सोना गिरकर ₹1.42 पर आया, चांदी ₹2400 हुई सस्ती, आखिर भारतीय खरीदारों के लिए कीमतों में उतार-चढ़ाव क्या दे रहा संकेत

Gold Silver Price Today: भारत में सोने- चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट की बड़ी वजह ग्लोबल मार्केट में कमजोरी रही। डॉलर में निचले स्तर से रिकवरी के कारण सोने-चांदी की हालिया तेजी को ब्रेक लगा है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, 5 अगस्त की डिलीवरी के लिए सोने का वायदा भाव 0.79% गिरकर ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि 4 सितंबर की डिलीवरी के लिए चांदी का वायदा भाव 2400 रुपये यानी 1% गिरकर ₹2.18 लाख प्रति किलोग्राम के नीचे फिसल गया है।

वहीं इंटरनेशनल मार्केट में COMEX गोल्ड फ्यूचर्स 0.39% गिरकर $4,144.40 प्रति औंस पर आ गया, जबकि COMEX सिल्वर फ्यूचर्स 0.22% गिरकर $58.89 प्रति औंस पर आ गया। पिछले सेशन में एक हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद स्पॉट गोल्ड की कीमत में भी थोड़ी गिरावट आई।

कीमतों में गिरावट क्यों?

घरेलू कीमतों में गिरावट काफी हद तक ग्लोबल ट्रेंड्स को दिखाती है। इस हफ्ते की शुरुआत में तेजी के बाद, सोने और चांदी पर दबाव बना क्योंकि अमेरिकी डॉलर जनवरी 2023 के बाद अपनी सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट से उबर गया। मजबूत डॉलर आमतौर पर कीमती धातुओं पर दबाव डालता है क्योंकि यह दूसरी करेंसी रखने वालों के लिए इन्हें महंगा बना देता है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले के बाद बुलियन की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद मुनाफावसूली ने भी गिरावट में योगदान दिया।

गिरावट के बावजूद सोने को क्यों मिल रहा सपोर्ट

हालांकि शुक्रवार 31 जुलाई की गिरावट के बावजूद, सोना 5 महीनों में अपनी पहली मासिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है। इसे अमेरिकी मौद्रिक सख्ती (monetary tightening) की उम्मीदों में कमी और मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से सपोर्ट मिल रहा है, जिससे सुरक्षित निवेश (safe-haven assets) के तौर पर सोने की मांग बढ़ी है।

हालिया अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने भी इन उम्मीदों को मजबूत किया है कि फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों के फैसलों पर सावधानी से आगे बढ़ सकता है। महंगाई के नरम आंकड़ों और आर्थिक विकास में नरमी के संकेतों ने बुलियन को सपोर्ट दिया है, हालांकि बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और मजबूत डॉलर ने बढ़त को सीमित रखा है।

अब क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की AVP कायनात चेनवाला ने कहा, “कीमती धातुएं एक दायरे में बनी हुई हैं। अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में नरमी से सपोर्ट मिल रहा है, जबकि मजबूत डॉलर, ऊंची बॉन्ड यील्ड और फेडरल रिजर्व के सख्त रुख (hawkish stance) से तेज बढ़त सीमित हो रही है। सोना और चांदी दोनों ही कई महीनों में अपनी पहली मासिक बढ़त की राह पर हैं।”

भारतीय खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब है?

देश में सोने और चांदी की कीमतें इंटरनेशनल बुलियन की कीमतों, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और इंपोर्ट से जुड़ी लागतों से प्रभावित होती हैं। नतीजतन, लोकल कीमतें अक्सर ग्लोबल ट्रेंड्स के हिसाब से चलती हैं, हालांकि घरेलू मांग और करेंसी में उतार-चढ़ाव इन बदलावों को बढ़ा या घटा सकते हैं।

अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारत में सोने की फिजिकल मांग पर दबाव बना रहा। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, सोने की मांग में सालाना आधार पर 6% की गिरावट आई क्योंकि ऊंची कीमतों ने खरीदारी पर असर डाला। हालांकि, सोने पर कुल कंज्यूमर खर्च वैल्यू के हिसाब से रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया, जबकि त्योहारों और शादियों से जुड़ी खरीदारी के कारण पिछली तिमाही के मुकाबले ज्वैलरी की मांग में सुधार हुआ।

इन्वेस्टर्स को आगे किस पर नज़र रखनी चाहिए?

मार्केट आज बाद में यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के कंज्यूमर सेंटीमेंट और महंगाई की उम्मीदों (इन्फ्लेशन एक्सपेक्टेशन्स) के डेटा पर बारीकी से नज़र रखेगा, ताकि अमेरिकी महंगाई के आउटलुक और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी की दिशा के बारे में नए संकेत मिल सकें।

एनालिस्ट्स को यह भी उम्मीद है कि अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव, ट्रेजरी यील्ड और वेस्ट एशिया में घटनाक्रम निकट भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों के लिए मुख्य कारक बने रहेंगे।

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Gold silver Prices Today: दिल्ली में सोने का भाव अपरिवर्तित, नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर

Gold silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 29 जुलाई को सोने की कीमतें अपरिवर्तित रही। हालांकि, चांदी में 500 रुपये की रिकवरी दिखी। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोने की कीमत बगैर किसी बदलाव के 1,47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। चांदी 500 रुपये चढ़कर 2,25,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट 

कमोडिटी एक्सचेंज MCX में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट दिखी। शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.35 फीसदी यानी 503 रुपये गिरकर 1,41,120 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.38 फीसदी यानी 820 रुपये गिरकर 2,15,020 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में नरमी, चांदी में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में नरमी दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.2 फीसदी गिरकर 4,020 डॉलर प्रति औंस था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.4 फीसदी गिरकर 4,019 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। स्पॉट सिल्वर 0.2 फीसदी चढ़कर 57.25 डॉलर प्रति औंस चल रहा था।

इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने की कीमतों पर डॉलर में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल का असर पड़ा। हालांकि, ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स की नजरें फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर लगी हैं। भारतीय समय के मुताबिक, आज देर रात फेड अपनी पॉलिसी का ऐलान करेगा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की उम्मीद कम है। लेकिन, फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की कमेंट्री से केंद्रीय बैंक के रुख का संकेत मिलेगा।

डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उछाल का सोने पर असर

अमेरिकन गोल्ड एक्सचेंज में मार्केट एनालिस्ट जिम वायकॉफ ने कहा, “अमेरिकी डॉलर में मजबूती और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड गोल्ड के लिए निगेटिव हैं। लेकिन, गोल्ड और सिल्वर मार्केट्स को FOMC के फैसले और चेयरमैन वॉर्श के प्रेस कॉन्फ्रेंस का इंतजार है।” उधर, क्रूड की कीमतों में अचानक उछाल आया। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर हमले का ऐलान हो सकता है।

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क्रूड में उछाल से सोने पर बढ़ सकता है दबाव 

क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का सोने की कीमतों पर निगेटिव असर पड़ता है। इसकी वजह यह है कि क्रूड महंगा होने से महंगाई बढ़ने का डर बढ़ जाता है। महंगाई बढ़ने पर फेडरल रिजर्व सहित दुनिया के दूसरे बैंक इंटरेस्ट रेट उम्मीद से पहले बढ़ा सकते हैं। फेडरल रिजर्व पहले ही इनफ्लेशन कंट्रोल को अपनी प्राथमिकता बता चुका है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने पर सोने की चमक घटती है।

Pankaj Tripathi: रिलीज से कुछ दिन पहले ‘ओह माय डॉग’ को टाल दिया गया, पंकज त्रिपाठी की फिल्म अब अगस्त में रिलीज होगी

Pankaj Tripathi: पंकज त्रिपाठी की फिल्म ‘ओह माय डॉग’ (जो जिंदगी की असलियत दिखाने वाली एक ड्रामा फिल्म है) की रिलीज की तारीख 31 जुलाई से आगे बढ़ा दी गई है, जबकि यह फिल्म कुछ ही दिनों में रिलीज होने वाली थी। फिल्म के प्रवक्ताओं ने सोमवार सुबह इस देरी के बारे में जानकारी दी। यह जानकारी मुंबई में फिल्म के प्रेस शो से कुछ घंटे पहले दी गई। अब नई रिलीज डेट का ऐलान कर दिया गया है।

‘ओह माय डॉग’ (Ohh My Dog) की टीम ने सोमवार सुबह एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया। “फिल्म ‘ओह माय डॉग’ की रिलीज की तारीख बदलकर 7 अगस्त कर दी गई है। आज होने वाला प्रेस शो रद्द कर दिया गया है और इसे बाद की किसी तारीख के लिए फिर से शेड्यूल किया जाएगा। इस असुविधा के लिए हम दिल से माफी मांगते हैं और उम्मीद करते हैं कि अगले हफ़्ते प्रेस स्क्रीनिंग में आपसे मुलाकात होगी।”

फिल्म की टीम ने रिलीज टालने की कोई वजह नहीं बताई। अब यह फिल्म उसी दिन सिनेमाघरों में रिलीज होगी जिस दिन हिमांश कोहली, सोनाली सहगल, रवि किशन और शिल्पा शिंदे की कॉमेडी फिल्म ‘आर्यभट्ट का ज़ीरो’ (Aryabhatt Ka Zero) रिलीज होगी।

अमित राय की लिखी और निर्देशित फ़िल्म ‘ओह माय डॉग’ एक बहादुर कुत्ते की कहानी है जो एक रैकेट का पर्दाफाश करने में मदद करता है। पंकज त्रिपाठी के अलावा, इसमें पवन मल्होत्रा, माही राय, राजेश कुमार, गीता अग्रवाल, विजय मिश्रा, श्रीधर दुबे, बुल्लू कुमार और सुलक्षणा बरुआ भी हैं।

फिल्म का ट्रेलर इस महीने की शुरुआत में रिलीज हुआ था, जिसमें एक इलाके में कुत्तों के गायब होने के बढ़ते मामलों को दिखाया गया, जिससे इसके पीछे एक बड़े रैकेट के होने का शक पैदा हुआ। ट्रेलर में कुछ ऐसे दृश्य भी हैं जिनमें कुत्तों का एक झुंड गुंडों का पीछा करते हुए दिखाई देता है।

फिल्म बनाने वालों के अनुसार, यह फिल्म एक छोटे बच्चे और कुत्ते के बीच के रिश्ते पर आधारित है। यह फिल्म प्यार, दोस्ती, दया और संवेदना पर केंद्रित है और साथ ही लोगों को जानवरों की देखभाल करने और उनके साथ शांति से रहने के लिए प्रेरित करती है।

निर्देशक अमित राय ने इस फिल्म को एक ऐसी कहानी बताया है जो परिवारों से जुड़ती है और जानवरों के प्रति दया का संदेश भी देती है। उन्होंने कहा, “कुत्ते हमें बिना किसी बदले की उम्मीद के प्यार और वफादारी का सबसे शुद्ध रूप सिखाते हैं। ‘ओह माय डॉग’ के ज़रिए मैं एक ऐसी कहानी बताना चाहता था जो हर परिवार के लिए भावनात्मक, मनोरंजक और सार्थक हो।

यह सिर्फ एक बच्चे और कुत्ते की फिल्म नहीं है। यह सभी जीवित प्राणियों के साथ संवेदना के साथ मिल-जुलकर रहने के बारे में है। अगर दर्शक जानवरों के प्रति अपने दिलों में थोड़ी और दया लेकर जाते हैं, तो मुझे लगेगा कि इस फिल्म ने सच में अपना मकसद पूरा कर लिया है।”‘ओह माय डॉग’ को अमित राय, राजेश भारद्वाज और सना वारसी ने बाबूलाल बिस्कोप और थिंकिंग हैट्स एंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रोड्यूस किया है।

MV Electrosystems IPO: ₹400-₹425 प्रति शेयर तय हुआ प्राइस बैंड, 30 जुलाई से लगा सकेंगे पैसे

MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स ने अपने ₹290 करोड़ के IPO के लिए प्राइस बैंड तय कर दिया है। यह ₹400-425 प्रति शेयर रखा गया है। निवेशक 34 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं। यह IPO 30 जुलाई को खुलने जा रहा है। इसमें 3 अगस्त तक पैसे लगाए जा सकेंगे। इश्यू में केवल नए शेयर जारी होंगे। IPO की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 4 अगस्त को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 6 अगस्त को होने की उम्मीद है।

MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स रेलवे रोलिंग स्टॉक में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट के डिजाइन, डेवलपमेंट, असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। इनमें इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए IGBT-बेस्ड 3-फेज ड्राइव प्रोपल्शन इक्विपमेंट, रेलवे कोच और EMU के लिए स्विचगियर पैनल, केबल प्रोटेक्शन और मैनेजमेंट प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, सिस्टम और सब-सिस्टम शामिल हैं।

कंपनी इंटीग्रेटेड डिजाइन, प्रोडक्शन और क्वालिटी-टेस्टिंग प्रोसेस के जरिए काम करती है। यह इनोवेशन, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और क्लाइंट-सेंट्रिक सॉल्यूशंस पर जोर देती है। MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स के प्रमोटर मोहित वोहरा, अमित धवन, सुमित धवन, राहुल धवन, सोनाली धवन, रामेंद्र प्रताप सिंह हैं। IPO में एंकर निवेशक 29 जुलाई को बोली लगा सकेंगे।

कंपनी की वित्तीय सेहत

MV Electrosystems का वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेवेन्यू 23 प्रतिशत घटकर 49.79 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 64.64 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी 12.63 करोड़ रुपये के घाटे में रही, जबकि ​एक साल पहले इसने 1.40 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 49.89 करोड़ रुपये की उधारी थी।

अगस्त में एक दर्जन से ज्यादा मेनबोर्ड IPO! ₹25000 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश; लिस्ट में Zepto, Shiprocket भी

MV Electrosystems कैसे करेगी IPO के पैसों का इस्तेमाल

IPO से होने वाली कमाई का इस्तेमाल लॉन्ग टर्म वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, नए पावर इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए रिसर्च डिजाइन और डेवलपमेंट एक्टिविटीज में निवेश के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। IPO के लिए Sundae Capital Advisors Pvt.Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है। पब्लिक इश्यू में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

MV Electrosystems IPO 30 जुलाई से, ₹290 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश

MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स का ₹290 करोड़ का IPO 30 जुलाई को खुलने जा रहा है। इसमें 3 अगस्त तक पैसे लगाए जा सकेंगे। कंपनी रेलवे रोलिंग स्टॉक में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट के डिजाइन, डेवलपमेंट, असेंबली और मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। इनमें इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए IGBT-बेस्ड 3-फेज ड्राइव प्रोपल्शन इक्विपमेंट, रेलवे कोच और EMU के लिए स्विचगियर पैनल, केबल प्रोटेक्शन और मैनेजमेंट प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स, सिस्टम और सब-सिस्टम शामिल हैं।

कंपनी इंटीग्रेटेड डिजाइन, प्रोडक्शन और क्वालिटी-टेस्टिंग प्रोसेस के जरिए काम करती है। यह इनोवेशन, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और क्लाइंट-सेंट्रिक सॉल्यूशंस पर जोर देती है। MV इलेक्ट्रोसिस्टम्स के प्रमोटर मोहित वोहरा, अमित धवन, सुमित धवन, राहुल धवन, सोनाली धवन, रामेंद्र प्रताप सिंह हैं। IPO में एंकर निवेशक 29 जुलाई को बोली लगा सकेंगे।

MV Electrosystems IPO के लिए प्राइस बैंड और लॉट साइज अभी तय नहीं हुआ है। इश्यू में केवल नए शेयर जारी होंगे। इश्यू की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 4 अगस्त को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 6 अगस्त को होने की उम्मीद है। IPO के लिए Sundae Capital Advisors Pvt.Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।

MV Electrosystems कैसे करेगी IPO के पैसों का इस्तेमाल

IPO से होने वाली कमाई का इस्तेमाल लॉन्ग टर्म वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, नए पावर इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए रिसर्च डिजाइन और डेवलपमेंट एक्टिविटीज में निवेश के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। पब्लिक इश्यू में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

MV Electrosystems का वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेवेन्यू 23 प्रतिशत घटकर 49.79 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 64.64 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी 12.63 करोड़ रुपये के घाटे में रही, जबकि ​एक साल पहले इसने 1.40 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 49.89 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dharmendra Pradhan Resigns: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर रणवीर शौरी ने उठाए सवाल, बोले- सपोटर्स की न सुनके सड़क पर मौजूद कॉकरोच…

Dharmendra Pradhan Resigns: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर हफ़्तों तक चले छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद, जहाँ बॉलीवुड के ज़्यादातर लोगों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत किया, वहीं अभिनेता रणवीर शौरी की राय कुछ अलग थी। जब सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें मान लीं और दिल्ली के जंतर-मंतर पर जश्न मनाया जाने लगा, तो शौरी ने इस फ़ैसले के समय पर सवाल उठाए और इसे ‘जनता के दबाव में कामकाज’ बताते हुए इसकी आलोचना की।

अभिजीत दिपके और सौरव दास की अगुवाई वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में 36 दिनों तक चले आंदोलन के बाद प्रधान ने 25 जुलाई को इस्तीफ़ा दे दिया। इस आंदोलन में छात्र परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही की मांग कर रहे थे। CJP नेताओं के साथ बातचीत के बाद, केंद्र सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज FIR वापस लेने और NEET विवाद से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवज़ा देने पर भी सहमत हो गई। मांगें माने जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर चल रहा धरना-प्रदर्शन ख़त्म कर दिया।

प्रधान के इस्तीफ़े की ख़बर सामने आते ही, रणवीर शौरी ने X (पहले ट्विटर) पर हैरानी ज़ाहिर करते हुए एक GIF के ज़रिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “और एक ही झटके में मोदी सरकार अपने किसी भी दुश्मन को तो नहीं जीत पाई, लेकिन अपने कई समर्थकों को जरूर नाराज कर दिया। #masterstroke,” और साथ में ताली बजाने वाले इमोजी भी लगाए।

जब एक सोशल मीडिया यूज़र ने पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि प्रधान को NEET पेपर लीक विवाद पर इस्तीफ़ा नहीं देना चाहिए था, तो शोरी ने अपनी बात विस्तार से बताई। उन्होंने लिखा, “हां, लेकिन उन्हें यह तब करना चाहिए था जब सड़कों पर हालात इतने खराब नहीं हुए थे। अब ऐसा लगता है कि समर्थकों की बात नहीं सुनी जाएगी, बल्कि सड़कों पर मौजूद ‘कॉकरोच’ की बात सुनी जाएगी!”

हाल के हफ़्तों में कई एक्टर्स और म्यूज़िशियन्स ने ऑनलाइन और प्रदर्शनों में शामिल होकर स्टूडेंट मूवमेंट का खुलकर समर्थन किया है। प्रकाश राज, शबाना आज़मी और रैपर हनुमankind ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। सोनाक्षी सिन्हा और विजय वर्मा ने सोशल मीडिया पर अपना समर्थन जताया, जबकि गुरफतेह पीरजादा, प्रतिभा रांटा, शालिनी पांडे और कई अन्य लोगों ने मुंबई में हुए प्रदर्शनों में भाग लिया।

फाउंडर अभिजीत दिपके की अगुवाई वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेतृत्व में शुरू हुए ये विरोध प्रदर्शन NEET पेपर लीक को लेकर शुरू हुए थे, लेकिन जल्द ही ये शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार की मांग करने वाले एक बड़े युवा आंदोलन में बदल गए। सोनम वांगचुक ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया और भूख हड़ताल की थी, जिसे उन्होंने केंद्र सरकार के साथ बातचीत के अंतिम दौर से पहले खत्म कर दिया।

प्रधान के इस्तीफ़े के बाद जंतर-मंतर पर जश्न मनाया गया। छात्रों ने नारे लगाए और इस घटनाक्रम को आंदोलन की जीत बताया। CJP ने इस्तीफ़े को एक अहम पड़ाव बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि बड़े सुधारों के लिए उनका अभियान मंत्री के हटने के बाद भी जारी रहेगा।

Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पहुंच प्रदर्शन में शामिल हुईं शबाना आजमी, बोलीं- जावेद अख्तर ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

Jantar Mantar Protest: दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी रविवार, 19 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर उन प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने पहुंचीं जो धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने और जावेद अख्तर ने समाधान खोजने के लिए बातचीत शुरू करने के मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था। हालांकि, उन्हें अभी तक प्रधानमंत्री की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।

शबाना आजमी ने द रेड माइक से कहा, “जब पानी हद से गुज़र जाता है, जब भी बोलती हूं। हर छोटी बड़ी बात पर मैं नहीं बोलती हूं, क्योंकि अब मेरी 75 साल की उम्र हो गई है, मैं ये सब देख चुकी हूं… तो मैं बहुत, जब मुझे अंदर से कोई चीज़ झंझोड़ती है, तब मैं बोलती हूं।” यहां उनकी बातचीत पर एक नजर डालें:

उन्होंने आगे कहा, “मैंने जो है, प्रधानमंत्री को खत लिखा। जावेद साहब ने खत लिखा कि देखिए आप सिर्फ एक डायलॉग शुरू करिए, प्रेस के पास हम नहीं जा रहे। हम इसको एक पब्लिक मैटर नहीं बनाएंगे, हम सिर्फ राज्यसभा के एक्स-संसद हैं, तो हम उससे लिख रहे हैं, बात तो सुनिए। पहले तो।” हमें स्वीकारोक्ति आई कि 2 दिन मैं आपका जवाब मिलेगा, 2 दिन मैं नहीं आया, 3 दिन मैं नहीं आया, 4 दिन मैं नहीं आया तो फिर पांचवे दिन हम यहां आ गए।’

शबाना का विरोध प्रदर्शन में शामिल होना, क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के समर्थन में उनके सार्वजनिक बयान के कुछ दिनों बाद हुआ। सोनम वांगचुक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेतृत्व वाले आंदोलन में शामिल हुए थे और 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अपनी यात्रा के दौरान, शबाना ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके से मुलाकात की, जो खुद भी अभी भूख हड़ताल पर हैं।

शबाना आज़मी के अलावा, प्रकाश राज और पूनम पांडे जैसी हस्तियां भी जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में देखी गईं। इससे पहले, सोनी राज़दान, ज़ीनत अमान, अभय देओल, सोनाक्षी सिन्हा, ओमी वैद्य, इमरान खान, नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक शाह ने सोशल मीडिया के ज़रिए सोनम वांगचुक और प्रदर्शनकारियों की भूख हड़ताल का समर्थन किया था।

उड़ते हुए मच्छर का कर लेता है हवा में ही शिकार, मच्छरों का काम तमाम करने वाला 40 ग्राम का छोटू ड्रोन आया!

घर में उड़ते मच्छरों और उनसे होने वाली खतरनाक बीमारियों से हर कोई परेशान रहता है। इनसे छुटकारा पाने के लिए लोग तरह-तरह के केमिकल रिपेलेंट्स, कॉइल्स और लिक्विड का इस्तेमाल करते हैं। ये सभी सेहत के लिए नुकसानदेह भी होते हैं। पर अब टेक्नोलॉजी की दुनिया से आपकी इस शास्वत समस्या के इलाज के लिए एक बेहद अनोखी और क्रांतिकारी जानकारी सामने आई है। फ्रांस के एक स्टार्टअप ने एक ऐसा छोटा और अनोखा ऑटोनॉमस माइक्रोड्रोन तैयार किया है जो हवा में उड़ते हुए मच्छरों को ढूंढकर उनका शिकार कर लेता है। हवा में उड़ते कीड़ों को ट्रैक कर उसे मार गिराने वाले इस अनोखे और हथेली के आकार के ड्रोन का वीडियो सामने आने के बाद यह दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है।

सिर्फ 40 ग्राम का प्रोटोटाइप और कमाल की तकनीक

इस कमाल की तकनीक को फ्रांस के स्टार्टअप टॉर्नयॉल ने तैयार है। यह एक माइक्रोड्रोन प्रोटोटाइप है। इसका वजन महज 40 ग्राम है और यह इंसान की हथेली के आकार का है। इस ड्रोन को बनाने का मुख्य उद्देश्य मलेरिया, डेंगू और जिका जैसी जानलेवा बीमारियों को फैलाने वाले मच्छरों की आबादी को बिना किसी केमिकल के खत्म करना है। कंपनी का कहना है कि यह टेक्नोलॉजी अभी सिर्फ टेस्टिंग स्टेज में है और व्यावसायिक रूप से बाजार में उतारने के लिए अभी पूरी तरह तैयार नहीं है।

बिना कैमरे के करता है शिकार: जानिए कैसे काम करता है यह ड्रोन?

आमतौर पर ड्रोन किसी भी चीज को देखने के लिए कैमरों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन टॉर्नयॉल का यह ड्रोन काफी अलग और एडवांस है। यह ड्रोन मुख्य रूप से कैमरों पर निर्भर नहीं है। इसके बजाय यह कारों में मिलने वाले पार्किंग सेंसर की तरह अल्ट्रासोनिक सोनार तकनीक का इस्तेमाल करता है। यह ड्रोन उड़ते समय लगातार अल्ट्रासोनिक तरंगें छोड़ता है और फिर लौटकर आने वाली गूंज को अपने छोटे-छोटे माइक्रोफोन्स के जरिए रिसीव कर उसका विश्लेषण करता है।

पंखों की फड़फड़ाहट से पहचान

मच्छरों और दूसरे कीड़ों के उड़ने के दौरान उनके पंखों की फड़फड़ाहट से एक अनोखा डॉपलर पैटर्न बनता है। यह ड्रोन का सिस्टम उस पैटर्न को मापता है और यह सुनिश्चित करता है कि सामने उड़ने वाला कीड़ा मच्छर ही है। इसके बाद यह हवा में सीधे टारगेट से टकराता है और उसे मार गिराता है।

लैब टेस्ट में मिली पहली बड़ी सफलता

हाल ही में कंपनी द्वारा किए गए एक लाइव प्रदर्शन में इस ड्रोन ने एक कंट्रोल्ड इनडोर वातावरण के भीतर उड़ते हुए एक पतंगे खुद से खोजा, उसे ट्रैक किया और हवा में ही मार गिराया। स्टार्टअप ‘टॉर्नयॉल’ के मुताबिक किसी माइक्रोड्रोन द्वारा हवा में उड़ते हुए कीड़े को बिना इंसानी हस्तक्षेप के मार गिराने का यह दुनिया का पहला सफल प्रदर्शन है।

हालांकि ने स्वीकार किया है कि इस सफल प्रदर्शन के दौरान बाहरी मोशन ट्रैकिंग और ऑफबोर्ड कंप्यूटिंग का उपयोग किया गया था। ड्रोन के भीतर ही पूरी प्रोसेसिंग की क्षमता विकसित करने पर अभी काम चल रहा है।

नर और मादा मच्छर में भी कर सकेगा फर्क!

टॉर्नयॉल स्टार्टअप इस तकनीक को और भी एडवांस बनाने पर काम कर रहा है। कंपनी का मानना है कि भविष्य के वर्शन्स इतने एडवांस होंगे जो पंखों की फड़फड़ाहट की आवाज से न सिर्फ मच्छरों की विभिन्न प्रजातियों की पहचान कर सकेंगे, बल्कि नर और मादा मच्छर के बीच भी अंतर कर पाएंगे। कंपनी का लक्ष्य भविष्य में ऐसे छोटे-छोटे ऑटोनॉमस ड्रोन के बेड़े तैयार करना है, जो अपने चार्जिंग स्टेशनों से खुद उड़ान भरकर घरों, बगीचों और पूरे पड़ोस में लगातार गश्त करेंगे और मच्छरों का सफाया करेंगे।

कंपनी का दावा है कि इस सिस्टम से मच्छरों के नियंत्रण पर आने वाला खर्च काफी हद तक कम हो जाएगा। हालांकि इस दावे को अभी तक किसी इंडिपेंडेंट एजेंसी ने वेरिफाई नहीं किया है।

ये चुनौतियां अभी भी बनी हैं रुकावट

वैज्ञानिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से केमिकल कीटनाशकों के विकल्प तलाश रहे हैं क्योंकि मच्छरों में इन रसायनों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के मुताबिक अकेले साल 2024 में दुनिया भर में मलेरिया के कारण लगभग 610000 लोगों की मौत हुई थी। इस खतरनाक आंकड़े के बीच यह तकनीक उम्मीद की किरण तो है लेकिन इसके सामने कई चुनौतियां भी हैं। यह ड्रोन अभी तक सिर्फ बंद और नियंत्रित इनडोर वातावरण में ही टेस्ट किया गया है। इसे बाहरी वातावरण में सुरक्षित रूप से उड़ाना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि बाहर चलने वाली हवा, बारिश और दूसरी मौसमी वजहें ड्रोन की उड़ान और कीड़ों को डिटेक्ट करने की क्षमता को काफी प्रभावित करते हैं। पूरी प्रोसेसिंग को ड्रोन के छोटे से शरीर के भीतर ही समाहित करना अभी बाकी है।

Aamir Khan: आमिर खान ने सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘3 इडियट्स’ के किरदार से उनका कोई कनेक्शन नहीं

Aamir Khan: दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की चल रही भूख हड़ताल पर अपनी चुप्पी को लेकर कई दिनों से चल रही ऑनलाइन बहस के बाद आखिरकार आमिर खान ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। यह चर्चा तब और तेज हो गई जब ‘3 इडियट्स’ में उनके साथ काम करने वाले और मशहूर ‘चतुर’ का किरदार निभाने वाले ओमी वैद्य ने सार्वजनिक रूप से वांगचुक का समर्थन किया।

हाल ही में एक कार्यक्रम में इस मुद्दे पर बात करते हुए आमिर ने साफ किया कि ‘3 इडियट्स’ का मुख्य किरदार (फुंसुख वांगडू) वांगचुक से प्रेरित नहीं था। उन्होंने कहा कि जब फिल्म बन रही थी, तब न तो उन्हें, न ही डायरेक्टर राजकुमार हिरानी और न ही राइटर अभिजात जोशी को वांगचुक के बारे में पता था। यह साफ करते हुए एक्टर ने वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता भी जताई और उनसे अपना अनशन खत्म करने की अपील की।

ब्रिटिश फ़िल्म इंस्टीट्यूट (BFI) में बातचीत के दौरान, आमिर खान से एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक और उनकी चल रही भूख हड़ताल के बारे में पूछा गया। रिपोर्टर ने ‘3 इडियट्स’ का जिक्र करते हुए कहा कि एक पूरी पीढ़ी ने यह फिल्म देखी है और यह भी कहा कि आम तौर पर लोग मानते हैं कि यह फिल्म सोनम वांगचुक से प्रेरित थी। हालांकि, आमिर ने तुरंत इस बात को साफ किया। उन्होंने बताया कि फिल्म बनते समय न तो उन्हें और न ही फिल्म बनाने वालों को वांगचुक के बारे में पता था और ज़ोर देकर कहा कि फिल्म का मुख्य किरदार उन पर आधारित नहीं था।

एक्टर ने कहा, “नहीं, असल में ऐसा नहीं है। यह एक गलतफहमी है। जब हम फिल्म बना रहे थे, तब मुझे सोनम वांगचुक के बारे में पता नहीं था। मैंने हाल ही में ‘चतुर’ का एक वीडियो देखा, जिसमें उसने ऐसा कहा था… नहीं, वह गलत है। हो सकता है कि ‘चतुर’ ऐसा सोच रहा हो, लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि न तो राजू, न ही अभिजात (दो लेखकों में से एक) और न ही मुझे सोनम के बारे में पता था।

हालांकि, सोनम जो काम कर रहे हैं, वह वैसे भी बहुत अच्छा है। उनकी और उनके काम की इज्ज़त करने के लिए यह ज़रूरी नहीं है कि वे ‘3 इडियट्स’ के किरदार पर आधारित हों।” आमिर ने यह भी कहा कि सोनम वांगचुक ने खुद साफ किया था कि वह किरदार उन पर आधारित नहीं था। उन्होंने आगे कहा, “मैं बस असल बात साफ करना चाहता था।”

जब उनसे सोनम की चल रही भूख हड़ताल के बारे में और पूछा गया, तो आमिर ने जवाब दिया, “हम सभी उनकी सेहत और जान को लेकर बहुत चिंतित हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इसका अंत अच्छा हो। हम सभी यही कामना करते हैं कि वह अपनी भूख हड़ताल खत्म करें और अपना ख्याल रखें।”

वीडियो के ऑनलाइन सामने आते ही, लोगों ने उनके बयानों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। यहां तक कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि उनका जवाब “निराशाजनक” था। उन्होंने कमेंट किया, “यह सवाल पूछने के लिए धन्यवाद। हालांकि, उनका जवाब निराशाजनक था।”

इस बीच, जीनत अमान, सोनी राजदान, ओमी वैद्य, इमरान खान, स्वरा भास्कर, अदिति राव हैदरी, सोनाक्षी सिन्हा और फातिमा सना शेख़ समेत कई मशहूर हस्तियों ने सार्वजनिक रूप से सोनम वांगचुक के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। उनमें से कई लोगों ने उनकी बिगड़ती सेहत पर चिंता भी जताई है और मौजूदा स्थिति का समाधान निकालने की अपील की है।

Aryabhatt Ka Zero Teaser: ‘आर्यभट्ट का जीरो’ का टीजर हुआ रिलीज, हिमांश कोहली के अंदाज ने जीता फैंस का दिल

Aryabhatt Ka Zero Teaser: ‘यारियां’ फेम अभिनेता हिमांश कोहली की फिल्म “आर्यभट्ट का जीरो” का टीजर रिलीज कर दिया गया है। महज 1 मिनट 10 सेकंड का यह टीजर एक ऐसे युवा की कहानी की झलक दिखाता है, जो प्यार, असफलताओं, पारिवारिक दबाव और समाज की उपेक्षा के बीच अपनी पहचान और सम्मान हासिल करने की लड़ाई लड़ता है।

टीजर की शुरुआत एक टीवी न्यूज़ बुलेटिन से होती है, जिसमें एंकर कहता है, “प्यार में धोखा खाए प्रेमी अक्सर शराबी, सनकी और कातिल बन जाते हैं, लेकिन यहां धोखे से प्रेमी बन गया आईएएस ऑफिसर।” इसके बाद हिमांश कोहली का किरदार अपने माता-पिता से आईएएस और डीएम बनने का सपना साझा करता है, लेकिन जवाब में उसे पिता की एक जोरदार चपत मिलती है। यहीं से उसके संघर्षों की शुरुआत दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने लगती है।

इसके बाद अभिनेता रवि किशन अपने खास अंदाज में जीवन के सबक देते नजर आते हैं। एक सीन में वह कहते हैं, “प्रेमिका की शादी में खाना खाने से आदमी कभी भूखा नहीं मरता, क्योंकि वह बेशर्म हो जाता है।” वहीं दूसरे सीन में उनका डायलॉग, “जो होता है, अच्छे के लिए होता है,” सुनने के बाद हिमांश का किरदार बेहद मासूमियत से जवाब देता है, “मेरा कभी भी अच्छा नहीं होता।” यह लाइन फिल्म के इमोशनल पल को दिखाती है।

टीजर में आगे कुछ दमदार एक्शन, इमोशनल और ड्रामेटिक सीन देखने को मिलते हैं। अंत में हिमांश का डायलॉग, “बहुत जी लिया गरीबों की तरह… अब मुझे सम्मान चाहिए,” पूरी कहानी का भाव एक ही लाइन में सामने रख देता है। वहीं बैकग्राउंड में सुनाई देने वाला “दिल फर्जी” गीत टीजर को एक रोमांटिक माहौल क्रिएट करता है। फिल्म में हिमांश कोहली ब्रह्मगुप्त श्रीवास्तव उर्फ ‘बग्गू’ का किरदार निभा रहे हैं।

बग्गू एक 25 वर्षीय मिडिलक्लास मेन है, जिसे समाज असफल मानता है और जो खुद भी आत्मविश्वास की कमी से जूझता है। लेकिन जीवन की लगातार चुनौतियों और अपने परिवार के साथ खड़े रहने की ताकत उसे धीरे-धीरे आत्मविश्वास, संघर्ष और उम्मीद के रास्ते पर ले जाती है। यही सफर एक साधारण युवक को असाधारण बना देता है।

फिल्म को लेकर हिमांश कोहली कहते हैं, “यह ऐसा किरदार है जिससे आज की जेन-ज़ी खुद को जोड़ पाएगी। उसके आसपास ऐसी बहुत-सी परिस्थितियां होती हैं, जिनके लिए वह जिम्मेदार नहीं होता, लेकिन उनका असर बार-बार उसकी जिंदगी पर पड़ता है। एक समय ऐसा आता है जब वह फैसला करता है कि अब आगे बढ़ना है। यह आज के एक युवा की बेहद दिलचस्प यात्रा है, जिसमें प्यार है, असफलता है, दुर्भाग्य है, संघर्ष है, लेकिन सबसे बढ़कर वह जुनून है”

“आर्यभट्ट का जीरो” में हिमांश कोहली के साथ सोनाली सहगल, दर्शना बानिक, नरेश वोहरा, अलका अमीन और नीरज सूद अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। वहीं अभिनेत्री शिल्पा शिंदे भी फिल्म में एक विशेष किरदार निभाती दिखाई देंगी। यह फिल्म 7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

न्यूटेक मीडिया एंटरटेनमेंट, राधिका जी फिल्म्स और सुनील सिहाग गौरां फिल्म्स के बैनर तले तथा A2R Films के सहयोग से बनी इस फिल्म का निर्माण बीरेंद्र भगत, रवि एस. गुप्ता, संजय नागपाल और शेओ बालक सिंह ने किया है। फिल्म के सह-निर्माता सुनील सिहाग, त्रिलोकी नाथ प्रसाद, स्वर्गीय कुलदीप भंडारी, आकांक्षा राहुल शर्मा और रीता गाडगे हैं। फिल्म का निर्देशन कमल चंद्रा ने किया है।