Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने में 100 रुपये की तेजी, चांदी अपरिवर्तित

Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 4 अगस्त को बुलियन की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा। सोने की कीमतें 100 रुपये चढ़कर 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गईं। चांदी की कीमतें बगैर बदलाव के 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम रहीं। उधर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में अच्छी तेजी दिखी।

इनवेस्टर्स मध्यपूर्व के हालात को देख बरत रहे सावधानी

ट्रेडर्स ने बताया कि सोने में सामान्य खरीदारी दिखी, जबकि चांदी की कीमतें सीमित दायरे में बनी रहीं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच जारी बातचीत के मद्देनजर इनवेस्टर्स सावधानी बरत रहे हैं। इनवेस्टर्स जियोपॉलिटिकल स्थिति को लेकर तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में अच्छी तेजी 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.6 फीसदी चढ़कर 4,078 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 1.1 फीसदी चढ़कर 4,134.60 डॉलर प्रति औंस था। चांदी में तेजी दिखी। यह 2.6 फीसदी चढ़कर 59.7 डॉलर प्रति औंस थी। कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एवीबी कायनात चेनवाला ने कहा कि इनवेस्टर्स को अमेरिकी इकोनॉमी से जुड़े डेटा का इंतजार है।

क्रूड में उछाल से सोने की कीमतों पर बढ़ा दबाव 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड अब भी लड़ाई से पहले के लेवल से काफी ज्यादा है। अगर यह लंबे समय तक हाई लेवल पर बना रहता है तो अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ सकता है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व लंबे समय तक इंटरेस्ट रेट को हाई बनाए रख सकता है। इसका सोने पर खराब असर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में सोने की चमक घट जाती है।

रिकॉर्ड हाई लेवल से करीब 28 फीसदी गिरा है सोना

28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई शुरू हुई थी। इसका बुलियन की कीमतों पर खराब असर पड़ा। तब से सोने और चांदी की कीमतें दबाव में रही हैं। इस साल जनवरी के आखिर में सोने और चांदी कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। तब से सोना करीब 28 फीसदी गिर चुका है।

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अमेरिका-ईरान में जल्द समझौते की उम्मीद

अमेरिकी वित्तमंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान के साथ जल्द समझौते की उम्मीद है। उन्होंने कहा है कि दोनों देशों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर बातचीत चल रही है। अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जल्द खुल जाता है तो इससे क्रूड की कीमतों में तेज गिरावट आएगी। यह सोने के लिए अच्छी खबर होगी।

Kangana Ranaut: क्या कंगना रनौत ने सोनाक्षी सिन्हा पर तंज कसा? एक्ट्रेस की ‘पॉकेटमार’ वाली कमेंट ने मचाई खलबली

Kangana Ranaut: एक्टर और BJP सांसद कंगना रनौत एक बार फिर चर्चा में हैं। इसकी वजह सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक स्क्रीनशॉट है, जिसने ऑनलाइन काफी बहस छेड़ दी है। इस तस्वीर में कंगना को एक इंस्टाग्राम पोस्ट लाइक करते हुए दिखाया गया है, जिसमें हालिया विरोध प्रदर्शनों पर एक अज्ञात एक्ट्रेस के ओवररिएक्ट करने की आलोचना की गई थी। हालांकि, ‘क्वीन’ फिल्म की एक्ट्रेस ने इस पोस्ट से किसी भी तरह के जुड़ाव से साफ इनकार किया है और स्क्रीनशॉट को मनगढ़ंत बताया है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह स्क्रीनशॉट फैला। कई लोगों का दावा था कि कंगना ने उस पोस्ट को सपोर्ट किया है, जिसमें एक एक्ट्रेस पर निशाना साधा गया था—आरोप था कि वह एक विरोध प्रदर्शन के दौरान तो बोलती है, लेकिन दूसरे पर चुप रहती है।

कंगना ने तुरंत स्थिति साफ करते हुए कहा कि वह तथाकथित “लाइक” उनके अकाउंट से कभी नहीं किया गया था। एक्ट्रेस ने क्रिप्टिक अंदाज़ में अपनी बात साफ़ की। वायरल हो रहे दावे को खारिज करते हुए, कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर कड़े शब्दों में एक मैसेज भी पोस्ट किया। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी बातों से जल्द ही नई अटकलें शुरू हो गईं।

कंगना ने अपने नोट में लिखा कि वह किसी को भी ‘बॉडी-शेम’ करने में यकीन नहीं रखतीं, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्होंने “एक एक्ट्रेस” को देखा है, जिसके स्टाइल और पब्लिक अपीयरेंस में ज़बरदस्त बदलाव आया है। उन्होंने उस एक्ट्रेस का नाम लिए बिना कहा कि वह अब “जेबकतरे की तरह कपड़े पहनती और बात करती है” और हाल के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान “गटरछाप व्यवहार” को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया।

कंगना ने आगे कहा कि एक्ट्रेस के फ़ैशन से उनके पर्सनल रिश्ते की हालत का पता चलता है और ऐसा लगता है कि उनमें पहले जैसी ग्रेस (अदा) नहीं रही। अपनी बात को व्यंग्य के साथ खत्म करते हुए, कंगना ने ज़रूरत पड़ने पर उनकी स्टाइलिंग में मदद करने की पेशकश भी की। इतनी तीखी बातें कहने के बावजूद, कंगना ने उस व्यक्ति का नाम नहीं बताया जिसके बारे में वह बात कर रही थीं।

हालांकि इंस्टाग्राम स्टोरी में किसी का नाम नहीं लिया गया था, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स को यह अंदाज़ा लगाने में ज़्यादा समय नहीं लगा कि यह किसके बारे में कहा गया है। इंटरनेट पर कुछ लोगों ने कंगना की बातों को एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा से जोड़ा; कई यूज़र्स का कहना था कि कंगना का बताया हुलिया सोनाक्षी के हालिया पब्लिक अपीयरेंस से मेल खाता है। हालाँकि, ये सिर्फ़ सोशल मीडिया के अंदाज़े हैं और कंगना ने खुद इस बात की न तो पुष्टि की है और न ही इससे इनकार किया है कि उनकी बातें सोनाक्षी के बारे में थीं।

इसी तरह, सोनाक्षी ने वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट, कंगना की सफाई या पोस्ट को लेकर हो रही अटकलों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। एक्ट्रेस की पहचान के बारे में कोई पुष्टि नहीं। फिलहाल, यह चर्चा मुख्य रूप से ऑनलाइन अटकलों तक ही सीमित है। हालांकि कंगना ने साफ तौर पर ओरिजिनल इंस्टाग्राम पोस्ट को लाइक करने से इनकार किया है, लेकिन उनके बाद के बयान ने बहस की एक नई लहर पैदा कर दी है, और यूज़र्स इसके अलग-अलग मतलब निकाल रहे हैं।

चूंकि न तो कंगना और न ही सोनाक्षी ने सीधे तौर पर उन अटकलों पर बात की है जिनमें दोनों को जोड़ा जा रहा है, इसलिए इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है कि एक्टर का वह रहस्यमयी मैसेज किसके लिए था। हालांकि, सोशल मीडिया पर यह बातचीत ज़ोर पकड़ रही है, जहां फैंस और आलोचक कंगना की पोस्ट की हर लाइन का बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं।

Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोना 300 रुपये महंगा, चांदी की कीमतें स्थिर

दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में 31 जुलाई को 300 रुपये इजाफा हुआ। चांदी की कीमतें स्थिर रहीं। रिटेलर्स और ज्वेलर्सी की खरीदारी से सोने को सपोर्ट मिला। सोने की कीमत 1,48,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुईं। चांदी 2,24,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।

विदेश में सोने और चांदी में गिरावट 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.18 फीसदी गिरकर 4,055 डॉलर प्रति औंस था। चांदी भी 2 फीसदी की गिरावट के साथ 57.98 डॉलर प्रति औंस रही। कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चेनवाला ने कहा, “गुरुवार रात के लेवल से कीमत में नरमी आई है। यह 4,060 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गया है। सिल्वर में भी नरमी दिखी है।”

सोने की कीमतों पर दबाव की दो वजहें 

एनालिस्ट्स के मुताबिक, क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी का असर बुलियन की कीमतों पर पड़ा है। अमेरिकी डॉलर में मजबूती का असर भी सोने पर पड़ा है। हालांकि, फरवरी के बाद जुलाई पहला महीना है, जब सोने की कीमतें चढ़ी हैं। स्वतंत्र विश्लेषक रॉस नॉरमैन ने कहा, “सोना चढ़ने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, अभी यह कंसॉलिडेशन फेज में है।”

सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर दबाव में आएगा सोना

फेडरल रिजर्व ने 29 जुलाई को इंटरेस्ट रेट में बदलाव नहीं किया। इससे सोने को थोड़ी राहत मिली है। लेकिन, माना जा रहा है कि फेड सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। इसका निगेटिव असर सोने पर पड़ेगा। इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में सोने की चमक घट जाती है। क्रूड की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हुआ है।

क्रूड में तेजी से महंगाई का खतरा बढ़ रहा

महंगाई को काबू में करने के लिए फेड सहित दूसरे देशों के केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मध्यपूर्व में जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होता नहीं दिख रहा है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ रही हैं। 31 जुलाई को ब्रेंट क्रूड का भाव 1.76 फीसदी चढ़कर 88.37 डॉलर पर चल रहा था। क्रूड में तेजी जारी रहने पर सोने की कीमतों पर दबाव बना रहेगा

सोना गिरकर ₹1.42 पर आया, चांदी ₹2400 हुई सस्ती, आखिर भारतीय खरीदारों के लिए कीमतों में उतार-चढ़ाव क्या दे रहा संकेत

Gold Silver Price Today: भारत में सोने- चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट की बड़ी वजह ग्लोबल मार्केट में कमजोरी रही। डॉलर में निचले स्तर से रिकवरी के कारण सोने-चांदी की हालिया तेजी को ब्रेक लगा है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, 5 अगस्त की डिलीवरी के लिए सोने का वायदा भाव 0.79% गिरकर ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि 4 सितंबर की डिलीवरी के लिए चांदी का वायदा भाव 2400 रुपये यानी 1% गिरकर ₹2.18 लाख प्रति किलोग्राम के नीचे फिसल गया है।

वहीं इंटरनेशनल मार्केट में COMEX गोल्ड फ्यूचर्स 0.39% गिरकर $4,144.40 प्रति औंस पर आ गया, जबकि COMEX सिल्वर फ्यूचर्स 0.22% गिरकर $58.89 प्रति औंस पर आ गया। पिछले सेशन में एक हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद स्पॉट गोल्ड की कीमत में भी थोड़ी गिरावट आई।

कीमतों में गिरावट क्यों?

घरेलू कीमतों में गिरावट काफी हद तक ग्लोबल ट्रेंड्स को दिखाती है। इस हफ्ते की शुरुआत में तेजी के बाद, सोने और चांदी पर दबाव बना क्योंकि अमेरिकी डॉलर जनवरी 2023 के बाद अपनी सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट से उबर गया। मजबूत डॉलर आमतौर पर कीमती धातुओं पर दबाव डालता है क्योंकि यह दूसरी करेंसी रखने वालों के लिए इन्हें महंगा बना देता है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले के बाद बुलियन की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद मुनाफावसूली ने भी गिरावट में योगदान दिया।

गिरावट के बावजूद सोने को क्यों मिल रहा सपोर्ट

हालांकि शुक्रवार 31 जुलाई की गिरावट के बावजूद, सोना 5 महीनों में अपनी पहली मासिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है। इसे अमेरिकी मौद्रिक सख्ती (monetary tightening) की उम्मीदों में कमी और मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से सपोर्ट मिल रहा है, जिससे सुरक्षित निवेश (safe-haven assets) के तौर पर सोने की मांग बढ़ी है।

हालिया अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने भी इन उम्मीदों को मजबूत किया है कि फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों के फैसलों पर सावधानी से आगे बढ़ सकता है। महंगाई के नरम आंकड़ों और आर्थिक विकास में नरमी के संकेतों ने बुलियन को सपोर्ट दिया है, हालांकि बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और मजबूत डॉलर ने बढ़त को सीमित रखा है।

अब क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की AVP कायनात चेनवाला ने कहा, “कीमती धातुएं एक दायरे में बनी हुई हैं। अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में नरमी से सपोर्ट मिल रहा है, जबकि मजबूत डॉलर, ऊंची बॉन्ड यील्ड और फेडरल रिजर्व के सख्त रुख (hawkish stance) से तेज बढ़त सीमित हो रही है। सोना और चांदी दोनों ही कई महीनों में अपनी पहली मासिक बढ़त की राह पर हैं।”

भारतीय खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब है?

देश में सोने और चांदी की कीमतें इंटरनेशनल बुलियन की कीमतों, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और इंपोर्ट से जुड़ी लागतों से प्रभावित होती हैं। नतीजतन, लोकल कीमतें अक्सर ग्लोबल ट्रेंड्स के हिसाब से चलती हैं, हालांकि घरेलू मांग और करेंसी में उतार-चढ़ाव इन बदलावों को बढ़ा या घटा सकते हैं।

अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारत में सोने की फिजिकल मांग पर दबाव बना रहा। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, सोने की मांग में सालाना आधार पर 6% की गिरावट आई क्योंकि ऊंची कीमतों ने खरीदारी पर असर डाला। हालांकि, सोने पर कुल कंज्यूमर खर्च वैल्यू के हिसाब से रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया, जबकि त्योहारों और शादियों से जुड़ी खरीदारी के कारण पिछली तिमाही के मुकाबले ज्वैलरी की मांग में सुधार हुआ।

इन्वेस्टर्स को आगे किस पर नज़र रखनी चाहिए?

मार्केट आज बाद में यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के कंज्यूमर सेंटीमेंट और महंगाई की उम्मीदों (इन्फ्लेशन एक्सपेक्टेशन्स) के डेटा पर बारीकी से नज़र रखेगा, ताकि अमेरिकी महंगाई के आउटलुक और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी की दिशा के बारे में नए संकेत मिल सकें।

एनालिस्ट्स को यह भी उम्मीद है कि अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव, ट्रेजरी यील्ड और वेस्ट एशिया में घटनाक्रम निकट भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों के लिए मुख्य कारक बने रहेंगे।

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Gold silver Prices Today: दिल्ली में सोने का भाव अपरिवर्तित, नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर

Gold silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 29 जुलाई को सोने की कीमतें अपरिवर्तित रही। हालांकि, चांदी में 500 रुपये की रिकवरी दिखी। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोने की कीमत बगैर किसी बदलाव के 1,47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। चांदी 500 रुपये चढ़कर 2,25,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट 

कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट दिखी। शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.35 फीसदी यानी 503 रुपये गिरकर 1,41,120 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.38 फीसदी यानी 820 रुपये गिरकर 2,15,020 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में नरमी, चांदी में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में नरमी दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.2 फीसदी गिरकर 4,020 डॉलर प्रति औंस था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.4 फीसदी गिरकर 4,019 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। स्पॉट सिल्वर 0.2 फीसदी चढ़कर 57.25 डॉलर प्रति औंस चल रहा था।

इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने की कीमतों पर डॉलर में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल का असर पड़ा। हालांकि, ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर लगी हैं। भारतीय समय के मुताबिक, आज देर रात फेड अपनी पॉलिसी का ऐलान करेगा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की उम्मीद कम है। लेकिन, फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की कमेंट्री से केंद्रीय बैंक के रुख का संकेत मिलेगा।

डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल का सोने पर असर

अमेरिकन गोल्ड एक्सचेंज में मार्केट एनालिस्ट जिम वायकॉफ ने कहा, “अमेरिकी डॉलर में मजबूती और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड गोल्ड के लिए निगेटिव हैं। लेकिन, गोल्ड और सिल्वर मार्केट्स को FOMC के फैसले और चेयरमैन वॉर्श के प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार है।” उधर, क्रूड की कीमतों में अचानक उछाल आया। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर हमले का ऐलान हो सकता है।

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क्रूड में उछाल से सोने पर बढ़ सकता है दबाव 

क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ता है। इसकी वजह यह है कि क्रूड महंगा होने से महंगाई बढ़ने का डर बढ़ जाता है। महंगाई बढ़ने पर फेडरल रिजर्व सहित दुनिया के दूसरे बैंक इंटरेस्ट रेट उम्मीद से पहले बढ़ा सकते हैं। फेडरल रिजर्व पहले ही इनफ्लेशन कंट्रोल को अपनी प्राथमिकता बता चुका है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घटती है।

Pankaj Tripathi: रिलीज से कुछ दिन पहले ‘ओह माय डॉग’ को टाल दिया गया, पंकज त्रिपाठी की फिल्म अब अगस्त में रिलीज होगी

Pankaj Tripathi: पंकज त्रिपाठी की फिल्म ‘ओह माय डॉग’ (जो जिंदगी की असलियत दिखाने वाली एक ड्रामा फिल्म है) की रिलीज की तारीख 31 जुलाई से आगे बढ़ा दी गई है, जबकि यह फिल्म कुछ ही दिनों में रिलीज होने वाली थी। फिल्म के प्रवक्ताओं ने सोमवार सुबह इस देरी के बारे में जानकारी दी। यह जानकारी मुंबई में फिल्म के प्रेस शो से कुछ घंटे पहले दी गई। अब नई रिलीज डेट का ऐलान कर दिया गया है।

‘ओह माय डॉग’ (Ohh My Dog) की टीम ने सोमवार सुबह एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया। “फिल्म ‘ओह माय डॉग’ की रिलीज की तारीख बदलकर 7 अगस्त कर दी गई है। आज होने वाला प्रेस शो रद्द कर दिया गया है और इसे बाद की किसी तारीख के लिए फिर से शेड्यूल किया जाएगा। इस असुविधा के लिए हम दिल से माफी मांगते हैं और उम्मीद करते हैं कि अगले हफ़्ते प्रेस स्क्रीनिंग में आपसे मुलाकात होगी।”

फिल्म की टीम ने रिलीज टालने की कोई वजह नहीं बताई। अब यह फिल्म उसी दिन सिनेमाघरों में रिलीज होगी जिस दिन हिमांश कोहली, सोनाली सहगल, रवि किशन और शिल्पा शिंदे की कॉमेडी फिल्म ‘आर्यभट्ट का ज़ीरो’ (Aryabhatt Ka Zero) रिलीज होगी।

अमित राय की लिखी और निर्देशित फ़िल्म ‘ओह माय डॉग’ एक बहादुर कुत्ते की कहानी है जो एक रैकेट का पर्दाफाश करने में मदद करता है। पंकज त्रिपाठी के अलावा, इसमें पवन मल्होत्रा, माही राय, राजेश कुमार, गीता अग्रवाल, विजय मिश्रा, श्रीधर दुबे, बुल्लू कुमार और सुलक्षणा बरुआ भी हैं।

फिल्म का ट्रेलर इस महीने की शुरुआत में रिलीज हुआ था, जिसमें एक इलाके में कुत्तों के गायब होने के बढ़ते मामलों को दिखाया गया, जिससे इसके पीछे एक बड़े रैकेट के होने का शक पैदा हुआ। ट्रेलर में कुछ ऐसे दृश्य भी हैं जिनमें कुत्तों का एक झुंड गुंडों का पीछा करते हुए दिखाई देता है।

फिल्म बनाने वालों के अनुसार, यह फिल्म एक छोटे बच्चे और कुत्ते के बीच के रिश्ते पर आधारित है। यह फिल्म प्यार, दोस्ती, दया और संवेदना पर केंद्रित है और साथ ही लोगों को जानवरों की देखभाल करने और उनके साथ शांति से रहने के लिए प्रेरित करती है।

निर्देशक अमित राय ने इस फिल्म को एक ऐसी कहानी बताया है जो परिवारों से जुड़ती है और जानवरों के प्रति दया का संदेश भी देती है। उन्होंने कहा, “कुत्ते हमें बिना किसी बदले की उम्मीद के प्यार और वफादारी का सबसे शुद्ध रूप सिखाते हैं। ‘ओह माय डॉग’ के ज़रिए मैं एक ऐसी कहानी बताना चाहता था जो हर परिवार के लिए भावनात्मक, मनोरंजक और सार्थक हो।

यह सिर्फ एक बच्चे और कुत्ते की फिल्म नहीं है। यह सभी जीवित प्राणियों के साथ संवेदना के साथ मिल-जुलकर रहने के बारे में है। अगर दर्शक जानवरों के प्रति अपने दिलों में थोड़ी और दया लेकर जाते हैं, तो मुझे लगेगा कि इस फिल्म ने सच में अपना मकसद पूरा कर लिया है।”‘ओह माय डॉग’ को अमित राय, राजेश भारद्वाज और सना वारसी ने बाबूलाल बिस्कोप और थिंकिंग हैट्स एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रोड्यूस किया है।

MV Electrosystems IPO: ₹400-₹425 प्रति शेयर तय हुआ प्राइस बैंड, 30 जुलाई से लगा सकेंगे पैसे

MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स ने अपने ₹290 करोड़ के IPO के लिए प्राइस बैंड तय कर दिया है। यह ₹400-425 प्रति शेयर रखा गया है। निवेशक 34 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं। यह IPO 30 जुलाई को खुलने जा रहा है। इसमें 3 अगस्त तक पैसे लगाए जा सकेंगे। इश्यू में केवल नए शेयर जारी होंगे। IPO की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 4 अगस्त को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 6 अगस्त को होने की उम्मीद है।

MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स रेलवे रोलिंग स्टॉक में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट के डिजाइन, डेवलपमेंट, असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। इनमें इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए IGBT-बेस्ड 3-फेज ड्राइव प्रोपल्शन इक्विपमेंट, रेलवे कोच और EMU के लिए स्विचगियर पैनल, केबल प्रोटेक्शन और मैनेजमेंट प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, सिस्टम और सब-सिस्टम शामिल हैं।

कंपनी इंटीग्रेटेड डिजाइन, प्रोडक्शन और क्वालिटी-टेस्टिंग प्रोसेस के जरिए काम करती है। यह इनोवेशन, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और क्लाइंट-सेंट्रिक सॉल्यूशंस पर जोर देती है। MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स के प्रमोटर मोहित वोहरा, अमित धवन, सुमित धवन, राहुल धवन, सोनाली धवन, रामेंद्र प्रताप सिंह हैं। IPO में एंकर निवेशक 29 जुलाई को बोली लगा सकेंगे।

कंपनी की वित्तीय सेहत

MV Electrosystems का वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेवेन्यू 23 प्रतिशत घटकर 49.79 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 64.64 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी 12.63 करोड़ रुपये के घाटे में रही, जबकि ​एक साल पहले इसने 1.40 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 49.89 करोड़ रुपये की उधारी थी।

अगस्त में एक दर्जन से ज्यादा मेनबोर्ड IPO! ₹25000 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश; लिस्ट में Zepto, Shiprocket भी

MV Electrosystems कैसे करेगी IPO के पैसों का इस्तेमाल

IPO से होने वाली कमाई का इस्तेमाल लॉन्ग टर्म वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, नए पावर इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए रिसर्च डिजाइन और डेवलपमेंट एक्टिविटीज में निवेश के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। IPO के लिए Sundae Capital Advisors Pvt.Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है। पब्लिक इश्यू में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

MV Electrosystems IPO 30 जुलाई से, ₹290 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश

MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स का ₹290 करोड़ का IPO 30 जुलाई को खुलने जा रहा है। इसमें 3 अगस्त तक पैसे लगाए जा सकेंगे। कंपनी रेलवे रोलिंग स्टॉक में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट के डिजाइन, डेवलपमेंट, असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। इनमें इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए IGBT-बेस्ड 3-फेज ड्राइव प्रोपल्शन इक्विपमेंट, रेलवे कोच और EMU के लिए स्विचगियर पैनल, केबल प्रोटेक्शन और मैनेजमेंट प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, सिस्टम और सब-सिस्टम शामिल हैं।

कंपनी इंटीग्रेटेड डिजाइन, प्रोडक्शन और क्वालिटी-टेस्टिंग प्रोसेस के जरिए काम करती है। यह इनोवेशन, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और क्लाइंट-सेंट्रिक सॉल्यूशंस पर जोर देती है। MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स के प्रमोटर मोहित वोहरा, अमित धवन, सुमित धवन, राहुल धवन, सोनाली धवन, रामेंद्र प्रताप सिंह हैं। IPO में एंकर निवेशक 29 जुलाई को बोली लगा सकेंगे।

MV Electrosystems IPO के लिए प्राइस बैंड और लॉट साइज अभी तय नहीं हुआ है। इश्यू में केवल नए शेयर जारी होंगे। इश्यू की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 4 अगस्त को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 6 अगस्त को होने की उम्मीद है। IPO के लिए Sundae Capital Advisors Pvt.Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

MV Electrosystems कैसे करेगी IPO के पैसों का इस्तेमाल

IPO से होने वाली कमाई का इस्तेमाल लॉन्ग टर्म वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, नए पावर इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए रिसर्च डिजाइन और डेवलपमेंट एक्टिविटीज में निवेश के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। पब्लिक इश्यू में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

MV Electrosystems का वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेवेन्यू 23 प्रतिशत घटकर 49.79 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 64.64 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी 12.63 करोड़ रुपये के घाटे में रही, जबकि ​एक साल पहले इसने 1.40 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 49.89 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dharmendra Pradhan Resigns: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर रणवीर शौरी ने उठाए सवाल, बोले- सपोटर्स की न सुनके सड़क पर मौजूद कॉकरोच…

Dharmendra Pradhan Resigns: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर हफ़्तों तक चले छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद, जहाँ बॉलीवुड के ज़्यादातर लोगों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत किया, वहीं अभिनेता रणवीर शौरी की राय कुछ अलग थी। जब सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें मान लीं और दिल्ली के जंतर-मंतर पर जश्न मनाया जाने लगा, तो शौरी ने इस फ़ैसले के समय पर सवाल उठाए और इसे ‘जनता के दबाव में कामकाज’ बताते हुए इसकी आलोचना की।

अभिजीत दिपके और सौरव दास की अगुवाई वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में 36 दिनों तक चले आंदोलन के बाद प्रधान ने 25 जुलाई को इस्तीफ़ा दे दिया। इस आंदोलन में छात्र परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही की मांग कर रहे थे। CJP नेताओं के साथ बातचीत के बाद, केंद्र सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज FIR वापस लेने और NEET विवाद से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवज़ा देने पर भी सहमत हो गई। मांगें माने जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर चल रहा धरना-प्रदर्शन ख़त्म कर दिया।

प्रधान के इस्तीफ़े की ख़बर सामने आते ही, रणवीर शौरी ने X (पहले ट्विटर) पर हैरानी ज़ाहिर करते हुए एक GIF के ज़रिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “और एक ही झटके में मोदी सरकार अपने किसी भी दुश्मन को तो नहीं जीत पाई, लेकिन अपने कई समर्थकों को जरूर नाराज कर दिया। #masterstroke,” और साथ में ताली बजाने वाले इमोजी भी लगाए।

जब एक सोशल मीडिया यूज़र ने पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि प्रधान को NEET पेपर लीक विवाद पर इस्तीफ़ा नहीं देना चाहिए था, तो शोरी ने अपनी बात विस्तार से बताई। उन्होंने लिखा, “हां, लेकिन उन्हें यह तब करना चाहिए था जब सड़कों पर हालात इतने खराब नहीं हुए थे। अब ऐसा लगता है कि समर्थकों की बात नहीं सुनी जाएगी, बल्कि सड़कों पर मौजूद ‘कॉकरोच’ की बात सुनी जाएगी!”

हाल के हफ़्तों में कई एक्टर्स और म्यूज़िशियन्स ने ऑनलाइन और प्रदर्शनों में शामिल होकर स्टूडेंट मूवमेंट का खुलकर समर्थन किया है। प्रकाश राज, शबाना आज़मी और रैपर हनुमankind ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। सोनाक्षी सिन्हा और विजय वर्मा ने सोशल मीडिया पर अपना समर्थन जताया, जबकि गुरफतेह पीरजादा, प्रतिभा रांटा, शालिनी पांडे और कई अन्य लोगों ने मुंबई में हुए प्रदर्शनों में भाग लिया।

फाउंडर अभिजीत दिपके की अगुवाई वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेतृत्व में शुरू हुए ये विरोध प्रदर्शन NEET पेपर लीक को लेकर शुरू हुए थे, लेकिन जल्द ही ये शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार की मांग करने वाले एक बड़े युवा आंदोलन में बदल गए। सोनम वांगचुक ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया और भूख हड़ताल की थी, जिसे उन्होंने केंद्र सरकार के साथ बातचीत के अंतिम दौर से पहले खत्म कर दिया।

प्रधान के इस्तीफ़े के बाद जंतर-मंतर पर जश्न मनाया गया। छात्रों ने नारे लगाए और इस घटनाक्रम को आंदोलन की जीत बताया। CJP ने इस्तीफ़े को एक अहम पड़ाव बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि बड़े सुधारों के लिए उनका अभियान मंत्री के हटने के बाद भी जारी रहेगा।

Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पहुंच प्रदर्शन में शामिल हुईं शबाना आजमी, बोलीं- जावेद अख्तर ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

Jantar Mantar Protest: दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी रविवार, 19 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर उन प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने पहुंचीं जो धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने और जावेद अख्तर ने समाधान खोजने के लिए बातचीत शुरू करने के मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था। हालांकि, उन्हें अभी तक प्रधानमंत्री की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।

शबाना आजमी ने द रेड माइक से कहा, “जब पानी हद से गुज़र जाता है, जब भी बोलती हूं। हर छोटी बड़ी बात पर मैं नहीं बोलती हूं, क्योंकि अब मेरी 75 साल की उम्र हो गई है, मैं ये सब देख चुकी हूं… तो मैं बहुत, जब मुझे अंदर से कोई चीज़ झंझोड़ती है, तब मैं बोलती हूं।” यहां उनकी बातचीत पर एक नजर डालें:

उन्होंने आगे कहा, “मैंने जो है, प्रधानमंत्री को खत लिखा। जावेद साहब ने खत लिखा कि देखिए आप सिर्फ एक डायलॉग शुरू करिए, प्रेस के पास हम नहीं जा रहे। हम इसको एक पब्लिक मैटर नहीं बनाएंगे, हम सिर्फ राज्यसभा के एक्स-संसद हैं, तो हम उससे लिख रहे हैं, बात तो सुनिए। पहले तो।” हमें स्वीकारोक्ति आई कि 2 दिन मैं आपका जवाब मिलेगा, 2 दिन मैं नहीं आया, 3 दिन मैं नहीं आया, 4 दिन मैं नहीं आया तो फिर पांचवे दिन हम यहां आ गए।’

शबाना का विरोध प्रदर्शन में शामिल होना, क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के समर्थन में उनके सार्वजनिक बयान के कुछ दिनों बाद हुआ। सोनम वांगचुक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेतृत्व वाले आंदोलन में शामिल हुए थे और 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अपनी यात्रा के दौरान, शबाना ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके से मुलाकात की, जो खुद भी अभी भूख हड़ताल पर हैं।

शबाना आज़मी के अलावा, प्रकाश राज और पूनम पांडे जैसी हस्तियां भी जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में देखी गईं। इससे पहले, सोनी राज़दान, ज़ीनत अमान, अभय देओल, सोनाक्षी सिन्हा, ओमी वैद्य, इमरान खान, नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक शाह ने सोशल मीडिया के ज़रिए सोनम वांगचुक और प्रदर्शनकारियों की भूख हड़ताल का समर्थन किया था।