नाइजीरिया में 32 लोगों को ले जा रहा मिलिट्री-प्लेन क्रैश:25 यात्री और 7 क्रू सवार थे; नदी के पास गिरा, सर्च ऑपरेशन जारी

नाइजीरिया के दक्षिणी हिस्से में सोमवार को 32 लोगों को लेकर जा रहा सैन्य प्लेन क्रैश हो गया। प्लेन में 25 यात्री और 7 क्रू मेंबर सवार थे। हादसा ओंडो राज्य के नदी किनारे बसे इग्बोकोंडा शहर में हुआ। हादसे में कितने लोग हताहत हुए, इसकी तत्काल जानकारी नहीं मिली है। नाइजीरिया के एविएशन मिनिस्टर फेस्टस कीयामो ने बताया कि प्लेन एक नियमित मिशन पर देश के आर्थिक केंद्र लागोस जा रहा था। स्थानीय समय के मुताबिक सुबह करीब 9 बजे प्लेन रडार से गायब हो गया। बाद में पता चला कि यह नौसैनिक बेस के पास क्रैश हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्लेन नदी के पास गिरा और उसका कुछ हिस्सा पानी में डूब रहा था। प्रत्यक्षदर्शी अकिनबुलेजो पियस ने कहा कि उन्हें तेज आवाज सुनाई दी, जो उन्हें बिजली गिरने जैसी लगी। इसके बाद उन्होंने प्लेन को पेड़ों के ऊपर से गुजरते और नीचे गिरते देखा। मौके पर शरीर के कुछ हिस्से, कपड़े और जूते भी मिले। प्लेन हादसे के बाद तस्वीर…. हादसे में ATR-42 मिलिट्री प्लेन क्रैश हुआ नाइजीरियाई एयरफोर्स ने बताया कि क्रैश हुआ प्लेन ATR-42 था। नाइजीरियाई सेना इस प्लेन का इस्तेमाल खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी करने और सैनिकों व सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए करती रही है। पानी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना ज्यादा मुश्किल नदी या पानी में प्लेन गिरने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जमीन पर हादसे के मुकाबले ज्यादा मुश्किल हो सकता है। गोताखोरों और रेस्क्यू टीम को तेज बहाव, कम विजिबिलिटी, प्लेन के पानी में डूबने और मलबे के फैलने जैसी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पानी में रेस्क्यू ऑपरेशन की बड़ी चुनौतियां…. 1. पानी का तेज बहाव नदी का बहाव मलबे और लोगों को हादसे वाली जगह से दूर ले जा सकता है। इससे रेस्क्यू टीम के लिए सही जगह का पता लगाना मुश्किल होता है। 2. पानी के अंदर कुछ दिखाई नहीं देता नदी का पानी अक्सर गंदा होता है। गोताखोरों को कुछ मीटर दूर की चीज भी दिखाई नहीं दे सकती। ऐसे में उन्हें टॉर्च, सोनार और दूसरे उपकरणों की मदद लेनी पड़ती है। 3. प्लेन तेजी से डूब सकता है प्लेन का कोई हिस्सा पानी के अंदर जाने के बाद उसकी लोकेशन बदल सकती है। केबिन में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए गोताखोरों को पहले प्लेन की स्थिति और गहराई का पता लगाना पड़ता है। 4. मलबे से चोट का खतरा टूटा हुआ प्लेन, सीटें, धातु के हिस्से और दूसरे सामान पानी के अंदर खतरा पैदा कर सकते हैं। गोताखोरों के कपड़े या उपकरण इनमें फंस भी सकते हैं। 5. नदी की गहराई और तल की स्थिति नदी के नीचे कीचड़, रेत या पत्थर होने से गोताखोरों की आवाजाही मुश्किल हो सकती है। गहराई ज्यादा होने पर सामान्य गोताखोरी भी मुश्किल हो जाती है। 6. पानी में ईंधन के फैलने से खतरा क्रैश के बाद प्लेन से ईंधन या दूसरे पदार्थ पानी में फैल सकते हैं। इससे रेस्क्यू टीम के लिए अतिरिक्त सुरक्षा चुनौती पैदा हो सकती है। 7. सोनार और दूसरे उपकरणों की जरूरत जब पानी में कुछ दिखाई नहीं देता, तो रेस्क्यू टीम मलबे और प्लेन की स्थिति पता लगाने के लिए सोनार जैसे उपकरणों का इस्तेमाल कर सकती है। इसके बाद गोताखोरों को तय जगह पर भेजा जाता है। नाइजीरिया में पहले भी हुए बड़े प्लेन हादसे नाइजीरिया में पिछले 20 साल में कई बड़े प्लेन हादसे हुए हैं। इनमें यात्री और सैन्य प्लेन दोनों शामिल हैं। कुछ हादसों में 100 से ज्यादा लोगों की जान गई। 2005 में दो बड़े हादसे बेलव्यू एयरलाइंस हादसा: अक्टूबर 2005 में बेलव्यू एयरलाइंस का प्लेन लागोस से अबुजा जाते समय उड़ान भरने के कुछ देर बाद क्रैश हो गया। प्लेन में सवार 117 लोगों की मौत हुई। सोलिसो एयरलाइंस हादसा: दिसंबर 2005 में सोलिसो एयरलाइंस का प्लेन अबुजा से पोर्ट हारकोर्ट जाते समय गिर गया। इसमें 109 लोगों की मौत हुई। मरने वालों में कई स्कूली बच्चे भी थे। 2006 में 114 लोगों की मौत अक्टूबर 2006 में एडीसी एयरलाइंस का प्लेन अबुजा से पोर्ट हारकोर्ट जाते समय क्रैश हुआ। प्लेन में 114 लोग सवार थे और सभी की मौत हो गई। 2012 में रिहायशी इलाके में गिरा प्लेन जून 2012 में डाना एयर का प्लेन अबुजा से लागोस जाते समय क्रैश हो गया। प्लेन लागोस के एक रिहायशी इलाके में गिरा। इसमें सवार 153 लोगों की मौत हुई। जमीन पर मौजूद लोग भी हादसे की चपेट में आए। ———————————– ये खबर भी पढ़ें….. लंदन-शिकागो फ्लाइट 28 हजार फीट नीचे आई:पायलट ने इमरजेंसी अलर्ट भेजा; रास्ता बदलकर लंदन लौटी, वजह साफ नहीं ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA295 आयरलैंड के ऊपर उड़ान भरते समय कुछ ही मिनटों में करीब 28 हजार फीट नीचे आ गई। इस दौरान प्लेन ने 7700 इमरजेंसी कोड एक्टिव किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Gold Silver Prices Today: सोना ₹1020 सस्ता हुआ, ₹1.50 लाख से नीचे आया भाव; चांदी भी ₹2887 टूटी

Gold Silver Prices Today: सोने की कीमतों में सोमवार को करीब 1% की गिरावट आई। मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण सोने की तेजी पर दबाव बना हुआ है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना ₹1,020 गिरकर ₹1,49,370 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

पिछले हफ्ते छुट्टियों के कारण कम कारोबार वाले सत्र में भी सोने की कीमतों में गिरावट आई थी। सोना ₹2,887 यानी करीब 2% टूटकर ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम पर रहा। शुक्रवार को महात्मा गांधी जयंती के कारण घरेलू कमोडिटी बाजार बंद था।

मजबूत डॉलर से सोने पर दबाव

Choice Broking की कमोडिटी टेक्निकल एनालिस्ट कावेरी मोरे ने कहा कि सोने की कीमतें फिलहाल एक दायरे में बनी हुई हैं। मजबूत अमेरिकी डॉलर और ऊंची बॉन्ड यील्ड के कारण सोने में तेजी की रफ्तार सीमित है। डॉलर इंडेक्स 102.37 के आसपास 18 महीने के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। इससे सोने पर दबाव बढ़ रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना

अंतरराष्ट्रीय बाजार में न्यूयॉर्क के कॉमेक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना मामूली बढ़त के साथ 4,163.50 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।

निवेश प्लेटफॉर्म Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,150 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बना हुआ है। शुक्रवार को यह थोड़े समय के लिए 4,200 डॉलर के पार चला गया था।

अमेरिका के कमजोर रोजगार आंकड़ों से फेडरल रिजर्व की अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद घटकर 20% से नीचे आ गई है। हालांकि, दिसंबर में दर बढ़ने की संभावना अभी करीब 70% मानी जा रही है।

पिछले हफ्ते सोना और चांदी दोनों टूटे

पिछले हफ्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 158.9 डॉलर यानी 3.7% गिरकर 4,162.3 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, चांदी 4.38 डॉलर यानी 6.7% गिरकर 60.41 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

Motilal Oswal Financial Services के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड ऊंची रहने के कारण सोने की रिकवरी पर दबाव बना हुआ है। 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड करीब 5.2% पर बनी हुई है। लगातार महंगाई, राजकोषीय चिंताएं और सरकार की ज्यादा उधारी इसके पीछे प्रमुख कारण हैं।

आगे किन आंकड़ों पर नजर?

एनालिस्ट के मुताबिक, इस हफ्ते प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के सर्विसेज PMI आंकड़े, अमेरिका के व्यापार आंकड़े और महीने के मध्य में आने वाले कंज्यूमर सेंटिमेंट के आंकड़े सोने की दिशा के लिए अहम होंगे।

इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव भी कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकता है।

PPF vs NPS: किसमें निवेश पर ज्यादा फायदा मिलेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Gold Silver Price: सोने-चांदी का चढ़ा भाव, अमेरिकी जॉब्स डेटा से रेट हाइक की चिंता घटी

Gold Silver Price: अमेरिका में सितंबर का जॉब्स डेटा उम्मीद से कमजोर रहा। इसके बाद सोने में शुक्रवार को 1% से ज्यादा तेजी आई। कमजोर रोजगार आंकड़ों से इस महीने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रेट बढ़ाने की चिंता कम हुई है। हालांकि, मजबूत डॉलर और ऊंची ट्रेजरी यील्ड अभी भी सोने पर दबाव बना रही हैं।

1% से ज्यादा चढ़ा सोना

शुक्रवार को स्पॉट गोल्ड 1.1% बढ़कर 4,223.49 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 1.2% चढ़कर 4,254.10 डॉलर प्रति औंस हो गया।

हालांकि, पूरे हफ्ते की बात करें तो सोना अभी करीब 1.5% नीचे है। यानी शुक्रवार की तेजी के बावजूद साप्ताहिक नुकसान की भरपाई नहीं हो पाई है।

सितंबर में सिर्फ 29,000 नौकरियां बढ़ीं

अमेरिका में सितंबर के दौरान नॉन-फार्म पेरोल में सिर्फ 29,000 की बढ़ोतरी हुई। अगस्त के आंकड़े को भी घटाकर 1.33 लाख कर दिया गया है।

रॉयटर्स के सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने सितंबर में 90,000 नई नौकरियां जुड़ने का अनुमान लगाया था। यानी असल आंकड़ा अनुमान से काफी कम रहा।

फेड की रेट हाइक की उम्मीद घटी

कमजोर जॉब्स डेटा के बाद अक्टूबर में अमेरिकी फेड की ब्याज दर बढ़ने की संभावना भी कम हो गई है। CME FedWatch Tool के मुताबिक, अब ट्रेडर्स रेट हाइक की सिर्फ 14% संभावना देख रहे हैं।

जॉब्स डेटा से पहले यह संभावना 28% थी। हफ्ते की शुरुआत में तो यह करीब 70% थी। रेट हाइक की उम्मीद घटने से डॉलर थोड़ा कमजोर हुआ और सोने को सहारा मिला।

Marex के एनालिस्ट एडवर्ड मेयर ने कहा कि ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद कम होने से डॉलर पर दबाव आया। इसका फायदा सोने को मिला। उन्होंने यह भी कहा कि सोने में पहले काफी बिकवाली हो चुकी थी, इसलिए इसमें उछाल आना स्वाभाविक था।

फिर भी सोने पर दबाव क्यों?

सोने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड अभी बड़ी चिंता है। 10 साल और 30 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड गुरुवार को 2002 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी।

ऊंची यील्ड आमतौर पर सोने के लिए चुनौती होती है। इसकी वजह यह है कि सोने से ब्याज नहीं मिलता। ऐसे में बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर निवेशकों के लिए सोने की आकर्षकता कम हो सकती है।

युद्ध शुरू होने के बाद 20% गिरा सोना

फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से सोना करीब 20% गिर चुका है। युद्ध के कारण महंगाई बढ़ने की चिंता ने अमेरिकी ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की उम्मीद बढ़ाई थी।

हालिया महंगाई के आंकड़े भी उम्मीद से नरम रहे हैं। इसके अलावा, कम से कम दो बड़े फेड अधिकारियों ने अक्टूबर में एक और रेट हाइक का विरोध किया है। इससे बाजार में रेट को स्थिर रखने की उम्मीद बढ़ी है।

आगे क्या देखना होगा?

Bybit के चीफ मार्केट एनालिस्ट हान टैन के मुताबिक, सोने में आगे भी तेजी की गुंजाइश हो सकती है। इसके लिए अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का अपने ऊंचे स्तर पर पहुंचना अहम होगा।

दूसरी ओर, Marex के एडवर्ड मेयर ने कहा कि सोने का चार्ट अभी कमजोर दिख रहा है। अगर ब्याज दरों का चक्र फिर ऊपर जाता है, तो सोने में और गिरावट आ सकती है।

चांदी भी 2% चढ़ी

सोने के साथ दूसरे कीमती मेटल्स में भी शुक्रवार को तेजी रही। स्पॉट सिल्वर 2% बढ़कर 62.07 डॉलर प्रति औंस हो गया।

प्लैटिनम 1% चढ़कर 1,740.53 डॉलर और पैलेडियम 2.2% बढ़कर 1,197.47 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। हालांकि, ये तीनों मेटल्स भी इस हफ्ते अब तक गिरावट में हैं।

Retirement Planning: रिटायरमेंट के बाद हर महीने ₹50000 चाहिए तो कहां और कितना करें निवेश, समझिए पूरा कैलकुलेशन

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी पर NSE की लिस्टिंग; Meesho, Ola Electric और Exide समेत 24 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 163.00 प्वाइंट्स यानी 0.70% की गिरावट के साथ 23,282.50 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स समेत बीएसई के अन्य इंडेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 23 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 299.17 प्वाइंट्स यानी 0.40% की बढ़त के साथ 74,828.25 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 117.80 प्वाइंट्स यानी 0.50% की तेजी के साथ 23,446.80 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Sedemac Mechatronics

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स A91 एमर्जिंग फंड, एक्सपोनेंशिया अपॉर्च्यूनिटीज फंड, और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस सेडमैक मेकेट्रॉनिक्स के 44.3 लाख शेयर (10% हिस्सेदारी) बेचने वाले हैं। ₹1329 करोड़ की इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹3000 फिक्स किया गया है।

Ola Electric Mobility

राइट्स इश्यू के लिए ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बोर्ड से मंजूरी की तलाश में है।

Pyramid Technoplast

पिरामिड टेक्नोप्लास्ट को गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (GPCB) से संशोधित CCA (कंसोलिडेटेड कंसेंट एंड ऑथराइजेशन) मिला है। इससे यह दूसरी कंपनियों से निकलने वाले खतरनाक केमिकल/वेस्ट से दूषित खाली बैरल, कंटेनर और लाइनर जैसे इंडस्ट्रियल पैकेजिंग वेस्ट को लेकर इसे रीसाइकिल कर सकेगी।

Rainbow Children’s Medicare

रेनबो चिल्ड्रन्स मेडिकेयर के बोर्ड ने सुदर्शन पटोदिया को कंपनी का सीएफओ नियुक्त किया है और उन्हें 23 सितंबर से ग्रुप सीएफओ का पद सौंपा है।

Bharat Dynamics

भारत डायनामिक्स ने रक्षा मंत्रालय के साथ भारतीय वायु सेना को सैटेलाइट स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन्स (SAT-SAAW) और उससे जुड़े इक्विपमेंट्स की सप्लाई करने के लिए ₹810.79 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट किया है।

Exide Industries

एक्साइड इंडस्ट्रीज की एक अहम सब्सिडियरी एक्साइड एनर्जी सॉल्यूशंस ने बेंगलुरु के देवनहल्ली में स्थित अपनी 6 GWh की लीथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के पहले चरण का काम पूरा कर लिया है।

Avantel

एवांटेल को जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग के बिजनेस से सैटेलाइट कम्युनिकेशन इक्विपमेंट की सप्लाई के लिए ₹177.35 करोड़ का ऑर्डर मिला है।

Max Estates

मैक्स एस्टेट्स गाजियाबाद के इंदिरापुरम में लगभग 9.76 एकड़ ज़मीन के लिए एक जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट करेगी। इस प्रोजेक्ट में लगभग 15 लाख स्केयर फीट का सुपर बिल्ट-अप डेवलपमेंट और ₹2,500-₹3,000 करोड़ के ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) की उम्मीद है।

Concord Biotech

कॉनकॉर्ड बायोटेक के बोर्ड ने हर एक शेयर पर एक बोनस इक्विटी शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है।

Zuari Industries, Texmaco Infrastructure

ज़ुआरी इंडस्ट्रीज ने टेक्समैको इंफ्रास्ट्रक्चर एंड होल्डिंग्स के 1.28 करोड़ इक्विटी शेयर ₹147.96 करोड़ में खरीदे हैं।

Meesho

वेंचर कैपिटल फर्म RPS वेंचर्स की कंपनी RPS WOS II LLC ने प्रति शेयर ₹233 के औसत भाव पर ₹899.7 करोड़ में मीशो के 3.86 करोड़ शेयर (0.83% हिस्सेदारी) बेच दी। जून 2026 तक इससे पास मीशो में 1.18% हिस्सेदारी थी। ये शेयर घिसालो मास्टर फंड, गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर सरकार, BNP पारिबास आर्बिट्रेज, सिटीग्रुप ग्लोबल, गोल्डमैन सैक्स, व्हाइटओक कैपिटल, मॉर्गन स्टेनले, मिरे एसेट MF, बजाज लाइफ इंश्योरेंस, फिडेलिटी एडवाइजर, सोसिएट जेनरेल और एडलवाइस MF समेत 14 निवेशकों ने खरीदे हैं।

Welspun Living

प्रमोटर वेल्सपन ग्रुप मास्टर ट्रस्ट ने ₹525.88 करोड़ में वेल्सपन लिविंग के 2.44 करोड़ इक्विटी शेयर (2.59% हिस्सेदारी) बेच दी है। ये सभी शेयर फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट फिडेलिटी इंटरनेशनल स्मॉल कैप फंड और क्वांट म्यूचुअल फंड ने खरीदे हैं। फिडेलिटी ने ₹477.97 करोड़ में 2.22 करोड़ शेयर (2.35% हिस्सेदारी) तो प्रति शेयर औसतन ₹214.9 के भाव पर क्वांट म्यूचुअल फंड ने ₹47.9 करोड़ में 22.29 लाख शेयर (0.23% हिस्सेदारी) खरीदी है

Allied Blenders and Distillers

प्रमोटर बीना किशोर छाबड़िया ने प्रति शेयर ₹650.17 के भाव पर ₹357.59 करोड़ में एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स के 55 लाख शेयर (1.97% हिस्सेदारी) बेच दिए। वहीं अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने ₹97.72 करोड़ में 15.03 लाख शेयर और SBI म्यूचुअल फंड ने प्रति शेयर ₹650 की औसत भाव पर ₹221.04 करोड़ में 34 लाख शेयर खरीदे।

Escorts

एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने एस्कॉर्ट्स के 16.21 लाख शेयर ₹453 करोड़ में बेचे है तो निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने 12.94 लाख शेयर ₹361.7 करोड़ में खरीदे है। यह खरीद-बिक्री प्रति शेयर औसतन ₹2,794 के भाव पर हुआ।

MKVentures Capital

सुशील बहेती, पद्मा बहेती और अंकित बहेती एंड संस HUF ने मधुसूदन केला की कंपनी एमके वेंचर्स कैपिटल के 1.48 लाख शेयर (3.86% हिस्सेदारी) ₹14.85 करोड़ में खरीदे हैं तो थिंक इंडिया अपॉर्चुनिटीज मास्टर फंड ने अपने सभी 1.63 लाख शेयर (4.26% हिस्सेदारी) ₹16.35 करोड़ में बेच दी। ये सौदे प्रति शेयर ₹1,000 के औसत भाव पर हुए।

Molbio Diagnostics

कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड ने मोलबायो डायग्नोस्टिक्स के 27.5 लाख शेयर (2.38% हिस्सेदारी) ₹361.62 करोड़ में खरीदे, तो मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की बिजनेस एक्सीलेंस ट्रस्ट III ने 29.96 लाख शेयर (2.6% हिस्सेदारी) ₹394.07 करोड़ में बेचे। इस सौदे में प्रति शेयर ₹1,315 के भाव पर शेयरों का लेन-देन हुआ।

Optiemus Infracom

बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने ऑप्टिमस इन्फ्राकॉम के 17.69 लाख शेयर ₹144.3 करोड़ प्रति शेयर ₹815.68 के भाव पर खरीदे हैं।

Mazda

क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल ने मजदा के 1.33 लाख शेयर (0.66% हिस्सेदारी) ₹3.38 करोड़ में प्रति शेयर ₹254.1 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक मजदा में क्रॉल रेनॉल्ड्स इंटरनेशनल की हिस्सेदारी 7.23% थी। इसमें से इसने पिछले चार सेशन में 3.18% हिस्सेदारी बेच दी है।

Marine Electrical

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट ने मरीन इलेक्ट्रिकल के 11.55 लाख शेयर ₹45.61 करोड़ में प्रति शेयर ₹394.79 के औसत भाव पर खरीदे। वहीं KDU एंटरप्राइजेज ने 42 लाख शेयर ₹162.32 करोड़ में औसतन ₹386.48 के भाव पर बेचे हैं।

NSE, Sonaselection India

आज एनएसई और सोनासेलेक्शन इंडिया के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे।

SpectraA Technology Solutions, Kheria Autocomp

स्पेक्ट्रा टेक सॉल्यूशंस और खेरिया ऑटोकॉम्प के शेयरों की आज एनएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन, पर्पल स्टाइल लैब्स, पलक टेक्नोलॉजीज

एक्स-डिविडेंड: इंजीनियर्स इंडिया, एडटेक सिस्टम्स, आरफिन इंडिया, श्री वेंकटेश रिफाइनरीज

F&O बैन: आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Price Outlook: 2026 के अंत में ₹1.75 लाख तक जा सकता है सोना, त्योहारी सीजन में बढ़ेगी मांग : मेटल फोकस

Gold Price Outlook: सोने की कीमत को लेकर एक बड़ा अनुमान सामने आया है। Metals Focus के मैनेजिंग डायरेक्टर फिलिप न्यूमैन के मुताबिक, 2026 के अंत तक सोने की कीमत $5,000 प्रति औंस तक पहुंच सकती है। यानी मौजूदा स्तर से 16% के इजाफे का अनुमान है। सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी सोने की कीमत को मजबूत सपोर्ट दे रही है।

न्यूमैन का कहना है कि अमेरिका में हाल की ब्याज दर बढ़ोतरी और इस साल एक और बढ़ोतरी की उम्मीद से सोने पर बहुत ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा। बाजार इस असर को पहले ही काफी हद तक कीमत में शामिल कर चुका है। उनके मुताबिक, $4,300 प्रति औंस सोने के लिए मजबूत सपोर्ट लेवल है।

सेंट्रल बैंक लगातार खरीद रहे सोना

सोने की तेजी में सेंट्रल बैंकों की खरीदारी बड़ी भूमिका निभा रही है। न्यूमैन के मुताबिक, दूसरी तिमाही में सेंट्रल बैंकों ने अच्छी खरीदारी की है। तीसरी तिमाही में भी खरीदारी मजबूत रहने की उम्मीद है।

उनका कहना है कि पिछले कुछ महीनों में सेंट्रल बैंक सोने की कीमत के लिए मजबूत सपोर्ट बने हुए हैं। इससे सोने की कीमत को एक मजबूत आधार मिला है।

अमेरिका का बढ़ता कर्ज भी बड़ा फैक्टर

न्यूमैन के मुताबिक, अमेरिका में बढ़ते कर्ज को लेकर चिंता भी निवेशकों के लिए अहम होती जा रही है। ऐसे माहौल में सोने की मांग को सपोर्ट मिल सकता है।

अमेरिका में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की उम्मीद के बावजूद उनका मानना है कि इससे सोने की कीमत पर बड़ा दबाव नहीं आएगा। बाजार इस संभावित कदम को पहले ही काफी हद तक पचा चुका है।

भारत में कितना बढ़ सकता है सोने का भाव?

भारत में भी सोने की कीमत पहले से काफी ऊंचे स्तर पर है। MCX पर गोल्ड करीब ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम है। वहीं, इंटरनेशनल मार्केट में सोना करीब $4,311 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।

अगर इंटरनेशनल गोल्ड $5,000 प्रति औंस तक पहुंचता है, तो मौजूदा कीमतों के अनुपात से भारत में सोने का भाव करीब ₹1.75 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। यानी मौजूदा स्तर से करीब ₹24,000 की तेजी हो सकती है।

भारत में त्योहारी सीजन से बढ़ेगी मांग

भारत में त्योहार और शादी का सीजन शुरू होने के साथ सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, ऊंची कीमतों के कारण खरीदार फिलहाल थोड़ा संभलकर खरीदारी कर रहे हैं।

न्यूमैन के मुताबिक, ग्राहक सोने के ऑर्डर रद्द नहीं कर रहे हैं। वे सिर्फ खरीदारी को कुछ समय के लिए टाल रहे हैं। इसे भविष्य की मांग के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है।

सोने के साथ चांदी में भी तेजी की उम्मीद

सोने की कीमत में तेजी का असर चांदी पर भी पड़ सकता है। न्यूमैन के मुताबिक, अगर सोना $5,000 प्रति औंस तक पहुंचता है, तो चांदी $80 प्रति औंस तक जा सकती है।

उन्होंने 2027 में चांदी में और तेजी की गुंजाइश भी जताई है। ऐसे में आने वाले समय में सोने के साथ चांदी पर भी निवेशकों की नजर रह सकती है।

SIP Calculator: ₹100 रोज बचाएं तो 10 साल में कितनी रकम बनेगी? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

छोटे कमरे से बड़े मंच की तैयारी करती गाँव की सोनाली | Painter की बेटी Sonali का Dancer बनने का सपना

छोटे कमरे से बड़े मंच की तैयारी करती गाँव की सोनाली | Painter की बेटी Sonali का Dancer बनने का सपना

पश्चिम बंगाल के एक छोटे से गाँव की सोनाली के पास न कोई बड़ी Dance Academy है, न महंगा कैमरा और न कोई शानदार सेटअप।
पिता एक मामूली पेंटर हैं, माँ ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करती हैं।
घर में आर्थिक तंगी की वजह से सोनाली की पढ़ाई तक छूट गई, लेकिन उनके बचपन का सपना एक बेहतरीन डांसर बनने का आज भी ज़िंदा है।
पुराने फोन से विडियोज बनाकर और यूट्यूब से सीखकर सोनाली रोज़ अपने सपने के थोड़ा और करीब बढ़ रही है।
क्योंकि उन्हें खुद पर यकीन है कि उनकी। मेहनत एक दिन उन्हें उस बड़े मंच तक पहुँचा देगी।

@sonalikt92

छोटे कमरे से बड़े मंच की तैयारी करती गाँव की सोनाली | Painter की बेटी Sonali का Dancer बनने का सपना | West Bengal |

Small Town Dreams, Rural India girl dance journey, Never Give Up, Learn Dance from Youtube, Inspiring Indian dancer Journey
#thebetterindia #goodnews #positivestories #indianews #thebetterindiahindi #hindi

Follow us for more:

Facebook: https://www.facebook.com/thebetterindia.hindi
Instagram: https://www.instagram.com/thebetterindia.hindi/
Twitter: https://twitter.com/TbiHindi
LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/the-better-india-hindi/

Website: https://hindi.thebetterindia.com/

iPhone 18 Pro खरीदने उमड़ी भीड़, किसी ने बेचा सोना तो कोई पहुंचा पंजाब से नोएडा!

iPhone 18 Pro खरीदने के लिए लगी लंबी लाइन, पत्नी या मंगेतर को गिफ्ट देने के लिए लोग खड़े है Store के बाहर दिख रहा है जबरदस्त क्रेज, बेच रहे है सोना ले रहे है लोन पर भूल नहीं रहे iPhone खरीदना।

नए फोन के लिए कई खरीदार Apple Store खुलने से पहले ही पहुंच रहे है। iPhone 18 Pro की बिक्री शुरू होते ही इसे खरीदने के लिए लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे है। कई खरीदार सुबह होते-होते स्टोर के बाहर लंबी लाइन लग गई। नोएडा के DLF मॉल ऑफ इंडिया Apple Store पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां नए फोन के इंतजार में लोग सुबह से खड़े नजर आए। इस भीड़ में कुछ लोग अपने लिए तो कुछ अपने खास लोगों को गिफ्ट देने के लिए फोन खरीदने पहुंचे थे।

गिफ्ट देने के लिए बेच दिया सोना

दिल्ली से आया एक व्यक्ति अपनी पत्नी को iPhone 18 Pro तोहफे में देने के लिए नोएडा के Apple Store पहुंचा था। उसने बताया कि उसकी पत्नी ने पहले कभी iPhone इस्तेमाल नहीं किया है, लेकिन वह उसे नया फोन देकर अपग्रेड करना चाहता है। उसकी पत्नी को खास तौर पर बरगंडी रंग का फोन पसंद था। जब उससे पूछा गया कि उसने इतना महंगा फोन अभी खरीदने का फैसला क्यों किया, तो उसने कहा कि इस समय उसके पास पैसे हैं, इसलिए वह यह खरीदारी कर रहा है। उसने यह भी बताया कि फोन के लिए पैसे जुटाने के लिए उसने अपना सोना बेच दिया।

शादी से पहले मंगेतर के लिए खास सरप्राइज

iPhone 18 Pro खरीदने के लिए एक और खरीदार पंजाब से नोएडा आया था। गुरदिता सिंह अपने दोस्त के साथ सुबह करीब 6 बजे ही Apple Store के बाहर पहुंच गए थे। उनके दोस्त ने बताया कि सिंह की जल्द शादी होने वाली है और वह अपनी मंगेतर को iPhone 18 Pro गिफ्ट में देना चाहते हैं। खास बात यह है कि वह अपने लिए भी iPhone 18 Pro Max खरीदने वाले थे। दोनों फोन की कुल कीमत 3.5 लाख रुपये से ज्यादा बताई गई। खरीदारी के बाद उनका पंजाब लौटने का प्लान था और इसके लिए उनकी सुबह 11 बजे की ट्रेन भी थी।

कीमत की परवाह नहीं, फोन का अलग क्रेज

स्टोर के बाहर एक कपल भी दो iPhone 18 Pro खरीदने का इंतजार कर रहा था। महिला ने कहा कि फोन की कीमत बढ़ने के बावजूद जिन लोगों को iPhone चाहिए, वे इसके लिए ज्यादा पैसे खर्च करने को तैयार हैं। इस कपल की iPhone Duo खरीदने की भी योजना थी, लेकिन वे इसे नोएडा से खरीदने के बजाय हांगकांग से मंगवाने की तैयारी में थे। उनका एक दोस्त हांगकांग में रहता है, जो अक्टूबर में भारत लौटने वाला था और उसके जरिए फोन लाने की उम्मीद थी। हरियाणा से आए एक अन्य खरीदार विशाल ने भी कहा कि बढ़ी हुई कीमत उनके लिए परेशानी की बात नहीं है और वे इसे मैनेज कर लेंगे।

लॉन्च डे पर छुट्टी लेकर पहुंचे खरीदार

Apple Store के बाहर लगी लाइन में सिर्फ बिजनेस करने वाले लोग ही नहीं, बल्कि स्टूडेंट और ऑफिस में काम करने वाले लोग भी शामिल थे। कुछ खरीदार ऐसे भी थे, जिन्होंने नए iPhone की बिक्री के पहले दिन स्टोर पहुंचने के लिए काम से छुट्टी तक ली। लेकिन लाइन में खड़े सभी लोगों को फोन खरीदने का मौका नहीं मिला। जिन कस्टमर ने पहले से प्री-ऑर्डर नहीं किया था, उन्हें उस दिन डिवाइस खरीदने की परमिशन नहीं दी गई।

नए iPhone को लेकर लोगों की पसंद और उसे पाने का उत्साह हर बार अलग देखने को मिलता है। इस बार भी लॉन्च के साथ खरीदारों के बीच काफी उत्सुकता नजर आई। हालांकि, महंगे फोन की खरीदारी से पहले बजट और अपनी जरूरत को ध्यान में रखना भी जरूरी है।

भारत की सड़कों पर मर्दानगी से जूझती महिलाएं

भारत की सड़कों पर मर्दानगी से जूझती महिलाएं

gurugram hit and run case

साहिबा खान

अगर आप एक पुरुष हैं और मोटरसाइकिल चलाते हैं तो मुमकिन है कि जब आप घर से बाहर निकलते होंगे तो जेहन में सिर्फ काम या बाहर जाने की वजह, हेलमेट, वॉलेट और घर की चाबी साथ होती होगी। आप एक निक्कर या हाफ पेंट पहन सकते हैं। सुकून भरा मौसम हो तो बिना बांह की शर्ट या टी शर्ट पहन सकते हैं। लेकिन अगर आप दोपहिया पर सफर करने वाली एक महिला हैं तो आपको कपड़ों से लेकर कई किस्म के अदृश्य भयों के बारे में भी सोचना पड़ता है। ALSO READ: भारत सस्ते पैकेटबंद खाने पर इतना निर्भर कैसे हुआ

 

भारत के जम्मू शहर की सोनाली डब चंडीगढ़ में एक ग्राफिक डिजाइनर और इलस्ट्रेटर के तौर पर काम करती हैं। उन्हें अपनी मोटरसाइकिल से देश को जानना पंसद है। डीडब्ल्यू से बात करते हुए उन्होंने बताया, “निकलने से पहले मैं किसी परिजन को अपनी लोकेशन भेजती हूं, उनसे अपना रूट साझा करती हूं और यह सुनिश्चित करती हूं कि रात में भी वह जगह आने जाने के लिए सुरक्षित है या नहीं।”

 

इतनी तैयारी के बावजूद कई महिलाओं को खासकर भारत की सड़कों पर अभद्र भाषा, आक्रामक ओवरटेक करने और यौन हिंसा व उत्पीड़न जैसे खतरनाक व्यवहार का सामना करना पड़ता है।

 

हाल ही में राजधानी नई दिल्ली से सटे गुरुग्राम की एक घटना सामने आई, जहां एक महिला राइडर को एक कार ड्राइवर ने ओवरटेक करके ऐसी टक्कर मारी कि वे मोटरसाइकिल से ही गिर गईं और भीड़ भाड़ से भरे ट्रैकिफ के बीच बाल बाल बचीं। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ।

 

इस घटना में एक तरफ सड़क पर गुस्सा, आक्रामक ड्राइविंग और ट्रैफिक उल्लंघनों का मुद्दा है और दूसरी तरफ महिलाओं का सार्वजनिक स्थानों पर उत्पीड़न, असुरक्षा और उनकी आवाजाही का सवाल है। क्या सड़कें, रुतबा, मर्दानगी और हैसियत दिखाने का मैदान बन गई हैं? ALSO READ: कैसा है 2027 यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव का ‘नीला दांव’

 

सड़क पर गुस्सा केवल पुरुषों की समस्या नहीं है

इंटरनेशनल जर्नल और सोशल साइकेट्री ने ‘रोड रेज’ नाम का अध्ययन पब्लिश किया है। 2013 के इस शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि दिल्ली में हॉर्न बजाना, गलत दिशा से ओवरटेक करना, तेज संगीत बजाना ड्राइविंग से जुड़े गुस्से को बढ़ाने वाले कारकों में शामिल था। दिल्ली के 200 वाहन चालकों पर किए गए इस अध्ययन में गर्म और उमस भरे मौसम के साथ ही इन कारणों को अहमियत दी गई। ज्यादा गुस्सा महसूस करने वाले ड्राइवरों में आक्रामक तरीके से ओवरटेक करने, गाली देने, चिल्लाने, दूसरे ड्राइवरों को रास्ता न देने और यहां तक कि दूसरे वाहन चालकों से लड़ने या उन्हें टक्कर मारने जैसा व्यवहार ज्यादा दिखाई पड़ा।

 

हालांकि, पुरुषों को स्वाभाविक रूप से ज्यादा आक्रामक ड्राइवर मान लेना शोध से पूरी तरह साबित नहीं हुआ। भारत में रोड रेज पर प्रवीण जैन और उनके सहयोगियों ने भी 2022 में एक शोध किया। 282 प्रतिभागियों पर आधारित यह शोध यूरोपियन साइकेट्री में भी प्रकाशित हुआ। इसके शोधकर्ताओं को पुरुषों और महिलाओं के रोड रेज स्कोर में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं मिला। इसके बजाय कम उम्र के प्रतिभागियों में ड्राइविंग के दौरान गुस्से का स्तर अधिक पाया गया।

 

लेकिन इससे एक दूसरा सवाल खत्म नहीं होता। अगर भारत की सड़कों पर गुस्सा इतना आम हो चुका है तो क्या उसका इजहार महिलाओं के खिलाफ अलग तरीके से किया जाता है?

 

सड़क किसकी? 

कल्पना विश्वनाथ भारत में एक सोशल एंटरप्रेन्योर हैं और ‘सेफ्टीपिन’ नाम की ऐप की को-फाउंडर और सीईओ हैं। सेफ्टीपिन शहरों के सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा का आकलन करता है जैसे रोशनी, दृश्यता, सार्वजनिक परिवहन, सुरक्षा और पैदल चलने की सुविधाएं। यह आकलन डाटा के आधार पर किया जाता है। विश्वनाथ को जेंडर-समावेशी शहरीकरण पर अच्छी पकड़ हासिल है। डीडब्ल्यू से बात करते हुए उन्होंने बताया “सड़क पुरुषों के लिए उनका अपना मैदान होता है जहां वो शोहरत, गाड़ी और रफ्तार की नुमाइश करते हैं। अब उसमें एक दोपहिया सवार महिला उनकी पितृसत्ता पर चोट करती है। वो सोचते हैं कि एक महिला कैसे इस रफ्तार से मोटरसाइकिल चला कर निकली?” विश्वनाथ कहती हैं कि यह गुस्सा, महिलाओं को उनकी जगह बताने पर आमादा हो जाता है।

 

प्रियंका ठाकुर कुल्लू से हैं और चंडीगढ़ में पत्रकारिता करती हैं। वे भी सोनाली की तरह ही मोटरसाइकिल चलाती हैं। उन्होंने बताया कि एक बार उन्हें भी एक ऐसे व्यक्ति का सामना करना पड़ा जो उनकी मोटरसाइकिल स्टार्ट ना होने पर हॉर्न पर हॉर्न मारता रहा ताकि वो डर जाएं। उनका कहना है कि उनकी मोटरबाइक अचानक रुक गई थी क्योंकि वह व्यक्ति बहुत करीब आ गया था और उन्हें अचानक ब्रेक लगाने पड़े थे। ऐसी कई घटनाएं कई महिलाओं के साथ सड़कों पर हर रोज होती हैं।

 

सार्वजनिक जगह में महिलाओं की मौजूदगी

दिल्ली में युवा महिलाओं के अनुभवों पर 2014 में प्रकाशित एक अध्ययन में 18 से 30 वर्ष की 20 महिलाओं का इंटरव्यू किया गया। महिलाओं ने सड़क पर होने वाले उत्पीड़न के अलग-अलग रूपों और उसके कारण अपने जीवन में लगने वाली बंदिशों के बारे में बताया। अध्ययन में महिलाओं ने उत्पीड़न को महिलाओं के प्रति सामाजिक रवैये और कानूनों के कमजोर क्रियान्वयन से भी जोड़ा।

 

इससे यह समझने में मदद मिलती है कि सड़क पर किसी महिला का अनुभव सिर्फ यह नहीं है कि वह कितने सुरक्षित तरीके से वाहन चला रही है। उसके भीतर यह बेचैनी भी रहती है कि दूसरे लोग उसके साथ कैसा व्यवहार कर सकते हैं।

 

भूगोल और जनसांख्यिकी का असर

शहरीकरण के संदर्भ में कल्पना विश्वनाथ बताती हैं कि जिस रोड पर गुरुग्राम हादसा हुआ, वह सिर्फ तेज चलने वाली गाड़ियों के लिए ही बनी है। उसके इर्द गिर्द न ज्यादा खाने पीने की जगहें हैं, और सभी ट्रैफिक लाइट्स भी हटा दी गई हैं। उन्होंने मानना है कि यह इलाका उत्तरी भारत के हरियाणा राज्य में आता है, जहां ज्यादातर पुरुष पितृसत्ता और सामंती मानसिकता से आते हैं। उन्होंने आगे कहा, “इन जगहों पर इमारतें तो बन गईं लेकिन शहरीकरण के साथ चलने वाले मानदंडों को ठीक से व्यक्तिगत व्यवहार में नहीं अपनाया जा सका है।”

 

उत्तर भारत, खासकर दिल्ली और आसपास के शहरों में, सड़क पर होने वाली रोड रेज और महिलाओं की सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा को लेकर काफी चर्चा और शोध हुए हैं। लेकिन सिर्फ दर्ज किए गए मामलों की संख्या अधिक होने के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि उत्तर भारत में रोड रेज या महिलाओं के खिलाफ सड़क पर होने वाली लैंगिक हिंसा देश के दक्षिणी हिस्से से अलग है। अब तक ऐसा कोई भी अध्ययन सामने नहीं आया है जो क्षेत्रीय व्यवहार से जुड़े आंकड़े सटीकता से सामने रख सके। ALSO READ: क्या वाकई रोकी जा सकती है एआई के विकास की रफ्तार?

 

सड़कें हैं या मर्दानगी का मंच

यहीं पर शहरी नियोजन और जेंडर के बीच का संबंध महत्वपूर्ण हो जाता है। सड़क पर वाहन चलाना सिर्फ तकनीकी काम नहीं है। ड्राइविंग, सड़क इस्तेमाल कर रहे बाकी लोगों के साथ एक तरह का सामंजस्य भी है। इसे प्रतिस्पर्धा या किसी किस्म की रेस बना लेना, दूसरों को हॉर्न बजा बजाकर बाध्य करना, पदयात्रियों को कुछ ना समझना या फिर सब्र और संयम के साथ दूसरों का सम्मान करते हुए सही मौके का इंतजार करना, इस पूरी प्रक्रिया में एक तरह की सामाजिक बातचीत जैसे हैं।

 

दिल्ली में सार्वजनिक जगहों पर यौन उत्पीड़न के हॉटस्पॉट को मैप करने वाले 2026 के एक अध्ययन ने भी यह दिखाया कि पर्यावरण और जगह की विशेषताएं रोड रेज के पैटर्न को समझने में महत्वपूर्ण हो सकती हैं। और शायद यही वह जगह है जहां सड़क का सवाल शहरी नियोजन और जेंडर के सवाल में बदल जाता है।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना फिसला, चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 17 सितंबर को सोने में गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में जोरदार तेजी दिखी। लेकिन, कमजोर घरेलू मांग का असर दिल्ली में सोने की कीमतों पर पड़ा।

चांदी 2.42 लाख रुपये पर स्थिर रही

दिल्ली सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोना 600 रुपये गिरकर 1,55,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी की कीमत 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। 16 सितंबर को फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में गिरावट आई थी।

16 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरा था सोना

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “घरेलू बाजारों में कीमतों पर 16 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में आई गिरावट का असर पड़ा।” अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने इंटरेस्ट रेट 0.25 फीसदी बढ़ा दिया है। इससे यह 3.75-4 फीसदी पर आ गया है। यह बीते तीन सालों में इंटरेस्ट रेट में पहली वृद्धि है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में जोरदार रिकवरी

17 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में जोरदार तेजी देखने को मिली। सोना 2.45 फीसदी चढ़कर 4,372.95 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी 4.42 फीसदी के उछाल के साथ 66.02 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। कई दिनों के बाद सोने और चांदी की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में इतनी बड़ी तेजी दिखी है।

इन वजहों से विदेश में बुलियन में तेजी 

मिरै एसेट शेयरखान के कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा, “क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी, ट्रेजरी यील्ड में कमी और डॉलर इंडेक्स के थोड़ा नीचे आने से स्पॉट गोल्ड की कीमतों में स्ट्रॉन्ग रिकवरी दिखी है।” क्रूड ऑयल में 17 सितंबर को बड़ी गिरावट दिखी है। ब्रेंट क्रूड गिरकर 102 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है।

यह भी पढ़ें: Gold Price: सोने का भाव दोगुना होकर ₹3.47 लाख तक पहुंच सकता है, Jefferies ने बताए कारण

महंगाई बढ़ने का खतरा अब भी बरकरार

एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड के नीचे आने के बावजूद महंगाई बढ़ने का खतरा कम नहीं हुआ है। इसकी वजह यह है कि क्रूड की कीमतों में नरमी अगर जारी रहती है तो भी इसका असर महंगाई पर काफी बाद में दिखेगा। पिछले कई हफ्तों से ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर के ऊपर बने रहने से सितंबर में रिटेल इनफ्लेशन में उछाल दिख सकता है। सितंबर के इनफ्लेशन के डेटा अगले महीने आएंगे। फेडरल रिजर्व ने कहा है कि फिलहाल मौद्रिक नीति सख्त बनी रहेगी।

Gold Silver Prices Today: सोने की कीमत 1000 रुपये फिसली, चांदी में बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today:  दिल्ली सर्राफा बाजार में 15 सितंबर को सोने में गिरावट देखने को मिली। यह 1,000 रुपये गिरकर 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। हालांकि, चांदी में बदलाव देखने को नहीं मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गोल्ड में थोड़ी नरमी दिखी, जबकि चांदी में हल्की तेजी रही। डॉलर में मजूबती के साथ ही विदेश में सोने की कीमतों में कमजोरी का असर दिल्ली में सोने की कीमतों पर पड़ा।

कमजोर विदेशी संकेतों से गिरा सोना

चांदी की कीमतों में दिल्ली सर्राफा बाजार में बदलाव नहीं हुआ। सोने की कीमतें एक महीने के निचले स्तर पर आ गई हैं। चांदी की कीमत 15 सितंबर को दिल्ली में 2,34,600 रुपये प्रति किलोग्राम रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “गोल्ड में गिरावट की वजह कमजोर विदेशी संकेत थे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड गिरकर एक समय 4,300 डॉलर प्रति औंस से नीचे चला गया था।”

क्रूड ऑयल में उछाल ने बढ़ाया दबाव

गोल्ड में कमजोरी के पीछ क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी का बड़ा हाथ है। महंगे क्रूड की वजह से अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ी है। डॉलर भी मजबूत हुआ है। इसका सीधा असर सोने पर पड़ रहा है। महंगे क्रूड की वजह से इनफ्लेशन बढ़ेगा। इनफ्लेशन को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है।

फेडरल रिजर्व बढ़ा सकता है इंटरेस्ट रेट

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की बैठक 15 सितंबर को शुरू हो गई है। इसके नतीजे 16 सितंबर को आएंगे। भारत में फेड के फैसले के बारे में देर रात पता चलेगा। माना जा रहा है कि फेड 16 सितंबर को इंटरेस्ट रेट में एक चौथाई फीसदी का इजाफा कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो इसका खराब असर सोने पर पड़ेगा।

यह भी पढ़ें: UPI पर ट्रांजेक्शन चार्ज को लेकर दुविधा में हैं? तो यहां जाने अपने हर सवाल का पूरा जवाब

इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर और गिरेगा सोना 

सोना पहले से ही दबाव में चल रहा है। फेड के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने पर इस पर दबाव और बढ़ जाएगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में सोने की चमक घटती है, जबकि इंटरेस्ट रेट घटने पर इसकी चमक बढ़ती है। उधर, डॉलर में मजबूती का भी खराब असर सोने पर पड़ता है। इसकी वजह है कि दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है।