सोना गिरकर ₹1.42 पर आया, चांदी ₹2400 हुई सस्ती, आखिर भारतीय खरीदारों के लिए कीमतों में उतार-चढ़ाव क्या दे रहा संकेत

Gold Silver Price Today: भारत में सोने- चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट की बड़ी वजह ग्लोबल मार्केट में कमजोरी रही। डॉलर में निचले स्तर से रिकवरी के कारण सोने-चांदी की हालिया तेजी को ब्रेक लगा है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, 5 अगस्त की डिलीवरी के लिए सोने का वायदा भाव 0.79% गिरकर ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि 4 सितंबर की डिलीवरी के लिए चांदी का वायदा भाव 2400 रुपये यानी 1% गिरकर ₹2.18 लाख प्रति किलोग्राम के नीचे फिसल गया है।

वहीं इंटरनेशनल मार्केट में COMEX गोल्ड फ्यूचर्स 0.39% गिरकर $4,144.40 प्रति औंस पर आ गया, जबकि COMEX सिल्वर फ्यूचर्स 0.22% गिरकर $58.89 प्रति औंस पर आ गया। पिछले सेशन में एक हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद स्पॉट गोल्ड की कीमत में भी थोड़ी गिरावट आई।

कीमतों में गिरावट क्यों?

घरेलू कीमतों में गिरावट काफी हद तक ग्लोबल ट्रेंड्स को दिखाती है। इस हफ्ते की शुरुआत में तेजी के बाद, सोने और चांदी पर दबाव बना क्योंकि अमेरिकी डॉलर जनवरी 2023 के बाद अपनी सबसे बड़ी एक-दिवसीय गिरावट से उबर गया। मजबूत डॉलर आमतौर पर कीमती धातुओं पर दबाव डालता है क्योंकि यह दूसरी करेंसी रखने वालों के लिए इन्हें महंगा बना देता है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले के बाद बुलियन की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद मुनाफावसूली ने भी गिरावट में योगदान दिया।

गिरावट के बावजूद सोने को क्यों मिल रहा सपोर्ट

हालांकि शुक्रवार 31 जुलाई की गिरावट के बावजूद, सोना 5 महीनों में अपनी पहली मासिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है। इसे अमेरिकी मौद्रिक सख्ती (monetary tightening) की उम्मीदों में कमी और मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से सपोर्ट मिल रहा है, जिससे सुरक्षित निवेश (safe-haven assets) के तौर पर सोने की मांग बढ़ी है।

हालिया अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने भी इन उम्मीदों को मजबूत किया है कि फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों के फैसलों पर सावधानी से आगे बढ़ सकता है। महंगाई के नरम आंकड़ों और आर्थिक विकास में नरमी के संकेतों ने बुलियन को सपोर्ट दिया है, हालांकि बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और मजबूत डॉलर ने बढ़त को सीमित रखा है।

अब क्या होनी चाहिए निवेश रणनीति

कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की AVP कायनात चेनवाला ने कहा, “कीमती धातुएं एक दायरे में बनी हुई हैं। अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों में नरमी से सपोर्ट मिल रहा है, जबकि मजबूत डॉलर, ऊंची बॉन्ड यील्ड और फेडरल रिजर्व के सख्त रुख (hawkish stance) से तेज बढ़त सीमित हो रही है। सोना और चांदी दोनों ही कई महीनों में अपनी पहली मासिक बढ़त की राह पर हैं।”

भारतीय खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब है?

देश में सोने और चांदी की कीमतें इंटरनेशनल बुलियन की कीमतों, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और इंपोर्ट से जुड़ी लागतों से प्रभावित होती हैं। नतीजतन, लोकल कीमतें अक्सर ग्लोबल ट्रेंड्स के हिसाब से चलती हैं, हालांकि घरेलू मांग और करेंसी में उतार-चढ़ाव इन बदलावों को बढ़ा या घटा सकते हैं।

अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारत में सोने की फिजिकल मांग पर दबाव बना रहा। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, सोने की मांग में सालाना आधार पर 6% की गिरावट आई क्योंकि ऊंची कीमतों ने खरीदारी पर असर डाला। हालांकि, सोने पर कुल कंज्यूमर खर्च वैल्यू के हिसाब से रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया, जबकि त्योहारों और शादियों से जुड़ी खरीदारी के कारण पिछली तिमाही के मुकाबले ज्वैलरी की मांग में सुधार हुआ।

इन्वेस्टर्स को आगे किस पर नज़र रखनी चाहिए?

मार्केट आज बाद में यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के कंज्यूमर सेंटीमेंट और महंगाई की उम्मीदों (इन्फ्लेशन एक्सपेक्टेशन्स) के डेटा पर बारीकी से नज़र रखेगा, ताकि अमेरिकी महंगाई के आउटलुक और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी की दिशा के बारे में नए संकेत मिल सकें।

एनालिस्ट्स को यह भी उम्मीद है कि अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव, ट्रेजरी यील्ड और वेस्ट एशिया में घटनाक्रम निकट भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों के लिए मुख्य कारक बने रहेंगे।

 Silver Price Today: चांदी और हुई सस्ती, खरीदारी से पहले जान लें अपने शहर का रेट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver outlook: ₹5000 सस्ती हुई चांदी, क्या कीमतों में आने वाली है और बड़ी गिरावट, जानें क्या कहते है बाजार जानकार

Silver Outlook: घरेलू और इंटरनेशनल दोनों ही बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। घरेलू बाजार में सोना जहां 4 महीनें के निचले स्तरों पर पहुंचा है। वहीं चांदी $56 के नीचे फिसली है। शुक्रवार को फ्यूचर ट्रेड में चांदी की कीमतें 1,258 रुपये गिरकर 2,14,755 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर, सितंबर डिलीवरी वाले चांदी के कॉन्ट्रैक्ट 1,258 रुपये या 0.58 प्रतिशत गिरकर 2,14,755 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए, जिसमें 1,563 लॉट का कारोबार हुआ।

वहीं COMEX पर चांदी की कीमतें 0.63% गिरकर $55.83 प्रति ट्रॉय औंस पर कारोबार कर रही हैं। चांदी एक इंडस्ट्रियल मेटल है और ग्लोबल टेक शेयरों में आई गिरावट का इस पर असर देखा जा रहा है। भारत में चांदी की कीमत में आज 2.3% की बड़ी गिरावट आई है और यह 2,15,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है। कल चांदी की कीमत प्रति किलो 2.20 लाख रुपये थी। यानी कि कल के मुकाबले आज चांदी में 5000 रुपये की गिरावट आई है।

मजबूत डॉलर कर रहा परेशान

इस बीच, शुक्रवार को डॉलर इंडेक्स बढ़कर 100.78 हो गया, जिससे विदेशी करेंसी में खरीदारों के लिए बुलियन महंगा हो गया। कच्चे तेल की कीमतें $85 प्रति बैरल के करीब ट्रेड करती रहीं।

यूएस- ईरान तनाव और क्रूड बढ़ा रही चिंता

सोने और चांदी के लिए सबसे बड़ी चुनौती US-ईरान तनाव है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और महंगाई का डर फिर से बढ़ गया है, जिससे आने वाले समय में US फेडरल रिजर्व द्वारा रेट बढ़ाने का डर बढ़ गया है।

US फेडरल रिजर्व के चेयर वार्श ने 14 जुलाई और 15 जुलाई को US हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी और सीनेट बैंकिंग कमेटी के सामने अपनी पहली गवाही में दोहराया कि कीमतों में स्थिरता सेंट्रल बैंक का मुख्य मकसद है। उन्होंने जून की उम्मीद से कम रीडिंग को सिर्फ़ एक डेटा पॉइंट बताकर खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 63 महीनों से महंगाई फेडरल रिजर्व के 2 फीसदी के टारगेट से ऊपर रही है।

फेड गवर्नर वॉलर ने बढ़े हुए कोर CPI का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा था कि सेंट्रल बैंक को रेट बढ़ाने की ज़रूरत है क्योंकि महंगाई अभी भी ज़्यादा है। वहीं न्यूयॉर्क फेड के प्रेसिडेंट जॉन विलियम्स ने बुधवार को कहा कि महंगाई अभी भी ज़्यादा है, लेकिन उनका मानना ​​है कि यह अपने पीक पर पहुच गई है और 2028 तक बैंक के टारगेट को पूरा कर लेगी। उन्होंने आगे कहा कि अभी के रेट सही जगह पर हैं।

क्या आगे कीमतों में दिखेगा दबाव

Kedia Advisory के डायरेक्टर अजय केडिया ने कहा कि आनेवाले 10-12 दिन सोने -चांदी की कीमतों के लिए काफी अहम होंगे। क्योंकि बाजार उम्मीद लगा रहा है कि सितंबर होने वाली फेड मीटिंग में ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। चांदी  में टेक्निकली $50 प्रति औंस का सपोर्ट दिख रहा है। मेरा मानना है कि $53- 54 प्रति औंस एक सेफ जोन है। जिसके चलते एग्रेसिव होकर बिकवाली की राय नहीं होगी। हमारी सलाह है कि अगस्त में चांदी में एक्यूमुलेशन के लिए थोड़ा इंतजार करना चाहिए।हालांकि कच्चा तेल, जियोपॉलिटिकल टेंशन और महंगाई की चिंता चांदी के लिए थोड़ी क्रिटिकल हो सकती है।

इंडसइंड सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी ने कहा, “मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे महंगाई का दबाव और ब्याज दरों की चिंताएं सबसे ऊपर हैं, इसलिए सोना गिर रहा है।”

त्रिवेदी ने बताया, “US ने इस हफ़्ते ईरान पर कई हमले किए, जबकि ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि US देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना सकता है। ईरान ने पड़ोसी देशों में US के ठिकानों पर हमले करके जवाब दिया, जिससे तनाव और बढ़ने और इलाके से एनर्जी सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट की आशंका बढ़ गई।

पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन को उम्मीद है कि आज सोने और चांदी की कीमतें ऊपर-नीचे रहेंगी। उनका कहना है कि आज के MCX पर सोने को $3,955 और $3,910 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $4,034 और $4,080 प्रति ट्रॉय औंस पर है, और चांदी को $55.50 और $54.40 पर सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस $57.50 और $58.80 प्रति ट्रॉय औंस पर है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price Today: 4 दिनों में ₹12,500 सस्ती हुई चांदी, आज भी गिरे दाम, जानिए आपके अपने शहर में क्या है भाव

Silver Price Today:  देश में चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। आज 17 जुलाई को  चांदी का सितंबर वायदा भाव आज सुबह 10 बजे 858  रुपये गिरावट के साथ 2,15,335 रुपये प्रति किलो हो गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,16,013 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।

आभूषण विक्रेताओं और इंडस्ट्रीज की ओर से कम खरीद के कारण घरेलू बाजार में चांदी में मंदी है। इसके अलावा लगातार प्रॉफिट-बुकिंग के कारण भी इसकी कीमतें नीचे आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 56.79 डॉलर प्रति औंस है।

आपके शहर में क्या है कीमते

बुलियन्स के अनुसार चांदी की कीमत घटकर 2,16,040 रुपये प्रति किलो हो गई। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार शुक्रवार सुबह तक 2,17,434 रुपये किलो हो गया। जबकि गुडरिटर्न्स के मुताबिक 2,35,000 रुपये प्रति किलो पर है। उधर अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार दिल्ली में चांदी टूटकर 2,24,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) के स्तर पर आ गई।

ऐसे में अगर आप चांदी के गहने में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो खरीदारी से पहले अपने शहर में चल रहे ताजा रेट जरूर चेक कर लें।

 

शहर10 ग्राम चांदी का भाव100 ग्राम चांदी का भाव1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2350₹23500₹235000
मुंबई₹2350₹23500₹235000
अहमदाबाद₹2,349₹23,4902,34,900
चेन्नई₹2400₹24000₹240000
पटना₹2350₹23500₹235000
अयोध्या₹2350₹23500₹235000
लखनऊ₹2350₹23,500₹2,35,000
कानपुर₹2350₹23,500₹2,35,000
मेरठ₹2350₹23500₹235000
गाजियाबाद₹2350₹23500₹235000
नोएडा₹2350₹23500₹235000
गुरुग्राम₹2350₹23500₹235000
चंडीगढ़₹2350₹23500₹235000
जयपुर₹2350₹23500₹235000
लुधियाना₹2350₹23500₹235000
गुवाहाटी₹2350₹23500₹235000
इंदौर₹2350₹23500₹235000

पिछले दिन क्या रहा चांदी का भाव

दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को वैश्विक बाजार में सुस्ती के कारण चांदी में 1,500 रुपये की गिरावट आई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार चांदी लगातार चौथे दिन दबाव में रही और 1,500 रुपये टूटकर 2,24,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) के स्तर पर आ गई, जो 2 सप्ताह से अधिक का निचला स्तर है।

4 दिन में ₹12,500 टूटी चांदी

पिछले चार दिन में इसमें 12,500 रुपये यानी 5.3 फीसदी की गिरावट आई है। 10 जुलाई को इसका भाव 2,37,000 रुपये प्रति किलोग्राम था। वैश्विक बाजार में, हाजिर चांदी 1.7 प्रतिशत टूटकर 56.79 डॉलर प्रति औंस रह गई। वहीं बुधवार को यह 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। चांदी का भाव आखिरी बार 29 जून को इस स्तर के आसपास था, जब यह 2,24,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

चांदी की शुद्धता

चांदी की शुद्धता की बात करें तो 999 फाइन सिल्वर (99.9%) सबसे शुद्ध माना जाता है। जबकि 925 स्टर्लिंग सिल्वर (92.5%) का इस्तेमाल सबसे ज्यादा आभूषण और घरेलू सामान बनाने में होता है। खरीदारी के समय ग्राहकों को BIS हॉलमार्क और शुद्धता का निशान (999 या 925) जरूर जांचना चाहिए। ताकि असली चांदी की पहचान सुनिश्चित हो सके।

गिरावट से खरीदारी का मौका

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक की ब्याज दरों में वृद्धि की संभावनाओं को बढ़ा रही है जिसके कारण कमोडिटी बाजार में गिरावट देखी जा रही है। लेकिन आम खरीदारों और रिटेल निवेशकों के लिए यह बेहतर खरीदारी का मौका हो सकता है। परिवारों में शादी ब्याह और ऐसे ही अन्य लोगों के लिए सोना चांदी खरीदा जाता है तो वह इस समय खरीदारी करके पैसा बचा सकते हैं।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।