Gold Silver Prices Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में 17 सितंबर को सोने में गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमतों में बदलाव नहीं है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में जोरदार तेजी दिखी। लेकिन, कमजोर घरेलू मांग का असर दिल्ली में सोने की कीमतों पर पड़ा।
चांदी 2.42 लाख रुपये पर स्थिर रही
दिल्ली सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोना 600 रुपये गिरकर 1,55,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी की कीमत 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। 16 सितंबर को फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में गिरावट आई थी।
16 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरा था सोना
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में सीनियर कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “घरेलू बाजारों में कीमतों पर 16 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में आई गिरावट का असर पड़ा।” अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने इंटरेस्ट रेट 0.25 फीसदी बढ़ा दिया है। इससे यह 3.75-4 फीसदी पर आ गया है। यह बीते तीन सालों में इंटरेस्ट रेट में पहली वृद्धि है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में जोरदार रिकवरी
17 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में जोरदार तेजी देखने को मिली। सोना 2.45 फीसदी चढ़कर 4,372.95 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। चांदी 4.42 फीसदी के उछाल के साथ 66.02 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। कई दिनों के बाद सोने और चांदी की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में इतनी बड़ी तेजी दिखी है।
इन वजहों से विदेश में बुलियन में तेजी
मिरै एसेट शेयरखान के कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा, “क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी, ट्रेजरी यील्ड में कमी और डॉलर इंडेक्स के थोड़ा नीचे आने से स्पॉट गोल्ड की कीमतों में स्ट्रॉन्ग रिकवरी दिखी है।” क्रूड ऑयल में 17 सितंबर को बड़ी गिरावट दिखी है। ब्रेंट क्रूड गिरकर 102 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है।
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महंगाई बढ़ने का खतरा अब भी बरकरार
एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रूड के नीचे आने के बावजूद महंगाई बढ़ने का खतरा कम नहीं हुआ है। इसकी वजह यह है कि क्रूड की कीमतों में नरमी अगर जारी रहती है तो भी इसका असर महंगाई पर काफी बाद में दिखेगा। पिछले कई हफ्तों से ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर के ऊपर बने रहने से सितंबर में रिटेल इनफ्लेशन में उछाल दिख सकता है। सितंबर के इनफ्लेशन के डेटा अगले महीने आएंगे। फेडरल रिजर्व ने कहा है कि फिलहाल मौद्रिक नीति सख्त बनी रहेगी।

