Sawan Shivratri 2026: सावन की शिवरात्रि पर रहेगा भद्रा का साया, जानें तारीख और क्या भद्रा में कर सकते हैं शिव-शंभु का जलाभिषेक

Sawan Shivratri 2026: इस समय भगवान शिव का अति प्रिय श्रावण मास चल रहा है। यूं तो, सावन के सभी दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने पर पुण्य मिलता है। लेकिन कुछ खास दिन ऐसे हैं, जब भगवान शिव की विशेष पूजा, उपवास और जलाभिषेक करने पर भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। शिवरात्रि का दिन भी इनमें से एक है। वैसे तो, हिंदू कैलेंडर के हर माह में शिवरात्रि मनाई जाती है, लेकिन सावन में आने वाली शिवरात्रि तिथि का विशेष महत्व है। शिवरात्रि का पर्व श्रावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को किया जाता है।

इस साल यह पर्व 11 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन सुबह से ही शिवालयों में शिव भक्तों की धूम रहेगी, कांवड़िये महादेव का जलाभिषेक करेंगे, कुछ लोग उपवास और विशेष पूजा या रुद्राभिषक का भी आयोजन करेंगे। पंचांग के अनुसार, माना जा रहा है कि इस साल शिवरात्रि पर भद्र लग रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं के मन में सवाल उठ रहा है कि भद्रा काल में देवाधिदेव का जलाभिषेक किया जाएगा या नहीं? सावन शिवरात्रि की तिथि, शुभ मुहूर्त, जलाभिषेक का समय, भद्रा काल और पूजा विधि से जुड़ी संपूर्ण जानकारी नीचे दी गई है:

सावन शिवरात्रि 2026 तिथि

व्रत एवं पूजन तिथि : मंगलवार, 11 अगस्त 2026

चतुर्दशी तिथि प्रारंभ : 11 अगस्त 2026, प्रातः 04:43 AM

चतुर्दशी तिथि समाप्त : 12 अगस्त 2026, रात्रि 01:51 AM

भद्रा काल का समय

भद्रा का समय : 11 अगस्त 2026, प्रातः 04:56 AM से दोपहर 03:24 PM तक।

मान्यता : शास्त्रों के अनुसार भद्राकाल में शुभ या मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, लेकिन भगवान शिव की पूजा, मंत्र जाप और भक्ति में भद्रा का दोष नहीं लगता। इसलिए भक्त पूरे दिन श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त

आप पूरे दिन चतुर्दशी तिथि के दौरान जलाभिषेक कर सकते हैं। विशेष फलदाई मुहूर्त इस प्रकार हैं:

ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 05:23 AM से 06:00 AM

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:06 PM से 12:58 PM

गोधूलि मुहूर्त : सायं 09:13 PM से 09:32 PM

निशिता काल (मुख्य मध्यरात्रि पूजा): 11-12 अगस्त की रात्रि 12:05 AM से 12:48 AM तक

चार प्रहर की पूजा का समय

प्रथम प्रहर : सायं 07:04 PM से रात्रि 09:45 PM

द्वितीय प्रहर : रात्रि 09:45 PM से मध्यरात्रि 12:26 AM

तृतीय प्रहर : मध्यरात्रि 12:26 AM से तड़के 03:07 AM (12 अगस्त)

चतुर्थ प्रहर : तड़के 03:07 AM से प्रातः 05:49 AM (12 अगस्त)

शिव पूजा विधि

  • सावन शिवरात्रि के दिन प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें और व्रत का संकल्प लें।
  • मंदिर या घर पर शिवलिंग पर गंगाजल व शुद्ध जल अर्पित करें। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक करें।
  • शिवलिंग पर बेलपत्र (अखंडित), धतूरा, भांग, शमी पत्र, सफेद आंकड़े के फूल, चंदन और भस्म चढ़ाएं।
  • पूजा करते समय ॐ नमः शिवाय” या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते रहें।
  • अंत में धूप-दीप जलाकर शिव जी की आरती करें और सात्विक भोग या फल अर्पित करें।
  • शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते, सिंदूर, रोली, हल्दी और केतकी के फूल न चढ़ाएं।

Sawan Second Somwar 2026: दूसरे सोमवार पर बन रहे प्रदोष व्रत समेत 7 शुभ संयोग, जानें किस समय किया जाएगा भगवान शिव का जलाभिषेक

Kamika Ekadashi 2026: सावन की पहली एकादशी का व्रत इस दिन होगा, नोट करें सही तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि

Kamika Ekadashi 2026: सावन माह में आने वाले पहले एकादशी व्रत को कामिका एकदशी व्रत के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु का स्मरण करने वाले भक्तों के सारे पाप मिट जाते हैं। पुराणों अनुसार कामिका एकादशी का व्रत हजार गौ दान के बराबर पुण्य देता है। कहते हैं इस दिन तीर्थ स्थानों पर स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है।

हिंदू कैलेंडर के प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को एकादशी व्रत किया जाता है। इस तरह पूरे साल में 24 एकादशी व्रत का सौभाग्य मिलता है। सावन माह की पहली एकादशी तिथि को लेकर लोगों को भ्रम हो रहा है कि ये 8 अगस्त को किया जाएगा या 9 अगस्त को किया जाएगा। असल में एकादशी तिथि 8 अगस्त को दोपहर से शुरू हो रही है और हिंदू धर्म में अधिकांश व्रत और त्योहार उदयातिथि को देखते हुए मनाए जाते हैं। इसलिए सावन माह की पहली एकादशी तिथि का व्रत 9 अगस्त को किया जाएगा। आइए जानें इसके बारे में

कामिका एकादशी 2026 सही तारीख

पंचांग अनुसार कामिका एकादशी तिथि 8 अगस्त की दोपहर 01:59 से शुरू होकर 9 अगस्त की सुबह 11:04 तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार कामिका एकादशी व्रत 9 अगस्त को रखा जाएगा। वहीं व्रत का पारण 10 अगस्त को किया जाएगा और पारण का समय सुबह 05:47 से 08 बजे तक रहेगा।

कामिका एकादशी शुभ मुहूर्त 2026

ब्रह्म मुहूर्त – 04:22 AM से 05:04 AM

प्रातः सन्ध्या – 04:43 AM से 05:47 AM

अभिजित मुहूर्त – 12:00 PM से 12:53 PM

विजय मुहूर्त – 02:40 PM से 03:33 PM

गोधूलि मुहूर्त – 07:06 PM से 07:27 PM

सायाह्न सन्ध्या – 07:06 PM से 08:10 PM

अमृत काल – 06:42 AM से 08:09 AM

द्विपुष्कर योग – 11:04 AM से 02:43 PM

इस दिन बन रहे हैं शुभ योग

कामिका एकादशी पर इस बार दो शुभ योगों का संयोग भी बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन सुबह 11 बजकर 4 मिनट से दोपहर 2 बजकर 43 मिनट तक द्विपुष्कर योग रहेगा। वहीं, पूरे दिन हर्षण योग प्रभावी रहेगा और इसका समापन 10 अगस्त को रात 2 बजकर 4 मिनट पर होगा। धार्मिक मान्यता है कि इन शुभ योगों में भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के हर दुख को हर लेते हैं।

कामिका एकादशी का महत्व

धार्मिक मान्यताओं अनुसार कामिका एकादशी का व्रत रखने से सभी बिगड़े काम बनने लगते हैं। साथ ही पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है। इस दिन तुलसी का पूजन भी जरूर करें। साथ ही भगवान विष्णु को तुलसी के पत्ते भी अवश्य चढ़ाएं, इससे आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। साथ ही मां लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होगी।

कामिका एकादशी व्रत पूजा विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान से निवृत्त होकर पहले व्रत का संकल्प लें और फिर भगवान विष्णु की विधि विधान पूजा करें। भगवान को फल-फूल, तिल, दूध, पंचामृत, तुलसी आदि जरूर अर्पित करें। विष्णु सहस्त्रनाम या विष्णु चालीसा का पाठ करें। साथ ही कामिका एकादशी की कथा पढ़ें। दिन भर फलाहारी व्रत रहें और एकादशी के अगले दिन किसी ब्राह्मण को भोजन कराकर अपना व्रत खोलें।

Sawan Amavasya 2026 Date: हरियाली अमावस्या पर पुष्य नक्षत्र में होगा स्नान-दान, जानें तारीख और पितरों को तर्पण देने का समय

Sawan Amavasya 2026 Date: हरियाली अमावस्या पर पुष्य नक्षत्र में होगा स्नान-दान, जानें तारीख और पितरों को तर्पण देने का समय

Sawan Amavasya 2026 Date: सावन के महीने का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है। यह भगवान विष्णु के चार माह की योगनिद्रा में जानें के बाद पहला हिंदू माह होता है। इस अवधि में भगवान शिव सृष्टि का कार्यभार संभालते हैं। सावन भगवान शिव का प्रिय माह है। इस माह में आने वाली अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहते हैं, क्योंकि इस समय चारों तरफ हरियाली छायी रहती है और मानसून की फुहारों से वातावरण सराबोर रहता है।

हरियाली अमावस्या के दिन गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान और उसके बाद दान करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है। इसलिए हरियाली अमावस्या पर तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। इस दिन पितृ दोष से मुक्ति के लिए विशेष उपाय भी किए जाते हैं। शाम के समय में पितरों के लिए दीपक जलाते हैं, ताकि पितृ लोक लौटते समय उनका मार्ग अंधकार में न रहे। इस साल की सावन अमावस्या पर पुष्य नक्षत्र रहेगा। आइए जानते हैं कि हरियाली अमावस्या कब है और पितृ तर्पण कब कर सकते हैं?

सावन अमावस्या 2026 तारीख

वैदिक पंचांग के आधार पर देखा जाए तो इस बार श्रावण कृष्ण अमावस्या तिथि 12 अगस्त को 01:52 बजे से शुरू हो रही है और यह 12 अगस्त को रात 11:06 बजे तक रहेगी। उदयातिथि को देखते हुए सावन अमावस्या 12 अगस्त बुधवार का है।

सावन अमावस्या 2026 स्नान-दान मुहूर्त

सावन अमावस्या पर स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त प्रात: 04 बजकर 23 ए एम से लेकर प्रात: 05 बजकर 06 मिनट तक है। जो लोग ब्रह्म मुहूर्त में स्नान न कर पाएं, वे लोग सूर्योदय के बाद स्नान, दान कर सकते हैं। उस दिन लाभ-उन्नति मुहूर्त 05:49 ए एम से 07:28 ए एम तक और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 07:28 ए एम से 09:07 ए एम तक रहेगा। इन दोनों समयों में भी स्नान और दान किया जा सकता है। सावन अमावस्या पर साल का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने वाला है।

सावन अमावस्या पर तर्पण कब करें?

सावन अमावस्या के दिन स्नान के बाद पितरों के लिए तर्पण कर सकते हैं। हाथ में जल, सफेद फूल और काले तिल लेकर कुशा की मदद से पितरों को तर्पण दे सकते हैं। तर्पण देने से पितर प्रसन्न होते हैं।

व्यतीपात योग और पुष्य नक्षत्र में सावन अमावस्या

इस साल की सावन अमावस्या पर व्यतीपात योग और पुष्य नक्षत्र का योग है। व्यतीपात योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 3 बजकर 26 मिनट तक रहेगा, उसके बाद वरीयान् योग बनेगा। व्यतीपात योग में किसी नए या शुभ कार्य की शुरूआत नहीं करते हैं।

पुष्य नक्षत्र प्रात:काल से लेकर सुबह 7 बजकर 59 मिनट तक रहेगा, उसके बाद अश्लेषा नक्षत्र है। पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। यह एक शुभ नक्षत्र है, इसमें आप शुभ कार्य कर सकते हैं, जिसमें सफलता प्राप्त होती है। स्थिर कार्य भी इस नक्षत्र में कर सकते हैं।

Sawan Bel Patra Ke Upay: सावन के महीने में बेल पत्र के ये उपाय करने से मिल जाएगा सभी तीर्थों का पुण्य फल, जानें इनके बारे में

Hariyali Amavasya 2026 Date: हरियाली अमावस्या पर गौरी और गजकेसरी योग का दुर्लभ संयोग, जानें सही तारीख और शुभ मुहूर्त

Hariyali Amavasya 2026 Date: हरियाली अमावस्या श्रावण मास में मनाई जाती है। यह पर्व भगवान शिव की भक्ति और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का विशेष अवसर है। सावन का महीना शिव जी को अति प्रिय है। ऐसे में हरियाली अमावस्या के दिन शिव-पार्वती की पूजा करने से सुख, समृद्धि और वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है। बारिश के इस मौसम में धरती पर चारों ओर हरियाली छा जाती है। इस दिन पौधे (जैसे नीम, पीपल, बरगद, तुलसी, आंवला आदि) लगाना बेहद शुभ माना जाता है और इसे पुण्य कर्म माना गया है। हरियाली अमावस्या को पितरों की शांति के लिए स्नान, दान और तर्पण करना बहुत फलदायी होता है।

हरियाली अमावस्या कब है ?

पंचांग के अनुसार, सावन मास की अमावस्या तिथि का आरंभ 11 अगस्त, मंगलवार के दिन रात में 1 बजकर 54 मिनट से होगा। वहीं, अगले दिन यानी 12 अगस्त, बुधवार को रात में 11 बजकर 7 मिनट तक अमावस्या तिथि व्याप्त रहेगी। उदया तिथि के अनुसार, 12 अगस्त के दिन हरियाली अमावस्या का व्रत व पितृकर्म करना शास्त्र सम्मत होगा। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने के बाद दोपहर के समय पितरों की पूजा आदि कार्य किए जाते हैं।

हरियाली अमावस्या पर गौरी और गजकेसरी योग का संयोग

हरियाली अमावस्या के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है और साथ ही, इसी दिन चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में रहेंगे। इसके चलते गौरी योग और गजकेसरी योग का शुभ संयोग भी बनेगा। इस शुभ संयोग में व्रत और पितृकर्म करने वाले श्रद्धालुओं के लिए हरियाली अमावस्या विशेष रूप से फलदायी रहने वाली है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन फल देने वाले वृक्ष लगाने से उत्तम फल प्राप्त होता है।

हरियाली अमावस्या शुभ मुहूर्त

सूर्योदय : सुबह 5 बजकर 48 मिनट पर

लाभ चौघड़िया : सुबह 5 बजकर 48 मिनट से लेकर 7 बजकर 27 मिनट तक

अमृत चौघड़िया : सुबह 7 बजकर 27 मिनट से लेकर 9 बजकर 7 मिनट तक

शुभ चौघड़िया : सुबह 10 बजकर 46 मिनट से लेकर दोपहर के 12 बजकर 26 मिनट तक

लाभ चौघड़िया : शाम को 5 बजकर 24 मिनट से लेकर 7 बजकर 3 मिनट तक

हरियाली अमावस्या 2026 पूजा विधि

स्नान व संकल्प : सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें या घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।

शिव पूजन : शिवलिंग पर जल, दूध, शहद, बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।

वृक्षारोपण : घर के आंगन या किसी सार्वजनिक स्थान/बगीचे में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं।

पीपल पूजा : पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाकर परिक्रमा करें।

दान-पुण्य : गरीबों या जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या फल का दान करें।

August 12 Total Solar Eclipse: इस देश में 100 साल बाद दिखेगा सूर्य ग्रहण का दुर्लभ नजारा, भारत में नहीं दिखेगा ग्रहण

August 12 Total Solar Eclipse: साल 2026 में दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण होने हैं। पहला सूर्य और चंद्र ग्रहण फरवरी और मार्च में हो चुका है। अब अगस्त के महीने में इस साल आखिरी सूर्य और चंद्र ग्रहण लगेगा। भारतीय पंचांग के अनुसार, इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण जहां सावन की अमावस्या के दिन 12 अगस्त को लगेगा, वहीं चंद्र ग्रहण सावन की पूर्णिमा को 28 अगस्त को होगा। यह दोनों ही ग्रहण भारत में नजर नहीं आएंगे, इसलिए इनका धार्मिक प्रभाव नहीं होगा। लेकिन ज्योतिष की दृष्टि से यह अहम होगा।

सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी जब एक सीध में आते हैं ग्रहण होता है। ग्रहण एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, जो एक निश्चित अंतराल पर होती है। इस साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण में कुछ ही दिनों का समय बचा है। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा और इसमें 2 मिनट के लिए सूर्य को चंद्रा पूरी तरह ढक लेगा। इस ग्रहण का सबसे दुर्लभ और दिलचस्प नजारा स्पेन में दिखाई देगा। यहां 1905 के बाद पहली बार पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा।

स्पेन में 100 साल पर दिन में पूरी तरह छाएगा अंधेरा

12 अगस्त को लग रहा सूर्य ग्रहण वर्ष 2026 का दूसरा और अत्यंत महत्वपूर्ण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। इस ग्रहण के दौरान मुख्य रूप से स्पेन में लगभग 100 साल (1905 के बाद) बाद दिन के समय ही पूरी तरह अंधेरा छा जाएगा। इस ग्रहण में डायमंड का रिंग का नजारा भी देखने को मिल सकता है।

सूर्य ग्रहण तिथि, समय और सूतक काल

तिथि : 12 अगस्त 2026 (अमावस्या तिथि)

शुरुआत : 12 अगस्त 2026, रात लगभग 09:04 बजे

समाप्ति : 13 अगस्त 2026, सुबह लगभग 04:25 बजे

पूर्ण सूर्य ग्रहण 2026 सूतक काल

सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले प्रारंभ होकर ग्रहण समाप्ति तक रहता है। 12 अगस्त 2026 को लग रहा पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं रहेगा। मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे और नियमित पूजा-पाठ होगा।

कहां देखा जा सकता सूर्य ग्रहण

स्पेन (उत्तरी व मध्य हिस्से जैसे मैड्रिड, वालेंसिया, बेलिएरिक द्वीप समूह), आइसलैंड (पश्चिमी तट व रेक्याविक), ग्रीनलैंड, रूस के सुदूर उत्तरी/आर्कटिक क्षेत्र तथा उत्तरी अटलांटिक महासागर में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। जबकि पश्चिमी यूरोप, कनाडा और उत्तरी अफ्रीका के कई देशों में आंशिक सूर्य ग्रहण का नजारा दिखाई देगा।

Kamika Ekadashi 2026: सावन की पहली एकादशी होती है कामिका एकादशी, सुख-समृद्धि और भाग्य को मजबूत बनाने के लिए जरूर करें ये 5 उपाय

Kamika Ekadashi 2026: सावन की पहली एकादशी होती है कामिका एकादशी, सुख-समृद्धि और भाग्य को मजबूत बनाने के लिए जरूर करें ये 5 उपाय

Kamika Ekadashi 2026: सावन में आने वाले एकादशी व्रत का विशेष स्थान है। हिंदू कैलेंडर के प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को एकादशी व्रत किया जाता है। सावन हिंदू कैलेंडर का पांचवां महीना है। यह माह भगवान शिव को अति प्रिय है, लेकिन इसके कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु का व्रत किया जाता है।

सावन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी का व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ भगवान शिव की भी पूजा की जाती है। इसलिए इस तिथि का महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि, इस व्रत को रखने से कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है और जाने-अनजाने में किए गए पापों से भी मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं कि इस साल सावन माह की पहली एकादशी कब है, शुभ मुहूर्त क्या है और इस दिन कौन-से सरल उपाय करने चाहिए।

कब है कामिका एकादशी 2026?

इस साल कामिका एकादशी की तिथि 8 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजकर 29 मिनट से शुरू होगी। इसका समापन 9 अगस्त 2026 को सुबह 7 बजकर 34 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार कामिका एकादशी का व्रत 9 अगस्त 2026, रविवार को रखा जाएगा। इस व्रत कर पारण 10 अगस्त 2026 को किया जाएगा। इस दिन शुभ समय सुबह 6 बजकर 36 मिनट से सुबह 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगा।

कामिका एकादशी पर करें ये उपाय

  • घर के मुख्य द्वार पर शाम के समय घी का दीपक जलाकर माता लक्ष्मी की पूजा करें। इससे आर्थिक सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
  • सावन में पड़ने वाली एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पंचामृत का भोग अर्पित करें। इससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
  • शिवलिंग पर जल में थोड़ा-सा कच्चा दूध मिलाकर अभिषेक करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। यह सरल उपाय कई गुना पुण्य फल प्रदान करता है।
  • इस दिन आप तुलसी के पौधे के सामने भी घी का दीपक जलाकर रखें। इस दौरान ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • भगवान शिव को शमी के फूल और भगवान विष्णु को पीले रंग के फूल अर्पित करें। इससे भाग्य मजबूत बनता है।
  • इस दिन सफेद और पीले रंग की वस्तुओं का दान करें। मान्यता है कि इससे पुण्य फल बढ़ता है और अटके कार्यों को भी गति मिलती हैं।

Som Pradosh Vrat 2026 Date: वज्र योग और आर्द्रा नक्षत्र में इस दिन किया जाएगा सावन का पहला प्रदोष व्रत, पूजा के लिए मिलेगा 2 घंटे का समय

Som Pradosh Vrat 2026 Date: वज्र योग और आर्द्रा नक्षत्र में इस दिन किया जाएगा सावन का पहला प्रदोष व्रत, पूजा के लिए मिलेगा 2 घंटे का समय

Som Pradosh Vrat 2026 Date: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष स्थान है। यह व्रत हिंदू कैलेंडर के हर माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। यह तिथि भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इसमें प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद के पूजा करने का विधान है। हर माह में दो बार आने वाले इस व्रत का नाम उस दिन से तय होता है, जिस दिन त्रयोदशी तिथि पड़ती है। जैसे सोमवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने पर इस व्रत का नाम सोम प्रदोष व्रत होता है और शनिवार को त्रयोदशी तिथि पड़ने पर इसे शनि प्रदोष व्रत कहते हैं।

यूं तो पूरा सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है, लेकिन सावन के प्रदोष व्रत का विशेष स्थान है। सावन माह में हर दिन शिव पूजा के लिए अच्छा होता है, लेकिन सावन में प्रदोष व्रत विशेष फलदायी होता है। पंचांग के अनुसार, सावन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सोमवार के दिन पड़ रही है, इसलिए इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जा रहा है। सावन के पहले प्रदोष व्रत के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त 2 घंटे तक है। इस समय में जलाभिषेक और पूजा विधि विधान से करना शुभ फलदायी होगा।

सावन प्रदोष व्रत 2026 तारीख

पंचांग के अनुसार, सावन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 10 अगस्त को सुबह 08:00 बजे से शुरू होगी। इस तिथि का समापन 11 अगस्त को प्रात: 04 बजकर 54 मिनट पर होगा। ऐसे में सावन का पहला प्रदोष व्रत या सोम प्रदोष व्रत 10 अगस्त को किया जाएगा।

सोम प्रदोष व्रत 2026 मुहूर्त

सोम प्रदोष व्रत के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त दो घंटे का है, शाम को 07 बजकर 05 मिनट से है और यह रात 09 बजकर 14 मिनट तक। इस समय में पूजा करना शुभ फलदायी होता है।

ब्रह्म मुहूर्त : प्रात:काल 04:22 बजे से प्रात: 05:05 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक

राहुकाल : सुबह 07:27 बजे से सुबह 09:07 बजे तक

वज्र योग और आर्द्रा नक्षत्र में सोम प्रदोष

सावन के पहले प्रदोष व्रत यानी सोम प्रदोष व्रत के दिन वज्र योग और आर्द्रा नक्षत्र लग रहा है। प्रदोष पर वज्र योग प्रात:काल से लेकर रात 10 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, उसके बाद से सिद्धि योग बनेगा, जो अगले दिन सुबह तक रहेगा। वहीं, उस दिन आर्द्रा नक्षत्र सुबह से लेकर दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक है, उसके बाद से पुनर्वसु नक्षत्र है।

त्रयोदशी तिथि के बाद भद्रा

त्रयोदशी तिथि के समापन के बाद यानि 11 अगस्त को प्रात: 04 बजकर 54 मिनट भद्रा का प्रारंभ होगा, जो प्रात: 05 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। इस भद्रा का वास धरती पर है, इस वजह से भद्रा में कोई शुभ काम न करें।

सोम प्रदोष व्रत का महत्व

सोम प्रदोष व्रत में शिव पूजा करने से सुख, समृद्धि, मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। कुंडली का चंद्र दोष भी दूर होता है। वैवाहिक जीवन सुखमय होता है, सेहत ठीक रहती है।

Janmashtami Date 2026: 4 या 5 सितंबर, कब मनाया जाएगा जन्माष्टमी का पर्व? जानें सही तारीख और निशिथ काल पूजा मुहूर्त

Stocks to Watch: Paytm, Airtel, Nykaa और ONGC समेत इन स्टॉक्स पर फोकस; RBI के ऐलान का मार्केट पर असर!

Stocks to Watch: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में मजबूत शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 150.50 प्वाइंट्स यानी 0.61% की बढ़त के साथ 24,728.50 पर है। चूंकि आज आरबीआई मौद्रिक नीतियों का ऐलान करने वाला है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 04 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 210.08 प्वाइंट्स यानी 0.27% की गिरावट के साथ 78,428.95 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 159.40 प्वाइंट्स यानी 0.64% की फिसलन के साथ 24,614.90 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

आज इन कंपनियों के नतीजे होंगे पेश

पावर ग्रिड, पीबी फिनटेक, ऑरोबिंदो फार्मा, बर्जर पेंट्स इंडिया, बायोकॉन, कमिंस इंडिया, ईक्लर्क्स सर्विसेज, ऑलकार्गो लॉजिस्टिक्स, जीई वर्नोवा टीएंडी इंडिया, इन्वेंटुरस नॉलेज सॉल्यूशंस, जेके लक्ष्मी सीमेंट, श्री रेणुका शुगर्स, एसआईएस और व्हर्लपूल ऑफ इंडिया आज कारोबारी नतीजे पेश करेंगी

इन कंपनियों के रिजल्ट जारी

Bharti Airtel Q1 (Consolidated (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एयरटेल का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 37.3% बढ़कर ₹8,167.4 करोड़ और रेवेन्यू 18.4% उछलकर ₹58,539.1 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का ईबीआईटीडीए 19.3% बढ़कर ₹33,599 करोड़ और मार्जिन 50 बीपीएस चढ़कर 57.4% पर पहुंच गया। इस दौरान प्रति यूजर औसतन रेवेन्यू ₹250 से ₹264 पर पहुंच गया।

ONGC Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर ओएनजीसी का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 112.3% बढ़कर ₹17,034 करोड़ और रेवेन्यू 45.2% उछलकर ₹46,460 करोड़ पर पहुंच गया। क्रूड ऑयल प्राइस-नॉमिनेटेड का नेट रियलाइजेशन 50.4% बढ़कर प्रति बैरल $99.45 पर पहुंच गया।

FSN E-Commerce Ventures (Nykaa) Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नायका का कंसालिडेटेड प्रॉफिट तीन गुना बढ़कर ₹24.5 करोड़ से ₹79.8 करोड़ और रेवेन्यू 29.1% उछलकर ₹2,782 करोड़ पर पहुंच गया। नायका ने ₹32 करोड़ में एमिनु वेलनेस में 51% हिस्सेदारी हासिल की।

Bharti Hexacom Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर भारती हेग्जाकाम का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 23.2% बढ़कर ₹482 करोड़ और रेवेन्यू 10.9% उछलकर ₹2,510 करोड़ पर पहुंच गया।

Marico Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मैरिको का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 27.1% बढ़कर ₹652 करोड़ और रेवेन्यू 22.9% उछलकर ₹3,957 करोड़ पर पहुंच गया।

Kalyan Jewellers India Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर कल्याण ज्वैलर्स इंडिया का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 32% बढ़कर ₹348.7 करोड़ और रेवेन्यू 45.7% उछलकर ₹10,588.9 करोड़ पर पहुंच गया।

United Breweries Q1 (Consolidated)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर यूनाइटेड ब्रूअरीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9.6% गिरकर ₹166.3 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 7.1% उछलकर ₹3,067 करोड़ पर पहुंच गया।

NHPC Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एनएचपीसी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 2.9% बढ़कर ₹1,095.9 करोड़ और रेवेन्यू 18.5% उछलकर ₹3,808.3 करोड़ पर पहुंच गया।

MCX Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एमसीएक्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 103.5% बढ़कर ₹413.4 करोड़ और रेवेन्यू 88.1% उछलकर ₹702 करोड़ पर पहुंच गया।

Sheela Foam Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर शीला का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 9 गुना बढ़कर ₹6.5 करोड़ से ₹61.4 करोड़ और रेवेन्यू 25.6% उछलकर ₹1,031.9 करोड़ पर पहुंच गया।

BSE Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर बीएसई का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 62% बढ़कर ₹874 करोड़ और रेवेन्यू 63.5% उछलकर ₹1,566 करोड़ पर पहुंच गया। इसने इंडिया इंटरनेशनल बुलियन होल्डिंग आईएफएससी में हिस्सेदारी 3.33% से बढ़ाकर 20% कर ली है।

Metropolis Healthcare Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 25.7% बढ़कर ₹56.9 करोड़ और रेवेन्यू 16.6% उछलकर ₹450.2 करोड़ पर पहुंच गया।

PNB Housing Finance Q1 (Standalone YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 4.3% बढ़कर ₹554.5 करोड़ और NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) 7.5% उछलकर ₹788.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Deepak Nitrite Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर दीपक नाइट्राइट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 3 गुना बढ़कर ₹112.3 करोड़ से ₹345 करोड़ और रेवेन्यू 36.4% उछलकर ₹2,577.6 करोड़ पर पहुंच गया।

Sanofi India Q2CY26 (YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर सनोफी इंडिया का प्रॉफिट 20.1% बढ़कर ₹83.5 करोड़ और रेवेन्यू 7.7% उछलकर ₹437.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Stocks to Watch: इस पर भी रहेगी नजर

LIC

सरकार ने 5 अगस्त को ऑफर फॉर सेल के जरिए एलआईसी में 4% हिस्सेदारी वाले 50.59 करोड़ इक्विटी शेयरों के लिए ओवरसब्सक्रिप्शन विकल्प का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। यह 2.5% वाले 31.62 करोड़ इक्विटी शेयरों के बेस इश्यू साइज के अलावा है।

बल्क और ब्लॉक डील्स

One 97 Communications (Paytm)

एलीवेशन कैपिटल V ने पेटीएम के 10.20 लाख शेयर ₹139.55 करोड़ में बेचे, तो एसएआईएफ III मॉरीशस कंपनी ने 97.43 लाख शेयर ₹1,332.7 करोड़ में और एसएआईएफ पार्टनर्स इंडिया IV ने भी 41.36 लाख शेयर ₹565.77 करोड़ में बेचे। कुल मिलाकर इन तीनों कंपनियों ने पेटीएम के 1.49 करोड़ शेयर ₹2,038.02 करोड़ में बेचे। ये शेयर नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) ट्रस्ट, एक्सिस म्यूचुअल फंड, मॉर्गन स्टेनली, गोल्डमैन सैक्स, सोसिएट जेनरल, बीएनपी परिबास फाइनेंशियल मार्केट्स, सुंदरम म्यूचुअल फंड, मैनुलाइफ ग्लोबल फंड, कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, घिसालो मास्टर फंड, फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड और टाटा म्यूचुअल फंड जैसे दिग्गजों ने खरीदे।

Meesho

सोसिएट जेनरल, एक्सिस म्यूचुअल फंड, फिडेलिटी, गोल्डमैन सैक्स, यूटीआई म्यूचुअल फंड, प्रूडेंशियल हांगकांग, मॉर्गन स्टेनली, कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी, एचएसबीसी म्यूचुअल फंड, घिसालो मास्टर फंड, फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड, अशोका इंडिया इक्विटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट, बीएनपी पारिबास फाइनेंशियल मार्केट्स, डेंडाना इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस और ईस्टस्प्रिंग इन्वेस्टमेंट्स समेत 27 निवेशकों ने एलीवेशन कैपिटल और पीक XV पार्टनर्स इन्वेस्टमेंट्स से मीशो की 2.27% होल्डिंग के बराबर शेयर ₹1949 करोड़ में ₹186 के भाव पर खरीदे।

Poonawalla Fincorp

पीएफएल एम्प्लॉई वेलफेयर ट्रस्ट ने पूनावाला फिनकॉर्प के 47.08 लाख शेयर (0.53% हिस्सेदारी) ₹222.96 करोड़ में बेच दिए। प्रति शेयर ₹473.5 के भाव पर इन्हें सुंदरम म्यूचुअल फंड, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, हेलियोस म्यूचुअल फंड और मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर जैसे निवेशकों ने खरीदा।

Sudeep Pharma

गोल्डमैन सैक्स फंड्स-गोल्डमैन सैक्स इंडिया इक्विटी पोर्टफोलियो ने नुवामा से सुदीप फार्मा के सुदीप फार्मा के 11.76 लाख शेयर (1.04% हिस्सेदारी) ₹100 करोड़ में खरीदे। नुवामा क्रॉसओवर अपॉर्चुनिटीज फंड-सीरीज III ने 6.14 लाख शेयर और सीरीज IIIA ने फार्मा कंपनी के 5.62 लाख शेयर ₹850 के भाव पर बेचे हैं। जून 2026 तक कंपनी में नुवामा क्रॉसओवर अपॉर्चुनिटीज फंड-सीरीज III की 2.95% और सीरीज IIIA की 2.57% हिस्सेदारी थी।

Zota Health Care

लिप्टस पंच-कार्ड फंड ने वैलिएंट इंडिया अपॉर्चुनिटीज से जोटा हेल्थ केयर के 2.19 लाख शेयर (0.63% हिस्सेदारी) ₹27.18 करोड़ में ₹1,241 के भाव पर खरीदे।

Rajgor Castor Derivatives

यूनिकॉर्न फंड ने राजगोर कैस्टर डेरिवेटिव्स के 8.97 लाख शेयर (3.75% हिस्सेदारी) ₹2.95 करोड़ में ₹32.94 के भाव पर ₹2.96 करोड़ में बेचे। मार्च 2026 तक फंड के पास कंपनी में 5.76% हिस्सेदारी के बराबर 13.77 लाख शेयर थे। इसमें से राघव नरेंद्र राठी ने ₹33 के भाव पर 2.97 लाख शेयर, रमेशचंद्र मदनलाल राठी ने ₹32.90 के भाव पर 3.03 लाख शेयर और माधव नरेंद्र राठी ने ₹32.94 के भाव पर 3 लाख शेयर खरीदे।

Aimtron Electronics

एल्केमी कैपिटल मैनेजमेंट के एल्केमी लॉन्ग टर्म वेंचर्स फंड सीरीज 3 ने प्रति शेयर ₹1,480 के भाव पर एमट्रॉन इलेक्ट्रॉनिक्स के 2.06 लाख शेयर ₹30.48 करोड़ में खरीदे। वहीं प्रमोटर मुकेश जेराम वसानी ने प्रति शेयर ₹1,480.09 के भाव पर कंपनी के 2.1 लाख शेयर ₹31.08 करोड़ में बेचे हैं।

Apollo Pipes

प्रमोटर एस गुप्ता होल्डिंग ने प्रति शेयर ₹522.16 के भाव पर अपोलो पाइप्स के 2.25 लाख शेयर और ₹522.34 के भाव पर ₹2.25 लाख शेयर खरीदे। इस प्रकार प्रमोटर ने ₹23.5 करोड़ में कंपनी में 1% से अधिक हिस्सेदारी हासिल की।

लिस्टिंग

आज मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे तो एचआर हाईजीन प्रोडक्ट्स के शेयरों की बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

एक्स-डेट

हुंडई मोटर इंडिया, एडीएफ फूड्स, अजंता फार्मा, अनुह फार्मा, ऑटोमोटिव एक्सल्स, इंडेफ मैन्युफैक्चरिंग, बेयर क्रॉपसाइंस, बर्जर पेंट्स इंडिया, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, डिसा इंडिया, फर्मेंटा बायोटेक, गांधी स्पेशल ट्यूब्स, गुडइयर इंडिया, इंडैग रबर, आईआरबी इंफ्रा डेवलपर्स, मैट्रिमोनीडॉटकॉम, मुकेश बाबू फाइनेंशियल सर्विसेज, मुंजाल शोवा, ओरिएंटल एरोमैटिक्स, श्रेयांस इंडस्ट्रीज, सिका इंटरप्लांट सिस्टम्स, सोमानी सिरेमिक्स, टीडी पावर सिस्टम्स, अपडेटर सर्विसेज, और वेदांता एल्युमीनियम मेटल के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेंगे। वहीं एसएबी इवेंट्स एंड गवर्नेंस नाउ मीडिया के रिजॉल्यूशन प्लान-सस्पेंशन की भी आज एक्स-डेट है।

F&O Ban

एलआईसी में आज एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Budhaditya Yog 2026: कर्क राशि में आज बुध गोचर से बनेगा बुधादित्य राजयोग, सूर्य के समान चमकेगा 4 राशियों का भाग्य

Budhaditya Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का गोचर बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यूं तो यह सामान्य घटना है, लेकिन इस असर देश-दुनिया की घटनाओं को सभी 12 राशियों के जातकों पर पड़ता है। कोई ग्रह जब एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो कई उसका संयोग वहां पहले से मौजूद दूसरे ग्रहों के साथ बन जाता है। ऐसी स्थिति में कुछ खास और लाभकारी योग भी बनते हैं, जो कुछ राशियों के लिए अत्यंत शुभ होते हैं।

ऐसा ही संयोग कर्क राशि में आज बनने जा रहा है। इस राशि में गुरु और सूर्य पहले से ही मौजूद हैं, जबकि बुध आज प्रवेश कर रहे हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, 5 अगस्त को बुध के कर्क राशि में गोचर करेंगे। इस गोचर के साथ ही बुधादित्य योग का निर्माण होगा। इस योग से 4 राशियों को शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा और पिता का कारक माना जाता है। वहीं, बुध को बुद्धि व वाणी का कारक माना गया है। आइए जानते हैं इस गोचर से किन-किन राशियों को जबरदस्त लाभ मिलने वाला है।

मेष राशि : मेष राशि के जातकों के लिए यह योग अत्यंत फलदायी सिद्ध होगा। संपत्ति, वाहन या नया घर खरीदने के योग बन रहे हैं। नौकरी में पदोन्नति और वेतन वृद्धि के स्पष्ट संकेत हैं। माता-पिता का पूरा सहयोग मिलेगा और घर में मांगलिक कार्य हो सकते हैं।

मिथुन राशि : बुध आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए सूर्य के साथ उनका यह संयोग आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। आपकी बोलचाल शैली से लोग प्रभावित होंगे, जिससे व्यापार और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को बड़ा फायदा होगा।

कर्क राशि : यह गोचर आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में हो रहा है, जिससे आपका आत्मविश्वास और मान-सम्मान चरम पर रहेगा। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। व्यवसाय से जुड़े लोगों को नए सौदे मिल सकते हैं। जीवनसाथी के साथ रिश्ते मजबूत होंगे।

तुला राशि : तुला राशि वालों के लिए यह योग कर्म भाव में बनेगा, जो करियर में बड़े बदलाव लाएगा। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को मनचाही कंपनी से ऑफर मिल सकता है। कार्यस्थल पर आपकी कार्यशैली की सराहना होगी। आय के नए स्रोत बनेंगे, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Trigrahi yog 2026: कर्क राशि में इस दिन एकसाथ होंगे सूर्य, गुरु, बुध और बनाएंगे त्रिग्रही योग, जानें किन राशियों को मिलेगा इस संयोग का लाभ

देवभूमि में कांवड़ियों का भव्य स्वागत, पुष्पवर्षा और चरण प्रक्षालन से किया अभिनंदन, CM धामी ने परोसा भोजन

cm dhami

धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान मंगलवार को आस्था, सेवा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड ने देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। राज्य सरकार की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के सम्मान के साथ-साथ कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल संचालन के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी संदेश दिया गया।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के हरिद्वार आगमन पर हरकीपैड़ी से लेकर कांवड़ यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर से शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। अलकनंदा होटल परिसर में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने पाँच शिवभक्त कांवड़ियों का चरण प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया।  

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रियों की स्वास्थ्य सहायता एवं सुविधाओं के लिए स्थापित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं का अवलोकन किया और श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार, आवश्यक दवाइयां तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

 

मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों के बीच पहुंचकर उनका स्वागत किया और अपने हाथों से भोजन परोसा।

 

काँवड़ यात्रियों के अभिनदंन कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण मिले। कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का विराट पर्व है। इसके सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार सभी संबंधित विभागों के समन्वय से निरंतर कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों से उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के बीच आने और उनकी सेवा करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का नाम करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, ऊर्जा और विश्वास का आधार है। कठिन परिस्थितियों में भी शिवभक्त सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पूरी करते हैं और “बम-बम भोले” के जयघोष के साथ अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। कांवड़ यात्रा अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर सफलतापूर्वक अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास का व्यापक कार्य हो रहा है। काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, श्रीराम जन्मभूमि, केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाएं भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्रदान कर रही हैं।

 

उन्होंने केदारनाथ आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर इसे भव्य और दिव्य स्वरूप दिया गया है। वहां आस्था पथ, सरस्वती घाट, आदि शंकराचार्य की प्रतिमा, तीर्थ पुरोहित आवास सहित अनेक सुविधाओं का विकास किया गया है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी योजनाएं राज्य के विकास और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा प्रदान करेंगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, एंबुलेंस सेवाएं, स्वास्थ्य शिविर और आपातकालीन सहायता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने शिवभक्तों से यात्रा के दौरान अनुशासन, मर्यादा और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील की।

उन्होंने पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण मित्रों, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य सेवा कार्यों में जुटे कर्मयोगियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी का सामूहिक सहयोग ही इस विशाल आयोजन को सफल बनाता है। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पाँच पुलिसकर्मियों तथा पाँच पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल कुछ व्यक्तियों का नहीं, बल्कि उन सभी कर्मयोगियों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का प्रतीक है, जो यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में दिन-रात जुटे हुए हैं।

 

इस अवसर पर महामण्डलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज, कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक, श्री प्रदीप बत्रा एवं श्री राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण चौधरी, विधायक रानीपुर श्री आदेश चौहान, हरिद्वार की मेयर श्रीमती किरण जैसल, रुड़की की मेयर श्रीमती अनिता अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक श्री संजय गुप्ता, राज्य मंत्री श्री देशराज कर्णवाल, श्री दिनेश कौशिक, डॉ. जयपाल सिंह चौहान, श्री श्यामवीर सैनी, श्री शोभाराम प्रजापति, श्री नितिन गौतम, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष श्री राजीव शर्मा, गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री विक्रम भुल्लर, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, गढ़वाल आयुक्त श्री आनंद स्वरूप, मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, आईजी (कुंभ मेला) श्री योगेन्द्र सिंह रावत, जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी (कुंभ मेला) श्री आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त श्री नंदन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्रीमती निशा यादव, अपर जिलाधिकारी श्री जितेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक नगर श्री अभय प्रताप सिंह, सचिव एचआरडीए श्री प्रत्यूष सिंह तथा उपजिलाधिकारी हरिद्वार श्री योगेश मेहरा, उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िए उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती ने किया।