UPI पर एमडीआर चार्ज का असर क्या शेयर बाजारों में निवेश पर भी पड़ेगा? जानिए NSE के चेयरमैन ने क्या कहा

यूपीआई यानी यूनिफायड पेमेंट्स इंटरफेस छोटे-बड़े पेमेंट के लिए लोगों की पहली पसंद बन गया है। अब तक यह फ्री है यानी इस्तेमाल पर किसी तरह की फीस नहीं लगती है। लेकिन, आगे यूपीआई के जरिए पेमेंट करने पर आपको फीस चुकानी होगी। हालांकि, 2,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर ही फीस लगेगी। लेकिन, प्राइमरी और सेकेंडरी मार्केट में निवेश के लिए अब काफी ज्यादा यूपीआई का इस्तेमाल होने लगा है। तो क्या यूपीआई पर फीस का असर शेयर मार्केट में निवेश पर भी पड़ेगा?

ट्रांजेक्शन वॉल्यूम पर कुछ समय के लिए पड़ सकता है असर

NSE का मानना है कि 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर MDR का असर ट्रांजेक्शन वॉल्यूम पर कुछ समय समय के लिए पड़ेगा। लेकिन, उसके बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। एनएसई के एमडी और सीईओ आशीषकुमार चौहान ने कहा, “2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर एमडीआर चार्जेज का असर ट्रांजेक्शन वॉल्यूम पर सिर्फ शुरुआत में पड़ेगा।” उनहोंने कहा कि कुछ समय बाद इसके सामान्य हो जाने की संभावना है।

एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर को खुलने जा रहा है

चौहान ने यूपीआई ट्रांजेक्शन पर एमडीआर चार्ज के बारे में यह बात तब कही है, जब एनएसई का आईपीओ आ रहा है। यह इश्यू 17 सितंबर को खुल जाएगा। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा। एक्सचेंज के कुछ पुराने इनवेस्टर्स ओएफएस में अपने शेयर बेच रहे हैं। कुछ 12.64 करोड़ शेयर ओएफएस में बेचे जाएंगे।

आईपीओ में एंकर इनवेस्टर्स की उम्मीद से ज्यादा दिलचस्पी

चौहान ने कहा कि एनएसई के आईपीओ में एंकर इनवेस्टर्स की उम्मीद से ज्यादा दिलचस्पी दिख रही है। खासकर आईपीओ का साइज घटने के बाद ऐसा दिख रहा है। उनहोंने कहा, “एनएसई आईपीओ के लिए एंकर इनवेस्टर्स की डिमांड अनुमान से काफी ज्यादा है…क्योंकि इश्यू का साइज घट गया है।”

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यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा

उन्होंने कहा, “लोकल म्यूचुअल फंड्स जैसे हर ग्रुप को खास ऐलॉटमेंट करने होंगे। एंकर बुक काफी बड़ा है। यह हमारी उम्मीद से ज्यादा है।” इस आईपीओ से एनएसई को कोई पैसा नहीं मिलेगा। इसकी वजह यह है कि एनएसई इस इश्यू में इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगा। पहले एनएसई का प्लान 30,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश करने का था। लेकिन, कई पुराने इनवेस्टर्स ने कम शेयर बेचने के फैसले लिए, जिससे इश्यू का आकार घट गया।

Stock Market Holiday: आज, 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर शेयर बाजार बंद, BSE और NSE पर नहीं होगी ट्रेडिंग

आज, 14 सितंबर को पूरे देश में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का त्योहार मनाया जा रहा है। इस मौके पर शेयर बाजारों में छुट्टी है, यानि कि BSE और NSE पर शेयरों में ट्रेडिंग नहीं होगी। BSE में इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट, NDS-RST, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, ट्राई पार्टी रेपो सेगमेंट्स में ट्रेडिंग हॉलिडे है। लेकिन कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स (EGR) सेगमेंट में शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन है।

इसी तरह NSE में भी इक्विटीज, इक्विटी डेरिवेटिव्स, निगोशिएटेड ट्रेड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, न्यू डेट सेगमेंट्स, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम्स, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और इंट्रेस्ट रेट डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स में सोमवार को छुट्टी है। कमोडिटी डेरिवेटिव्स में सुबह के सेशन में छुट्टी है लेकिन शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन है।

कमोडिटीज में ट्रेडिंग के प्लेटफॉर्म MCX (Multi Commodity Exchange) में भी गणेश चतुर्थी पर सुबह के सेशन में छुट्टी है। लेकिन शाम को 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक का सेशन ओपन है। बता दें कि शेयर बाजार और MCX हर शनिवार और रविवार को बंद रहते हैं। लेकिन कुछ दूसरे खास मौकों और सार्वजनिक अवकाशों पर भी इनमें छुट्टी रहती है।

बाकी बचे साल में शनिवार-रविवार के अलावा और कब बाजार बंद

2 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती

20 अक्टूबर: दशहरा

10 नवंबर: दिवाली-बलिप्रतिपदा

24 नवंबर: प्रकाश पर्व श्री गुरु नानक देव

25 दिसंबर: क्रिसमस

शनिवार/रविवार को पड़ रही छुट्टियां

8 नवंबर: दिवाली लक्ष्मी पूजन

दिवाली के मौके पर मुहूर्त ट्रेडिंग रविवार, 8 नवंबर 2026 को होगी। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बाद में घोषित किया जाएगा।

23000 से नीचे फिसला Nifty तो बढ़ सकता है सेलिंग प्रेशर, नए हफ्ते में ये शेयर करा सकते हैं तगड़ी कमाई

शुक्रवार, 11 सितंबर को कैसी रही थी बाजार की चाल

भारतीय शेयर बाजारों में 11 सितंबर को गिरावट रही। कारोबार बंद होने पर सेंसेक्स 120.83 अंक लुढ़ककर 74,781.76 पर और निफ्टी 79.70 अंक टूटकर 23,398.10 पर बंद हुआ। दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 742.43 अंक तक लुढ़ककर 74,160.16 के लो तक गया। निफ्टी पिछली क्लोजिंग से 246.4 अंकों की गिरावट के साथ 23,231.40 के लो तक गया। लेकिन फिर बाजार में हल्की रिकवरी हुई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

NSE के शेयर लिस्ट होते ही बन सकते हैं रॉकेट, एक्सपर्ट ने बताई कहां तक जा सकती है कीमत

एनएसई के शेयर इस महीने 24 तारीख को बीएसई पर लिस्ट हो जाएंगे। लिस्ट होते ही शेयर रॉकेट बन सकते हैं। इस शेयर में 17 सितंबर से 21 सितंबर के बीच निवेश किया जा सकता है। एक लॉट 8 शेयरों का होगा। प्रत्येक 1 रुपये फैस वैल्यू वाले शेयर का प्राइस बैंड 1,700-1,85 रुपये है।

संस्थागत निवेशकों की डिमांड से मिलेगा सपोर्ट

कनवर्जेंट फाइनेंस के मैनेजिंग पार्टनर हर्ष राघवन का कहना है कि लिस्टिंग के चार से छह हफ्तों में एनएसई का शेयर 20-25 फीसदी चढ़ सकता है। उनका कहना है कि इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स की डिमांड से इस शेयर को सपोर्ट मिलेगा। एनएसई आईपीओ पर सीएनबीसी-टीवी18 के मार्केट फोरम में उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि लिस्टिंग के 4-6 हफ्ते में यह शेयर 20-25 फीसदी चढ़ जाएगा।”

म्यूचुअल फंड्स के पास एनएसई के शेयर नहींं

उन्होंने कहा कि एनएसई में पहले से कई शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी है। लेकिन, बड़े म्यूचुअल फंड्स हाउसेज और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के पास एनएसई के ज्यादा शेयर नहीं हैं। इसलिए शेयर के लिस्ट होते ही संस्थागत निवेशकों की बड़ी दिलचस्पी इस शेयर में दिखेगी। रिटेल इनवेस्टर्स को काफी समय से इस आईपीओ का इंतजार रहा है।

कम से कम 8 शेयरों के लिए करना होगा अप्लाई

इस आईपीओ में निवेश करने के लिए प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कम से कम 14,280 रुपये की बोली लगानी होगी। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर एक्सचेंज की वैल्यूएशन 4.41 लाख करोड़ रुपये है। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि एनएसई आईपीओ में इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगा, जिससे उसके पास कोई पैसा नहीं आएगा।

ये पुराने इनवेस्टर्स बेच रहे एनएसई के शेयर

इस आईपीओ में कई पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर बेचने जा रहे हैं। इनमें एसबीआई ग्रुप, कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड, अरांडा इनवेस्टमेंट्स, एमएस स्ट्रेटेजिक, न्यू इंडिया एश्योरेंस और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं। इन इनवेस्टर्स को अपने रिटर्न पर कई गुना रिटर्न मिलने जा रहा है। एनएसई के शेयर 24 सितंबर को बीएसई में लिस्ट होंगे।

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राघवन का एनएसई में पहले से निवेश

राघवन एनएसई के पुराने निवेशकों में शामिल हैं। 2006 में उन्होंने गोल्डमैन सैक्स के जरिए एनएसई में निवेश किया था। फिर 2016 में उन्होंने फेयरफैक्स के जरिए एनएसई में निवेश किया। उन्होंने कहा कि उनके निवेश की वजह एक्सचेंज के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। इंडियन इकोनॉमी में जैसे-जैसे फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी, वैसे-वैसे एनएसी की स्थिति मजबूत होगी।

NSE IPO: लिस्टिंग के बाद एनएसई के शेयरों की डिमांड और सप्लाई की तस्वीर कैसी रहेगी?

एनएसई के आईपीओ से पर्दा उठ चुका है। इस महीने के आखिर में एक्सचेंज के शेयर लिस्ट हो जाएंगे। मार्केट में एनएसई के शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे। चूंकि एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जिससे इसके शेयरों पर करीबी नजर है। सवाल है कि लिस्टिंग के बाद एनएसई के शेयरों की डिमांड और सप्लाई की तस्वीर कैसी होगी?

4 लाख करोड़ के एम-कैप के हिसाब से शेयर की सप्लाई कम

सीएनबीसी-टीवी18 के साथ शेयर किए गए एक वीडियो एनालिसिस में Fident Asset Management के फाउंडर और सीआईओ की तरफ से कई अहम बाते बताई गई हैं। कहा गया है कि अगर 50 फीसदी एलिजिबल शेयरहोल्डर्स भी लिस्टिंग के दिन एग्जिट करते हैं तो सप्लाई का डेटा टोटल कैपिटल बेस का करीब 2.75 फीसदी रहेगा। यह करीब 14,000 करोड़ रुपये का होगा, जो 4.41 लाख के मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से काफी कम संख्या है।

शेयरों से एग्जिट करने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है

इस वीडियो में यह कहा गया है कि कैटेगरी I और II अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड्स (AIF), वेंचर कैपिटल फंड्स और FVCIs लिस्टिंग के दिन शेयर बेच सकते हैं। हालांकि, ऐसा तभी होगा जब उनके पास शेयर छह महीनों से हों। बाकी सभी मौजूदा शेयरहोल्डर्स लिस्टिंग के छह महीने बाद ही शेयर बेच सकेंगे।

FTSE सूचकांकों का जल्द हिस्सा बनेगा शेयर

इसका मतलब है कि लिस्टिंग के दिन एनएसई के प्री-ऑफर कैपिटल का सिर्फ 5.48 फीसदी शेयर लिस्टिंग के दिन बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसका मतलब है कि कम से कम पहले छह महीनों के लिए बाजार में शेयर का फ्री-फ्लोट कम बना रहेगा। Fident का मानना है कि आईपीओ में NSE के मार्केट कैपिटलाइजेशन और लिस्टिंग के बाद की स्थिति को देखते हुए इस बात की काफी संभावना है कि यह FTSE सूचकांकों का जल्द हिस्सा बनेगा। MSCI में इसका शामिल होना इसके फ्री-फ्लोट पर निर्भर करेगा।

शेयर बीएसई के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे

एनएसई के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होंगे, लेकिन एक्सचेंज के कई दूसरे सूचकांकों में ये धीरे-धीरे शामिल होंगे। Fident का मानना है कि शेयर जून 2028 तक ही सेंसेक्स का हिस्सा बन सकेंगे। Fident का कहना है कि एक बार एनएसई के शेयर के BSE 500 इंडेक्स में शामिल हो जाने पर इसकी ज्यादा डिमांड एक्टिव फंड्स की तरफ से आएगी न कि पैसिव फंड्स की तरफ से। इसकी वजह यह है कि ज्यादा एक्टिव फंड्स का बेंचमार्क BSE 500 इंडेक्स है।

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17 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा आईपीओ

Fident की रिपोर्ट में कहा गया है कि म्यूचुअल फंड्स का करीब 2 लाख करोड़ रुपये के AUM का बेंचमार्क BSE 500 है। 2.2 फीसदी वेटेज के साथ बीएसई 500 में शेयर की एंट्री का मतलब है कि एनएसई के करीब 11,000 करोड़ रुपये के शेयरों की डिमांड होगी। NSE का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17 सितंबर को ओपन होगा। कंपनी ने 1,700-1,785 का प्राइस बैंड तय किया है। इसका मतलब है कि एक्सचेंज का मार्केट कैपिटलाइजेशन 4.41 लाख करोड़ रुपये का होगा।

New IPO Alert: ब्लैकरॉक और गोल्डमैन सैक्स का बड़ा दांव! आज से खुला इश्यू, जानिए दांव लगाने से पहले 5 बड़ी बातें

Rentomojo IPO Details: भारत में फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स अप्लायंसेज किराये पर देने वाला प्रमुख प्लेटफॉर्म ‘रेंटोमोजो’ का आईपीओ आज, 9 सितंबर से दांव लगाने के लिए खुल गया है। पब्लिक इश्यू खुलने से ठीक एक दिन पहले कंपनी ने अपने एंकर इन्वेस्टर्स से ₹376.07 करोड़ जुटाकर जबरदस्त शुरुआत की है।

एंकर बुक में ब्लैकरॉक और गोल्डमैन सैक्स जैसे दिग्गज ग्लोबल निवेशकों के साथ-साथ देश के प्रमुख म्यूचुअल फंड्स और इंश्योरेंस कंपनियों ने दिल खोलकर पैसा लगाया है।

अगर आप भी इस आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो जान लीजिए इसका प्राइस बैंड, फाइनेंशियल्स और फंड के इस्तेमाल से जुड़ी 5 सबसे अहम बातें।

आईपीओ की तारीखें और प्राइस बैंड

  • इश्यू खुलने की तारीख: 9 सितंबर
  • इश्यू बंद होने की तारीख: 11 सितंबर
  • प्राइस बैंड: ₹384 से ₹404 प्रति शेयर
  • कुल आईपीओ साइज: ₹1,256 करोड़

इस आईपीओ में ₹150 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है, यानी यह पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा। वहीं, प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए ₹1,105.56 करोड़ मूल्य के 2.73 करोड़ शेयर बेच रहे हैं।

एंकर निवेशकों से ₹376 करोड़ की बंपर फंडिंग

कंपनी ने एंकर निवेशकों को ₹404 प्रति शेयर पर कुल 93.08 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए हैं। ब्लैकरॉक, गोल्डमैन सैक्स और थेलेम पार्टनर जैसे बड़े ग्लोबल इन्वेस्टर्स इसमें शामिल हुए। साथ ही देश के 16 प्रमुख म्यूचुअल फंड हाउस की 30 स्कीम्स ने मिलकर करीब ₹244 करोड़ (60.41 लाख शेयर) का निवेश किया।एचडीएफसी लाइफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ और बजाज लाइफ सहित इंश्योरेंस कंपनियों ने ₹51 करोड़ (12.62 लाख शेयर) लगाए।

जुटाए गए पैसों का कंपनी क्या करेगी?

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली ₹150 करोड़ की शुद्ध रकम को कंपनी इन कामों में खर्च करेगी:

कर्ज चुकाने में: ₹70 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी अपना कर्ज कम करने के लिए करेगी (कंपनी पर कुल ₹258.3 करोड़ का कर्ज है)।

लीज और किराया: ₹42.5 करोड़ का इस्तेमाल वेयरहाउस और एक्सपीरियंस स्टोर्स के लीज रेंट और लाइसेंस फीस देने में होगा।

कॉर्पोरेट जरूरतें: बाकी बची रकम का इस्तेमाल कंपनी के सामान्य कामकाज और विस्तार में किया जाएगा।

कंपनी का बिजनेस मॉडल और नेटवर्क

रेंटोमोजो एक ओमनीचैनल प्लेटफॉर्म चलाती है, जहां ग्राहक ऑनलाइन ऑर्डर करने के साथ-साथ स्टोर्स पर जाकर भी फर्नीचर और होम अप्लायंसेज देख सकते हैं। देश भर में कंपनी के पास वर्तमान में 82 एक्सपीरियंस स्टोर्स हैं। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की ऑक्यूपेंसी रेट 83.34% रही, जो पिछले साल (82.82%) के मुकाबले बेहतर हुई है।

142% बढ़कर ₹104 करोड़ पहुंचा मुनाफा

कंपनी के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले वित्त वर्ष में रेंटोमोजो का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। FY26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू 45.5% की सालाना बढ़त के साथ ₹387 करोड़ पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष 2025 में ₹266 करोड़ रहा था। वहीं, कंपनी के नेट प्रॉफिट (PAT) में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। FY25 के ₹43.1 करोड़ के मुकाबले कंपनी का शुद्ध मुनाफा 142% बढ़कर FY26 में ₹104.2 करोड़ दर्ज किया गया है। रेवेन्यू और मुनाफे में आया यह तगड़ा उछाल कंपनी के बिजनेस मॉडल और सब्सक्रिप्शन आधार में आई मजबूती को दर्शाता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Wealth Building Tips: बड़ी सैलरी नहीं, ये 5 आदतें बनाएंगी आपको अमीर! CA से जानिए ‘गोल्डन रूल्स’

5 Wealth Building Money Habits: अक्सर हम सोचते हैं कि अगर हमारी सैलरी लाखों में हो जाए, तो हमारी सारी आर्थिक दिक्कतें दूर हो जाएंगी और हम रातों-रात अमीर बन जाएंगे। लेकिन कड़वा सच यह है कि केवल ज्यादा सैलरी होने से कोई अमीर नहीं बनता। अगर पैसे का सही मैनेजमेंट न हो, तो लाख रुपये कमाने वाला इंसान भी महीने के आखिर में खाली हाथ रह सकता है।

न्यूज18 तेलुगु से बातचीत में हैदराबाद स्थित ‘अखिल कंचर्ला एंड एसोसिएट्स’ के फाउंडर और सीए अखिल कंचर्ला ने बताया कि अमीर बनने के लिए बड़ी सैलरी से ज्यादा जरूरी आपकी ‘फाइनेंशियल हैबिट्स’ होती हैं। उन्होंने ऐसे 5 आसान मनी हैबिट्स शेयर किए हैं, जो आपको आर्थिक रूप से मजबूत बना सकते हैं।

आइए आसान भाषा में समझते हैं इन 5 आदतों का पूरा गणित।

1. खर्च करने से पहले करें बचत

ज्यादातर लोग महीना शुरू होते ही पहले अपने सारे बिल, राशन और लग्जरी खर्च निपटाते हैं, और फिर जो बच जाता है उसे सेव करने की सोचते हैं। सीए अखिल कंचर्ला के मुताबिक यह तरीका पूरी तरह गलत है।

उन्होंने बताया कि अगर आपकी सैलरी ₹1 लाख महीना है, तो सैलरी आते ही सबसे पहले ₹20,000 से ₹30,000 अपनी बचत या SIP में डाल दें। इसके बाद जो ₹70,000-₹80,000 बचें, उसी में अपना पूरा महीना चलाएं।

2. जज्बाती होकर नहीं, अनुशासित होकर करें निवेश

शेयर बाजार ऊपर जाए या नीचे, निवेश की रफ्तार रुकनी नहीं चाहिए। अमीर बनने का कोई शॉर्टकट नहीं होता; यह लंबे समय तक लगातार निवेश करने से ही संभव है।अपनी रिस्क क्षमता और लक्ष्य के हिसाब से EPF, PPF, म्यूचुअल फंड्स, NPS या बॉन्ड्स चुनें।

जब बाजार गिरता है, तो पैनिक होकर निवेश रोकना सबसे बड़ी गलती होती है। गिरावट का मतलब यह नहीं कि आपका फंड खराब हो गया है। अनुशासन के साथ बने रहना ही असली समझदारी है।

3. ‘लाइफस्टाइल इंफ्लेशन’ से बचें

जैसे ही हमारी सैलरी ₹50,000 से बढ़कर ₹1 लाख होती है, हम तुरंत बड़ा घर, महंगी गाड़ी, महंगे फोन और छुट्टियां प्लान करने लगते हैं। इसे ‘लाइफस्टाइल इंफ्लेशन’ कहते हैं।

सीए की सलाह है कि अपनी जीवनशैली सुधारना बुरी बात नहीं है, लेकिन खर्च उसी रफ्तार से न बढ़ाएं जिस रफ्तार से सैलरी बढ़ी है। अगर आपकी सैलरी ₹30,000 बढ़ती है, तो उसमें से ₹10,000 अपनी लाइफस्टाइल सुधारने पर खर्च करें और बाकी ₹20,000 को अपनी सेविंग्स या इन्वेस्टमेंट में बढ़ा दें।

4. इंश्योरेंस को सुरक्षा समझें, निवेश का जरिया नहीं

बहुत से लोग हेल्थ या लाइफ इंश्योरेंस को भी रिटर्न देने वाली स्कीम मान लेते हैं। एक मेडिकल इमरजेंसी आपकी सालों की जमा पूंजी और निवेश को एक झटके में खत्म कर सकती है। हेल्थ कवर आपको इस वित्तीय झटके से बचाता है। लाइफ इंश्योरेंस आपके परिवार को आपकी गैरमौजूदगी में आर्थिक सुरक्षा देता है।इंश्योरेंस का मुख्य मकसद जोखिम प्रबंधन है, रिटर्न कमाना नहीं।

5. साल में कम से कम एक बार करें पैसों का रिव्यू

अमीर बनने की प्रक्रिया ‘एक बार निवेश करो और भूल जाओ’ जैसी नहीं है। अपनी कमाई, खर्च, लोन, इंश्योरेंस और पोर्टफोलियो की समय-समय पर समीक्षा करना जरूरी है। जो फंड आपने 5 साल पहले चुना था, हो सकता है कि अब वह वैसा प्रदर्शन न कर रहा हो।

साल में कम से कम एक बार अपने पोर्टफोलियो का रिव्यू करने से बेकार के खर्चों, खराब प्रदर्शन वाले फंड्स और टैक्स से जुड़ी गलतियों को समय रहते सुधारा जा सकता है।

सीए अखिल कंचर्ला कहते हैं, ‘अमीर बनना किसी जादुई स्कीम को ढूंढने के बारे में नहीं है, बल्कि एक ऐसा फाइनेंशियल सिस्टम बनाने के बारे में है जो हर महीने बिना रुके काम करे। इन 5 आदतों का निचोड़ बस इतना है- Earn, Save, Protect, Invest, Review। अगर अनुशासन नहीं है, तो आपकी सैलरी जितनी तेजी से बढ़ेगी, आपका पैसा उतनी ही तेजी से गायब भी होगा।’

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

 

Pharma Mutual Funds: 1 साल में 30% तक रिटर्न, 10 फंड ने दिया 20% से ज्यादा फायदा; क्या अभी भी है निवेश का मौका?

Pharma Mutual Funds: पिछले एक साल में फार्मा सेक्टर ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। Nifty Pharma Index करीब 25% चढ़ा है। वहीं, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टोरल म्यूचुअल फंड्स ने 11% से 30% तक रिटर्न दिया है।

Value Research के आंकड़ों के मुताबिक, 19 एक्टिव फार्मा सेक्टोरल फंड्स में से सिर्फ 10 फंड्स ने एक साल में 20% से ज्यादा रिटर्न दिया। इन फंड्स का औसत रिटर्न 20.7% रहा। BSE Healthcare TRI ने इस दौरान 18.68% रिटर्न दिया।

1 साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले 10 फार्मा फंड

फंड1 साल का रिटर्न
Kotak Healthcare Direct29.80%
HDFC Pharma and Healthcare Direct28.85%
PGIM India Healthcare Direct28.04%
Quant Healthcare Direct27.02%
Bajaj Finserv Healthcare Direct26.30%
WhiteOak Capital Pharma and Healthcare Direct

25.87%
ICICI Pru Nifty Pharma Index Direct

23.89%
SBI Healthcare Opportunities Direct23.59%
Mirae Asset Healthcare Direct22.91%
Tata Nifty MidSmall Healthcare Index Direct20.93%

डेटा: Value Research, 28 अगस्त 2026 तक

फार्मा सेक्टर क्यों चढ़ा?

फार्मा कंपनियों के शेयरों में तेजी के पीछे कई वजहें रहीं। अमेरिका में भारतीय जेनेरिक दवा कंपनियों के लिए माहौल बेहतर हुआ है। कुछ फार्मा इंपोर्ट पर 100% अमेरिकी टैरिफ से जेनेरिक दवाओं और उनसे जुड़े इंग्रीडिएंट्स को बाहर रखा गया।

घरेलू मांग भी मजबूत बनी हुई है। भारत का फार्मा एक्सपोर्ट FY27 की पहली तिमाही में 6.8% बढ़कर 8.1 अरब डॉलर पहुंच गया। सरकार भी Biopharma SHAKTI जैसी योजनाओं के जरिए सेक्टर में निवेश बढ़ा रही है।

Warren Buffett: वॉरेन बफे ने 1977 में बताए थे निवेश के 5 नियम, आज भी हर निवेशक के लिए हैं काम के

आगे निवेश करना सही है?

Anand Rathi Wealth के मुताबिक, फार्मा सेक्टर की वैल्यूएशन हाल की तेजी के बाद बढ़ गई है। फार्मा इंडेक्स करीब 43 गुना P/E पर कारोबार कर रहा है, जबकि इसका ऐतिहासिक औसत 37-38 गुना रहा है।

उनका मानना है कि अब आगे की तेजी कमाई की वास्तविक ग्रोथ पर निर्भर करेगी। सेक्टोरल फंड में निवेश से कॉन्सेंट्रेशन रिस्क भी बढ़ता है। ऐसे में सिर्फ हाल की तेजी देखकर फार्मा फंड में पैसा लगाने से पहले जोखिम और वैल्यूएशन पर जरूर विचार करना चाहिए।

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Share Market Holiday: 4 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी पर शेयर बाजार बंद या होगी ट्रेडिंग, क्या कहती है छुट्टियों की लिस्ट

इस साल देश में कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami 2026) शुक्रवार, 4 सितंबर की है। इस दिन पूरा देश भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन को बड़ी ही धूमधाम से मनाएगा। इस त्योहार के चलते कई जगहों पर छुट्टी रहेगी। लेकिन शेयर बाजार में इस मौके पर कारोबार बंद नहीं होगा। BSE और NSE पर जन्माष्टमी के दिन भी बाकी कारोबारी दिनों की तरह ही शेयरों की ट्रेडिंग होगी। इसके अलावा कमोडिटीज में ट्रेडिंग का प्लेटफॉर्म MCX (Multi Commodity Exchange) भी खुला रहने वाला है।

वैसे तो शेयर बाजार और MCX हर शनिवार और रविवार को बंद रहते हैं। लेकिन इसके अलावा कुछ दूसरे खास मौकों और सार्वजनिक अवकाशों पर भी इनमें छुट्टी रहती है। शनिवार और रविवार के अलावा सितंबर महीने में अब शेयर बाजार में अगली छुट्टी 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के मौके पर होगी। BSE पर इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, NDS-RST, ट्राई पार्टी रेपो सेगमेंट्स में ट्रेडिंग हॉलिडे है।वहीं कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स (EGR) सेगमेंट में शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन रहने वाला है।

NSE पर भी 14 सितंबर को इक्विटीज, इक्विटी डेरिवेटिव्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, न्यू डेट सेगमेंट्स, निगोशिएटेड ट्रेड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और इंट्रेस्ट रेट डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स में छुट्टी रहेगी। वहीं कमोडिटी डेरिवेटिव्स में सुबह के सेशन में ट्रेडिंग बंद रहेगी लेकिन शाम के सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) में ट्रेडिंग चालू रहेगी।

बाकी बचे साल में शनिवार-रविवार के अलावा और कब बाजार रहेगा बंद

2 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती

20 अक्टूबर: दशहरा

10 नवंबर: दिवाली-बलिप्रतिपदा

24 नवंबर: प्रकाश पर्व श्री गुरु नानक देव

25 दिसंबर: क्रिसमस

शनिवार/रविवार को पड़ रही छुट्टियां

8 नवंबर: दिवाली लक्ष्मी पूजन

दिवाली के मौके पर मुहूर्त ट्रेडिंग रविवार, 8 नवंबर 2026 को होगी। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बाद में घोषित किया जाएगा।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

₹1 करोड़ का रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए कितने की करनी होगी मंथली SIP? जानिए 15, 20 और 25 साल का पूरा कैलकुलेशन

Monthly SIP For ₹1 Crore Retirement Corpus: अपने रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी को बिना किसी आर्थिक तंगी के सुकून से जीने के लिए एक बड़ा फंड होना बेहद जरूरी है। आज के दौर में महंगाई और जीवनशैली के खर्चों को देखते हुए कम से कम ₹1 करोड़ का रिटायरमेंट गोल एक बुनियादी जरूरत बन चुका है। लेकिन सवाल यह है कि इस ₹1 करोड़ के आंकड़े तक पहुंचने के लिए आपको हर महीने कितना निवेश करना होगा?

म्यूचुअल फंड में एसआईपी (SIP) के जरिए रेगुलर निवेश करके आप आसानी से ₹1 करोड़ का फंड तैयार कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड इक्विटी स्कीम्स ने लंबी अवधि में औसतन 12% का सीएजीआर रिटर्न दिया है। आइए समझते हैं कि 15, 20 और 25 साल की समय सीमा के हिसाब से आपको हर महीने कितने रुपये की SIP शुरू करनी होगी।

1. 15 साल में 1 करोड़ रुपये बनाने का कैलकुलेशन

अगर आपकी उम्र 40-45 साल के करीब है और आपके पास रिटायरमेंट के लिए केवल 15 साल का समय बचा है, तो आपको कंपाउंडिंग का फायदा उठाने के लिए थोड़ी बड़ी रकम निवेश करनी होगी:

  • लक्ष्य: ₹1 करोड़
  • समय अवधि: 15 साल (180 महीने)
  • अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 12%
  • जरूरी मंथली SIP: ₹20,017 (करीब ₹20,000 प्रति महीने)

गणित का पूरा हिसाब:

कुल निवेश: ₹36,03,060

अनुमानित वेल्थ गेन: ₹63,96,940

कुल मैच्योरिटी फंड: ₹1,00,00,000

2. 20 साल में 1 करोड़ रुपये बनाने का कैलकुलेशन

अगर आप 35-40 साल की उम्र में अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू कर रहे हैं और आपके पास 20 साल का समय है, तो आपका मंथली SIP अमाउंट काफी घटकर आधा रह जाता है:

  • जरूरी मंथली SIP: ₹10,009 (करीब ₹10,000 प्रति महीने)
  • कुल निवेश: ₹24,02,160
  • अनुमानित वेल्थ गेन: ₹75,97,840
  • कुल मैच्योरिटी फंड: ₹1,00,00,000

3. 25 साल में 1 करोड़ रुपये बनाने का कैलकुलेशन

अगर आपकी उम्र 25 से 30 साल के बीच है और आप अपने करियर की शुरुआत में ही रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू कर देते हैं, तो कंपाउंडिंग (Chakravridhi) का जादू सबसे बेहतरीन काम करता है:

  • जरूरी मंथली SIP: ₹5,270 (करीब ₹5,300 प्रति महीने)
  • कुल निवेश: ₹15,81,000
  • अनुमानित वेल्थ गेन: ₹84,19,000
  • कुल मैच्योरिटी फंड: ₹1,00,00,000

₹1 करोड़ का रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए 15, 20 और 25 साल की SIP का गणित

₹1 करोड़ का रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए 15, 20 और 25 साल की SIP का गणित

स्मार्ट टिप: Step-Up SIP से आसान होगी राह

अगर आप शुरुआत में ही ₹10,000 या ₹20,000 की बड़ी SIP शुरू नहीं कर सकते, तो आप Step-Up SIP का सहारा ले सकते हैं। इसमें आप हर साल अपनी सैलरी या आमदनी बढ़ने के साथ अपनी SIP रकम में 10% का इजाफा कर सकते हैं। ऐसा करने पर आप बहुत छोटी मंथली रकम (जैसे- ₹2,500 – ₹3,000) से शुरुआत करके भी समय से पहले 1 करोड़ रुपये का गोल हासिल कर सकते हैं।

एक्सपर्ट्स की माने तो रिटायरमेंट प्लानिंग में सबसे महत्वपूर्ण कारक आपकी उम्र और समय है। जितना जल्दी आप निवेश की शुरुआत करेंगे, जेब पर उतना ही कम बोझ पड़ेगा और कंपाउंडिंग का फायदा उतना ही ज्यादा मिलेगा। अगर आप भी 1 करोड़ रुपये का फंड बनाना चाहते हैं, तो आज ही अपनी वित्तीय क्षमता के अनुसार म्यूचुअल फंड्स में SIP की शुरुआत करें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।