सोना खरीदने वालों के लिए राहत! अब कीमतें ज्यादा नहीं बढ़ेंगी? जानिए 5 बड़े कारण

Gold Price Outlook: सोने में हालिया गिरावट के बाद थोड़ी रिकवरी जरूर आई है। लेकिन 2026 में जनवरी जैसा रिकॉर्ड हाई दोबारा देखने को मिले, इसकी संभावना फिलहाल कम दिख रही है। Fitch Solutions की रिसर्च यूनिट BMI ने 2026 के लिए सोने के औसत भाव का अनुमान 4,600 डॉलर से घटाकर 4,400 डॉलर प्रति औंस कर दिया है।

फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड 4026 डॉलर के आसपास है। इस हिसाब से गोल्ड में करीब ज्यादा से ज्यादा 9% उछाल का अनुमान है। रिपोर्ट का कहना है कि मजबूत डॉलर, कम होते वैश्विक तनाव और बेहतर होती अर्थव्यवस्था की वजह से सोने पर दबाव बना रह सकता है।

मजबूत डॉलर से सोना महंगा पड़ता है

जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है। इससे मांग पर असर पड़ता है।

BMI का अनुमान है कि डॉलर इंडेक्स 98 से 102 के बीच रह सकता है। अगर यह बढ़कर 105 से 110 तक पहुंचा, तो सोने की तेजी पर ब्रेक लग सकता है।

ब्याज दरें घटने की उम्मीद कम

सोना ब्याज या डिविडेंड नहीं देता। इसलिए जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो निवेशक बॉन्ड जैसे विकल्पों की ओर ज्यादा जाते हैं।

BMI का मानना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve 2026 के बाकी समय में ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। दरें 3.75% पर बनी रह सकती हैं। ऐसे में सोने की मांग पर दबाव रह सकता है।

दुनिया की अर्थव्यवस्था संभल रही है

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद वैश्विक कारोबार और ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई है।

जब अर्थव्यवस्था बेहतर होती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश छोड़कर शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले एसेट्स की तरफ बढ़ते हैं। BMI ने 2026 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की ग्रोथ 2.4% रहने का अनुमान लगाया है।

कम होते वैश्विक तनाव का भी असर

पिछले एक साल में सोने की तेजी की बड़ी वजह वैश्विक तनाव रहे थे। लेकिन अब हालात पहले से कुछ शांत दिख रहे हैं।

BMI का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से सोने को मिलने वाला ‘सेफ हेवन’ सपोर्ट भी कमजोर पड़ सकता है। अगर हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही सामान्य रहती है, तो सोने की मांग और घट सकती है।

महंगाई कम रही, तो मांग भी घट सकती है

महंगाई बढ़ने पर लोग अक्सर सोने में पैसा लगाते हैं। लेकिन अगर महंगाई काबू में रहती है, तो सोने की मांग भी कम हो सकती है।

BMI का कहना है कि ऊर्जा की कीमतों में नरमी से महंगाई का दबाव घट रहा है। अगर आगे भी यही स्थिति रही, तो सोने को मिलने वाला एक और बड़ा सहारा कमजोर पड़ सकता है।

क्या फिर भी सोना टूट जाएगा?

BMI ऐसा नहीं मानता। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं। इससे कीमतों को सपोर्ट मिलता रहेगा।

हालांकि, अगर भविष्य में Federal Reserve ब्याज दरें घटाता है या डॉलर कमजोर पड़ता है, तो सोना फिर 4,500 डॉलर प्रति औंस के ऊपर जा सकता है। वहीं, अगर डॉलर और मजबूत हुआ या बॉन्ड यील्ड बढ़ी, तो कीमतें 3,500 डॉलर प्रति औंस तक भी आ सकती हैं।

Gold Jewellery Price: 10 ग्राम का नेकलेस या 5 ग्राम की अंगूठी खरीदने जा रहे? जानिए कितना बनेगा बिल

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Gold Jewellery Price: 10 ग्राम का नेकलेस या 5 ग्राम की अंगूठी खरीदने जा रहे? जानिए कितना बनेगा बिल

Gold Jewellery Price: सोने की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ऐसे में अगर आप शादी, त्योहार या निवेश के लिए ज्वेलरी खरीदने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ गोल्ड का रेट जानना काफी नहीं है। दुकान पर जो बिल बनता है, उसमें सोने की कीमत के साथ मेकिंग चार्ज और GST भी जुड़ता है। यही वजह है कि कई बार ₹1.30 लाख का सोना खरीदने पर बिल ₹1.50 लाख के करीब पहुंच जाता है।

अगर आज आप 10 ग्राम का नेकलेस या 5 ग्राम की अंगूठी बनवाने जाते हैं, तो जेब से कुल कितना पैसा निकल सकता है? आइए आसान हिसाब से समझते हैं।

पहले जानिए आज का रेट

दिल्ली में 15 जुलाई को 24 कैरेट सोने का भाव (Gold Price Today) ₹1,42,940 प्रति 10 ग्राम है। वहीं, 22 कैरेट का ₹1,31,040 प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट का ₹1,07,240 प्रति 10 ग्राम है।

हालांकि, बाजार में बिकने वाले ज्यादातर नेकलेस, अंगूठियां और दूसरी ज्वेलरी 22 कैरेट या 18 कैरेट सोने से बनाई जाती हैं। इसलिए आगे का पूरा हिसाब 22 कैरेट सोने की कीमत के आधार पर समझते हैं।

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10 ग्राम का नेकलेस का खर्च?

मान लीजिए आपने 10 ग्राम का सिंपल नेकलेस पसंद किया। सिर्फ सोने की कीमत ₹1,31,040 होगी। अब इसमें मेकिंग चार्ज जुड़ता है। अगर ज्वेलर 10% मेकिंग चार्ज लेता है, तो यह करीब ₹13,100 बैठेगा। इसके बाद कुल रकम पर 3% GST लगेगा, जो करीब ₹4,300 होगा।

यानी 10 ग्राम का नेकलेस बनवाने पर आपका कुल बिल करीब ₹1.48 लाख बन सकता है। अगर आपने भारी डिजाइन वाला नेकलेस चुना और मेकिंग चार्ज 20% हुआ, तो यही बिल ₹1.60 लाख के आसपास पहुंच सकता है।

5 ग्राम की अंगूठी का बिल?

अब मान लीजिए आप 5 ग्राम की सोने की अंगूठी बनवा रहे हैं। 5 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹65,520 होगी। अगर मेकिंग चार्ज 10% है, तो इसमें करीब ₹6,550 जुड़ जाएंगे। इसके बाद GST जोड़ने पर कुल बिल करीब ₹74,200 तक पहुंच सकता है।

अगर अंगूठी का डिजाइन ज्यादा बारीक या स्टोन वाला है, तो मेकिंग चार्ज बढ़ सकता है। ऐसे में कीमत ₹78,000 से ₹80,000 तक भी जा सकती है।

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आखिर बिल इतना ज्यादा क्यों बनता है?

बहुत से लोगों को लगता है कि दुकान पर वही कीमत देनी होगी, जो अखबार या वेबसाइट पर सोने के भाव में दिखाई जा रही है। लेकिन ऐसा नहीं होता। गोल्ड रेट सिर्फ धातु की कीमत होती है।

ज्वेलरी बनाने की मजदूरी यानी मेकिंग चार्ज अलग से देना पड़ता है। इसके बाद पूरे बिल पर 3% GST भी लगता है। कुछ ज्वेलर्स वेस्टेज चार्ज भी जोड़ते हैं। इसलिए अंतिम बिल हमेशा गोल्ड रेट से ज्यादा होता है।

  • खरीदने से पहले ये सवाल जरूर पूछें
  • मेकिंग चार्ज कितने प्रतिशत है?
  • क्या वेस्टेज अलग से लगेगा?
  • GST किस रकम पर लगेगा?
  • क्या ज्वेलरी BIS हॉलमार्क है?
  • पुराना सोना एक्सचेंज करने पर क्या रेट मिलेगा?

पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड, इमरजेंसी के वक्त किसका इस्तेमाल करें? समझिए पूरा हिसाब

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Viral Video: टूटने वाला था नर्स बनने का सपना, फिर मसीहा बन आया ये शख्स, सोशल मीडिया पर छाई ये इमोशनल स्टोरी

झारखंड के एक छोटे से गांव की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा 14 साल की सोनाली थुडू की कहानी लोगों को काफी पंसद आ रही है। आर्थिक तंगी की वजह से उन्हें अपनी पढ़ाई और नर्स बनने का सपना अधूरा छोड़ने की नौबत आ गई थी। इसी बीच शिक्षक अलख पांडे ने उसकी मदद का हाथ बढ़ाया, जिससे उसकी पढ़ाई फिर से शुरू हो गई। इस क्लिप को इंस्टाग्राम पर 16 मिलियन से ज्यादा बार देखा गया है। लोगों को ये कहानी काफी पसंद आ रही है। लोग अलख पांडे के इस कदम की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

आर्थिक वजह से छुटने वाली थी पढ़ाई

सोनाली का सपना नर्स बनकर लोगों की सेवा करना था, लेकिन घर की आर्थिक परेशानियों ने उसके रास्ते में बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी। पिता की तबीयत खराब होने के बाद उनकी नौकरी छूट गई और उन्हें वापस गांव लौटना पड़ा। इसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसकी मां पर आ गई, जो पशुपालन करके किसी तरह घर का खर्च और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर रही हैं। परिवार एक कच्चे मकान में रहता है और गांव में मोबाइल नेटवर्क व इंटरनेट की सुविधा भी बहुत सीमित है। ऐसे हालात में सोनाली के लिए पढ़ाई जारी रखना बेहद मुश्किल हो गया था।

 

अलख पांडे ने करवाया एडमिशन

वायरल वीडियो में सोनाली अलख पांडे से कहती हैं, “सर, मेरा सपना है कि मैं पढ़-लिखकर नर्स बनूं।” यह सुनकर अलख पांडे उनसे पूछते हैं, “बताइए, आपका एडमिशन किस स्कूल में कराना है? आप कहां पढ़ना चाहती हैं?” इस पर सोनाली बताती हैं कि वह सेंट मैरी स्कूल में पढ़ाई करना चाहती हैं। वीडियो में बताया गया कि अलख पांडे ने उसी दिन स्कूल पहुंचकर सोनाली का दाखिला कराया और उसकी पूरे साल की फीस भी जमा कर दी। इसके बाद सोनाली ने कक्षा 9 में अपनी पढ़ाई शुरू की।

लोगों ने किए कमेंट

वीडियो के आखिर में वह नई स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर खुशी-खुशी अपनी कक्षा की ओर जाती नजर आती है, जो उसके सपनों की नई शुरुआत को दिखाता है। इस भावुक वीडियो को इंस्टाग्राम पर 1.6 करोड़ (16 मिलियन) से ज्यादा बार देखा जा चुका है और सोशल मीडिया पर लोग अलख पांडे के इस कदम की जमकर तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट किया, “इस तरह किसी जरूरतमंद बच्चे की पढ़ाई में मदद करना सबसे बड़ा नेक काम है।” दूसरे यूजर ने लिखा, “अगर ऐसे ही बच्चों को पढ़ाई का मौका मिलता रहा, तो वे आगे चलकर डॉक्टर, आईएएस और बड़े अधिकारी बन सकते हैं। ऐसे काम करने वाले लोगों की जितनी तारीफ की जाए, उतनी कम है।”

Viral Video: 1,100 की पेंशन निकालने पहुंचे बुजुर्ग, खाते में दिखे 760 करोड़ रुपए, वायरल वीडियो ने मचाई हलचल

Sonakshi Sinha: ‘जब मिले गायत्री मंत्र और कलमा…’, सोनाक्षी सिन्हा-जहीर इकबाल ने शादी का खास पल फैंस के साथ शेयर किया

Sonakshi Sinha: एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा ने अपने पति जहीर इक़बाल के साथ अपनी शादी के दिन के एक बहुत खास पल को याद किया। उन्हें तोहफे में मिले एक खास आर्टवर्क की तस्वीर शेयर करते हुए, जिसमें ‘गायत्री मंत्र और कलमा’ के मिलन को दिखाया गया है। एक्ट्रेस ने बताया कि जब उनकी शादी की रस्म के दौरान पंडित गायत्री मंत्र का जाप कर रहे थे, तभी अजान की आवाज भी उनके घर तक पहुंची।

तस्वीरें शेयर करते हुए सोनाक्षी ने लिखा, “जब हमारी शादी हो रही थी और पंडित जी गायत्री मंत्र का जाप कर रहे थे, तभी अजान की आवाज़ हमारे घर तक पहुंची। उन दोनों प्रार्थनाओं की शक्ति ने ही हमारे घर को आज इतना खुशहाल बनाया है!”

उन्होंने आगे कहा, “एक दिन जब हम ऑस्ट्रेलिया में छुट्टियां मना रहे थे, तो @shubhikasharma का अचानक फोन आया। उन्होंने बताया कि वह हमारी शादी के लिए हमें एक पेंटिंग गिफ्ट करना चाहती हैं… लेकिन जब उन्होंने बताया कि वह क्या देना चाहती हैं, तो ऐसा लगा मानो उन्हें यह आइडिया हमारे दिलों से ही मिला हो। उन्होंने कहा कि पेंटिंग में हमारी दोनों तरह की मान्यताओं को दिखाया जाना चाहिए और यह भी कि कैसे वे प्यार और पॉज़िटिविटी के तालमेल में बदल गई हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “फिर उन्होंने मुझे आर्टिस्ट – बेहद टैलेंटेड @aadilabedi – से मिलवाया। वे घर आए, हमारी सोच और भावनाओं को समझा और उन्हें कैनवस पर बहुत खूबसूरती से उतारा… और आप इसे दैवीय चमत्कार कह सकते हैं, जब हम LA में थे, तो उन्होंने मुझसे संपर्क किया – उन्हें पता भी नहीं था कि हम वहां हैं – और बताया कि यह तैयार है!”

अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर तस्वीर शेयर करते हुए सोनाक्षी ने लिखा, “तो यह खूबसूरत आर्टवर्क, जिसमें गायत्री मंत्र और कलमा का संगम है, मेरे साथ वापस आया और हमारे घर में अपनी जगह बना ली है। मुझे यकीन है कि यह हमारे लिए और भी खुशियां, प्यार और शांति लाएगा… अब यह जगह बहुत पूरी और आशीर्वाद से भरी हुई लगती है। धन्यवाद @aadilabedi और @shubhikasharma।”

इस पोस्ट में वह आर्टवर्क दिखाया गया है जिसमें गायत्री मंत्र और कलमा की आयतों को खूबसूरती से मिलाया गया है, जो जोड़े के अलग-अलग धर्मों के बीच तालमेल का प्रतीक है। जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि सोनाक्षी एक हिंदू परिवार से हैं, जबकि जहीर इकबाल मुस्लिम बैकग्राउंड से आते हैं।

एक्ट्रेस और ज़हीर ने 23 जून, 2024 को करीबी दोस्तों और परिवार की मौजूदगी में एक निजी सिविल सेरेमनी में शादी की। इस जोड़े ने हाल ही में इस साल 23 जून को अपनी दूसरी शादी की सालगिरह मनाई है।

Gold Silver Price Today: सोना फिसला, चांदी ने लगाई 5000 रुपये की छलांग

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी में 1 जुलाई को सोने में गिरावट आई। डॉलर में मजबूती और विदेशी बाजारों के ट्रेंड का असर भारत में सोने की कीमतों पर पड़ा। यह 1,300 रुपये गिरकर 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। उधर, चांदी की चमक बढ़ी। यह 5000 रुपये चढ़कर 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

विदेश में लगातार तीसरे दिन सोना गिरा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.54 फीसदी गिरकर 3,986.07 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी 1 फीसदी गिरकर 58 डॉलर प्रति औंस पर रही। लेमन मार्केट्स डेस्क में रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा, “बुधवार को भारत में सोने पर दबाव दिखा। इसकी वजह डॉलर में मजबूती और बढ़ती बॉन्ड यील्ड है। इसका असर कीमती मेटल की डिमांड पर पड़ा। “

डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने सोने पर बनाया दबाव

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा, “विदेशी बाजारों में सोने में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। इसकी वजह डॉलर इंडेक्स में मजबूती है। यह 0.15 फीसदी चढ़कर 101.34 पर पहुंच गया।” डॉलर में मजबूती से विदेशी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ता है।

भारत में एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी

इधर, कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट दिखी। शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.46 फीसदी यानी 659 रुपये चढ़कर 1,43,190 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.64 फीसदी यानी 1,461 रुपये की कमजोरी के साथ 2,25,582 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।

रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 30 फीसदी गिर चुका है सोना

इस साल गोल्ड की कीमतें जनवरी के आखिर में करीब 5600 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी। इस लेवल से गोल्ड करीब 30 फीसदी गिर चुका है। जून तिमाही में गोल्ड में करीब 14 फीसदी की गिरावट आई। सिर्फ जून में यह 11 फीसदी गिरा। फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान की लड़ाई ने बुलियन पर दबाव बढ़ा दिया।

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अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद से भी गिरा सोना

एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल में गोल्ड में गिरावट की वजह डॉलर में मजबूती और अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इस साल इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। बढ़ते इंटरेस्ट रेट के माहौल में गोल्ड की चमक घट जाती है। इंटरेस्ट रेट घटने पर गोल्ड की चमक बढ़ जाती है।

Gold Price Crash: रिकॉर्ड हाई से 29% टूटा सोना, अभी खरीदना सही या फिर करें और इंतजार? एक्सपर्ट ने ये बताया

Gold Price Fall: ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेतों और मजबूत होते डॉलर के कारण शुक्रवार, 26 जून को सोने की कीमतें लगातार चौथे हफ्ते गिरावट की राह पर रहीं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना इस समय $4000 प्रति औंस के लेवल के आस पास संघर्ष कर रहा है। बुधवार को यह नवंबर 2025 के बाद पहली बार $4000 के स्तर से नीचे भी फिसल गया था। अगर आप भी सोने या चांदी में निवेश करते हैं, तो ग्लोबल मार्केट का यह पूरा गणित आपके लिए समझना बेहद जरूरी है।

लगातार चौथे हफ्ते टूटा सोना

शुक्रवार को हाजिर सोना 0.6% गिरकर $4002.77 प्रति औंस पर आ गया। वहीं, अगस्त डिलीवरी वाला अमेरिकी सोना वायदा भी 0.7% की गिरावट के साथ $4017.30 पर ट्रेड कर रहा था। इस पूरे हफ्ते की बात करें तो सोने ने करीब 3.8% की भारी गिरावट दर्ज की है।

रिकॉर्ड हाई से 29% की भारी गिरावट

इस साल 29 जनवरी को अमेरिका-इरान युद्ध के कारण बढ़ी वैश्विक महंगाई के चलते सोने ने $5594.82 प्रति औंस का ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन उसके बाद से अब तक सोने की कीमतों में करीब 29% की बड़ी करेक्शन आ चुकी है।

OANDA के सीनियर मार्केट एनालिस्ट केल्विन वोंग का मानना है कि सोने में चल रहा यह गिरावट का दौर अभी और लंबा खिंच सकता है और लंबी अवधि में सोना फिसलकर $3400 के स्तर तक भी जा सकता है। यानी मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

क्यों आ रही है सोने की कीमतों में गिरावट?

सोने के दाम गिरने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण काम कर रहे हैं:

1. मजबूत अमेरिकी डॉलर: फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के कारण अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मई 2025 के बाद से अपने सबसे मजबूत स्तर के करीब बना हुआ है। डॉलर लगातार दूसरे हफ्ते बढ़त की ओर है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं जैसे- भारतीय रुपया में सोना खरीदना काफी महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घटती है।

2. अमेरिका में बढ़ती महंगाई और ब्याज दरें: गुरुवार को आए आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में खुदरा महंगाई मई महीने में 4% के पार निकल गई है, जो पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा है। आमतौर पर सोने को महंगाई के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई जाती हैं, तो सोने की चमक फीकी पड़ जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि सोने पर कोई ब्याज या यील्ड नहीं मिलता।

ट्रेडर्स को उम्मीद है कि अमेरिकी फेड इस साल तीन बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है, जिसमें सितंबर में रेट हाईक होने की संभावना 64% तक जताई जा रही है।

चांदी, प्लेटिनम और पैलेडियम का भी बुरा हाल

सोने के साथ-साथ अन्य कीमती धातुओं के लिए भी यह हफ्ता बेहद निराशाजनक रहा:

हाजिर चांदी: 2.6% टूटकर $56.39 प्रति औंस पर आ गई।

प्लेटिनम: 2% की गिरावट के साथ $1568.55 पर आ गया।

पैलेडियम: 0.6% फिसलकर $1177.12 पर ट्रेड कर रहा था।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल पर विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त किए गए विचार और निवेश टिप्स उनके अपने हैं, वेबसाइट या उसके प्रबंधन के नहीं। मनीकंट्रोल यूजर्स को सलाह देता है कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स से जांच कर लें।

Gold Silver rates Today: गोल्ड में गिरावट जारी, चांदी एक दिन में 5000 रुपये लुढ़की

सोने और चांदी में गिरावट का सिलसिला 25 जून को जारी रहा। दिल्ली सर्राफा बाजार में दोनों कीमती मेटल्स की कीमतों पर दबाव दिखा। सोना 2,800 रुपये गिरकर 1.45 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी में 5000 रुपये की गिरावट आई।

चांदी एक दिन में 5000 रुपये फिसली

चांदी में 24 जून को भी बड़ी गिरावट आई थी। आज यह 5000 रुपये गिराकर 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। विदेशी बाजारों में भी गोल्ड पर दबाव दिखा। लगातार तीसरे दिन गिरावट से सोना की कीमतें सात महीनों के निचले स्तर पर आ गई है।

विदेश में सोना 4000 डॉलर से नीचे आया

स्पॉट गोल्ड 0.5 फीसदी गिरकर 4000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट दिखी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद और डॉलर में मजबूती की वजह से सोने में गिरावट आ रही है। अमेरिकी डॉलर 25 जून को 13 महीनों के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया।

इन दो वजहों से दबाव में आया 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका में इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी और डॉलर में मजबूती दोनों ही सोने के लिए खराब खबर हैं। डॉलर में मजबूती से दुनिया की दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। उधर, इंटरेस्ट रेट घटने के माहौल में सोने की चमक बढ़ती है। इसके उलट इंटरेस्ट बढ़ने के माहौल में सोने की चमक फीकी पड़ जाती है।

फेडरल की पॉलिसी के बाद बुलियन 6 फीसदी गिरे

पिछले हफ्ते अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की पॉलिसी आने के बाद से सोने और चांदी में 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। सोना नवंबर 2025 के बाद पहली बार 4000 डॉलर प्रति औंस के नीचे गया है। अगर इस साल की रिकॉर्ड ऊंचाई की बात की जाए तो सोना वहां से 28 फीसदी गिर चुका है। इस साल 29 जनवरी को सोना 5,594.82 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया था, जो इसका सबसे हाई प्राइस है।

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इस साल जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई से लगातर गिरा है सोना

इस साल ऊंचाई पर पहुंचने के बाद से सोने पर दबाव देखने को मिला है। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान की लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी में गिरावट देखने को मिली। उम्मीद थी कि दोनों देशों में डील होने के बाद बुलियन की चमक लौटेगी। लेकिन, अभी दोनों कीमती मेटल्स पर दबाव बना हुआ है।

CBSE 12th Re-evaluation 2026: री-इवैल्युएशन ने बदला नंबर गेम, झारखंड से निकले साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स के ऑल इंडिया टॉपर

CBSE 12th Re-evaluation 2026: सीबीएसई बोर्ड से 12वीं कक्षा की परीक्षा देने वाले ढेरों छात्र इस साल अपना रिजल्ट देखकर हैरान थे। छात्रों को अपने नंबरों पर भरोसा नहीं हो रहा था। यही वजह थी कि बड़ी संख्या में छात्रों ने री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन किया था। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा का री-इवैल्युएशन रिजल्ट घोषित कर दिया है। रिजल्ट आने के बाद छात्रों के नंबरों में ही बदलाव नहीं हुआ है, बल्कि कुछ छात्रों की रैंक भी बदल गई है।

इनमें खासतौर से झारखंड के दो छात्र अब ऑल इंडिया टॉपर बन गए हैं। ये रांची की अवनी केजरीवाल और बोकारो के आदित्य मिश्रा हैं। इसके साथ ही आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस तीनों स्ट्रीम के ऑल इंडिया टॉपर अब झारखंड से हो गए हैं। दरअसल, अवनी केजरीवाल और आदित्य मिश्रा 12वीं में मिले अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं थी। इसलिए उन्होंने अपने मार्क्स की दोबारा जांच करवाई थी, जिसके बाद दोनों के नंबर इतने बढ़ गए कि वे अब पूरे देश के टॉपर बन गए हैं।

री-इवैल्यूएशन के बाद अवनी का स्कोर हो गया परफेक्ट 100

रांची के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) की छात्रा अवनी केजरीवाल को री-इवैल्युएशन से पहले कुल 95.2% नंबर मिले थे। लेकिन, उन्हें इंग्लिश में बेहतर नंबर मिलने का अनुमान था। इसके बाद उन्होंने अपनी आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया। आंसर शीट देखने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि कई सही आंसर के बावजूद पर्याप्त अंक नहीं दिए गए थे। इसके बाद उन्होंने इंग्लिश, बिजनेस स्टडीज और ग्राफिक्स सब्जेक्ट में री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया। री-इवैल्यूएशन के बाद इंग्लिश में मिले 81 मार्क्स सीधे 100 हो गए, बिजनेस स्टडीज और ग्राफिक्स में भी उन्हें पूरे 100 नंबर मिले। 500 में से 500 नंबर होने से उनका टोटल स्कोर परफेक्ट 100 हो गया और उन्होंने कॉमर्स स्ट्रीम में पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया।

आदित्य के भी नंबर बढ़े और वो बने साइंस के नेशनल टॉपर

बोकारो के डीपीएस स्कूल के छात्र आदित्य मिश्रा ने भी अपने नंबरों का री-इवैल्यूएशन कराया। उन्हें बायोलॉजी में 96 अंक मिले थे, जिससे वे संतुष्ट नहीं थे। वहीं, उनका कुल स्कोर 99.20% था। री-इवैल्यूएशन के बाद बायोलॉजी के मार्क्स 96 से बढ़कर 99 हो गए। इससे उनका कुल प्रतिशत 99.60% हो गया। अब वह कानपुर की सोनाक्षी गोयल के साथ संयुक्त रूप से साइंस स्ट्रीम के नेशनल टॉपर बन गए हैं। आदित्य को इंग्लिश कोर, केमेस्ट्री और पेंटिंग में 100 में 100 अंक मिले हैं, जबकि फिजिक्स में 99 मार्क्स प्राप्त हुए हैं।

आर्ट्स से टॉपर हैं रांची की भव्या रंजन

आर्ट्स स्ट्रीम में रांची के ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल की छात्रा भव्या रंजन पहले ही 99.8% अंकों के साथ देश में पहला स्थान हासिल कर चुकी हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय स्कूल के स्पेशल ‘टारगेट 100’ प्रोग्राम को दिया है। भव्या ने बताया कि इस प्रोग्राम के तहत छात्रों को रोजाना प्रैक्टिस के लिए प्रश्न दिए जाते थे और शिक्षकों से तुरंत गाइडेंस मिलता था।

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Gold Price: अपने रिकॉर्ड स्तर से 28% टूटा गोल्ड! खत्म हो गई तेजी या फिर लौट सकती है चमक?

Gold Price: 2025 में 65% की जोरदार तेजी के बाद 2026 अब तक सोने के लिए खास नहीं रहा है। साल की पहली छमाही में सोना करीब 4% टूट चुका है। जनवरी 2026 के आखिर में सोने ने 5,602 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।

लेकिन इसके बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा, बाजार में मुनाफावसूली शुरू हुई और सोने में तेज गिरावट आ गई। जून में इसका भाव करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया। यह रिकॉर्ड स्तर से करीब 28% नीचे था। फिलहाल सोना करीब 4,144 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।

ईरान-अमेरिका समझौते के बाद क्या बदला?

इस समय बाजार की नजर अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते पर है। होर्मुज स्ट्रेट खुलने से तेल की कीमतों में नरमी आई है। समझौते की खबर के बाद तेल करीब 15% सस्ता हो चुका है। हालांकि निवेशकों के मन में अब भी सवाल है कि यह समझौता कितने समय तक टिकेगा और क्षेत्र में तनाव सचमुच कम होगा या नहीं।

तेल सस्ता होने पर भी क्यों नहीं बढ़ रहा सोना?

यही सबसे बड़ा सवाल है। आमतौर पर तेल सस्ता होने और तनाव कम होने से सोने को सहारा मिलता है। लेकिन इस बार कहानी कुछ अलग है। फिलहाल सोने की चाल तेल नहीं, बल्कि अमेरिकी ब्याज दरें तय कर रही हैं।

सोने की कीमत पर एक साथ कई चीजें असर डालती हैं। इनमें महंगाई, ब्याज दरें, डॉलर और वैश्विक घटनाक्रम शामिल हैं। इस समय सबसे ज्यादा असर ब्याज दरों का दिख रहा है।

अमेरिकी फेड बना सबसे बड़ी चुनौती

17 जून को हुई अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के बाद संकेत मिले कि 2026 में कम से कम एक बार और ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने भी साफ किया कि महंगाई को काबू में रखना उनकी प्राथमिकता है। इससे ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ गई है।

ऊंची ब्याज दरें सोने के लिए अच्छी खबर नहीं मानी जातीं। वजह यह है कि सोना कोई ब्याज नहीं देता। ऐसे में निवेशकों का रुझान दूसरे विकल्पों की तरफ बढ़ सकता है।

डॉलर भी डाल रहा दबाव

2026 में डॉलर इंडेक्स करीब 2.6% मजबूत हुआ है। दूसरी तरफ सोना करीब 4% गिरा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है। इसका असर मांग पर पड़ता है और कीमतों पर दबाव बढ़ता है।

एक्सपर्ट्स की गोल्ड पर राय

LKP Securities में वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी & करेंसी रिसर्च एनालिस्ट) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से 2026 में एक बार ब्याज दर बढ़ाने के संकेत मिलने के बाद सोने पर दबाव बढ़ गया है। इससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है और सोने जैसी ऐसी एसेट्स की चमक कुछ कम हुई है, जो कोई ब्याज नहीं देतीं। फेड के सख्त रुख के बाद बुलियन बाजार में बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली भी देखने को मिली है।

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि निवेशकों को अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी नजर रखनी चाहिए। बातचीत में किसी भी तरह की प्रगति या रुकावट कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकता है।

क्या खत्म हो गई तेजी?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर आने वाले महीनों में महंगाई काबू में आती है और फेड ब्याज दरें घटाने की तरफ बढ़ता है, तो सोने में फिर तेजी लौट सकती है। दूसरी तरफ अगर महंगाई ऊंची बनी रहती है, तब भी सोना निवेशकों के लिए बचाव का एक अहम विकल्प बना रह सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक पिछले कई सालों से लगातार सोना खरीद रहे हैं। उनका भरोसा अभी भी बना हुआ है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने में सही समय पकड़ने की कोशिश करने के बजाय पोर्टफोलियो की 5% से 10% रकम सोना और चांदी जैसे कीमती धातुओं में रखना ज्यादा समझदारी भरा कदम हो सकता है।

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