Janmashtami Puja Samagri List: जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को सजाने और पूजा में जरूरी होगी ये सामग्री, यहां देखें जन्माष्टमी पूजा की पूरी सामग्री लिस्ट

Janmashtami Puja Samagri List: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण ने देवकी और वासुदेव के पुत्र के रूप में जन्म लिया था। इस दिन दुनिया भर के कृष्ण भक्त विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। भगवान कृष्ण की लीलाओं की झांकियां सजाते हैं, उनके मोहक बाल रूप का कीर्तन-भजन करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से भगवान विष्णु की कृपा से सभी दुख दूर होते हैं और जीवन में खुशहाली आती है। यह पर्व हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन लोग उपवास करते हैं और विभिन्न प्रकार से श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं। माना जाता है विधि-विधान से जन्माष्टमी की पूजा करने वाले भक्तों से भगवान प्रसन्न होते हैं। आइए जानें जन्माष्टमी की पूजा में क्या चीजें शामिल करना बेहद जरूरी है और जिनके बिना यह पूजा अधूरी मानी जाती है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजा के लिए आवश्यक सामग्री की सूची नीचे दी गई है:

भगवान श्री कृष्ण के श्रृंगार और प्रतिमा हेतु

बाल गोपाल (लड्डू गोपाल) की पीतल या मिट्टी की मूर्ति

नए वस्त्र : मोरपंख से सजे सुंदर वस्त्र या पोशाक

श्रृंगार सामग्री : मुकुट, बांसुरी, मोरपंख, वैजयंती माला, कुंडल, कड़े, और पायल

झूला : बाल गोपाल को बैठाने के लिए छोटा झूला और सजावट का सामान

मुख्य पूजा की सामग्री

  • अक्षत (चावल), रोली (कुमकुम), हल्दी, और चंदन (सफेद व पीला)
  • अबीर, गुलाल, और सिंदूर
  • धूपबत्ती, अगरबत्ती, और दूर्वा (दूब घास)
  • दीपक (घी या तिल के तेल का) और आल की बत्ती/रेशमी बत्ती
  • कपूर (आरती के लिए)
  • सुपारी, पान के पत्ते, और लौंग-इलायची
  • कलावा (मौली) और गंगाजल
  • ताजे फूल (विशेषकर कमल या गेंदे के फूल) और तुलसी के पत्ते (भोग के लिए अत्यंत अनिवार्य)

पंचामृत और भोग सामग्री

पंचामृत : दूध, दही, देसी घी, शहद, और शक्कर (या बुरा) का मिश्रण

माखन और मिस्री : श्रीकृष्ण का सबसे प्रिय भोग

धनिया पंजीरी : भुने हुए धनिये के पाउडर, घी, चीनी और सूखे मेवों से बनी

मखाना और मेवे (पंचमेवा): काजू, बदाम, किशमिश, मखाना, और चिरौंजी

ताजे फल : केला, सेब, संतरा, और विशेष रूप से खीरा (डंठल और पत्ती वाला, जो जन्मोत्सव की प्रक्रिया के लिए आवश्यक है)

पूजा के बर्तन और अन्य वस्तुएं

  • पूजा की चौकी और लाल या पीला कपड़ा (चौकी पर बिछाने के लिए)
  • अर्घ्य और अभिषेक के लिए दक्षिणावर्ती शंख
  • छोटी घंटी और आरती की थाली
  • जल का कलश और आचमनी (तांबे या पीतल का छोटा लोटा)

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूजा मध्यरात्रि (रात 12 बजे) में की जाती है, क्योंकि भगवान श्री कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि को हुआ था। सरल और प्रामाणिक पूजा विधि:

  • सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और हाथ में जल, अक्षत व फूल लेकर व्रत का संकल्प लें।
  • दिनभर सात्विक रहें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ या ‘हरे कृष्णा’ मंत्र का जाप करते रहें।
  • शाम को पूजा के स्थान को साफ करें और उत्तर या पूर्व दिशा में एक चौकी स्थापित करें।
  • चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर बाल गोपाल (लड्डू गोपाल) का झूला या प्रतिमा स्थापित करें।
  • चौकी के पास जल से भरा कलश रखें और दीपक व धूप जलाएं।
  • रात 12 बजे खीरे को सिक्के या डंठल से काटकर बाल गोपाल का प्रतीकात्मक जन्म कराएं।
  • इसके बाद शंख में गंगाजल और पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) भरकर लड्डू गोपाल का अभिषेक करें।
  • अभिषेक के बाद उन्हें शुद्ध जल से स्नान कराकर साफ कपड़े से पोंछें।
  • बाल गोपाल को सुंदर पोशाक, मुकुट, बांसुरी, वैजयंती माला और मोरपंख से सजाएं।
  • उन्हें रोली और चंदन का तिलक लगाएं और अक्षत अर्पित करें।
  • इसके बाद उन्हें प्यार से झूले में बैठाएं और झूला झुलाएं।
  • बाल गोपाल को उनका सबसे प्रिय भोग माखन-मिस्री और धनिया पंजीरी अर्पित करें।
  • पंचामृत, पंचमेवा, फल और मिठाइयों का भोग लगाएं।
  • सभी भोग सामग्रियों में तुलसी का पत्ता अवश्य रखें, क्योंकि इसके बिना श्री कृष्ण भोग स्वीकार नहीं करते।
  • धूप-दीप जलाकर ‘जय देव जय देव जय श्री कृष्णा’ या ‘कुंजबिहारी जी की आरती’ गाएं।
  • आरती के बाद हाथ जोड़कर जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगें।
  • अंत में सभी सदस्यों में प्रसाद बांटें और अपना व्रत (धनिया पंजीरी व पंचामृत से) खोलें।

Janmashtami 2026 Vrat: 4 सितंबर को आप भी रखेंगे जन्माष्टमी का व्रत, पहले जान लें किन लोगों को नहीं रखना चाहिए उपवास

Janmashtami 2026 Vrat: 4 सितंबर को आप भी रखेंगे जन्माष्टमी का व्रत, पहले जान लें किन लोगों को नहीं रखना चाहिए उपवास

Janmashtami 2026 Vrat: हिंदू धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व विशेष स्थान रखता है। यह पर्व हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान विष्णु ने इसी दिन माता देवकी और वासुदेव के आठवें पुत्र श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल यह पर्व 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस साल भगवान कृष्ण की 5253वीं जयंती मनाई जाएगी।

इस दिन देश-दुनिया के कृष्ण मंदिरों में सुबह से ही कृष्ण जन्मात्सव की तैयारियां की जाती हैं। विशेष कार्यक्रम और सजावट होती है। बहुत से श्रद्धालु इस दिन उपवास भी करते हैं, अपने घरों में भगवान कृष्ण की लीलाओं की झांकी सजाते हैं और मध्यरात्रि में उनका जन्मोत्सव मनाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को विधिपूर्वक करने से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। शास्त्रों में इस व्रत को करने के नियमों के बारे में बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि कुछ लोगों को जन्माष्टमी का व्रत करने से बचना चाहिए।

इन्हें नहीं करना चाहिए जन्माष्टमी व्रत

  1. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को भी जन्माष्टमी का व्रत न करने की सलाह दी जाती है। अगर कोई गर्भवती महिला इस व्रत को करती है, तो यह उसकी सेहत और शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप केवल भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर सकती हैं।
  2. जो लोग किसी गंभीर बीमारी का सामना कर रहे हैं, तो उन लोगों को भी जन्माष्टमी का व्रत नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में अगर आप जन्माष्टमी का व्रत करते हैं, तो इससे आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है, जिसकी वजह से आपको भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
  3. जन्माष्टमी का व्रत बड़े-बुजुर्गों को नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनकी शारीरिक स्थिति कमजोर हो सकती है। ऐसी स्थिति में व्रत करने से सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

जन्माष्टमी व्रत के नियम

इस व्रत के दिन काले रंग के कपड़े न पहनें। ऐसा माना जाता है कि काले रंग के कपड़े धारण करने से नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती है, जिसका बुरा प्रभाव पड़ता है।

पूजा के समय लड्डू गोपाल का अभिषेक करने के बाद देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें और माखन-मिश्री, धनिए की पंजीरी आदि चीजों का भोग लगाएं। साथ ही भोग में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें। ऐसा माना जाता है कि लड्डू गोपाल के भोग में तुलसी के पत्ते शामिल करने से प्रभु प्रसन्न होकर भोग को स्वीकार करते हैं।

जन्माष्टमी व्रत के दौरान गेहूं, चावल और दाल का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। साथ ही तामसिक चीजों को भी नहीं खाना चाहिए।

इसके अलावा व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य से जुड़े नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। साथ ही क्रोध, झूठ और विवाद से दूरी बनाकर रखें।

Hal Shashthi 2026 Date: 3 शुभ योग में होगी हल षष्ठि, जानें तारीख, मुहूर्त, राहुकाल और भद्रा का समय

Bihar ASHA Worker Bharti 2026: बिहार में 21000 आशा कार्यकर्ता भर्ती का नोटिफिकेशन जल्द, स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को दिया निर्देश

Bihar ASHA Worker Bharti 2026: बिहार राज्य के सभी जिलों में जल्द ही आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो सकती है। स्थानीय खबरों के अनुसार, राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिया है। इसके बाद से समझा जा रहा है कि राज्य में आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती का नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जा सकता है। इसके तहत राज्य में 21000 आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती होगी। इनमें 14 हजार 409 आशा कार्यकर्ताओं की ग्रामीण और 7289 की शहरी क्षेत्रों के लिए भर्ती होगी।

राज्य में आशा कार्यकर्ताओं के साथ 1104 आशा फैसेलिटेटर की भर्ती होनी है। इस भर्ती प्रक्रिया भी काफी समय से नहीं हुई है। पूरे बिहार में अभी 98 हजार 598 आशा कार्यकर्ता काम कर रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती के संबंध में जिलों को भेजे पत्र में राज्य स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती की प्रक्रिया काफी धीमी है। लाइव हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक विभाग ने दो महीने के अंदर सभी जिलों को आशा कार्यकर्ताओं की बहाली का निर्देश दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगी। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार, आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती की आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन मोड में होगी।

1104 आशा पर्यवेक्षक की भी होगी भर्ती

आशा कार्यकर्ताओं के साथ आशा फैसेलिटेटर (पर्यवेक्षक) की भी बहाली होगी। इसके लिए रिक्तयां जारी कर दी गई हैं। राज्य में 1104 आशा फैसेलिटेटर की बहाली होनी है। आशा फैसेलिटेटर आशा कार्यकर्ताओं के कामकाज की मॉनिटरिंग कर उसकी रिपोर्ट तैयार करती हैं। राज्य के सभी जिले में आशा कार्यकर्ताओं के साथ आशा फैसेलिटेटर की भी बहाली कई महीनों से नहीं हुई है।

यहां अब शहरी कही जाएंगी पर्यवेक्षक

नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम में बदलने वाले क्षेत्रों में अब शहरी क्षेत्र के हिसाब से आशा फैसेलिटेटर (पर्यवेक्षक) की नियुक्ति की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया कि जो ग्रामीण क्षेत्र नगर पंचायत, नगर निगम और नगर परिषद में बदल गए हैं, वहां पहले से काम करने वाली आशा फैसेलिटेटर अब शहरी आशा फैसेलिटेटर कही जाएंगी।

आशा कार्यकर्ता भर्ती 2026 के लिए जरूरी डॉक्युमेंट

बिहार आशा कार्यकर्ता भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने की इच्छुक उम्मीदवारों को नीचे दिए गए सभी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। आइए जानें

आधार कार्ड

शिक्षा से संबंधित दस्तावेज

जाति प्रमाण पत्र

निवास प्रमाण पत्र

मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि महिला विधवा हो)

बैंक खाते की पासबुक

पासपोर्ट साइज फोटो

ई मेल आईडी

मोबाइल नंबर

बिहार आशा कार्यकर्ता भर्ती 2026 आवेदन का तरीका

बिहार आशा कार्यकर्ता भर्ती 2026 के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को ऑफलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए वे अपने गांव की ग्राम पंचायत/ वॉर्ड पार्षद के पास जाकर आवेदन पत्र को प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद आवेदन पत्र मांगी जाने वाली से सभी जानकारी को भरनी होगी और सभी जरूरी दस्तावेजों की प्रति लगानी होगी। अंत में आपको अपने आवेदन पत्र को ग्राम पंचायत के मुखिया या वॉर्ड पार्षद के पास जमा करके स्लिप को प्राप्त कर लेना होगा।

SBI PO Prelims Result 2026: एसबीआई पीओ प्री परीक्षा का रिजल्ट जारी, 12 सितंबर को मेन्स परीक्षा में शामिल होंगे सफल उम्मीदवार

Janmashtami Kab Hai 2026: 4 सितंबर को वज्र योग में मनाया जाएगा भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव, जानें शुभ मुहूर्त और रोहिणी नक्षत्र का समय

Janmashtami Kab Hai 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहार है। यह पर्व भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश और दुनिया में अपार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद (भादों) माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आधी रात रोहिणी नक्षत्र में मथुरा के कारागार में हुआ था।

भगवान विष्णु ने माता देवकी और वासुदेव के पुत्र के रूप में धर्म की स्थापना, अधर्म का नाश और अत्याचारी राजा कंस के पापों से पृथ्वी को मुक्ति दिलाने के लिए लिया था। श्री कृष्ण के देवकी और वसुदेव पुत्र थे, लेकिन उनका लालन-पालन गोकुल में यशोदा माता और नंदबाबा ने किया। इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को है या फिर 5 सितंबर को? इस पर कन्फ्यूजन दूर करने के लिए पंचांग से जानते हैं जन्माष्टमी की सही तारीख और मुहूर्त के बारे में।

जन्माष्टमी की सही तारीख 2026

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल 4 सितंबर को 2:25 एएम पर भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि शुरू हो रही है, जो 5 सितंबर को 12:13 एएम तक विद्यमान रहेगी। उदयातिथि के आधार जन्माष्टमी की तिथि 4 सितंबर को पूरे दिन है। वहीं रोहिणी नक्षत्र में रात 11 बजकर 04 मिनट तक है।

पूरे दिन रोहिणी नक्षत्र

4 सितंबर को रोहिणी नक्षत्र पूरे दिन है। यह में 4 सितंबर को मध्यरात्रि 00:29 पर आरंभ होगा और सितम्बर 04 को रात 11 बजकर 04 मिनट तक व्याप्त रहेगा।

जन्माष्टमी पर राहुकाल का ध्यान रखें

जन्माष्टमी के दिन राहुकल सुबह में 10 बजकर 45 मिनट पर प्रारंभ होगा और दोपहर में 12 बजकर 20 मिनट पर खत्म होगा।

वज्र योग और मृगशिरा नक्षत्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 

4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के समय मृगशिरा नक्षत्र और वज्र योग होगा। भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन हर्षण योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 03:44 पी एम तक रहेगा। उसके बाद से वज्र योग प्रारंभ होगा, जो 5 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।

जन्माष्टमी मुहूर्त 2026

इस साल जन्माष्टमी का मुहूर्त रात में 11:57 बजे से लेकर देर रात 12:43 बजे तक है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होगा और उत्सव मनाया जाएगा।

जन्माष्टमी का ब्रह्म मुहूर्त 04:30 ए एम से 05:15 ए एम तक रहेगा। इस समय में स्नान करके व्रत का संकल्प कर लें। अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:55 बजे से लेकर दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा। अमृत काल रात में 08:03 पी एम से लेकर 09:33 पी एम तक है।

जन्माष्टमी व्रत का पारण

जन्माष्टमी व्रत का पारण रात 12:43 बजे के बाद कर सकते हैं। जिनके यहां उदयातिथि यानि सूर्योदय के बाद पारण होता है, वे 5 सितंबर को सूर्योदय बाद पारण करेंगे।

Bhadrapada Month 2026 Vrat Tyohar List: आज से शुरू हुआ भाद्रपद माह, जानें इसमें कब आएंगे जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी और विश्वकर्मा पूजा के पर्व

पंजाब के 3 लोग नेपाल की बाढ़ में लापता:इनमें जीजा-साले भी शामिल; परिवार से आखिरी बार वीडियो कॉल पर बात हुई थी

नेपाल में 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद अचानक आई बाढ़ में तरनतारन जिले के तीन लोग लापता हो गए हैं। इनमें गांव रत्तोके के रहने वाले शमशेर सिंह संधू और उनके दो रिश्तेदार शामिल हैं। शमशेर सिंह संधू नेपाल में एंड्रिट्ज कंपनी के त्रिशूल अपर पावर हाउस प्रोजेक्ट में क्रेन ऑपरेटर के तौर पर काम करते थे। उनके साथ ही उनका साला भुपिंदर सिंह और एक अन्य साले का बेटा रशपाल सिंह नेपाल में रह रहे थे। परिवार के अनुसार, नेपाल में आई बाढ़ के दौरान तीनों का संपर्क अचानक से टूट गया। परिवार के सदस्य गुरजंट सिंह के मुताबिक, शमशेर सिंह से 25 अगस्त को वॉट्सएप पर वीडियो कॉल के जरिए आखिरी बार बातचीत हुई थी। इसके बाद उनसे किसी भी तरह का संपर्क नहीं हो पाया। लगातार फोन और संपर्क की कोशिश के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। पंचायत ने डीसी से लगाई मदद की गुहार मामले को लेकर गांव की पंचायत भी सक्रिय हो गई है। गांव की सरपंच शोभा कुमारी ने पंचायत की ओर से तरनतारन के डिप्टी कमिश्नर को पत्र लिखकर मदद की मांग की है। पंचायत ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया जाए। पंचायत की मांग है कि नेपाल में चल रहे बचाव और राहत कार्यों के जरिए लापता लोगों की स्थिति का पता लगाया जाए और अगर वे किसी सुरक्षित स्थान पर हैं, तो उनके परिवार तक जल्द से जल्द जानकारी पहुंचाई जाए। मैप में देखिए कहां टूटा ग्लेशियर नेपाल में आई बाढ़ के बारे में जानिए… नेपाल और तिब्बत में इस आपदा से अब तक 633 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,500 लोग लापता हैं। इनमें 320 भारतीय भी शामिल हैं। वहीं, करीब 400 भारतीय अभी तिब्बत में फंसे हुए हैं। अब घटना के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का वीडियो सामने आया है। टूर गाइड के एक ग्रुप ने तिब्बत में एक ऊंची जगह से इसे कैमरे में रिकॉर्ड किया। वीडियो में नेपाल की सीमा के पास बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई दे रहे हैं। अचानक ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों का करीब 800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिरता नजर आता है। हिमस्खलन के बाद धूल और मलबा पूरे इलाके में फैल जाता है। वीडियो में नीचे की ओर बहता पानी और मलबा भी दिखाई दे रहा है। ग्रुप जब नीचे उतरा तो रास्ते बंद मिले। इसके बाद उन्हें पता चला कि ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद इलाके में आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। ग्लेशियर टूटने के तुरंत बाद का वीडियो 3 पॉइंट में जानिए नेपाल के हालात ************ ये खबर भी पढ़ें: पगड़ी पहने पंजाबी युवकों को होटल में नहीं मिली एंट्री: ऑस्ट्रिया में करवाया था बुक, बोले- पैसे भी रिफंड नहीं किए; प्रबंधन ने बताया ड्रेस कोड पंजाब के सिख युवकों को ऑस्ट्रिया के साल्जबर्ग शहर में स्थित कूल मामा होटल ने एंट्री नहीं दी। मोहाली में ट्रेडिंग फर्म चलाने वाले सिख युवक जसप्रीत ने दावा किया कि होटल मैनेजमेंट ने कहा कि पगड़ी वाले यहां नहीं रह सकते। उन्होंने 27 अगस्त को होटल की ऑनलाइन बुकिंग कराई थी।(पढ़ें पूरी खबर)

CM Yogi News: बेटियों के सपनों को पंख दे रही डबल इंजन सरकार, महिलाओं के रोजगार से लेकर मुफ्त बस यात्रा तक बड़े ऐलान

CM Yogi News: बेटियों के सपनों को पंख दे रही डबल इंजन सरकार, महिलाओं के रोजगार से लेकर मुफ्त बस यात्रा तक बड़े ऐलान

cm yogi

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रक्षाबंधन केवल रक्षा सूत्र बांधने का पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास, सम्मान, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यह पर्व परिवार और समाज के रिश्तों को मजबूत करने के साथ स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्पियों के आर्थिक स्वावलंबन से भी जुड़ा है। आज बेटियों ने जो राखियां मुझे बांधीं, उनमें से बहुत उन्होंने अपने हाथों से बनाई। प्रदेश में करीब 15 करोड़ राखियां बंध रही हैं। इनमें से प्रत्येक राखी के पीछे किसी कारीगर, हस्तशिल्पी, दुकानदार व बाजार की आर्थिक गतिविधि जुड़ी हुई है। राखी खरीदने पर पैसा कारीगर तक पहुंचता है और फिर बाजार में लौटकर विकास को गति देता है।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को 'बिटिया और बहना-यूपी का गहना' स्नेहबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि श्रद्धा और सम्मान से विश्वास पैदा होता है, विश्वास आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है और आत्मनिर्भर समाज ही विकास को तेज गति देता है। इसी सोच के साथ प्रदेश में मिशन शक्ति का संचालन बेटी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए किया जा रहा है। आज बेटियां भयमुक्त होकर स्कूल जा रही हैं और शिक्षा से लेकर रोजगार तक हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।

 

गरीब बेटियों के लिए बदली शिक्षा की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों का अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक दौरे के दौरान उन्होंने गरीब परिवार की कुछ बच्चियों को नंगे पैर और बिना यूनिफॉर्म स्कूल जाते देखा था। वहीं उनके भाइयों के पास जूते और यूनिफॉर्म थी। इस अनुभव के बाद उन्होंने बेटियों को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और सर्दियों में स्वेटर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। बाद में यह सुविधा सभी जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाई गई। आज प्रदेश में करीब 1.60 करोड़ बच्चों को हर वर्ष दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

 

प्रदेश के सभी विकासखंडों में विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में पहले आठवीं के बाद बड़ी संख्या में बेटियों की पढ़ाई छूट जाती थी। सरकार ने इन विद्यालयों को 12वीं तक विस्तार देने का निर्णय लिया है और प्रदेश के सभी 825 विकासखंडों में विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है। अटल आवासीय विद्यालयों में भी बेटियों की संख्या बढ़ाई गई है।

 

सैनिक स्कूल से लेकर रोजगार तक बेटियों को समान अवसर

सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ स्थित परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पांडे के नाम पर संचालित देश के पहले सैनिक स्कूल में वर्ष 2018 में बेटियों को प्रवेश देने की शुरुआत की गई। आज देश के सभी सैनिक स्कूलों में बेटियों के लिए प्रवेश का रास्ता खुल चुका है। सरकार का लक्ष्य बेटियों को ऐसा वातावरण देना है, जिसमें वे अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकें।

 

36 प्रतिशत से अधिक महिलाएं नौकरी व रोजगार से जुड़ी

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक राज्य में महिलाओं की रोजगार में भागीदारी बेहद कम रही। आजादी के बाद करीब 75 वर्षों तक केवल 12 प्रतिशत महिलाएं नौकरी या रोजगार से जुड़ी थीं, लेकिन अब यह आंकड़ा 36 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। कामकाजी महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए बड़े शहरों में निःशुल्क छात्रावासों के निर्माण की पहल भी आगे बढ़ाई जा रही है। आज बेटियां नाइट शिफ्ट में काम करने को लेकर भी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। यह बदलते उत्तर प्रदेश और महिला सशक्तीकरण की बड़ी तस्वीर है।

 

रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा

मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर 27, 28 और 29 अगस्त को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम और नगरीय बस सेवाओं में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है। कोई भी बेटी, बहन या माता अपने साथ एक सहयात्री के साथ इन तीन दिनों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकती है। इसके बाद 60 वर्ष से अधिक उम्र की हर माता को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा भी लागू कर दी गई है।

 

महिलाओं की भागीदारी केवल कानून का पालन करने तक सीमित नहीं

सीएम ने कहा कि अब जीवन का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां बेटियां आगे न बढ़ रही हों। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी केवल कानून का पालन करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे कानून बनाने वाली संस्थाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी पहले से है और आगे विधानसभा व लोकसभा में भी उनकी भूमिका बढ़ने की उम्मीद है।

 

पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार बेटियों के साथ खड़ी

मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन पर प्रदेश की सभी बेटियों, बहनों और माताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार पूरी मजबूती के साथ बेटियों के साथ खड़ी है। उन्होंने बेटियों से मेहनत और परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने तथा प्रदेश और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

नेपाल में फिर बाढ़ की संभावना, बिहार में आएगी तबाही?:गंगा और गंडक उफन रहीं, अबकी ग्लेशियर टूटा तो नियंत्रण में नहीं रहेंगे हालात

‘हालात काबू में हैं, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।’ नेपाल में तबाही के बाद CM सम्राट चौधरी के इस बयान ने बिहार के 21 जिलों के लोगों को फौरी तौर पर राहत तो दी है। लेकिन साथ ही आगे की चुनौती के लिए भी आगाह कर दिया है। नेपाल में क्या फिर तबाही आने वाली है, अगर आई तो बिहार का क्या होगा, गंगा-गंडक-कोसी में क्या चल रहा, समझेंगे; बूझे की नाही में…। क्या नेपाल में फिर से बाढ़ आने की संभावना है? वैज्ञानिकों ने आगे के खतरे से इनकार नहीं किया है। एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि घाटी की अस्थिर ढलानें और आंशिक रूप से ढहा हुआ ग्लेशियर आने वाले दिनों में मलबे के नए बहाव से दूसरी बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकता है। नेपाल के गृह मंत्री सूडान गुरुंग ने कहा कि ल्हेन्डे नदी अभी पूरी तरह से साफ नहीं हुई है। ‘इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) ने कहा कि बादलों के ढके होने के कारण क्षेत्र की उपग्रह से निगरानी करने में भी दिक्कत आई है। वहीं, काठमांडू यूनिवर्सिटी के जलवायु शोधकर्ता और प्रोफेसर रिजन भक्त कायस्थ ने कहा, ‘शुरुआत में चिंता थी कि ऊपर की ओर एक और बड़ी झील बन सकती है, लेकिन अभी तक ऐसी झील के अस्तित्व की पुष्टि करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं।’ कायस्थ ने कहा, ‘जोखिम अभी भी बना हुआ है। बढ़ता तापमान ग्लेशियरों के पिघलने, बर्फ और चट्टानों के टूटने तथा हिमालय में हिमस्खलन की संभावना को बढ़ाता है। लेकिन हम सटीक रूप से यह नहीं कह सकते कि अगली घटना कहां होगी।’ नेपाल में ग्लेशियर टूटेगा तो बिहार को खतरा क्यों बिहार से करीब 400 फीट की ऊंचाई (समुंद्र तल से) पर स्थित नेपाल की सभी नदियों का पानी घूम फिर कर बिहार ही आता है। इससे नदियों के 3 रूट से ऐसे समझिए… रूट-1ः नेपाल की नारायणी से चंपारण, सारण तबाह रूट-2ः नेपाल की सप्तकोशी से सहरसा-सुपौल का एरिया प्रभावित रूट-3ः UP के रास्ते भी बिहार में आता है नेपाल का पानी मतलब यह कि नेपाल के उत्तर में हादसा हो या पश्चिम में सारा पानी बिहार ही पहुंचेगा। ऐसे में नेपाल की नदियों की हलचल का बिहार पर ज्यादा असर पड़ता है। अब नीचे के मैप से समझिए…नदियों का रूट …दूसरा ग्लेशियर टूटा तो क्या बिहार में बिगड़ेंगे हालात? बिल्कुल। अभी ताजा हालात है कि नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को आई बाढ़ के बाद बिहार के गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। वाल्मीकिनगर बैराज से हर घंटे औसतन डेढ़ लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, गंडक में 3 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं, फ्लैश फ्लड आने की भी आशंका है। अब 2 कारणों से समझिए, कैसे बिगड़ सकते हैं हालात… 1. गंगा-गंडक उफान पर, पानी का बढ़ रहा दबाव बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के मुताबिक, 27 अगस्त की शाम 4 बजे तक गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक, पटना में गंगा, खगड़िया में बुढ़ी गंडक, सीवान के दरौली में घाघरा, कटिहार के कुरसेला में कोसी नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। नेपाल के पानी के कारण गंडक और गंगा में पानी का फ्लो बढ़ रहा है। खगड़िया में गंगा और बूढ़ी गंडक में पानी के कारण 20 पंचायतों में 50 हजार से ज्यादा घर पानी में डूब गए हैं। अगर नेपाल में दूसरा ग्लेशियर टूटा तो बिहार में हालात खराब हो जाएंगे। क्योंकि अभी ही नदियों में पानी काफी बढ़ गया है। आगे पानी आने पर तबाही ही मचेगी। CM सम्राट चौधरी ने 27 अगस्त को निरीक्षण करने के बाद कहा, ‘खतरा अभी टला नहीं है। भगवान की कृपा रही तो सब ठीक होगा।’ 2. अगले 5 दिन तक बिहार और नेपाल में बारिश का अलर्ट नेपाल और बिहार में अगले 5 दिन तक यानी 2 सितंबर तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज यानी 28 अगस्त को बिहार में तेज बारिश का अलर्ट है। वहीं, नेपाल में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। हालांकि, 29 अगस्त से 2 सितंबर तक नेपाल और बिहार में रुक-रुक कर धीमी बारिश की चेतावनी दी गई है। अगर मौसम विभाग का अनुमान सही साबित हुआ तो यह बिहार के गंडक, कोसी, गंगा के किनारे रहने वाले लोगों को खासा दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। …लेकिन राहत की 2 बातें पहली- बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के मुताबिक, नेपाल की सभी 22 नदियों का जलस्तर 27 अगस्त की शाम 5 बजे तक खतरे के निशान से नीचे हैं। खास बात है कि त्रिशूली यानी नारायणी और भोटेकोशी यानी सप्तकोशी नदी खतरे के निशान से क्रमशः 4 और 3 फीट नीचे बह रही है। मतलब अभी वहां नदियों में ज्यादा पानी नहीं है। अगर थोड़ी बारिश हुई भी तो नदियां उफान नहीं मारेंगी, बशर्ते ग्लेशियर या बादल न फट जाए। दूसरी- जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंडक बैराज का अपस्ट्रीम 353.770 फीट और डाउनस्ट्रीम 350.930 फीट है। जो तय मानक 362 फीट से करीब 8 फीट कम है। इसका मतलब हुआ कि अभी बैराज पर 8 फीट ज्यादा तक पानी स्टोर किया जा सकता है। अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम के पानी के स्तर में मामूली अंतर (2.84 फीट) बता रहा है कि बांध के गेट खुले हुए हैं और बांध पर ज्यादा दबाव नहीं है। मतलब पानी की गति सामान्य व नियंत्रित है।

CM योगी का सख्त निर्देश- विकास परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक्सप्रेसवे से डिजिटल लाइब्रेरी तक काम समय पर पूरा करें

CM योगी का सख्त निर्देश- विकास परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक्सप्रेसवे से डिजिटल लाइब्रेरी तक काम समय पर पूरा करें

Yogi adityanath

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में प्रदेश में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल परियोजनाओं की घोषणा और स्वीकृति तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक परियोजना को तय समय में जमीन पर उतारना और उसका वास्तविक लाभ जनता तक पहुंचाना है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण, निविदा, विभागीय समन्वय अथवा अन्य स्तर पर लंबित कार्यों का तत्काल समाधान किया जाए और जिन परियोजनाओं की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं है, उनकी नियमित समीक्षा कर जवाबदेही तय की जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में बेहतर कनेक्टिविटी की महत्वपूर्ण भूमिका है। एक्सप्रेसवे को केवल परिवहन परियोजना के रूप में नहीं, बल्कि उद्योग, निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाले कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए। बैठक में बताया गया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 6 अगस्त को निविदा प्रकाशित हो चुकी है और सितंबर में इसका चयन किया जाना है। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक 1,339.04 हेक्टेयर भूमि में 1,222.25 हेक्टेयर, यानी 91.28 प्रतिशत भूमि प्राप्त हो चुकी है। आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80.43 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 84.82 प्रतिशत और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 79.27 प्रतिशत भूमि प्राप्त हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने और परियोजनाओं को निर्धारित समय में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। 

 

मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे की प्लानिंग के संबंध में बैठक में बताया गया कि सत्यापन का कार्य पूरा हो चुका है और अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को भूमि संबंधी कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि इन महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो।
 

ग्रेटर नोएडा के मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए, जिससे उत्तर प्रदेश देश और दुनिया की सप्लाई चेन का मजबूत केंद्र बन सके। उन्नाव के एक्वा बिजनेस प्रोजेक्ट की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए। कानपुर के बिनगवां में 40 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से पनकी पावर प्लांट को उपचारित जल उपलब्ध कराने की परियोजना का कार्य पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी परियोजनाओं में संबंधित विभागों के इंजीनियरों की क्षमता निर्माण पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि परियोजनाओं की योजना, क्रियान्वयन और अनुरक्षण में गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। 

 

स्वास्थ्य संस्थानों, अस्पतालों और होटल-गेस्ट हाउस में अग्नि सुरक्षा की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने फायर एनओसी से संबंधित प्रभावी डिजिटल डेटाबेस तैयार करने तथा एनओसी की वैधता समाप्त होने से पहले नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए। 
 

लखनऊ में सीवर लाइन और मैनहोल के भीतर से गुजर रहे विद्युत एवं ओएफसी केबलों की स्थिति की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े बुनियादी ढांचे में सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए। जहां भी केबल सीवर लाइन अथवा मैनहोल से गुजर रहे हैं, उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार शिफ्ट किया जाए और कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यों में स्थानीय निकाय से एनओसी जरूर प्राप्त कर लें। 

 

विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां लाइन लॉस अत्यधिक हैं, वहां वास्तविक कारणों की पहचान कर ठोस कार्रवाई की जाए। बिजली चोरी, बिलिंग और वसूली की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए तथा अत्यधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में डिस्कॉम के जिम्मेदार अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए।
 

ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हें ग्रामीण विद्यार्थियों और युवाओं के लिए अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल ज्ञान के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि डिजिटल लाइब्रेरियों से जुड़े सभी आवश्यक कार्य 30 सितंबर तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। 

 

जीरो पावर्टी अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चिन्हित सभी परिवारों को आवास की सुविधा मिलनी चाहिए। जिन पात्र परिवारों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में नहीं है, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा पात्र परिवारों को राशन, आयुष्मान कार्ड, शौचालय, आवास और अन्य संबंधित योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा परिवार के कम से कम एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का प्रयास हो। बैठक में बताया गया कि 12.50 लाख चिन्हित परिवारों में नौ लाख परिवार आवास के लिए पात्र पाए गए हैं। इनमें 4.50 लाख लोगों का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में है, जबकि करीब पांच लाख परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाना है। 6.67 लाख परिवारों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं था। बीओसीडब्ल्यू में पंजीकृत परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाने की कार्रवाई आगे बढ़ी है। 

 

श्रमिकों के लिए संचालित लेबर अड्डों की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लेबर अड्डों का सर्वे कर वहां पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, स्नान, चिकित्सा और भोजन जैसी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। श्रमिकों के लेबर कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। प्रत्येक नगर निगम क्षेत्र में मेडिकल मोबाइल यूनिट, मोबाइल कैंटीन और आवश्यकतानुसार अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। चंदौली में निर्मित फिश मार्केट के संचालन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तैयार परिसंपत्तियों का तत्काल और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। 

 

गोरखपुर में निर्माणाधीन 30 हजार क्षमता वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने के साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए। बैठक में बताया गया कि निर्माण कार्य दिसंबर 2025 में शुरू हुआ है और इसे दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाना है। इसी तरह मेरठ के मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विभिन्न नीतियों के तहत देय वित्तीय प्रोत्साहनों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों को नीति के अनुरूप स्वीकृत वित्तीय प्रोत्साहन समय पर जारी किए जाएं। 

 

राजस्व विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत और पैमाइश से जुड़े मामलों का निस्तारण आम नागरिक के अधिकार और संपत्ति से सीधे जुड़ा विषय है। उन्होंने मामलों के निस्तारण में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रयागराज में निरस्त किए गए विरासत संबंधी आवेदनों की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि निरस्तीकरण की पूरी कार्रवाई मेरिट के आधार पर ही हुई हो और पात्र व्यक्ति किसी भी स्थिति में अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो। बैठक में बताया गया कि निर्विवाद विरासत के मामलों में सर्वाधिक 13,386 आवेदन प्रयागराज में निरस्त किए गए हैं। पैमाइश से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने और प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारियों की नियमित समीक्षा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि भूमि संबंधी विवाद अनावश्यक रूप से लंबित न रहें।

Ankit Balyan Shot Dead: मशहूर हरियाणवी गायक को जिम के बाहर मार दी गईं 15 गोलियां, कौन थे अंकित बालियान?

Ankit Balyan Shot Dead: मशहूर यूट्यूबर और हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की बुधवार (26 अगस्त) शाम उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक जिम के बाहर कुछ अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शामली के शहर कोतवाली इलाके में शाम को अंकित बालियान जब जिम से बाहर निकले, तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। इससे उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सिंगर पर करीब 15 से 18 राउंड फायरिंग की गई।

पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र प्रताप सिंह ने पत्रकारों को बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। फिर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें बनाई गई हैं। हत्या के पीछे की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस के मुताबिक, हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर आए और बालियान पर कई राउंड गोलियां चलाईं। इस दौरान उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

अंकित बालियान की हत्या कैसे हुई?

मौके पर मौजूद एक शख्स ने घटनाक्रम के बारे में बताया कि बालियान जिम में कसरत करने के बाद जैसे ही बाहर निकले उनपर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। चश्मदीद ने कहा, “अंकित एक्सरसाइज के बाद जिम से बाहर आए थे। फायरिंग शुरू होते ही हम बाहर भागे और उन्हें गोली लगने से घायल पाया।

अंकित पिछले एक साल से रोज इस जिम में आ रहे थे। वह शाम करीब 4 से 4:15 बजे के बीच जिम पहुंचे थे। कम से कम 10 से 15 राउंड फायरिंग हुई। हमने चार लोगों को भागते हुए देखा। आरोपी पैदल थे और उनके हाथों में पिस्तौल थी।” इस बयान से पता चलता है कि हमलावर हथियारों से लैस थे। गोलीबारी के तुरंत बाद वे मौके से भाग गए।

हत्या के पीछे की असल वजह अभी साफ नहीं है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने पर हत्या से जुड़ी परिस्थितियों का पता चल जाएगा। जांचकर्ता हमलावरों की पहचान करने और घटनाक्रम को समझने के लिए CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं। वे यह पता लगाने की भी कोशिश कर रहे हैं कि हमलावर कहां से आए थे। वे मौके तक कैसे पहुंचे और भागने के लिए उन्होंने किस रास्ते का इस्तेमाल किया।

अखिलेश का बीजेपी पर हमला

समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस वारदात को लेकर राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश का पूरा जाट समुदाय इसे खुद पर प्रहार मानकर आक्रोशित है। सपा प्रमुख ने बालियान की हत्या को बेहद निंदनीय बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति शून्य पर पहुंच गई है। उन्होंने हत्या की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के पहलू से भी जांच किए जाने की मांग की।

उन्होंने देर रात X पर कहा, “उप्र की कानून-व्यवस्था को शून्य करते हुए जिस प्रकार शामली में लोकप्रिय गायक अंकित बालियान की 18 राउंड गोलियां चलाकर बेरहमी से हत्या की गई है उससे पूरे क्षेत्र में भय व्याप्त हो गया है।”

यादव ने इसी पोस्ट में आगे कहा, ”मृतक की दुखी मां के द्वारा अपने बेटे के शव को गोद में रखकर सड़क पर ही शोकाकुल होने का समाचार हृदयविदारक है। जाट समाज ने हमलावारों की गिरफ्तारी को लेकर सड़क पर ही अपनी मांग बुलंद की है। उत्तर प्रदेश का समस्त जाट समुदाय इसे अपने ऊपर प्रहार मानकर आक्रोशित है।” उन्होंने कहा, ”इस हत्याकांड की जांच राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के दृष्टिकोण से भी किये जाने की मांग उठ रही है। बेहद निंदनीय!”

पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे बालियान?

यह अटकलें भी लगाई जा रही थीं कि अंकित बालियान आगामी पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, अधिकारियों या उनके सहयोगियों की ओर से तत्काल इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, और न ही यह स्पष्ट हो सका कि क्या यह उनकी हत्या की वजह हो सकती है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। उन्होंने कहा, “शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं।”

पुलिस के अनुसार, हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर आए और बालियान पर कई गोलियां चलाईं जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों की पहचान के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है।

कौन थे अंकित बालियान?

हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान के यूट्यूब चैनल के 3.66 लाख से अधिक सब्सक्राइबर थे। वह अपने वीडियो में विभिन्न सहयोगियों के साथ गायक और कलाकार के रूप में नजर आते थे। उनके कई वीडियो में बंदूक, हथियार और SUV का इस्तेमाल दिखाया गया था। संगीत के अलावा बालियान ने हरियाणवी पॉप वीडियो, पॉडकास्ट और जमीनी स्तर के व्लॉग के जरिए अपनी मजबूत डिजिटल मौजूदगी बनाई थी।

उनका कंटेंट अक्सर क्षेत्रीय गर्व, देसी पहचान, ग्रामीण जीवन और युवा संस्कृति पर केंद्रित होता था। उनके कई गानों में बंदूक संस्कृति, स्थानीय राजनीति और बहादुरी जैसे विषय शामिल थे। एक गायक और क्रिएटर के तौर पर बालियान ने मासूम शर्मा, राजू पंजाबी और आशु ट्विंकल जैसे हरियाणवी कलाकारों के साथ भी काम किया।

ये भी पढ़ें- Nepal-China Border Floods: नेपाल-चीन बॉर्डर पर अचानक आई बाढ़ में अब तक 160 लोगों की मौत, 133 भारतीय समेत 750 से अधिक लापता

बालियान ने राजनीतिक पॉडकास्ट और स्थानीय व्लॉगिंग में भी हाथ आजमाया। उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा के राजनेताओं और समुदाय के प्रमुख लोगों के इंटरव्यू लिए। उनके लोकप्रिय गानों में ‘भारी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’, ‘112 NE’, ‘गोली के बारूद’, ‘जाट जाटनी’, ‘अगला जनम जाट’, ‘संविधान’, ‘मोदी बरगा रुतबा’, ‘जाट धर्मेंद्र की तरिया’, ‘एक खटोला जेल के भीतर’, ‘वेट’, ‘सिस्टम’ और ‘राइफलें’ शामिल थे।

West Bengal SIR: ‘क्या हम नए चुनाव कराने का निर्देश दे सकते हैं?’; बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल

West Bengal SIR: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) मामले की सुनवाई के दौरान एक अहम कानूनी सवाल उठाए। शीर्ष अदालत ने पूछा कि क्या न्यायपालिका नए चुनाव का आदेश दे सकती है, जब ऐसे दावे किए जा रहे हों कि कई विधानसभा क्षेत्रों में हटाए गए वोटरों की संख्या जीत के अंतर (victory margin) से ज्यादा थी। न्यूज 18 के मुताबिक, चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सदस्य की ओर से सीनियर एडवोकेट कल्याण बंदोपाध्याय द्वारा दायर याचिका पर विचार-विमर्श किया।

TMC याचिकाकर्ता का पक्ष रखते हुए, सीनियर एडवोकेट कल्याण बंदोपाध्याय ने 31 विधानसभा क्षेत्रों का ब्योरा पेश किया। इन क्षेत्रों में जीतने वाले BJP उम्मीदवारों की जीत का अंतर, SIR प्रक्रिया के दौरान हटाए गए कुल वोटरों की संख्या से कम था। एक विधानसभा क्षेत्र (AC-145) में हार का अंतर सिर्फ 401 वोट था। जबकि 8,785 वोटर हटाए गए थे। एक और सीट पर SIR के तहत बहुत ज्यादा वोटर हटाए जाने के बावजूद उम्मीदवार 316 वोटों से हार गया।

नतीजों पर असर

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि इतने बड़े पैमाने पर वोटर हटाने से चुनाव के नतीजों पर असर पड़ा। हजारों वैध नागरिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया। सार्वजनिक डेटा की कमी: TMC के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि विधानसभा-वार अपील डेटा का हिसाब लगाना मुश्किल है क्योंकि भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने ये आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

इन दलीलों के जवाब में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत ने मौखिक रूप से टिप्पणी की, “आप इस पर याचिका दायर कर सकते हैं, लेकिन क्या कोर्ट इस तरह नए चुनाव का आदेश दे सकता है?” चीफ जस्टिस ने पूछा कि क्या प्रभावित उम्मीदवारों ने उन 31 विधानसभा क्षेत्रों में जीते हुए उम्मीदवारों को चुनौती देने के लिए औपचारिक चुनाव याचिकाएं दायर की थीं। इस पर वकील ने जवाब दिया कि कुछ सीटों पर चुनाव याचिकाएं दायर की गई थीं, लेकिन सभी पर नहीं। इस पर जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने इस बात पर जोर दिया कि यह पता लगाना जरूरी है कि वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के बाद कितने लोगों ने असल में अपील दायर की थी।

देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा कि अगर नाम हटाए जाने वाले किसी वोटर ने अपील दायर किए बिना इसे स्वीकार कर लिया, तो उनकी ओर से नतीजों को चुनौती देना केवल सैद्धांतिक बात रह जाती है। हालांकि, अगर 100 लोगों के नाम हटाए गए, जीत का अंतर 50 था। हटाए गए वोटरों में से 60 या 70 ने अपील दायर की जो अभी भी लंबित है, तो नाम हटाने की इस प्रक्रिया को चुनौती देना एक अहम और बहुत जरूरी मामला बन जाता है।

लंबित अपील का आंकड़ा मांगा

इससे एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चुनाव आयोग (ECI) को पश्चिम बंगाल में SIR के बाद मतदाता सूची से नाम हटाए जाने या नाम शामिल किए जाने को चुनौती देने वाली विभिन्न अपील पर अधिकारियों द्वारा निपटाए गए मामलों और लंबित मामलों का आंकड़ा पेश करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि इन मामलों का समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाना जरूरी है। पीठ ने निर्वाचन आयोग से यह बताने को कहा कि लंबित अपील के निपटारे की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि लोगों को यह जानकारी नहीं मिल रही है कि न्यायाधिकरणों के समक्ष कितनी अपील लंबित हैं या कितनी अपील का निपटारा हो चुका है, क्योंकि यह जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। बनर्जी ने कहा कि नगर निकाय और पंचायत चुनाव होने वाले हैं। इस सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह मामले को केवल 31 विधानसभा क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखेगा।

ये भी पढ़ें- Nepal Flood Video: नेपाल में अचानक आई बाढ़ में 291 विदेशी लापता, 105 भारतीय पर्यटक भी सैलाब में गायब

24 अप्रैल को शीर्ष अदालत ने अपीलीय न्यायाधिकरणों को निर्देश दिया था कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ तत्काल सुनवाई की जरूरत साबित करने वाले मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की जाए। करीब 60 लाख दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए पश्चिम बंगाल एवं पड़ोसी राज्यों ओडिशा और झारखंड के करीब 700 न्यायिक अधिकारियों को तैनात किया गया था।