Trading plan: बाजार कह रहा है कुछ दिन ट्रेडिंग ना करें, एकदम पक्का भरोसा मिले तभी करें ट्रेड

Trading plan : पूरे दिन एक रेंज में घूमने के बाद बाजार में निचले स्तरों से रिकवरी आई है। बैंक निफ्टी में भी दिन के लो से सुधार हुआ है। इधर मिडकैप और स्मॉलकैप में हल्का दबाव है। कच्चा तेल 88 डॉलर के ऊपर आ गया है। आज अर्निंग्स सीजन का आखिरी दिन भी है। मेटल और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी आई है। दोनों सेक्टर इंडेक्स करीब करीब एक फीसदी फिसले हैं। साथ ही कैपिटल मार्केट,केमिकल्स और FMCG पर भी दबाव है। वहीं कंज्यूमर ड्यूरेबल और कैपिटल गुड्स में हल्की खरीदारी आई है।

चुनिंदा प्रीपेड प्लान महंगे होने की खबर के बाद टेलीकॉम शेयरों में जबरदस्त एक्शन देखने को मिला है। 3 फीसदी की तेजी के साथ भारती एयरटेल में ब्रेकआउट देखने को मिला है। वोडाफोन आइडिया भी 4 फीसदी भागा है। भारती हेक्सा भी ऊपर कारोबार कर रहा है। कल के नतीजों और ब्रोकरेज की बुलिश रिपोर्ट्स के दम पर जुबिलेंट फूड भागा है। यह शेयर करीब 4 फीसदी चढ़कर वायदा का टॉप गेनर बना है। वहीं अच्छे नतीजों के बाद वेल्सपन लिविंग 5 फीसदी उछला है। साथ ही इंडिगो पेंट्स में भी जोरदार तेजी आई है। उधर नतीजों के बाद ओपोलो हॉस्पिटल में भी लगातार दूसरे दिन तेजी कायम है।

खराब रिजल्ट के बाद टाटा मोटर्स PV में तेज गिरावट देखने को मिली है। JLR फिर सिरदर्द बना है। यह शेयर 5 फीसदी टूटकर निफ्टी का टॉप लूजर बना है। वहीं ब्राजील की कंपनी ALUNORTE की एल्युमिना प्रोडक्शन बढ़ाने की खबर से नाल्को 5 फीसदी टूटा है।

बाजार: उलझन भरा दिन और हफ्ता

सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि पूरे दिन और पूरा हफ्ते बाजार एक दायरे में रहा। निफ्टी न चलने को तैयार है,न गिरने को। बैंक निफ्टी और निफ्टी IT में भी कोई बड़ा ट्रेंड नहीं है। आज मिड और स्मॉलकैप्स में भी काफी कम मौके रहे। Adv/Dec आज थोड़ा खराब रहा। इंडिया VIX में कोई बदलाव नहीं हुआ, PCR भी समान रहा। आज अर्निंग्स सीजन का भी आखिरी दिन है। कच्चा तेल भी वापस $88.5 के स्तर पर आ गया है।

बाजार: अब क्या?

बाजार कह रहा है कुछ दिन ट्रेडिंग ना करें। एकदम ही भरोसा मिले तभी ट्रेड करें। वरना रेंज को स्मार्टली किनारों पर ट्रेड करें। आज भी निफ्टी ने दोनों तरफ के SL नहीं छुए। लेकिन निफ्टी ट्रेड्स में 50-60 अंक मिल रहे हैं। ऐसा मार्केट्स आमतौर पर आपको थका देता है। इसलिए जरूरी है कि ओवरट्रेडिंग न करें। जबरदस्ती ट्रेड न ढूंढें, ट्रेड को आने दें। टेलीकॉम में बड़ी खबर के बाद ब्रेकआउट देखने को मिला है। डिफेंस एक और मजबूत पॉकेट है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए 24,250-24,300 पर सपोर्ट और 24,450-24,500 पर रेजिस्टेंस है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 57,100-57,300 पर सपोर्ट और 57,600-57,800 पर रेजिस्टेंस है।

 

आगे खपत से जुड़ी कंपनियों में दिखेगी जोरदार तेजी, फिनटेक और क्विक कॉमर्स शेयरों पर रहे नजर – आशीष चतुरमोहता

 

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भारत 2036 तक बन सकता है 20 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी, करने होंगे ये 20 रिफॉर्म्स

भारत 10 साल में 20 ट्रिलियन (लाख करोड़) डॉलर की इकोनॉमी बन सकता है। लेकिन, इसके लिए रिफॉर्म्स के बड़े कदम उठाने होंगे। इनवेस्टमेंट बैंक इक्विरस के एमडी और चेयरमैन अजय गर्ग ने यह अनुमान जताया है। उन्होंने कहा कि 2036 तक 20 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने के लिए भारत को एक साथ 20 रिफॉर्म्स करने होंगे।

गर्ग न कहा, “मेरा मानना है कि एक साथ कुल 20 रिफॉर्म्स करने होंगे। इसकी वजह यह है कि इंडिया की इकोनॉमी 4 ट्रिलियन डॉलर की हो गई है। आज भारत की इकोनॉमी यूरोप के कई देशों की इकोनॉमी से बड़ी है। लेकिन, भारत में प्रति व्यक्ति आय अब भी सिर्फ 3000 डॉलर है।” प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत यूरोपीय देशों से काफी पीछे है।

Equirus एक इनवेस्टमेंट बैंक है, जिसका हेडक्वार्टर मुंबई है। उसने इस हफ्ते एक रिपोर्ट जारी किया है, जिसमें भारत के लिए जरूरी 20 रिफॉर्म्स बताए गए है। इक्विरस का मानना है कि इन रिफॉर्म्स से अगले एक दशक में भारत की जीडीपी बढ़कर करीब पांच गुनी हो जाएगी। इन रिफॉर्म्स के बगैर 20 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने में भारत को 21 साल लग जाएंगे।

गर्ग ने कहा कि अगर हर सेक्टर में भारत की ग्रोथ बीते 10 साल जितनी रहती है तो इकोनॉमी के 20 ट्रिलियन डॉलर के लेवल तक पहुंचने में 21 साल लग जाएंगे। लेकिन, जरूरी रिफॉर्म्स करने से यह लेवल 2036 तक हासिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस रोडमैप में डॉलर के मुकाबले रुपये में संभावित मजबूती को ध्यान में नहीं रखा गया है।

इक्विरस की रिपोर्ट में शामिल रिफॉर्म्स में पहले नंबर पर कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट है। गर्ग ने कहा कि भारत में बॉन्ड मार्केट इसके शेयर बाजार के मुकाबले काफी कम विकसित है। इसकी बड़ी वजह बॉन्ड्स से जुड़े टैक्स के नियम हैं। कुछ साल पहले सरकार ने डेट म्यूचुअल फंड्स के टैक्स के नियमों में बदलाव किया। इससे डेट म्यूचुअल फंड्स में निवेश का आकर्षण कम हो गया।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, बॉन्ड्स के टैक्स के नियम भी इक्विटी जैसे होने चाहिए। रिपोर्ट में सर्विसेज पर फोकस बढ़ाने की जरूरत बताई गई है। इक्विरस का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग से ज्यादा फोकस सर्विसेज पर रखने की जरूरत है। फाइनेंशियल मार्केट्स, ग्लोबल कपैबिलिटी सेंटर्स, टूरिज्म और एजुकेशन ऐसे चार क्षेत्र हैं, जिनमें सबसे ज्यादा रिफॉर्म्स की जरूरत है।

गर्ग ने रेलवे के निजीकरण को भी जरूरी बताया है। उन्होंने टेलीकॉम सेक्टर का उदाहरण दिया। टेलीकॉम सेक्टर को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोलने के बाद टेलीकॉम सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ। टेलीकॉम सेवाएं पिछले कुछ सालों में आबादी के बड़े हिस्से तक पहुंच गई हैं। साथ ही टैरिफ यानी टेलीकॉम सेवाओं की कीमत में भी बड़ी कमी आई है।

MP में निवेश का बड़ा मौका, 8,635 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, 5,700 से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार

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गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित निवेश संवाद के दौरान मध्यप्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 8 हजार 635 करोड़ रुपए के निवेश प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों से 5 हजार 785 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। निवेश संवाद में गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, भावनगर, राजकोट और वडोदरा सहित प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से 500 से अधिक उद्योगपतियों, निवेशकों एवं कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने सहभागिता की और मध्यप्रदेश में निवेश के प्रति विशेष रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 12 अगस्त को अहमदाबाद में आयोजित मेगा निवेश संवाद इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश में देशभर से आए प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित किया।   

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश व्यापार-व्यवसाय, नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना-विस्तार और बिजनेस एक्सटेंशन के लिए असीम संभावनाओं की धरती है। मध्यप्रदेश में निवेश हमेशा से ही फायदे का सौदा रहा है। उन्होंने देशभर के निवेशकों का प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश करने वालों को हमारी सरकार हर संभव सुविधा, सुरक्षा और सहयोग उपलब्ध कराएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए देश में चल रहे विकास यज्ञ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक नीतियों को देश के उद्योग जगत से सराहना मिल रही है। उद्योग के संचालन के लिए मुख्यत: ठोस नीति, नेक नीयत और सहयोगी सरकार। मध्यप्रदेश में आपको यह तीनों ही मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्योग जगत को आगामी प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027, भोपाल के लिए आमंत्रित करते हुए कहा, आपके पास अनुभव है और हमारे पास अवसर। हमारे अवसरों को आपका अनुभव मिल जाए, तो हम मिलकर इतिहास रचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश के प्रगति पथ में सहयात्री बनने का आह्वान करते हुए कहा कि आइए, मध्यप्रदेश में बिना किसी संकोच के और खुले दिल से निवेश कीजिए तथा हमारे साथ विकास की इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनिए।

 

एमपी में किसी बात की चिंता नहीं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को बिजली, पानी और जमीन की चिंता करने की जरूरत नहीं है। औद्योगिक भूमि रियायती दरों पर लीज पर उपलब्ध है, पर्याप्त वाटर बैंक और सरप्लस बिजली है तथा प्लग एंड प्ले जोन विकसित किए जा रहे हैं। लगभग 19 हजार एकड़ में 48 नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। सिंगल विंडो सिस्टम को 'समस्याओं का अंत, सेवा तुरंत' बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बाधा का समाधान एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। सरल और सहज कनेक्टिविटी को प्रदेश की बड़ी ताकत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क, मजबूत रेल कनेक्टिविटी, 8 एयरपोर्ट, 6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो, एक्सप्रेस-वे और हाईवेज़ उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशिक्षित और कुशल श्रम शक्ति भी बेहद आसानी से उपलब्ध है।

 

मध्यप्रदेश और गुजरात हैं जुड़वा भाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच औद्योगिक संभावनाओं एवं उच्च कोटि के परस्पर सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों ही राज्य जुड़वा भाईयों की तरह हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात के पास तकनीक, व्यापार और औद्योगिक अनुभव है, वहीं मध्यप्रदेश के पास प्रचुर जल, लैंड बैंक और देश के मध्य में स्थित होने का लॉजिस्टिक्स एडवांटेज है। दोनों राज्यों की इन्हीं बेजोड़ विशेषताओं के समन्वय से इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास का नया इतिहास रचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि गुजरात के पेट्रोकेमिकल, रसायन, टेक्सटाइल, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों के लिए मध्यप्रदेश में व्यापक अवसर हैं। बीना में विशाल पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी, उज्जैन में 360 एकड़ में विकसित हो रहा अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइस पार्क, धार और नवसारी में पीएम मित्रा पार्क तथा पीथमपुर का मजबूत ऑटोमोबाइल आधार दोनों राज्यों की औद्योगिक साझेदारी की संभावनाओं को और मजबूत करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों में 34 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। नवीकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो और बायोमास जैसी नीतियों से निवेश का रास्ता आसान हुआ है और इन क्षेत्रों में 7 लाख 19 हजार करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ है।

mohan yadav

मां नर्मदा के दो बेटे देश के औद्योगिक विकास के लिए बढ़ रहे हैं साथ-साथ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के काल से गुजरात की धरती देश को समृद्धि देती आई है। गुजरात ने महात्मा गांधी और सरदार वल्लभ भाई पटेल जैसे महापुरुष हमें दिए हैं। अब प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत दुनिया का अग्रणी देश बनने की ओर अग्रसर है। गुजरात और मध्यप्रदेश मां नर्मदा के दो बेटों की तरह हैं। नर्मदा के जल से दोनों प्रदेशों में पेयजल और सिंचाई के पर्याप्त पानी मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार सरोवर बांध के लिए अपने संकल्प को पूरा किया है। दोनों राज्यों में उद्योग, व्यापार, संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूलता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उद्यमी पुरुषार्थ और व्यापार से कई लोगों को रोजगार और घर चलाने का अवसर मिलता है। हम 'जियो और जीने दो' के साहचर्य सिद्धांत पर आगे बढ़ने वाले लोग हैं।

 

समृद्धि वाली धरती है गुजरात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेगा निवेश संवाद कार्यक्रम में आए उद्योगपतियों और उद्यमियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि गुजरात के साथ संबंध अनेक प्रकार से महात्मा गांधी के समय से है। स्वतंत्रता आंदोलन समर में सभी राज्य संयुक्त रूप से संघर्षरत थे। गुजरात से ही सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा आधुनिक भारत की नींव रखने का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मध्यप्रदेश में शिक्षा ग्रहण की। गुजरात में वे द्वारकाधीश बने और जगद्गुरु भी बने। गुजरात की धरती ही कृष्ण को श्री लगाने वाली और समृद्धि देने वाली धरती है। अब एक बार फिर गुजरात और मध्यप्रदेश के साथ अब नया रिश्ता जुड़ रहा है। मध्यप्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए गुजरात के सभी उद्यमी आमंत्रित हैं। उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में पूरा सहयोग प्राप्त होगा। गुजरात में पेट्रोकेमिकल , रसायन, टेक्सटाइल, फॉर्मा और एनर्जी सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं। गुजरात का टेक्सटाइल तो दुनिया में प्रसिद्ध है। गुजरात के पास धार जिले में प्रधानमंत्री मोदी ने 2 हजार एकड़ में बन रहे टेक्सटाइल सेक्टर के पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। यहां तेजी से निवेश आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भी गुजरात से हैं। उनके नेतृत्व में भारत पूरे विश्व में सबसे अलग छवि बना रहा।

 

क्रियान्वित हो रहा समृद्धि का संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और गुजरात के मध्य समन्वय तेजी से बढ़ रहा है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी का जो राज्यों की समृद्धि का संकल्प था , वह क्रियान्वित हो रहा। सरदार सरोवर परियोजना के संदर्भ में राज्यों के मध्य आवश्यक सहयोग पर बल दिया गया है। दोनों राज्यों के बीच प्रधानमंत्री मोदी के शासनकाल में केंद्र का पर्याप्त समुचित मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। राज्यों में परस्पर सहयोग और साथ रहे, इस दृष्टि से विभिन्न क्षेत्रों में राज्य समान रूप से आगे बढ़ें, यह अनुकूलता बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने औद्योगिक विकास के लिए ठोस नीतियां लागू की हैं। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश में विशेष प्रयास हुए हैं। राज्य में बिजली की उपलब्धता सरप्लस है। मध्यप्रदेश की बिजली से दिल्ली में मेट्रो ट्रेन भी चल रही है। देश में सबसे सस्ती बिजली दर मध्यप्रदेश में है। राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों को लागू कर सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। निवेशकों से किए हर वादे को पूरा करते हुए बड़े उद्योग और एमएसएमई ईकाइयों को पिछले माह तक की निवेश प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दिया गया है। सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता के बलबूते बैकलॉग सब्सिडी को भी खत्म किया है।

 

युवाओं को हर क्षेत्र में मिल रहे अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में युवाओं के लिए हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। राज्य में टूरिज्म, आईटी, फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में भी अपार संभावनाएं हैं। राज्य में इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन सिटी और भोपाल सहित पड़ोसी जिले को जोड़कर मेट्रोपोलिटन सिटी तैयार करने का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश में सबसे तेज गति से मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। सबसे तेज गति से उद्योगों की स्थापना हो रही है। मध्यप्रदेश देश में में सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य है। उन्होंने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास में मध्यप्रदेश में हो रहे विशेष प्रयासों और अन्य सेक्टर में आ रहे निवेश का भी विवरण दिया। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों और सकारात्मक वातावरण की विस्तार पूर्वक जानकारी दी।

 

एमपी में अद्भुत टूरिज्म

गुजरात के वेलस्पन ट्रांसफॉर्मेशन सर्विस लिमिटेड के ऑनर चिंतन ठाकर ने मध्यप्रदेश में निवेश का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि गुजरात और मध्यप्रदेश सिस्टर स्टेट होने के साथ-साथ देश के भविष्य के ग्रोथ इंजन हैं। वर्ष 2011 में हमारी कंपनी ने मध्यप्रदेश में प्रवेश किया। देवास-भोपाल रोड पर अपनी यूनिट शुरू की। हमने वॉटर पाइप्स तैयार किए। मध्यप्रदेश सरकार ने केवल 12 महीने में उद्योग स्थापना के लिए जरूरी सभी अनुमतियां दे दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्यमियों और निवेशकों की सभी देनदारियां लगातार भुगतान की जा रही हैं। सिम्फनी लिमिटेड कंपनी के सीएमडी एवं कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज की गुजरात स्टेट कांउसिल के चेयरमेन  अचल बेकेरी ने कहा कि मध्यप्रदेश अतुल्य भारत का हृदय प्रदेश है। हाल के वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। घरेलू पर्यटकों की संख्या 14 करोड़ से अधिक दर्ज की गई। अब घरेलू पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश पारंपरिक तौर पर गोवा और हिमाचल प्रदेश की श्रेणी में शामिल हो रहा है। धार्मिक पर्यटन के लिए उज्जैन और चित्रकूट, वन्यजीव पर्यटन के लिए बांधवगढ़, कान्हा और पेंच राष्ट्रीय उद्यान, ऐतिहासिक विरासत के लिए खजुराहो, मांडू और सांची प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। राज्य में बढ़ते टूरिज्म को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने होमस्टे की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। टूरिज्म राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रहा है। गुजराती समुदाय के लिए मध्यप्रदेश में हॉस्पिटिलिटी सेक्टर में अपार संभावनाएं नजर आ रही हैं। कई गुजराती निवेशक मध्यप्रदेश को अपने दूसरे घर के रूप में देखते हैं। राज्य में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य हुए हैं। गुजरात में पहले हुई इन्वेस्टर्स मीट में हजारों करोड़ों के निवेश प्रस्ताव मध्यप्रदेश पर भरोसा दिखाते हैं। राज्य में उद्योग मित्र नीतियां, पारदर्शिता और निवेश अनुकूल वातावरण निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

 

एमपी में निवेश के लिए अनुकूल माहौल

अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन नीरज मंडलोई ने निवेशकों को मध्यप्रदेश की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोसी राज्य गुजरात ने हमेशा अपनी उद्यमिता, चुनौतियों का सामना करने और नवाचारों से देश को प्रेरित किया है। मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए एक लाख एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है। राज्य में 8 एयरपोर्ट, 22 रेल जंक्शन और तेजी से बढ़ता लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर इसे बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। राज्य सरकार ने 8 डेडिकेटेड इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इनमें मुरैना में फुटवियर पार्क, उज्जैन में मेडिकल डिवाइस, रायसेन में प्लास्टिक पार्क भी शामिल हैं। सेक्टर आधारित क्लस्टर हमारी विशेषता हैं। नीति आयोग ने मध्यप्रदेश को निवेश प्रोत्साहन नीतियों के निर्माण के मामले में शीर्ष राज्य घोषित किया है। हमारी उद्योग आधारित नीतियों को देश के दूसरे राज्य भी अपना रहे हैं। राज्य की पॉलिसी निर्यात, निवेश अनुदान को भी बढ़ावा दे रही हैं। मध्यप्रदेश जनवरी-फरवरी 2027 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करने जा रहा है। मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक, तीसरा सबसे बड़ा दूध उत्पादक है। फूड प्रोसेसिंग के लिए राज्य में कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि पीथमपुर में ऑटो सेक्टर का सबसे बड़ा टेस्टिंग ट्रैक है। धार जिले में टेक्सटाइल सेक्टर का देश के सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिसमें अब तक 2 हजार करोड़ से अधिक का निवेश मिल चुका है। मध्यप्रदेश की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पॉलिसी निवेशकों को हर क्षेत्र में मदद कर रही हैं। भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने पर काम चल रहा है। ग्वालियर में केंद्र सरकार के सहयोग से देश का पहला टेलीकॉम मैन्यूफेक्चरिंग जोन (टीएमजेड) विकसित किया जा रहा है। पर्यटन भविष्य में रोजगार का सबसे बड़ा जरिया बनेगा। मध्यप्रदेश वन्यजीव पर्यटन और धार्मिक पर्यटन में अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार टूरिज्म सेक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

 

आईटी सेक्टर में अपार संभावनाएं

प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेल्वेंद्रन ने कहा कि मध्यप्रदेश में आईटी सेक्टर में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में देश के दूसरे राज्यों की तुलना में सस्ती और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलती हैं। यहां रहना काफी सस्ता है। टीसीएस इंदौर में अपनी यूनिट संचालित करती है, जिसमें 16 हजार से अधिक स्टॉफ काम करता है। इन्फोसिस भी राज्य में अपना विस्तार करने जा रही है। बैगलौर और हैदराबाद की अपेक्षा मध्यप्रदेश में ट्रैफिक अत्यंत सुगम है। राज्य सरकार नया स्पेस टेक पार्क स्थापित करने पर कार्य कर रही है। भोपाल में ड्रोन मैन्यूफेक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्रोन टेस्टिंग के लिए ग्रीन जोन तैयार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार स्पेस टेक पॉलिसी के अंतर्गत 40 से 60 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी प्रदान करती है। हमारी सेमीकंडक्टर पॉलिसी को देशभर से बेहतर रिस्पांस मिल रहा है। राज्य सरकार उद्योग स्थापित करने के लिए किराये और स्टॉफ की सैलरी के लिए भी सहायता दे रही है।

 

मुख्यमत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से की वन-टू-वन चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव निवेश संवाद के दौरान प्रमुख उद्योग समूहों के साथ 15 से अधिक वन-टू-वन बैठकें हुईं। इनमें निवेश प्रस्तावों, औद्योगिक विस्तार और मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई। अरविंद लिमिटेड के साथ पीएम मित्र पार्क में प्रस्तावित 1,200 करोड़ रुपए के निवेश को शीघ्र क्रियान्वित करने, टेक्सटाइल एवं गारमेंट क्षेत्र में उपलब्ध प्रोत्साहनों और  पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक अधोसंरचना के विकास पर चर्चा हुई। वहीं, टोरेंट पावर लिमिटेड के साथ अनूपपुर में प्रस्तावित 1600 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना, प्रदेश की दीर्घकालीन ऊर्जा सुरक्षा, अतिरिक्त विद्युत क्षमता सृजन और भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। पेट्रोकेमिकल, केमिकल, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस एवं रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग समूहों ने मध्यप्रदेश में निवेश में रुचि दिखाई। वन-टू-वन बैठकों में चिरपाल ग्रुप, गोल्डक्रेस्ट सीमेंट, गुजरात अंबुजा, एजियोस पॉलीफिल्म्स, एरिस लाइफसाइंसेज सहित अन्य उद्योग समूहों के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा हुई। गुजरात के निवेशकों एवं उद्योग जगत ने प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, व्यवस्थाओं और नेतृत्व के प्रति विश्वास भी व्यक्त किया।

 

सीएम डॉ. मोहन ने बताया किसने कितना किया निवेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सीमेंट क्षेत्र में गोल्डक्रेस्ट सीमेंट द्वारा 3,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव से 1,500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। पैकेजिंग क्षेत्र में एजियोस पॉलीफिल्म्स प्रालि द्वारा 2,500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव से 1,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वहीं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स लिमिटेड द्वारा 1,200 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव से 500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र में एरिस लाइफसाइंसेज लिमिटेड द्वारा 500 करोड़ रुपए के निवेश से 800 रोजगार, टेक्सटाइल क्षेत्र में राघव वूवन एलएलपी द्वारा 250 करोड़ रुपए के निवेश से 400 रोजगार, इंजीनियरिंग क्षेत्र में भव्य मशीन टूल्स द्वारा 250 करोड़ रुपए के निवेश से 300 रोजगार, केमिकल क्षेत्र में जय केमिकल इंडस्ट्रीज प्रालि द्वारा 200 करोड़ रुपए के निवेश से 100 रोजगार तथा पैकेजिंग क्षेत्र में बालाजी मल्टीफ्लेक्स प्रालि द्वारा 200 करोड़ रुपए के निवेश से 100 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि टेक्सटाइल क्षेत्र में श्रद्धा स्पन प्रालि द्वारा 160 करोड़ रुपए के निवेश से 600 रोजगार, अन्य क्षेत्र में इनर इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स एंड सिस्टम्स प्रालि द्वारा 150 करोड़ रुपए के निवेश से 160 रोजगार, एयरोस्पेस एवं डिफेंस क्षेत्र में ऑप्टिमाइज्ड ग्रुप द्वारा 100 करोड़ रुपए के निवेश से 120 रोजगार, फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में जेएमके फूड द्वारा 50 करोड़ रुपए के निवेश से 80 रोजगार, केमिकल क्षेत्र में विबफास्ट ग्रुप द्वारा 50 करोड़ रुपए के निवेश से 75 रोजगार तथा अरुणाया ऑर्गेनिक्स लिमिटेड द्वारा 25 करोड़ रुपए के निवेश से 50 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इन सभी निवेश प्रस्तावों से कुल 8 हजार 635 करोड़ रुपए का निवेश और 5 हजार 785 रोजगार सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश को पिछले ढाई वर्षों में 34 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जबकि 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने निवेशकों को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया।

Market Trend : ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमत बाजार के लिए सबसे बड़ा निगेटिव फैक्टर, आज इन दो शेयरों में हो सकती है बंपर कमाई

Market Trend : मिलेजुले ग्लोबल संकेतों के बीच 11 अगस्त को भारतीय बाजार मामूली गिरावट के साथ खुले हैं। ऐसे में जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, वीके विजयकुमार का कहना है कि बाजार के दूसरे फंडामेंटल्स मजबूत होने के बावजूद,ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतें बाजार के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। बाजार में एक अहम बदलाव यह हुआ है कि FIIs अब खरीदार बन रहे हैं। Q1 के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं और रुपये में स्थिरता आई है, इससे विदेशी निवेशक पसंद कर रहे हैं। इन बातों से बाजार को सपोर्ट मिल सकता है। घरेलू खपत मजबूत रहने से FY27 तक अर्निंग्स में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रह सकता है।

FCNR(B)में आ रहे भारी निवेश से रुपये को सहारा मिल सकता है,जिससे और ज्यादा FII निवेश आ सकता है। FIIs दक्षिण कोरिया और ताइवान में चिप ट्रेड से अपना पैसा निकालकर भारतीय शेयरों में डाल रहे हैं। यह ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। दिलचस्प बात यह है कि FIIs अच्छे वैल्यूएशन वाले बड़े बैंकों के बजाय टेलीकॉम, रिन्यूएबल एनर्जी,कैपिटल गुड्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टर के महंगे शेयरों में पैसे लगा रहे हैं।

चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, हितेश टेलर का कहना है कि भारतीय इक्विटी मार्केट में सुस्ती के संकेत हैं। ग्लोबल संकेत मिलेजुले हैं। निवेशक अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर कम होती चिंता और दूसरी तरफ कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मिडिल ईस्ट में जारी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहे हैं। इस हफ्ते अमेरिका में जुलाई के रिटेल महंगाई आंकड़े आने वाले हैं। ऐसे में मार्केट महंगाई और ब्याज दरों को लेकर सतर्क रह सकता है।

निफ्टी पर रणनीति

बाजार में आज की कमाई की रणनीति पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24632-24678 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24711-24767/24788 पर है। इसके लिए पहला बेस 24471-24509 पर और बड़ा बेस 24383-24411 पर है। कल बेस-1 से रजिस्टेंस-1 के बीच रेंज ने अच्छा काम किया। FIIs कैश में खरीदारी रही,लेकिन इंडेक्स में बिकवाली हुई। नेट शॉर्ट 1.52 लाख पर रहे,नई शॉर्ट पोजिशन जुड़ी।

आज एक्सपायरी है और ग्लोबल सेटअप साइडवेज है। कच्चा तेल फिलहाल मजबूत निगेटिव फैक्टर है। 24600-24700-24800 पर कॉल और 24500-24400 पर पुट राइटिंग हुई है। 24471 पर 10 DEMA और 24383 पर 200 DEMA है। एक्सपायरी को देखते हुए फिलहाल रेंज में ट्रेड करना बेहतर रहेगा। बेस-1 पर गिरावट में खरीदें,रजिस्टेंस-1 पर निकलें। 24471 के नीचे फिसलने पर दबाव बढ़ेगा,फिर बेस-2 का टेस्ट संभव है। बेस-1 से रिवर्सल मिले तो रजिस्टेंस-1 पर मुनाफा बुक करें।

24711 के ऊपर रेंज ब्रेकआउट हो सकता है,दिन में 70-80 अंक की अतिरिक्त चाल संभव है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57941-58086 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58278-58389/58534 पर है। इसके लिए पहला बेस 57432-57550 पर और बड़ा बेस 56959-57117/57236 पर है। बैंक निफ्टी अभी छोटी रेंज में फंसा हुआ है। कल भी कारोबार साइडवेज रहा। PSU बैंकों में तेज दबाव देखने को मिला। 58000-58100-58200 पर कॉल राइटिंग दिखी। 57000 पुट में अच्छा OI है, यहां 10/20DEMA भी है।

शुरुआत में रेंज ट्रेड करने की रणनीति रखें। क्रूड में तेजी है,इसलिए बेस-1 टूटने पर दबाव संभव है। बेस-1 टूटने पर बेस-2 तक गिरावट संभव है। बेस-1 से रिवर्सल मिले तो रजिस्टेंस-1 के पास निकलें।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Mantri FinMart के अरुण कुमार मंत्री। आज इनकी जेएसडब्ल्यू एनर्जी और मारुति में खरीदारी की सलाह है। जेएसडब्ल्यू एनर्जी में इनकी 577 रुपए के आसपास, 571 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 586 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, मारुति में इनकी 14090 रुपए के आसपास,13910 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 14545 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

BSNL Investment Plan: सरकारी टेलीकॉम कंपनी 5 साल में ₹77000 करोड़ निवेश करेगी, 2 लाख नए 4G टावर लगाएगी

BSNL Investment Plan: सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL अगले पांच साल में करीब 77,000 करोड़ रुपये निवेश करने की तैयारी कर रही है। इस योजना में 2 लाख नए 4G साइट, नेटवर्क को मजबूत करना और ज्यादा ट्रैफिक वाले इलाकों में 5G सेवा शुरू करना शामिल है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने यह जानकारी संचार और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी संसदीय समिति को दी है।

98% आबादी तक पहुंचाने का लक्ष्य

DoT के मुताबिक, इस निवेश में एक नया इंटीग्रेटेड कस्टमर सपोर्ट सिस्टम भी बनाया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इस योजना के बाद FY29 तक BSNL अपने रोजमर्रा के कारोबार में नफा-नुकसान के बराबर पहुंच जाएगी। यानी कंपनी की ऑपरेशनल कमाई उसके ऑपरेशनल खर्च के बराबर हो जाएगी। साथ ही कंपनी की सेवाएं देश की 98% आबादी तक पहुंच जाएंगी।

₹21,588 करोड़ की अतिरिक्त मदद

DoT ने यह भी बताया कि FY27 के लिए BSNL को मिलने वाली पूंजी सहायता (Capital Infusion) में 21,588 करोड़ रुपये बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। यह रकम पहले से मंजूर BSNL रिवाइवल पैकेज के तहत मांगी गई है।

यह रकम 77,000 करोड़ रुपये की निवेश योजना से अलग है। 77,000 करोड़ रुपये अगले पांच साल के निवेश के लिए हैं, जबकि 21,588 करोड़ रुपये सरकार की अतिरिक्त पूंजी सहायता है।

1.05 लाख स्वदेशी 4G साइट लगीं

अप्रैल 2026 तक BSNL 1,05,290 स्वदेशी 4G साइट लगा चुकी है। DoT का कहना है कि इन्हें आगे चलकर 5G में अपग्रेड किया जा सकता है। कंपनी ने दिल्ली में 5G-as-a-Service की शुरुआत भी कर दी है।

सरकार को उम्मीद है कि इससे BSNL के ग्राहकों की संख्या, प्रति ग्राहक औसत कमाई (ARPU) और कुल रेवेन्यू बढ़ेगा।

घाटा अभी भी बना हुआ है

हालांकि BSNL की आमदनी बढ़ रही है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू FY23 के 19,131 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 23,259 करोड़ रुपये हो गया है। FY27 में इसके 26,407 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

इसके बावजूद कंपनी का घाटा FY27 में 5,946 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। कुल खर्च 34,853 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है।

खर्च घटाने और कमाई बढ़ाने पर फोकस

संसदीय समिति ने BSNL और DoT से खर्च कम करने और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग बढ़ाने को कहा है। साथ ही 4G, 5G, एंटरप्राइज सर्विसेज और फाइबर कनेक्टिविटी जैसे ज्यादा कमाई वाले कारोबार पर ध्यान देने को कहा है।

BSNL अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए टावर और डार्क फाइबर लीज पर भी दे रही है। मार्च 2026 तक कंपनी ने 11,398 टावर दूसरी टेलीकॉम कंपनियों को किराये पर दिए थे। इससे FY26 में 1,019 करोड़ रुपये की कमाई हुई।

वहीं, करीब 3 लाख रूट किलोमीटर डार्क फाइबर लीज पर देकर 410 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया। साथ ही, कंपनी ने FY25 के 9,460 करोड़ रुपये के मुकाबले FY26 में अपना ऑपरेशनल खर्च घटाकर 8,970 करोड़ रुपये कर लिया।

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