चक दे गर्ल्स का कमाल, पहली बार महिला हॉकी की रैंक भारतीय पुरुषों से बेहतर

विश्वकप में पहली बार बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद अब भारतीय महिला हॉकी टीम ने एक नया इतिहास रच दिया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि महिला हॉकी टीम की रैंकिंग पुरुष हॉकी टीम से बेहतर हो। एशियाई खेलों में इन दोनों ही टीमों ने स्वर्ण पदक जीता।

महिला टीम ने चीन को सिर्फ 1 गोल के अंतर से हराकर ना केवल एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता बल्कि स्वत ओलंपिक क्वालिफिकेशन भी पा लिया, अब पिछली बार की तरह टीम को क्वालिफाइंग टूर्नामेंट खेलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से बड़े अंतर से हराया और अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया।

लेकिन कुल रैंकिंग की बात करें तो भारतीय महिला टीम सातवें पायदान पर है और भारतीय पुरुष टीम आठवें पायदान पर है। ऐसा भारतीय हॉकी इतिहास में पहली बार हुआ है कि महिला टीम की रैंक पुरुष टीम से बेहतर हो।

पहली बार महिला टीम हॉकी विश्वकप में पुरुष हॉकी टीम से निकली आगे

हॉकी विश्वकप में हमेशा भारतीय पुरुष टीम से महिला टीम कोसो पीछे रहती थी। ना जाने कितनी बार तो महिला टीम क्वालिफाय ही नहीं कर पाती थी। लेकिन अगस्त में खेले गए महिला टीम ने ना केवल क्वालिफाय किया बल्कि अपने पुरुष साथियों से बेहतर प्रदर्शन किया। इस बार उम्मीद की पुरुष टीम कम से कम सेमीफाइनल खेलेगी और महिला टीम से कोई उम्मीद ही नहीं थी। लेकिन भारतीय महिला टीम ने पांचवा पायदान पाया और पुरुष टीम को आठवां पायदान मिला।

टीम ने 5वें-छठे स्थान के लिए खेले गए मैच में दुनिया की नंबर 5 टीम जर्मनी को 3-1 से हराया।इस नतीजे से भारतीय महिला टीम को पांचवां स्थान मिला, जो 1974 में हुए पहले महिला वर्ल्ड कप (जिसमें वे चौथे स्थान पर रही थीं) के बाद से उनका वर्ल्ड कप में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है।टीम ने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ़ एक हार का सामना किया। उन्होंने चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी बेहतर रैंकिंग वाली टीमों के साथ मैच ड्रॉ कराए और दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया।यह सब भारत ने तब किया जब दल में 11 युवा खिलाड़ी थे और अपना पहला विश्वकप खेल रहे थे।

पुरुष टीम ने पूल डी के मुकाबले में इंग्लैंड जैसी टीम से 4-2 से मैच गंवाया।वह भी मैच में बढ़त बनाने के बाद। इसके बाद टीम का पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन अच्छा था लेकिन 5-3 की स्कोरलाइन संतोषजनक नहीं थी।
अगले दौर में टीम को नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना मिली। नीदरलैंड्स ने भारतीय टीम को 3-1 से हराया।अर्जेंटीना के खिलाफ भारत 3-5 से हारकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया।


उपचुनाव नए मुख्यमंत्रियों की परीक्षा

मंगलवार, छह अक्टूबर को एक लोकसभा और सात विधानसभा सीटों के उपचुनाव हैं। हालांकि इनके नतीजों से किसी भी सरकार की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन कम से कम दो राज्यों के उपचुनावों के नतीजे मुख्यमंत्रियों के लिए बहुत अहम होंगे। पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और तमिलनाडु के सी जोसेफ विजय की परीक्षा उपचुनावों में होने वाली है। दोनों राज्यों में दो दो सीटों के उपचुनाव हो रहे हैं। बंगाल में एक सीट तो मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अपनी है। वे नंदीग्राम और भबानीपुर दोनों सीटों से जीते थे और नंदीग्राम खाली कर दी थी। दूसरी सीट रेजिनगर की है। एजेपी नाम से पार्टी बना कर चुनाव लड़े हुमायूं कबीर रेजिनगर और नौदा से जीते थे। उन्होंने रेजीनगर सीट पर अपने बेटे को लड़ाया है। वहां एजेपी, कांग्रेस, तृणमूल के दोनों गुट और लेफ्ट से पांच मुस्लिम उम्मीदवार लड़ रहे हैं।

हालांकि फिर भी भाजपा के हिंदू उम्मीदवार के जीतने के चांस कम हैं। तभी शुभेंदु अधिकारी का पूरा फोकस नंदीग्राम पर है। वे बड़े अंतर से इस सीट को जीतना चाहते हैं। उधर तमिलनाडु की दो सीटों मदुरंतकम और धारापुरम में उपचुनाव हो रहा है। दोनों सीटें पिछले चुनाव में अन्ना डीएमके ने जीती थी। उसके विधायक पाला बदल कर विजय की पार्टी टीवीके में शामिल हो गए विजय ने दोनों को टिकट देकर मैदान में उतारा है। गौरतलब है कि विजय की पार्टी के पास अकेले बहुमत नहीं है। वे दूसरी पार्टियों के विधायकों के इस्तीफे करा कर उन्हें अपनी पार्टी से लड़ा रहे हैं और बहुमत हासिल करना चाहते हैं। अगर ये दोनों सीटें उनकी पार्टी जीतती है तो विजय की स्थिति मजबूत होगी। दिलचस्प यह है कि विजय की सरकार को समर्थन देने वाली लेफ्ट पार्टियों के उम्मीदवार इन दोनों सीटों पर लड़ रहे हैं।

2026 के फिजिक्स नोबेल का ऐलान आज:मेटामटेरियल्स, ग्राफीन और क्वांटम तकनीक के वैज्ञानिक दावेदार; 11.5 करोड़ रुपए मिलेंगे

2026 के फिजिक्स नोबेल पुरस्कार की घोषणा आज होगी। स्वीडन की रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज भौतिकी में अहम काम करने वाले वैज्ञानिकों के नाम बताएगी। यह पुरस्कार ऐसी खोज के लिए दिया जाता है, जिसने फिजिक्स को समझने या विज्ञान-तकनीक को आगे बढ़ाने में बड़ी मदद की हो। इस साल मेटामटेरियल्स, ग्राफीन और क्वांटम तकनीक पर काम करने वाले वैज्ञानिक चर्चा में हैं। इनमें जॉन पेंड्री, निकॉला स्पैल्डिन, पाब्लो जारिलो-हरेरो और अलेक्सी किताएव जैसे नाम शामिल हैं। हालांकि, नोबेल कमेटी ने संभावित विजेताओं की कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। नोबेल विजेताओं को दिसंबर में स्वीडन के स्टॉकहोम में सम्मानित किया जाएगा। उन्हें मेडल, डिप्लोमा और पुरस्कार राशि मिलेगी। 2026 में नोबेल पुरस्कार की राशि करीब 11.5 करोड़ रुपए है। एक से ज्यादा वैज्ञानिकों को पुरस्कार मिलने पर रकम उनके बीच बांटी जाएगी। फिजिक्स नोबेल के लिए 4 क्षेत्रों के वैज्ञानिकों के नाम चर्चा में इस साल फिजिक्स नोबेल के लिए चार अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले वैज्ञानिकों के नाम चर्चा में हैं। इनमें मेटामटेरियल्स, ग्राफीन, क्वांटम कंप्यूटिंग और बेहद सटीक घड़ियों पर काम करने वाले वैज्ञानिक शामिल हैं। 1. मेटामटेरियल्स के लिए जॉन पेंड्री जॉन पेंड्री ब्रिटेन के इंपीरियल कॉलेज लंदन के भौतिक विज्ञानी हैं। उनका नाम मेटामटेरियल्स पर काम के लिए चर्चा में है। ये ऐसी कृत्रिम सामग्री होती हैं, जिन्हें खास गुणों के साथ बनाया जाता है। पेंड्री के काम से रोशनी को मोड़ने और नियंत्रित करने की तकनीक को समझने में मदद मिली। इससे ऐसी तकनीक की संभावना सामने आई, जिसमें किसी वस्तु को छिपाने जैसा प्रभाव पैदा किया जा सकता है। इस क्षेत्र में डेविड स्मिथ और फेडेरिको कैपासो के नाम भी चर्चा में हैं। 2.ग्राफीन की परतें घुमाने की तकनीक के लिए तीन नाम की चर्चा पाब्लो जारिलो-हरेरो, एलन मैकडोनाल्ड और ईवा अंद्रेई का नाम ट्विस्ट्रोनिक्स पर काम के लिए चर्चा में है। इसमें ग्राफीन जैसी बेहद पतली सामग्री की दो परतों को थोड़ा घुमाया जाता है। इससे सामग्री के गुण बदल सकते हैं। कुछ स्थितियों में इसमें सुपरकंडक्टिविटी जैसे गुण भी दिखाई दे सकते हैं। इन तीनों को 2026 का कावली नैनोसाइंस पुरस्कार भी मिला है। 3. क्वांटम कंप्यूटिंग के काम के लिए तीन वैज्ञानिक चर्चा में अलेक्सी किताएव, जॉन प्रेस्किल और पीटर शोर के नाम क्वांटम कंप्यूटिंग से जुड़े काम के लिए चर्चा में हैं। क्वांटम कंप्यूटर बहुत संवेदनशील होते हैं। छोटी-सी गड़बड़ी भी उनके नतीजे को बदल सकती है। इन वैज्ञानिकों के काम ने क्वांटम जानकारी को गलतियों से बचाने और ज्यादा भरोसेमंद क्वांटम कंप्यूटर बनाने के तरीकों को समझने में मदद की। 4. बेहद सटीक घड़ियों की तकनीक पर काम करने वाले दो वैज्ञानिक हिदेतोशी कातोरी और जून ये का नाम ऑप्टिकल लैटिस क्लॉक पर काम के लिए चर्चा में है। ये ऐसी घड़ियां हैं, जो समय को बेहद सटीक तरीके से माप सकती हैं। इनमें परमाणुओं और लेजर की मदद ली जाती है। इनका इस्तेमाल वैज्ञानिक प्रयोगों के साथ GPS और कम्युनिकेशन जैसी तकनीकों में भी हो सकता है। 2025 में इलेक्ट्रिक सर्किट से जुड़ी क्वांटम खोज के लिए मिला नोबेल 2025 का फिजिक्स नोबेल जॉन क्लार्क, मिशेल एच. डेवोरेट और जॉन एम. मार्टिनिस को दिया गया था। उन्हें ऐसी खोज के लिए सम्मानित किया गया, जिसमें क्वांटम दुनिया के नियमों को इलेक्ट्रिक सर्किट में देखा गया। वैज्ञानिकों ने दिखाया कि क्वांटम दुनिया में होने वाली घटनाएं सिर्फ बेहद छोटी चीजों में ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक सर्किट में भी देखी जा सकती हैं। इस खोज से क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी नई तकनीकों को समझने और आगे बढ़ाने में मदद मिली। —————————— ये खबर भी पढ़ें… दिमागी कोशिकाओं को कंट्रोल करने की तकनीक पर मेडिसिन नोबेल:जर्मनी-अमेरिका के 3 वैज्ञानिकों की रिसर्च; डिप्रेशन और मानसिक बीमारियों को समझना आसान हुआ 2026 का मेडिसिन नोबेल जर्मनी के पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल और अमेरिका के कार्ल डाइसेरोथ को दिया गया है। इन वैज्ञानिकों ने ऑप्टोजेनेटिक्स नाम की ऐसी तकनीक विकसित करने में मदद की, जिससे रोशनी की मदद से दिमाग की अलग-अलग तंत्रिका कोशिकाओं को नियंत्रित करके उनके काम को समझा जा सकता है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

Market Outlook : बाजार ने लगातार 4 दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा, जानिए 6 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 5 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स ने लगातार 4 दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और निफ्टी 22,500 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 472.77 अंक या 0.66 प्रतिशत बढ़कर 72,382.47 पर और निफ्टी 133.80 अंक या 0.60 प्रतिशत बढ़कर 22,555.75 पर बंद हुआ। आज लगभग 1991 शेयरों में बढ़त हुई, 2297 शेयरों में गिरावट आई और 216 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

आज बाजार की शुरुआत अच्छी रही,लेकिन बाद में वित्त मंत्री सीतारमण के इस बयान के बाद कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की बातचीत अटक गई है, बाजार में गिरावट आई। भारत के साथ व्यापार संबंधों में अमेरिका ट्रेड डेफिसिट का सामना कर रहा है, इसलिए वह इस असंतुलन को कम करने और पिछले कई सालों के असंतुलन की भरपाई करने की पूरी कोशिश कर रहा है।

आज RBI की बैठक शुरू होने और फरवरी 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद के कारण VIX ऊंचे स्तर पर रहा। VIX आज 1.73% ऊपर बंद हुआ।

बैंक निफ्टी पर सबकी नजर रही क्योंकि HDFC बैंक, यस बैंक, RBL बैंक और AU बैंक समेत लगभग 11 बैंकों ने अपने Q2FY27 के प्रोविज़नल नतीजे जारी किए हैं। यह इंडेक्स 0.48% ऊपर बंद हुआ। इस तेजी में AU बैंक, फेडरल बैंक और PNB का योगदान सबसे ज़्यादा रहा। जबकि HDFC बैंक और कोटक बैंक में गिरावट रही।

Bizom के डेटा से पता चलता है कि भारत के FMCG बाज़ार में Q2FY27 के दौरान वैल्यू में 8.6% की बढ़ोतरी हुई,जो पिछले छह क्वार्टर में सबसे ज्यादा ग्रोथ रेट है (Q1 में यह 6.8% थी)। इसी वजह से आज FMCG इंडेक्स में तेजी रही। यह इंडेक्स 1.8% ऊपर बंद हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, आईटीसी, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस और एनटीपीसी शामिल रहे, जबकि गिरावट वाले शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, मैक्स हेल्थकेयर, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल्स शामिल रहे।

फार्मा को छोड़कर अन्य सभी सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। इनमें कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एफएमसीजी, मीडिया, इंफ्रा, ऑयल एंड गैस, पीएसयू बैंक, टेलीकॉम और रियल्टी में 0.5-2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 0.5 प्रतिशत की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि अमेरिका में उम्मीद से कमजोर जॉब डेटा और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण बाजार में रिकवरी देखी गई। इससे उन निवेशकों को कुछ राहत मिली जो निकट भविष्य में ब्याज दरों में बढ़त के डर से ग्रस्त थे। हालांकि,असल आर्थिक विकास और बाजार के प्रदर्शन के बीच अंतर के कारण निवेशक अब कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और करेंसी से जुड़े जोखिमों को भी ध्यान में रख रहे हैं।

अब सबकी नज़रें RBI के पॉलिसी और आने वाले अर्निंग्स सीजन पर टिकी हैं। बाजार को पहले से ही 25-bps की दर बढ़ोतरी की उम्मीद है। बाजार एक अहम मोड़ पर है। रिवर्सल की संभावना है। हालांकि,मौजूदा जोखिम से बचने का सेंटीमेंट निवेशकों को तब तक मुनाफा वसूलने के लिए प्रेरित कर सकता है जब तक कि कोई नया ट्रिगर सामने न आए।

SBI सिक्योरिटीज में वाइस प्रेसिडेंट टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि सोमवार को निफ्टी मामूली गैप-अप के साथ खुला और लगभग 223 पॉइंट्स के दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ ट्रेड किया। इससे पता चलता है कि पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद भी वोलैटिलिटी बनी हुई है। इंडेक्स हाल के दायरे के निचले स्तर के पास ही ट्रेड करता रहा। डेली चार्ट पर निफ्टी ने ऊपर और नीचे की विक्स (wicks) वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता और जारी मंदी के दौर में ठहराव को दिखाती है। इंडेक्स 0.60% ऊपर बंद हुआ जो शुरुआती खरीदारी में भागीदारी का संकेत है। हालांकि,बाजार की दिशा में किसी बड़े बदलाव के लिए लगातार खरीदारी के साथ जोरदार रिकवरी की जरूरत है।

टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निफ्टी अभी भी अपने 20-दिन और 50-दिन के EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है। RSI 30 से नीचे बना हुआ है, जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे लगातार नीचे की ओर झुका हुआ है जो बताता है कि पुलबैक में कोई खास तेजी नहीं है। ADX लगातार बढ़ रहा है,जिससे संकेत मिलता है कि मंदी का ट्रेंड अभी भी मजबूत बना हुआ है।

आगे 22400–22380 का जोन सबसे नजदीकी सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह जोन निर्णायक रूप से टूटता है,तो 22220 की तरफ बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ सकता है। यह स्तर 1 अक्टूबर के निचले स्तर के आसपास है। ऊपर की तरफ़,22700–22720 तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इस जोन के ऊपर लगातार बढ़त बनी रहती है तो 22850 की तरफ एक रिलीफ रैली आ सकती है। हालांकि,जब तक लगातार खरीदारी का जोर नहीं दिखता तब तक बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर कमजोर ही रहेगा।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी 0.48% ऊपर बंद हुआ और पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में इसने लगभग 975 अंकों की रिकवरी की है,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। हालांकि,जब तक लगातार खरीदारी नहीं होती, तब तक बड़ा ट्रेंड सतर्क रहने का है। इंडेक्स ने डेली चार्ट पर लगातार दो न्यूट्रल कैंडल बनाई हैं। लेटेस्ट कैंडल की बॉडी छोटी है और उसमें ऊपर और नीचे विक्स (wicks) हैं,जो अनिश्चितता और जारी बिकवाली के ट्रेंड में ठहराव का संकेत हैं। आगे चलकर,54200–54100 का जोन सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह जोन टूटता है तो 53600 की ओर फिर से बिकवाली शुरू हो सकती है। ऊपर की तरफ, 55200–55300 एक तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है अगर इस जोन के ऊपर लगातार मूवमेंट बना रहता है तो पुलबैक 55800 तक बढ़ सकता है।

 

 

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डोनाल्ड ट्रंप को ये क्या हो गया है? ब्राजील को समझ लिया भारत! राष्ट्रपति चुनाव पर कर बैठे बड़ी गलती

Donald Trump India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज यानी 5 अक्टूबर को एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दुनियाभर में चर्चा में हैं। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने ब्राजील की जगह गलती से भारत का नाम लिख दिया। उन्होंने दावा किया कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट किया। फिर मतदान खत्म होने के कुछ ही समय बाद इसके नतीजे भी आ गए। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया और वोटों की गिनती पर सवाल उठाते हुए उसे भ्रष्ट बताया। यानी ट्रंप की पोस्ट में जिस चुनाव को भारत का बताया गया, वह वास्तव में ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव था।

ब्राजील में पहले चरण का रिजल्ट लगभग पूरी तरह आ चुका है। लेकिन ब्राजील के राष्ट्रपति का फाइनल चुनावी नतीजा अभी नहीं आया है। 4 अक्टूबर 2026 को पहले चरण की वोटिंग हुई थी। अब मुकाबला दूसरे चरण में पहुंच गया है। अमेरिकी चुनाव प्रणाली की आलोचना करते हुए हुई इस गलती का ऑनलाइन मजाक उड़ाया गया। इससे उनके पहले भी नाम या देश को लेकर हुई गलतियों पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।

ट्रंप ने क्या लिखा?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में 125 मिलियन लोगों ने आज वोट किया और मतदान खत्म होते ही उसी दिन नतीजे आ गए। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया की तुलना करते हुए दावा किया कि डेट्रॉयट, फिलाडेल्फिया, कैलिफोर्निया और अमेरिका के कई अन्य शहरों और राज्यों में इससे काफी कम वोट होने के बावजूद नतीजे आने में कई सप्ताह लग सकते हैं। ट्रंप ने इसी पोस्ट में अमेरिकी वोटिंग सिस्टम को भ्रष्ट करार दिया। साथ ही इस पोस्ट के अंत में ट्रंप अपने नाम के साथ ‘President DJT’ लिखा।

ब्राजील में हुआ था चुनाव

ट्रंप जिस चुनाव का जिक्र कर रहे थे, वह दरअसल भारत का नहीं बल्कि ब्राजीली राष्ट्रपति चुनाव था। ब्राजील में हुए राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो ने मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से बढ़त बनाई। न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ के मुताबिक, फ्लावियो बोल्सोनारो को करीब 47 फीसदी वोट, जबकि लूला को करीब 45 फीसदी वोट मिले। पहले दौर में किसी उम्मीदवार को जरूरी बहुमत नहीं मिलने के कारण दोनों अब 25 अक्टूबर को होने वाले रनऑफ चुनाव में आमने-सामने होंगे।

फ्लावियो बोल्सोनारो ने सर्वेक्षणों को भी चौंकाया

फ्लावियो बोल्सोनारो पूर्व दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के सबसे बड़े बेटे हैं। उनका प्रदर्शन चुनाव से पहले जारी कई निजी सर्वेक्षणों के अनुमान से बेहतर रहा। ‘रॉयटर्स’ के मुताबिक, चुनाव से पहले के सर्वेक्षणों में लूला को करीब तीन प्रतिशत अंकों की बढ़त दिखाई जा रही थी। इगारापे इंस्टीट्यूट के सह-संस्थापक रॉबर्ट मुगाह के मुताबिक, सर्वेकर्ताओं का अनुमान काफी हद तक गलत साबित हुआ।

महंगाई, अपराध और कर्ज बने बड़े मुद्दे

ब्राजील के चुनाव में महंगाई, भ्रष्टाचार और अपराध प्रमुख मुद्दे रहे। बेरोजगारी और असमानता में कमी के बावजूद लूला सरकार को महंगाई, घरेलू कर्ज और अपराध एवं गैंग गतिविधियों को लेकर लोगों की चिंताओं का सामना करना पड़ा। फ्लावियो बोल्सोनारो ने इन्हीं मुद्दों को अपने चुनाव अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया। दूसरी ओर, लूला ने कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार और परिवारों के लिए नए कर्ज राहत उपायों का प्रस्ताव रखा। देश की आर्थिक स्थिति भी चुनाव में अहम मुद्दा रही। ब्राजील का सार्वजनिक कर्ज जीडीपी के 82 फीसदी से ऊपर बताया गया है। देश में आर्थिक विकास की धीमी रफ्तार को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

बोल्सोनारो परिवार को भी मिली बड़ी कामयाबी

राष्ट्रपति चुनाव के साथ-साथ बोल्सोनारो परिवार और उसकी लिबरल पार्टी को दूसरे चुनावों में भी मजबूत सफलता मिली है। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, लिबरल पार्टी ब्राजील की सीनेट में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। चुनाव में खाली हुई 54 सीनेट सीटों में से 19 सीटें जीत ली है। हालांकि, पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। चैंबर ऑफ डेप्युटीज में भी लिबरल पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनने में सफल रही। जायर बोल्सोनारो की पत्नी मिशेल बोल्सोनारो ने ब्रासीलिया के फेडरल डिस्ट्रिक्ट में सीनेट उम्मीदवारों के बीच सबसे ज्यादा वोट हासिल किए।

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मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वह 2030 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने पर विचार कर सकती हैं। जायर बोल्सोनारो के दूसरे बेटे कार्लोस बोल्सोनारो सांता कैटरीना राज्य में सीनेट के लिए दूसरे सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार रहे। वही, उनके सबसे छोटे बेटे 28 वर्षीय जायर रेनान बोल्सोनारो इसी राज्य से सांसद चुने गए।

TCS Q2 Results Date: टाटा की आईटी कंपनी 8 अक्टूबर जारी करेगी तिमाही नतीजे, डिविडेंड पर भी नजर

TCS Q2 Results Date: टाटा ग्रुप की दिग्गज IT कंपनी TCS इस हफ्ते वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली है। कंपनी 8 अक्टूबर 2026 को सितंबर तिमाही का रिजल्ट जारी करेगी। इसके साथ ही निवेशकों की नजर अंतरिम डिविडेंड पर भी रहेगी।

TCS ने 22 सितंबर को स्टॉक्स एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी थी। कंपनी ने बताया कि बोर्ड मीटिंग 8 अक्टूबर को होगी। इस बैठक में 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही के रिजल्ट को मंजूरी दी जाएगी।

TCS का रिजल्ट बताएगा सेक्टर का मूड

TCS के रिजल्ट से पता चलेगा कि सितंबर तिमाही में कंपनी का कारोबार कैसा रहा। खासकर IT सेक्टर में इस समय मांग, खर्च और AI को लेकर काफी चर्चा है। ऐसे में TCS के नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी।

कंपनी TCS Tata Group की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। यह दुनिया की बड़ी IT Services कंपनियों में से एक है। TCS का कारोबार IT सर्विसेज, कंसल्टिंग और बिजनेस सॉल्यूशंस से जुड़ा है।

इंतरिम डिविडेंड पर भी फैसला

TCS की बोर्ड मीटिंग में इंतरिम डिविडेंड के प्रस्ताव पर भी विचार होगा। यानी कंपनी अपने शेयरधारकों को अंतरिम डिविडेंड देगी या नहीं, इसका फैसला इसी बैठक में हो सकता है।

अगर बोर्ड डिविडेंड को मंजूरी देता है तो इसका फायदा उन शेयरधारकों को मिलेगा, जिनका नाम रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के रिकॉर्ड में होगा। TCS ने रिकॉर्ड 14 अक्टूबर 2026 तय की है।

Q1 में TCS का मुनाफा घटा था

अब सबकी नजर सितंबर तिमाही के नतीजों पर है। इसकी एक वजह जून तिमाही का प्रदर्शन भी है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में TCS का शुद्ध मुनाफा 13,349 करोड़ रुपये रहा था। यह पिछली तिमाही यानी मार्च 2026 के 13,718 करोड़ रुपये से 2.7% कम था।

कंपनी के मुनाफे पर 668 करोड़ रुपये के एकमुश्त खर्च का असर पड़ा था। यह रकम एक कानूनी दावे के सेटलमेंट से जुड़ी थी।

TCS के शेयरों का हाल

TCS का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 1.23% की बढ़त के साथ 2,075.90 रुपये पर बंद हुआ था। पिछले 1 साल में स्टॉक 16.09% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने 30.53% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 7.52 लाख करोड़ रुपये है।

Ola Electric Shares: प्रमोटर भाविश अग्रवाल ने 4.32% हिस्सेदारी गिरवी रखी, शेयरों पर रहेगी नजर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SIR विवाद के बीच CEC ज्ञानेश कुमार पर 20 साल पुराने भ्रष्टाचार के आरोप, केरल सरकार कराएगी विजिलेंस जांच

CEC Gyanesh Kumar: केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ साल 2006 के कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। उस समय ज्ञानेश कुमार केरल के लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव के पद पर तैनात थे। करीब दो दशक पुराने इस मामले की दोबारा चर्चा ऐसे समय में हो रही है, जब वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक सवाल उठ रहे हैं। अब नई विजिलेंस जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों और पुराने रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह जांच मलयंकिझु वेणुगोपाल की शिकायत के आधार पर शुरू की गई है। न्यूज 18 के मुताबिक, शिकायत में ज्ञानेश कुमार के PWD सचिव रहते सरकारी निर्माण कार्यों के ठेके दिए जाने में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की गई है।

मलेशियाई अधिकारी की मौत से भी जुड़े आरोप

मामला ली सी बीन की मौत से भी जुड़ा है। ली सी बीन मलेशिया के नागरिक और PATI-BEL नाम की भारत-मलेशिया संयुक्त कंपनी के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर थे। यह कंपनी केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के तहत एक सड़क परियोजना से जुड़ी थी। साल 2006 में कुआलालंपुर में ली की आत्महत्या से मौत हो गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, ली के कथित सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का नाम था। नोट में PWD अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और कथित उत्पीड़न से जुड़े आरोप लगाए जाने की बात सामने आई थी।

ज्ञानेश कुमार पर क्या आरोप हैं?

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि PWD सचिव रहते ज्ञानेश कुमार ने ठेकेदारों को सरकारी निर्माण कार्यों का आवंटन करने में कथित आपराधिक कदाचार किया। शिकायतकर्ता ने ली सी बीन की मौत की परिस्थितियों और उनके कथित सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की भी जांच की मांग की है। इस मामले में पहले भी विजिलेंस जांच हुई थी।

न्यूज 18 के मुताबिक, उस समय की रिपोर्टों के अनुसार, विवाद सामने आने के बाद 2006 के अंत से पहले ज्ञानेश कुमार का PWD से तबादला कर दिया गया था। हालांकि, पिछली जांच किसी निर्णायक नतीजे तक नहीं पहुंची। वेणुगोपाल का आरोप है कि पहले की विजिलेंस जांच को अचानक बंद कर दिया गया और आरोपों की उचित तरीके से पड़ताल नहीं की गई।

केरल सरकार ने पुराने विजिलेंस रिकॉर्ड मांगे

ताजा घटनाक्रम से पहले केरल के गृह विभाग ने 2006 में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुई प्रारंभिक विजिलेंस जांच से जुड़ी फाइलें मांगी थीं। इन रिकॉर्ड में ली सी बीन की मौत और केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट से जुड़े आरोपों के बाद शुरू हुई जांच से संबंधित दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं।

SIR विवाद को लेकर देशभर में प्रदर्शन

शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश में कई जगह प्रदर्शन हुए। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने दिल्ली में सड़कों पर उतरकर विरोध किया और इस दौरान 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। जबकि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अपील पर मुंबई के शिवाजी पार्क में बड़ी संख्या में लोग जुटे। इन प्रदर्शनों के तहत राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और युवा समूहों ने व्यापक स्तर पर लामबंदी की। उन्होंने कुमार के इस्तीफे की मांग की। दिल्ली और मुंबई के अलावा अहमदाबाद, लखनऊ और पटना समेत देश के कई अन्य हिस्सों में प्रदर्शन हुए।

विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गांधी जयंती के दिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में लिए जाने की निंदा की और पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया। कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार दोपहर मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP की अगुवाई वाले प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग जुटे। एसएफआई और आईसा के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, गायक विशाल डडलानी और महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे।

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शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने CJP के आंदोलन को समर्थन दिया है। दिल्ली में फिरोजशाह रोड और अशोक रोड समेत कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की। जबकि पुलिसकर्मियों ने उन्हें निर्धारित प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से रोक दिया। दिल्ली मेट्रो ने प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के तहत राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और पेटल चौक सहित मध्य दिल्ली के 12 स्टेशनों पर अस्थायी रूप से प्रवेश और निकास बंद कर दिया। मध्य दिल्ली में इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई। भारतीय युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन कर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए तथा कुमार के इस्तीफे की मांग की।

पाक ने भारतीय राजनयिक को तलब किया

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान की सीमा पर हुई गोलीबारी के बाद इस्लामाबाद में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भारतीय राजनयिक को तलब किया। पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसके दो नागरिकों की मौत हो गई है। शनिवार को भारतीय राजनयिक को बुला कर पाकिस्तान ने पंजाब के तरनतारन में भारत और पाकिस्तान की सीमा पर दो लोगों की मौत पर विरोध जताया। पाकिस्तान का दावा है कि दोनों पाकिस्तानी नागरिक थे और सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ की गोलीबारी में मारे गए। यह घटना शुक्रवार को हुई थी।

हालांकि भारतीय अधिकारियों का कहना है कि ये लोग भारत की सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे। चेतावनी देने के बाद बीएसएफ ने गोली चलाई। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, तीन संदिग्ध लोग पाकिस्तान की तरफ से भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे। बीएसएफ के जवानों ने उन्हें रुकने की चेतावनी दी। इनमें से एक वापस पाकिस्तान की तरफ चला गया, जबकि दो लोग आगे बढ़ते रहे। इसके बाद बीएसएफ ने फायरिंग की, जिसमें दोनों की मौत हो गई। बताया गया है कि तरनतारन में सात महीने में घुसपैठ की यह दूसरी घटना है।

उधर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मारे गए दोनों लोग उसके नागरिक थे और निहत्थे थे। पाकिस्तान का कहना है कि, वे सीमा के पास गए थे और अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर गए। पाकिस्तान ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए इसकी तुरंत, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच की मांग की है। साथ ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और जांच के नतीजे पाकिस्तान सरकार को बताने को कहा है। पाकिस्तानी मीडिया ‘डॉन’ की वेबसाइट के मुताबिक मारे गए लोगों की पहचान आजमत रसूल और मोहसिन जट्ट के रूप में हुई है। तीसरा व्यक्ति घायल है और अस्पताल में भर्ती है।

सीमा पर गोलीबारी के बाद पाकिस्तान में भारतीय राजनयिक तलब:कहा- मारे गए लोग PAK नागरिक थे; BSF ने घुसपैठ के शक में गोली मारी थी

पाकिस्तान ने शनिवार को भारतीय राजनयिक को तलब किया है। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने पंजाब के तरनतारन में भारत-पाक सीमा पर दो लोगों की मौत पर विरोध जताया है। पाकिस्तान का दावा है कि दोनों पाकिस्तानी नागरिक थे और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की गोलीबारी में मारे गए। यह घटना शुक्रवार को हुई थी। वहीं भारतीय अधिकारियों के मुताबिक ये लोग भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे। चेतावनी देने के बाद BSF ने गोली चलाई। BSF ने चेतावनी दी थी, नहीं रुके तो गोली चलाई भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, तीन संदिग्ध लोग पाकिस्तान की तरफ से भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे। BSF जवानों ने उन्हें रुकने की चेतावनी दी। इनमें से एक वापस पाकिस्तान की तरफ चला गया, जबकि दो लोग आगे बढ़ते रहे। इसके बाद BSF ने फायरिंग की, जिसमें दोनों की मौत हो गई। तरनतारन में 7 महीने में घुसपैठ की यह दूसरी घटना है। पाकिस्तान ने जांच की मांग की है पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मारे गए दोनों लोग निहत्थे नागरिक थे। पाकिस्तान के मुताबिक, वे सीमा के पास गए थे और अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर गए। पाकिस्तान ने कहा है कि उसके नागरिकों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई सही नहीं है। पाकिस्तान ने मामले की तुरंत, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच की मांग की है। साथ ही उसने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और जांच के नतीजे पाकिस्तान सरकार को बताने को कहा है। पाकिस्तानी वेबसाइट डॉन के मुताबिक मारे गए लोगों की पहचान आजमत रसूल और मोहसिन जट्ट के रूप में हुई है। दोनों लाधर के जट्टां वाली हवेली इलाके के रहने वाले थे। तीसरा व्यक्ति घायल है और अस्पताल में भर्ती है। इससे पहले भी 5 घुसपैठिए मारे गए मार्च 2026: तरनतारन के खेमकरण सेक्टर में BSF ने एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को मार गिराया था। वह चेतावनी के बाद भी आगे बढ़ रहा था। अगस्त 2024: तरनतारन के दल गांव के पास एक पाकिस्तानी घुसपैठिया मारा गया था। अगस्त 2023: तरनतारन के थेकालन गांव के पास एक घुसपैठिए की गोलीबारी में मौत हुई। मई 2021: खालड़ा गांव के पास एक पाकिस्तानी घुसपैठिया मारा गया। BSF ने उसके पास से पाकिस्तानी सामान बरामद किया था। फरवरी 2021: फिरोजपुर सेक्टर में एक पाकिस्तानी घुसपैठिया मारा गया। उसके पास से 14.8 किलो हेरोइन और हथियारों से जुड़ा सामान मिला था। ——————— यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमला, खिड़कियां टूटीं:पुजारी समेत श्रद्धालु अंदर मौजूद थे अमेरिका के ओहायो में शुक्रवार को हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला किया गया। इसमें मंदिर को काफी नुकसान हुआ। पूरी खबर पढ़ें…

ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट नकली थी? फ्रैक्चर केस में शुभेंदु अधिकारी का बड़ा दावा, बंगाल सरकार ने जांच के दिए आदेश

Mamata Banerjee Leg Injury: पश्चिम बंगाल सरकार 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट के कथित झूठे दावों की फिर से जांच शुरू करेगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार (3 अक्टूबर) को यह बड़ी घोषणा की। इसी के साथ अधिकारी ने नंदीग्राम में 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट से जुड़े विवाद को फिर से हवा दी है। अधिकारी ने आरोप लगाया है कि बनर्जी ने चोट का नाटक किया था। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज के मेडिकल रिकॉर्ड का हवाला दिया है।

राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अधिकारी ने आरोप लगाया कि बनर्जी ने चुनाव के दौरान अपनी चोट का नाटक किया था। अधिकारी ने बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंस द्वारा जारी बनर्जी की मेडिकल रिपोर्ट दिखाते हुए कहा, “ममता बनर्जी ने 2021 में नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान पैर में चोट लगने का नाटक किया था। हमारे पास मेडिकल रिपोर्ट है, जिसमें कहा गया है कि फ्रैक्चर या हड्डी खिसकने का कोई प्रमाण नहीं है। हम इस मामले की जांच शुरू करेंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “उनके झूठे आरोप से नंदीग्राम के लोगों का अपमान हुआ। 9 अक्टूबर के बाद आदर्श आचार संहिता हटने पर मैं इस बारे में और जानकारी सामने रखूंगा। मैं कल किए गए अपने दावों के समर्थन में आज यह बात कह रहा हूं।” नंदीग्राम में छह अक्टूबर को उपचुनाव होना है। जबकि इसके नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।

मार्च, 2021 में लगी थी पैर में चोट

सीएम अधिकारी ने इससे पहले नंदीग्राम-2 विकासखंड के बिरुलिया बाजार में एक रैली को संबोधित करते हुए यह दावा किया था। यही वह स्थान है, जहां पांच साल पहले बनर्जी घायल हुई थीं। तत्कालीन मुख्यमंत्री बनर्जी को 10 मार्च, 2021 को चुनाव प्रचार के दौरान नंदीग्राम के बिरुलिया के रेयापाड़ा इलाके में बाएं पैर और कमर में चोट लगी थी। बनर्जी ने शुरुआत में कहा था कि कुछ अज्ञात लोगों ने जानबूझकर उन्हें उनकी कार के दरवाजे की ओर धक्का दिया, जिससे दरवाजा उनके बाएं पैर से जोर से टकराया और भारी भीड़ के बीच पैर चोटिल हो गया।

बाद में अस्पताल से जारी एक वीडियो संदेश में बनर्जी ने बताया था कि समर्थकों का अभिवादन करते समय भारी भीड़ उनकी कार के पास आ गई थी, जिससे उनका पैर दब गया और उन्हें चोट लगी। उन्हें आधिकारिक तौर पर बाएं टखने और पैर की हड्डियों में गंभीर चोट के साथ-साथ दाहिने कंधे, हाथ, गर्दन और कमर में चोट एवं दर्द की जानकारी दी गई थी। इसके बाद उन्हें कोलकाता लाया गया और राज्य संचालित एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया।

विस्तृत जांच के बाद बनर्जी को 12 मार्च को अस्पताल से छुट्टी दी गई। उस समय उनके बाएं पैर पर प्लास्टर था और उन्होंने बाद में व्हीलचेयर पर बैठकर चुनाव प्रचार जारी रखा। इन चुनावों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 294 में से 216 सीटें जीतकर बड़ी जीत दर्ज की थी। जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) 77 सीटों पर सिमट गई थी।

रिपोर्ट में क्या है?

अधिकारी द्वारा शेयर किए गए मेडिकल दस्तावेजों से पता चलता है कि 11 मार्च, 2021 के सीटी स्कैन में जांच किए गए क्षेत्रों में कथित तौर पर कोई फ्रैक्चर नहीं दिखा। हालांकि, केवल इन रिपोर्टों से यह साबित नहीं होता है कि बनर्जी की कुल चोटें बनावटी थीं। एसएसकेम (SSKM) अस्पताल की उस समय की रिपोर्टों में उनके बाएं टखने और पैर में चोटों के साथ-साथ कंधे, अग्रबाहु (forearm) और गर्दन में चोटों का भी जिक्र था।

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अधिकारी द्वारा घोषित नई जांच से 2021 की घटना से जुड़ी परिस्थितियों की और जांच होने की उम्मीद है। नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले यह विवाद फिर से उठ खड़ा हुआ है, जिससे 2021 के चुनाव का घटनाक्रम एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।