय में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स(FIIs) की ओर से हुई भारी बिकवाली ने लार्जकैप शेयरों के वैल्यूएशन को काफी आकर्षक बना दिया है। FIIs की बिकवाली मुख्य रूप से लार्जकैप और फाइनेंशियल स्टॉक्स में केंद्रित थी। इसके चलते कई मजबूत और क्वालिटी कंपनियों के शेयर अब वाजिब और सही दामों पर उपलब्ध हैं।

जब वैल्यूएशन आपके पक्ष में हो और कंपनियों की कमाई बढ़ रही हो, तो अगले 3 से 4 सालों में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

प्राइवेट बैंक बने हुए है सबसे पसंदीदा सेक्टर

शैलेश राज भान ने दिग्गज निजी क्षेत्र के बैंकों को निवेश के लिए सबसे आकर्षक अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि कई क्वालिटी प्राइवेट बैंक इस समय ऐसे वैल्यूएशन मल्टीपल्स पर ट्रेड कर रहे हैं, जो बीते कुछ सालों में दुर्लभ ही देखने को मिला है। कुछ बड़े प्राइवेट बैंकों के वैल्यूएशन तो अब पीएसयू बैंकों के आसपास आ पहुंचे हैं, जिससे इनमें री-रेटिंग की बड़ी गुंजाइश है।

कंज्यूमर और आईटी सेक्टर में वापसी के संकेत

लंबे समय तक सुस्ती झेलने के बाद अब कंज्यूमर और आईटी सेक्टर में भी वैल्यूएशन के लिहाज से खरीदारी के मौके दिख रहे हैं। ग्रामीण मांग में सुधार, टैक्स में राहत और कंपनियों की पहलों के चलते कंज्यूमबल्स, ड्यूरेबल्स, होटल्स और सर्विस सेक्टर में वॉल्यूम ग्रोथ लौट रही है।

बाजार आईटी सेक्टर के ग्रोथ आउटलुक को लेकर जरूरत से ज्यादा निगेटिव हो गया है। जो आईटी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाकर नए बिजनेस मॉडल में ढलेंगी, उन्हें आने वाले समय में बड़ा फायदा होगा।

कैपिटल गुड्स पर सतर्क रहें, पावर यूटिलिटीज पसंद

औद्योगिक और पावर सेक्टर पर लंबी अवधि के लिए सकारात्मक रहने के बावजूद, फंड मैनेजर ने कैपिटल गुड्स और ट्रांसमिशन कंपनियों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। इन कंपनियों के शेयरों की कीमतें पहले ही बहुत बढ़ चुकी हैं। इसके बजाय, बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए उन्होंने वाजिब वैल्यूएशन वाली पावर यूटिलिटी कंपनियों पर दांव लगाने की सलाह दी है।

पोर्टफोलियो में गोल्ड और सिल्वर का रोल अहम

सोना और चांदी कीमती धातुओं पर बात करते हुए शैलेश राज भान ने कहा कि भले ही हाल के दिनों में इनकी तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी हो, लेकिन ग्लोबल अनिश्चितता और बाजार की उठापटक से बचने के लिए पोर्टफोलियो में सोना और चांदी होना बेहद जरूरी है।

अगर आप अगले 3 से 5 साल के नजरिए से भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो केवल तेजी में भागने के बजाय उन सेक्टर्स पर ध्यान दें जहां वैल्यूएशन वाजिब हैं और कंपनियों की कमाई में टिकाऊ सुधार दिख रहा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Apollo Tyres Share Price: ब्रोकरेज ने रेटिंग की अपग्रेड, शेयर 5% चढ़ा, दिया 34% अपसाइड का टारगेट

Apollo Tyres Share Price : टायर बनाने वाली कंपनी अपोलो टायर (Apollo Tyres) के शेयरों में 24 अगस्त को बढ़त देखने को मिली। शेयर में आज 5 फीसदी का उछाल देखने को मिला। शेयर में यह तेजी ब्रोकरेज फर्म यूबीएस द्वारा रेटिंग को अपग्रेड करने के बाद आई। ब्रोकरेज फर्म UBS ने स्टॉक की रेटिंग को ‘Neutral’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दिया और इसका टारगेट प्राइस ₹590 प्रति शेयर तय किया। इस नए टारगेट का मतलब है कि शुक्रवार के क्लोजिंग प्राइस ₹439.95 से इसमें लगभग 34% की बढ़त हो सकती है।

UBS का कहना है कि Apollo Tyres का वैल्यूएशन अभी भी अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कम है, जबकि पिछले चार सालों में इस स्टॉक का प्रदर्शन टायर सेक्टर के मुकाबले कमजोर रहा है।

हालांकि, ब्रोकरेज का मानना ​​है कि हालात बेहतर हो रहे हैं क्योंकि मैनेजमेंट भारत में अपने कारोबार को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठा रहा है। इनमें ब्रांड बनाने के लिए निवेश शामिल है, जैसे कि भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी को स्पॉन्सर करना। UBS को कंपनी के यूरोप बिजनेस के भी बेहतर होने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि निवेशक कम समय में कमोडिटी की लागत के दबाव और हाल की चुनौतियों पर बहुत ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं, जबकि वे Apollo Tyres की कमाई में होने वाले बड़े सुधार की संभावना को नजरअंदाज़ कर रहे हैं, जो कमोडिटी की कीमतों का दबाव कम होने पर हो सकता है।

हालांकि Q2FY27 में और दबाव दिख सकता है, क्योंकि Q1FY27 में नेचुरल रबर की कीमतें तिमाही-दर-तिमाही 22% बढ़ी थीं, लेकिन UBS को इसके बाद कमाई में काफी सुधार की उम्मीद है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY28E में EBITDA सालाना आधार पर 21% बढ़ेगा, क्योंकि कमोडिटी का दबाव कम होगा और बिजनेस की स्थिति बेहतर होगी।हालांकि Q2FY27 में और दबाव दिख सकता है, क्योंकि Q1FY27 में नेचुरल रबर की कीमतें तिमाही-दर-तिमाही 22% बढ़ी थीं, लेकिन UBS को इसके बाद कमाई में काफी सुधार की उम्मीद है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY28E में EBITDA सालाना आधार पर 21% बढ़ेगा, क्योंकि कमोडिटी का दबाव कम होगा और बिजनेस की स्थिति बेहतर होगी। मांग मजबूत बनी हुई है और रणनीतिक पहल जोर पकड़ रही हैं, इसलिए UBS का मानना ​​है कि बाजार Apollo Tyres की मध्यम अवधि में कमाई में सुधार की क्षमता को कम आंक रहा है।

 

GIFT Nifty Indicator: क्रूड में नरमी से क्या सुधरेगा बाजार का सेंटिमेंट, गिफ्ट निफ्टी दे रहा मजबूत शुरुआत के संकेत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।