‘सफदरजंग अस्पताल पर भरोसा नहीं…’, हाईकोर्ट पहुंची सोनम वांगचुक की पत्नी, कर दी ये बड़ी मांग

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की पत्नी ने उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करने की मांग की है। पत्नी गीतांजलि आंगमो ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। आंगमो का कहना है कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल पर भरोसा नहीं है। बता दें कि, सोनम वांगचुक पिछले तीन सप्ताह से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर उन्हें इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पत्नी ने लगाए ये आरोप 

गीतांजलि आंग्मो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि अब उन्हें सरकारी अस्पताल पर भरोसा नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि वांगचुक की पोटैशियम जांच रिपोर्ट में गंभीर गड़बड़ी हुई है। उनके मुताबिक, अस्पताल ने परिवार को बताया कि वांगचुक का पोटैशियम स्तर घटकर 2.9 रह गया है, जिसे डॉक्टरों ने खतरनाक बताया। लेकिन परिवार की ओर से कराई गई एक स्वतंत्र लैब जांच में पोटैशियम का स्तर 3.5 आया, जिसे उन्होंने सामान्य सीमा में बताया। इसी वजह से परिवार ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की है।

सफदरजंग अस्पताल बोला- वांगचुक की हालत स्थिर

सफदरजंग अस्पताल का कहना है कि सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है और वह पूरी तरह होश में हैं। हालांकि, उनमें शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, डॉक्टरों की सलाह के बावजूद वांगचुक ने कई बार मुंह से तरल पदार्थ पीने और नसों के जरिए फ्लूइड (IV) लेने से इनकार किया है।

प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करने की मांग

वहीं, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने या किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति नहीं दी। उनका यह भी दावा है कि अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात होने के कारण परिवार के लोगों की आवाजाही पर कड़ी पाबंदी लगी हुई है। उन्होंने इस स्थिति को “गैर-कानूनी हिरासत” बताया। आंग्मो ने कहा कि परिवार ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है ताकि वांगचुक की तबीयत और बिगड़ने से पहले उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वांगचुक की सेहत को कोई नुकसान होता है, तो इसके लिए अस्पताल प्रशासन और सरकार जिम्मेदार होगी।

वांगचुक ने समर्थकों से संसद मार्च में शामिल होने की अपील की

शनिवार को गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि उनकी अनुमति के बिना सोनम वांगचुक को कोई दवा या फ्लूइड (तरल पदार्थ) नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भूख हड़ताल के दौरान वांगचुक की सेहत पर नजर रखने वाले डॉक्टरों को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। वहीं, आंग्मो की ओर से साझा किए गए एक संदेश में सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों से 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने इस अभियान को “भारत का दूसरा आजादी का आंदोलन” बताया और लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने का आग्रह किया।

वांगचुक की हालत बेहद नाजुक! सोनम ने अस्पताल में दवा और ड्रिप लेने से किया इनकार

Sonam Wangchuk Health Update

Sonam Wangchuk Health Update: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से अनशन पर बैठे लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद वांगचुक ने डॉक्टरों के इलाज को पूरी तरह ठुकरा दिया है। गंभीर डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) और चयापचय संबंधी समस्याओं के बावजूद उन्होंने नसों के माध्यम से दिए जाने वाले तरल पदार्थ (IV Fluids) और किसी भी तरह की दवा लेने से साफ इनकार कर दिया है। इस बीच, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश की जनता से छात्रों के इस आंदोलन में कूदने का बड़ा आह्वान किया है।

सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की बढ़ी चिंता

अस्पताल प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, सोनम वांगचुक को इस वक्त सख्त चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। 21 दिनों की भूख हड़ताल के कारण उनके शरीर के कई महत्वपूर्ण पैरामीटर्स बिगड़ चुके हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है। इस बीच, डॉक्टरों ने वांगचुक के परिवार और उनके सहयोगियों को गंभीर चेतावनी दी है कि यदि बिना किसी देरी के तुरंत इलाज शुरू नहीं करने दिया गया तो स्थिति हाथ से बाहर निकल सकती है और अंगों पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। ALSO READ: जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी गई, सोनम वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे CJP प्रमुख

 

अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि वांगचुक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक छात्रों के भविष्य और नीट परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती, उनका यह सत्याग्रह अस्पताल के भीतर भी जारी रहेगा। दूसरी ओर, सीजेपी नेता अभिजीत दीपके पर स्याही फेंके जाने की घटना के बाद अनशन स्थल पर बवाल खड़ा हो गया। 

अब चुप रहने का वक्त नहीं

वांगचुक को नाटकीय ढंग से धरना स्थल से उठाए जाने और उनकी बिगड़ती सेहत की खबर मिलते ही सियासत पूरी तरह गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को देश की जनता और छात्रों से एक भावुक और आक्रामक अपील की।

 

केजरीवाल ने सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली (NEET) में आमूलचूल सुधार की मांग को लेकर हमारे देश के देशभक्त और छात्र जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूखे बैठे हैं। सोनम वांगचुक की स्थिति गंभीर है। यह समय घरों में बैठने का नहीं है। मैं देश के हर नागरिक, हर माता-पिता और युवाओं से अपील करता हूं कि वे जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में शामिल हों और तानाशाही के खिलाफ इन प्रदर्शनकारियों का हाथ मजबूत करें। ALSO READ: सोनम वांगचुक सफदरगंज अस्पताल में भर्ती, क्या कहती है उनकी मेडिकल रिपोर्ट?

20 जुलाई का संसद मार्च

सोनम वांगचुक को भले ही पुलिस ने शारीरिक रूप से जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल भेज दिया हो, लेकिन आंदोलनकारियों का हौसला कम नहीं हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य छात्र संगठनों ने ऐलान किया है कि वांगचुक की अनुपस्थिति में विरोध प्रदर्शन और तेज होगा। पार्टी ने आगामी 20 जुलाई को प्रस्तावित 'संसद मार्च' को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। दिल्ली पुलिस ने भी इस मार्च को देखते हुए नई दिल्ली और संसद भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया है। वांगचुक की ओर से भी कहा गया है कि वे भी 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल होंगे। 

 

Aamir Khan: आमिर खान ने सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘3 इडियट्स’ के किरदार से उनका कोई कनेक्शन नहीं

Aamir Khan: दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की चल रही भूख हड़ताल पर अपनी चुप्पी को लेकर कई दिनों से चल रही ऑनलाइन बहस के बाद आखिरकार आमिर खान ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। यह चर्चा तब और तेज हो गई जब ‘3 इडियट्स’ में उनके साथ काम करने वाले और मशहूर ‘चतुर’ का किरदार निभाने वाले ओमी वैद्य ने सार्वजनिक रूप से वांगचुक का समर्थन किया।

हाल ही में एक कार्यक्रम में इस मुद्दे पर बात करते हुए आमिर ने साफ किया कि ‘3 इडियट्स’ का मुख्य किरदार (फुंसुख वांगडू) वांगचुक से प्रेरित नहीं था। उन्होंने कहा कि जब फिल्म बन रही थी, तब न तो उन्हें, न ही डायरेक्टर राजकुमार हिरानी और न ही राइटर अभिजात जोशी को वांगचुक के बारे में पता था। यह साफ करते हुए एक्टर ने वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता भी जताई और उनसे अपना अनशन खत्म करने की अपील की।

ब्रिटिश फ़िल्म इंस्टीट्यूट (BFI) में बातचीत के दौरान, आमिर खान से एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक और उनकी चल रही भूख हड़ताल के बारे में पूछा गया। रिपोर्टर ने ‘3 इडियट्स’ का जिक्र करते हुए कहा कि एक पूरी पीढ़ी ने यह फिल्म देखी है और यह भी कहा कि आम तौर पर लोग मानते हैं कि यह फिल्म सोनम वांगचुक से प्रेरित थी। हालांकि, आमिर ने तुरंत इस बात को साफ किया। उन्होंने बताया कि फिल्म बनते समय न तो उन्हें और न ही फिल्म बनाने वालों को वांगचुक के बारे में पता था और ज़ोर देकर कहा कि फिल्म का मुख्य किरदार उन पर आधारित नहीं था।

एक्टर ने कहा, “नहीं, असल में ऐसा नहीं है। यह एक गलतफहमी है। जब हम फिल्म बना रहे थे, तब मुझे सोनम वांगचुक के बारे में पता नहीं था। मैंने हाल ही में ‘चतुर’ का एक वीडियो देखा, जिसमें उसने ऐसा कहा था… नहीं, वह गलत है। हो सकता है कि ‘चतुर’ ऐसा सोच रहा हो, लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि न तो राजू, न ही अभिजात (दो लेखकों में से एक) और न ही मुझे सोनम के बारे में पता था।

हालांकि, सोनम जो काम कर रहे हैं, वह वैसे भी बहुत अच्छा है। उनकी और उनके काम की इज्ज़त करने के लिए यह ज़रूरी नहीं है कि वे ‘3 इडियट्स’ के किरदार पर आधारित हों।” आमिर ने यह भी कहा कि सोनम वांगचुक ने खुद साफ किया था कि वह किरदार उन पर आधारित नहीं था। उन्होंने आगे कहा, “मैं बस असल बात साफ करना चाहता था।”

जब उनसे सोनम की चल रही भूख हड़ताल के बारे में और पूछा गया, तो आमिर ने जवाब दिया, “हम सभी उनकी सेहत और जान को लेकर बहुत चिंतित हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इसका अंत अच्छा हो। हम सभी यही कामना करते हैं कि वह अपनी भूख हड़ताल खत्म करें और अपना ख्याल रखें।”

वीडियो के ऑनलाइन सामने आते ही, लोगों ने उनके बयानों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। यहां तक कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि उनका जवाब “निराशाजनक” था। उन्होंने कमेंट किया, “यह सवाल पूछने के लिए धन्यवाद। हालांकि, उनका जवाब निराशाजनक था।”

इस बीच, जीनत अमान, सोनी राजदान, ओमी वैद्य, इमरान खान, स्वरा भास्कर, अदिति राव हैदरी, सोनाक्षी सिन्हा और फातिमा सना शेख़ समेत कई मशहूर हस्तियों ने सार्वजनिक रूप से सोनम वांगचुक के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है। उनमें से कई लोगों ने उनकी बिगड़ती सेहत पर चिंता भी जताई है और मौजूदा स्थिति का समाधान निकालने की अपील की है।