जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से पहले आकाश अंबानी ने कहा-जियो का प्रति GB प्राइस दुनिया में सबसे कम

रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज इकाई जियो ने बड़ा प्लान बनाया है। कंपनी का टारगेट वित्त वर्ष 2031 तक भारत की अनुमानित 1.4 लाख करोड़ डॉलर की डिजिटल इकोनॉमी का बड़ा हिस्सा हासिल करना है। इसके लिए कंपनी अपने बड़े सब्सक्राइबर बेस, 5जी एक्सपैंशन और 5जी क्षमता का इस्तेमाल करेगी। जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने कंपनी के मेगा आईपीओ से पहले इस बारे में बताया।

जियो का प्रति GB प्राइस दुनिया में सबसे कम

अंबानी ने कहा कि जियो का प्रति GB प्राइस दुनिया में सबसे कम है। उन्होंने बताया कि 2016 में कंपनी की टेलीकॉम मार्केट में एंट्री के बाद देश में डिजिटल कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आया है। अभी इंडिया के वायरलेस डेटा ट्रैफिक का 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सा जियो के पास है। इस साल जून के अंत में कंपनी के सब्सक्राइबर्स की संख्या 53.33 करोड़ थी। इसमें 5जी के 28.5 करोड़ यूजर्स शामिल हैं।

प्रति यूजर एवरेज मंथली डेटा कंजम्प्शन 43.7 जीबी

इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का प्रति यूजर एवरेज मंथली डेटा कंजम्प्शन 43.7 जीबी था। अंबानी ने कहा, “हमें उम्मीद है कि FY31 तक भारत की डिजिटल इकोनॉमी 1.4 लाख करोड़ डॉलर की होगी। इसका बड़ा हिस्सा हमारे पास होगा।” उन्होंने कहा कि कंपनी के लिए मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़े मौके हैं।

आईपीओ से पहले कंपनी का अच्छा प्रदर्शन 

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ इस महीने आ रहा है। इससे पहले कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। FY26 में कंपनी का EBITDA 76,225 करोड़ रुपये रहा। FY24 और FY26 के बीच एबिड्टा की सीएजीआर 17.8 फीसदी रही। कंपनी का एबिड्टा मार्जिन इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 53.3 फीसदी रहा।

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जियो की स्ट्रेटेजी टेक्नोलॉजी, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित

अंबानी ने कहा कि जियो की स्ट्रेटेजी टेक्नोलॉजी, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित है। मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और इंटरनेशनल सर्विसेज कंपनी के लिए तीन प्रमुख ग्रोथ इंजन हैं। उन्होंने कहा कि टेलीकॉम मार्केट में जियो की एंट्री के बाद देश में इंटरनेट की स्पीड में बड़ा बदलाव आया है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसकी रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है।

Q2 Results: आईटी कंपनी को ₹1586 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड और बोनस शेयर का ऐलान

Q2 Results: आईटी कंपनी Tech Mahindra ने सितंबर तिमाही में 1,586 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया। यह जून तिमाही के 1,465 करोड़ रुपये से 8.2% ज्यादा है। CNBC-TV18 के पोल में मुनाफा 1,576 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था। यानी कंपनी के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे।

डॉलर में रेवेन्यू भी बढ़ा

टेक महिंद्रा का डॉलर में रेवेन्यू भी 2% बढ़कर 1,693 मिलियन डॉलर हो गया। जून तिमाही में यह 1,660 मिलियन डॉलर था। वहीं, EBIT यानी ऑपरेटिंग मुनाफा सालाना आधार पर 40.5% बढ़कर 2,387 करोड़ रुपये पहुंच गया।

कंपनी का EBIT मार्जिन भी सुधरा है। यह जून तिमाही के 14.4% से बढ़कर 14.8% हो गया। Tech Mahindra का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के अंत तक इसे 15% तक पहुंचाना है।

डिविडेंड और बोनस शेयर को मंजूरी

टेक महिंद्रा ने शेयरधारकों को 15 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इसके अलावा, बोर्ड ने 1:1 बोनस शेयर जारी करने को भी मंजूरी दी है। इसके तहत पात्र निवेशकों को हर एक शेयर के बदले एक अतिरिक्त शेयर मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए जरूरी मंजूरियां मिलना बाकी है।

नए ऑर्डर और AI से ग्रोथ की उम्मीद

टेक महिंद्रा के CEO मोहित जोशी ने तिमाही प्रदर्शन को बेहद मजबूत बताया। सितंबर तिमाही में कंपनी को 1.023 अरब डॉलर के नए सौदे मिले। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस कारोबार में 4.6% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, हेल्थकेयर कारोबार 6.6% बढ़ा।

कंपनी को Orange के बड़े टेलीकॉम प्रोजेक्ट से भी मदद मिली। Avant Techno Solutions के अधिग्रहण से भी तिमाही के रेवेन्यू में योगदान हुआ। इसके अलावा, Tech Mahindra AI कारोबार को बढ़ाने पर जोर दे रही है। कंपनी के मुताबिक, उसका AI कलेक्शन सॉल्यूशन बकाया रकम की वसूली में करीब 40% तक एफिशिएंसी बढ़ा रहा है। कंपनी ने Cisco और SpaceX AI के साथ भी साझेदारी की घोषणा की है।

H-1B वीजा पर क्या बोले CEO?

अमेरिका के वीजा नियमों से जुड़े सवाल पर मोहित जोशी ने कहा कि अमेरिकी सरकार ने जिन कंपनियों का नाम लिया था, उनमें Tech Mahindra शामिल नहीं थी। उन्होंने कहा कि कंपनी दुनियाभर में वीजा नियमों और उनके अनुपालन को लेकर सतर्क रहती है।

जोशी के मुताबिक, H-1B वीजाधारक कंपनी के कुल कर्मचारियों का करीब 1% हैं। कंपनी का अमेरिका और वैश्विक स्तर पर स्थानीय कर्मचारियों की भर्ती पर जोर है।

शेयर में 4.75% की तेजी

नतीजों की घोषणा से पहले गुरुवार को Tech Mahindra का शेयर 4.75% बढ़कर 1,650 रुपये पर बंद हुआ। इस तेजी से शेयर सालभर के हिसाब से भी बढ़त में आ गया। पिछले 12 महीनों में इसमें 13% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आकाश अंबानी ने कहा-6जी सेवाओं के लिए नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की जगह सॉफ्टेवयर अपग्रेड करेगी जियो प्लेटफॉर्म्स

जियो प्लेटफॉर्म्स 6जी सेवाओं के लिए नया इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की बजाय अपने सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करेगी। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने इस बारे में बताया। उन्होंने 15 अक्तूबर को अगली पीढ़ी के मोबाइल कम्युनिकेशंस के लिए मौजूदा नेटवर्क और टेक्नोलॉजी क्षमता के इस्तेमाल के कंपनी के प्लान के बारे में बताया।

जियो प्लेटफॉर्म्स अपनी प्रॉपरायटरी टेक्नोलॉजी स्टैक का पूरा फायदा उठाएगी

जियो प्लेटफॉर्म्स की इस स्ट्रेटेजी से अपनी प्रॉपरायटरी टेक्नोलॉजी स्टैक का पूरा फायदा उठाने पर कंपनी के फोकस का पता चलता है। कंपनी कनेक्टिविटी से आगे निकल डिजिटल सर्विसेज और दूसरे देशों में टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप करना चाहती है। अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से जुड़े प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बारे में बताया।

सॉफ्टवेयर में बदलाव के जरिए 6जी सेवाएं शुरू करने का प्लान 

अंबानी ने कहा कि हमारी स्ट्रेटेजी सॉफ्टवेयर के लेवल पर बदलाव के जरिए 6जी सेवाएं शुरू करने की है। इससे फिर से पूरा फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जियो ने पूरे देश में एक बड़ा नेटवर्क बनाया है। इसमें 3,60,000 से ज्यादा टेलीकॉम टावर हैं और 10 लाख रूट किलोमीटर से ज्यादा फाइबर नेटवर्क शामिल हैं।

अगले चरण की ग्रोथ के लिए मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्टर का इस्तेमाल 

कंपनी अगले चरण की अपनी ग्रोथ के लिए अपने मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी कपैबिलिटी का इस्तेमाल करना चाहती है। इसके लिए कंपनी ने ग्रोथ के चार प्रमुख सेगमेंट की पहचान की है, जिसमें मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और कोर टेक्नोलॉजी स्टैक का मॉनेटाइजेशन शामिल हैं।

कंपनी विदेश में ऑपरेटर्स को एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक ऑफर करेगी

कंपनी ने अपनी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करने का भी प्लान बनाया है। यह सिर्फ वेंडर या सॉफ्टवेयर सर्विस प्रोवाइडर की जगह एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक ऑफर करेगी। इससे उसे दूसरे देशों में उपलब्ध मौकों का फायदा उठाने का रास्ता खुलेगा। कंपनी का फोकस आयातित सॉल्यूशंस पर निर्भर रहने की जगह अपनी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल और उसके एक्सपोर्ट पर है।

कंपनी ने अब तक कंपनी ने 7,200 से ज्यादा पेटेंट्स फाइल किए हैं

जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल विकसित और विकासशील दोनों ही देशों में करने के प्लान के बारे में बताया। अंबानी ने कहा कि कंपनी विदेश में पार्टनर के चुनाव में सावधानी बरतेगी। कंपनी ने 7,200 से ज्यादा पेटेंट्स फाइल किए हैं, जिसे 12,000 से ज्यादा इंजीनियर्स ने तैयार किए हैं।

Jio IPO: ‘जियो ने फाइल किए 7220 पेटेंट एप्लिकेशन’, आकाश अंबानी ने कहा- ग्लोबल टॉप 20 में शामिल इकलौती भारतीय कंपनी

Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन आकाश अंबानी का कहना है कि ने 7,220 पेटेंट आवेदन दाखिल किए हैं। ये दुनिया की उन टॉप 20 कंपनियों में शामिल इकलौती भारतीय कंपनी है, जिन्होंने वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन (WIPO) की पेटेंट कोऑपरेशन ट्रीटी रैंकिंग में जगह बनाई है।

Jio Platforms की ओर से IPO के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल करने के एक दिन बाद आकाश अंबानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। उन्होंने बताया कि कंपनी की टेक्नोलॉजी को डेवलप करने में 12,000 से ज्यादा इंजीनियरों की टीम लगी हुई है।

अपनी टेक्नोलॉजी पर जोर दे रही है Jio

आकाश अंबानी ने कहा कि Jio ने अपनी टेक्नोलॉजी खुद डेवलप करने पर जोर दिया है। इससे कंपनी को बाहरी टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता।

उन्होंने कहा, ;हमने अपने ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए अपना टेक्नोलॉजी स्टैक बनाया है।’ टेक्नोलॉजी स्टैक का मतलब उन तकनीकों, सॉफ्टवेयर और सिस्टम से है, जिनकी मदद से कंपनी अपनी सेवाएं चलाती है।

इन कारोबारों पर रहेगा कंपनी का फोकस

आकाश अंबानी के मुताबिक, आने वाले समय में कंपनी का जोर मोबाइल सेवाओं, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार पर रहेगा।

उन्होंने बताया कि Jio फिलहाल भारत के कुल डेटा ट्रैफिक का करीब 60% हिस्सा संभालती है। इससे देश में कंपनी के टेलीकॉम कारोबार के बड़े पैमाने का अंदाजा लगाया जा सकता है।

दुनिया में सबसे बड़ा 5G सब्सक्राइबर बेस

आकाश अंबानी ने कहा कि Jio ने करीब तीन साल पहले 5G नेटवर्क का विस्तार शुरू किया था। अब चीन को छोड़कर दुनिया में उसके पास सबसे बड़ा 5G सब्सक्राइबर बेस है।

कंपनी के ग्राहकों में डेटा की खपत भी तेजी से बढ़ी है। आकाश अंबानी के मुताबिक, Jio का हर ग्राहक औसतन हर महीने 43.7 GB डेटा इस्तेमाल कर रहा है।

उन्होंने बताया कि डेटा की कीमत भी काफी कम हुई है। पहले एक GB डेटा के लिए करीब 228 रुपये खर्च करने पड़ते थे। वित्त वर्ष 2026 तक यह कीमत घटकर 7.5 रुपये प्रति GB रह गई।

21 अक्टूबर को खुलेगा Jio Platforms IPO

यह जानकारी ऐसे समय आई है, जब रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है।

कंपनी ने 14 अक्टूबर को IPO के लिए RHP दाखिल किया था। इसके तहत शेयर का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये तय किया गया है। IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा।

इस इश्यू में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से कंपनी इस IPO के जरिए अधिकतम 30,213 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

जियो प्लेटफॉर्म्स दूसरे देशों में अपनी टेलीकॉम टेक्नोलॉजी मॉडल का इस्तेमाल करेगी, आकाश अंबानी ने बताय पूरा प्लान

जियो प्लेटफॉर्म्स अपने एसेट-लाइट मॉडल के जरिए विदेश में अपनी सेवाओं का विस्तार करना चाहती है। इससे कंपनी को अपनी टेलीकॉम टेक्नोलॉजी का फायदा उठाने का मौका मिलेगा। इसके लिए कंपनी दुनियाभर के बाजारों में ऑपरेटर्स से पार्टनरशिप करेगी। कंपनी के चेयरमैन आकाश अंबानी ने गुरुवार को इस बारे में बताया।

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से जुड़े प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंबानी ने कहा कि जियो खुद को नेटवर्क बिल्डर या कनवेंशनल सॉफ्टेवयर सर्विसेज प्रोवाइडर के बजाय मैनेज्ड सर्विसेज पार्टनर के रूप में स्थापित करना चाहती है। इसके लिए कंपनी भारत में विकिसत और इस्तेमाल किए जा रहे टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल दूसरे देशों में करेगी।

उन्होंने कहा कि जियो का प्रॉपरायटरी एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक दुनिया के सबसे जटिल टेलीकॉम मार्केट्स में तैयार किया गया है। इसका भारत में इस्तेमाल हो रहा है। हमारे लिए इसका इस्तेमाल दूसरे देशों में करने का मौका है। इसके लिए विकसित और विकासशील दोनों तरह के देशों में ऑपरेटर्स से पार्टनरशिप के मौके हैं।

उन्होंने कहा कि कंपनी विदेश में अपनी सेवाओं के विस्तार के लिए खुद को मैनेज्ड सर्विसेज पार्टनर के रूप में पेश करेगी। इससे टेलीकॉम ऑपरेटर्स को अपनी ग्रोथ के लिए सिर्फ नेटवर्क बिल्डर या सॉफ्टवेयर सर्विस प्रोवाइडर बनने की जगह हमारी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकेंगे।

अंबानी ने कहा कि जियो इंटरनेशनल पार्टनर्स के चुनाव में सावधानी बरतेगी। इसके लिए वह बाजार के आकार और अपनी बैलेंसशीट में संभावित योगदान के आधार फैसले लेगी। उन्होंने कहा कि इस स्ट्रेटेजी से आने वाले सालों में कंपनी को टेक्नोलॉजी में अपने निवेश का फायदा उठाने का रास्ता मिलेगा।

जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन ने कहा कि जियो ने अपना टेलीकॉम टेक्नोलॉजी स्टैक विकसित करने के लिए बड़ा निवेश किया है। कंपनी ने 7,220 से ज्यादा पेटेंट्स फाइल किए हैं। इन्हें कंपनी के 12,000 से ज्यादा इंजीनियर्स ने तैयार किए हैं। कंपनी ने भारत में 5जी का व्यापक नेटवर्क बनाया है। उन्होंने इसे चीन के बाहर सबसे बड़ा 5जी सब्सक्राइबर बेस बताया।

Jio Platforms IPO: 21 अक्टूबर को खुलेगा आईपीओ, जानें प्राइस बैंड से लेकर कारोबारी सेहत तक 8 बड़ी बातें

Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी Jio Platforms ने IPO के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है। कंपनी का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। इस इश्यू में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेंगे।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बुधवार, 14 अक्टूबर को अहमदाबाद स्थित गुजरात के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास RHP दाखिल किया। इसमें आईपीओ की पूरी रूपरेखा, जुटाई गई रकम के इस्तेमाल और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों की जानकारी दी गई है। आइए, आईपीओ से जुड़ी 8 बड़ी बातें जानते हैं।

1. 21 अक्टूबर को खुलेगा IPO

Jio Platforms का आईपीओ बुधवार, 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। निवेशक शुक्रवार, 23 अक्टूबर तक इसमें बोली लगा सकेंगे। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की तारीख 19 अक्टूबर तय की गई है।

2. 27 करोड़ तक नए शेयर जारी होंगे

इस आईपीओ में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से कोई ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा। यानी पुराने निवेशक अपने शेयर नहीं बेचेंगे, बल्कि कंपनी नए शेयर जारी करके पैसा जुटाएगी। हालांकि, कुल कितनी रकम जुटाई जाएगी, यह अंतिम इश्यू शर्तों पर निर्भर करेगा।

3. जुटाए गए पैसे से चुकाया जाएगा कर्ज

Jio Platforms आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपनी टेलीकॉम सब्सिडियरी Reliance Jio Infocomm Ltd (RJIL) का कर्ज चुकाने में करेगी। इसके अलावा, कुछ रकम सामान्य कारोबारी जरूरतों पर खर्च की जाएगी। इससे RJIL पर कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।

4. रिलायंस के शेयरधारकों के लिए ₹2500 करोड़ के शेयर

आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व रखे गए हैं। इसमें तय शर्तों को पूरा करने वाले व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) शामिल हो सकते हैं, जिनके पास रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर हैं।

5. कर्मचारियों के लिए ₹500 करोड़ तक के शेयर

Jio Platforms ने अपने पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व रखे हैं। कर्मचारी आईपीओ की शर्तों के मुताबिक इन शेयरों के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह हिस्सा दूसरे निवेशक वर्गों के लिए उपलब्ध शेयरों से अलग होगा।

6. पहली तिमाही में रेवेन्यू 11.8% बढ़ा

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में Jio Platforms का रेवेन्यू सालाना आधार पर 11.8% बढ़कर 39,173 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 35,032 करोड़ रुपये था। कंपनी का EBITDA भी 15.1% बढ़कर 20,865 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 18,141 करोड़ रुपये था।

इस दौरान EBITDA मार्जिन 51.78% से बढ़कर 53.26% हो गया। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 7,110 करोड़ रुपये था।

7. 1,065 से 1,119 रुपये प्राइस बैंड

Jio Platforms ने आईपीओ के लिए 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। लॉट साइज 13 शेयरों का रहेगा। रिटेल इनवेस्टर्स को कम से कम एक लॉट के लिए बोली लगानी है। इसके लिए ₹14,534 लगेंगे। लिस्टिंग 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर होने वाली है।

8. जियो 53.33 करोड़ ग्राहक

जियो के पास पहली तिमाही के अंत में 53.33 करोड़ ग्राहक थे। तिमाही के दौरान कंपनी ने 89 लाख नए ग्राहक जोड़े। वहीं, प्रति यूजर औसत मासिक रेवेन्यू (ARPU) 215.6 रुपये रहा।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Jio Platforms ने आरएचपी फाइल किया, आरआईएल के शेयरहोल्डर्स के लिए रिजर्व होंगे 2500 करोड़ के शेयर

जियो प्लेटफॉर्म्स ने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल कर दिया है। इससे देश के सबसे बड़े आईपीओ के लिए रास्ता साफ हो गया है। कंपनी ने 14 अक्तूबर को अहमदाबाद में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास आरएचपी फाइल किया। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस बारे में बीएसई और एनएसई को बताया है। जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल यूनिट है।

21 अक्टूबर को खुलेगा आईपीओ

Jio Platforms का आईपीओ 21 अक्तूबर को खुलेगा और 23 अक्तूबर को बंद होगा। एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू 19 अक्तूबर को खुलेगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 14 अक्तूबर को इस आईपीओ से जुड़ी तारीखों का औपचारिक ऐलान कर दिया। कंपनी ने 500 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर अपने एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व रखा है।

27 करोड़ तक नए शेयर इश्यू होंगे

जियो प्लेटफॉर्म्स के 2,500 करोड़ रुपये के शेयर रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरहोल्डर्स के लिए रिजर्व होंगे। जिन इंडिविजुअल्स और HUF के पास RIL के शेयर 14 अक्तूबर को होंगे, वे रिजर्व कोटे के तहत जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर पाने के हकदार होंगे। कंपनी आईपीओ में 27 करोड़ तक नए शेयर इश्यू करेगी। प्रत्येक शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये होगी।

आरएचपी से मिलेगी डिटेल जानकारी

रिलायंस जियो जियो प्लेटफॉर्म्स की सब्सिडियरी है। यह देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। इसके देश में सबसे ज्यादा मोबाइल सर्विसेज के सब्सक्राइबर्स हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के आरएचपी से इस आईपीओ के बारे में इनवेस्टर्स को पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। उन्हें कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस, रिस्क और दूसरी जानकारी भी मिलेंगी। इससे उन्हें इस आईपीओ के मूल्यांकन में मदद मिलेगी।

शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक्सचेंजों को बताया है कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 जून को ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया था। उसे सेबी से 28 अगस्त को ऑब्जर्वेशन लेटर मिल गया था। इस आईपीओ का इनवेस्टर्स को लंबे समय से इंतजार रहा है। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों ही स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होंगे।

Stock Market View: अगले 6 महीने तेजी में मुनाफावसूली की रणनीति करेगी काम, पावर और एक्सपोर्ट सेगमेंट में कमाई के मौके

Stock Market View : 13 अक्टूबर के शानदार सेशन के बाद मार्केट पर आज फिर दबाव देखने को मिल रहा है। निफ्टी 22,700 के लेवल से नीचे आ गया है। बुल्स मोमेंटम बनाए रखने के लिए संघर्ष रहे हैं। सेंसेक्स भी थोड़ा नीचे है और 73,000 के लेवल से नीचे फिसल गया है। निफ्टी बैंक इंडेक्स भी मंदडियों की पकड़ से जूझ रहा है और लगभग 100 अंक नीचे है। बाजार जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए निचले स्तर पर 22,700 का लेवल बचाए रखना अहम होगा। वहीं, फिर से तेजी पकड़ने के लिए 23,000 के लेवल तक पहुंचना भी जरूरी होगा।

ऐसे माहौल में मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए डाइमेंशन्स कॉर्पोरेट फाइनेंस सर्विसेज़ ( Dimensions Corporate Finance Services) के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय श्रीवास्तव ने कहा कि रुपए में गिरावट और महंगाई बढ़ने के चलते बाजार पर दबाव देखने को मिल रहा है। बाजार की गिरावट से कोई सरप्राइज नहीं है। अगले 6 महीने तक बाजार में मुनाफावूसली की रणनीति काम करती दिखेगी।

मिडकैप में अच्छी तेजी रही है। प्राइमरी मार्केट पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IPO का सबसे ज्यादा फायदा एंकर निवेशकों ने उठाया है। IPO से रिटेल निवेशकों को खास फायदा नहीं हुआ है। बाजार की तेजी में मुनाफावसूली की रणनीति रखें। मिडकैप में प्रॉफिट बुकिंग की रणनीति बेहतर काम करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि इस समय इंजीनियरिंग में पावर और एक्सपोर्ट सेगमेंट में कमाई के मौके हैं। इन सेगमेंट में क्वालिटी शेयरों पर फोकस करें। नॉन-फेरस मेटल की थीम भी बेहतर है। NBFCs में गोल्ड लोन कंपनियां बेहतर लग रही हैं।

फार्मा शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि CDMO शेयर लंबी अवधि के नजरिए से अच्छे लग रहे हैं। इनमें एंट्री पर ध्यान दें। इसके अलावा इंडिया का होटल सेक्टर अच्छा कर सकता है। न्यू ऐज शेयर भी लंबी अवधि के लिहाज से अच्छे लग रहे हैं। आईटी शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि IT काफी ओवरसोल्ड है। इस सेक्टर को रुपए की गिरावट से फायदा होगा। फिर भी IT सेक्टर में अभी दम नहीं नजर आ रहा है। उनका यह भी मानना है कि स्टारलिंक से टेलीकॉम की तस्वीर बदलती नजर आएगी।

 

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