चर्च में प्रेयर के दौरान पादरी पर क्रूस गिरा, मौत:ऑनलाइन प्रसारण में रिकॉर्ड हुआ वीडियो; कुछ मिनट पहले कहा था- एक दिन हम सबको मरना है

दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर में शनिवार की प्रेयर के दौरान पादरी के ऊपर लकड़ी से बना क्रॉस गिर गया। इससे पादरी के सिर पर चोट लगी और उनकी मौत हो गई। प्रेयर का ऑनलाइन प्रसारण किया जा रहा था। पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। जानकारी के मुताबिक, घटना इक्वाडोर के तटीय बंदरगाह शहर ग्वायाकिल में 17 अक्टूबर को पेरपेतुओ सोकोरो चर्च में हुई। यहां आवर लेडी ऑफ परपेचुअल हेल्प चर्च में फादर पैट्रिसियो अल्फ्रेडो सांचेज मोलीनारी प्रवचन दे रहे थे। मास का ऑनलाइन प्रसारण हो रहा था, 27 मिनट बाद गिरा क्रूस मास को सोशल मीडिया पर लाइव दिखाया जा रहा था। इसका वीडियो देखने पर पता चलता है कि करीब 27 मिनट बाद चर्च की दीवार पर लगा क्रॉस और ईसा मसीह की मूर्ति फादर पैट्रिसियो के ठीक उपर गिर जाती है। घटना के बाद चर्च में मौजूद लोग पादरी की मदद के लिए पहुंचे। चर्च ने बताया कि इमरजेंसी मेडिकल स्टाफ भी उन्हें बचा नहीं सका। कुछ मिनट पहले कहा था- एक दिन हम सबको मरना है फादर सांचेज ने उपदेश के दौरान स्पेनिश में कहा- ‘टोडोस वैमोस ए मोरिर’ (Todos vamos a morir); इन शब्दों का अर्थ है, ‘एक दिन हम सबको मरना है।’ उन्होंने कहा कि कम महत्वपूर्ण चीजों पर बिताया गया समय ईश्वर और प्रियजनों के साथ बिताए गए समय जितना सार्थक नहीं हो सकता। हादसे की वजह साफ नहीं, फिटिंग लूज होने की आशंका चर्च की तरफ से कहा गया कि चर्च की दीवार से बड़ा क्रूस गिरने की वजह का अब तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन इसे दीवार पर अटैच करने वाले माउंटिंग फिक्स्चर में खराबी की आशंका है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन जांच कर रहा है। ———————- यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में 170 फीट ऊंचाई से गिरकर सैनिक की मौत:रस्सी के सहारे उतर रहा था; स्टेडियम में 23 हजार लोग मौजूद थे अमेरिका के सैन एंटोनियो में एक सैनिक की 170 फीट की ऊंचाई से गिरने की वजह से मौत हो गई। सैनिक शनिवार को अलामडोम स्टेडियम में एक फुटबॉल मैच से पहले रस्सी से उतरने का लाइव डेमो दे रहा था। पूरी खबर पढ़ें…

अमेरिका में 170 फीट ऊंचाई से गिरकर सैनिक की मौत:रस्सी के सहारे उतर रहा था; स्टेडियम में 23 हजार लोग मौजूद थे

अमेरिका के सैन एंटोनियो में एक सैनिक की 170 फीट की ऊंचाई से गिरने की वजह से मौत हो गई। सैनिक शनिवार को अलामडोम स्टेडियम में एक फुटबॉल मैच से पहले रस्सी से उतरने का लाइव डेमो दे रहा था। इसी दौरान उसका बैलेंस बिगड़ गया और वह तेजी से जमीन पर गिर गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे के दौरान स्टेडियम में 23 हजार से ज्यादा दर्शक मौजूद थे। सैनिक की पहचान उजागर नहीं हुई है। अमेरिकी वायुसेना की ट्रेनिंग यूनिट में तैनात था सैनिक हादसे के समय दर्शक स्टैंड में बैठे थे और मैदान के पास एक बैंड भी मौजूद था। हादसे के बाद मैदान पर करीब 10 मिनट तक जवान का इलाज किया गया। इसके बाद उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। हादसे की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रदर्शन के दौरान आखिर क्या हुआ था। 10 मिनट की देरी के बाद शुरू हुआ फुटबॉल मैच हादसे के बाद भी फुटबॉल मैच रद्द नहीं किया गया। AP के मुताबिक, करीब 10 मिनट की देरी के बाद मैच शुरू हो गया। यह मैच सेना में काम कर चुके और काम कर रहे सैनिकों के सम्मान में रखा गया था। यह यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट सैन एंटोनियो (UTSA) और नेवी के बीच हुआ। UTSA ने घटना पर दुख जताते हुए कहा, “हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं प्रभावित सैनिक, उसके परिवार और सेना में उसके साथियों के साथ हैं।” इस कार्यक्रम में उस सैनिक के अलावा तीन अन्य सैन्यकर्मियों को भी रस्सी के सहारे नीचे उतरने के प्रदर्शन में हिस्सा लेना था। हेलिकॉप्टर से रस्सी के सहारे उतरने की ट्रेनिंग लेते हैं सैनिक ——————– यह खबर भी पढ़ें… चर्च में प्रेयर के दौरान पादरी पर क्रूस गिरा, मौत:ऑनलाइन प्रसारण में रिकॉर्ड हुआ वीडियो; कुछ मिनट पहले कहा था- एक दिन हम सबको मरना है दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर में शनिवार की प्रेयर के दौरान पादरी के ऊपर लकड़ी से बना क्रॉस गिर गया। पूरी खबर पढ़ें…

डोनाल्ड ट्रंप को ये क्या हो गया है? ब्राजील को समझ लिया भारत! राष्ट्रपति चुनाव पर कर बैठे बड़ी गलती

Donald Trump India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज यानी 5 अक्टूबर को एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दुनियाभर में चर्चा में हैं। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने ब्राजील की जगह गलती से भारत का नाम लिख दिया। उन्होंने दावा किया कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट किया। फिर मतदान खत्म होने के कुछ ही समय बाद इसके नतीजे भी आ गए। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया और वोटों की गिनती पर सवाल उठाते हुए उसे भ्रष्ट बताया। यानी ट्रंप की पोस्ट में जिस चुनाव को भारत का बताया गया, वह वास्तव में ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव था।

ब्राजील में पहले चरण का रिजल्ट लगभग पूरी तरह आ चुका है। लेकिन ब्राजील के राष्ट्रपति का फाइनल चुनावी नतीजा अभी नहीं आया है। 4 अक्टूबर 2026 को पहले चरण की वोटिंग हुई थी। अब मुकाबला दूसरे चरण में पहुंच गया है। अमेरिकी चुनाव प्रणाली की आलोचना करते हुए हुई इस गलती का ऑनलाइन मजाक उड़ाया गया। इससे उनके पहले भी नाम या देश को लेकर हुई गलतियों पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।

ट्रंप ने क्या लिखा?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में 125 मिलियन लोगों ने आज वोट किया और मतदान खत्म होते ही उसी दिन नतीजे आ गए। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की चुनावी प्रक्रिया की तुलना करते हुए दावा किया कि डेट्रॉयट, फिलाडेल्फिया, कैलिफोर्निया और अमेरिका के कई अन्य शहरों और राज्यों में इससे काफी कम वोट होने के बावजूद नतीजे आने में कई सप्ताह लग सकते हैं। ट्रंप ने इसी पोस्ट में अमेरिकी वोटिंग सिस्टम को भ्रष्ट करार दिया। साथ ही इस पोस्ट के अंत में ट्रंप अपने नाम के साथ ‘President DJT’ लिखा।

ब्राजील में हुआ था चुनाव

ट्रंप जिस चुनाव का जिक्र कर रहे थे, वह दरअसल भारत का नहीं बल्कि ब्राजीली राष्ट्रपति चुनाव था। ब्राजील में हुए राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो ने मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से बढ़त बनाई। न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ के मुताबिक, फ्लावियो बोल्सोनारो को करीब 47 फीसदी वोट, जबकि लूला को करीब 45 फीसदी वोट मिले। पहले दौर में किसी उम्मीदवार को जरूरी बहुमत नहीं मिलने के कारण दोनों अब 25 अक्टूबर को होने वाले रनऑफ चुनाव में आमने-सामने होंगे।

फ्लावियो बोल्सोनारो ने सर्वेक्षणों को भी चौंकाया

फ्लावियो बोल्सोनारो पूर्व दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के सबसे बड़े बेटे हैं। उनका प्रदर्शन चुनाव से पहले जारी कई निजी सर्वेक्षणों के अनुमान से बेहतर रहा। ‘रॉयटर्स’ के मुताबिक, चुनाव से पहले के सर्वेक्षणों में लूला को करीब तीन प्रतिशत अंकों की बढ़त दिखाई जा रही थी। इगारापे इंस्टीट्यूट के सह-संस्थापक रॉबर्ट मुगाह के मुताबिक, सर्वेकर्ताओं का अनुमान काफी हद तक गलत साबित हुआ।

महंगाई, अपराध और कर्ज बने बड़े मुद्दे

ब्राजील के चुनाव में महंगाई, भ्रष्टाचार और अपराध प्रमुख मुद्दे रहे। बेरोजगारी और असमानता में कमी के बावजूद लूला सरकार को महंगाई, घरेलू कर्ज और अपराध एवं गैंग गतिविधियों को लेकर लोगों की चिंताओं का सामना करना पड़ा। फ्लावियो बोल्सोनारो ने इन्हीं मुद्दों को अपने चुनाव अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया। दूसरी ओर, लूला ने कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार और परिवारों के लिए नए कर्ज राहत उपायों का प्रस्ताव रखा। देश की आर्थिक स्थिति भी चुनाव में अहम मुद्दा रही। ब्राजील का सार्वजनिक कर्ज जीडीपी के 82 फीसदी से ऊपर बताया गया है। देश में आर्थिक विकास की धीमी रफ्तार को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

बोल्सोनारो परिवार को भी मिली बड़ी कामयाबी

राष्ट्रपति चुनाव के साथ-साथ बोल्सोनारो परिवार और उसकी लिबरल पार्टी को दूसरे चुनावों में भी मजबूत सफलता मिली है। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, लिबरल पार्टी ब्राजील की सीनेट में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। चुनाव में खाली हुई 54 सीनेट सीटों में से 19 सीटें जीत ली है। हालांकि, पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। चैंबर ऑफ डेप्युटीज में भी लिबरल पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनने में सफल रही। जायर बोल्सोनारो की पत्नी मिशेल बोल्सोनारो ने ब्रासीलिया के फेडरल डिस्ट्रिक्ट में सीनेट उम्मीदवारों के बीच सबसे ज्यादा वोट हासिल किए।

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मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वह 2030 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने पर विचार कर सकती हैं। जायर बोल्सोनारो के दूसरे बेटे कार्लोस बोल्सोनारो सांता कैटरीना राज्य में सीनेट के लिए दूसरे सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार रहे। वही, उनके सबसे छोटे बेटे 28 वर्षीय जायर रेनान बोल्सोनारो इसी राज्य से सांसद चुने गए।