Flood News: बिहार के 13 जिलों में खतरे के निशान को पार कर गईं गंगा! कोसी नदी भी उफान पर, अलर्ट मोड में NDRF-SDRF

Flood News: बिहार में शुक्रवार को भी हाई अलर्ट जारी रहा क्योंकि नेपाल और पड़ोसी राज्य झारखंड में हुई भारी बारिश के बाद गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और बचाव, राहत और तटबंधों की सुरक्षा के इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है।

जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं, पटना में दीघा घाट, गांधी घाट, हथिदह और मनेर के अलावा बक्सर, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

खतरे के निशान पर गंगा नदी

गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 1 सितंबर की सुबह 49.40 मीटर था, जो 2 सितंबर की शाम बढ़कर 49.98 मीटर और 3 सितंबर की सुबह 50.18 मीटर हो गया। गुरुवार दोपहर तक जलस्तर 50.25 मीटर पहुंच गया था, जो खतरे के निशान से करीब 1.65 मीटर ऊपर है। विभाग ने अनुमान जताया था कि गुरुवार रात गांधी घाट पर गंगा का पानी सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर (HFL) को पार कर सकता है। वहीं, मोकामा के हथिदह में शुक्रवार दोपहर तक यह स्तर पार होने की आशंका जताई गई थी।

News 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ जैसे हालात ने पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कटिहार के निचले इलाकों को प्रभावित किया है। इसके अलावा, आठ जिलों – भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद – को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को चेतावनी देने का निर्देश दिया गया है।

मुंगेर में, गंगा का जलस्तर 39.33 मीटर के चेतावनी स्तर को पार करते हुए 39.36 मीटर (खतरे का निशान) तक पहुंच गया, जिससे सात पंचायतें जलमग्न हो गईं और घरों में पानी घुस गया। News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, समस्तीपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 1.95 मीटर ऊपर पहुंचने के बाद 15 पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया।

अरवल में पुनपुन नदी के बढ़ने से 30 गांव डूबे

अरवल में भी हालात गंभीर बताए गए, जहां पुनपुन नदी के पानी से कुर्था और बंसी ब्लॉक के लगभग 30 गांव डूब गए, जिससे सड़क संपर्क टूट गया और बंसी पुलिस स्टेशन में भी पानी भर गया। सारण में सोनपुर, छपरा सदर, दिघा और रेवेलगंज को संवेदनशील इलाकों के तौर पर चिह्नित किया गया।

अमर उजाला के अनुसार, बेगूसराय के मटिहानी ब्लॉक में बाढ़ का पानी 17 सरकारी स्कूलों तक पहुंच गया, जबकि गया के मानपुर ब्लॉक में पेमार नदी के पानी ने अमरी और बरसाना गांवों तक जाने वाली सड़क को डुबो दिया।

प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर और मेडिकल की सुविधाएं की गई

वहीं, अधिकारियों ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर, मेडिकल सुविधाएं, पीने का पानी, भोजन और दूसरी जरूरी चीजों की व्यवस्था की है। बचाव कार्य के लिए SDRF और NDRF की टीमें, गोताखोर और नावें तैनात की गई हैं। विस्थापित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई भी शुरू की जा रही हैं।

सोनपुर में 25 नावें चल रही हैं। इसके अलावा वहां 1,000 पॉलीथिन शीट भेजी गई हैं, जबकि 500 पॉलीथिन शीट दीघा भेजी गई हैं।

पटना में 108 जगहों को सील किया गया

पटना में, शहर की सुरक्षा दीवार के पास 108 जगहों को सील किया गया, 13 स्लुइस-गेट के लीकेज को ठीक किया गया और पंपिंग स्टेशनों को तैयार रखा गया। पुनपुन नदी पर बना एक रिंग तटबंध भी टूट गया, जिससे मुख्य बांध को खतरा पैदा हो गया।

आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को सलाह दी कि वे नदियों, घाटों, तटबंधों और पानी से भरे इलाकों में बेवजह न जाएं। साथ ही, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को ऐसी जगहों से दूर रखने की अपील की। ​​विभाग ने नदियों के पास तैरने, बेवजह नाव की सवारी करने और सेल्फी लेने के खिलाफ भी चेतावनी दी।

तेजस्वी यादव ने  NDA सरकार पर साधा निशाना

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर बाढ़ से निपटने की अपर्याप्त तैयारी और राहत कार्यों में कमी का आरोप लगाया और कहा कि 15 से ज्यादा जिले प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कटाव और बाढ़ से मक्का और सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गईं, जबकि बिजली कटौती, पीने के पानी की कमी और कनेक्टिविटी बाधित होने से ग्रामीणों को जरूरी चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने दियारा इलाकों को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की भी मांग की।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा से लौटने के बाद चौधरी के साथ हालात का जायजा लिया और केंद्र व बिहार सरकार “युद्ध स्तर पर” काम कर रही हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में और बारिश व गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है। इससे नदियों का जलस्तर और बढ़ने की चिंता बढ़ गई है। बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, गुरुवार को देश के करीब 20 राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान को लेकर चेतावनी जारी की गई थी।

यह भी पढ़ें: Viral Video: मानसिक रूप से बीमार महिला के साथ गलत हरकत करने पहुंचा था शख्स फिर स्ट्रीट डॉग्स ने उसे खदेड़ा!

Janmashtami 2026 Tulsi Upay: आज कान्हा के जन्मोत्सव पर तुलसी के कुछ उपाय चमका सकते हैं आपकी किस्मत, मां लक्ष्मी होगी कृपा

Janmashtami 2026 Tulsi Upay: हमारे देश में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह दिन धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से जितना महत्वूर्ण है उतना ही ज्योतिषीय दृष्टि से भी अहम है। माना जाता है इस दिन तुलसी से जुड़े कुछ उपाय करने से किस्मत के दरवाजे खुल सकते हैं और मां लक्ष्मी की कृपा से जीवन से कंगाली दूर हो सकती है।

कान्हा को तुलसीदल अत्यंत प्रिय है और उनके बिना लड्डू गोपाल का कोई भी भोग अधूरा माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के बिना कान्हा की पूजा अधूरी मानी जाती है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन तुलसी से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने से घर में सुख, समृद्धि और मां लक्ष्मी व भगवान विष्णु का आशीर्वाद बना रहता है। वहीं, इस दिन तुलसी से जुड़ी कुछ भूल करने से बचना भी आवश्यक है।

जन्माष्टमी पर तुलसी को लाल चुनरी ओढ़ाएं : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन तुलसी जी को नई लाल चुनरी ओढ़ाने और उनके तने में कलावा बांधने से मनोकामना पूरी होती है और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

श्रीकृष्ण के भोग में तुलसी अर्पित करें : जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को पंजीरी, माखन-मिश्री या पंचामृत का भोग लगाते समय उसमें तुलसी का पत्ता अवश्य रखें। मान्यता है कि तुलसी के बिना श्रीकृष्ण भोग स्वीकार नहीं करते।

तुलसी की मंजरी का उपाय : यदि तुलसी के पौधे पर मंजरी आई हुई है, तो जन्माष्टमी के दिन थोड़ी सी मंजरी तोड़कर भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अर्पित करें। ऐसा करने से धन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।

वैवाहिक जीवन में मधुरता के लिए : यदि पति-पत्नी के बीच तनाव रहता है, तो जन्माष्टमी के दिन तुलसी के पौधे के पास बैठकर राधा-कृष्ण का ध्यान करें और तुलसी जी को सुहाग की सामग्री अर्पित करें।

तुलसी की परिक्रमा और दीपक : जन्माष्टमी की शाम को तुलसी के पौधे के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं और ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते हुए तुलसी जी की 11 या 21 बार परिक्रमा करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-शांति आती है।

इन गलतियों से बचना भी है जरूरी

  • जन्माष्टमी या किसी भी बड़े पर्व/रविवार/एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित माना गया है। पूजा या भोग के लिए तुलसी एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें या स्वयं गिरे हुए पत्तों का उपयोग करें।
  • बिना स्नान किए या अशुद्ध वस्त्र पहनकर तुलसी के पौधे को स्पर्श न करें।
  • तुलसी के पत्ते कभी बासी नहीं माने जाते, फिर भी ध्यान रखें कि पत्ता खंडित न हो।
  • जहां तुलसी का पौधा लगा हो, वहां जूते-चप्पल, झाड़ू या कूड़ा न रखें। जन्माष्टमी के दिन तुलसी के आसपास की जगह को अच्छी तरह साफ रखें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Krishna Janmotsav 2026: आज आधी रात में पधारेंगे मुरलीधर श्याम, जानें आज निशिता काल पूजा विधि, महत्व और पारण का सही समय

Krishna Janmotsav 2026: आज आधी रात में पधारेंगे मुरलीधर श्याम, जानें आज निशिता काल पूजा विधि, महत्व और पारण का सही समय

Krishna Janmotsav 2026: आज भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है और आज के दिन ही द्वापर युग में देवकी और वासुदेव के आठवें पुत्र श्रीकृष्ण के रूप में भगवान विष्णु ने अवतार लिया था। इसलिए हर साल इस दिन भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन मध्यरात्रि में भक्त वत्सल मनमोहन श्याम अपने लाखों करोड़ों भक्तों के बीच जन्म लेते हैं। निशिता काल में जब यह पल आता है, तब शंख और घंटों की आवाज और कृष्ण कन्हैया लाल की जय के साथ भगवान के अवतरण का उत्सव मनाया जाता है।

इस साल 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण का 5253वीं जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। बहुत से भक्त आज के दिन व्रत करते हैं, घर और मंदिर में भगवान कृष्ण के जन्म और लीलाओं की झाकियां सजाते हैं। आइए कृष्ण जन्माष्टमी पर जानते हैं तिथि, समय, महत्व, पूजा विधि, नियम, व्रत के प्रकार और पारण का समय।

जन्माष्टमी 2026: मध्यरात्रि निशिता काल पूजा विधि

  • भगवान कृष्ण की मूर्ति को धोकर साफ चौकी पर एक नया या साफ कपड़ा बिछाएं।
  • इसके बाद फलों, मोर पंख, तुलसी के पत्तों और पालकी को सजाएं।
  • भगवान कृष्ण की लड्डू गोपाल मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराएं। इसके बाद साफ जल और आखिर में गंगाजल की कुछ बूंदें डालें।
  • मूर्ति को साफ कपड़े से सुखाएं, इसके बाद नए कपड़े पहनाएं, आभूषण लगाएं, मुकुट में मोर पंख और हाथ में बांसुरी दें। चंदन और रोली का तिलक और अक्षत लगाएं।
  • इसके बाद भगवान कृष्ण को पंजीरी, तुलसी पत्ते, फल-फूल, माखन-मिश्री और पंचमेवा का भोग अर्पित करें।
  • इसके बाद भगवान कृष्ण को पालने में बिठाएं और ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल’ की गीत गाते हुए धीरे से झुलाएं।
  • इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा मंत्र ‘ऊं’ नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप करें। संभव हो तो कृष्ण अष्टकम का जाप करें।
  • भगवान कृष्ण की जन्म घोषणा करने के लिए शंख बजाएं फिर घी के दीये और कपूर से आरती करें। प्रसाद और चरणामृत सभी में बांटें।
  • पारण व्रत से जुड़े नियम

कई भक्त जाने-अनजाने में आधी रात की आरती के फौरन बाद ही व्रत तोड़ देते हैं। जबकि जन्माष्टमी व्रत का पारणा अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र दोनों के समाप्त होने के बाद ही किया जाता है।

अष्टमी तिथि 5 सितंबर को सुबह 11 बजकर 23 मिनट तक रहेगा, इसलिए सही मायने में पारण शनिवार की सुबह ही करनी चाहिए।

जन्माष्टमी पूजा सामग्री

दूध, दही, शुद्ध देसी घी, शहद, चीनी, तिलक के लिए रोली और चंदन पाउडर, अक्षत (साबुत चावल) मौली या कलावा, अभिषेक करने के लिए तांबे का लोटा, शंख, आरती के लिए भीमसेनी कपूर और सूती बत्तियां, भोग के लिए पंचमेवा, माखन-मिश्री और धनिया पंजीरी आरती की थाली, घी का दीया, अगरबत्ती, तुलसी पत्ता, मोर पंख, बांसुरी, मूर्ति के लिए वस्त्र।

Krishna Janmashtami 2026: क्यों आधी रात को हुआ था श्रीकृष्ण का जन्म, जानें उनके जन्म समय के पीछे छिपा पूरा रहस्य

Mirzapur The Movie X Review: पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु ने जीता फैंस का दिल, रवि किशन के मुरीद हुए दर्शक

Mirzapur The Movie X Review: कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया अपना खास जलवा दिखाने के लिए वापस आ गए हैं! इस बार बड़े पर्दे पर! लंबे इंतजार के बाद, ‘मिर्जापुर द मूवी’ आखिरकार आज (4 सितंबर) सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु जैसे मशहूर कलाकार अमेजन प्राइम वीडियो की सुपरहिट वेब सीरीज वाले अपने किरदारों में ही नजर आ रहे हैं। गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी यह एक्शन-थ्रिलर फिल्म फैन्स को काफी पसंद आ रही है। लोग इसके जबरदस्त पलों और मिर्जापुर के उस पुराने क्रेज की वापसी की तारीफ कर रहे हैं।

सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘मिर्जापुर द मूवी’

पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु की वापसी के साथ, ‘मिर्जापुर: द मूवी’ कहानी को अपने खास अंदाज में आगे बढ़ाती है। रवि किशन भी इस फिल्म की कास्ट में शामिल हुए हैं, जबकि जितेंद्र कुमार, श्वेता त्रिपाठी, रसिका दुगल, हर्षिता गौर और अन्य कलाकार शो वाले अपने किरदारों में ही वापस आए हैं।

Screenshot 2026-09-04 125538

भारत में पहली बार एक लोकप्रिय शो को फीचर फिल्म में बदला गया है ताकि फैन्स को बड़े पर्दे का वह अनुभव मिल सके जिसका वे बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। जबरदस्त चर्चा और शानदार एडवांस बुकिंग के बीच यह फिल्म आखिरकार आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ के रिव्यू आ गए हैं और शुरुआती रिएक्शन से पता चलता है कि फैन्स फिल्म से काफी प्रभावित हैं।

एक यूजर ने ट्वीट किया, “कहानी के अच्छे सेटअप के साथ पहला हाफ ठीक-ठाक है। एक अच्छी बात यह है कि हर किरदार को डेवलप होने में समय दिया गया है। इंटरवल से पहले का हिस्सा इतना अच्छा था कि आप अच्छी उम्मीदों के साथ दूसरे हाफ की ओर बढ़ते हैं।”

एक और रिव्यू में कहा गया- “#मिर्जापुर इस रॉ और जबरदस्त फ्रैंचाइजी को बड़े पैमाने पर मनोरंजन करने वाली एक बड़ी फिल्म में बदल देती है। कालीन_भैया और मुन्ना_भैया का एक साथ सबसे बेरहम और दमदार परफॉर्मेंस दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ेगा।”

एक पोस्ट में लिखा था, “मनोरंजन के मामले में ‘मिर्जापुर द मूवी’ कहीं भी पीछे नहीं रहती। पंकज त्रिपाठी का जलवा और बब्बुवा यादव के तौर पर रवि किशन की एंट्री कहानी में तुरंत नई जान डाल देती है, जिससे कहानी को जरूरी पंच और एनर्जी मिलती है।”

बंगाल में खुलेंगे RSS के 1000 नए स्कूल, शिक्षा विभागों का होगा विलय; जानें बड़ा ऐलान

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक योजना के बारे में जानकारी दी है। इसके तहत अगले एक साल में हर जिले, नगर पालिका और पंचायत में RSS से जुड़ी संस्था विद्या भारती के कम से कम 1,000 स्कूल खोलने का लक्ष्य है। इसके अलावा राज्य के चार शिक्षा विभागों को मिलाकर एक विभाग बनाने की भी बात कही गई है। इस योजना के तहत मदरसा शिक्षा के लिए अलग विभाग नहीं होगा। सीएम ने विद्या भारती की 74वीं वर्षगांठ के मौके पर रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर में आयोजित कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी है। वहीं इस कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी ने संस्था की भूमिका को लेकर अपनी बात रखी।

सीएम ने इन जगहों पर स्कूलों खोलने की कही बात

उन्होंने विद्या भारती से बच्चों को देश और समाज से जुड़ी शिक्षा देने की दिशा में काम करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों को सचिवालय बुलाकर सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक करने और इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने संस्था से मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना में स्कूलों की संख्या बढ़ाने पर खास ध्यान देने को कहा। उन्होंने इन इलाकों में ज़्यादा एंटी-नेशनल एक्टिविटीज होने का दावा भी किया। अधिकारी ने पिछली टीएमसी सरकार पर शिक्षा का माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विद्या भारती जैसी संस्थाओं को राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करनी चाहिए।

टीएमसी पर लगाए ये आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली टीएमसी सरकार के दौरान शिक्षा का माहौल खराब हो गया था। उन्होंने टीएमसी पर लोगों को बांटने के लिए बंगाली पाठ्यक्रम में बदलाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में ‘मां’ की जगह ‘अम्मा’ शब्द का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि पाठ्यक्रम में ईश्वर चंद्र विद्यासागर और स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को भी नजरअंदाज किया गया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी के “एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान” के नारे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यही सोच शिक्षा के क्षेत्र में भी लागू होनी चाहिए।

सीएम ने क्या कहा

सीएम ने कहा कि, “हम ऐसा कोई इंतजाम नहीं होने देंगे जहां हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट सभी यूनिवर्सिटीज को देखेगा, वहीं दूसरा डिपार्टमेंट आलिया यूनिवर्सिटी को देखेगा।” आलिया यूनिवर्सिटी को अभी राज्य का माइनॉरिटी अफेयर्स डिपार्टमेंट मैनेज करता है। सीएम ने आगे कहा,” मैंने बोर्ड टॉपर्स को सम्मानित किया। बाद में, माइनॉरिटी अफेयर्स डिपार्टमेंट ने 27 मुस्लिम स्टूडेंट्स के नामों वाली एक अलग फाइल भेजी। मैंने पूछा क्यों? मैं पहले ही 20 स्टूडेंट्स को सम्मानित कर चुका हूँ, और उनमें मुस्लिम, जैन और बौद्ध शामिल हैं।” पश्चिम बंगाल में फिलहाल विद्या भारती के 313 स्कूल चल रहे हैं, जबकि पूरे देश में यह संस्था 12,000 से ज्यादा स्कूल और 10,000 बाल संस्कार केंद्र संचालित करती है।

Mausam 4 Sep: आज इन राज्यों में मूसलाधार बारिश! MP में ऑरेंज कलर अलर्ट जारी, जानें दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक के मौसम का हाल

Janmashtami 2026 Durlabh Sanyog: द्वापर युग जैसे दुर्लभ संयोग में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

Janmashtami 2026 Durlabh Sanyog: भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है, जो आज यानी 4 सितंबर 2026 को है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन द्वापर युग में भगवान विष्णु ने देवकी और वासुदेव की आठवीं संतान श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण के जन्म के समय ग्रह-नक्षत्रों की जैसी स्थिति, लगभग वैसी की स्थिति आज श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के समय भी बन रही है।

शिव पुराण, विष्णु पुराण, ब्रह्म पुराण आदि में बताया गया है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म द्वापर युग में भादपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दिन बुधवार को रोहिणी नक्षत्र में अर्धरात्रि के समय वृषभ राशि के चंद्रमा में हुआ था। 2026 में भी भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि का चंद्रमा है। हालांकि दिन शुक्रवार है। ऐसे में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय जो ग्रह-नक्षत्र थे, वैसी ही स्थिति 4 सितंबर को बन रही है।

कृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026

पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 3-4 सितंबर की मध्य रात्रि 2:30 बजे से शुरू होगी और 5 सितंबर को रात 12:30 बजे तक रहेगी। इसलिए जन्माष्टमी 4 सितंबर दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 11.05 बजे से प्रारंभ हो रहा है और 12.35 तक रहने वाला है। वहीं इस दिन रोहिणी नक्षत्र रात 11 बजकर 04 मिनट तक है। जन्माष्टमी के दिन सूर्योदय सुबह में 06:00 बजे होगा और सूर्यास्त शाम को 06:39 बजे होगा। उस दिन चंद्रोदय रात 11 बजकर 29 मिनट पर होगा, वहीं चंद्रास्त 5 सितंबर को दोपहर 01:05 बजे होगा।

जन्माष्टमी 2026 तिथि, ग्रह, नक्षत्र की स्थिति

  • वैदिक पंचांग के अनुसार, 4 सितंबर को मध्यरात्रि 2:30 बजे से भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि प्रारंभ है, जो 5 सितंबर को मध्यरात्रि 12:13 बजे तक मान्य रहेगी।
  • 4 सितंबर को रोहिणी नक्षत्र का समय प्रात:काल से लेकर रात 11 बजकर 04 मिनट तक है। 27 नक्षत्रों में रोहिणी नक्षत्र चौथे स्थान पर आता है। रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह चंद्रमा और राशि वृषभ है।
  • 4 सितंबर को चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में पूरे दिन रहेगा। 5 सितंबर को सुबह 10:18 बजे से चंद्रमा मिथुन राशि में प्रवेश करेगा।
  • 4 सितंबर को शुक्रवार दिन है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय दिन बुधवार था।
  • 4 सितंबर की जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा का द्वापर युग वाला योग बन रहा है।

जन्माष्टमी 2026 मुहूर्त

भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मध्य रात्रि में हुआ था, इसलिए जन्माष्टमी मुहूर्त के लिए निशिता मुहूर्त का ध्यान रखते हैं। जन्माष्टमी का मुहूर्त रात में 11 बजकर 57 मिनट से देर रात 12 बजकर 43 मिनट तक है। इस मुहूर्त में कान्हा का हैप्पी बर्थडे मनाया जाएगा।

जन्माष्टमी 2026: इस समय भूल कर भी न करें पूजा

इस बार की जन्माष्टमी के दिन राहुकाल सुबह में 10 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक है। वहीं यमगंड दोपहर में 03 बजकर 30 मिनट से शाम 05 बजकर 05 मिनट तक है। इन अशुभ समय में जन्माष्टमी पर कोई नया काम न करें।

Janmashtami Laddu Gopal Puja Vidhi: इस जन्माष्टमी पर कैसे करें लड्डू गोपाल की पूजा और श्रृंगार? जानें कल पूजा की संपूर्ण विधि

गोवा में हर साल मिलेंगे 3 मुफ्त LPG गैस सिलेंडर, 9 सितंबर से बैंक खाते में ट्रांसफर होंगे ₹3000, अप्लाई करने का तरीका जानिए

Goa free LPG: मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घोषणा की है कि राज्य सरकार गोवा के लाभार्थियों को हर साल तीन एलपीजी गैस सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध कराएगी। इसके लिए 9 सितंबर से हर साल 3,000 रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट्स में जमा की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन फॉर्म पांच सितंबर से पंचायतों और विधायकों के कार्यालयों में उपलब्ध कराए जाएंगे। सीएम ने बताया कि यह राशि 9 सितंबर 2026 से मिलनी शुरू हो जाएगी।

पणजी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना 2022 के राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए उनके वादे का हिस्सा है। उस समय उन्होंने लोगों को हर साल तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। सावंत ने कहा, “नौ सितंबर से लाभार्थियों के बैंक खातों में हर साल 3,000 रुपये जमा होने शुरू हो जाएंगे। इस वित्तीय सहायता से पात्र लाभार्थी योजना के तहत तीन एलपीजी सिलेंडर खरीदने का खर्च वहन कर सकेंगे।”

उन्होंने बताया कि गोवा निवासी जो व्यक्ति आवेदन फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज जमा करेगा, उसे अपने बैंक खाते में यह राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। सावंत ने यह भी कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को बैंक पासबुक, आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड की कॉपी जमा करनी होंगी।

9 सितंबर से अकाउंट में आएंगे ₹3,000

पणजी में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 9 सितंबर से हर साल 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता उनके बैंक खातों में मिलनी शुरू होगी। इस राशि का इस्तेमाल लाभार्थी तीन LPG सिलेंडरों की लागत को पूरा करने के लिए कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग आवेदन फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेज जमा करेंगे, उन्हें योजना की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त होगी।

किन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत?

योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को नीचे दिए गए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे:-

बैंक पासबुक की कॉपी

आधार कार्ड

वोटर आईडी कार्ड

2022 के विधानसभा चुनाव का वादा

सीएम प्रमोद सावंत ने कहा कि यह योजना 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे का हिस्सा है। उन्होंने चुनाव के समय राज्य के लोगों को हर साल तीन फ्री LPG सिलेंडर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। अब सरकार ने इस वादे को पूरा करने के लिए लाभार्थियों के बैंक खातों में सालाना ₹3,000 देने की व्यवस्था की है।

ये भी पढ़ें- Abhinandan Varthaman: पाकिस्तानी फाइटर जेट गिराने वाले एयरफोर्स के पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने IAF छोड़ी, अब गोवा के इस एयरलाइन से जुड़े

Janmashtami Laddu Gopal Puja Vidhi: इस जन्माष्टमी पर कैसे करें लड्डू गोपाल की पूजा और श्रृंगार? जानें कल पूजा की संपूर्ण विधि

Janmashtami Laddu Gopal Puja Vidhi: भगवान विष्णु के सभी अवतारों में कृष्णावतार सबसे लोकप्रिय और मोहक माना जाता है। यही वजह है कि भगवान के इस अवतार के जन्मोत्सव का पर्व भी अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु ने भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण ने देवकी और वासुदेव के आठवें पुत्र के रूप में जन्म लिया था। माना जाता है कि श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इसलिए भगवान के भक्त हर साल भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाते हैं। इस साल जन्माष्टमी का पर्व कल यानी 4 सितंबर को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान कृष्ण के बाल रूप लड्डू गोपाल का श्रृंगार किया जाता है और निशिता काल में विशेष पूजा की जाती है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर निशिता काल में लड्डू गोपाल के जन्म, अभिषेक और श्रृंगार की प्रामाणिक पूजा विधि निम्न प्रकार है:

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी

पूजा स्थान : चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर फूलों व मोर पंख से झूला या आसन सजाएं।

सामग्री : पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल), खीरा (डंठल व पत्ती वाला), नए वस्त्र, आभूषण, चंदन, अक्षत, तुलसी दल, माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी और आरती की थाली तैयार रखें।

जन्मोत्सव और खीरा चीरने की विधि

  • मध्यरात्रि में खीरे के ऊपरी हिस्से को सिक्के या चाकू से काटकर बाल गोपाल का ‘नाल छेदन’ (जन्म का प्रतीक) करें।
  • ‘नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों के साथ शंख और घंटी बजाकर कान्हा के प्राकट्य का स्वागत करें।

पंचामृत और शुद्ध जल से अभिषेक

  • लड्डू गोपाल को एक बड़े पात्र (परात) में विराजमान करें।
  • सबसे पहले गंगाजल अर्पित करें, फिर क्रम से दूध, दही, शुद्ध देसी घी, शहद और शक्कर (या पंचामृत मिश्रण) से “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करते हुए स्नान कराएं।
  • अंत में हल्के गुनगुने या साफ जल से इत्र मिलाकर अच्छी तरह स्नान कराएं और साफ तौलिए से पोंछें।

इस तरह करें लड्डू गोपाल का श्रृंगार

  • कान्हा को नए सुंदर पीले या रंगीन वस्त्र (पीतांबर) पहनाएं।
  • माथे पर चंदन और रोली का तिलक लगाएं तथा अक्षत (चावल) चढ़ाएं।
  • मुकुट, वैजयंती माला, बाजूबंद, कड़े, कुंडल और कमरधनी पहनाएं।
  • उनके हाथ में बांसुरी सजाएं और मुकुट में मोर पंख अवश्य लगाएं।

भोग और आरती

  • कान्हा को प्रिय माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी, ऋतु फल और मिठाइयों का भोग लगाएं।
  • प्रत्येक भोग सामग्री में तुलसी दल (तुलसी का पत्ता) जरूर रखें, क्योंकि इसके बिना भगवान भोग स्वीकार नहीं करते।
  • कपूर और घी का दीपक जलाकर बाल गोपाल की आरती गाएं।
  • पूजा और आरती के बाद लड्डू गोपाल को प्रेमपूर्वक सजाए गए झूले पर विराजमान करें।
  • भक्ति भाव से उन्हें झूला झुलाएं, क्षमा प्रार्थना करें और परिवार के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए सभी में प्रसाद बांटें।

Janmashtami 2026 Puja Muhurat: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कल, अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग मनाया जाएगा लड्डू गोपाल का जन्मदिन

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ब्रज क्षेत्र को मुख्यमंत्री योगी देंगे 1051 करोड़ रुपये की 229 योजनाओं की सौगात

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ब्रज क्षेत्र को मुख्यमंत्री योगी देंगे 1051 करोड़ रुपये की 229 योजनाओं की सौगात

 

 

 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ब्रज क्षेत्र को विकास की नई सौगात देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री 3 सितंबर को दो दिवसीय प्रवास पर मथुरा आ रहे हैं, जहां वे ब्रजवासियों को करीब 1051 करोड़ रुपये की 229 विकास परियोजनाओं का बड़ा उपहार देंगे। इस भव्य समारोह के दौरान 540 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 62 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे और पर्यटन को नई मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही 437 करोड़ रुपये की लागत वाली 167 नई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। समारोह में मुख्यमंत्री पीएम आवास (शहरी) और सीएम आवास (ग्रामीण) योजना के लाभार्थियों को 72 करोड़ से अधिक की सहायता राशि का वितरण करेंगे। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ट्रैक्टर की चाबी, चेक और प्रमाण पत्र भी सौंपेंगे।

 

श्री स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का करेंगे लोकार्पण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दो दिवसीय मथुरा प्रवास विकास और धर्म के अद्भुत संगम का साक्षी बनेगा। तय कार्यक्रम के अनुसार 3 सितंबर को दोपहर में सीएम योगी का राजकीय हेलीकॉप्टर वृंदावन स्थित पवनहंस हेलीपैड पर उतरेगा। वहां से वे गीता शोध संस्थान पहुंचेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री नवनिर्मित और अत्याधुनिक 'श्री स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह' का भव्य लोकार्पण करेंगे। जहां एक हजार लोगों के बैठने की उत्कृष्ट व्यवस्था है।

 

संतों से मिलेंगे और बच्चों को कराएंगे अन्नप्राशन संस्कार

इस कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी प्रो-पुअर प्रदर्शनी का अवलोकन, वृक्षारोपण, संतों से मुलाकात करेंगे और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराएंगे। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र व चेक वितरित कर जनसभा को संबोधित करेंगे।  इसके बाद मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के कार्यों की प्रगति जानने के लिए अहम समीक्षा बैठक करेंगे।

 

'कान्हा भक्ति स्तम्भ मार्ग' का भ्रमण और अवलोकन

समीक्षा बैठक के पश्चात मुख्यमंत्री वृंदावन के होटल विवान्ता में 'आज तक' न्यूज चैनल के 'पंचायत आज तक' कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। इसके बाद वे वृंदावन में विकसित किए गए भव्य 'कान्हा भक्ति स्तम्भ मार्ग' का भ्रमण और अवलोकन करेंगे। इन कार्यक्रमों के बाद शाम को वे पं. दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, मथुरा पहुंचेंगे और परिसर स्थित अशोका अतिथि गृह में रात्रि विश्राम करेंगे।

 

जन्मभूमि में दर्शन और गो पूजन करेंगे सीएम योगी

अगले दिन शुक्रवार 4 सितंबर को सुबह सीएम योगी श्री कृष्ण जन्मभूमि परिसर पहुंचेंगे। यहां वे सबसे पहले गो पूजन करेंगे और उसके बाद मुख्य मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन व विशेष पूजन अर्चना करेंगे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री प्रस्थान कर जाएंगे।

UP में बच्चों को मिलेगा पोषण का कवच! आंगनबाड़ी केंद्रों पर 32.88 लाख नौनिहालों को रोज मिल रहा गर्म और पौष्टिक भोजन

UP में बच्चों को मिलेगा पोषण का कवच! आंगनबाड़ी केंद्रों पर 32.88 लाख नौनिहालों को रोज मिल रहा गर्म और पौष्टिक भोजन

प्रदेश में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और मजबूत पोषण की दिशा में योगी सरकार की ओर से लगातार किए जा  रहे प्रयासों का असर आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिखाई दे रहा है। सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण-2.0 की गाइडलाइन के तहत संचालित हॉट  कुक्ड मील योजना के जरिए 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को नियमित रूप से ताजा, गर्म और पौष्टिक पका हुआ भोजन उपलब्ध  कराया जा रहा है। यूपी में करीब 1.45 लाख को-लोकेटेड और 0.44 लाख नॉन को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले लगभग  32.88 लाख बच्चे नियमित लाभान्वित हो रहे हैं।

 

साप्ताहिक मेन्यू में पौष्टिक व विविध भोजन

 

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार, बच्चों को अलग-अलग दिनों में रोटी-सब्जी, चावल-दाल, मौसमी  सब्जियों से तैयार तहरी और अन्य पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। योगी सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छोटे  बच्चों को नियमित गर्म भोजन उपलब्ध कराकर सरकार एक ओर उनके पोषण स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है, वहीं  दूसरी ओर कम उम्र से ही संतुलित आहार की आदत विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है।

 

भोजन की गुणवत्ता पर खास नजर, स्वच्छता के मानकों का पालन अनिवार्य

 

योगी सरकार ने बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर भी स्पष्ट मानक तय किए हैं। कोटेदार से मिलने वाला  खा‌द्यान्न उत्तम गुणवत्ता का होना अनिवार्य है। भोजन तैयार करने से पहले अनाज की अच्छी तरह सफाई और हरी सब्जियों को  दो से तीन बार पानी से धोने की व्यवस्था है। इससे बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

 

परोसने से पहले दो वयस्क करते हैं भोजन की जांच

 

भोजन बच्चों को परोसने से पहले कम से कम दो वयस्क व्यक्तियों जैसे शिक्षक, रसोइया या माता समिति के सदस्य द्वारा  रोस्टर के आधार पर भोजन की जांच की जाती है। इसमें भोजन के स्वाद और गुणवत्ता को परखा जाता है। विभागीय व्यवस्था  का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बर्चा तक पहुंचने वाला भोजन पौष्टिक होने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित भी हो।

 

32.88 लाख बच्चों को मिल रहा पौष्टिक आहार

 

अपर मुख्य सचिव (महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग) लीना जौहरी ने बताया कि इसके जरिए नियमित 32.88  लाख बच्चों को गर्म और पौष्टिक आहार मिल रहा है। प्रत्येक बच्चे को प्रतिदिन 70 ग्राम खा‌द्यान्न से तैयार भोजन दिया जाता  है। को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर भोजन प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संचालित पीएम पोषण योजना की रसोई और  संसाधनों का उपयोग कर तैयार किया जाता है। वहीं नॉन-को-लोकेटेड केंद्रों पर स्थानीय निकार्यों या ग्राम पंचायतों की ओर से  उपलब्ध कराए गए बर्तनों, गैस चूल्हे आदि की मदद से भोजन तैयार कराया जाता है।