सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर चिराग दारूवाला से जाने अक्टूबर में कैसा रहेगा बाजार, राशियों के हिसाब से कहां बनेगा पैसा

सीएनबीसी -आवाज़ की खास पेशकश निवेश का राशिफल विद चिराग दारूवाला में हम सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर चिराग दारूवाला से जानेंगे कि आपकी राशि के लिहाज से अक्टूबर का महीना निवेश के लिए कैसा रहेगा। चिराग जी ने कहा कि हमें निराश होने की जरूरत नहीं है। यह ध्यान में रखिए कोई भी चीज जीवन में परमानेंट नहीं होती है। ऐसे में अच्छा समय चल रहा होता है तब हमें ये सोचना है कि अच्छे समय में हम क्या कार्य करें ताकि आने वाले समय में हमें उसका अच्छा लाभ मिल सके। उसी प्रकार जब खराब समय चल रहा होता है तो हमें थोड़ा सा सब्र रखना है। थोड़ी सी शांति रखनी है और यही प्रभु से प्रार्थना करनी है और यही सोचना है कि यह समय भी निकल जाएगा।

इस महीने कैसी रहेगी ग्रहों की स्थिति

हम बात करेंगे ग्रहों की स्थिति के बारे में। गणेश जी कहते हैं कि अक्टूबर महीने की शुरुआत में सूर्य कन्या राशि में होंगे। बृहस्पति और मंगल कर्क राशि में रहेंगे। वहीं बुध और शुक्र तुला राशि में स्थित होंगे। जबकि शनि, मीन राशि में वक्री रहेंगे। ग्रहों की यह स्थिति शेयर बाजार,व्यापार और आर्थिक गतिविधियों में उतार-चढ़ाव के साथ-साथ कुछ क्षेत्रों में तेजी के भी संकेत दे सकती है। 3 अक्टूबर को शुक्र तुला राशि में वक्री होंगे। शुक्र का अपनी राशि तुला में वक्री होना बाजार में खरीददारी की गतिविधियों को बढ़ा सकता है। बैंकिंग सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर,एफएमजी सेक्टर,ज्वेलरी सेक्टर,होटल और लग्जरी सेक्टर में निवेशकों की रुचि बढ़ने के संकेत दिख रहे हैं।

17 अक्टूबर को सूर्य तुला राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के तुला राशि में आने से बाजार में ट्रेडिंग की गतिविधियां बढ़ सकती है। आईटी सेक्टर,टेक्नोलॉजी सेक्टर,टेलीकॉम सेक्टर,बैंकिंग सेक्टर और ब्रोकरेज सेक्टर में हलचल देखने को मिल सकती हैं। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी नए अवसर देखने को मिलेंगे।

24 अक्टूबर को बुध तुला राशि में वक्री होंगे। बुध के वक्री होने से शेयर बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों को इस दौरान जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना होगा। जल्दबाजी में आपको कोई भी फैसला नहीं लेना है। रियलस्टेट,कंस्ट्रक्शन सेक्टर,ऑयल गैस सेक्टर,केमिकल सेक्टर,इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेज गतिविधियां देखने को मिल सकती है।

31 अक्टूबर को बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। बृहस्पति के राशि परिवर्तन के बाद निवेशकों को बाजार के प्रति भरोसा बढ़ सकता है। बैंकिंग सेक्टर, फाइनेंस सेक्टर,आईटी,मीडिया,टेलीकॉम,टेक्नोलॉजी,शिक्षा से जुड़े सेक्टर में गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। विदेशी निवेश और बड़े निवेशकों की भागीदारी में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर अक्टूबर में बाजार में तेजी के साथ-साथ कुछ समय पर उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। निवेशकों के लिए सेक्टर और कंपनियों का सही विश्लेषण करके करके ही आपको निर्णय लेना आपके लिए बेहतर होगा।

जानिए राशियों के हिसाब से कैसा रहेगा अक्टूबर का महीना

मेष राशि

गणेश जी कहते हैं मेष राशि वालों बिजनेस में व्यापार में विस्तार करने के लिए यह महीना बहुत ही अच्छा रह सकता है। आपके अटके हुए काम भी पूर्ण हो सकते हैं। रियलस्टेट और प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में लाभ के अवसर देखने को मिलेंगे। शेयर बाजार में मिड कैप और चुनिंदा सेक्टर पर आपको ध्यान देना होगा। आपकी जो आर्थिक स्थिति है,जो उतार-चढ़ाव चल रहा था,वह थोड़ी मजबूत होती नजर आएंगी और बचत बढ़ाने का भी आपको मौका मिलेगा। नए निवेश से पहले जोखिम और लाभ का अच्छी तरह से आकलन जरूर से करिएगा।

उपाय

प्रत्येक गुरुवार को 101 बार ओम गुरुवे नमः मंत्र का आप जाप कर सकते हैं और गाय माता को गुड़ खिला सकते हैं। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

वृषभ राशि

गणेश जी कहते हैं वृषभ राशि वालों इस महीने आपकी आर्थिक योजनाएं धीरे-धीरे सफल होती नजर आएंगी। बैंकिंग सेक्टर,आईटी सेक्टर,फाइनेंस सेक्टर में निवेश अच्छा लाभ देगा। व्यापार में पुराने संपर्कों से लाभ और नए सौदे भी मिल सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े काम में कागजी कार्यवाही सावधानी से करें। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखेंगे तो धन की बचत होगी। अटका हुआ पैसा भी आपको इस महीने मिल सकता है।

उपाय

हर शनिवार को नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी अवश्य मिलाइए। यह महीना आपके लिए अच्छा रहेगा।

मिथुन

राशि गणेश जी कहते हैं मिथुन राशि वालों शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन से जुड़े क्षेत्रों पर नजर रख सकते हैं। जल्दबाजी में आपको कोई फैसला नहीं लेना है। अच्छे इन्वेस्टर्स आपको मिल सकते हैं। व्यापार कर रहे हैं तो नए ग्राहक मिल सकते हैं। आपकी आमदनी बढ़ेंगी। प्रॉपर्टी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो अच्छे अवसर आपको प्राप्त होंगे। सोने चांदी से जुड़े कारोबार में लाभ के योग भी बन सकते हैं। इस महीने अतिरिक्त आय के नए रास्ते आपको देखने को मिलेंगे। आपके लिए नए रास्ते खुलेंगे।

उपाय

प्रत्येक शुक्रवार को मां लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करें और खीर का भोग अवश्य लगाइएं।

कर्क राशि

गणेश जी कहते हैं कर्क राशि वालों इस महीने आर्थिक मामलों में आपको नई योजनाएं बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे से जुड़े शेयरों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में किसी नए प्रोजेक्ट से आर्थिक लाभ होने की भी संभावना है। किसी भी प्रकार का लीगल डिस्प्यूट चल रहा था,स्ट्रेस चल रहा था,परेशानी चल रही थी तो वो लीगल डिस्प्यूट धीरे-धीरे समाधान में बदलेगा। यानी कि आपका जो स्ट्रेस है,जो एंग्जायटी है वो इस महीने धीरे-धीरे दूर होती नजर आएगी। म्यूचुअल फंड या फिर नियमित निवेश से भविष्य के लिए धन कमाने में मदद मिलेगी।

उपाय

हर मंगलवार को गणेश जी की पूजा अर्चना करें और ओम गण गणपताय नमः यह मंत्र का 108 बार जाप अवश्य करें।

सिंह राशि

गणेश जी कहते हैं सिंह राशि वालों इस महीने बिजनेस में आपको नए ऑर्डर मिलेंगे। आपको अच्छे इन्वेस्टर्स भी मिल सकते हैं। अगर कोई भी प्रकार का लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट लंबी अवधि का निवेश करने का विचार कर रहे हैं तो जरूर से आपको करना चाहिए। आपको फायदा अच्छा मिलेगा। शेयर बाजार में किसी के भी कहने पर आपको निवेश नहीं करना है। प्रॉपर रिसर्च एक्सपर्ट्स की सलाह लेकर अगर आप निवेश करते हैं तो अच्छा लाभ अवश्य होगा। आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। लेकिन बड़े खर्चों की योजना सोच समझकर बनाइए।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को हनुमान जी को तेल और सिंदूर अर्पित करें।

कन्या राशि

गणेश जी कहते हैं कन्या राशि वालों फाइनेंस सेक्टर,इंश्योरेंस सेक्टर और बैंकिंग सेक्टर से जुड़े निवेश में अच्छे अवसर देखने को मिल सकते हैं। आपके पोर्टफोलियो में बदलाव लाने की भी जरूरत है। व्यापार में आपकी जो मेहनत है उसका आर्थिक परिणाम आपको बहुत अच्छा मिलेगा। प्रॉपर्टी या जमीन में निवेश के लिए थोड़ा सा इंतजार करिए। कुछ अच्छी डील्स क्लोज हो सकती है। शेयर बाजार में जोखिम लेने से पहले पूरी जानकारी जरूर से हासिल करें। जल्दबाजी में आपको कोई फैसला नहीं लेना है। धन की आवक बनी रहेगी लेकिन अचानक खर्चे भी बढ़ सकते हैं।

उपाय

प्रत्येक शनिवार को कौवों को,काले कुत्तों को दूध अवश्य पिलाइए और भोजन अवश्य कराइए। आप यह समझ लीजिए कि यह पितरों के दिन चल रहे हैं। आपके पितरों का आशीर्वाद आपको अवश्य प्राप्त होगा।

तुला राशि

गणेश जी कहते हैं तुला राशि वालों आईटी सेक्टर टेक्नोलॉजी सेक्टर एनर्जी सेक्टर में निवेश करने वालों को अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं। बिजनेस में नई तकनीक या फिर नई रणनीति अपनाने से आपको अच्छा लाभ होगा। यह समय यह महीना बदलाव का महीना है। तो किसी भी प्रकार का बदलाव अगर आप पोर्टफोलियो में लाते हैं,इन्वेस्टमेंट्स में बदलाव लाते हैं या व्यापार में बदलाव लाते हैं,वह हर एक प्रकार का बदलाव आपको तरक्की के मार्ग पर अवश्य लेकर जाएगा। आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। प्रॉपर्टी से जुड़े जुड़े किसी सौदे में अच्छा लाभ मिल सकता है। पैसों का लेनदेन करते समय सावधानी रखें और बिना जांच के किसी को भी पैसा ना दें।

उपाय

प्रतिदिन सुबह गाय माता को हरा चारा अवश्य खिलाइए। यह महीना बेहतरीन रहेगा।

वृश्चिक राशि

गणेश जी कहते हैं वृश्चिक राशि वालों अभी नहीं तो कभी नहीं जो कार्य करने हैं कर लीजिए जो दिमाग में चीजें चल रही है जो आइडियाज चल रहे हैं उसे बाहर लाने का समय आ चुका है। व्यापार में मुनाफा बढ़ने से कई अवसर आपको मिल सकते हैं। ऑटोमोबाइल और एनर्जी सेक्टर से जुड़े शेयरों पर ध्यान देना होगा । इंश्योरेंस और फाइनेंस से जुड़े निवेश भी आपके लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। खर्चों पर नियंत्रण रखने से आपकी आर्थिक स्थिति और भी मजबूत होगी।

उपाय

जब भी भी संभव हो लाल चीजों का लाल कपड़ों का दान अवश्य करिए।

धनु राशि

गणेश जी कहते हैं धनु राशि वालों इस महीने जो आपके अटके हुए पैसे थे, जो इन्वेस्टमेंट किया हुआ था और मार्केट में पैसा अटक गया था वह अटका हुआ पैसा आपको मिल सकता है। यह महीना आपको अच्छी योजनाएं बनानी है और उसके ऊपर कार्य करना है। म्यूच्यूल फंड और लंबी अवधि की योजनाओं से भी लाभ मिल सकता है। करियर और व्यापार में तरक्की के कारण धन की जो स्थिति है वह मजबूत होगी। एक से अधिक स्रोते से आमदनी प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे। लेकिन खर्चों पर आपको ध्यान रखना है।

उपाय

प्रत्येक गुरुवार को ओम ब्रह्म बृहस्पे नमः का 108 बार जाप करें।

मकर राशि

गणेश जी कहते हैं मकर राशि वालों स्टील सेक्टर, सीमेंट सेक्टर, कंस्ट्रक्शन सेक्टर और रियलस्टेट सेक्टर में निवेश के अवसर मिल सकते हैं। बिजनेस में काम का विस्तार करने की योजनाएं सफल हो सकती है। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी और आय के नए स्रोत बनने की भी संभावना है। नियमित निवेश और बचत से भविष्य में आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

उपाय

जरूरतमंद लोगों को दूध,दही,घी,भोजन का दान करें।

कुंभ राशि

गणेश जी कहते हैं कुंभ राशि वालों इस महीने शेयर बाजार में ऊर्जा,पावर और गैस सेक्टर से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। पुराने निवेश में सुधार आने से आर्थिक राहत मिलेगी। बिजनेस में नए लोगों के साथ साझेदारी या फिर नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो सकता है। आपकी घर या प्रॉपर्टी खरीदने की योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं। आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव संभव है। इसलिए कोई भी निवेश कर रहे हैं सोच समझकर करें। जल्दबाजी में फैसला मत लीजिएगा।

उपाय

हर शनिवार शाम को शनिदेव को काले तिल और सरसों का तेल अवश्य अर्पित करें।

मीन राशि

गणेश जी कहते हैं मीन राशि वालों बैंकिंग और आईटी सेक्टर से जुड़े निवेश में अच्छे अवसर बन सकते हैं। महीने की शुरुआत में बनाई गई आर्थिक योजनाएं आगे चलकर लाभ दे सकती है। नौकरी और व्यापार में आय बढ़ने के नए अवसर आपको मिल सकते हैं। यह महीना अपॉर्चुनिटीज वाला महीना है। क्रिएटिविटी का महीना है। तो आप यह समझ लीजिए कि आपको अपनी जो क्रिएटिविटी है,उसे बाहर लाने की जरूरत है। ऑटोमेटिकली आपके जीवन में अपॉर्चुनिटीज का भंडार आपको इस महीने देखने को मिलेगा। प्रॉपर्टी या फिर वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो उसके लिए भी यह महीना बहुत ही बेहतरीन है। म्यूच्यूल फंड जैसे नियमित निवेश के माध्यम से भविष्य के लिए धन जुटाने का समय है।

उपाय

रोजाना सूर्य देव को जल चढ़ाएं। 21 बार गायत्री मंत्र का जाप करें और 51 बार ओम रिम सूर नमः यह मंत्र का आप जाप अवश्य करिए। यह महीना आपके लिए बेहतरीन रहेगा।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Orient Cables IPO: ग्रे मार्केट में तूफानी चाल, आईपीओ को 97 गुना बोली के बाद अब धांसू लिस्टिंग की तैयारी

Orient Cables IPO: देश की चार सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग केबल कंपनियों में शुमार ओरिएंट केबल्स के ₹552 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला। ओवरऑल 97 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन के बाद इसके शेयर अलॉट हो चुके हैं और अब इसकी लिस्टिंग का इंतजार है। जिन्हें इसके शेयर मिले हैं, उनके खाते में यह 1 अक्टूबर को क्रेडिट हो गया और अब 5 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग है।

लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से मजबूत संकेत नहीं मिल रहे हैं और GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) इश्यू प्राइस से ₹107 यानी 39.34% है यानी कि 39% से अधिक के लिस्टिंग गेन की गुंजाइश दिख रही है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं।

Orient Cables IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

ओरिएंट केबल्स का ₹552 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 25-29 सितंबर तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹258-₹272 था। इस आईपीओ को निवेशकों का धमाकेदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 97.28 गुना सब्सक्राइब हुआ है। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 192.68 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 121.90 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 32.21 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹320 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले ₹232 करोड़ के 85,29,409 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹91.50 करोड़ मशीनरी और इक्विपमेंट की खरीदारी और मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज के सिविल वर्क्स, ₹155.50 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹48.34 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹42.53 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

Orient Cables के बारे में

ओरिएंट केबल्स इंटरनेट, नेटवर्किंग, डेटा सेंटर, टेलीकॉम, सोलर, EV और दूसरी इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाली केबल और नेटवर्किंग उपकरण बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो CAT5, CAT5e, CAT6 और CAT6A नेटवर्किंग केबल्स, पैच कॉर्ड्स, सीसीटीवी और कोएक्सियल केबल्स, इंस्ट्रूमेशन और कंट्रोल केबल्स, पावर केबल्स, ऑप्टिकल फाइबर केबल्स, फाइबर पैच कॉर्ड्स, कीस्टोन जैक्स, पावर स्ट्रिप्स और पावर कॉर्ड्स हैं। इसके अलावा कंपनी ने कुछ नए प्रोडक्ट्स भी जोड़े हैं, जैसे कि ई-बीम इर्रेडिएटेड स्पेशल्टी केबल्स, सोलर जंक्शन बॉक्स, टेथर्ड ड्रोन सिस्टम्स, केबल हार्नेसेज, ईवी चार्जिंग केबल्स, ईवी चार्जिंग गन्स और पावर कॉर्ड्स। नेटवर्किंग केबल मार्केट में इसका दबदबा तेजी से बढ़ा है और मार्केट शेयर वित्त वर्ष 2022 में करीब 16% से वित्त वर्ष 2026 में 22.9% पर पहुंच गया।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 16% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹53.56 करोड़ और टोटल इनकम 33% से अधिक के सीएजीआर से ₹1,181.67 करोड़ पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2027 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में कंपनी को ₹32.78 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹490.94 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। जून 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹258.46 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹257.35 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : लगातार चौथे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 5 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 1 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार चौथे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,450 के नीचे चला गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 570.59 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरकर 71,909.70 पर और निफ्टी 198.50 अंक या 0.88 प्रतिशत गिरकर 22,421.95 पर बंद हुआ। लगभग 1306 शेयरों में बढ़त हुई, 2916 शेयरों में गिरावट आई और 191 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी, M&M, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स शामिल रहे, जबकि बढ़त वाले शेयरों में HDFC लाइफ, SBI लाइफ इंश्योरेंस, HDFC बैंक, इंफोसिस और TCS शामिल रहे।

सेक्टरल इंडेक्स में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंडेक्स में 2 प्रतिशत और टेलीकॉम इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की बढ़त हुई। दूसरी ओर, ऑटो, मीडिया, FMCG, इंफ्रा, मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल और रियल्टी इंडेक्स 2-3 प्रतिशत गिरे, जबकि एनर्जी, फार्मा, PSU बैंक और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.1 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर ने कहा कि बाजार में बिकवाली की मुख्य वजह बाहरी कारक रहे हैं। बॉन्ड यील्ड कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है और कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंची बनी हुई हैं, जिससे 2026-27 के इकोनॉमिक आउटलुक को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

घरेलू स्तर पर भी,निवेशक दूसरी तिमाही के नतीजों और अगले हफ्ते आने वाली RBI की पॉलिसी को लेकर सतर्क हैं। Q2 की कमाई Q1 के मुकाबले कम रहने की उम्मीद है। Q1 में ऑपरेटिंग कॉस्ट घटने का फायदा मिला था,जो इस बार शायद न मिले। वहीं,RBI जिसने पिछली पॉलिसी में ज्यादा खुला रुख अपनाया था,अब ग्लोबल महंगाई के दबाव और रुपये (INR) को सहारा देने की जरूरत को देखते हुए अपने रुख में बदलाव पर विचार कर सकता है। इसके बावजूद,यह ध्यान रखना जरूरी है कि भारत की अर्थव्यवस्था मज़बूत बनी हुई है और इन चुनौतियों का सामना करने के लिए अच्छी स्थिति में है।

लंबे समय के निवेशक निवेश बनाए रख सकते हैं और बाजार में करेक्शन का फायदा उठाकर धीरे-धीरे और निवेश कर सकते हैं। वहीं,कम समय के निवेशक इंतज़ार करो और देखो की रणनीति अपना सकते हैं। जब अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और सरकार के मज़बूत कदमों से ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट में स्थिरता न आ जाए तब तक हमें वेट एंड वॉच मोड में रहना चाहिए।

मार्केट पर टेक्निकल व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि छोटे ट्रेडिंग वीक में बेंचमार्क इंडेक्स में भारी गिरावट आई। निफ्टी 3.10 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। जबकि सेंसेक्स में लगभग 2000 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो लगभग सभी प्रमुख सेक्टर इंडेक्स में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट-बुकिंग देखी गई। कंज्यूमर और ऑटो इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई। कंज्यूमर इंडेक्स 6.15 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स 5.85 प्रतिशत गिरा।

इस पूरे हफ्ते बाजार को ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा। वीकली चार्ट पर एक लंबी मंदी वाली कैंडल बनी। इंट्राडे चार्ट पर निफ्टी लगातार’लोअर हाई’और ‘लोअर लो’बनाता रहा जो काफी हद तक निगेटिव ट्रेंड का संकेत है।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि बाजार का शॉर्ट टर्म स्ट्रक्चर कमजोर है। लेकिन यह ‘ओवरसोल्ड’पोजीशन में है। इसलिए,मौजूदा स्तरों से’पुलबैक रैली’की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नीचे की ओर निफ्टी के लिए 22,200 अहम सपोर्ट जोन है। जबकि 22,500 एक तत्काल रेजिस्टेंस लेवल है। 22,500 के ऊपर जाने पर पुलबैक 22,700–22,800 तक बढ़ सकता है। इसके विपरीत,22,200 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और निफ्टी 22,000–21,950 तक गिर सकता है।

बैंक निफ्टी के लिए,54,000 एक अहम सपोर्ट जोन है। अगर यह इस स्तर के ऊपर बना रहता है,तो इंडेक्स 55,000–55,500 तक वापस उछल सकता है। हालांकि,54000 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और 53,500–53,200 तक गिरावट की संभावना बढ़ सकती है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि निफ्टी 22,544 के लेवल के पास हल्की गिरावट (गैप-डाउन) के साथ खुला और हाल के सेशन में दिखी कमजोरी के कारण दबाव में बना रहा। इंडेक्स अभी 22,500–22,550 के अहम सपोर्ट जोन को टेस्ट कर रहा है, इसलिए शॉर्ट-टर्म टेक्निकल स्ट्रक्चर के लिए इस जोन का टिके रहना जरूरी है। अगर यह लगातार 22,500 के नीचे बना रहता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 22,300 के लेवल तक जा सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि ऊपर की तरफ 22,700–22,800 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है। अगर निफ्टी लगातार 22,800 के ऊपर रिकवर करता है तो इससे कुछ स्टेबिलिटी मिल सकती है और 23,000 की तरफ बढ़ने में मदद मिल सकती है। 23,000 स्ट्राइक पर सबसे ज़्यादा कॉल OI भी है,जिससे डेरिवेटिव्स के नजरिए से यह लेवल एक बड़ा रेजिस्टेंस बन जाता। मोमेंटम इंडिकेटर कमजोर बने हुए हैं। RSI 20s के बीच में है और पूरी तरह से ओवरसोल्ड जोन में है,जो लगातार गिरावट का मोमेंटम दिखाता है। हालांकि,बहुत ज्यादा ओवरसोल्ड हालात की वजह से बीच-बीच में रिकवरी की कोशिशें हो सकती हैं। लेकिन निकट भविष्य के लिए टेक्निकल आउटलुक बेयरिश बना हुआ है।

 

Market Insight : बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की आग में झुलसा बाजार, श्रीकांत चौहान से जाने कमजोर बाजार में भी किन शेयरों में हो सकती है कमाई

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Hot Stocks : बाजार में बढ़त के साथ हो रहा कारोबार, शॉर्ट टर्म में करना चाहते हैं बंपर कमाई तो इन दो शेयरों पर लगाएं दांव

Hot Stocks : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं और निफ्टी 22700 के ऊपर दिख रहा है। सुबह 10:40 बजे के आसपास सेंसेक्स 227 अंक यानी 0.31 प्रतिशत बढ़कर 72,756 पर और निफ्टी 4.60 अंक या 0.02 प्रतिशत बढ़कर 22,720 पर दिख रहा था। सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT, मीडिया और PSU बैंक में 1-2% की बढ़त हुई है। जबकि मेटल और फार्मा में लगभग 1-1% की गिरावट आई है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5-0.5% की बढ़त दिख रही है।

मार्केट आउटलुक

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, वी के विजयकुमार का कहना है कि सितंबर में अब तक निफ्टी में आई 5.67% की भारी गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का बढ़ना है। पिछले कुछ दिनों में जब FIIs ने बड़े पैमाने पर बिकवाली की तो यह गिरावट और तेज हो गई। पिछले चार ट्रेडिंग दिनों में FIIs ने 24,054 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जो कि बहुत बड़ी बिकवाली है। 10 साल के अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के 5.2% के आसपास आ गए हैं। इसको देखते हुए,FIIs की यह बिकवाली एक समझदारी भरा कदम है।

भारतीय निवेशकों के नजरिए से बाजार में आई यह भारी गिरावट एक मौका दे रहा है। अच्छी ग्रोथ की संभावनाओं वाली लार्ज-कैप कंपनियां आकर्षक वैल्यूएशन पर आ गई हैं। यह ‘वैल्यू बाइंग'(सही कीमत पर खरीदारी) का मौका है। फाइनेंशियल (खासकर बड़े बैंक), कैपिटल गुड्स, टेलीकॉम और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर में खरीदारी के अच्छे मौके हैं। इन सेक्टर की मार्केट लीडर कंपनियों में निवेश के लिए रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो बहुत अच्छा है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार में तेजी आ सकती है और जब ऐसा होगा तो ये लार्ज-कैप कंपनियां उस तेजी को आगे बढ़ा सकती हैं। मीडियम से लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए,यह बाजार ‘वैल्यू बाइंग’के शानदार मौके दे रहा है।

बाजार में आज के लिए क्या हो रणनीति?

निफ्टी पर रणनीति

बाजार पर अपनी आज की रणनीति साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 22851-22910 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 22971-23033-23110 पर है। इसके लिए पहला बेस 22573-22621 पर और बड़ा बेस 22469-22519 पर है। नई सीरीज की शुरुआत में FIIs के नेट शॉर्ट 2.67 लाख के पार हैं। ग्लोबल बाजारों से हैंडओवर फ्लैट रहे लेकिन रुझान निगेटिव है। कच्चा तेल थोड़ा नरम पड़ा है, लेकिन बॉन्ड यील्ड अब भी ऊंची है।

नई सीरीज के पहले दिन काउंटर ट्रेंड की गुंजाइश रहती है। लेकिन रिवर्सल के लिए मैक्रो इंडिकेटर्स का साथ जरूरी है। रेजिस्टेंस-1 के नीचे खरीदारी का कोई मजबूत संकेत नहीं है। फिलहाल SELL ON RISE की रणनीति पर फोकस बेहतर रहेगा। रेजिस्टेंस-1 पार हुआ तो रेजिस्टेंस-2 जोन तक पुलबैक संभव है। बेस-1 और कल के LOW पर खास फोकस रहेगा। अगर बेस-1 टिकता है तो रिवर्सल ट्रेड मिल सकता है। बेस-1 टूटा तो SLs लगेंगे और बेस-2 का दबाव बढ़ेगा।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 54810-55040 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 55291-55589 पर है। इसके लिए पहला बेस 54009-54177 पर और बड़ा बेस 53711-53856 पर है। कल इसमें तेज गिरावट आई। बेस-2 तक पहुंचकर रिकवरी दिखी। बैंकों का स्ट्रक्चर कमजोर है। शॉर्ट रोलओवर का दबाव है। 54800-55000 जोन में कॉल राइटर्स की पहली दीवार है। सबसे ज्यादा कॉल राइटिंग 56000 पर हुई है। 54000 पुट पर ठीक-ठाक OI है,बेस के लिए अहम है। आज कच्चे तेल और रुपए पर खास नजर रहेगी। रेजिस्टेंस-1 के नीचे SELL ON RISE की रणनीति काम कर सकती है। बेस-1 पर शॉर्ट करें, टिकने पर रिवर्सल की गुंजाइश होगी। 55040 के ऊपर ही स्ट्रेंथ और शॉर्ट कवरिंग के संकेत मिलेंगे।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Prakashgaba.com के प्रकाश गाबा। इनको आज Hyundai और Kaynes Tech में कमाई के मौके दिख रहे हैं। Hyundai में इनकी 2175 रुपए के टारगेट के लिए, 2050 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ खरीदारी की सलाह है। वहीं, Kaynes Tech में इनकी 3450 रुपए के टारगेट के लिए, 3550 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ बिकवाली की सलाह है

 

Stock Market Trend : मार्केट ट्रेंड अभी भी निगेटिव, कमजोर बाजार में कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 29 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : 28 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,800 के नीचे चला गया। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 1,124.02 अंक या 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 पर और निफ्टी 360.25 अंक या 1.56 प्रतिशत गिरकर 22,780.25 पर बंद हुआ। आज लगभग 1214 शेयरों में बढ़त हुई, 2905 शेयरों में गिरावट आई और 166 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल,टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स,टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स,अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में डॉ.रेड्डीज लैब्स और इंफोसिस शामिल रहे।

सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। PSU बैंक इंडेक्स 3% और टेलीकॉम इंडेक्स 2% नीचे बंद हुआ। जबकि एनर्जी,इंफ्रा,FMCG,रियल्टी,प्राइवेट बैंक, मेटल और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.7 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.8 प्रतिशत गिरा।

बोनान्ज़ा के रिसर्च एनालिस्ट बालाजी राव मुदिली ने कहा कि आज बाजार में भारी गिरावट देखी गई। निफ़्टी 22,780.25 (1.56% नीचे) पर और सेंसेक्स 72,771.21 (1.52% नीचे) पर बंद हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के ईरान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया,जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आया। इससे बाजार पर दबाव बना। साथ ही,बाजार को उम्मीद है कि अक्टूबर की बैठक में अमेरिका में ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है। ब्याज दरें बढ़ने की संभावना के चलते सोने और चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है। ये लगभग 3.36% और 5.29% नीचे आए हैं। इंडेक्स के नजरिए से देखें तो सभी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए,जिनमें बैंक,मेटल,रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई।

बॉन्ड यील्ड में तेजी, रुपये में कमज़ोरी, RBI द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती संभावना और बैंकिंग सेक्टर में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटने की उम्मीद के कारण बड़े बैंकों के शेयरों पर भारी दबाव बना हुआ है। आज बैंक-निफ्टी में 1.99% की गिरावट दर्ज की गई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि बाजार के एक अहम साइकोलॉजिकल सपोर्ट लेवल को तोड़ने के साथ ही मंदड़ियों का दबदबा बना रहा। यह ग्लोबल मैक्रो हालात बिगड़ने के साथ ही निवेशकों में बढ़ती सावधानी की भावना को दिखाता है। अमेरिका द्वारा सीज़फायर के प्रस्ताव को ठुकराने से चिंताएं बढ़ गई हैं। पश्चिम एशिया में तनाव उम्मीद से ज़्यादा समय तक बना रह सकता है। इससे निकट भविष्य में कूटनीतिक समाधान की संभावना कम हो गई है और लंबे समय तक सप्लाई में रुकावट और कमोडिटी की कीमतें बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है।

वहीं,अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भारत और अमेरिका के बीच यील्ड का अंतर कम हो रहा है,जिससे विदेशी फंडों की निकासी हो सकती है और बाज़ार का मूड सतर्क बना रह सकता है। फेड द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की बढ़ती आशंका के कारण सभी सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखा गया। इसके अलावा, RBI के आगामी पॉलिसी से पहले बाजार सतर्क रह सकते हैं। निकट भविष्य में ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति,बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव,तेल की कीमतें और पॉलिसी से जुड़े संकेत बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च, श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 360 अंक नीचे बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 1124 अंक गिर गया। सभी अहम सेक्टर इंडेक्स नेगेटिव दायरे में रहे,जिसमें PSU बैंक इंडेक्स में सबसे ज़्यादा 3.15 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

टेक्निकल तौर पर कमजोर शुरुआत के बाद निफ्टी 23,000 के स्तर से नीचे फिसल गया और इस गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इसके अलावा, डेली चार्ट पर’बेयरिश कैंडल’और इंट्राडे चार्ट पर’लोअर-टॉप फॉर्मेशन’मौजूदा स्तरों से और कमजोरी आने का संकेत दे रहे हैं।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि मार्केट का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमज़ोर बना हुआ है। हालांकि,कुछ समय के लिए’ओवरसोल्ड’पोजीशन के कारण,हम मौजूदा स्तरों से एक तेज’पुलबैक रैली’देख सकते हैं। डे ट्रेडर्स के लिए 22,800 का स्तर अहम है। इस स्तर से नीचे सेंटीमेंट कमजोर बने रहने की संभावना है,जिसमें 22,650–22,550 पर सपोर्ट मिलेगा। ऊपर की तरफ,22,800 के स्तर से ऊपर जाने पर निफ्टी 23,000–23,050 की ओर उछाल दिखा सकता है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि निफ्टी हल्की गिरावट (गैप-डाउन) के साथ खुला और उस पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया,जिससे यह 23,300 के अहम साइकोलॉजिकल लेवल से नीचे आ गया। कमजोर शुरुआत से पता चलता है कि ऊपरी लेवल पर सेलर अभी भी एक्टिव हैं,जिससे निकट भविष्य का टेक्निकल स्ट्रक्चर खराब है। ऊपर की तरफ,23,100–23,200 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस बैंड का काम कर सकता है। अगर निफ्टी लगातार 23,200 के ऊपर बना रहता है,तो इससे कुछ राहत मिल सकती है और 23,300–23,400 के लेवल तक रिकवरी में मदद मिल सकती है। हालांकि,अगर यह इस रेजिस्टेंस बैंड के नीचे ही ट्रेड करता रहा तो इंडेक्स पर और बिकवाली का दबाव बन सकता है।

नीचे की तरफ 22,800 का लेवल अहम सपोर्ट बना हुआ है,जिस पर नज़र रखनी होगी। अगर यह 22,800–22,700 के दायरे से नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स और निचले स्तरों पर जा सकता है। मोमेंटम इंडिकेटर और कमज़ोर हुए हैं। RSI 30 के आसपास है,जो बताता है कि मोमेंटम काफी कमजोर है और यह’ओवरसोल्ड’जोन के करीब है। बाजार का बड़ा तकनीकी ढांचा भी कमजोर बना हुआ है और इंडेक्स अहम मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। कुल मिलाकर,तकनीकी आउटलुक अधिक मंदी वाला हो गया है।

 

Market Mayhem : जियोपॉलिटकल संकट के बाद अब महाराष्ट्र के सूखे ने बढ़ाई टेंशन, निफ्टी करीब 5 महीने से ज्यादा के निचले स्तर पर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

चीन के रूट से हट रहे इंटरनेट केबल:अब ये हिंद महासागर में बिछ रहे, भारत को फायदा; दुनिया का 99% डेटा समुद्र के नीचे चलता है

दुनिया भर में इंटरनेट का 99% डेटा समुद्र के नीचे बिछे केबलों के जरिए चलता है। पिछले दस सालों तक चीन के पास मौजूद दक्षिण चीन सागर और लाल सागर इसके मुख्य रास्ते थे। लेकिन युद्ध, तनाव और लालफीताशाही के कारण अब कंपनियां इन रास्तों से बच रही हैं। नए इंटरनेट केबल सीधे हिंद महासागर से बिछाए जा रहे हैं, ताकि एआई जैसी सेवाओं के लिए बिना रुकावट तेज इंटरनेट मिल सके। इस बड़े बदलाव से भारत को बड़ा फायदा हो रहा है और मुंबई के बाद अब चेन्नई भी दुनिया का नया बड़ा इंटरनेट हब बन रहा है। भारत साउथ एशिया में सुरक्षित ‘डिजिटल हब’ बनकर उभर रहा भारत द. एशिया में सुरक्षित ‘डिजिटल हब’ बनकर उभर रहा है। लक्षद्वीप सागर का केबल कॉरिडोर के रूप में महत्व बढ़ने से भारत को हिंद महासागर में नई रणनीतिक बढ़त मिलेगी। साथ ही, वैश्विक टेक कंपनियों के भारी निवेश और बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे। किसी देश की अर्थव्यवस्था को बना सकता है अपाहिज सबमरीन केबल्स दुनिया के 99% इंटरनेट ट्रैफिक को संभालते हैं, जिसके बिना वैश्विक बैंकिंग, संचार व अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी। आने वाले समय में एआई, क्लाउड डेटा और सुपरकंप्यूटिंग की भारी जरूरतों के कारण इनकी रणनीतिक अहमियत और कई गुना बढ़ेगी। यह स्थिति एक ‘अदृश्य युद्ध’ जैसी ही है, जहां किसी देश के केबल काट देना बिना मिसाइल चलाए उसकी अर्थव्यवस्था को अपाहिज बना सकता है। सबमरीन केबल कैसे काम करती है? फाइबर ऑप्टिक तकनीक: सबमरीन केबल बिजली के तारों जैसी नहीं होतीं। इनमें बेहद पतले ग्लास फाइबर होते हैं, जिनसे डेटा लाइट पल्स के रूप में हजारों किलोमीटर तक जाता है। रिपीटर: लंबी दूरी में सिग्नल कमजोर न हो, इसलिए केबल में जगह-जगह रिपीटर लगाए जाते हैं। इन्हें केबल के अंदर मौजूद धातु की परत के जरिए बिजली मिलती है। सुरक्षा: केबल को समुद्र के दबाव और नुकसान से बचाने के लिए कई सुरक्षात्मक परतों से ढका जाता है। तट के पास इन्हें ज्यादा मजबूत बनाया जाता है और कई जगह समुद्र तल में दबाया जाता है। सबमरीन केबल कटने पर क्या होता है? इंटरनेट पूरी तरह बंद नहीं होता। केबल कटने पर डेटा दूसरी केबलों से भेज दिया जाता है। इसे नेटवर्क रिडंडेंसी कहते हैं। कंपनियां डेटा ट्रैफिक को कई केबलों में बांटकर रखती हैं, ताकि एक केबल खराब होने पर दूसरी काम कर सके। जहां केबल कम होती हैं, वहां इंटरनेट धीमा हो सकता है या कुछ सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। सैटेलाइट कनेक्टिविटी भी जरूरी सेवाओं के लिए बैकअप का काम कर सकती है। लेकिन अगर किसी क्षेत्र में सिर्फ एक ही केबल है और वह कट जाए, तो वहां इंटरनेट पूरी तरह बंद हो सकता है। ————————- ये खबर भरी पढ़ें… TRAI का नया DCR प्लेटफॉर्म और एप लॉन्च: घर-ऑफिस में नेटवर्क और इंटरनेट स्पीड पता चल सकेगी टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग यानी DCR प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप लॉन्च किया है। इससे अब इमारतों को डिजिटल कनेक्टिविटी की रेटिंग मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें…

चीन के रूट से हट रहे इंटरनेट केबल:अब ये हिंद महासागर में बिछ रहे, भारत को फायदा; दुनिया का 99% डेटा समुद्र के नीचे चलता है

दुनिया भर में इंटरनेट का 99% डेटा समुद्र के नीचे बिछे केबलों के जरिए चलता है। पिछले दस सालों तक चीन के पास मौजूद दक्षिण चीन सागर और लाल सागर इसके मुख्य रास्ते थे। लेकिन युद्ध, तनाव और लालफीताशाही के कारण अब कंपनियां इन रास्तों से बच रही हैं। नए इंटरनेट केबल सीधे हिंद महासागर से बिछाए जा रहे हैं, ताकि एआई जैसी सेवाओं के लिए बिना रुकावट तेज इंटरनेट मिल सके। इस बड़े बदलाव से भारत को बड़ा फायदा हो रहा है और मुंबई के बाद अब चेन्नई भी दुनिया का नया बड़ा इंटरनेट हब बन रहा है। भारत साउथ एशिया में सुरक्षित ‘डिजिटल हब’ बनकर उभर रहा भारत द. एशिया में सुरक्षित ‘डिजिटल हब’ बनकर उभर रहा है। लक्षद्वीप सागर का केबल कॉरिडोर के रूप में महत्व बढ़ने से भारत को हिंद महासागर में नई रणनीतिक बढ़त मिलेगी। साथ ही, वैश्विक टेक कंपनियों के भारी निवेश और बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे। किसी देश की अर्थव्यवस्था को बना सकता है अपाहिज सबमरीन केबल्स दुनिया के 99% इंटरनेट ट्रैफिक को संभालते हैं, जिसके बिना वैश्विक बैंकिंग, संचार व अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी। आने वाले समय में एआई, क्लाउड डेटा और सुपरकंप्यूटिंग की भारी जरूरतों के कारण इनकी रणनीतिक अहमियत और कई गुना बढ़ेगी। यह स्थिति एक ‘अदृश्य युद्ध’ जैसी ही है, जहां किसी देश के केबल काट देना बिना मिसाइल चलाए उसकी अर्थव्यवस्था को अपाहिज बना सकता है। सबमरीन केबल कैसे काम करती है? फाइबर ऑप्टिक तकनीक: सबमरीन केबल बिजली के तारों जैसी नहीं होतीं। इनमें बेहद पतले ग्लास फाइबर होते हैं, जिनसे डेटा लाइट पल्स के रूप में हजारों किलोमीटर तक जाता है। रिपीटर: लंबी दूरी में सिग्नल कमजोर न हो, इसलिए केबल में जगह-जगह रिपीटर लगाए जाते हैं। इन्हें केबल के अंदर मौजूद धातु की परत के जरिए बिजली मिलती है। सुरक्षा: केबल को समुद्र के दबाव और नुकसान से बचाने के लिए कई सुरक्षात्मक परतों से ढका जाता है। तट के पास इन्हें ज्यादा मजबूत बनाया जाता है और कई जगह समुद्र तल में दबाया जाता है। सबमरीन केबल कटने पर क्या होता है? इंटरनेट पूरी तरह बंद नहीं होता। केबल कटने पर डेटा दूसरी केबलों से भेज दिया जाता है। इसे नेटवर्क रिडंडेंसी कहते हैं। कंपनियां डेटा ट्रैफिक को कई केबलों में बांटकर रखती हैं, ताकि एक केबल खराब होने पर दूसरी काम कर सके। जहां केबल कम होती हैं, वहां इंटरनेट धीमा हो सकता है या कुछ सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। सैटेलाइट कनेक्टिविटी भी जरूरी सेवाओं के लिए बैकअप का काम कर सकती है। लेकिन अगर किसी क्षेत्र में सिर्फ एक ही केबल है और वह कट जाए, तो वहां इंटरनेट पूरी तरह बंद हो सकता है। ————————- ये खबर भरी पढ़ें… TRAI का नया DCR प्लेटफॉर्म और एप लॉन्च: घर-ऑफिस में नेटवर्क और इंटरनेट स्पीड पता चल सकेगी टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग यानी DCR प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप लॉन्च किया है। इससे अब इमारतों को डिजिटल कनेक्टिविटी की रेटिंग मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें…

Orient Cables IPO का GMP 25%, क्या दांव लगाने से होगी मोटी कमाई?

ओरिएंट केबल्स के आईपीओ को शानदार रिस्पॉन्स मिला है। 25 सितंबर को पहले दिन ही 1 बजे तक इश्यू 87 फीसदी सब्सक्राइब हो चुका था। यह इश्यू 552 करोड़ रुपये का है। कंपनी ने 258-272 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इस इश्यू में 29 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है।

24 सितंबर को जीएमपी 41 फीसदी था

इनवेस्टरगेन के मुताबिक, इस शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम 25 फीसदी चल रहा है। 24 सितंबर को जीएमपी 41 फीसदी से ज्यादा था। अगर शेयर की लिस्टिंग जीएमपी के मुताबिक होती है तो इनवेस्टर्स को अच्छा मुनाफा हो सकता है। हालांकि, जीएमपी से शेयरों की लिस्टिंग का सिर्फ एक संकेत मिलता है। यह शेयर की लिस्टिंग प्राइस की गांरटी नहीं है।

आईपीओ में ऑफर फॉर सेल भी शामिल 

ओरिएंट केबल्स गुरुग्राम की कंपनी है। कंपनी के आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल है। इसका मतलब है कि आईपीओ में नए शेयर एलॉट होने के साथ ही प्रमोटर फैमिली अपने कुछ शेयर बेचेगी। इस आईपीओ में कम से कम शेयरों के एक लाट के लिए बोली लगानी होगी। एक लॉट 55 शेयरों का है। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर बोली लगाने के लिए कम से कम 14,960 रुपये की जरूरत पड़ेगी।

एंकर इनवेस्टर्स से 165 करोड़ जुटा चुकी है कंपनी

कंपनी ने आईपीओ खुलने से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 165.6 करोड़ रुपये जुटाए हैं। उसने 272 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कुल 60.88 लाख शेयर एलॉट किए हैं। एंकर इनवेस्टर्स में कई बड़े म्यूचुअल फंड हाउस शामिल हैं।

कंपनी आईपीओ के पैसे से नई मशीन खरीदेगी

कंपनी इश्यू से जुटाए गए पैसे में से 91.5 करोड़ रुपये का इस्तेमाल नई मशीन और इक्विपमेंट खरीदने के लिए करेगी। साथ ही अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में कुछ सिविल वर्क कराएगी। वह 155.5 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी पैसे का इस्तेमाल सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए होगा।

कंपनी नेटवर्किंग सहित कई तरह के केबल्स बनाती है

ओरिएंट केबल्स नेटवर्किंग केबल्स और पैसिव नेटवर्किंग इक्विपमेंट बनाती है। साथ ही स्पेशियलिटी और ऑप्टिकल फाइबर केबल्स बनाती है। इसके ग्राहकों में ब्रॉडबैंड, टेलीकॉम, डेटा सेंटर्स, रिन्यूएबल एनर्जी और स्मार्ट बिल्डिंग ऑटोमेशन सेंगमेंट शामिल हैं। यह आईपीओ ऐसे वक्त आया है, जब प्राइमरी मार्केट में काफी हलचल है। एनएसई का आईपीओ 24 सितंबर को लिस्ट हुआ। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ था। सबसे बड़ा आईपीओ ह्युंडई का था।

Stock in Focus: 1 साल में 568% का मल्टीबैगर रिटर्न, अब डेटा सेंटर के लिए पेश की केबल की नई रेंज

Stock in Focus: टेलीकॉम और ऑप्टिकल फाइबर कंपनी Sterlite Technologies Limited (STL) ने डेटा सेंटर के लिए फाइबर ऑप्टिक केबल की नई रेंज पेश की है। ये केबल कंपनी की Neuralis डेटा सेंटर प्रोडक्ट रेंज का हिस्सा हैं।

कंपनी के मुताबिक, नई रेंज में 48 से लेकर 6,912 ऑप्टिकल फाइबर वाली केबल शामिल हैं। इन्हें खासतौर पर बड़े डेटा सेंटरों के लिए तैयार किया गया है। इन डेटा सेंटरों में लगातार ज्यादा मात्रा में डेटा ट्रांसफर की जरूरत बढ़ रही है।

साइट पर कनेक्टर लगाने की जरूरत नहीं

इन केबल्स की खास बात यह है कि इनके सिरों पर कनेक्टर फैक्ट्री से ही लगे होते हैं। यानी साइट पर पहुंचने के बाद इंजीनियरों को इन्हें हाथ से लगाने की जरूरत नहीं होगी। इससे इंस्टॉलेशन का काम आसान और तेज हो सकता है।

पहली रेंज में 576 तक फाइबर

STL ने इस प्रोडक्ट रेंज को दो हिस्सों में बांटा है। पहली रेंज में 48 से 576 ऑप्टिकल फाइबर वाली केबल हैं। इनका इस्तेमाल एक ही डेटा हॉल के अंदर कनेक्शन के लिए किया जाएगा।

दूसरी रेंज में 144 से 6,912 ऑप्टिकल फाइबर वाली केबल शामिल हैं। इन्हें अलग-अलग बिल्डिंग के बीच या किसी बड़े कैंपस में लंबी दूरी के कनेक्शन के लिए बनाया गया है। ये केबल लंबे समय तक धूप और दूसरी बाहरी परिस्थितियों को झेलने के लिए भी तैयार की गई है।

फाइबर की पहचान करना होगा आसान

STL ने इन केबल्स में एक पेटेंटेड तकनीक का भी इस्तेमाल किया है। इसमें अलग-अलग फाइबर को रंगों के जरिए आसानी से पहचाना जा सकता है। इससे इंस्टॉलेशन के दौरान फाइबर की पहचान करना और उन्हें आपस में स्प्लाइस करना आसान होगा।

शेयर में 5% की गिरावट

शेयर बाजार की बात करें तो Sterlite Technologies का शेयर गुरुवार के कारोबार में करीब 5% गिरकर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक शेयर करीब 8 गुना बढ़ चुका है। वहीं 6 महीने में इसने 357.59% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में इसने 568.25% का रिटर्न दिया है।

Stocks To Buy: मैक्वेरी ने इन 4 शेयरों पर दी खरीद की राय, मिलेगा 39% का रिटर्न, क्या इनमें से कोई है आपके पास

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।