Vinod Kambli कभी जिसके बल्ले से होती थी चौके-छक्कों की बरसात अब वृद्धाश्रम में रहने को है मजबूर, देखें एक्स पर कांबली का भावुक वीडियो

भारतीय क्रिकेट प्रेमी शायद ही Vinod Kambli का नाम कभी भूल सकते हैं। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के दोस्त विनोद कांबली का एक वीडियो आजकल चर्चा है। लोग इस वीडियो को देखकर हैरान हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। उनके इस वीडियो से पता चल रहा है कि वो एक वृद्धाश्रम में रहने को मजबूर है। माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट एक्स पर पोस्ट इस वीडियो में भावुक नजर आ रहे कांबली वृद्धाश्रम में सुविधाओं की खूब तारीफ कर रहे हैं।

हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी की सेहत को लेकर काफी चिंताजनक खबरें आई थीं। उनका एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्हें डंडे के सहारे चलते हुए देखा गया था। उनका ये वीडियो चर्चा का विषय बना था। उनको लेकर लगातार ऐसी खबरें सामने आती रहती हैं कि उनकी सेहत ठीक नहीं है। उनकी आर्थिक स्थिति भी दयनीय होने की खबरें मीडिया में आती रही हैं। एका बाद वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से नौकरी मांगते हुए भी दिखाई दिए थे। अब उनके नए वीडियो ने एक बार फिर उनके स्वास्थय की चर्चा बढ़ा दी है।

क्या वृद्धाश्रम में रह रहे हैं कांबली?

पूर्व भारतीय क्रिकेटर, जो दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के दोस्त हैं, उनका ताजा वीडियो सामने आया है। दैनिक जागरण की खबर के अनुसार, इसमें वे वृद्धाश्रम में नजर आ रहे हैं। उन्होंने वहां पर मिलने वाली सुविधाओं और लोगों की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा, “मैं इस समय निदान में हूं। मैं यही कहना चाहूंगा कि यहां पर सभी सुविधाएं बहुत अच्छी हैं। यहां की साफ-सफाई और बाकी चीजें शानदार है। मुझे यहां पर रहते हुए ये कभी भी महसूस नहीं होता है कि मैं अपने घर पर नहीं हूं। यहां के लोगों से मुझे बहुत ही मान सम्मान मिल रहा है।”

17 टेस्ट और 104 वनडे मैचों में रहे शामिल

कांबली को एक होनहार खिलाड़ी के रूप में जाना जाता था। हालांकि, वे अधिक समय तक इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेल सके। उन्होंने भारत के लिए 17 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 54 की बेहतरीन औसत के साथ 1084 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से चार शतक भी निकले। उन्हें वनडे में अधिक मौके मिले लेकिन वे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। कांबली ने 104 वनडे मैचों में 32 की औसत के साथ 2477 रन बनाए, जिसमें मात्र दो शतक शामिल रहे।

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Janmashtami 2026 Vrat: 4 सितंबर को आप भी रखेंगे जन्माष्टमी का व्रत, पहले जान लें किन लोगों को नहीं रखना चाहिए उपवास

Janmashtami 2026 Vrat: हिंदू धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व विशेष स्थान रखता है। यह पर्व हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान विष्णु ने इसी दिन माता देवकी और वासुदेव के आठवें पुत्र श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल यह पर्व 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इस साल भगवान कृष्ण की 5253वीं जयंती मनाई जाएगी।

इस दिन देश-दुनिया के कृष्ण मंदिरों में सुबह से ही कृष्ण जन्मात्सव की तैयारियां की जाती हैं। विशेष कार्यक्रम और सजावट होती है। बहुत से श्रद्धालु इस दिन उपवास भी करते हैं, अपने घरों में भगवान कृष्ण की लीलाओं की झांकी सजाते हैं और मध्यरात्रि में उनका जन्मोत्सव मनाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को विधिपूर्वक करने से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। शास्त्रों में इस व्रत को करने के नियमों के बारे में बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि कुछ लोगों को जन्माष्टमी का व्रत करने से बचना चाहिए।

इन्हें नहीं करना चाहिए जन्माष्टमी व्रत

  1. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को भी जन्माष्टमी का व्रत न करने की सलाह दी जाती है। अगर कोई गर्भवती महिला इस व्रत को करती है, तो यह उसकी सेहत और शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप केवल भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर सकती हैं।
  2. जो लोग किसी गंभीर बीमारी का सामना कर रहे हैं, तो उन लोगों को भी जन्माष्टमी का व्रत नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में अगर आप जन्माष्टमी का व्रत करते हैं, तो इससे आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है, जिसकी वजह से आपको भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
  3. जन्माष्टमी का व्रत बड़े-बुजुर्गों को नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनकी शारीरिक स्थिति कमजोर हो सकती है। ऐसी स्थिति में व्रत करने से सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

जन्माष्टमी व्रत के नियम

इस व्रत के दिन काले रंग के कपड़े न पहनें। ऐसा माना जाता है कि काले रंग के कपड़े धारण करने से नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित होती है, जिसका बुरा प्रभाव पड़ता है।

पूजा के समय लड्डू गोपाल का अभिषेक करने के बाद देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें और माखन-मिश्री, धनिए की पंजीरी आदि चीजों का भोग लगाएं। साथ ही भोग में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें। ऐसा माना जाता है कि लड्डू गोपाल के भोग में तुलसी के पत्ते शामिल करने से प्रभु प्रसन्न होकर भोग को स्वीकार करते हैं।

जन्माष्टमी व्रत के दौरान गेहूं, चावल और दाल का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। साथ ही तामसिक चीजों को भी नहीं खाना चाहिए।

इसके अलावा व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य से जुड़े नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। साथ ही क्रोध, झूठ और विवाद से दूरी बनाकर रखें।

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