Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी पर 9 साल बाद बना अनोखा संयोग, 10 नहीं इस बार 12 दिनों के लिए पधारेंगे बप्पा

Ganesh Chaturthi 2026: भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य का देवता माना जाता है। किसी भी शुभ काम की शुरुआत से पहले उनकी पूजा की जाती है, इसलिए गणेश चतुर्थी का पर्व नए कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म का एक प्रमुख और पवित्र त्योहार है, जो भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को शुरू होता है और 10 दिनों तक चलता है। अनन्त चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश की प्रतिमा के विसर्जन के साथ इसका समापन होता है। गणेश चतुर्थी के दिन बप्पा के भक्त गणेश की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करते हैं। घरों से लेकन सार्वजनिक पांडालों में गजानन की भक्ती की धूम रहती है।

बप्पा के भक्तों को गणेश चतुर्थी का साल भर इंतजार रहता है। ये उत्सव पूरे 10 दिनों तक चलता है। 10 दिनों तक गणेश जी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, आरती उतारी जाती है और उनका प्रिय भोग ‘मोदक’ चढ़ाया जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस साल गणेश चतुर्थी के पर्व पर 9 साल के बाद अनोखा संयोग बन रहा है। पंचांग की गणनाओं के अनुसार, इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व 10 नहीं 12 दिनों का होगा।

गणेश चतुर्थी तिथि

हिंदू पंचांग के मुताबिक, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को ही गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। अधिकांश हिंदू व्रत सूर्योदय के समय ही किए जाते हैं लेकिन गणेश स्थापना दोपहर के समय की जाती है। माना जाता है कि भगवान गणेश का जन्म दोपहर में ही हुआ था। दोपहर के समय मूर्ति स्थापित करना काफी शुभ माना जाता है।

गणेश चतुर्थी- सोमवार, 14 सितंबर 2026

चतुर्थी तिथि का प्रारंभ- सुबह 7 बजकर 6 मिनट

चतुर्थी तिथि समाप्त- सुबह 7 बजकर 44 मिनट, 15 सितंबर 2026

मुख्य विसर्जन की तिथि- 25 सितंबर 2026, शुक्रवार

इस साल 12 दिनों तक रहेंगे बप्पा

गणेश चतुर्थी पारंपरिक रूप से, चंद्र पखवाड़े के 14वें दिन यानी अनंत चतुर्दशी को प्रतिमा विसर्जन के साथ समाप्त होती है। गणेशोत्सव की अवधि दिनों की निश्चित संख्या के बजाय हिंदू चंद्र कैलेंडर से जुड़ी होती है। तिथि और स्थानीय परंपराओं के आधार पर, यह त्योहार अलग-अलग अवधि के लिए मनाया जाता है, जिसमें डेढ़, तीन, पांच, सात या 10 दिन शामिल हैं। 2026 में, चंद्र तिथियों के दुर्लभ संयोग के कारण यह त्योहार 12 दिनों तक चलेगा। गणेश चतुर्थी पर्व की शुरुआत 14 सितंबर को गणेश स्थापना के साथ होगी और 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी विसर्जन के साथ इसका समापन होगा। इस साल, गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल की तृतीया तिथि के साथ पड़ेगी। 12 दिनों का गणेशोत्सव 2017 के नौ साल बाद हो रहा है। यह किसी तय 9 साल के गणितीय नियम की वजह से नहीं है। बल्कि, यह हिंदू पंचांग में तिथियों की गणना पर निर्भर करता है।

बप्पा का विसर्जन भक्तों के विघ्न का विसर्जन है

उत्सव के अंतिम दिन यानी अनंत चतुर्दशी के दिन प्रतिमा को ढोल-नगाड़ों और जुलूस के साथ नदी, तालाब या समुद्र में विसर्जित किया जाता है। विसर्जन इस बात का प्रतीक है कि भगवान गणेश अपने लोक (कैलाश) लौट रहे हैं और भक्तों के सभी विघ्न अपने साथ ले जा रहे हैं।

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मालदा में गंगा का रौद्र रूप, 150 साल पुराना शिव मंदिर नदी में समाया; 62 गांव पानी में डूबे

मालदा में गंगा का रौद्र रूप, 150 साल पुराना शिव मंदिर नदी में समाया; 62 गांव पानी में डूबे

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पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में बाढ़ और गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच तट कटाव ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। रविवार को रतुआ इलाके में गंगा किनारे स्थित करीब 150 साल पुराना शिव मंदिर नदी में समा गया। लगातार हो रहे कटाव के कारण मंदिर पर पहले से ही खतरा मंडरा रहा था, लेकिन इस बार नदी का बहाव इतना तेज रहा कि पूरा मंदिर ढह गया। बाढ़ की वजह से 62 गांव पानी में डूब गए। ALSO READ: बिहार में बाढ़ का भयंकर रूप: 13 जिलों में 27 लाख लोग प्रभावित, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

 

विशेषज्ञों के मुताबिक, बिहार की ओर से बड़ी मात्रा में पानी आने के कारण गंगा का जलस्तर आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। अनुमान है कि 9 सितंबर तक जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रह सकती है। इससे मालदा के नदी किनारे बसे इलाकों में खतरा और बढ़ गया है।

पिछले साल से ही खतरे में था मंदिर

रतुआ के मुनिरामटोला में स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर पिछले साल से ही गंगा के कटाव की जद में था। स्थानीय स्तर पर किए गए अस्थायी बचाव कार्यों के कारण मंदिर अब तक टिका हुआ था। हालांकि, नदी का लगातार बदलता रुख और बढ़ता जलस्तर आखिरकार मंदिर पर भारी पड़ गया।

 

स्थानीय शिक्षक आलोक मंडल के मुताबिक, उनके बचपन में गंगा मंदिर से करीब 15 किलोमीटर दूर बहती थी। मंदिर स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के बीच भी काफी लोकप्रिय था। यहां लगने वाले साप्ताहिक बाजार में हजारों लोग पहुंचते थे और बिहार से भी लोग आते थे। शनिवार को नदी के किनारे का बड़ा हिस्सा कटकर बह गया। इसके बाद रविवार शाम तेज कटाव के चलते गंगा ने पूरे मंदिर को अपने आगोश में ले लिया। ALSO READ: बाढ़ में योगी सरकार का राहत अभियान जारी, 6.83 लाख लंच पैकेट व 1.11 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट बांटे

भुटनी द्वीप में हालात बिगड़े

मानिकचक ब्लॉक का सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र भुटनी द्वीप भीषण बाढ़ की चपेट में है। यहां का एकमात्र स्थानीय अस्पताल पानी भरने के कारण बंद करना पड़ा है। फिलहाल प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था पंचायत कार्यालय से संचालित की जा रही है। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें मानिकचक की दो स्कूल इमारतों में स्थानांतरित किया गया है।

 

मानिकचक और रतुआ के अलावा इंग्लिश बाजार क्षेत्र में भी बाढ़ और कटाव का असर दिखाई दे रहा है। खसकोल में नदी के कटाव से जमीन के बड़े हिस्से के साथ आम के कई बागान भी नष्ट हो गए हैं।

 

प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। राज्य सरकार के मंत्री भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि तीन पंचायतों के कम से कम 62 गांव और एक स्थानीय पुलिस स्टेशन पानी में डूबे हुए हैं।

 

तटबंध टूटने के बाद बढ़ी मुश्किल

भुटनी द्वीप में 2 सितंबर की रात तटबंध टूटने के बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई। पानी भरने के कारण पूरा द्वीप प्रभावित हो गया और बड़ी संख्या में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। करीब 6.5 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2025 में बनाए गए इस तटबंध के टूटने पर स्थानीय विधायक गौर मंडल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने तटबंध के निर्माण की गुणवत्ता पर आरोप लगाते हुए इसकी विफलता के लिए पिछली टीएमसी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

 

फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित गांवों से पानी निकालने, लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और नदी के बढ़ते कटाव को रोकने की है। आने वाले दिनों में गंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका के चलते प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

बिहार में बाढ़ का तांडव: गंगा समेत 7 नदियां उफान पर, 12 जिलों में 22 लाख से ज्यादा प्रभावित

बिहार में बाढ़ का तांडव: गंगा समेत 7 नदियां उफान पर, 12 जिलों में 22 लाख से ज्यादा प्रभावित

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बिहार में मानसून की सक्रियता और नदियों के उफान ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। राज्य के 12 जिलों में बाढ़ से भीषण तबाही मची हुई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, इन जिलों के 70 प्रखंडों के अंतर्गत आने वाली 368 ग्राम पंचायतों की करीब 22.42 लाख आबादी बाढ़ की चपेट में है। ALSO READ: बाढ़ प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता मिले, फसल और मकान क्षति का तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा दें : योगी आदित्यनाथ

 

खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं नदियां

केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, राज्य की प्रमुख नदियां—गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा—विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राजधानी पटना में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते गांधीघाट, पंडारक, दानापुर और बांका घाट जैसे इलाकों में गंगा उफान पर है।

 

इन 12 जिलों में सबसे बुरे हालात

बाढ़ से प्रभावित होने वाले प्रमुख 12 जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल शामिल हैं। भागलपुर में एनएच-80 पर लगभग 2 फीट पानी बहने के कारण भागलपुर-अकबरनगर मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। मुंगेर में महाने नदी के उफान से टेटिया बंबर प्रखंड के बरसंडा गांव के पास सड़क का डायवर्जन बह गया है, जिससे कई गांवों का संपर्क कट गया है। ALSO READ: चित्रकूट में सीएम योगी ने बाढ़ पीड़ितों के घावों पर लगाया मरहम, बांटी राहत सामग्री, ढहे मकानों के लिए दिए चेक

 

हादसों में 5 लोगों की मौत

बाढ़ के पानी के बीच हुए हादसों और डूबने से जनहानि की भी खबर है। सारण जिले में एक महिला समेत दो लोगों की, वैशाली जिले में दो लोगों की और खगड़िया सदर प्रखंड के रहीमपुर में एक बच्चे की बाढ़ के पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई है।

 

राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी

स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया है। लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए कुल 1,429 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही, राहत शिविरों और 190 सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से लगभग 2.5 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

अगले दो दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी

आपदा की इस मार के बीच बिहार मौसम सेवा केंद्र ने चिंता और बढ़ा दी है। केंद्र के मुताबिक, अगले दो दिनों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम और कुछ खास इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, जिससे नदियों के जलस्तर में और अधिक वृद्धि हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।

BB 20 Final List: मैरीकॉम, आम्रपाली से लेकर पंचायत के ‘दामाद जी’ तक… जानें इस बार बिग बॉस के घर का कौन-कौन बढ़ाएगा पारा

Bigg Boss 20: बिग बॉस 20 का आखिरकार इंतजार खत्म हुआ। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने ‘बिग बॉस 20’ के होस्ट के रूप में एक बार फिर शो में वापसी की है। प्रीमियर एपिसोड में ही कंटेस्टेंट्स की एंट्री के साथ माहौल काफी रोमांचक नजर आया। शो के ग्रैंड प्रीमियर में सलमान खान काउबॉय लुक में नजर आए और उन्होंने अपने डांस से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। फैंस बेसब्री से इस सीजन का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, शो में शामिल होने वाले सभी कंटेस्टेंट्स की फाइनल लिस्ट भी सामने आ गई है। आइए जानते हैं इस बार बिग बॉस के घर में कौन-कौन से कंटेस्टेंट्स शामिल होने वाले हैं।

कनिका मान

‘बिग बॉस 20’ में सबसे पहले कनिका मान ने एंट्री ली। सलमान ने पानीपत की कनिका के काम की तारीफ की और बताया कि उनकी मां सलमा खान भी कनिका की फैन हैं। इसके बाद कनिका ने बिग बॉस के घर में कदम रखा और घर का जायजा लिया। बिग बॉस ने उन्हें कन्फेशन रूम में बुलाकर एक खास जिम्मेदारी दी। कनिका को ‘पपेट मास्टर’ बनाया गया है, जिसके तहत उन्हें घर में आने वाले कंटेस्टेंट्स पर एक खास ताकत इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा।

आसिफ खान

बिग बॉस 20 के घर में दूसरे प्रतियोगी के तौर पर अभिनेता आसिफ खान ने एंट्री ली। आसिफ खान को वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ और ‘पंचायत’ सीरीज से पहचान मिली थी। शो में सलमान खान ने उनका स्वागत किया। इस दौरान आसिफ ने बताया कि वह फिल्म ‘रेडी’ में सलमान खान के साथ जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर काम कर चुके हैं। अपनी जिंदगी के इस सफर को याद करते हुए आसिफ भावुक हो गए और उन्होंने अपनी मां के लिए भी खास संदेश दिया।

काजी अबरार

बिग बॉस 20 के घर में तीसरे कंटेस्टेंट के तौर पर सिंगर काजी अबरार ने कदम रखा। उन्हें ‘अफगान जलेबी’ गाने के लिए जाना जाता है। शो में सलमान खान ने काजी का स्वागत किया, जिसके बाद उन्होंने बताया कि कई साल पहले कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में वह सलमान के साथ मंच शेयर कर चुके हैं। घर में एंट्री के बाद काजी काफी उत्साहित नजर आए और लगातार अपनी बात रखते रहे।

ईशा रिखी

बिग बॉस 20 में पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी ने चौथी कंटेस्टेंट के तौर पर एंट्री ली। शो में उन्होंने अपनी निजी जिंदगी और पति से अलगाव को लेकर खुलकर बात की। ईशा ने बिना नाम लिए बताया कि वह कभी अपने पति को हरे-भरे जंगल की तरह समझती थीं, लेकिन समय के साथ उन्हें महसूस हुआ कि इस रिश्ते में उनकी खुद की पहचान कहीं पीछे छूट रही है। इस बारे में बात करते हुए वह भावुक भी हो गईं। सलमान खान ने जब उनसे पति का नाम बताने के बारे में पूछा तो ईशा ने साफ कहा कि वह उनका नाम नहीं लेंगी, क्योंकि वह उनकी जिंदगी का बीता हुआ हिस्सा है।

आम्रपाली दुबे

बिग बॉस 20 के घर में भोजपुरी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री आम्रपाली दुबे ने पांचवीं कंटेस्टेंट के रूप में एंट्री की। शो में पहुंचकर उन्होंने सलमान खान से बातचीत की और कहा कि वह यहां दर्शकों को अपना नया और बदला हुआ अंदाज दिखाने के लिए तैयार हैं। आम्रपाली के स्वागत के लिए भोजपुरी अभिनेता निरहुआ भी शो में पहुंचे।

रोहेड खान

बिग बॉस 20 में ऑस्ट्रिया के अभिनेता और मॉडल रोहेड खान ने भी बतौर कंटेस्टेंट एंट्री ली। रोहेड इससे पहले सलमान खान की फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’ में उनके साथ नजर आ चुके हैं। वह बॉलीवुड के अलावा यूरोप और इंटरनेशनल सिनेमा में भी काम कर चुके हैं। ऑस्ट्रिया में जन्मे रोहेड जर्मन, अंग्रेजी, दारी, फारसी और हिंदी भाषाएं बोलते हैं।

लव गिल और मैरी कॉम

बिग बॉस 20 में पंजाबी अभिनेत्री लव गिल और पूर्व बॉक्सर मैरी कॉम ने भी कंटेस्टेंट के तौर पर एंट्री की। शो में मैरी कॉम नीली ड्रेस में नजर आईं और उन्होंने सलमान खान के साथ बातचीत करते हुए अपनी पहली मुलाकात का किस्सा साझा किया। इस दौरान सलमान ने उनके लिए अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा का एक खास संदेश भी सुनाया। बता दें कि प्रियंका चोपड़ा फिल्म ‘मैरी कॉम’ में बॉक्सर मैरी कॉम का किरदार निभा चुकी हैं।

रैपर युंग DSA

बिग बॉस 20 में 22 साल के रैपर युंग DSA ने भी एंट्री ली। सलमान खान से बातचीत के दौरान युंग ने बताया कि वह यरवदा से आते हैं। यह सुनकर सलमान ने मजाकिया अंदाज में कहा, “मुझे ऐसे मत डरा।” इसके बाद सलमान ने युंग से पूछा कि क्या उनका किसी गैंग से कोई संबंध है। रैपर ने साफ किया कि वह किसी भी गैंग का हिस्सा नहीं हैं।

स्काउट

बिग बॉस 20 में गेमिंग की दुनिया के मशहूर चेहरा स्काउट ने भी कंटेस्टेंट के तौर पर एंट्री ली। सलमान खान ने उनका परिचय कराते हुए उनसे उनके नाम से जुड़ी कहानी पूछी। स्काउट का असली नाम तन्मय है और सोशल मीडिया पर उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है, इंस्टाग्राम पर उन्हें 4.4 मिलियन लोग फॉलो करते हैं।

सैय्यद अरिश्फा खान

सोशल मीडिया स्टार सैय्यद अरिश्फा खान ने भी कदम रखा। शो में सलमान खान से बातचीत के दौरान अरिश्फा ने बताया कि सोशल मीडिया पर उनके 29 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। उनकी इतनी बड़ी फैन फॉलोइंग सुनकर सलमान ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें भी अरिश्फा से ज्यादा फॉलोअर्स हासिल करने का तरीका सीखना चाहिए। दोनों के बीच इस बातचीत ने शो में हल्का-फुल्का माहौल बना दिया।

अमन गांधी

टीवी अभिनेता अमन गांधी ने भी बिग बॉस 20 के घर में कंटेस्टेंट के तौर पर एंट्री की। सलमान खान ने उनका परिचय कराते हुए उन्हें टीवी का जाना-पहचाना और सफल चेहरा बताया। अमन को मशहूर धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में रितिक विरानी के किरदार से खास पहचान मिली थी। अब बिग बॉस के घर में उनकी मौजूदगी दर्शकों के लिए एक नया अनुभव होने वाली है।

उदिति सिंह

अभिनेत्री उदिति सिंह ने भी कंटेस्टेंट के तौर पर एंट्री की। उदिति ने बताया कि लोग अक्सर उनकी तुलना बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर से करते हैं, इसी बात पर सलमान ने मजाकिया अंदाज में उन्हें ‘करीना’ कहकर बुलाया। उदिति इससे पहले हिमेश रेशमिया के साथ ‘सुरूर’ में भी नजर आ चुकी हैं।

ऋति तिवारी

बिग बॉस 20 में ऋति तिवारी ने कंटेस्टेंट के तौर पर घर में कदम रखा। उनकी एंट्री के दौरान उनके पिता और भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी भी शो में पहुंचे और अपने मशहूर गाने ‘रिंकिया के पापा’ पर परफॉर्म किया। सलमान खान ने मनोज से मजाक में पूछा कि क्या वह खुद भी इस बार बिग बॉस का हिस्सा बनने वाले हैं, जिस पर उन्होंने बताया कि वह सिर्फ अपनी बेटी को घर तक छोड़ने आए हैं। इसके बाद मनोज ने अपनी पहली शादी से हुई बेटी ऋति का स्वागत किया। वहीं, सलमान ने ऋति से मजाक करते हुए कहा कि वह घर में अंडे को लेकर कोई हंगामा न करें।

माही विज

बिग बॉस 20 के ग्रैंड प्रीमियर में अभिनेत्री माही विज ने आखिरी कंटेस्टेंट के तौर पर घर में कदम रखा। उन्होंने ‘छलिया’ गाने पर डांस करते हुए शो में एंट्री की। माही इससे पहले ‘मेहर’ में नजर आ चुकी हैं और हाल ही में पति जय भानुशाली से तलाक की खबरों को लेकर भी चर्चा में थीं।

Bihar Flood Crisis: पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बिहार में हाई अलर्ट, निचले इलाकों में बाढ़ से 19 लाख लोग प्रभावित

Bihar Flood Crisis: बिहार के 11 जिलों में 19 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राजधानी पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बाढ़ के खतरे के निशान से ऊपर जाने के बाद अधिकारियों ने रविवार (6 सितंबर) को निचले इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के बाद पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर बाढ़ के अहम हाईएस्ट फ्लड लेवल (HFL) से ऊपर चला गया है। इसलिए अगले एक से तीन दिनों में राज्य की राजधानी में हाथीदह और उसके बाद के रेलवे स्टेशन के प्रभावित होने की आशंका है।

19.57 लाख लोग प्रभावित

अधिकारियों ने रविवार को पत्रकारों को बताया कि राज्य में कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया सहित 11 जिलों के 330 ग्राम पंचायतों में लगभग 19.57 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। जल संसाधन विभाग (WRD) की ओर से जारी लेटेस्ट एडवाइजरी के मुताबिक, हथीदह में गंगा का जलस्तर अपने पिछले एचएफएल को पार कर सकता है। इसके मद्देनजर बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

एडवाइजरी जारी

सरकार की तरफ से जारी एक आधिकारिक एडवाइजरी में कहा गया है, “अधिकारियों और जमीनी स्तर के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और जरूरत के हिसाब से सावधानी बरतते हुए जल-स्तर, तटबंधों, संवेदनशील जगहों और निचले इलाकों पर नियमित नजर रखें।” इसमें कहा गया, “इंजीनियरों से बाढ़ से निपटने से संबंधित संसाधन और मशीनरी तैयार रखने को कहा गया है। प्रभावित इलाकों के लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के पास न जाएं और सतर्क रहें।”

पटना समेत 14 जिलों में हालात गंभीर

बिहार की प्रमुख नदियों जैसे गंगा, गंडक और कोसी में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। पटना समेत 14 जिलों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार, पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से लगभग दो मीटर ऊपर बह रही है। विभाग ने अनुमान लगाया है कि गांधी घाट गेज साइट पर बाढ़ का नया उच्चतम स्तर दर्ज किया जा सकता है। विभाग ने संबंधित ज़िलों को बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

गंगा का जलस्तर कितना बढ़ा?

स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि वे नावों के संचालन पर नजर रखें, क्षमता से अधिक लोगों को नावों पर सवार नहीं होने दें। साथ ही लोगों को हालात के बारे में जानकारी देते रहें। डब्ल्यूआरडी के मुताबिक, पटना के गांधी घाट पर रविवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर था, जो 21 अगस्त 2016 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 50.52 मीटर से 0.05 मीटर अधिक है। बयान के मुताबिक, पटना जिले के पंडारक में रविवार सुबह छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 43.92 मीटर था, जो 16 अगस्त 2021 को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम जलस्तर 43.73 मीटर से 0.19 मीटर अधिक है।

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Bigg Boss 20 premiere: मैरी कॉम से लेकर आम्रपाली दुबे तक, बिग बॉस 20 में नजर आने वाले 18 कंटेस्टेंट की देंखे फुल लिस्ट

Bigg Boss 20 premiere: ‘बिग बॉस 20’ का काउंटडाउन लगभग खत्म हो चुका है। सलमान खान इस रियलिटी शो के होस्ट के तौर पर वापसी कर रहे हैं, जो 6 सितंबर को शुरू होने वाला है। ग्रैंड प्रीमियर से पहले, सेट से कई वीडियो और झलकियां ऑनलाइन सामने आई हैं, जिससे फैंस का उत्साह और बढ़ गया है।

इस बढ़ती चर्चा के बीच 18 संभावित कंटेस्टेंट्स की एक लिस्ट ऑनलाइन सामने आई है। इस लिस्ट में जाने-माने टीवी चेहरे, रीजनल स्टार्स, डिजिटल क्रिएटर्स, रियलिटी-शो पर्सनैलिटीज, एक मशहूर स्पोर्ट्सपर्सन और म्यूजिक व ई-स्पोर्ट्स की दुनिया के नाम शामिल हैं। संभावित कंटेस्टेंट्स की लिस्ट यहां देखें-

1. मैरी कॉम

ओलंपिक मेडलिस्ट और बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम शायद इस लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम हैं। बॉक्सिंग में अपनी उपलब्धियों के लिए मशहूर मैरी कॉम बिग बॉस हाउस में एक बिल्कुल अलग माहौल ला सकती हैं और इस सीजन में स्पोर्ट्स की दुनिया से एक मज़बूत मौजूदगी दर्ज करा सकती हैं।

2. कनिका मान

टेलीविजन एक्ट्रेस कनिका मान एक और जाना-माना नाम हैं जिनके शो में शामिल होने की खबर है। वह ‘गुड्डन तुमसे ना हो पाएगा’ और ‘नागिन’ जैसे शो में काम कर चुकी हैं। उनका टेलीविजन का अनुभव और लोकप्रियता उन्हें शो के दिलचस्प कंटेस्टेंट में से एक बना सकती है।

3. आसिफ खान

‘पंचायत’ में अपने रोल के लिए मशहूर आसिफ खान भी उन कंटेस्टेंट में शामिल हैं जिनके नाम की चर्चा है। स्क्रीन पर उनका शांत अंदाज और सेंस ऑफ ह्यूमर, घर के ज़्यादा मुखर लोगों से बिल्कुल अलग हो सकता है।

4. आम्रपाली दुबे

भोजपुरी सिनेमा की स्टार आम्रपाली दुबे बिग बॉस 20 में एक मज़बूत क्षेत्रीय जुड़ाव ला सकती हैं। भोजपुरी एंटरटेनमेंट की मशहूर हस्तियों में से एक होने के नाते, उनकी मौजूदगी क्षेत्रीय दर्शकों के बीच शो की पहुंच बढ़ा सकती है।

5. अरिशफा खान

डिजिटल क्रिएटर और पूर्व चाइल्ड एक्ट्रेस अरिशफा खान भी इस लिस्ट का हिस्सा हो सकती हैं। सोशल मीडिया पर बड़ी फैन फॉलोइंग के साथ, वह शो में एक मज़बूत डिजिटल फैन बेस ला सकती हैं और युवा दर्शकों से जुड़ सकती हैं।

6. माही विज

टेलीविजन एक्ट्रेस माही विज भी एक संभावित कंटेस्टेंट हैं। कई सालों से टीवी इंडस्ट्री का हिस्सा रहने के कारण, वह दर्शकों के लिए एक जाना-पहचाना चेहरा हैं और बिग बॉस हाउस में काफी अनुभव ला सकती हैं।

7. कुशल तंवर उर्फ ​​गुल्लू

रियलिटी शो पर्सनैलिटी कुशल तंवर, जिन्हें गुल्लू के नाम से भी जाना जाता है, के भी घर में आने की उम्मीद है। वह ‘रोडीज़’ और ‘स्प्लिट्सविला’ जैसे रियलिटी शो से जुड़े रहे हैं और अपनी कॉम्पिटिटिव पर्सनैलिटी के लिए जाने जाते हैं।

8. ईशा रिखी

एक्ट्रेस ईशा रिखी का नाम भी संभावित कंटेस्टेंट की लिस्ट में शामिल है। वह हाल के वर्षों में अपने प्रोफेशनल काम और पर्सनल लाइफ दोनों को लेकर चर्चा में रही हैं, जिससे उनके शामिल होने को लेकर लोगों की उत्सुकता बढ़ सकती है।

9. अमन गांधी

टेलीविजन एक्टर अमन गांधी भी इस लिस्ट में शामिल एक और नाम हैं। वह ‘नागिन 3’, ‘भाग्य लक्ष्मी’ और ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ जैसे शो में नजर आ चुके हैं।

10. उदिति सिंह

उदिति सिंह के भी बिग बॉस 20 में शामिल होने की खबर है। उनका नाम एक्टर करण वाही के साथ उनके पुराने रिश्ते की खबरों की वजह से चर्चा में रहा है; करण का नाम भी पहले इस आने वाले सीजन से जोड़ा जा चुका है।

11. यंग ड्सा (Yung Dsa)

रैपर और डिजिटल क्रिएटर यंग ड्सा घर में एक अलग तरह की एनर्जी ला सकते हैं। उनका म्यूज़िक बैकग्राउंड और डिजिटल दुनिया में उनकी मौजूदगी इस सीज़न को युवाओं से मज़बूती से जोड़ सकती है।

12. रीति तिवारी (Riti Tiwari)

सिंगर, सॉन्गराइटर और कंपोजर रीति तिवारी एक और संभावित कंटेस्टेंट हैं। वह एक्टर-सिंगर मनोज तिवारी की बेटी हैं और बिग बॉस 20 से रियलिटी शो में डेब्यू कर सकती हैं।

13. लव गिल (Love Gill)

पंजाबी एंटरटेनमेंट पर्सनैलिटी लव गिल भी संभावित कंटेस्टेंट की लिस्ट में शामिल हैं। पंजाबी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से उनका जुड़ाव इस सीजन में एक और रीजनल पहलू जोड़ सकता है।

14. रिया यादव उर्फ ​​रिया अहीर (Rhiya Yadav aka Rhiya Ahir)

रिया यादव, जिन्हें रिया अहीर के नाम से भी जाना जाता है, शो से जुड़े एक और नाम के तौर पर सामने आई हैं। एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद वह चर्चा में आईं और बाद में ‘फैंस का फ़ैसला’ एंट्री प्रोसेस से जुड़ीं।

15. काज़ी तौकीर (Qazi Touqeer)

सिंगर और रियलिटी-शो पर्सनैलिटी काज़ी तौकीर भी बिग बॉस 20 में एंट्री कर सकते हैं। ‘फेम गुरुकुल’ जीतने के बाद वह मशहूर हुए और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़े रहे हैं।

16. रोहेद खान (Rohed Khan)

रोहेद खान एक और संभावित कंटेस्टेंट हैं। हालांकि कुछ टीवी दर्शकों के लिए वह शायद कम जाने-पहचाने हों, लेकिन बिग बॉस में उनकी भागीदारी उन्हें एक बड़ा प्लेटफ़ॉर्म और ज़्यादा पहचान दिला सकती है।

17. स्काउटओपी उर्फ ​​तन्मय सिंह (ScoutOP aka Tanmay Singh)

ई-स्पोर्ट्स एथलीट और कंटेंट क्रिएटर तन्मय सिंह, जिन्हें स्काउटओपी के नाम से जाना जाता है, भी संभावित लिस्ट में हैं। उनकी एंट्री गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स कम्युनिटी को बिग बॉस के दर्शकों से जोड़ सकती है।

18. फैसल खान (Faissal Khan)

आमिर खान के भाई और एक्टर फैसल खान 18 सदस्यों की संभावित लिस्ट में आखिरी नाम हैं। उनके पारिवारिक बैकग्राउंड और पहले की पब्लिक अपीयरेंस को देखते हुए उनकी भागीदारी काफी ध्यान खींच सकती है।

सलमान खान बिग बॉस 20 के होस्ट के तौर पर वापसी कर रहे हैं

सलमान खान बिग बॉस के 20वें सीज़न को होस्ट करने के लिए वापसी कर रहे हैं। टेलीविज़न, स्पोर्ट्स, रीजनल एंटरटेनमेंट, म्यूज़िक, ई-स्पोर्ट्स और सोशल मीडिया से जुड़ी हस्तियों की संभावित लिस्ट के साथ, यह सीज़न अलग-अलग तरह की पर्सनैलिटीज़ का एक दिलचस्प मिश्रण पेश कर सकता है।

Bhadrapad Bhauma Pradosh Vrat: भाद्रपद में बना भौम प्रदोष व्रत का संयोग, जानें सही तारीख और इस व्रत के लाभ

Bhadrapad Bhauma Pradosh Vrat: हिंदू धर्म का कैलेंडर चंद्रमाह पर आधारित होता है और यह अंग्रेजी कैलेंडर से अलग होता है। इस समय हिंदू कैलेंडर का छठा माह भाद्रपद चल रहा है। प्रत्येक हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। भगवान शिव को समर्पित यह तिथि जब मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। “भौम” मंगल देव का ही एक नाम है, और यह व्रत भगवान शिव और हनुमान जी दोनों की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

इस बार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 8 सितंबर, 2026, मंगलवार के दिन पड़ रही है। इसलिए भाद्रपद माह का पहला प्रदोष व्रत भौम प्रदोष व्रत होगा। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। इस व्रत में सूर्योदय के बाद प्रदोष काल में पूजा करने का विधान है। माना जाता है कि इस समय भगवान शिव कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा रहते हैं।

कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत

वैदिक पंचांग के अनुसार भाद्रपद महीने के त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 08 सितंबर को सुबह 05 बजकर 12 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 09 सितंबर को रात 3 बजे होगा। ऐसे में प्रदोष काल को देखते हुए प्रदोष व्रत 8 सितंबर, दिन मंगलवार को रखा जाएगा। इस दिन प्रदोष काल पूजा का शुभ समय शाम 06:35 बजे से रात 08:52 बजे तक रहेगा।

भौम प्रदोष व्रत का महत्व

कर्ज से मुक्ति : इसे ‘ऋण मोचन प्रदोष’ भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से पुराने कर्ज और आर्थिक समस्याओं से जल्द राहत मिलती है।

भूमि और संपत्ति का लाभ: ज्योतिष में मंगल देव को भूमि का कारक माना जाता है। भौम प्रदोष व्रत करने से नया घर खरीदने, जमीन-जायदाद से जुड़े विवाद सुलझाने और अचल संपत्ति के लाभ का योग बनता है।

मंगल दोष का निवारण : जिनकी कुंडली में मंगल दोष या मंगल से जुड़ी समस्याएं होती हैं, उनके लिए यह व्रत बहुत लाभदायक माना जाता है।

शिव और हनुमान जी की कृपा : मंगलवार होने के कारण भगवान शिव के साथ-साथ भगवान हनुमान जी की भी विशेष अनुकंपा प्राप्त होती है।

शत्रु और भय से रक्षा : भगवान शिव और हनुमान जी की कृपा से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और मन से अज्ञात भय, चिंता या मानसिक तनाव समाप्त होता है।

पूजा विधि

  • सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और भगवान शिव व हनुमान जी का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
  • दिन में फलाहार लें और सात्विक रहें।
  • सूर्यास्त से ठीक पहले और बाद का समय (प्रदोष काल) शिव पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
  • शाम को स्नान के बाद शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, अक्षत और फूल चढ़ाएं।
  • “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें, शिव चालीसा और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • पूजा के अंत में आरती करें और अपनी क्षमता अनुसार किसी गरीब या जरूरतमंद को भोजन या दान दें।

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Bhadrapad Bhauma Pradosh Vrat: भाद्रपद में बना भौम प्रदोष व्रत का संयोग, जानें सही तारीख और इस व्रत के लाभ

Bhadrapad Bhauma Pradosh Vrat: हिंदू धर्म का कैलेंडर चंद्रमाह पर आधारित होता है और यह अंग्रेजी कैलेंडर से अलग होता है। इस समय हिंदू कैलेंडर का छठा माह भाद्रपद चल रहा है। प्रत्येक हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। भगवान शिव को समर्पित यह तिथि जब मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। “भौम” मंगल देव का ही एक नाम है, और यह व्रत भगवान शिव और हनुमान जी दोनों की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

इस बार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 8 सितंबर, 2026, मंगलवार के दिन पड़ रही है। इसलिए भाद्रपद माह का पहला प्रदोष व्रत भौम प्रदोष व्रत होगा। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। इस व्रत में सूर्योदय के बाद प्रदोष काल में पूजा करने का विधान है। माना जाता है कि इस समय भगवान शिव कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा रहते हैं।

कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत

वैदिक पंचांग के अनुसार भाद्रपद महीने के त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 08 सितंबर को सुबह 05 बजकर 12 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 09 सितंबर को रात 3 बजे होगा। ऐसे में प्रदोष काल को देखते हुए प्रदोष व्रत 8 सितंबर, दिन मंगलवार को रखा जाएगा। इस दिन प्रदोष काल पूजा का शुभ समय शाम 06:35 बजे से रात 08:52 बजे तक रहेगा।

भौम प्रदोष व्रत का महत्व

कर्ज से मुक्ति : इसे ‘ऋण मोचन प्रदोष’ भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से पुराने कर्ज और आर्थिक समस्याओं से जल्द राहत मिलती है।

भूमि और संपत्ति का लाभ: ज्योतिष में मंगल देव को भूमि का कारक माना जाता है। भौम प्रदोष व्रत करने से नया घर खरीदने, जमीन-जायदाद से जुड़े विवाद सुलझाने और अचल संपत्ति के लाभ का योग बनता है।

मंगल दोष का निवारण : जिनकी कुंडली में मंगल दोष या मंगल से जुड़ी समस्याएं होती हैं, उनके लिए यह व्रत बहुत लाभदायक माना जाता है।

शिव और हनुमान जी की कृपा : मंगलवार होने के कारण भगवान शिव के साथ-साथ भगवान हनुमान जी की भी विशेष अनुकंपा प्राप्त होती है।

शत्रु और भय से रक्षा : भगवान शिव और हनुमान जी की कृपा से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और मन से अज्ञात भय, चिंता या मानसिक तनाव समाप्त होता है।

पूजा विधि

  • सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और भगवान शिव व हनुमान जी का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
  • दिन में फलाहार लें और सात्विक रहें।
  • सूर्यास्त से ठीक पहले और बाद का समय (प्रदोष काल) शिव पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
  • शाम को स्नान के बाद शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, अक्षत और फूल चढ़ाएं।
  • “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें, शिव चालीसा और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • पूजा के अंत में आरती करें और अपनी क्षमता अनुसार किसी गरीब या जरूरतमंद को भोजन या दान दें।

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Guru Purnima vs Teachers Day Difference: शिक्षक को समर्पित हैं गुरु पूर्णिमा और शिक्षक दिवस, जानें दोनों में क्या है अंतर और क्या है इतिहास

Guru Purnima vs Teachers Day Difference: शिक्षक का स्थान भगवान से भी ऊपर माना गया है, क्योंकि शिक्षक सिर्फ अक्षर ज्ञान नहीं देता, वह हमें जीने का, अपने उसूलों पर चलने और सही-गलत में फर्क करने की समझ भी देता है। इसलिए हमारे देश में दो खास दिन गुरु को समर्पित हैं। एक है गुरु पूर्णिमा और दूसरा है टीचर्स डे। अक्सर लोग ‘गुरु पूर्णिमा’ और ‘शिक्षक दिवस’ को एक ही मानते हैं। लेकिन असल में इन दोनों में मूल अर्थ में बहुत अंतर है। भारतीय संस्कृति और इतिहास में इन दोनों पर्वों के भाव और मायने में बहुत दिलचस्प फर्क है।

गुरु पूर्णिमा हजारों साल पुरानी आध्यात्मिक साधना और ‘अंधकार से प्रकाश’ की तरफ ले जाने वाले गुरु को समर्पित है। वहीं शिक्षक दिवस आधुनिक भारत के शैक्षणिक योगदान और महान दार्शनिक राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन का सम्मान है। एक पर्व तिथि और पंचांग से चलता है तो दूसरा कैलेंडर की तय तारीख से यानी 5 सितंबर को मनाया जाता है। शिक्षक दिवस 2026 के खास अवसर पर जनरल नॉलेज में जानिए ‘शिक्षक’ और ‘गुरु’ के बीच अंतर।

गुरु पूर्णिमा और शिक्षक दिवस के बीच अंतर

बहुत से लोग गुरु पूर्णिमा और शिक्षक दिवस को एक ही समझते हैं। लेकिन इनका मूल अर्थ एक-दूसरे से बिलकुल भिन्न है। आइए आज समझें गुरु पूर्णिमा और शिक्षक दिवस के बीच कुछ प्रमुख अंतर।

प्राचीन परंपरा और आधुनिक इतिहास

गुरु पूर्णिमा हमारे देश और हिंदू धर्म की प्राचीन संस्कृति से जुड़ा पर्व है। यह आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन महाभारत और चारों वेदों की रचना करने वाले महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। इसीलिए इसे ‘व्यास पूर्णिमा’ भी कहा जाता है।

शिक्षक दिवस (5 सितंबर) आधुनिक भारत के इतिहास से जुड़ा है। यह दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद और दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में मनाया जाता है। जब डॉ. राधाकृष्णन के छात्रों ने उनका जन्मदिन मनाने की इच्छा जताई तो उन्होंने कहा कि इसे देश के सभी शिक्षकों के सम्मान में समर्पित किया जाए।

‘शिक्षक’ और ‘गुरु’ की भूमिका में अंतर

‘शिक्षक’ शब्द का सीधा संबंध शिक्षा, किताबी ज्ञान और जीवन में इस्तेमाल आने वाले हुनर से है। शिक्षक गणित, विज्ञान, भाषा या कोई विषय सिखाते हैं जो प्रैक्टिकल लाइफ चलाने और आजीविका कमाने योग्य बनाता है। वे बौद्धिक विकास की नींव रखते हैं।

वहीं, ‘गुरु’ का अर्थ बहुत व्यापक और गहरा है। संस्कृत में ‘गु’ का अर्थ है अंधकार (अज्ञान) और ‘रु’ का अर्थ है प्रकाश (ज्ञान)। गुरु आपकी चेतना को जगाते हैं, जीवन दर्शन समझाते हैं और आत्मानुभूति करवाते हैं। शिक्षक साक्षर बनाते हैं, जबकि गुरु जीवन जीने का दृष्टिकोण बदल देते हैं। शिक्षक और छात्र का संबंध मुख्य रूप से औपचारिक होता है। वहीं, गुरु और शिष्य का नाता जीवनभर का और आत्मिक होता है।

मनाने का तरीका और पंचांग का नियम

गुरु पूर्णिमा का त्योहार हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा को पड़ता है। इसलिए अंग्रेजी कैलेंडर में इसकी तारीख हर साल बदलती रहती है। इस दिन मंदिरों और आश्रमों में गुरु पूजन, चरण स्पर्श और आध्यात्मिक अनुष्ठान होते हैं। लेकिन, शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को ही आता है। यह स्कूल और कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शिक्षकों को कार्ड या उपहार देने और उनका आभार व्यक्त करने का शानदार दिन होता है।

Teachers’ Day 2026: आज शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति करेंगी देश के 82 शिक्षकों का सम्मान, शिक्षा मंत्रालय हर साल करता है खास आयोजन

Flood News: बिहार के 13 जिलों में खतरे के निशान को पार कर गईं गंगा! कोसी नदी भी उफान पर, अलर्ट मोड में NDRF-SDRF

Flood News: बिहार में शुक्रवार को भी हाई अलर्ट जारी रहा क्योंकि नेपाल और पड़ोसी राज्य झारखंड में हुई भारी बारिश के बाद गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और बचाव, राहत और तटबंधों की सुरक्षा के इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है।

जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं, पटना में दीघा घाट, गांधी घाट, हथिदह और मनेर के अलावा बक्सर, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

खतरे के निशान पर गंगा नदी

गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 1 सितंबर की सुबह 49.40 मीटर था, जो 2 सितंबर की शाम बढ़कर 49.98 मीटर और 3 सितंबर की सुबह 50.18 मीटर हो गया। गुरुवार दोपहर तक जलस्तर 50.25 मीटर पहुंच गया था, जो खतरे के निशान से करीब 1.65 मीटर ऊपर है। विभाग ने अनुमान जताया था कि गुरुवार रात गांधी घाट पर गंगा का पानी सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर (HFL) को पार कर सकता है। वहीं, मोकामा के हथिदह में शुक्रवार दोपहर तक यह स्तर पार होने की आशंका जताई गई थी।

News 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ जैसे हालात ने पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कटिहार के निचले इलाकों को प्रभावित किया है। इसके अलावा, आठ जिलों – भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद – को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को चेतावनी देने का निर्देश दिया गया है।

मुंगेर में, गंगा का जलस्तर 39.33 मीटर के चेतावनी स्तर को पार करते हुए 39.36 मीटर (खतरे का निशान) तक पहुंच गया, जिससे सात पंचायतें जलमग्न हो गईं और घरों में पानी घुस गया। News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, समस्तीपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 1.95 मीटर ऊपर पहुंचने के बाद 15 पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया।

अरवल में पुनपुन नदी के बढ़ने से 30 गांव डूबे

अरवल में भी हालात गंभीर बताए गए, जहां पुनपुन नदी के पानी से कुर्था और बंसी ब्लॉक के लगभग 30 गांव डूब गए, जिससे सड़क संपर्क टूट गया और बंसी पुलिस स्टेशन में भी पानी भर गया। सारण में सोनपुर, छपरा सदर, दिघा और रेवेलगंज को संवेदनशील इलाकों के तौर पर चिह्नित किया गया।

अमर उजाला के अनुसार, बेगूसराय के मटिहानी ब्लॉक में बाढ़ का पानी 17 सरकारी स्कूलों तक पहुंच गया, जबकि गया के मानपुर ब्लॉक में पेमार नदी के पानी ने अमरी और बरसाना गांवों तक जाने वाली सड़क को डुबो दिया।

प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर और मेडिकल की सुविधाएं की गई

वहीं, अधिकारियों ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर, मेडिकल सुविधाएं, पीने का पानी, भोजन और दूसरी जरूरी चीजों की व्यवस्था की है। बचाव कार्य के लिए SDRF और NDRF की टीमें, गोताखोर और नावें तैनात की गई हैं। विस्थापित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई भी शुरू की जा रही हैं।

सोनपुर में 25 नावें चल रही हैं। इसके अलावा वहां 1,000 पॉलीथिन शीट भेजी गई हैं, जबकि 500 पॉलीथिन शीट दीघा भेजी गई हैं।

पटना में 108 जगहों को सील किया गया

पटना में, शहर की सुरक्षा दीवार के पास 108 जगहों को सील किया गया, 13 स्लुइस-गेट के लीकेज को ठीक किया गया और पंपिंग स्टेशनों को तैयार रखा गया। पुनपुन नदी पर बना एक रिंग तटबंध भी टूट गया, जिससे मुख्य बांध को खतरा पैदा हो गया।

आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को सलाह दी कि वे नदियों, घाटों, तटबंधों और पानी से भरे इलाकों में बेवजह न जाएं। साथ ही, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को ऐसी जगहों से दूर रखने की अपील की। ​​विभाग ने नदियों के पास तैरने, बेवजह नाव की सवारी करने और सेल्फी लेने के खिलाफ भी चेतावनी दी।

तेजस्वी यादव ने  NDA सरकार पर साधा निशाना

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर बाढ़ से निपटने की अपर्याप्त तैयारी और राहत कार्यों में कमी का आरोप लगाया और कहा कि 15 से ज्यादा जिले प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कटाव और बाढ़ से मक्का और सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गईं, जबकि बिजली कटौती, पीने के पानी की कमी और कनेक्टिविटी बाधित होने से ग्रामीणों को जरूरी चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने दियारा इलाकों को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की भी मांग की।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा से लौटने के बाद चौधरी के साथ हालात का जायजा लिया और केंद्र व बिहार सरकार “युद्ध स्तर पर” काम कर रही हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में और बारिश व गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है। इससे नदियों का जलस्तर और बढ़ने की चिंता बढ़ गई है। बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, गुरुवार को देश के करीब 20 राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान को लेकर चेतावनी जारी की गई थी।

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